भारत में 9,02,000 कैंसर से मौतें, NPPA ने दवाओं के दाम घटाए
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मूल्य विनियमन और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुलभता: GS2 सामाजिक न्याय और स्वास्थ्य सेवा नीति का एक केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने भारत में 2025 में दर्ज 9,02,000 कैंसर से होने वाली मौतों की उच्च दर को देखते हुए, 9 नवंबर से प्रभावी कैंसर की दवाओं की कीमतों में कटौती की है।
पृष्ठभूमि
भारत में वर्ष 2025 में कैंसर के 1.56 मिलियन मामले दर्ज किए गए और 9,02,000 मौतें हुईं। WHO के आंकड़ों के अनुसार, इनमें से 98,687 मौतें फेफड़ों के कैंसर (lung cancer) के कारण हुईं, जबकि भारत में कैंसर से होने वाली मृत्यु दर 57.8% रही।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थाNPPA: National Pharmaceutical Pricing Authority दवाओं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदार है।
- तथ्यभारत में कैंसर से होने वाली मृत्यु दर: 2025 में 57.8%।
- तथ्यभारत में लंग कैंसर से होने वाली मौतें: 98,687 (WHO डेटा)।
- तथ्यतुलनात्मक मृत्यु दर (fatality rates): बांग्लादेश (74.3%), नेपाल (70.8%), थाईलैंड (65.5%), पाकिस्तान (63.2%), श्रीलंका (62.8%), इंडोनेशिया (59.7%)।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
भारत में कैंसर से होने वाली मृत्यु दर और फार्मास्युटिकल रेगुलेशन (pharmaceutical regulation) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- भारत में 2025 में 9,02,000 कैंसर से होने वाली मौतें दर्ज की गईं।
- WHO के आंकड़ों के अनुसार, भारत में कैंसर से होने वाली मौतों में से 98,687 मौतें लंग कैंसर (Lung cancer) के कारण हुईं।
- भारत में कैंसर से होने वाली मृत्यु दर (fatality rate) 2025 में 67.8% तक पहुंच गई।
- (a)केवल 1
- (b)केवल 1 और 2
- (c)केवल 1 और 3
- (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (b) केवल 1 और 2 — कथन 1 और 2 सही हैं। कथन 3 गलत है: नोट के अनुसार कैंसर से होने वाली मृत्यु दर (fatality rate) 57.8% थी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में जीवन रक्षक दवाओं को आम जनता के लिए सुलभ बनाने में मूल्य विनियमन की भूमिका का विश्लेषण कीजिए। भारत कैंसर से होने वाली मृत्यु दर को और अधिक कैसे कम कर सकता है? चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- किफ़ायत बनाम इनोवेशन: NPPA के तहत प्राइस कैप और घरेलू फार्मा के लिए R&D इंसेंटिव के बीच संतुलन
- इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: पड़ोसियों की तुलना में कम मृत्यु दर के बावजूद ग्रामीण इलाकों में स्पेशलाइज्ड ऑन्कोलॉजी सेंटर्स की कमी
- सार्वजनिक स्वास्थ्य का बोझ: फेफड़ों के कैंसर का अधिक प्रसार लक्षित स्क्रीनिंग और शुरुआती हस्तक्षेप नीतियों की ज़रूरत पैदा करता है
मुख्य शब्द: कीमत विनियमन · सार्वजनिक स्वास्थ्य · किफायती होना · फार्मास्युटिकल पॉलिसी · कैंसर से होने वाली मौतें
सामाजिक न्याय पर और नोट्स
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।