पुडुचेरी में अब सिर्फ 2 घंटे ही चलेंगे पटाखे, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर फैसला
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चर्चा में क्यों
शोर और वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद, पुडुचेरी सरकार ने पटाखों को फोड़ने के लिए प्रतिदिन केवल दो घंटे की समय सीमा तय की है।
पृष्ठभूमि
पुडुचेरी प्रदूषण नियंत्रण समिति (PPCC) ने निर्देश दिया है कि पटाखे केवल प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 8 बजे तक और शाम 7 बजे से 8 बजे तक ही फोड़े जा सकते हैं। अस्पतालों और स्कूलों के 100 मीटर के दायरे में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया गया है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थाPPCC: पुडुचेरी प्रदूषण नियंत्रण समिति (Puducherry Pollution Control Committee) वह संस्था है जो पटाखों के नियमों को नियंत्रित करती है।
- तथ्यपटाखे फोड़ना केवल दो विशिष्ट एक-घंटे की समय सीमा तक सीमित है: सुबह 7-8 बजे और शाम 7-8 बजे।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ध्वनि और वायु प्रदूषण के संदर्भ में, पारंपरिक सांस्कृतिक प्रथाओं और स्वच्छ पर्यावरण एवं स्वास्थ्य के संवैधानिक अधिकार के मध्य उत्पन्न होने वाले द्वंद्व का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- रेगुलेटरी फ्रिक्शन: संवेदनशील समूहों के स्वास्थ्य के अधिकार बनाम सार्वजनिक उत्सव के अधिकारों के बीच संतुलन
- एन्फोर्समेंट गैप: घने शहरी इलाकों में स्थानीय शोर प्रदूषण की निगरानी में चुनौतियां
मुख्य शब्द: स्वास्थ्य का अधिकार · पर्यावरण गवर्नेंस · प्रदूषण नियंत्रण · रेगुलेटरी कंप्लायंस · पब्लिक पॉलिसी
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।