केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने घोषणा की है कि गुजरात में एक दशक के बाद 'जंपस्टार्ट' (jumpstart) तकनीक का उपयोग करके ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (GIB) के चूजे का सफलतापूर्वक हैचिंग (hatching) कराया गया है
चर्चा में क्यों: केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने घोषणा की है कि गुजरात में एक दशक के बाद 'जंपस्टार्ट' (jumpstart) तकनीक का उपयोग करके ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (GIB) के चूजे का सफलतापूर्वक हैचिंग (hatching) कराया गया है।
GIB चूजे को 19 घंटे से अधिक की इनक्यूबेशन अवधि (incubation period) के बाद सड़क मार्ग से राजस्थान से गुजरात पहुँचाया गया। इस पहल का समन्वय MoEFCC द्वारा राज्य के वन विभागों और वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Wildlife Institute of India) के सहयोग से किया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- पर्यावरणग्रेट इंडियन बस्टर्ड (Great Indian Bustard) भारत में एक गंभीर रूप से संकटग्रस्त प्रजाति है।
- संस्थाWildlife Institute of India ने GIB संरक्षण पहल (conservation initiative) में सहयोग किया।
- तथ्यजंपस्टार्ट अप्रोच (Jumpstart approach) में 19 घंटे से अधिक की इनक्यूबेशन अवधि (Incubation period) शामिल थी।
- योजनाप्रोजेक्ट GIB को इस प्रजाति के संरक्षण के लिए 2016 में लॉन्च किया गया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में गंभीर रूप से संकटग्रस्त पक्षी प्रजातियों के संरक्षण में 'जंपस्टार्ट दृष्टिकोण' (jumpstart approach) जैसी एक्स-सिटू (ex-situ) संरक्षण तकनीकों के महत्व की चर्चा कीजिए।
- अंतर-राज्य समन्वय: राजस्थान और गुजरात के बीच संरक्षण प्रोटोकॉल को एक समान बनाने में चुनौतियां
- तकनीकी हस्तक्षेप: जंगली प्रजातियों में प्राकृतिक प्रजनन व्यवहार के साथ आर्टिफिशियल इनक्यूबेशन का संतुलन
- हैबिटेट इंटीग्रिटी: इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और GIB ग्रासलैंड की ज़रूरतों के बीच टकराव को हल करना
मुख्य शब्द: एक्स-सिटु कंजर्वेशन · गंभीर रूप से संकटग्रस्त · प्रोजेक्ट GIB · जैव विविधता संरक्षण · अंतर-राज्यीय सहयोग