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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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AI कॉपीराइट और डीपफेक पर संविधान से मिलेगी गाइडेंस, भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत

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संवैधानिक नैतिकता और न्यायिक समीक्षा: उभरती प्रौद्योगिकियों में कानूनी शून्यता (Legal Vacuums) पर एक GS2 केस स्टडी।

चर्चा में क्यों

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने इस बात पर जोर दिया कि AI कॉपीराइट और डीपफेक्स (deepfakes) से जुड़े मामलों में, जहाँ वर्तमान में कोई विशिष्ट कानून नहीं है, वहां न्यायपालिका के लिए संविधान प्राथमिक मार्गदर्शक होना चाहिए।

पृष्ठभूमि

30 अक्टूबर, 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट के 60 साल पूरे होने के अवसर पर, CJI सूर्यकांत और जस्टिस विक्रम नाथ ने 1966 में चार न्यायाधीशों से शुरू हुए इस अदालत के विकास पर प्रकाश डाला। अदालत ने 2009 में एक आर्बिट्रेशन सेंटर (Arbitration Centre) स्थापित किया था और वर्तमान में एक विशेष इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी डिवीजन (Intellectual Property Division) का संचालन करती है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • पदसूर्यकांत: अक्टूबर 2026 तक भारत के मुख्य न्यायाधीश।
  • संस्थादिल्ली हाई कोर्ट: एक विशेष इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (Intellectual Property) डिवीजन की स्थापना की।
  • तथ्यदिल्ली हाई कोर्ट: 2009 में एक आर्बिट्रेशन सेंटर (Arbitration Centre) स्थापित किया।
  • तथ्यदिल्ली हाई कोर्ट: 1966 से अब तक चार जजों से बढ़कर बढ़ा है।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा विशिष्ट कानूनी मामलों को संभालने के लिए कौन सा विशेष डिवीज़न (specialized division) स्थापित किया गया था?

  1. (a)मैरिटाइम लॉ ट्रिब्यूनल
  2. (b)साइबरक्राइम इन्वेस्टिगेशन विंग
  3. (c)पर्यावरण मध्यस्थता सेल
  4. (d)इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी डिवीज़न
उत्तर देखें

उत्तर: (d) इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी डिवीज़न — नोट में उल्लेख है कि दिल्ली हाई कोर्ट एक विशेष इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (Intellectual Property) डिवीजन बनाए रखता है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: विशिष्ट वैधानिक ढाँचों के अभाव में, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) द्वारा निर्मित सामग्री और 'डीपफेक' जैसी उभरती तकनीकी चुनौतियों के समाधान में संवैधानिक सिद्धांतों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • जुडिशियल एक्टिविज्म: संवैधानिक व्याख्या और तेज़ी से होते तकनीकी बदलाव के बीच संतुलन
  • विधायी शून्य: AI कॉपीराइट और डीपफेक के लिए विशिष्ट नियम बनाने में देरी
  • इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी: पारंपरिक कॉपीराइट ओनरशिप और जेनरेटिव AI आउटपुट्स के बीच टकराव

मुख्य शब्द: संवैधानिक नैतिकता · न्यायिक समीक्षा · बौद्धिक संपदा अधिकार · तकनीकी गवर्नेंस · कानूनी शून्य

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS3 · IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगयह भी: GS2 · विधेयक, अधिनियम एवं अध्यादेश

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।