दिल्ली SIR के लिए रजिस्ट्रेशन आसान करने और डेडलाइन बढ़ाने का सुप्रीम कोर्ट का आदेश
GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· चुनाव, चुनाव आयोग एवं चुनाव सुधार· प्रीलिम्स + मेन्स·
मतदाता सूची संशोधन पर न्यायिक निगरानी: एक GS2 पॉलिटी और गवर्नेंस केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
सुप्रीम कोर्ट ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को दिल्ली विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) के लिए मतदाता सूची (electoral rolls) के नामांकन की प्रक्रिया को सरल बनाने और समय सीमा बढ़ाने का आदेश दिया है।
पृष्ठभूमि
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जे. जोयमाल्या बग्ची और जे.वी. मोहना की बेंच वाले सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि फॉर्म 6, 7 और 8 में बदलाव नहीं किए जा सकते। चुनाव आयोग (ECI) को दिल्ली SIR में पुन: शामिल करने के लिए कट-ऑफ तारीखों को हटाने हेतु दो सप्ताह का समय दिया गया।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थाभारत निर्वाचन आयोग (ECI) वह संस्था है जो मतदाता सूची (electoral roll) के संशोधनों के लिए जिम्मेदार है।
- तथ्यफॉर्म 6, 7 और 8: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में उपयोग किए जाने वाले विशिष्ट फॉर्म।
- स्थानदिल्ली SIR: राष्ट्रीय राजधानी के लिए विशेष रूप से मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision)।
- तथ्यदो सप्ताह की डेडलाइन: कट-ऑफ डेट्स हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा ECI को दिया गया समय।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) विशेष रूप से नेशनल कैपिटल (National Capital) के लिए एक प्रक्रिया है।
- सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि ECI द्वारा फॉर्म 6, 7 और 8 में बदलाव किए जा सकते हैं।
- ECI को दिल्ली SIR में पुन: शामिल होने के लिए कट-ऑफ तारीखों को हटाने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है।
- (a)केवल 1
- (b)केवल 1 और 2
- (c)केवल 1 और 3
- (d)केवल 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (c) केवल 1 और 3 — कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है: सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि फॉर्म 6, 7 और 8 को बदला नहीं जा सकता।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अखंडता सुनिश्चित करने में सटीक और समावेशी मतदाता सूची के महत्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- प्रशासनिक बाधा: चुनावी डेटा में स्थायी और अस्थायी बदलावों के बीच अंतर करना जटिल
- प्रक्रियात्मक निष्पक्षता: यह सुनिश्चित करना कि शुरुआती डेडलाइन चूकने वाले मतदाताओं को मनमाने कट-ऑफ डेट्स के कारण वोट देने के अधिकार से वंचित न किया जाए
मुख्य शब्द: मतदाता सूची · मतदान का अधिकार · न्यायिक निगरानी · प्रशासनिक पारदर्शिता · विशेष गहन पुनरीक्षण में तेलंगाना की मतदाता सूची से लगभग 70 लाख नाम हटे
राजव्यवस्था एवं संविधान पर और नोट्स
- सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, चुनाव आयोग फॉर्म 6, 7 और 8 नहीं बदल सकता · 28 अक्टूबर 2026
- मणिपुर विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने 11 नोडल ऑफिसर नियुक्त किए · 28 अक्टूबर 2026
- दिल्ली विधानसभा स्पीकर ने भारतीय विधानमंडलों के लिए 30 दिन की बैठक का प्रस्ताव दिया · 28 अक्टूबर 2026
- लद्दाख में महिलाओं के विरोध के बाद सरकार ने वापस ली शराब नीति · 28 अक्टूबर 2026
- न्यूज़ पब्लिशर्स ने सुप्रीम कोर्ट में मोदी सरकार के प्राइवेसी कानून को चुनौती दी · 27 अक्टूबर 2026
- 13 करोड़ वोटरों को बाहर रखने पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई टाल दी · 27 अक्टूबर 2026
कोई गलती या कोई कमी?
किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।