J&K हाई कोर्ट ने बिजली पर ₹850 करोड़ का वाटर चार्ज रद्द किया
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संसाधन शुल्क (Resource charges) की राजकोषीय वैधता और संवैधानिक वैधता की न्यायिक समीक्षा: एक GS2 पॉलिटी केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
J&K हाई कोर्ट ने J&K वाटर रिसोर्सेज (रेगुलेशन एंड मैनेजमेंट) एक्ट, 2010 के तहत लगाए गए ₹850 करोड़ के जल उपयोग शुल्क को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने इन शुल्कों को बिजली उत्पादन पर टैक्स के रूप में असंवैधानिक करार दिया है।
पृष्ठभूमि
जस्टिस संजय धर और जस्टिस रजनेश ओसवाल की एक डिवीज़न बेंच वाले J&K हाई कोर्ट ने 29 अक्टूबर, 2026 को इन आरोपों को खारिज कर दिया। इस फैसले में 11 हाइड्रो पावर कंपनियों के खिलाफ जारी उन डिमांड नोटिसों को रद्द कर दिया गया, जिनमें ₹850 करोड़ के वार्षिक राजस्व लक्ष्य की मांग की गई थी।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थाJ&K हाई कोर्ट: वह न्यायिक संस्था जिसने पानी के उपयोग शुल्क को रद्द कर दिया।
- अधिनियम / विधेयकJ&K Water Resources (Regulation and Management) Act, 2010: वह कानून जिसके तहत शुल्क (charges) लगाए गए थे।
- तथ्य₹850 करोड़: जल उपयोग शुल्क (water usage charges) के माध्यम से प्राप्त किया जाने वाला वार्षिक राजस्व लक्ष्य।
- तथ्य11 हाइड्रो पावर कंपनियाँ: उन संस्थाओं की संख्या जिनके डिमांड नोटिस को रद्द (quashed) कर दिया गया।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
मूल रूप से पानी के उपयोग शुल्क किस कानून (legislation) के तहत लगाए गए थे?
- (a)J&K नेचुरल रिसोर्सेज मैनेजमेंट एक्ट
- (b)जम्मू और कश्मीर हाइड्रो पावर डेवलपमेंट एक्ट
- (c)J&K जल संसाधन (विनियमन और प्रबंधन) अधिनियम, 2010
- (d)J&K इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन एक्ट
उत्तर देखें
उत्तर: (c) J&K जल संसाधन (विनियमन और प्रबंधन) अधिनियम, 2010 — नोट में स्पष्ट किया गया है कि ये शुल्क J&K Water Resources (Regulation and Management) Act, 2010 के तहत लगाए गए थे।
मेन्स के लिए
प्रश्न: प्राकृतिक संसाधनों पर शुल्क लगाने की राज्य की शक्ति पर संवैधानिक सीमाओं और राजकोषीय वैधता सुनिश्चित करने में न्यायपालिका की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- राजकोषीय अतिरेक: रेगुलेटरी चार्ज और आवश्यक उपयोगिता उत्पादन पर अनधिकृत टैक्सेशन के बीच अंतर
- न्यायिक निगरानी: औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रभावित करने वाले अल्ट्रा वाइरेस विधायी प्रावधानों को रद्द करने में हाई कोर्ट की भूमिका
मुख्य शब्द: अधिकार क्षेत्र से बाहर · संवैधानिक वैधता · राजकोषीय संघवाद · न्यायिक समीक्षा · रेगुलेटरी चार्जेस
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।