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भाग I · स्था. 11.2025 
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नोएडा और फरीदाबाद समेत 4 शहरों में प्रदूषण स्टडी पूरी करने में फेल

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· प्रदूषण (वायु, जल, प्लास्टिक)· मेन्स·

चर्चा में क्यों

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) की रिपोर्ट के अनुसार, नोएडा और फरीदाबाद सहित NCR के चार शहरों ने 15 नवंबर, 2025 की समय-सीमा के बावजूद वायु प्रदूषण के स्रोतों के निर्धारण (source apportionment) से जुड़े अध्ययन पूरे नहीं किए हैं।

पृष्ठभूमि

राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के अंतर्गत 22 राज्यों के 130 शहर शामिल हैं। हालिया समीक्षा के अनुसार, 107 शहरों में अध्ययन पूरे हो चुके हैं, जबकि 23 शहर (जिनमें नोएडा, मेरठ और खुर्जा शामिल हैं) अभी लंबित हैं। यह कुल लंबित कार्यों का 17.4% हिस्सा है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • योजनाNCAP: National Clean Air Programme का लक्ष्य पार्टिकुलेट मैटर (PM) की सांद्रता (concentration) को कम करना है।
  • संस्थाCPCB: सेंट्रल पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (Central Pollution Control Board) वायु गुणवत्ता और सोर्स अपोर्शनमेंट (source apportionment) की निगरानी के लिए नोडल बॉडी है।
  • तथ्यउत्तर प्रदेश में 11 शहरों के साथ लंबित अध्ययनों (pending studies) की संख्या सबसे अधिक है।
  • तथ्यसोर्स अपोर्शनमेंट (Source apportionment) स्टडीज वाहनों, उद्योगों, रोड डस्ट, कंस्ट्रक्शन और बायोमास बर्निंग के योगदान का अनुमान लगाती हैं।

मेन्स के लिए

प्रश्न: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के कार्यान्वयन में निहित संस्थागत और तार्किक बाधाओं का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • संस्थागत जड़ता: राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और नगर निकायों द्वारा डेटा सबमिशन और विश्लेषण में देरी
  • डेटा-पॉलिसी गैप: रियल-टाइम सोर्स अपोर्शनमेंट की कमी से लक्षित उत्सर्जन-कटौती रणनीतियों को बनाने में बाधा
  • अंतर-राज्य समन्वय: NCR में अलग-अलग राज्यों के अधिकार क्षेत्र में सीमा पार प्रदूषण को मैनेज करने की जटिलता

मुख्य शब्द: स्रोत आवंटन · पार्टिकुलेट मैटर · NCAP · उत्सर्जन इन्वेंट्री · पर्यावरण गवर्नेंस · प्रदूषण कम करना

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: इंडियन एक्सप्रेस ↗यह भी: GS2 · सरकारी नीतियां एवं योजनाएंयह भी: GS1 · शहरीकरण

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।