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भाग I · स्था. 11.2025 
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द हिंदू करेंट अफेयर्स हिंदी में — 26 दिसंबर 2025

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GS2 · राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध · 10

GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › चुनाव, चुनाव आयोग एवं चुनाव सुधारप्रीलिम्स

भारत निर्वाचन आयोग पश्चिम बंगाल में लगभग 32 लाख 'अनमैप्ड' (unmapped) मतदाताओं की मतदाता सूची की जांच के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) शुरू कर रहा है

चर्चा में क्यों: भारत निर्वाचन आयोग पश्चिम बंगाल में लगभग 32 लाख 'अनमैप्ड' (unmapped) मतदाताओं की मतदाता सूची की जांच के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) शुरू कर रहा है।

पहचान दस्तावेजों और उनकी प्रामाणिकता की जांच के लिए सुनवाई का चरण 27 दिसंबर, 2025 से 7 फरवरी, 2026 तक चलेगा। पश्चिम बंगाल में सत्यापन प्रक्रिया में 80,000 से अधिक बूथ-स्तरीय अधिकारी और अन्य अधिकारी भाग ले रहे हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाभारत निर्वाचन आयोग (ECI) चुनाव कराने और मतदाता सूची (electoral rolls) बनाए रखने के लिए जिम्मेदार एक संवैधानिक निकाय है।
  • तथ्यपश्चिम बंगाल में Special Intensive Revision (SIR) का लक्ष्य लगभग 32 लाख 'अनमैप्ड' (unmapped) मतदाताओं को कवर करना है।
  • तथ्यSIR के लिए सुनवाई का चरण 7 फरवरी, 2026 को समाप्त होने वाला है।
  • पदमनोज कुमार अग्रवाल पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (Chief Electoral Officer) हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अखंडता सुनिश्चित करने और चुनावी धोखाधड़ी को रोकने में आवधिक मतदाता सूची संशोधन के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • डेटा इंटीग्रिटी: कड़े डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के जरिए 'घोस्ट' वोटर्स और डुप्लीकेट एंट्री को रोकना
  • प्रशासनिक लॉजिस्टिक्स: राज्यव्यापी गहन पुनरीक्षण के लिए बड़े पैमाने पर बूथ-स्तरीय अधिकारियों को जुटाने में चुनौतियां

मुख्य शब्द: मतदाता सूची · विशेष गहन पुनरीक्षण में तेलंगाना की मतदाता सूची से लगभग 70 लाख नाम हटे · लोकतंत्र · मतदाता सत्यापन · प्रशासनिक ईमानदारी

GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › चुनाव, चुनाव आयोग एवं चुनाव सुधारप्रीलिम्स

महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग (SEC) ने नगर निगम आयुक्तों के लिए मतदान केंद्र-वार मतदाता सूची प्रकाशित करने की समय सीमा बढ़ाकर 3 जनवरी, 2026 कर दी है

चर्चा में क्यों: महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग (SEC) ने नगर निगम आयुक्तों के लिए मतदान केंद्र-वार मतदाता सूची प्रकाशित करने की समय सीमा बढ़ाकर 3 जनवरी, 2026 कर दी है।

SEC ने आदेश दिया है कि नगर निगम आयुक्तों को नई समय-सीमा तक मतदाता सूची प्रकाशित करनी होगी, जिसमें डुप्लिकेट मतदाता भी शामिल हों। महाराष्ट्र के मुंबई सहित 29 निगमों में नगर निगम चुनाव 15 जनवरी, 2026 को होने निर्धारित हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थामहाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग (SEC) राज्य स्तर के नगर निगम चुनावों की निगरानी के लिए जिम्मेदार संस्था है।
  • तथ्यमहाराष्ट्र के 29 नगर निगमों (Corporations) में नगर निगम चुनाव आयोजित किए जाएंगे।
  • तथ्यनगर निगम चुनावों के लिए वोटों की गिनती 16 जनवरी, 2026 के लिए निर्धारित है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में स्थानीय निकाय चुनावों की शुचिता सुनिश्चित करने में समय पर और सटीक मतदाता सूची के प्रकाशन के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • डेटा इंटीग्रिटी: 'डुप्लिकेट वोटर्स' का जोखिम 'एक व्यक्ति, एक वोट' के सिद्धांत को कमजोर कर सकता है
  • प्रशासनिक बाधा: म्युनिसिपल कमिश्नरों और राज्य चुनाव आयोग के बीच तालमेल की चुनौतियां
  • पारदर्शिता: चुनावी जांच के लिए पोलिंग स्टेशन-वार सूचियों तक जनता की पहुंच एक टूल

मुख्य शब्द: चुनावी शुचिता · मतदाता सूची सत्यापन · स्थानीय निकाय चुनाव · प्रशासनिक पारदर्शिता · राज्य चुनाव आयोग

GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › मौलिक अधिकार, नीति निदेशक तत्व एवं कर्तव्यप्रीलिम्स + मेन्स

केरल हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि आपराधिक अदालतें विदेशी नागरिकों पर ऐसी जमानत की शर्तें नहीं लगा सकतीं जो प्रभावी रूप से उन्हें हिरासत में रखने के समान हों

चर्चा में क्यों: केरल हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि आपराधिक अदालतें विदेशी नागरिकों पर ऐसी जमानत की शर्तें नहीं लगा सकतीं जो प्रभावी रूप से उन्हें हिरासत में रखने के समान हों, क्योंकि ऐसी शर्तें अनुच्छेद 21 का उल्लंघन करती हैं।

केरल हाई कोर्ट ने टिप्पणी की कि दस्तावेज़ों की जालसाजी के आरोपी एक बांग्लादेशी नागरिक पर प्रतिबंधात्मक शर्तें थोपना अवैध रूपरण (unlawful confinement) के समान है। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि दंड प्रक्रिया संहिता (Criminal Procedure Code) की धारा 167(2) के तहत डिफ़ॉल्ट बेल (default bail) का अधिकार एक मौलिक अधिकार है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • अधिनियम / विधेयकक्रिमिनल प्रोसीजर कोड (CrPC) की धारा 167(2): यह डिफॉल्ट बेल (default bail) के अधिकार को नियंत्रित करती है।
  • तथ्यइस फैसले में विशेष रूप से दस्तावेज़ों की जालसाजी (forgery) के आरोपी एक बांग्लादेशी नागरिक को हिरासत में रखने के मुद्दे को संबोधित किया गया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली में राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेशी नागरिकों के मौलिक अधिकारों के संरक्षण के बीच संतुलन का विश्लेषण कीजिए।

  • संवैधानिक टकराव: अनुच्छेद 21 के तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार और राज्य की सुरक्षा हितों के बीच संतुलन
  • न्यायिक निगरानी: यह सुनिश्चित करना कि बेल की शर्तें न्यायिक जांच की आवश्यकता को दरकिनार न करें और कार्यपालिका की शक्तियों पर रोक लगे

मुख्य शब्द: व्यक्तिगत स्वतंत्रता · अनुच्छेद 21 · डिफ़ॉल्ट बेल · न्यायिक समीक्षा · ड्यू प्रोसेस

कर्नाटक सरकार ने 2025 में एक राज्य शिक्षा नीति (State Education Policy

चर्चा में क्यों: कर्नाटक सरकार ने 2025 में एक राज्य शिक्षा नीति (State Education Policy - SEP) अपनाई है, जिसमें नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 को स्पष्ट रूप से खारिज करते हुए दो-भाषा फॉर्मूले (two-language formula) को प्राथमिकता दी गई है।

कर्नाटक SEP (State Education Policy) तीन-भाषा सूत्र के स्थान पर दो-भाषा सूत्र (two-language formula) की सिफारिश करता है। यह प्राथमिक शिक्षा के लिए कन्नड़ या मातृभाषा को शिक्षा के माध्यम के रूप में अनिवार्य बनाता है, जिसे शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से लागू करने की योजना है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यकर्नाटक SEP ने थ्री-लैंग्वेज फॉर्मूला (three-language formula) को खारिज करते हुए टू-लैंग्वेज फॉर्मूला (two-language formula) का समर्थन किया है।
  • तथ्यSEP के अनुसार कन्नड़ या मातृभाषा को निर्देश का प्राथमिक माध्यम (primary medium of instruction) होना चाहिए।
  • तथ्यकर्नाटक SEP का कार्यान्वयन 2026-27 शैक्षणिक वर्ष में शुरू होने वाला है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: किसी राज्य द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति से भिन्न एक राज्य-विशिष्ट शिक्षा नीति अपनाने के निर्णय के संवैधानिक और संघीय निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • संघीय टकराव: शिक्षा में राज्य की स्वायत्तता और राष्ट्रीय मानक तय करने में केंद्र की भूमिका के बीच विवाद
  • भाषाई पहचान: राष्ट्रीय एकीकरण के लिए बहुभाषी दक्षता की ज़रूरत के साथ क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देना

मुख्य शब्द: संघवाद · भाषा नीति · शैक्षणिक स्वायत्तता · शिक्षा का माध्यम · NEP 2020

GS2शासन › ई-गवर्नेंस एवं नागरिक सेवाएंप्रीलिम्स

UIDAI के CEO भुवनेश कुमार ने सुलभता बढ़ाने के उद्देश्य से सितंबर 2026 तक पूर्ण-सेवा आधार नामांकन और अपडेट केंद्रों की संख्या को 88 से बढ़ाकर 473 करने की योजना की घोषणा की है

चर्चा में क्यों: UIDAI के CEO भुवनेश कुमार ने सुलभता बढ़ाने के उद्देश्य से सितंबर 2026 तक पूर्ण-सेवा आधार नामांकन और अपडेट केंद्रों की संख्या को 88 से बढ़ाकर 473 करने की योजना की घोषणा की है।

UIDAI की योजना सितंबर 2026 तक वयस्कों के लिए 473 पूर्ण केंद्र स्थापित करने की है। इस विस्तार में दो जिलों में कम से कम एक केंद्र का लक्ष्य शामिल है और केंद्रों की मेजबानी के लिए गूगल (Google) के साथ सहयोग का प्रस्ताव दिया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यUIDAI ने सितंबर 2026 तक फुल-सर्विस आधार (Aadhaar) केंद्रों की संख्या 88 से बढ़ाकर 473 करने की योजना बनाई है।
  • संस्थाUIDAI: Unique Identification Authority of India (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण)।
  • पदभुवनेश कुमार UIDAI के CEO हैं।
  • तथ्यविस्तार का लक्ष्य दो जिलों में कम से कम एक सेंटर (center) शामिल करना है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में आधार नामांकन के भौतिक बुनियादी ढांचे के विस्तार से सामाजिक कल्याण योजनाओं की 'अंतिम छोर तक' (लास्ट-माइल) पहुंच को कैसे सुदृढ़ किया जा सकता है, चर्चा कीजिए।

  • एक्सेसिबिलिटी गैप: कई जिलों में ग्रामीण आवेदकों के लिए यात्रा का बोझ कम करना
  • डेटा इंटीग्रिटी: अवैध इमिग्रेशन रोकने के लिए जन्मतिथि में बदलाव पर पाबंदी और अपडेट की आसानी के बीच संतुलन
  • पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप: सरकारी सेवा वितरण के लिए कॉर्पोरेट इंफ्रास्ट्रक्चर (जैसे, गूगल) का लाभ उठाना

मुख्य शब्द: लास्ट-माइल डिलीवरी · डेटा इंटीग्रिटी · पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · डिजिटल समावेश · पहचान प्रबंधन

GS2सामाजिक न्याय › स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्यप्रीलिम्स

केरल सरकार ने सार्वजनिक अस्पतालों में स्पेशलिटी और सुपर-स्पेशलिटी केयर (Specialty and Superspeciality Care) को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न जिलों में 202 नए डॉक्टर पदों को मंजूरी दी है

चर्चा में क्यों: केरल सरकार ने सार्वजनिक अस्पतालों में स्पेशलिटी और सुपर-स्पेशलिटी केयर (Specialty and Superspeciality Care) को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न जिलों में 202 नए डॉक्टर पदों को मंजूरी दी है।

केरल सरकार ने कंसल्टेंट्स और जूनियर कंसल्टेंट्स सहित 202 नए पदों को मंजूरी दी है। यह विस्तार सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और यूरोलॉजी जैसी विशेषज्ञताओं को कवर करता है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यकेरल सरकार द्वारा 202 नए डॉक्टर पदों को मंजूरी दी गई।
  • स्थानकनहंगड और वैकोम में महिलाओं और बच्चों के अस्पताल।
  • पदवीना जॉर्ज केरल की हेल्थ मिनिस्टर हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज प्राप्त करने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों में विशेषज्ञता और अति-विशेषज्ञता देखभाल (specialty and superspeciality care) को सुदृढ़ करने के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • ह्यूमन रिसोर्स गैप: ग्रामीण और अर्ध-शहरी सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में विशेषज्ञ मेडिकल प्रैक्टिशनर्स की कमी
  • इंफ्रास्ट्रक्चर समानता: प्राथमिक देखभाल की उपलब्धता और एडवांस सुपरस्पेशलिटी डायग्नोस्टिक सेवाओं के बीच अंतर

मुख्य शब्द: सार्वजनिक स्वास्थ्य इन्फ्रास्ट्रक्चर · स्पेशलिटी केयर · ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट · स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच

GS2सामाजिक न्याय › स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्यमेन्स

वर्ष 2025 में तेलंगाना स्वास्थ्य विभाग को बुनियादी ढांचे में देरी, भर्ती की बाधाओं और नियामक खामियों (regulatory lapses) जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा

चर्चा में क्यों: वर्ष 2025 में तेलंगाना स्वास्थ्य विभाग को बुनियादी ढांचे में देरी, भर्ती की बाधाओं और नियामक खामियों (regulatory lapses) जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।

तेलंगाना स्वास्थ्य विभाग ने नए उस्मानिया जनरल हॉस्पिटल (OGH) और तेलंगाना इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (TIMS) के निर्माण में हो रही देरी की रिपोर्ट दी है। अलकनंदा हॉस्पिटल में किडनी ट्रांसप्लांट का एक अवैध रैकेट पकड़ा गया, जिसके परिणामस्वरूप तेलंगाना ट्रांसप्लांटेशन ऑफ ह्यूमन ऑर्गन्स बिल, 2025 पारित किया गया।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाआरोजीश्री (Aarogyasri): तेलंगाना सरकार द्वारा लागू की गई एक हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम।
  • अधिनियम / विधेयकतेलंगाना ट्रांसप्लांटेशन ऑफ ह्यूमन ऑर्गन्स बिल, 2025: अंग प्रत्यारोपण (organ transplants) को रेगुलेट करने के लिए पारित कानून।
  • स्थानओसमानिया जनरल हॉस्पिटल (OGH) और तेलंगाना इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (TIMS): तेलंगाना में प्रमुख हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स।
  • तथ्यतेलंगाना के हेल्थ डिपार्टमेंट (Health Department) के बजट आवंटन और भर्ती के प्रयासों में 2025 में वृद्धि देखी गई।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय राज्यों में सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और विनियामक निरीक्षण के कार्यान्वयन में आने वाली चुनौतियों का परीक्षण कीजिए। विधायी सुधार किस प्रकार नैतिक चिकित्सा पद्धतियों को सुनिश्चित कर सकते हैं? विश्लेषण कीजिए।

  • रेगुलेटरी ओवरसाइट गैप: प्राइवेट हेल्थकेयर फैसिलिटीज की अपर्याप्त मॉनिटरिंग से अवैध अंग तस्करी में बढ़ोतरी
  • इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधा: सार्वजनिक अस्पताल प्रोजेक्ट्स में देरी से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता प्रभावित
  • ह्यूमन रिसोर्स की कमी: फैकल्टी की कमी और भर्ती में देरी से मेडिकल शिक्षा और सर्विस की क्वालिटी पर असर

मुख्य शब्द: सार्वजनिक स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर · रेगुलेटरी ओवरसाइट · ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन की नैतिकता · स्वास्थ्य सेवा शासन · ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत के द्विपक्षीय संबंधमेन्स

बांग्लादेश में हिंदू युवा दीपू चंद्र दास की हत्या के बाद वहां हिंदू

चर्चा में क्यों: बांग्लादेश में हिंदू युवा दीपू चंद्र दास की हत्या के बाद वहां हिंदू, ईसाई और बौद्ध अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ते हिंसा के मामलों पर भारत के विदेश मंत्रालय ने गहरी चिंता व्यक्त की है।

विदेश मंत्रालय ने दीपु चंद्र दास की हत्या की निंदा की और न्याय की मांग की। भारत ने बांग्लादेश में स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी संसदीय चुनावों के लिए अपने समर्थन को दोहराया और BNP के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान की वापसी को स्वीकार किया।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • पदतारीक रहमान: बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यवाहक अध्यक्ष।
  • तथ्यभारत ने बांग्लादेश में हिंदू, ईसाई और बौद्ध अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा पर चिंता व्यक्त की।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पड़ोसी देशों में अल्पसंख्यकों के विरुद्ध होने वाली सांप्रदायिक हिंसा के भारत की क्षेत्रीय सुरक्षा और उसकी 'पड़ोस प्रथम' (Neighborhood First) नीति पर पड़ने वाले निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • मानवीय संकट: अल्पसंख्यक हिंसा के कारण शरणार्थियों के आने और क्षेत्रीय अस्थिरता का खतरा
  • डिप्लोमैटिक फ्रिक्शन: लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के समर्थन और आंतरिक मानवाधिकारों के उल्लंघन पर चिंता के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: नेबरहुड फर्स्ट · अल्पसंख्यक अधिकार · क्षेत्रीय स्थिरता · लोकतांत्रिक शासन · मानवाधिकार

GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › न्यायपालिका एवं ऐतिहासिक फैसलेमेन्स

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने मुकदमेबाजी आधारित न्याय प्रणाली से हटकर मध्यस्थता (Mediation) के माध्यम से व्यापक विवाद समाधान की ओर बढ़ने के लिए 'मल्टी-डोर कोर्टहाउस' मॉडल का समर्थन किया

चर्चा में क्यों: भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने मुकदमेबाजी आधारित न्याय प्रणाली से हटकर मध्यस्थता (Mediation) के माध्यम से व्यापक विवाद समाधान की ओर बढ़ने के लिए 'मल्टी-डोर कोर्टहाउस' मॉडल का समर्थन किया।

मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने न्यायिक लंबित मामलों के समाधान के लिए 'मल्टी-डोर कोर्टहाउस' मॉडल का प्रस्ताव दिया है। यह प्रस्ताव विशेष समाधानों के माध्यम से आपसी संबंधों को बनाए रखने के लिए मध्यस्थता (Mediation) को एक उपकरण के रूप में रेखांकित करता है। साथ ही, इसमें सभी न्यायिक स्तरों पर प्रशिक्षित मध्यस्थों की संख्या में महत्वपूर्ण वृद्धि करने की मांग की गई है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • पदसूर्यकांत: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI)।
  • तथ्यमध्यस्थता (Mediation) को केवल ट्रायल-आधारित दृष्टिकोण के बजाय एक व्यापक विवाद समाधान तंत्र (dispute resolution mechanism) के रूप में प्रस्तावित किया गया है।
  • तथ्य'Mediation for Nation' कैंपेन को न्यायिक लंबित मामलों (judicial pendency) को कम करने के लिए एक सफल पहल के रूप में उद्धृत किया गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में न्यायिक लंबित मामलों के संकट को दूर करने के लिए मुकदमेबाजी-केंद्रित मॉडल से मध्यस्थता-केंद्रित 'मल्टी-डोर कोर्टहाउस' मॉडल की ओर संक्रमण किस प्रकार प्रभावी हो सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • संस्थागत बाधा: प्रमाणित मध्यस्थों की कमी और अलग-अलग न्यायिक स्तरों पर स्टैंडर्डाइज्ड ट्रेनिंग मॉड्यूल का अभाव
  • सामाजिक प्रभाव: गैर-प्रतिद्वंद्वी और अनुकूलित विवाद समाधान के जरिए आपसी रिश्तों और सांप्रदायिक सद्भाव का संरक्षण
  • कानूनी ढांचा: सिविल और कमर्शियल विवादों में मध्यस्थता की स्वैच्छिक प्रकृति के साथ तेज़ सुनवाई के अधिकार को संतुलित करना

मुख्य शब्द: न्यायिक लंबित मामले · वैकल्पिक विवाद समाधान · मध्यस्थता · मल्टी-डोर कोर्टहाउस · न्याय तक पहुँच

GS2सामाजिक न्याय › स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्यप्रीलिम्स + मेन्स

हालिया शोध में सांप के काटने से होने वाले खतरों से निपटने के लिए पारंपरिक घोड़े आधारित एंटीवेनम (antivenom) उत्पादन से हटकर अल्पाका और लामा में नैनोबॉडी-आधारित उपचार की ओर बदलाव पर प्रकाश डाला गया है

चर्चा में क्यों: हालिया शोध में सांप के काटने से होने वाले खतरों से निपटने के लिए पारंपरिक घोड़े आधारित एंटीवेनम (antivenom) उत्पादन से हटकर अल्पाका और लामा में नैनोबॉडी-आधारित उपचार की ओर बदलाव पर प्रकाश डाला गया है। WHO ने सांप के काटने को एक उपेक्षित उष्णकटिबंधीय बीमारी (neglected tropical disease) के रूप में वर्गीकृत किया है।

भारत में हर साल लगभग 58,000 सांप के काटने से होने वाली मौतें दर्ज की जाती हैं। नए शोध से पता चलता है कि अल्पाका (Alpacas) और लामा (Llamas) में उत्पादित नैनोबॉडीज (nanobodies) अध्ययन किए गए 18 में से 17 सांपों की प्रजातियों के खिलाफ मजबूत प्रभाव दिखाती हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यभारत में सालाना 58,000 सांप के काटने से होने वाली मौतें दर्ज की जाती हैं।
  • विज्ञान-तकनीकNanobodies को पारंपरिक antivenoms के व्यापक-स्पेक्ट्रम (broader-spectrum) विकल्प के रूप में विकसित किया जा रहा है।
  • पदविश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) सांप के काटने को एक neglected tropical disease (उपेक्षित उष्णकटिबंधीय बीमारी) के रूप में वर्गीकृत करता है।
  • विज्ञान-तकनीकसांप के काटने के इलाज के लिए नैनोबॉडीज (nanobodies) बनाने हेतु अल्पाका (Alpacas) और लामा (llamas) का होस्ट के रूप में उपयोग किया जा रहा है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में एक उपेक्षित उष्णकटिबंधीय रोग के रूप में सांप के काटने की समस्या से निपटने में आने वाली तकनीकी और रसद संबंधी चुनौतियों तथा इस दिशा में व्यापक समाधान प्रदान करने में जैव प्रौद्योगिकी की क्षमता का विश्लेषण कीजिए।

  • रिसर्च गैप: भारतीय सांपों के अलग-अलग ज़हर के घटकों से निपटने में पारंपरिक घोड़े-आधारित एंटीवेनम की सीमाएं
  • सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राथमिकता: वार्षिक 58,000 मृत्यु दर को कम करने के लिए सांप के काटने को एक उपेक्षित उष्णकटिबंधीय बीमारी के रूप में संबोधित करना
  • बायोटेक इनोवेशन: कई प्रजातियों में व्यापक प्रभाव के लिए नैनोबॉडी-आधारित इलाज की ओर बदलाव

मुख्य शब्द: उपेक्षित उष्णकटिबंधीय रोग · नैनोबॉडीज · बायोटेक्नोलॉजी · सार्वजनिक स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर · एंटीवेनम उत्पादन

GS3 · अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा · 5

GS3कृषि › खाद्य प्रसंस्करण एवं आपूर्ति श्रृंखलाप्रीलिम्स

तेलंगाना कृषि विभाग ने परिवहन लागत को कम करने और फलों के किसानों को होने वाले नुकसान को न्यूनतम करने के लिए हैदराबाद एयरपोर्ट के पास एक वेपर हीट ट्रीटमेंट (Vapor Heat Treatment) और इरेडिएशन सेंटर (Irradiation Center) स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है

चर्चा में क्यों: तेलंगाना कृषि विभाग ने परिवहन लागत को कम करने और फलों के किसानों को होने वाले नुकसान को न्यूनतम करने के लिए हैदराबाद एयरपोर्ट के पास एक वेपर हीट ट्रीटमेंट (Vapor Heat Treatment) और इरेडिएशन सेंटर (Irradiation Center) स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है।

केंद्र का लक्ष्य तेलंगाना के फल उत्पादक किसानों को निर्यात के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने में मदद करना है। कृषि विभाग बागवानी निर्यात को समर्थन देने के लिए कोल्ड चेन सुविधाएं और अतिरिक्त वेयरहाउसिंग क्षमता भी प्रदान करेगा।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाइस पहल को तेलंगाना एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट (Agriculture Department) द्वारा समर्थन दिया गया है।
  • स्थानप्रस्तावित सेंटर हैदराबाद के इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास स्थित है।
  • तथ्ययह सुविधा हॉर्टीकल्चरल प्रोडक्ट्स (horticultural products) के लिए वेपर हीट ट्रीटमेंट और इरेडिएशन (irradiation) प्रदान करेगी।
  • तथ्यइस प्रोजेक्ट में कोल्ड चेन सुविधाओं और वेयरहाउसिंग क्षमता (warehousing capacity) का प्रावधान शामिल है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: यह विश्लेषण कीजिए कि कटाई के पश्चात का बुनियादी ढांचा और विकिरण (इरैडिएशन) जैसी तकनीकी हस्तक्षेप वैश्विक बाजारों में भारतीय बागवानी निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मकता को किस प्रकार बढ़ा सकते हैं।

  • लॉजिस्टिक्स की बाधा: एक्सपोर्ट हब्स तक परिवहन के दौरान भारी लागत और सामान को होने वाला नुकसान
  • क्वालिटी स्टैंडर्डाइजेशन: इरेडिएशन और हीट ट्रीटमेंट के जरिए सख्त अंतरराष्ट्रीय फाइटोसैनिटरी जरूरतों को पूरा करना
  • इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के लिए इंटीग्रेटेड कोल्ड चेन और वेयरहाउसिंग की ज़रूरत

मुख्य शब्द: कटाई के बाद प्रबंधन · हॉर्टिकल्चरल एक्सपोर्ट्स · कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स · फाइटोसेनेटरी मानक · वैल्यू एडिशन

GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › प्रजातियां, संरक्षित क्षेत्र एवं आर्द्रभूमिप्रीलिम्स + मेन्स

एक साल के प्रयास के बावजूद अरावली पर्वत श्रृंखला की सीमाओं को परिभाषित करने में विफल रहने पर

चर्चा में क्यों: एक साल के प्रयास के बावजूद अरावली पर्वत श्रृंखला की सीमाओं को परिभाषित करने में विफल रहने पर, केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट की ओर से अवमानना कार्यवाही (contempt proceedings) के संबंध में चेतावनी मिली है।

सरकार ने 2019 की राष्ट्रीय खनिज नीति (National Mineral Policy) के साथ पारिस्थितिक अखंडता (ecological integrity) के बीच संतुलन बनाने के लिए एक नई उप-समिति का गठन किया है। इस समिति ने अरावली की परिभाषा तय करने के लिए केवल ढलान (slope) और रिलीफ (relief) का उपयोग करने वाले पिछले प्रयासों से हटकर, ऊंचाई (elevation) और स्थानीय रिलीफ (local relief) दोनों को मापदंड के रूप में उपयोग करने का निर्णय लिया है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यअरावली रेंज भारत के चार राज्यों में फैली हुई है।
  • विज्ञान-तकनीक2019 की नेशनल मिनरल पॉलिसी (National Mineral Policy) आर्थिक विकास के लिए माइनिंग को बढ़ावा देती है।
  • स्थानअरावली को पहाड़ियों की एक प्राचीन श्रृंखला (ancient range) के रूप में वर्णित किया गया है।
  • तथ्यनई सब-कमेटी रेंज को परिभाषित करने के लिए एलिवेशन (elevation) और स्थानीय राहत (local relief) को मापदंड के रूप में उपयोग करती है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: अरावली जैसे पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में पारिस्थितिक संरक्षण और खनिज निष्कर्षण के मध्य अंतर्निहित संघर्ष का विश्लेषण कीजिए। जैव विविधता से समझौता किए बिना सतत खनन के लक्ष्यों को कैसे प्राप्त किया जा सकता है? चर्चा कीजिए।

  • पॉलिसी टकराव: 2019 नेशनल मिनरल पॉलिसी के उद्देश्यों और पारिस्थितिक अखंडता के आदेशों के बीच संतुलन
  • रेगुलेटरी अस्पष्टता: स्पष्ट भौगोलिक सीमाओं की कमी से प्रभावी पर्यावरण प्रवर्तन में बाधा
  • न्यायिक निगरानी: प्रशासनिक देरी के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण लागू करने में सुप्रीम कोर्ट की भूमिका

मुख्य शब्द: पारिस्थितिक अखंडता · सस्टेनेबल माइनिंग · पॉलिसी की परिभाषा · न्यायिक सक्रियता · मिनरल पॉलिसी

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

रेलवे मंत्रालय ने रेल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाने के लिए 2030 तक 48 प्रमुख शहरों में ट्रेनों की शुरुआती क्षमता (originating train capacity) को दोगुना करने की योजना की घोषणा की है

चर्चा में क्यों: रेलवे मंत्रालय ने रेल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाने के लिए 2030 तक 48 प्रमुख शहरों में ट्रेनों की शुरुआती क्षमता (originating train capacity) को दोगुना करने की योजना की घोषणा की है।

मंत्रालय की योजना मौजूदा टर्मिनलों में अतिरिक्त प्लेटफॉर्म और स्टेबलिंग लाइन्स (stabling lines) जोड़ने और शहरी क्षेत्रों में या उनके आसपास नए टर्मिनल बनाने की है। इस योजना को सभी 48 शहरों के लिए तत्काल, अल्पकालिक और दीर्घकालिक कार्यों में वर्गीकृत किया जाएगा।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यलक्ष्य: 2030 तक 48 प्रमुख शहरों में ओरिजिनेटिंग ट्रेन की क्षमता को दोगुना करना।
  • तथ्यइंफ्रास्ट्रक्चर के घटक: अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, स्टैबलिंग लाइन्स (stabling lines), नए टर्मिनल और मेंटेनेंस फैसिलिटीज़ (maintenance facilities)।
  • तथ्यप्लानिंग: कार्यों को तत्काल (immediate), अल्पकालिक (short-term) और दीर्घकालिक (long-term) श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाना चाहिए।
मेन्स के लिए

प्रश्न: रेलवे टर्मिनल क्षमता और स्टैबलिंग (stabling) बुनियादी ढांचे के विस्तार से शहरी भीड़भाड़ को कम करने और भारत की बहु-आयामी रसद (multimodal logistics) दक्षता को बढ़ाने में किस प्रकार सहायता मिल सकती है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • अर्बन-रेल इंटीग्रेशन: नए टर्मिनल्स के लिए लैंड एक्विजिशन और बढ़ते अर्बन फुटप्रिंट के बीच संतुलन
  • ऑपरेशनल बॉटलनैक्स: पीक-ऑवर ट्रेन फ्रीक्वेंसी मैनेज करने के लिए स्टेबलिंग लाइन्स की कमी को दूर करना
  • लॉजिस्टिक्स एफिशिएंसी: सेक्शनल कैपेसिटी बढ़ाकर मालगाड़ी और यात्री ट्रेनों का टर्नअराउंड टाइम कम करना

मुख्य शब्द: मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स · इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ोतरी · स्थिर रेखाएं · सेक्शनल कैपेसिटी · शहरी कनेक्टिविटी

GS3अर्थव्यवस्था › बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDIप्रीलिम्स

भारत के डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ ट्रेड रिमेडीज (DGTR) ने घरेलू उत्पादकों को कम कीमत पर होने वाले आयात से बचाने के लिए चीनी रेफ्रिजरेंट गैस और स्टील उत्पादों पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी (Anti-dumping duty) लगाई है

चर्चा में क्यों: भारत के डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ ट्रेड रिमेडीज (DGTR) ने घरेलू उत्पादकों को कम कीमत पर होने वाले आयात से बचाने के लिए चीनी रेफ्रिजरेंट गैस और स्टील उत्पादों पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी (Anti-dumping duty) लगाई है।

एंटी-डंपिंग ड्यूटी (Anti-dumping duty) की दर 223.82 डॉलर से लेकर 5,251 डॉलर प्रति टन तक निर्धारित की गई है और यह उपाय पांच साल की अवधि के लिए लागू है। ये कदम DGTR द्वारा चीनी निर्यात पर की गई अलग-अलग जांच के बाद शुरू किए गए थे।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाDGTR: Directorate General of Trade Remedies वह संस्था है जो डंपिंग (dumping) और सब्सिडी (subsidies) की जांच के लिए जिम्मेदार है।
  • तथ्यएंटी-डंपिंग ड्यूटी की रेंज: $223.82 से $5,251 प्रति टन।
  • तथ्यलागू किए गए कर्तव्यों की अवधि: पांच वर्ष।
  • तथ्यउत्पादों का उद्गम: चीन।
मेन्स के लिए

प्रश्न: विश्व व्यापार संगठन (WTO) के ढांचे के भीतर निष्पक्ष व्यापार के सिद्धांतों को बनाए रखते हुए घरेलू उद्योगों के संरक्षण में एंटी-डंपिंग शुल्क के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • ट्रेड इम्बैलेंस: घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को प्रेडेटरी प्राइसिंग और सब्सिडी वाले विदेशी एक्सपोर्ट से बचाना
  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: ट्रेड लिबरलाइजेशन और इंडस्ट्रियल प्रोटेक्शनिज्म के बीच संतुलन बनाने में DGTR की भूमिका
  • WTO कंप्लायंस: घरेलू व्यापार बाधाओं को अंतरराष्ट्रीय फेयर-ट्रेड दायित्वों के साथ जोड़ना

मुख्य शब्द: एंटी-डंपिंग ड्यूटी · ट्रेड रेमेडीज़ · घरेलू उद्योगों का संरक्षण · WTO फ्रेमवर्क · व्यापार असंतुलन

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधानप्रीलिम्स + मेन्स

दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक याचिका पर हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया है

चर्चा में क्यों: दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक याचिका पर हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया है। यह याचिका बिगड़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एयर प्यूरीफायर (Air Purifiers) को मेडिकल डिवाइस (Medical Devices) के रूप में वर्गीकृत कर उन पर GST कम करने से संबंधित है।

अधिवक्ता कपिल मदान द्वारा दायर याचिका में एयर प्यूरीफायर (air purifiers) को मेडिकल डिवाइस के रूप में पुनर्वर्गीकृत करने की मांग की गई है। वर्तमान में एयर प्यूरीफायर पर GST की दर 18% है। कोर्ट ने GST काउंसिल को इस टैक्स में कटौती या इसके विलोपन पर विचार करने के लिए बैठक करने का निर्देश दिया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यएयर प्यूरीफायर पर वर्तमान GST रेट: 18%।
  • संस्थाGST काउंसिल: भारत में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (Goods and Services Tax) की दरों पर निर्णय लेने के लिए जिम्मेदार संस्था।
  • स्थानदिल्ली हाई कोर्ट: एयर प्यूरीफायर टैक्सेशन से संबंधित याचिका की निगरानी करने वाली न्यायिक संस्था।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में शहरी वायु प्रदूषण की समस्या के समाधान में सार्वजनिक स्वास्थ्य और राजकोषीय नीति के अंतर्संबंधों पर चर्चा कीजिए। क्या कर प्रोत्साहन (tax incentives) पर्यावरणीय स्वास्थ्य खतरों को प्रभावी ढंग से कम कर सकते हैं? का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • राजकोषीय नीति के ट्रेड-ऑफ: टैक्स कटौती से राजस्व हानि और वायु शोधन के सार्वजनिक स्वास्थ्य लाभों के बीच संतुलन
  • रेगुलेटरी क्लासिफिकेशन: नॉन-क्लिनिकल एनवायरनमेंटल प्रोटेक्शन टूल्स के लिए 'मेडिकल डिवाइसेस' को परिभाषित करने में चुनौतियां

मुख्य शब्द: राजकोषीय संघवाद · सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति · पर्यावरण सुधार · टैक्सेशन रिफॉर्म

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