अनऑर्गनाइज्ड और गिग वर्कर्स के लिए बने बोर्ड, मनसुख मांडविया करेंगे चेयरमैन
GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)· प्रीलिम्स + मेन्स·
अनौपचारिक अर्थव्यवस्था (Informal Economy) के लिए सामाजिक सुरक्षा: GS2 सामाजिक न्याय और श्रम कल्याण का एक महत्वपूर्ण विषय।
चर्चा में क्यों
केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने असंगठित श्रमिकों और गिग एवं प्लेटफॉर्म वर्कर्स (Gig & Platform Workers) के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड का गठन किया है, ताकि कल्याणकारी योजनाओं को तैयार और उनकी निगरानी की जा सके।
पृष्ठभूमि
इन बोर्डों की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया द्वारा की जाती है। इनमें सरकार, एग्रीगेटर कंपनियों, नियोक्ताओं, नागरिक समाज, यूनियनों और संघों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। इन बोर्डों को कल्याणकारी योजनाओं की सिफारिश करने के लिए साल में कम से कम तीन बार बैठक करने का आदेश दिया गया है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थानेशनल सोशल सिक्योरिटी बोर्ड्स (National Social Security Boards) का गठन केंद्रीय श्रम मंत्रालय (Union Labour Ministry) द्वारा किया जाता है।
- पदमनसुख मांडविया श्रम और रोजगार के केंद्रीय मंत्री हैं।
- तथ्यबोर्डों को साल में कम से कम तीन बार मिलना आवश्यक है।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
अनऑर्गेनाइज्ड, गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए नेशनल सोशल सिक्योरिटी बोर्ड्स (National Social Security Boards for Unorganised, Gig and Platform Workers) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- बोर्ड में एग्रीगेटर कंपनियों और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधि शामिल हैं।
- इन बोर्ड्स की अध्यक्षता श्रम और रोजगार मंत्री (Union Minister for Labour and Employment) द्वारा की जाती है।
- बोर्ड्स को कल्याणकारी योजनाओं (welfare schemes) की सिफारिश करने के लिए साल में कम से कम एक बार बैठक करने का आदेश दिया गया है।
- (a)केवल 2
- (b)केवल 1 और 2
- (c)केवल 1 और 3
- (d)केवल 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (b) केवल 1 और 2 — कथन 1 और 2 सही हैं। कथन 3 गलत है: बोर्डों को साल में कम से कम तीन बार मिलना आवश्यक है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की विकसित होती अनौपचारिक अर्थव्यवस्था के संदर्भ में, गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों के लिए समर्पित सामाजिक सुरक्षा बोर्डों की स्थापना के महत्व पर चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- स्टेकहोल्डर इनक्लूसिविटी: एग्रीगेटर कंपनियों के हितों और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के अधिकारों के बीच संतुलन
- रेगुलेटरी ओवरसाइट: गिग इकोनॉमी के फायदों के लिए स्वैच्छिक कल्याण से स्ट्रक्चर्ड मॉनिटरिंग की ओर बदलाव
मुख्य शब्द: सामाजिक सुरक्षा · गिग इकोनॉमी · अनऑर्गेनाइज्ड सेक्टर · स्टेकहोल्डर एंगेजमेंट · कल्याणकारी योजनाएं
सामाजिक न्याय पर और नोट्स
- केरल हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, टॉडी शॉप में महिलाओं के काम करने पर रोक हटाई · 30 अक्टूबर 2026
- केरल में गवाह सुरक्षा स्कीम लागू करने में सरकार पीछे, कोर्ट ने लिया नोटिस · 30 अक्टूबर 2026
- केरल सरकार ने NoRKA Care पोर्टल लॉन्च किया, 1 करोड़ तक का बीमा मिलेगा · 29 अक्टूबर 2026
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा- दीपावली पटाखों के नियम हर तरफ टूटे, विराट कोहली का सुझाव · 29 अक्टूबर 2026
- केरल सरकार ने Spinal Muscular Atrophy के मरीजों के लिए मंगवाईं रिसडिप्लम की बोतलें · 29 अक्टूबर 2026
- तमिलनाडु में सोशल जस्टिस सर्वे के लिए बनेगा कमीशन, सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन · 29 अक्टूबर 2026
कोई गलती या कोई कमी?
किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।