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GS2शासन › ई-गवर्नेंस एवं नागरिक सेवाएंप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने डेटा-आधारित योजना सुनिश्चित करने के लिए ₹50 करोड़ से अधिक की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए बिहार रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर (BIRSAC) से जियो-स्पेशियल (geo-spatial) मंजूरी अनिवार्य की है।
बिहार रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर (BIRSAC) ₹50 करोड़ से अधिक की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए अनिवार्य तकनीकी मंजूरी प्रदान करेगा। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (Detailed Project Report - DPR) तैयार करने में सहायता के लिए BISAG-N के सहयोग से एक नया डिजिटल टूल विकसित किया जा रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाBIRSAC: बिहार रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर (Bihar Remote Sensing Application Centre)।
- तथ्य₹50 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं के लिए अनिवार्य geo-spatial approval लागू होता है।
- संस्थाBISAG-N: DPR तैयार करने के लिए डिजिटल टूल्स पर BIRSAC के साथ सहयोग करने वाली राष्ट्रीय एजेंसी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा नियोजन की दक्षता और लागत-प्रभावशीलता को बढ़ाने में भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी और सुदूर संवेदन (रिमोट सेंसिंग) डेटा का एकीकरण किस प्रकार सहायक हो सकता है? विश्लेषण कीजिए।
- डेटा-आधारित प्लानिंग: स्पैटियल मैपिंग के जरिए प्रोजेक्ट्स के दोहराव और कॉस्ट ओवररन को कम करना
- संस्थागत तालमेल: स्थानीय बुनियादी ढांचे के विकास के लिए नेशनल लेवल रिमोट सेंसिंग डेटा का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: जियो-स्पेशियल टेक्नोलॉजी · डेटा-आधारित गवर्नेंस · इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग · रिमोट सेंसिंग · लागत-प्रभावशीलता
GS2सामाजिक न्याय › स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्यमेन्स चर्चा में क्यों: स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने विशिष्ट विशेषज्ञ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के विस्तार करने का आग्रह किया है।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव विजय नेहरा ने 12 जनवरी को आंध्र प्रदेश स्वास्थ्य विभाग को एक पत्र भेजा। इस प्रस्ताव में पांच क्षेत्रों में PPP मॉडल के विस्तार का सुझाव दिया गया है: न्यूक्लियर मेडिसिन (Nuclear Medicine), रेडियोलॉजी, कैंसर डे-केयर सेंटर, डेंटल क्लीनिक और मोबाइल मेडिकल यूनिट।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- संस्थास्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय: भारत में स्वास्थ्य सेवा वितरण की निगरानी करने वाला केंद्रीय मंत्रालय।
- तथ्यPPP विस्तार के लिए पांच प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की गई है: न्यूक्लियर मेडिसिन (Nuclear Medicine), रेडियोलॉजी (Radiology), कैंसर डे-केयर सेंटर (Cancer Daycare Centers), डेंटल क्लीनिक (Dental Clinics) और मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (Mobile Medical Units)।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा वितरण में बुनियादी ढांचे और विशेषज्ञता की कमी के अंतराल को पाटने में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
- सेवा में असमानता: कम्युनिटी हेल्थ सेंटर्स में विशेष उपकरणों और डॉक्टरों की कमी को दूर करना
- ग्रामीण-शहरी अंतर: अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हेल्थकेयर एक्सेस की कमी को दूर करने के लिए मोबाइल मेडिकल यूनिट्स का इस्तेमाल
- रेगुलेटरी ओवरसाइट: प्राइवेट-लेड कैंसर और डेंटल सेवाओं में क्वालिटी स्टैंडर्ड और अफोर्डेबिलिटी सुनिश्चित करना
मुख्य शब्द: पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · स्वास्थ्य सेवा इन्फ्रास्ट्रक्चर · ग्रामीण स्वास्थ्य वितरण · स्पेशलाइज्ड मेडिसिन · सेवा वितरण में अंतर
चर्चा में क्यों: केंद्रीय मंत्री सर्बानंदा सोनोवाल ने समुद्री सहयोग पर चर्चाकरने के लिए पोरबंदर से अपनी पहली यात्रा पूरी कर मस्कट बंदरगाह पर पहुंचे भारतीय नौसेना के जहाज INSV कौण्डिन्य का स्वागत किया।
INSV कौण्डिन्या (Kaundinya) ने पोरबंदर से मस्कट, ओमान तक अपनी पहली यात्रा पूरी कर ली। केंद्रीय मंत्री सर्बानंदा सोनोवाल ने समुद्री सहयोग पर चर्चा करने के लिए ओमान के परिवहन, संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, सईद बिन हमूद बिन सईद अल मवाली से मुलाकात की।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- पदसरबानंदा सोनोवाल: केंद्रीय मंत्री, पोर्ट्स, शिपिंग एंड वॉटरवेज़।
- स्थानमस्कट: ओमान की राजधानी और प्रमुख बंदरगाह शहर।
- तथ्यINSV कौण्डिन्य: भारतीय नौसेना का एक समुद्री जहाज।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के 'सागर' (SAGAR) दृष्टिकोण और हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा के संदर्भ में भारत और ओमान के बीच बढ़ते समुद्री सहयोग के महत्व की चर्चा कीजिए।
- रणनीतिक तालमेल: समुद्री सुरक्षा और व्यापार मार्गों के लिए ओमान की भौगोलिक स्थिति का लाभ उठाना
- आर्थिक एकीकरण: समुद्री लॉजिस्टिक्स और शिपिंग लेन को आसान बनाने के लिए पोर्ट-टू-पोर्ट कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना
मुख्य शब्द: समुद्री सहयोग · सागर विज़न · ब्लू इकोनॉमी · रणनीतिक साझेदारी · पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर
चर्चा में क्यों: ऑस्ट्रेलिया के होम अफेयर्स विभाग ने अपने 'सिम्प्लिफाइड स्टूडेंट वीजा फ्रेमवर्क' (Simplified Student Visa Framework) के तहत भारतीय छात्र वीजा आवेदकों को 'हाई-रिस्क' (high-risk) श्रेणी में पुनर्वर्गीकृत किया है। इसके कारण अब आवेदकों की वित्तीय जांच और 'जेन्युइन स्टूडेंट' (Genuine Student) मूल्यांकन को और अधिक सख्त बनाया जाएगा।
इस कदम से भारतीय आवेदक छात्र वीजा के लिए उच्चतम जोखिम श्रेणी (highest risk category) में आ गए हैं। अब आवश्यकताओं में अधिक विस्तृत वित्तीय प्रमाण, फंडिंग के स्रोतों की जांच और 'जेन्युइन स्टूडेंट' (Genuine Student) मूल्यांकन के लिए संभावित इंटरव्यू शामिल हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यऑस्ट्रेलिया के Simplified Student Visa Framework के तहत भारत को स्टूडेंट वीजा के लिए उच्चतम जोखिम (highest risk) श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है।
- संस्थाऑस्ट्रेलिया का Home Affairs विभाग वीजा रिस्क क्लासिफिकेशन (visa risk classification) के लिए जिम्मेदार संस्था है।
- तथ्यIDP Education मेलबर्न स्थित एक प्राइवेट कंसल्टेंट है, जिसका जिक्र वीजा बदलावों के संदर्भ में किया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच वीजा नीतियों और प्रवास ढाँचों में परिवर्तन द्विपक्षीय शैक्षिक संबंधों और मानव पूंजी की गतिशीलता को किस प्रकार प्रभावित कर सकते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
- रेगुलेटरी फ्रिक्शन: राष्ट्रीय सुरक्षा और माइग्रेशन इंटीग्रिटी के साथ अंतरराष्ट्रीय शैक्षिक सहयोग के बीच संतुलन
- आर्थिक प्रभाव: शिक्षा सेवाओं के एक्सपोर्ट पर असर डालने वाला छात्रों की गतिशीलता में संभावित कमी
- अनुपालन का बोझ: हाई-रिस्क कैटेगरी के छात्रों के लिए प्रशासनिक बाधाएं बढ़ीं
मुख्य शब्द: मानव पूंजी गतिशीलता · द्विपक्षीय संबंध · रेगुलेटरी जांच · प्रवासन नीति · शैक्षिक डिप्लोमेसी
GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › चुनाव, चुनाव आयोग एवं चुनाव सुधारप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: केरल राज्य चुनाव आयोग मतदाता सूची से पहले बाहर किए गए व्यक्तियों के मतदान अधिकार को बहाल करने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) कर रहा है।
6 जनवरी से 14 फरवरी के बीच एर्नाकुलम में सुनवाई में 50,000 से अधिक लोग शामिल हुए। इस प्रक्रिया के अंतर्गत पहचान दस्तावेजों के सत्यापन और स्थानों की पुष्टि शामिल है, ताकि 21 फरवरी तक मतदाता सूची को अंतिम रूप दिया जा सके।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाकेरल राज्य चुनाव आयोग वह संस्था है जो विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) प्रक्रिया की निगरानी करती है।
- तथ्यवोटर रोल संशोधन के लिए एर्नाकुलम में सुनवाई में 50,000 से अधिक लोग शामिल हुए।
- तथ्यअंतिम वोटर लिस्ट (voter list) के 21 फरवरी को प्रकाशित होने की संभावना है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के सिद्धांत और समावेशी लोकतंत्र को सुनिश्चित करने में मतदाता सूची के आवधिक और गहन संशोधन के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- इनक्लूजन गैप: लोकतांत्रिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मतदाता सूची से हाशिए पर रहने वाले समूहों के व्यवस्थित बहिष्कार को दूर करना
- डेटा इंटीग्रिटी: योग्य मतदाताओं के लिए आसान पहुंच और सख्त पहचान सत्यापन के बीच संतुलन बनाना
मुख्य शब्द: सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार · मतदाता सूची पुनरीक्षण · समावेशी लोकतंत्र · पहचान सत्यापन · केरल राज्य चुनाव आयोग
चर्चा में क्यों: तेलंगाना सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (T-SRDA) ने नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) के उस फैसले का विरोध किया है, जिसमें NEET-PG 2025-26 के कट-ऑफ पर्सेंटाइल को शून्य (zero) करने का निर्णय लिया गया है।
T-SRDA ने तर्क दिया कि शून्य प्रतिशत (zero percentile) की कट-ऑफ उन उम्मीदवारों को भी स्नातकोत्तर प्रशिक्षण (postgraduate training) के लिए योग्य बनाती है जिनके अंक नकारात्मक हैं। इस संस्था ने योग्यता आधारित परीक्षाओं और मरीजों की सुरक्षा की रक्षा के लिए केंद्र सरकार से इस अधिसूचना को वापस लेने का आग्रह किया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाNBEMS: नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज।
- तथ्यNEET-PG 2025-26: विवाद के अधीन विशिष्ट परीक्षा चक्र।
- पदT-SRDA: तेलंगाना सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में विशिष्ट चिकित्सा शिक्षा के प्रवेश बाधाओं को कम करने के स्वास्थ्य सेवा वितरण की गुणवत्ता और रोगी सुरक्षा पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
- क्वालिटी में गिरावट: कम एंट्री स्टैंडर्ड्स के कारण विशेषज्ञों में अपर्याप्त क्लिनिकल कॉम्पिटेंसी का जोखिम
- मेरिटोक्रेसी बनाम एक्सेसिबिलिटी: योग्य विशेषज्ञों की ज़रूरत और मेडिकल सीटों के विस्तार के लक्ष्य के बीच संतुलन
- संस्थागत जवाबदेही: पोस्टग्रेजुएट मेडिकल ट्रेनिंग के लिए स्टैंडर्ड बेंचमार्क बनाए रखने में NBEMS की भूमिका
मुख्य शब्द: मेरिट-आधारित चयन · मरीज की सुरक्षा · मेडिकल एजुकेशन स्टैंडर्ड्स · रेगुलेटरी ओवरसाइट · स्पेशलाइज्ड हेल्थकेयर
GS2सामाजिक न्याय › कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)प्रीलिम्स चर्चा में क्यों: केरल में दिव्यांगों की गतिशीलता में सुधार के लिए सामाजिक न्याय मंत्री आर. बिंदू ने शुभयात्रा योजना के तहत स्कूटर और सुनने की मशीन जैसे सहायक उपकरण वितरित किए।
केरल राज्य डिफ़रेंटली एबल्ड वेलफेयर कॉर्पोरेशन ने तिरुवनंतपुरम में स्कूटर, हियरिंग एड (hearing aids) और कृत्रिम अंग वितरित किए। यह पहल शुभयात्रा योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य गतिशीलता संबंधी चुनौतियों का सामना करने वाले व्यक्तियों के लिए आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- योजनाशुभयात्रा: केरल सरकार की एक योजना जो दिव्यांग व्यक्तियों को स्कूटर और कृत्रिम अंग (artificial limbs) जैसे सहायक उपकरण प्रदान करती है।
- संस्थाकेरल स्टेट डिफ़रेंटली एबल्ड वेलफेयर कॉर्पोरेशन (Kerala State Differently Abled Welfare Corporation): यह संस्था शुभयात्रा (Shubhayatra) स्कीम को लागू करने के लिए जिम्मेदार है।
- तथ्यवितरण केरल के तिरुवनंतपुरम जिले में किया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में दिव्यांग व्यक्तियों के सामाजिक-आर्थिक समावेश और गतिशीलता को बढ़ावा देने में राज्य-संचालित कल्याणकारी योजनाओं की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
- संस्थागत बाधा: हाई-कॉस्ट असिस्टिव डिवाइसेस के लिए स्टैंडर्डाइज्ड प्रोक्योरमेंट और मेंटेनेंस प्रोटोकॉल की कमी
- सामाजिक समावेश: स्वतंत्र जीवन के लिए पैसिव वेलफेयर से एक्टिव मोबिलिटी-आधारित एम्पॉवरमेंट की ओर बदलाव
मुख्य शब्द: सामाजिक-आर्थिक समावेश · गतिशीलता के अधिकार · विकलांग कल्याण · आत्मनिर्भरता · राज्य-नेतृत्व वाला हस्तक्षेप
चर्चा में क्यों: कर्नाटक स्टेट एलाइड एंड हेल्थकेयर काउंसिल (KSAHC) ने यह निर्देश दिया है कि शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से फिजियोथेरेपी और ऑक्यूपेशनल थेरेपी के अंडरग्रेजुएट (UG) प्रोग्राम में प्रवेश केवल NEET के माध्यम से ही लिया जाएगा।
परिषद ने सभी विश्वविद्यालयों को इस नई प्रवेश प्रक्रिया का पालन करने के निर्देश जारी किए हैं और डिग्री के नामकरण (nomenclature) तथा प्रवेश मानदंडों के संबंध में UGC को सूचित कर दिया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- संस्थाKSAHC: कर्नाटक स्टेट एलाइड एंड हेल्थकेयर काउंसिल।
- संस्थाNCAHP: नेशनल कमीशन फॉर एलाइड हेल्थकेयर प्रोफेशंस।
- तथ्यNEET: 2026-27 से Physiotherapy और Occupational Therapy के UG प्रोग्राम्स के लिए अनिवार्य एंट्रेंस टेस्ट।
- संस्थाUGC: यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (University Grants Commission) द्वारा कैटेगरी-वाइज डिग्री नॉमिनैचर (degree nomenclature) अधिसूचित।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में संबद्ध स्वास्थ्य व्यवसायों (allied healthcare professions) के लिए प्रवेश परीक्षाओं के मानकीकरण से शिक्षा की गुणवत्ता और व्यावसायिक गतिशीलता सुनिश्चित करने में निहित निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
- मानकीकरण: विभिन्न निजी और सार्वजनिक संस्थानों में बुनियादी योग्यता सुनिश्चित करने के लिए प्रवेश मानदंडों में एकरूपता
- रेगुलेटरी ओवरसाइट: नॉन-मेडिकल हेल्थकेयर डिग्री के लिए प्रोफेशनल स्टैंडर्ड्स को व्यवस्थित करने में NCAHP की भूमिका
- प्रोफेशनल मोबिलिटी: करियर प्रोग्रेशन और सहयोगी स्वास्थ्य योग्यताओं की अंतर-राज्यीय मान्यता पर एकीकृत नामकरण का प्रभाव
मुख्य शब्द: मानकीकरण · एलाइड हेल्थकेयर · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · प्रोफेशनल मोबिलिटी · शिक्षा नीति
चर्चा में क्यों: श्रीनारायणगुरु ओपन यूनिवर्सिटी (SGOU) और केरल स्टेट लिटरेसी मिशन (KSLM) ने 'फ्रॉम लिटरेसी टू हायर एजुकेशन' (From literacy to higher education) पहल शुरू करने के लिए साझेदारी की है। इसका उद्देश्य कक्षा 12 की समकक्षता (equivalency) प्राप्त करने वाले स्नातकों को विश्वविद्यालय की डिग्री हासिल करने में सहायता प्रदान करना है।
इस पहल का उद्देश्य केरल को पूर्णतः स्नातक राज्य (fully graduate state) बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करना है। इस समझौते में छात्रों की फीस के लिए वित्तीय सहायता और KSLM की देखरेख में एक सुव्यवस्थित प्रवेश प्रक्रिया (admission process) शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाश्री नारायणगुरु ओपन यूनिवर्सिटी (Sreenarayanaguru Open University - SGOU) केरल में स्थित एक ओपन यूनिवर्सिटी है।
- संस्थाकेरल स्टेट लिटरेसी मिशन (KSLM) इस पहल के लिए सुव्यवस्थित एडमिशन प्रोसेस (admission process) की निगरानी करने वाली संस्था है।
- तथ्ययह प्रोग्राम विशेष रूप से Class 12 इक्विवेलेंसी (equivalency) प्रोग्राम के स्नातकों को लक्षित करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: केरल जैसे राज्यों में बुनियादी साक्षरता और उच्च शिक्षा के बीच के अंतराल को पाटने से सामाजिक गतिशीलता और आर्थिक समावेश को कैसे सुगम बनाया जा सकता है, चर्चा कीजिए।
- संस्थागत तालमेल: शैक्षिक पहुंच बढ़ाने के लिए राज्य साक्षरता मिशन और ओपन यूनिवर्सिटीज के बीच सहयोगात्मक गवर्नेंस
- वित्तीय बाधाएं: टारगेटेड फीस असिस्टेंस के जरिए गैर-पारंपरिक शिक्षार्थियों के लिए उच्च शिक्षा की भारी लागत को कम करना
- शैक्षिक समावेशिता: इक्विवेलेंसी ग्रेजुएट्स के लिए फॉर्मल यूनिवर्सिटी डिग्री इकोसिस्टम में प्रवेश के रास्ते बनाना
मुख्य शब्द: शिक्षा में समावेशिता · सामाजिक गतिशीलता · ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग · सहयोगात्मक गवर्नेंस · मानव पूंजी विकास
GS2सामाजिक न्याय › कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)प्रीलिम्स चर्चा में क्यों: तेलंगाना सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों में अकेलेपन की समस्या को दूर करने और उनके मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए 39 प्रणाम डे केयर सेंटर (Pranaam Day Care Centres) शुरू किए हैं।
तेलंगाना सरकार ने 39 'प्रणाम डे केयर सेंटर' (Pranaam Day Care Centres) का उद्घाटन किया है, जो कार्यदिवसों (weekdays) में सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित होंगे। इस पहल के अंतर्गत साप्ताहिक चिकित्सा जांच और डॉक्टरों के पर्चे के आधार पर मुफ्त दवाइयां प्रदान की जाएंगी।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- योजनाप्रणाम डे केयर सेंटर्स (Pranaam Day Care Centres): वरिष्ठ नागरिकों के लिए तेलंगाना सरकार की एक पहल।
- तथ्यलॉन्च किए गए प्रणाम डे केयर सेंटर्स (Pranaam Day Care Centres) की संख्या: 39।
- तथ्यकार्य समय: कार्यदिवसों (weekdays) पर सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक।
- तथ्यशामिल सेवाएँ: साप्ताहिक मेडिकल चेकअप और प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर मुफ्त दवाइयाँ।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के तेजी से बदलते जनसांख्यिकीय परिदृश्य में वृद्धों द्वारा सामना की जाने वाली सामाजिक-मनोवैज्ञानिक चुनौतियों के समाधान में समुदाय-आधारित जराचिकित्सा (geriatric care) के महत्व की चर्चा कीजिए।
- सामाजिक अलगाव: बुजुर्गों में बढ़ती तन्हाई और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान
- संस्थागत एकीकरण: समग्र स्वास्थ्य सेवा के लिए कम्युनिटी डे-केयर सेंटर्स को सरकारी जेरिएट्रिक वार्ड्स से जोड़ना
- डिजिटल सुरक्षा: डिजिटाइजिंग इकोनॉमी में सीनियर सिटीजन्स के लिए साइबरक्राइम जागरूकता की ज़रूरत
मुख्य शब्द: वृद्धों की देखभाल · सामाजिक समावेश · मानसिक स्वास्थ्य · कम्युनिटी-आधारित हस्तक्षेप · कमज़ोर वर्ग
GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › संघवाद एवं केंद्र-राज्य संबंधमेन्स चर्चा में क्यों: स्पीकर ए.एन. शमशेर ने कहा कि केरल विधानसभा के 15वें सत्र द्वारा पारित 14 बिल राज्य सरकार और राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर के बीच मतभेद के कारण राज्यपाल की मंजूरी के लिए लंबित हैं।
15वीं केरल विधानसभा ने अपने 192 दिनों के सत्र के दौरान 158 विधेयक पारित किए। लंबित विधेयकों में विश्वविद्यालय कानूनों में संशोधन, मोटर परिवहन श्रमिक कानून और कृषि से संबंधित पशु दौड़ (cattle races) शामिल हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- तथ्य15वीं केरल असेंबली ने अपने 192 दिनों के सत्र के दौरान 158 बिल पास किए।
- तथ्यजनवरी 2026 तक, 14 बिल वर्तमान में गवर्नर की सहमति के लिए लंबित हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में राज्यपाल की सहमति में होने वाले विलंब के राज्य विधानसभाओं की विधायी स्वायत्तता पर पड़ने वाले संवैधानिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
- संघीय टकराव: राज्य की विधायी मंशा और राज्यपाल की विवेकाधीन शक्तियों के बीच संघर्ष
- संवैधानिक बाधा: समयबद्ध नीति कार्यान्वयन और गवर्नेंस पर देरी से मिली सहमति का प्रभाव
मुख्य शब्द: राज्यपाल की सहमति · विधायी स्वायत्तता · संघवाद · राज्य-केंद्र संबंध · संवैधानिक आदेश
चर्चा में क्यों: विदेश मंत्रालय (MEA) ने ईरान में जारी रहने वाले अशांति और विरोध प्रदर्शनों के कारण भारतीय नागरिकों के लिए ईरान जाने से बचने हेतु एक नया यात्रा परामर्श (Travel Advisory) जारी किया है।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने ईरान में विरोध प्रदर्शनों पर सुरक्षा बलों द्वारा की गई कार्रवाई के बाद यह एडवाइजरी जारी की। ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, इस कार्रवाई में कम से कम 2,571 लोगों की मौत हुई है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- पदघुलमहसैन मोहसेनी-एजेई: ईरान की न्यायपालिका (Judiciary) के प्रमुख।
- तथ्यसुरक्षा बलों के एक्शन में मरने वालों की संख्या: कम से कम 2,571।
- संस्थाविदेश मंत्रालय (MEA): यात्रा संबंधी एडवाइजरी (travel advisories) जारी करने के लिए जिम्मेदार भारतीय संस्था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: किसी भागीदार देश में नागरिक अशांति की अवधि के दौरान भारतीय नागरिकों के हितों की रक्षा करने और द्विपक्षीय संबंधों के प्रबंधन में यात्रा परामर्श (travel advisories) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- डिप्लोमैटिक फ्रिक्शन: गैर-हस्तक्षेप के सिद्धांतों और विदेश में नागरिकों की सुरक्षा के कर्तव्य के बीच संतुलन
- सुरक्षा जोखिम: अस्थिर क्षेत्रों में मनमानी हिरासत और तेज़ ट्रायल के खतरे को मैनेज करना
मुख्य शब्द: यात्रा सलाह · द्विपक्षीय संबंध · नागरिक अशांति · मानवाधिकार · डिप्लोमैटिक प्रोटेक्शन
चर्चा में क्यों: मद्रास हाई कोर्ट ने एक एकल न्यायाधीश के उस आदेश पर अंतरिम रोक (interim stay) लगा दी है, जिसमें तमिलनाडु में जाति-आधारित संस्थाओं के पंजीकरण और संचालन पर रोक लगाने की मांग की गई थी।
यह स्थगन आदेश मुख्य न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन द्वारा जारी किया गया था। साउथ इंडियन सेगुनथा महाजन संगम द्वारा दायर अपील के बाद, यह आदेश 11 फरवरी, 2026 तक प्रभावी रहेगा।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- संस्थामद्रास हाई कोर्ट: तमिलनाडु राज्य की सर्वोच्च न्यायिक अथॉरिटी।
- तथ्यजाति-आधारित सोसायटियों (societies) पर लगाए गए प्रतिबंध पर रोक 11 फरवरी, 2026 तक वैध है।
- पदचीफ जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव: स्टे के समय मद्रास हाई कोर्ट के प्रेसिडिंग जज।
- तथ्यमूल आदेश में Inspector General of Registration (IGR) को जाति-आधारित सोसायटियों (societies) की पहचान करने और उनका नाम बदलने का निर्देश दिया गया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: जाति-आधारित भेदभाव को समाप्त करने के संवैधानिक अधिदेश और सामुदायिक संगठनों के अस्तित्व एवं संचालन के अधिकार के मध्य उत्पन्न तनाव का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- संवैधानिक टकराव: अनुच्छेद 15 के गैर-भेदभाव के आदेश और संघ बनाने के अधिकार के बीच संतुलन
- प्रशासनिक बाधा: हजारों पंजीकृत जाति-आधारित सोसायटियों की पहचान और ऑडिटिंग में जटिलता
- सामाजिक प्रभाव: समुदाय के नेतृत्व वाले कल्याणकारी प्रयासों के हाशिए पर जाने की संभावना बनाम व्यवस्थित जाति-आधारित अलगाव
मुख्य शब्द: न्यायिक समीक्षा · संगठन का अधिकार · जातिगत भेदभाव · अंतरिम स्टे · प्रशासनिक निगरानी
GS2सामाजिक न्याय › कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)प्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: गोवा सरकार ने 'गोवा मुंडकार (संरक्षण से बेदखली) अधिनियम, 1975' में संशोधन के लिए एक विधेयक पेश किया है। इसका उद्देश्य 'मुंडकार' (किरायेदार) की सहमति के बिना किराये के मकानों के हस्तांतरण पर रोक लगाना है।
प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, मुंदकर्स (Mundkars) द्वारा अधिग्रहित घरों को किसी तीसरे पक्ष को हस्तांतरित करने के लिए किरायेदार की सहमति के साथ एक पंजीकृत दस्तावेज़ (Registered Instrument) के माध्यम से निष्पादित करना अनिवार्य होगा। इस कदम का उद्देश्य किरायेदारों के लिए सुरक्षा को मजबूत करना और उनके घरों के हस्तांतरण को रोकना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- अधिनियम / विधेयकगोवा मुंदकर्स (प्रोटेक्शन फ्रॉम इविक्शन) एक्ट, 1975।
- तथ्ययह संशोधन 'मुंदकर' (Mundkar) की स्पष्ट सहमति के बिना घर के ट्रांसफर पर रोक लगाता है।
- तथ्यथर्ड पार्टी (Third party) को होने वाले ट्रांसफर को एक रजिस्टर्ड इंस्ट्रूमेंट (Registered instrument) के माध्यम से डॉक्यूमेंट किया जाना चाहिए।
मेन्स के लिए
प्रश्न: शहरी आवास सुरक्षा सुनिश्चित करने में किरायेदार संरक्षण कानूनों के महत्व और गोवा में 'मुनकर' प्रणाली के सामाजिक-कानूनी निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
- कानूनी सुरक्षा: संपत्ति मालिकों के अधिकारों और लंबे समय से रहने वाले निवासियों की सुरक्षा के बीच संतुलन
- रेगुलेटरी ओवरसाइट: अनिवार्य रजिस्टर्ड इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए प्रॉपर्टी एलियनेशन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना
मुख्य शब्द: किरायेदारों के अधिकार · संपत्ति का हस्तांतरण · विधायी संशोधन · आवास सुरक्षा · मुनकर सिस्टम
चर्चा में क्यों: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपने क्रेडेंशियल (credentials) सौंपे। यह कदम तनावपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने और एक व्यापार समझौते (trade deal) पर बातचीत करने के प्रयासों के हिस्से के रूप में उठाया गया है।
डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में व्हाइट हाउस में पर्सनेल डायरेक्टर के रूप में कार्यरत सर्जियो गोर को नवंबर 2025 में अमेरिका में राजदूत के रूप में शपथ दिलाई गई। क्रेडेंशियल सेरेमनी (Credentials ceremony) में त्रिनिडाड और टोबैगो के हाई कमिश्नर और ऑस्ट्रिया के राजदूत भी शामिल हुए।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- पदसर्जियो गोर: भारत में अमेरिकी राजदूत (नवंबर 2025 में शपथ ग्रहण)।
- स्थानराष्ट्रपति भवन: राष्ट्रपति को क्रेडेंशियल (credentials) पेश करने का स्थल।
- तथ्यचंद्रदथ सिंह: रिपब्लिक ऑफ त्रिनिडाड एंड टोबैगो के हाई कमिश्नर।
- तथ्यरॉबर्ट ज़िश्ग: रिपब्लिक ऑफ ऑस्ट्रिया के एंबेसडर।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक व्यापार गतिशीलता और भू-राजनीतिक बदलावों के संदर्भ में भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने के महत्व की चर्चा कीजिए।
- ट्रेड डिप्लोमेसी: घरेलू औद्योगिक सुरक्षा और व्यापक भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बीच संतुलन
- भू-राजनीतिक तालमेल: क्षेत्रीय और वैश्विक शक्ति बदलावों को संतुलित करने के लिए रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना
मुख्य शब्द: द्विपक्षीय संबंध · डिप्लोमैटिक प्रोटोकॉल · व्यापार वार्ता · रणनीतिक साझेदारी
GS2शासन › विधेयक, अधिनियम एवं अध्यादेशप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: गोवा सरकार ने अवैध निर्माण और अपशिष्ट प्रबंधन (Waste Management) के नियमों के उल्लंघन जैसे छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के लिए 'जन विश्वास बिल' पेश किया है। इस बिल के तहत, इन अपराधों के लिए जेल की सजा के बदले मौद्रिक दंड (Monetary Penalties) का प्रावधान किया गया है।
यह विधेयक एक दर्जन से अधिक राज्य कानूनों में संशोधन का प्रस्ताव करता है, जिनमें उत्पाद शुल्क (Excise), अग्निशमन सेवाएँ, भू-राजस्व, नगरपालिकाएं और सार्वजनिक स्वास्थ्य से संबंधित कानून शामिल हैं। इसका उद्देश्य छोटे नियामक उल्लंघनों (regulatory infractions) के लिए आपराधिक न्याय दृष्टिकोण के बजाय विश्वास-आधारित शासन मॉडल (trust-based governance model) की ओर बढ़ना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- अधिनियम / विधेयकजन विश्वास बिल: छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के लिए गोवा सरकार द्वारा प्रस्तावित कानून।
- तथ्ययह बिल एक्साइज (Excise), फायर सर्विसेज (Fire Services), लैंड रेवेन्यू (Land Revenue), नगर पालिकाओं (Municipalities) और पब्लिक हेल्थ (Public Health) में होने वाले उल्लंघनों को लक्षित करता है।
- तथ्यप्रस्तावित दंड तंत्र: छोटे अपराधों के लिए कारावास के स्थान पर मौद्रिक दंड (monetary penalties) का प्रावधान।
मेन्स के लिए
प्रश्न: गोवा जैसे राज्य में प्रभावी विनियामक निरीक्षण सुनिश्चित करते हुए, लघु विनियामक अपराधों के वि-अपराधीकरण से 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (व्यापार करने की सुगमता) को कैसे बढ़ावा दिया जा सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
- रेगुलेटरी बदलाव: दंडात्मक आपराधिक कार्रवाई से ट्रस्ट-आधारित कंप्लायंस मॉडल की ओर बदलाव
- कंप्लायंस का बोझ: छोटे व्यवसायों और व्यक्तिगत संपत्ति मालिकों के लिए प्रशासनिक बाधाएं कम करना
- एन्फोर्समेंट बैलेंस: जेल भेजने के बजाय वित्तीय दंड के जरिए सार्वजनिक सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों को बनाए रखना
मुख्य शब्द: भरोसे पर आधारित शासन · ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस · अपराधमुक्त करना · रेगुलेटरी ओवरसाइट · अनुपालन का बोझ
GS3 · अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा · 16
GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की ग्लोबल रिस्क रिपोर्ट 2026 में साइबर सुरक्षा और आय/संपत्ति की असमानता को भारत के लिए प्राथमिक जोखिमों के रूप में पहचाना गया है, जबकि भू-आर्थिक टकराव (geoeconomic confrontation) को शीर्ष वैश्विक जोखिम बताया गया है।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (World Economic Forum) की ग्लोबल रिस्क रिपोर्ट 2026 में भू-आर्थिक टकराव (geoeconomic confrontation) को सबसे बड़ा वैश्विक जोखिम बताया गया है, जो सशस्त्र संघर्षों और चरम मौसम से भी अधिक है। भारत के संदर्भ में, यह रिपोर्ट विशेष रूप से साइबर सुरक्षा और आय/संपत्ति की असमानता को सबसे महत्वपूर्ण घरेलू जोखिमों के रूप में रेखांकित करती है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- रिपोर्ट / सूचकांकग्लोबल रिस्क रिपोर्ट (Global Risks Report) 2026: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (World Economic Forum) द्वारा प्रकाशित।
- तथ्यजियो-इकोनॉमिक कन्फ्रंटेशन (Geoeconomic confrontation): इसे 2026 के लिए सबसे बड़ा वैश्विक जोखिम (global risk) के रूप में पहचाना गया है।
- तथ्यभारत के प्रमुख जोखिम: साइबर सिक्योरिटी (Cybersecurity) और आय एवं धन की असमानता।
- विज्ञान-तकनीकतकनीकी जोखिम (Technological risks): इसमें मिसइन्फॉर्मेशन (misinformation), डिसइन्फॉर्मेशन (disinformation) और AI टेक्नोलॉजी के प्रतिकूल परिणाम शामिल हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: आगामी दशक में बढ़ती आय की असमानता और साइबर सुरक्षा के खतरे किस प्रकार भारत की आर्थिक स्थिरता और डिजिटल बुनियादी ढांचे के लिए प्रणालीगत जोखिम उत्पन्न करते हैं, चर्चा कीजिए।
- डिजिटल भेद्यता: तेज़ी से बढ़ते डिजिटलीकरण से राज्य-प्रायोजित और आपराधिक साइबर-हमलों का खतरा बढ़ रहा है
- संरचनात्मक असमानता: धन का संकेंद्रण समावेशी विकास में बाधा और सामाजिक टकराव पैदा कर रहा है
- भू-आर्थिक अस्थिरता: सप्लाई चेन में रुकावट और ट्रेड बैरियर्स भारत की मैन्युफैक्चरिंग महत्वाकांक्षाओं को प्रभावित कर रहे हैं
मुख्य शब्द: भू-आर्थिक टकराव · आयनी असमानता · साइबर सिक्योरिटी · डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर · सिस्टमैटिक रिस्क
GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)मेन्स चर्चा में क्यों: आंध्र प्रदेश सरकार विजाग इकोनॉमिक रीजन (VER) के विकास के लिए मुंबई के स्व-वित्तपोषित और निवेश-आधारित शहरी विकास मॉडल को अपना रही है।
नगर प्रशासन और शहरी विकास (MA&UD) विभाग के एक प्रतिनिधिमंडल ने CIDCO, MMRDA और स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) द्वारा अपनाए गए मॉडलों का अध्ययन करने के लिए मुंबई का दौरा किया। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण के लिए भूमि मुद्रीकरण (Land Monetization), FSI प्रीमियम और ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) पर ध्यान केंद्रित करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाMMRDA: मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी।
- संस्थाSRA: Slum Rehabilitation Authority, मुंबई में स्लम रिडेवलपमेंट (slum redevelopment) पर ध्यान केंद्रित करती है।
- तथ्यविजाग इकोनॉमिक रीजन (VER): आंध्र प्रदेश का वह विशिष्ट क्षेत्र जिसे इस अर्बन ग्रोथ मॉडल (urban growth model) के लिए लक्षित किया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के उभरते आर्थिक क्षेत्रों में शहरी विकास के लिए मुंबई के भूमि-मुद्रीकरण (land-monetization) और पारगमन-उन्मुख विकास (transit-oriented development) मॉडलों को अपनाने की व्यवहार्यता का विश्लेषण कीजिए।
- राजकोषीय स्वायत्तता: लैंड-बेस्ड फाइनेंसिंग और FSI प्रीमियम के जरिए राज्य के बजट पर निर्भरता कम करना
- अर्बन प्लानिंग: क्षेत्रीय विकास को मैनेज करने के लिए बड़े पैमाने के इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) को जोड़ना
- सामाजिक समानता: समावेशी शहरी विस्तार सुनिश्चित करने के लिए झुग्गी पुनर्विकास और कमर्शियल लैंड मोनेटाइजेशन के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: भूमि मुद्रीकरण · ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट · FSI प्रीमियम · सेल्फ-फाइनेंसिंग मॉडल · शहरी शासन
GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स चर्चा में क्यों: NLC India Ltd. (NLCIL) ने भारत के नेट-जीरो लक्ष्यों को समर्थन देने के लिए बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) प्रोजेक्ट्स विकसित करने हेतु गुजरात सरकार के साथ एक गैर-बाध्यकारी MoU (Memorandum of Understanding) पर हस्ताक्षर किए हैं।
NLCIL की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, NLC India Renewables Limited, इन परियोजनाओं को क्रियान्वित करेगी। इस सहयोग के तहत सोलर, विंड, हाइब्रिड और बैटरी स्टोरेज परियोजनाओं में लगभग ₹25,000 करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यNLCIL-गुजरात रिन्यूएबल एनर्जी MoU के लिए इन्वेस्टमेंट वैल्यू लगभग ₹25,000 करोड़ है।
- संस्थाNLC India Renewables Limited, NLC India Ltd. (NLCIL) की एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी (wholly owned subsidiary) है।
- विज्ञान-तकनीकप्रोजेक्ट के दायरे में सोलर, विंड, हाइब्रिड और बैटरी स्टोरेज टेक्नोलॉजी शामिल हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा निवेश के माध्यम से भारत की 'नेट-जीरो' अर्थव्यवस्था की ओर संक्रमण को गति देने में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- कैपिटल मोबिलाइजेशन: बैटरी स्टोरेज और हाइब्रिड सिस्टम की भारी शुरुआती लागत को कम करने के लिए PSU बैलेंस शीट का इस्तेमाल
- राज्य-केंद्र तालमेल: राज्य के औद्योगिक लक्ष्यों और राष्ट्रीय डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों व ग्रिड स्थिरता के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: नेट ज़ीरो · नवीकरणीय ऊर्जा · पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग · ऊर्जा ट्रांज़िशन · बैटरी स्टोरेज
GS3आंतरिक सुरक्षा › सुरक्षा बल एवं एजेंसियांप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: कैबिनेट की नियुक्तियों वाली समिति (ACC) ने इन सुरक्षा एजेंसियों का नेतृत्व करने के लिए ITBP, BSF और NIA के नए प्रमुखों की नियुक्तियों को मंजूरी दी है।
शत्रुजीत सिंह कपूर (पूर्व हरियाणा DGP) को 31 अक्टूबर, 2026 तक ITBP के प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया है। प्रवीण कुमार (वर्तमान DG, ITBP) को 30 सितंबर, 2030 तक BSF के डायरेक्टर जनरल के रूप में नियुक्त किया गया है। राकेश अग्रवाल (स्पेशल DG, NIA) को 31 जुलाई, 2028 तक NIA के डायरेक्टर जनरल के रूप में नियुक्त किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- पदशत्रुजीत सिंह कपूर: इन्हें Indo Tibetan Border Police (ITBP) का प्रमुख नियुक्त किया गया है।
- पदप्रवीण कुमार: बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के डायरेक्टर जनरल के रूप में नियुक्त।
- संस्थाकैबिनेट अपॉइंटमेंट्स कमेटी (ACC): सुरक्षा बलों के प्रमुख के रूप में वरिष्ठ IPS अधिकारियों की नियुक्तियों को मंजूरी देने के लिए जिम्मेदार निकाय।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने और सीमा अखंडता के प्रबंधन में आईटीबीपी (ITBP) और एनआईए (NIA) जैसी विशिष्ट सुरक्षा बलों के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- ऑपरेशनल सिनर्जी: आतंकवाद विरोधी कार्रवाई के लिए सीमा सुरक्षा बलों और आंतरिक इंटेलिजेंस एजेंसियों के बीच तालमेल
- संस्थागत निगरानी: अर्धसैनिक और जांच निकायों में योग्यता आधारित नेतृत्व सुनिश्चित करने में कैबिनेट की नियुक्तियों की समिति की भूमिका
मुख्य शब्द: आंतरिक सुरक्षा · पैरामिलिट्री फोर्स · नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी · सीमा प्रबंधन · कैबिनेट की नियुक्तियों की समिति
GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: बेंगलुरु वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड (BWSSB) ने ऊर्जा की खपत को बेहतर बनाने के लिए 78 पंपिंग स्टेशनों पर IPUMPNET AI-आधारित स्मार्ट पंप मॉनिटरिंग तकनीक तैनात की है।
BWSSB ने बेंगलुरु में 78 पंपिंग स्टेशनों पर IPUMPNET लागू किया है। यह तकनीक उन पंपों की पहचान करती है जो ऊर्जा की निर्धारित सीमा से अधिक खपत करते हैं, ताकि उन्हें उच्च-क्षमता वाले मॉडलों से बदला जा सके। इस पहल से सालाना 40 करोड़ रुपये से अधिक की बचत होने का अनुमान है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यIPUMPNET: BWSSB द्वारा तैनात AI-आधारित स्मार्ट पंप मॉनिटरिंग टेक्नोलॉजी।
- तथ्यBWSSB: बैंगलोर वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड (Bangalore Water Supply and Sewerage Board)।
- तथ्यअनुमानित वार्षिक ऊर्जा बचत: ₹40 करोड़ से अधिक।
मेन्स के लिए
प्रश्न: तेजी से बढ़ते भारतीय शहरों में शहरी उपयोगिता प्रबंधन (urban utility management) में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) का एकीकरण संसाधन दक्षता और पर्यावरणीय स्थिरता को किस प्रकार बढ़ा सकता है, चर्चा कीजिए।
- ऑपरेशनल एफिशिएंसी: म्युनिसिपल इंफ्रास्ट्रक्चर में छिपे हुए एनर्जी लॉस की पहचान करने और उन्हें सुधारने के लिए रियल-टाइम परफॉरमेंस मॉनिटरिंग
- सस्टेनेबिलिटी ट्रेड-ऑफ्स: AI-आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश और लंबे समय तक होने वाली ऊर्जा बचत व पानी की विश्वसनीयता के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: संसाधन अनुकूलन · स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर · ऊर्जा दक्षता · शहरी सस्टेनेबिलिटी · प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस
चर्चा में क्यों: गृह मंत्रालय और मणिपुर सरकार ने संघर्ष विराम (Ceasefire) के जमीनी नियमों को लागू करने और जबरन वसूली को रोकने के लिए मेइतेई और कुकी-जो विद्रोही समूहों के साथ बैठक की।
गृह मंत्रालय (MHA) और मणिपुर सरकार ने UNLF-P, यूनाइटेड पीपल्स फ्रंट और कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन (KNO) सहित विभिन्न समूहों के साथ बैठकें कीं। इन चर्चाओं में मुख्य रूप से हथियारों के समर्पण, कैंपों के स्थानांतरण, कैडर सत्यापन और जबरन वसूली पर नियंत्रण जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थागृह मंत्रालय (MHA) आंतरिक सुरक्षा और विद्रोही प्रबंधन (insurgent management) के लिए नोडल मंत्रालय है।
- तथ्यमणिपुर के संदर्भ में UNLF-P (United National Liberation Front–Pambei faction) और Kuki National Organisation (KNO) को विद्रोही समूहों (insurgent groups) के रूप में पहचाना गया है।
- तथ्यसीजफायर एग्रीमेंट्स (Ceasefire agreements) के लिए ग्राउंड रूल्स में हथियार सरेंडर, कैंप रिलोकेशन और कैडर वेरिफिकेशन शामिल हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पूर्वोत्तर भारत में आंतरिक सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था की बहाली सुनिश्चित करते हुए विद्रोही समूहों के प्रबंधन और उन्हें निष्प्रभावी करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
- एन्फोर्समेंट गैप: दूरदराज के इलाकों में कैडर की पहचान और हथियार सरेंडर की निगरानी में मुश्किल
- सुरक्षा-विकास नेक्सस: विद्रोही कैंपों के स्थानांतरण और स्थानीय समुदाय की सुरक्षा व भूमि अधिकारों के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: आंतरिक सुरक्षा · विद्रोह प्रबंधन · आतंकवाद विरोधी अभियान · शांति प्रक्रिया · एक्सटॉर्शन कंट्रोल
GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स चर्चा में क्यों: केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने उपयोगिता प्रमाण पत्र (Utilization Certificates) जमा करने के बाद, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए तेलंगाना ग्राम पंचायतों को पहली ₹260 करोड़ की किस्त जारी करने की घोषणा की।
केंद्र सरकार तेलंगाना ग्राम पंचायतों के लिए कुल ₹2,500 करोड़ की राशि में से पहली किस्त के रूप में ₹260 करोड़ जारी कर रही है। वर्ष 2015-16 से अब तक, सरकार ने ग्राम पंचायतों और स्थानीय निकायों के लिए ₹11,000 करोड़ से अधिक की राशि आवंटित की है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यतेलंगाना ग्राम पंचायतों को ₹260 करोड़ की पहली किस्त जारी की गई।
- तथ्यतेलंगाना ग्राम पंचायत सुदृढ़ीकरण (strengthening) के लिए कुल आवंटन ₹2,500 करोड़ है।
- तथ्य2015–16 से अब तक ग्राम पंचायतों और स्थानीय निकायों (local bodies) को कुल आवंटन ₹11,000 करोड़ से अधिक है।
- संस्थाफंड्स की चरणबद्ध रिलीज (phased release) के लिए यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट्स (UCs) की आवश्यकता होती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में विकेंद्रीकृत नियोजन और ग्रामीण बुनियादी ढांचा विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति में ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने के महत्व की चर्चा कीजिए।
- राजकोषीय जवाबदेही: स्थानीय निकायों तक पारदर्शी फंड फ्लो सुनिश्चित करने के लिए यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट की ज़रूरत
- विकेंद्रीकृत विकास: स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों को दूर करने के लिए पंचायतों को डायरेक्ट फंडिंग के जरिए सशक्त बनाना
- फंडिंग में असमानता: केंद्र के आवंटन और ज़मीनी स्तर की बुनियादी ढाँचे की ज़रूरतों के बीच के अंतर को दूर करना
मुख्य शब्द: विकेंद्रीकृत योजना · राजकोषीय संघवाद · ग्राम पंचायत · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · उपयोगिता प्रमाणपत्र
चर्चा में क्यों: छत्तीसगढ़ के सुकमा में राज्य की 'पुना मार्गम' पुनर्वास पहल के बाद, CPI (Maoist) के फ्रंटल विंग्स (Frontal Wings) से जुड़े 29 माओवादी कैडरों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सल विरोधी अभियानों को तेज करने और गोगुंडा क्षेत्र में सुरक्षा शिविरों की स्थापना के बाद आत्मसमर्पण हुआ। यह आत्मसमर्पण 'पुणा मार्गम' पुनर्वास नीति के माध्यम से सुलभ हुआ।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यछत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में 29 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण कर दिया।
- योजनापुणा मार्गम: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आत्मसमर्पण करने वाले विद्रोहियों के लिए एक पुनर्वास पहल।
- स्थानगोगुंडा: सुकमा जिले का एक क्षेत्र जिसे पहले माओवादी गढ़ (Maoist stronghold) के रूप में पहचाना गया था।
- संस्थाCPI (Maoist): वह प्रतिबंधित संगठन जिसके फ्रंटल विंग्स (frontal wings) के सदस्यों ने आत्मसमर्पण कर दिया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में सुरक्षा-आधारित अभियानों और सामाजिक-आर्थिक पुनर्वास नीतियों के संयोजन से वामपंथी उग्रवाद के घटते प्रभाव के कारकों का विश्लेषण कीजिए।
- सुरक्षा-विकास नेक्सस: मुक्त कराए गए क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के साथ किनेटिक ऑपरेशंस का संतुलन
- पुनर्वास प्रभावशीलता: पूर्व विद्रोहियों का मुख्यधारा के समाज में सामाजिक-आर्थिक एकीकरण
- संस्थागत पहुंच: माओवादी गढ़ों को खत्म करने में स्थानीय पुलिसिंग और सामुदायिक भरोसे की भूमिका
मुख्य शब्द: वामपंथी उग्रवाद · पुनर्वास · आंतरिक सुरक्षा · आतंकवाद विरोधी अभियान · सामाजिक-आर्थिक एकीकरण
GS3आंतरिक सुरक्षा › आतंकवाद एवं उग्रवाद (जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर)प्रीलिम्स चर्चा में क्यों: जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सुरक्षा बलों ने नाजोते जंगल में एक ऑपरेशन के दौरान फरार हुए एक आतंकवादी की तलाश के लिए तलाशी अभियान तेज कर दिया है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस का स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) संदिग्ध गतिविधियों की सूचना के बाद जखोले बैरा में एक अलग ऑपरेशन चला रहा है। गणतंत्र दिवस से पहले आतंकवादी गतिविधियों और ड्रोन घुसपैठ से निपटने के लिए पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- स्थानकटुआ जिला जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में स्थित है।
- संस्थास्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) जम्मू-कश्मीर पुलिस की एक विशेष इकाई है।
- तथ्यसुरक्षा उपायों में इस क्षेत्र में ड्रोन घुसपैठ के खिलाफ बढ़ी हुई सतर्कता शामिल है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: जम्मू-कश्मीर में ड्रोन घुसपैठ और वन-आधारित छापामार युद्ध की बढ़ती चुनौतियों के संदर्भ में, वहां आतंकवाद विरोधी अभियानों के समक्ष उभरती चुनौतियों की चर्चा कीजिए।
- तकनीकी चुनौती: तस्करी और निगरानी के लिए कम ऊंचाई वाले ड्रोन घुसपैठ को रोकना
- टैक्टिकल शिफ्ट: उग्रवादी गतिविधियों का नजोते जैसे घने जंगल वाले इलाकों में जाना
- इंटेलिजेंस गैप: SOG और केंद्रीय सुरक्षा बलों के बीच रियल-टाइम सर्विलांस का समन्वय
मुख्य शब्द: आतंकवाद विरोधी · आंतरिक सुरक्षा · ड्रोन वॉरफेयर · स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप · असिमेट्रिक वॉरफेयर
चर्चा में क्यों: खबरों के अनुसार, भारत सरकार स्मार्टफोन निर्माताओं के लिए एक ऐसे प्रस्ताव पर विचार कर रही है, जिसके तहत उन्हें तीसरे पक्ष की एजेंसियों (third-party agencies) के साथ सोर्स कोड (source code) साझा करना होगा और बड़े सॉफ्टवेयर अपडेट से पहले सरकार को सूचित करना होगा।
दूरसंचार विभाग (DoT) और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) इस प्रस्ताव पर चर्चा करने वाले प्राथमिक निकाय हैं। इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन ने सार्वजनिक जांच के लिए ड्राफ्ट ITSAR को जारी करने की मांग की है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- संस्थाDoT: दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications)।
- संस्थाMeitY: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Electronics and Information Technology)।
- तथ्यप्रस्ताव में थर्ड-पार्टी टेस्टिंग एजेंसियों को सोर्स कोड (source code) का खुलासा करना शामिल है।
- तथ्यप्रमुख सॉफ्टवेयर अपडेट्स (Software updates) जारी करने से पहले सरकारी नोटिफिकेशन की आवश्यकता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: स्वामित्व वाले सॉफ्टवेयर के स्रोत कोड (source codes) पर सरकारी निगरानी के संदर्भ में, राष्ट्रीय सुरक्षा की आवश्यकताओं और व्यक्तिगत गोपनीयता के अधिकारों के बीच संतुलन का विश्लेषण कीजिए।
- प्राइवेसी-सिक्योरिटी ट्रेड-ऑफ: राज्य की निगरानी क्षमताओं और प्राइवेसी के मौलिक अधिकार के बीच टकराव
- इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी रिस्क: थर्ड-पार्टी एजेंसियों द्वारा प्रोप्रायटरी एल्गोरिदम और ट्रेड सीक्रेट्स तक अनधिकृत पहुंच की संभावना
- पारदर्शिता की कमी: ड्राफ्ट ITSAR नियमों पर सार्वजनिक जांच का अभाव लोकतांत्रिक निगरानी को प्रभावित कर रहा है
मुख्य शब्द: सोर्स कोड का खुलासा · डिजिटल संप्रभुता · डेटा प्राइवेसी · रेगुलेटरी ओवरसाइट · साइबर सिक्योरिटी
GS3आंतरिक सुरक्षा › सुरक्षा बल एवं एजेंसियांप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 'वेटरन्स डे' (Veterans' Day) पर पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया। यह सम्मान फील्ड मार्शल के.एम. करियाप्पा की सेवाओं को मान्यता देने और पूर्व सैनिकों से मिलने वाली निरंतर प्रेरणा के सम्मान में दिया गया।
वेटर्नन्स डे (Veterans' Day) हर साल 14 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिन सशस्त्र बलों के पहले कमांडर-इन-चीफ, फील्ड मार्शल के. एम. कारियाप्पा को सम्मान देने के लिए समर्पित है। कारियाप्पा ने 14 जनवरी, 1953 को अपने पद से सेवानिवृत्ति ली थी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- पदफील्ड मार्शल के. एम. करियाप्पा: भारतीय सशस्त्र बलों के पहले कमांडर-इन-चीफ।
- तथ्यवेटरन्स डे (Veterans' Day): हर साल 14 जनवरी को मनाया जाता है।
- तथ्यरिटायरमेंट की तारीख: फील्ड मार्शल के.एम. करियाप्पा 14 जनवरी, 1953 को रिटायर हुए।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक एकजुटता को सुदृढ़ करने में पूर्व सैनिकों के योगदान को मान्यता देने के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- संस्थागत पहचान: अनुभवी लोगों का कल्याण और नागरिक समाज में एकीकरण को औपचारिक रूप देना
- नैतिक पूंजी: राष्ट्र निर्माण के लिए पूर्व सैनिकों के अनुशासन और मूल्यों का लाभ उठाना
मुख्य शब्द: राष्ट्रीय सुरक्षा · अनुभवी कल्याण · संस्थागत मान्यता · सामाजिक एकजुटता · सैन्य परंपरा
GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › प्रजातियां, संरक्षित क्षेत्र एवं आर्द्रभूमिप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: एक जनहित याचिका (PIL) के बाद, तमिलनाडु वन विभाग ने मद्रास हाई कोर्ट को 'Vulture Safe Zones' (VSZs) स्थापित करने की अपनी योजना के बारे में सूचित किया है।
पहला वल्चर सेफ ज़ोन (Vulture Safe Zone) नीलगिरी बायोस्फीयर रिज़र्व में मोयार नदी घाटी के आसपास स्थापित किया जाएगा। एक फील्ड-स्तरीय निगरानी समिति इस प्रक्रिया की देखरेख करेगी, जो विशेष रूप से प्रतिबंधित नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs) के लिए शवों वाले हॉटस्पॉट्स की निगरानी करेगी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- स्थानमोयार रिवर वैली (Moyar River Valley) तमिलनाडु में नीलगिरी बायोस्फीयर रिज़र्व (Nilgiris Biosphere Reserve) के भीतर स्थित है।
- तथ्यफॉरेस्ट डिपार्टमेंट प्रतिबंधित NSAIDs के लिए कारकास हॉटस्पॉट्स की निगरानी करेगा।
- पदराकेश कुमार डोगरा तमिलनाडु में प्रिंसिपल चीफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट्स-कम-चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन के रूप में कार्यरत हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: जैव विविधता संरक्षण में 'सुरक्षित क्षेत्र' (Safe Zones) स्थापित करने के महत्व और मृतपक्षी (scavengers) पर पशु चिकित्सा दवाओं के प्रभाव को कम करने में समुदाय-आधारित निगरानी की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- रेगुलेटरी गैप: ग्रामीण पशु चिकित्सा बाजारों में प्रतिबंधित NSAIDs की अवैध बिक्री पर रोक लगाने में मुश्किल
- पारिस्थितिक प्रभाव: गिद्धों की आबादी कम होने से मृत जानवरों के ढेर में बढ़ोतरी और ज़ूनोटिक रिस्क का खतरा
मुख्य शब्द: जैव विविधता संरक्षण · NSAIDs · बायोस्फीयर रिज़र्व · जनहित याचिका · स्कैवेंजर इकोलॉजी
GS3अर्थव्यवस्था › राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST)प्रीलिम्स चर्चा में क्यों: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट की प्रस्तुति की तारीखों और शेड्यूल की पुष्टि की है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट 1 फरवरी, 2026 को सुबह 11 बजे पेश किया जाएगा। संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल, 2026 को समाप्त होने के लिए निर्धारित है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्ययूनियन बजट 2026-27 की प्रस्तुति की तारीख: 1 फरवरी, 2026, सुबह 11 बजे।
- तथ्यबजट सेशन की अवधि: 28 जनवरी से 2 अप्रैल, 2026।
- पदनिर्मला सीतारमण: भारत की Finance Minister।
- पदकिरेन रिजिजू: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री।
मेन्स के लिए
प्रश्न: राजकोषीय नीति के एक प्राथमिक साधन के रूप में केंद्रीय बजट के महत्व और भारत में सामाजिक-आर्थिक उद्देश्यों की प्राप्ति में इसकी भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- फ़िसकल मल्टीप्लायर: इंफ्रास्ट्रक्चर और नौकरी सृजन पर कैपिटल एक्सपेंडिचर का असर
- राजस्व जुटाना: प्रोग्रेसिव टैक्सेशन और ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के बीच संतुलन
- एलोकेटिव एफिशिएंसी: फिस्कल फ्रेमवर्क में पब्लिक गुड्स बनाम सब्सिडी को प्राथमिकता देना
मुख्य शब्द: राजकोषीय नीति · बजटीय आवंटन · राजस्व व्यय · पूंजीगत व्यय · संसदीय प्रक्रिया
चर्चा में क्यों: थल सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने कहा कि भारतीय सेना समाज की स्वीकृति मिलने पर इन्फेंट्री (Infantry) टुकड़ी में महिलाओं को शामिल करने के लिए तैयार है।
भारतीय सेना ने महिलाओं के लिए क्षेत्रीय भर्ती (Territorial Recruitment) को फिर से शुरू कर दिया है और खुफिया जानकारी, लॉजिस्टिक्स और शिक्षा के क्षेत्रों में उनकी भूमिका का विस्तार कर रही है। 'नारी योद्धा स्काईडाइविंग टीम' एक ऑल-विमेन डिस्प्ले टीम है जो वर्तमान में सेना के भीतर सक्रिय है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- पदजनरल उपेन्द्र द्विवेदी: थल सेना प्रमुख।
- तथ्यनारी योद्धा स्काईडाइविंग टीम: भारतीय सेना की एक ऑल-विमेन स्काईडाइविंग डिस्प्ले टीम।
- तथ्यTerritorial recruitment: महिलाओं के लिए पुन: खोला गया ताकि जेंडर इन्क्लूजन (gender inclusion) को बढ़ावा दिया जा सके।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय सशस्त्र बलों में युद्ध भूमिकाओं (combat roles) में लैंगिक समानता प्राप्त करने में निहित संस्थागत और सामाजिक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
- सामाजिक टकराव: पारंपरिक जेंडर रोल्स और आधुनिक मिलिट्री जरूरतों के बीच संतुलन
- इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: दूरदराज और ऊँचाई वाले कॉम्बैट ज़ोन में जेंडर-सेग्रेगेटेड सुविधाओं की ज़रूरत
- ऑपरेशनल रेडीनेस: हाई-इंटेंसिटी कॉम्बैट एनवायरनमेंट और कमांड रोल्स में समान दक्षता सुनिश्चित करना
मुख्य शब्द: जेंडर इन्क्लूजन · संस्थागत सुधार · सामाजिक स्वीकार्यता · कॉम्बैट रेडीनेस · संरचनात्मक बाधाएं
GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकमेन्स चर्चा में क्यों: द हिंदू विश्लेषण भारत के शहरी परिदृश्य में एक संरचनात्मक बदलाव (structural shift) को रेखांकित करता है, जहाँ छोटे शहर प्रवासी श्रमिकों और कृषि-प्रसंस्करण (agro-processing) के प्राथमिक केंद्रों के रूप में उभर रहे हैं।
भारत के छोटे शहर वर्तमान में लॉजिस्टिक्स नोड्स, कृषि-प्रसंस्करण केंद्रों और सेवा केंद्रों के रूप में कार्य कर रहे हैं। ग्रामीण गरीबी का यह शहरीकरण अनौपचारिक श्रम प्रथाओं और महानगरों पर केंद्रित नीतिगत फोकस के कारण बुनियादी ढांचे में अपर्याप्त निवेश की विशेषता रखता है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- तथ्यछोटे शहर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले प्रवासी श्रमिकों और ग्रामीण युवाओं को समाहित कर रहे हैं।
- तथ्यभारत के कैपिटलिस्ट डेवलपमेंट मॉडल (capitalist development model) में छोटे शहर लॉजिस्टिक्स नोड्स और एग्रो-प्रोसेसिंग हब्स (agro-processing hubs) के रूप में कार्य करते हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में छोटे शहरों के तीव्र शहरीकरण से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और यह स्पष्ट कीजिए कि यह महानगरों के विकास की तुलना में बुनियादी ढांचा नियोजन और श्रम विनियमन के लिए किस प्रकार एक विशिष्ट चुनौती प्रस्तुत करता है। चर्चा कीजिए।
- गवर्नेंस गैप: अनौपचारिक श्रम को विनियमित करने और बुनियादी शहरी सुविधाएं प्रदान करने में स्थानीय सरकार की कमजोर क्षमता
- प्लानिंग में असंतुलन: मेट्रोपॉलिटन कॉरिडोर की ओर पॉलिसी झुकाव से उभरते एग्रो-प्रोसेसिंग हब में इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी
- सामाजिक-आर्थिक जोखिम: पर्याप्त सोशल सेफ्टी नेट या औपचारिक रोजगार के बिना ग्रामीण गरीबी का शहरीकरण
मुख्य शब्द: संरचनात्मक बदलाव · एग्रो-प्रोसेसिंग हब · ग्रामीण गरीबी का शहरीकरण · मेट्रोपॉलिटन-सेंट्रिक प्लानिंग · अनौपचारिक श्रम · समान विकास
GS3कृषि › फसल पैटर्न एवं सिंचाईप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: बिहार कैबिनेट ने झारखंड के साथ लंबे समय से चले आ रहे जल-विभाजन विवाद को सुलझाने के लिए इंद्रपुरी जलाशय परियोजना (Indrapuri reservoir project) को मंजूरी दी है।
यह परियोजना बिहार के आठ जिलों को लाभान्वित करेगी। पूर्वी क्षेत्रीय सम्मेलन (Eastern Regional Conference) में बिहार और झारखंड के बीच 2025 के समझौते के बाद इसे मंजूरी दी गई थी। कैबिनेट ने 'सात निश्चय-3' की निगरानी के लिए बिहार विकास मिशन को भी मंजूरी दी है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- स्थानइंद्रापुरी रिज़र्वॉयर प्रोजेक्ट: बिहार के आठ जिलों को लाभ पहुँचाने वाला एक जल प्रोजेक्ट।
- तथ्यबिहार-झारखंड जल साझाकरण समझौता: 2025 में ईस्टर्न रीजनल कॉन्फ्रेंस (Eastern Regional Conference) में फाइनल हुआ।
- योजनासात निश्चय-3: बिहार विकास मिशन की देखरेख में बिहार राज्य सरकार की एक पहल।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में अंतर-राज्यीय जल-साझाकरण की चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और जल प्रबंधन में सहकारी संघवाद के लिए एक रूपरेखा का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
- अंतर-राज्यीय तनाव: बिहार और झारखंड के बीच नदी के अधिकारों और जल-बंटवारा कोटा पर विवाद
- संस्थागत बाधा: क्षेत्रीय विवादों को सुलझाने के लिए एक मजबूत नेशनल वॉटर-शेयरिंग फ्रेमवर्क की ज़रूरत
- विकास का ट्रेड-ऑफ: कृषि के लिए सिंचाई की जरूरतों और औद्योगिक व घरेलू पानी की मांग के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: अंतर-राज्यीय जल बँटवारा · सहकारी संघवाद · तटीय अधिकार · सिंचाई बुनियादी ढांचा · क्षेत्रीय सहयोग
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