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VOL. I · EST. 11.2025ISSUE No. 343
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द हिंदू के एडिटर्स को अरेस्ट करने वाला 2003 का प्रस्ताव खत्म

GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· Constitution, amendments & basic structure· Prelims + Mains·

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम विधायी विशेषाधिकार: संविधानवाद और न्यायिक पुनरावलोकन पर आधारित GS2 का एक प्रमुख विषय।

चर्चा में क्यों

उच्चतम न्यायालय ने 'द हिंदू' के संपादकों को जयललिता की आलोचना करने के लिए गिरफ्तार करने संबंधी 2003 के तमिलनाडु विधानसभा के प्रस्ताव से संबंधित एक संदर्भ का निपटारा करते हुए, इस मामले को अप्रासंगिक (infructuous) घोषित कर दिया है।

पृष्ठभूमि

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत सहित सात न्यायाधीशों की पीठ ने इस संदर्भ को सुना। न्यायालय ने यह टिप्पणी की कि वर्ष 2003 के प्रस्ताव को वर्ष 2004 में वापस ले लिया गया था, जिससे यह कानूनी चुनौती निष्प्रभावी हो गई।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यसंपादकों को गिरफ्तार करने के लिए तमिलनाडु विधानसभा के प्रस्ताव को 2004 में वापस ले लिया गया था।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

किस राज्य विधानसभा ने 2003 में The Hindu के संपादकों को गिरफ्तार करने का प्रस्ताव पारित किया था?

  1. (a)केरल
  2. (b)तमिलनाडु
  3. (c)कर्नाटक
  4. (d)आंध्र प्रदेश
उत्तर देखें

उत्तर: (b) तमिलनाडु — नोट में निर्दिष्ट है कि यह प्रस्ताव तमिलनाडु विधानसभा द्वारा पारित किया गया था।

मेन्स के लिए

Q. संसद और राज्य विधानसभाओं के विशेषाधिकारों और अभिव्यक्ति एवं भाषण की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार के मध्य संवैधानिक संघर्ष का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • Constitutional conflict: Balancing legislative privileges under Article 194 with individual fundamental rights under Article 19.
  • Judicial oversight: The role of the judiciary in ensuring legislative actions do not infringe upon democratic freedoms.

कीवर्ड: Freedom of Speech · Legislative Privileges · Constitutionalism · Judicial Review · Infructuous

पूरी खबर पढ़ें →स्रोत: The Hindu ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।