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भाग I · स्था. 11.2025 
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पेरिस एग्रीमेंट के लक्ष्य से चूकना तय, UN एनवायरनमेंट प्रोग्राम की रिपोर्ट

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· जलवायु परिवर्तन एवं अंतर्राष्ट्रीय समझौते· प्रीलिम्स + मेन्स·

चर्चा में क्यों

UN Environment Programme ने अक्टूबर 2026 में कहा कि उच्च वैश्विक उत्सर्जन (emissions) के कारण पेरिस समझौते की 1.5C की सीमा से अधिक तापमान बढ़ने के खतरे से बचने की संभावना खत्म हो गई है।

पृष्ठभूमि

पेरिस समझौता 12 दिसंबर, 2015 को COP21 में 196 पक्षों द्वारा अपनाया गया था और यह 4 नवंबर, 2016 को लागू हुआ। वर्तमान में इसमें 194 पक्ष, 193 देश और यूरोपीय संघ शामिल हैं।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • अंतर्राष्ट्रीय संगठनUN Environment Programme (UNEP) ने अक्टूबर 2026 तक 1.5C वार्मिंग ओवरशूट (warming overshoot) से बचने के अवसर के खत्म होने की रिपोर्ट दी है।
  • तथ्यपेरिस एग्रीमेंट (Paris Agreement) का लक्ष्य ग्लोबल वार्मिंग को प्री-इंडस्ट्रियल लेवल से 2C से काफी नीचे सीमित करना और इसे 1.5C तक सीमित करने के प्रयासों को आगे बढ़ाना है।
  • तथ्यइस समझौते में वर्तमान में 194 पार्टियाँ, 193 देश और यूरोपीय यूनियन (European Union) शामिल हैं।
  • तथ्यदेश द्वारा Nationally Determined Contributions (NDCs) हर पांच साल में जमा किए जाते हैं।
  • तथ्यग्लोबल स्टॉकटेक (Global Stocktake) NDCs के समान ही पांच साल के चक्र पर सामूहिक प्रगति का आकलन करता है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: पेरिस समझौते के अंतर्गत 1.5°सी. तापमान सीमा के लक्ष्य को प्राप्त करने में 'राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान' (NDCs) ढांचे की प्रभावकारिता का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • एन्फोर्समेंट गैप: स्वैच्छिक NDC लक्ष्यों को पूरा करने में विफल देशों के लिए कानूनी रूप से बाध्यकारी दंड की कमी
  • पारदर्शिता की बाधा: अलग-अलग नेशनल रिपोर्टिंग सिस्टम में सटीक उत्सर्जन डेटा की निगरानी और वेरिफिकेशन में चुनौतियां
  • निवेश में अंतर: क्लीन एनर्जी का तेज़ी से विस्तार बनाम फॉसिल फ्यूल निवेश के पुराने रास्ते

मुख्य शब्द: पेरिस समझौता · राष्ट्रीय रूप से निर्धारित योगदान · ग्लोबल स्टॉकटेक · क्लाइमेट ओवरशूट · डीकार्बोनाइजेशन · क्लाइमेट फाइनेंस

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: अल जज़ीरा ↗यह भी: GS2 · अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं एवं एजेंसियां (UN, WTO, IMF...)

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।