यूपीएससी सिविल सेवा GS2 (राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध) के सामाजिक न्याय भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 1,356 नोट्स, रोज़ अपडेट।
पाठ्यक्रम के विषय: शिक्षा नीति (451) · स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्य (449) · कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे) (418) · गरीबी, भूख एवं पोषण (35) · मानव संसाधन एवं कौशल विकास (3)
चर्चा में क्यों: कर्नाटक कैबिनेट ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की 'जीरो-टिकट' प्रणाली को सुव्यवस्थित करने के लिए शक्ति योजना (Shakti Scheme) के लाभार्थियों को स्मार्ट कार्ड वितरित करने की मंजूरी दी है।
शक्ति योजना के तहत कर्नाटक में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा प्रदान की जाती है। स्मार्ट कार्डों का वितरण सेवा सिंधु पोर्टल या बैंगलोर वन और कर्नाटक वन केंद्रों के माध्यम से किया जाएगा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
योजनाशक्ति योजना (Shakti Scheme): कर्नाटक में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा कार्यक्रम।
संस्थासेवा सिंधु: कर्नाटक में स्मार्ट कार्ड वितरण के लिए पोर्टल।
स्थानबैंगलोर वन और कर्नाटक वन: कार्ड वितरण के केंद्र।
मेन्स के लिए
प्रश्न: शक्ति योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं के डिजिटलीकरण से प्रशासनिक दक्षता कैसे बढ़ सकती है और महिलाओं तक लाभों की लक्षित पहुंच कैसे सुनिश्चित की जा सकती है, इस पर चर्चा कीजिए।
डेटा इंटीग्रिटी: यूनिक स्मार्ट कार्ड आइडेंटिफायर्स के जरिए मैनुअल टिकटिंग एरर्स और धोखाधड़ी वाले क्लेम्स में कमी
लास्ट-माइल एक्सेसिबिलिटी: डिजिटल-फर्स्ट वितरण और बैंगलोर वन केंद्रों जैसे फिजिकल एक्सेस पॉइंट्स के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: डिजिटल गवर्नेंस · जेंडर मेनस्ट्रीमिंग · प्रशासनिक दक्षता · टारगेटेड डिलीवरी · डेटा की सटीकता
चर्चा में क्यों: इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने एक अध्ययन किया है, जिसमें पाया गया है कि दवा-प्रतिरोधी तपेदिक (MDR/RR-TB) के लिए छह महीने की छोटी और पूरी तरह से मौखिक दवा वाली रेजिमेन (regimens) भारत में लागत प्रभावी (cost-effective) हैं।
ICMR के अध्ययन में BPaL और BPaLM रेजिमेन (regimens) की तुलना नेशनल टीबी एलिमिनेशन प्रोग्राम (NTEP) के तहत वर्तमान में उपयोग किए जा रहे लंबे रेजिमेन से की गई। निष्कर्षों से पता चलता है कि MDR/RR-TB के प्रबंधन के लिए ये छोटे रेजिमेन कम लागत में बेहतर स्वास्थ्य परिणाम प्रदान करते हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाICMR: इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च।
योजनाNTEP: National TB Elimination Programme (राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम)।
तथ्यMDR/RR-TB के लिए शॉर्टर रेजिमेंस (Shorter regimens) को छह महीने के ऑल-ओरल ट्रीटमेंट (all-oral treatments) के रूप में पहचाना गया है।
तथ्यBPaL और BPaLM को लागत प्रभावी (cost-effective) के रूप में पहचाने गए विशिष्ट रेजिमेन (regimens) के रूप में चिह्नित किया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के अंतर्गत, लागत प्रभावी और संक्षिप्त उपचार पद्धतियों को अपनाने से भारत के क्षय रोग उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने में किस प्रकार गति मिल सकती है, इसका विश्लेषण कीजिए।
रिसोर्स ऑप्टिमाइजेशन: प्रति-पेशेंट लागत कम करने और एडहेरेंस सुधारने के लिए ट्रीटमेंट की अवधि घटाना
क्लिनिकल इफ़िकेसी: छोटे ट्रीटमेंट साइकल और मल्टी-ड्रग रेजिस्टेंट (MDR) स्ट्रेन के मैनेजमेंट के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: लागत-प्रभावशीलता · ड्रग-रेसिस्टेंट ट्यूबरकुलोसिस · संसाधन अनुकूलन · सार्वजनिक स्वास्थ्य हस्तक्षेप · NTEP
चर्चा में क्यों: केरल हाई कोर्ट ने एक शिक्षक के खिलाफ दर्ज मामले को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने फैसला सुनाया कि अनुशासन बनाए रखने के लिए दी जाने वाली न्यूनतम शारीरिक सजा (corporal punishment) जुवेनाइल जस्टिस एक्ट या BNS के तहत अपराध नहीं है।
केरल हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि शिक्षक द्वारा छड़ी का उपयोग करना कोई अपराध नहीं है क्योंकि इसमें नुकसान पहुँचाने का कोई इरादा नहीं था। कोर्ट ने यह माना कि छात्रों के अनुशासन के लिए शिक्षकों के पास उचित शारीरिक दंड (corporal punishment) का उपयोग करने का निहित अधिकार है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाकेरल हाई कोर्ट: न्यायिक निकाय जिसने शिक्षक के आपराधिक मामले को रद्द कर दिया।
अधिनियम / विधेयकजुवेनाइल जस्टिस एक्ट (Juvenile Justice Act): कॉर्पोरल पनिशमेंट (corporal punishment) की वैधता के संबंध में उद्धृत कानून।
तथ्यकोर्ट ने विशिष्ट कोड़े मारने की घटना में नुकसान पहुँचाने के इरादे का कोई सबूत नहीं पाया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: शिक्षा के अधिकार और बाल संरक्षण कानूनों के आलोक में भारतीय विद्यालयों में शारीरिक दंड की कानूनी और नैतिक सीमाओं का विश्लेषण कीजिए।
कानूनी अस्पष्टता: 'उचित' शारीरिक दंड और शारीरिक शोषण के बीच स्पष्ट वैधानिक परिभाषाओं की कमी
शिक्षा में बदलाव: पारंपरिक अनुशासनात्मक तरीकों और आधुनिक बाल-केंद्रित शैक्षिक ढांचे के बीच टकराव
मुख्य शब्द: शारीरिक दंड · जुवेनाइल जस्टिस एक्ट · भारतीय न्याय संहिता · शिक्षा का अधिकार · न्यायिक व्याख्या
चर्चा में क्यों: द हिंदू के एक संपादकीय में तर्क दिया गया है कि भारत की ड्रग पॉलिसी (drug policy) डार्विनियन सिद्धांतों (Darwinian principles) द्वारा रेखांकित एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) की विकासवादी वास्तविकता को ध्यान में रखने में विफल रही है।
यह लेख जीवाणु अनुकूलन (bacterial adaptation) और शासन संबंधी प्रतिक्रियाओं के बीच संरचनात्मक अंतराल पर प्रकाश डालता है। इसमें 'एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस' (Antimicrobial Resistance - AMR) की जटिलता को दूर करने के लिए 'वन हेल्थ' (One Health) फ्रेमवर्क का उपयोग करने वाले 'नेशनल एक्शन प्लान ऑन एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस' का संदर्भ दिया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (1)
योजनाएंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (Antimicrobial Resistance) पर नेशनल एक्शन प्लान: AMR से निपटने के लिए भारत का फ्रेमवर्क।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में रोगाणुरोधी प्रतिरोध (AMR) से निपटने के लिए 'वन हेल्थ' (One Health) ढांचे के कार्यान्वयन में आने वाली चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
स्ट्रक्चरल लैग: बैक्टीरिया के तेज़ विकास और धीमी रेगुलेटरी पॉलिसी अपडेट के बीच का अंतर
इंटीग्रेशन गैप: रूटीन क्लिनिकल हेल्थकेयर डिलीवरी सिस्टम में 'वन हेल्थ' सिद्धांतों को शामिल करने में कठिनाई
इवोल्यूशनरी ओवरसाइट: मौजूदा ड्रग पॉलिसी में एंटीबायोटिक्स को इवोल्यूशनरी इंटरवेंशन के रूप में न मानना
मुख्य शब्द: एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस · वन हेल्थ · विकासवादी हस्तक्षेप · स्ट्रक्चरल लैग · सार्वजनिक स्वास्थ्य गवर्नेंस
चर्चा में क्यों: एक विश्लेषण इस बात पर जोर देता है कि सिस्टम में मौजूद भेदभाव और सुरक्षित रोजगार की कमी के कारण, उच्च नामांकन के बावजूद, महिलाएं और हाशिए पर रहने वाले समूह STEM (Science, Technology, Engineering, and Mathematics) क्षेत्रों में लंबे समय तक अपना करियर जारी रखने में बाधाओं का सामना कर रहे हैं।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग विज्ञान के क्षेत्र में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए प्रोजेक्ट GATI और WISE-KIRAN जैसी पहलों को लागू कर रहा है। इन बाधाओं में मेंटरशिप (Mentorship), फंडिंग तक असमान पहुंच और जाति, धर्म और विकलांगता के आधार पर होने वाला भेदभाव शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाविज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (Department of Science and Technology - DST) भारत में विज्ञान संबंधी पहलों के लिए नोडल बॉडी है।
योजनाProject GATI और WISE-KIRAN, STEM में महिलाओं को समर्थन देने के लिए DST की विशिष्ट पहलें हैं।
तथ्यSTEM करियर में बाधाओं में इंटर्नशिप और फंडिंग के अवसरों तक असमान पहुंच शामिल है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) क्षेत्र में महिलाओं और हाशिए पर रहने वाले समूहों के लिए दीर्घकालिक करियर स्थिरता प्राप्त करने में आने वाली प्रणालीगत बाधाओं का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
संस्थागत पक्षपात: हाशिए पर मौजूद पहचानों के लिए समावेशी मेंटरशिप और फंडिंग स्ट्रक्चर की कमी
लेबर मार्केट फ्रिक्शन: महिला साइंस ग्रेजुएट्स के लिए सुरक्षित नौकरी के अवसरों की कमी
इंटरसेक्शनलिटी: वैज्ञानिक शोध में जाति, धर्म और विकलांगता के आधार पर होने वाला मिला-जुला भेदभाव
मुख्य शब्द: सिस्टमैटिक बायस · समावेशी विज्ञान · STEM सस्टेनेबिलिटी · हाशिए पर रहने वाले समूह · संस्थागत जवाबदेही
चर्चा में क्यों: केरल सरकार ने निजी क्षेत्र के श्रमिकों की मृत्यु होने पर उनके परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए 'रक्षकवचम' (Rakshakavacham) दुर्घटना बीमा योजना शुरू की है।
यह योजना किसी श्रमिक की आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में ₹5 लाख की तत्काल सहायता प्रदान करती है। इसे वेज सिक्योरिटी स्कीम (Wage Security Scheme) में नामांकित श्रमिकों के लिए कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस एजेंसी ऑफ केरल (CHIAK) द्वारा लागू किया जाता है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
योजनारक्षकवचम (Rakshakavacham): केरल में प्राइवेट सेक्टर के वर्कर्स के लिए एक एक्सीडेंट इंश्योरेंस स्कीम।
तथ्यइस योजना का लक्ष्य 25 लाख श्रमिकों को कवर करना है।
तथ्यइस स्कीम के लिए वार्षिक योगदान ₹150 निर्धारित किया गया है।
संस्थाCHIAK (Comprehensive Health Insurance Agency of Kerala) कार्यान्वयन निकाय (implementing body) है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के विकसित होते श्रम परिदृश्य में अनौपचारिक और निजी क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा ढाँचों के महत्व पर चर्चा कीजिए।
कवरेज गैप: फॉर्मल वेज सिक्योरिटी स्कीम के बाहर अनऑर्गनाइज्ड वर्कर्स तक पहुँचना मुश्किल
राजकोषीय स्थिरता: कम लागत वाले वार्षिक योगदान और उच्च-मूल्य वाले तत्काल मृत्यु लाभ के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: सामाजिक सुरक्षा · श्रम कल्याण · जोखिम कम करना · अनौपचारिक अर्थव्यवस्था · पब्लिक पॉलिसी
चर्चा में क्यों: कर्नाटक के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में 23,395 पूर्व देवदासी महिलाओं की पहचान की गई है, जो 2007-2008 के आंकड़ों की तुलना में लगभग 50% की गिरावट दर्शाते हैं।
यह सर्वेक्षण 15 सितंबर से 31 दिसंबर, 2025 के बीच कर्नाटक के 15 जिलों में आयोजित किया गया था। इसमें 23,395 पूर्व देवदासी महिलाओं को दर्ज किया गया, जो 2007-2008 के अध्ययन में दर्ज 46,660 की तुलना में काफी कम है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्य2025 के सर्वे में कर्नाटक के 15 जिलों में 23,395 पूर्व देवदासी महिलाओं की पहचान की गई।
तथ्य2007-2008 के अध्ययन के बाद से देवदासी (Devadasi) की संख्या में लगभग 50% की गिरावट आई है।
संस्थायह सर्वे कर्नाटक के Women and Child Development Department द्वारा किया गया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: कर्नाटक में देवदासी समुदाय द्वारा सामना की जाने वाली सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों की चर्चा कीजिए और वर्तमान पुनर्वास उपायों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन कीजिए।
सोशल मोबिलिटी की बाधाएं: मुख्यधारा की रोज़गार और शिक्षा तक पहुँच में रुकावट डालने वाला पुराना कलंक
संस्थागत कमियाँ: अंतर-जाति विवाह के लिए लक्षित कौशल विकास और वित्तीय प्रोत्साहन की ज़रूरत
डेटा-आधारित नीति: पुनर्वास योजनाओं की प्रभावशीलता को ट्रैक करने में समय-समय पर होने वाले सर्वे का महत्व
मुख्य शब्द: सामाजिक गतिशीलता · पुनर्वास · सामाजिक-आर्थिक पिछड़ापन · सशक्तीकरण · लक्षित हस्तक्षेप
चर्चा में क्यों: केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने सार्वजनिक शिक्षा में ₹5,000 करोड़ के निवेश के बाद मुंदेरी गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल को राज्य के पहले इंटीग्रेटेड इंटरनेशनल स्कूल (Integrated International School) के रूप में घोषित किया है।
केरल सरकार ने सार्वजनिक शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए ₹5,000 करोड़ का निवेश किया है। बुनियादी ढांचे, पाठ्यपुस्तक वितरण और शैक्षणिक मानकों में सुधार के लिए 'पब्लिक एजुकेशन प्रोटेक्शन मिशन' (Public Education Protection Mission) 2016 से सक्रिय है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्य₹5,000 करोड़: सार्वजनिक शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए केरल सरकार द्वारा कुल निवेश।
योजनापब्लिक एजुकेशन प्रोटेक्शन मिशन (Public Education Protection Mission): केरल की एक पहल जो 2016 से इंफ्रास्ट्रक्चर और एकेडमिक स्टैंडर्ड्स को बेहतर बनाने के लिए सक्रिय है।
स्थानमुंदेरी गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल: केरल का पहला इंटीग्रेटेड इंटरनेशनल स्कूल।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में सार्वभौमिक और निःशुल्क शिक्षा प्राप्त करने के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु सार्वजनिक शिक्षा प्रणालियों में अंतर्राष्ट्रीय मानकों को एकीकृत करने के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
इंफ्रास्ट्रक्चर समानता: सरकारी फंडिंग के जरिए प्राइवेट इंटरनेशनल स्कूलों और पब्लिक संस्थानों के बीच के अंतर को कम करना
करिकुलम सुधार: ग्लोबल एकेडमिक स्टैंडर्ड्स और लोकल कल्चरल और लिंग्विस्टिक कॉन्टेक्स्ट के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: सार्वभौमिक शिक्षा · पब्लिक-प्राइवेट तालमेल · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · अकादमिक मानक
चर्चा में क्यों: तेलंगाना सरकार स्वास्थ्य सेवाओं की इंटरऑपरेबिलिटी (interoperability) में सुधार करने और डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड को सुव्यवस्थित करने के लिए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (HFR) लागू कर रही है।
तेलंगाना ने 12 प्राथमिक स्वास्थ्य पैकेज प्रदान करने वाले 5,050 आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAMs) शुरू किए हैं। राज्य ने eSanjeevani टेलीमेडिसिन प्लेटफॉर्म को ABDM के साथ एकीकृत किया है, जिसके परिणामस्वरूप 27.72 लाख आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) बनाए गए हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाHFR: Health Facility Registry, Ayushman Bharat Digital Mission (ABDM) का एक हिस्सा है।
तथ्यतेलंगाना ने 5,050 आयुष्मान आरोग्य मंदिर (Ayushman Arogya Mandirs - AAMs) चालू कर दिए हैं।
तथ्यतेलंगाना में 27.72 लाख आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट्स (ABHA) बनाए गए हैं।
विज्ञान-तकनीकeSanjeevani, ABDM के साथ एकीकृत (integrated) एक नेशनल टेलीमेडिसिन प्लेटफॉर्म है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य सेवा वितरण और अंतर-संचालनीयता (interoperability) को बेहतर बनाने में डिजिटल स्वास्थ्य रजिस्ट्रियों और टेलीमेडिसिन प्लेटफार्मों के एकीकरण की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
डेटा प्राइवेसी: अलग-अलग हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स के बीच डेटा शेयरिंग की ज़रूरत और मरीज की गोपनीयता के बीच संतुलन
डिजिटल डिवाइड: कम स्मार्टफोन पहुंच या खराब इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले लोगों के लिए ABDM सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करना
मुख्य शब्द: इंटरऑपरेबिलिटी · डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड्स · टेलीमेडिसिन · सार्वजनिक स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर · डेटा इंटीग्रेशन
चर्चा में क्यों: केरल सरकार 'Scholar Connect' लॉन्च कर रही है, जो केरल स्टेट हायर एजुकेशन काउंसिल (KSHEC) द्वारा विकसित एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य दुनिया भर में फैले केरल के प्रवासियों (Diaspora) के साथ शैक्षणिक जुड़ाव को बढ़ावा देना है।
'स्कॉलर कनेक्ट' (Scholar Connect) प्लेटफॉर्म केरल के उच्च शिक्षा संस्थानों और वैश्विक विशेषज्ञों के बीच मेंटरशिप, गेस्ट लेक्चर और शोध सहयोग के लिए एक मंच प्रदान करता है। इसने पहले ही MIT और क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन जैसे संस्थानों से 100 से अधिक प्रवासी विशेषज्ञों (diaspora experts) को आकर्षित किया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाKSHEC: केरल स्टेट हायर एजुकेशन काउंसिल (Kerala State Higher Education Council) 'Scholar Connect' पहल के लिए समन्वयकारी संस्था है।
तथ्यScholar Connect ने विभिन्न देशों से 100 से अधिक डायस्पोरा (diaspora) विशेषज्ञों को आकर्षित किया है।
विज्ञान-तकनीकScholar Connect में फैकल्टी मेंबर्स के लिए एक वर्चुअल मेंटरशिप सिस्टम है, जिससे वे डायस्पोरा एक्सपर्ट्स से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय राज्यों में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और अनुसंधान उत्पादन को बढ़ाने के लिए वैश्विक प्रवासी (डायस्पोरा) की क्षमता का लाभ उठाने की संभावनाओं पर चर्चा कीजिए।
नॉलेज ट्रांसफर: ग्लोबल एकेडमिक स्टैंडर्ड्स और रीजनल इंस्टीट्यूशनल कैपेसिटी के बीच की दूरी को कम करना
संस्थागत तालमेल: रिसर्च सहयोग को बढ़ावा देने के लिए राज्य-नेतृत्व वाले डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए प्रवासी जुड़ाव को औपचारिक रूप देना
मुख्य शब्द: नॉलेज ट्रांसफर · मानव पूंजी · डिजिटल गवर्नेंस · शैक्षणिक सहयोग · डायस्पोरा जुड़ाव
चर्चा में क्यों: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने घोषणा की कि 'पुदुमई पन्न' (Pudhumai Penn) योजना के वित्तीय सहायता के कारण महिलाओं के उच्च शिक्षा नामांकन में 34% की वृद्धि हुई है।
पुदुमई पेन (Pudhumai Penn) योजना के अंतर्गत तमिलनाडु की छात्राओं को मासिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। राज्य योजना आयोग (State Planning Commission) के एक अध्ययन के अनुसार, इस योजना ने आठ लाख से अधिक छात्राओं को लाभ पहुँचाया है, जिसमें शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक प्रभाव देखा गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
योजनापदुमई पन्न (Pudhumai Penn): तमिलनाडु सरकार की एक योजना जो उच्च शिक्षा के लिए छात्राओं को मासिक वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
तथ्यतमिलनाडु में महिलाओं के उच्च शिक्षा नामांकन में 34% की वृद्धि का श्रेय Pudhumai Penn योजना को दिया गया है।
तथ्यपुदुमई पेन (Pudhumai Penn) योजना से आठ लाख से अधिक छात्राओं को लाभ हुआ है।
स्थानतमिलनाडु: वह राज्य जहाँ Pudhumai Penn स्कीम लागू की जाती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: 'पुडुमई पेन' जैसी लक्षित वित्तीय सहायता योजनाओं के माध्यम से उच्च शिक्षा में लैंगिक अंतराल को पाटने और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने की क्षमता का विश्लेषण कीजिए।
डेमोग्राफिक शिफ्ट: टारगेटेड सब्सिडी के जरिए शिक्षा के अवसर में ग्रामीण-शहरी अंतर को दूर करना
आर्थिक सशक्तिकरण: ग्रामीण क्षेत्रों में परिवारों के लिए अवसर लागत कम करना ताकि लड़कियों की स्कूली शिक्षा आसान हो सके
मुख्य शब्द: लैंगिक समानता · लक्षित हस्तक्षेप · मानव पूंजी निर्माण · ग्रामीण विकास · वित्तीय समावेशन
चर्चा में क्यों: कर्नाटक के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग (DSEL) ने अतिक्रमण को रोकने और विकास को बढ़ावा देने के लिए 18,791 अपंजीकृत सरकारी स्कूल की जमीनों को पंजीकृत करने के लिए एक नए विधेयक का प्रस्ताव दिया है।
स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग (DSEL) ने कर्नाटक में 18,791 अनावृत भूमियों की पहचान की है। स्कूल डेवलपमेंट एंड मॉनिटरिंग कमेटी (SDMC) अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए इस पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा करने की वकालत कर रही है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाDSEL: कर्नाटक में स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग (Department of School Education and Literacy)।
तथ्यकर्नाटक में वर्तमान में 18,791 सरकारी स्कूल की जमीनों का औपचारिक रजिस्ट्रेशन (registration) नहीं है।
संस्थाSDMC: स्कूल डेवलपमेंट एंड मॉनिटरिंग कमेटी (School Development and Monitoring Committee) स्कूल की निगरानी के लिए जिम्मेदार है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के लिए स्पष्ट भूमि स्वामित्व के अभाव से शैक्षिक विकास और स्कूल निगरानी तंत्र के प्रभावी कार्यान्वयन में आने वाली बाधाओं का विश्लेषण कीजिए।
कानूनी अड़चन: औपचारिक लैंड टाइटल के बिना अतिक्रमणकारियों के खिलाफ बेदखली की कार्यवाही शुरू करने में असमर्थता
विकास में रुकावट: मालिकाना हक के दस्तावेज़ों की कमी से इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड में बाधा
प्रशासनिक चूक: एसेट मैपिंग और स्थानीय कमेटियों द्वारा सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा में कमजोरी
मुख्य शब्द: एसेट मैपिंग · अतिक्रमण · सार्वजनिक बुनियादी ढांचा · संस्थागत जवाबदेही · कानूनी सहारा
चर्चा में क्यों: पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (PAC) ने ट्रेनों की सफाई में 'जाति व्यवस्था' (caste system) के लिए भारतीय रेलवे की आलोचना की है। कमेटी ने प्रीमियम और नियमित यात्री ट्रेनों के बीच स्वच्छता के स्तर में भारी अंतर को रेखांकित किया है।
PAC ने लंबी दूरी की ट्रेनों की स्वच्छता पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट की समीक्षा की। समिति ने कर्मचारियों की कमी और बजट की सीमाओं को प्रणालीगत चुनौतियों के रूप में पहचाना। इसके साथ ही, शिकायतों के लिए एक डिजिटल डैशबोर्ड और समय-समय पर ऑडिट करने की सिफारिश की गई।
प्रीलिम्स बिंदु (1)
तथ्यPAC ने सभी रेलवे ज़ोन में स्वच्छता संबंधी समस्याओं के लिए एक समान शिकायत निवारण तंत्र (grievance redress mechanism) और एक डिजिटल डैशबोर्ड की सिफारिश की।
मेन्स के लिए
प्रश्न: रेलवे स्वच्छता जैसे सार्वजनिक बुनियादी ढांचे में व्याप्त प्रणालीगत असमानताएं व्यापक सामाजिक विषमताओं को किस प्रकार प्रतिबिंबित करती हैं? समान सेवा वितरण सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक उपायों का विश्लेषण कीजिए।
सेवा में असमानता: प्रीमियम और जनरल क्लास के यात्रियों के बीच संसाधनों का असमान आवंटन
संस्थागत बाधा: स्टाफ की भारी कमी और बजट की सीमाएं समान स्वच्छता मानकों में रुकावट डाल रही हैं
अकाउंटेबिलिटी गैप: समान सर्विस क्वालिटी सुनिश्चित करने के लिए स्टैंडर्डाइज्ड ग्रीवेंस रिड्रेसल और समय-समय पर ऑडिट की ज़रूरत
मुख्य शब्द: सामाजिक समानता · सार्वजनिक जवाबदेही · इंफ्रास्ट्रक्चर में असमानता · सेवा वितरण · प्रणालीगत असमानता
चर्चा में क्यों: महाराष्ट्र सरकार की त्रि-भाषा पैनल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें प्राथमिक शिक्षा में त्रि-भाषा फॉर्मूला (Three-language formula) और AI/ICT के एकीकरण की सिफारिश की गई है।
नरेन्द्र जाधव की अध्यक्षता वाली आठ सदस्यीय समिति ने महाराष्ट्र सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी है। इस रिपोर्ट में प्राथमिक शिक्षा के लिए त्रि-भाषा सूत्र (three-language formula) और कक्षा 1 से ही AI और ICT के एकीकरण की सिफारिश की गई है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदनरेन्द्र जाधव: महाराष्ट्र में त्रि-भाषा फॉर्मूला (three-language formula) पर आठ सदस्यीय समिति के प्रमुख।
तथ्यकमेटी ने ग्रेड 1 से स्कूली शिक्षा में AI और ICT के एकीकरण (integration) की सिफारिश की है।
स्थानमहाराष्ट्र: राज्य सरकार थ्री-लैंग्वेज फॉर्मूला (three-language formula) रिपोर्ट की समीक्षा कर रही है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: महाराष्ट्र जैसे भाषाई रूप से विविध राज्य में सांस्कृतिक संरक्षण और शैक्षिक आधुनिकीकरण के बीच संतुलन बनाते हुए त्रि-भाषा सूत्र को लागू करने की चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
भाषाई घर्षण: राष्ट्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय भाषाई पहचान और स्वायत्तता के बीच संतुलन
शिक्षा पद्धति में बदलाव: ग्रामीण-शहरी डिजिटल अंतर को कम करने के लिए प्राथमिक शिक्षा में AI और ICT को शामिल करना
पॉलिसी रेजिस्टेंस: भाषाई थोपने की धारणा बनाम बहुभाषावाद के फायदों पर चर्चा
मुख्य शब्द: भाषाई विविधता · बहुभाषीवाद · शिक्षा में पेडागोजिकल इंटीग्रेशन · शिक्षा नीति · सांस्कृतिक पहचान
चर्चा में क्यों: नदिया जिले के एक ईंट भट्ठे से चमरु माझी और उनके परिवार को बचाए गए मामले ने यह उजागर किया है कि 1976 में इसके कानूनी रूप से खत्म होने के बावजूद, पश्चिम बंगाल में बंधुआ मजदूरी (Bonded Labor) की समस्या अब भी बनी हुई है।
यह बचाव कार्य जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और तहेरपुर पुलिस स्टेशन द्वारा एक संयुक्त अभियान के रूप में किया गया था। वर्ष 2023 और 2026 के बीच, पश्चिम बंगाल में बंधुआ मजदूरों के 76 बचाव दर्ज किए गए, जिनमें से कई को तमिलनाडु से मुक्ति प्रमाण पत्र प्राप्त हुए।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यपश्चिम बंगाल में 2023 और 2026 के बीच बंधुआ मजदूरों के 76 रेस्क्यू (rescues) दर्ज किए गए।
तथ्यभारत में बंधुआ मजदूरी (Bonded labor) को 1976 में कानूनी रूप से समाप्त कर दिया गया था।
स्थानयह रेस्क्यू पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में हुआ।
संस्थाडिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (DLSA) ने रेस्क्यू ऑपरेशन में भाग लिया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में कानूनी निषेधों के बावजूद बंधुआ मजदूरी को निरंतर बनाए रखने वाले सामाजिक-आर्थिक कारकों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए और इसके उन्मूलन में कानूनी सेवाओं की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
संस्थागत अंतर: ईंट भट्टों और कंस्ट्रक्शन साइट्स जैसे इनफॉर्मल सेक्टर्स की अपर्याप्त मॉनिटरिंग
सामाजिक-आर्थिक जाल: हाशिए के समुदायों के लिए फॉर्मल क्रेडिट की कमी से कर्ज की गुलामी का चक्र
अंतर-राज्यीय पलायन: पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों के बीच जाने वाले मजदूरों की ट्रैकिंग और पुनर्वास में जटिलता
मुख्य शब्द: ऋण बंधन · कमज़ोर वर्ग · कानूनी सहायता · अनौपचारिक अर्थव्यवस्था · मानवाधिकार
चर्चा में क्यों: केरल सरकार ने राज्य के विश्वविद्यालयों को इनोवेशन हब (Innovation Hubs) में बदलने के लिए 'केरल रिसर्च एंड डेवलपमेंट विजन फॉर हायर एजुकेशन: टुवर्ड्स 2031 एंड बियॉन्ड' (Kerala Research and Development Vision for Higher Education: Towards 2031 and Beyond) की घोषणा की है।
यह नीतिगत दस्तावेज़ शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता और सार्वजनिक नीति को एकीकृत करने वाले एक शोध-उन्मुख इकोसिस्टम (research-oriented ecosystem) का प्रस्ताव करता है। यह पूरे राज्य में डिजिटल प्लेटफॉर्म, व्यक्तिगत शिक्षण परिवेश (personalized learning environments) और साझा अनुसंधान बुनियादी ढांचे (shared research infrastructure) की वकालत करता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्ययह विजन डॉक्यूमेंट (Vision document) वर्ष 2031 और उसके बाद के लक्ष्यों को लक्षित करता है।
स्थानइस नीति के विजन को केरल के तिरुवनंतपुरम में आयोजित एक कॉन्क्लेव (conclave) में प्रस्तुत किया गया था।
पदआर. बिंदू केरल की उच्च शिक्षा मंत्री हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: केरल जैसे राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ाने के लिए अनुसंधान को उद्यमिता और सार्वजनिक नीति के साथ एकीकृत करने की प्रक्रिया पर चर्चा कीजिए।
संस्थागत तालमेल: नौकरी के अवसर पैदा करने के लिए अकादमिक रिसर्च और इंडस्ट्रियल एप्लीकेशन के बीच की दूरी को कम करना
इंफ्रास्ट्रक्चर इक्विटी: साझा रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए क्षेत्रीय असमानता को दूर करना
चर्चा में क्यों: केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने राज्य के कौशल विकास क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए 25 कार्यक्रमों की घोषणा की है, ताकि प्रशिक्षण को बाजार की मांग के अनुरूप बनाया जा सके।
केरल सरकार 'स्किल सेक्रेटेरिएट', मेट्रो और रेल टेक्नोलॉजी के लिए एक संस्थान और ड्रोन टेक्नोलॉजी इनोवेशन पार्क स्थापित करने की योजना बना रही है। ये पहल राज्य की 15वीं पंचवर्षीय योजना का हिस्सा हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
योजनास्किल सेक्रेटेरिएट (Skill Secretariat): केरल में स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स की निगरानी के लिए प्रस्तावित एक प्रशासनिक निकाय।
स्थानकेरल: 25-प्रोग्राम मॉडर्नाइजेशन प्लान (25-programme modernization plan) को लागू करने वाला राज्य।
तथ्य15th Five-Year Plan: वह प्लानिंग फ्रेमवर्क (planning framework) जिसके तहत इन स्किल डेवलपमेंट इनिशिएटिव्स (skill development initiatives) को लॉन्च किया जा रहा है।
विज्ञान-तकनीकड्रोन टेक्नोलॉजी इनोवेशन पार्क: ड्रोन से संबंधित स्किल ट्रेनिंग और इनोवेशन के लिए एक नियोजित सुविधा।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में शैक्षिक परिणामों और बाजार की मांगों के बीच मौजूद संरचनात्मक बेमेल को दूर करने में विकेंद्रीकृत कौशल विकास तंत्र और उद्योग-संरेखित प्रशिक्षण किस प्रकार सहायक हो सकते हैं, चर्चा कीजिए।
संस्थागत बाधा: ड्रोन और मेट्रो रेल जैसी उभरती टेक्नोलॉजी के लिए विशेष ट्रेनिंग सेंटर्स की कमी
मार्केट-एजुकेशन गैप: एकेडमिक करिकुलम और हाई-टेक स्किल्स के लिए बदलती इंडस्ट्रियल जरूरतों के बीच अंतर
विकेंद्रीकरण: क्षेत्रीय रोज़गार असमानताओं को दूर करने के लिए लोकल स्किल मैपिंग की संभावना
मुख्य शब्द: कौशल विकास · विकेंद्रीकृत तंत्र · मार्केट अलाइनमेंट · मानव संसाधन विकास · व्यावसायिक प्रशिक्षण
चर्चा में क्यों: विशेषज्ञों और लैंसेट रीजनल हेल्थ (Lancet Regional Health) में प्रकाशित एक अध्ययन का तर्क है कि भारत में एनीमिया और G6PD की कमी के व्यापक प्रसार के कारण HbA1c टेस्ट टाइप-2 डायबिटीज के निदान में भ्रम पैदा कर सकता है।
Lancet Regional Health: Southeast Asia में प्रकाशित एक अध्ययन दक्षिण एशिया में मधुमेह (Diabetes) के निदान के लिए एक मल्टीपैरामीट्रिक दृष्टिकोण (multiparametric approach) का सुझाव देता है। इस अध्ययन में फोर्टिस C-DOC सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर डायबिटीज के डॉ. अनूप मिश्रा और जोशी क्लिनिक, मुंबई के शशांक जोशी जैसे विशेषज्ञ शामिल हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकHbA1c: टाइप-2 डायबिटीज के निदान और निगरानी के लिए इस्तेमाल होने वाला एक स्टैंडर्ड टेस्ट।
तथ्यभारतीय आबादी में G6PD deficiency और haemoglobinopathies को ऐसे कारकों के रूप में पहचाना गया है जो HbA1c के नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं।
विज्ञान-तकनीकमल्टीपैरामीट्रिक अप्रोच (Multiparametric approach): इसमें ओरल ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट (Oral Glucose Tolerance Test), ब्लड ग्लूकोज की सेल्फ-मॉनिटरिंग और कंटीन्यूअस ग्लूकोज मॉनिटरिंग शामिल है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की विविध जनसंख्या में गैर-संचारी रोगों के निदान के मानकीकरण में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और सटीक स्वास्थ्य सेवा वितरण हेतु एक बहु-पैरामीट्रिक रूपरेखा का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
क्लिनिकल ओवरसाइट: गलत डायग्नोसिस से बचने के लिए बायोकेमिकल मार्कर्स के साथ हेमेटोलॉजिक असेसमेंट को जोड़ना ज़रूरी
तकनीकी समानता: कंटीन्यूअस ग्लूकोज मॉनिटरिंग को अपनाने और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: गैर-संचारी रोग · डायग्नोस्टिक एक्यूरेसी · मल्टीपैरामीट्रिक अप्रोच · सार्वजनिक स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर · महामारी विज्ञान संबंधी विविधता
चर्चा में क्यों: कार्यकर्ताओं और वेत्ती विमोचन कोएलिशन (VVC) ने आंध्र प्रदेश में बचाए गए श्रमिकों को मिलने वाली वित्तीय सहायता में देरी पर चिंता जताते हुए बॉन्डेड लेबर सिस्टम (एबोलिशन) एक्ट, 1976 के सख्त कार्यान्वयन की मांग की है।
आंध्र प्रदेश ने बंधुआ मजदूरी प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 (Bonded Labour System (Abolition) Act, 1976) की 50वीं वर्षगांठ मनाई। जनवरी 2023 से अब तक 440 लोगों को मुक्त कराया गया है, लेकिन 209 व्यक्ति अभी भी 'सेंट्रल सेक्टर स्कीम फॉर रिहैबिलिटेशन ऑफ बॉन्डेड लेबर-2021' के तहत मिलने वाली ₹30,000 की वित्तीय सहायता की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
अधिनियम / विधेयकबंधुआ श्रम प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 (Bonded Labour System (Abolition) Act, 1976)।
योजनाबंधुआ मजदूर पुनर्वास के लिए केंद्रीय क्षेत्र की योजना-2021 (Central Sector Scheme for Rehabilitation of Bonded Labourer-2021) ₹30,000 की वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
तथ्यफरवरी 2026 तक आंध्र प्रदेश में 209 व्यक्ति वित्तीय सहायता (financial assistance) की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
स्थानआंध्र प्रदेश में 2026 में इस एक्ट (Act) की 50वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बंधुआ मजदूरी प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 के अस्तित्व के बावजूद, बंधुआ मजदूरों के पुनर्वास में आने वाली प्रणालीगत बाधाओं का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
संस्थागत अंतर: निगरानी के लिए नियमित विजिलेंस कमिटी और स्टेट एक्शन प्लान की कमी
वित्तीय अड़चन: 2021 केंद्रीय सेक्टर स्कीम के तहत ₹30,000 का पुनर्वास अनुदान देने में देरी
सामाजिक कलंक: व्यापक पुनर्वास की कमी से बचाए गए श्रमिकों का शोषण जारी
मुख्य शब्द: बंधुआ मज़दूर · पुनर्वास · सतर्कता समितियाँ · सामाजिक न्याय · सिस्टमेटिक इम्प्लीमेंटेशन
चर्चा में क्यों: कर्नाटक सरकार ने 2026 में शिक्षक भर्ती के नियमों में संशोधन किया है, जिसमें B.Ed. और D.Ed. के अंकों के बजाय प्रतियोगी परीक्षा के स्कोर को प्राथमिकता दी गई है। इस फैसले के कारण निजी कोचिंग के बढ़ते प्रभाव को लेकर उम्मीदवारों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
कर्नाटक सरकार ने 2026 में शिक्षक भर्ती नियमों में संशोधन किया है, जिसके तहत B.Ed. और D.Ed. पाठ्यक्रमों से प्राप्त अंकों के वेटेज (weightage) को कम कर दिया गया है। नए नियमों के अनुसार, चयन के लिए प्राथमिक मानक के रूप में प्रतियोगी परीक्षाओं के अंकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्य2026 कर्नाटक टीचर रिक्रूटमेंट रूल संशोधन में B.Ed. और D.Ed. मार्क्स का वेटेज (weightage) कम कर दिया गया है।
स्थानभर्ती नियमों में बदलाव कर्नाटक सरकार द्वारा लागू किए गए।
मेन्स के लिए
प्रश्न: शिक्षक भर्ती में शैक्षणिक योग्यताओं के स्थान पर प्रतियोगी परीक्षाओं के अंकों को प्राथमिकता देने के प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा कीजिए।
शिक्षा का क्षरण: व्यावहारिक क्लासरूम अनुभव और टीचिंग मेथोडोलॉजी के बजाय रट्टा मारने की क्षमता को प्राथमिकता देने का जोखिम
शिक्षा का कमर्शियलाइजेशन: निजी कोचिंग सेंटर्स द्वारा आर्थिक रूप से पिछड़े उम्मीदवारों के लिए बाधाएं पैदा करने की संभावना
संस्थागत ईमानदारी: टीचर की क्षमता के गुणात्मक मूल्यांकन के साथ स्टैंडर्डाइज्ड टेस्टिंग मैट्रिक्स को संतुलित करना
मुख्य शब्द: शिक्षण क्षमता · शिक्षा की समानता · योग्यता आधारित व्यवस्था · कोचिंग कल्चर · शिक्षक प्रोफेशनलाइजेशन
चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट के 2025 के एक फैसले के बाद, एक दृष्टिबाधित वकील, थान्या नथान को केरल में पहली दृष्टिबाधित महिला जज के रूप में चुना गया है।
थन्या नथान ने बेंचमार्क विकलांगता वाले व्यक्तियों की मेरिट लिस्ट में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्हें केरल में सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के पद पर नियुक्त किया जा रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
पदथन्या नथान: केरल की पहली दृष्टिबाधित महिला जज।
तथ्यथन्या नथान ने बेंचमार्क डिसेबिलिटी (benchmark disabilities) वाले व्यक्तियों की मेरिट लिस्ट में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में मानक विकलांगता वाले व्यक्तियों के लिए एक समावेशी और सुलभ न्यायिक बुनियादी ढांचे को सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक उपायों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: टैक्टाइल पाथ और ब्रेल-इनेबल्ड कोर्ट सुविधाओं की कमी
पॉलिसी में बदलाव: बहिष्करण वाले मानदंडों से हटकर दिव्यांगों के लिए योग्यता आधारित समावेश की ओर कदम
प्रक्रियात्मक बाधाएं: न्यायिक कार्यवाही में विशेष ट्रेनिंग और असिस्टिव टेक्नोलॉजी की ज़रूरत
मुख्य शब्द: समावेशिता · बेंचमार्क डिसेबिलिटीज · न्यायिक पहुंच · योग्यता आधारित चयन · सामाजिक न्याय
चर्चा में क्यों: परिवहन विभाग ने सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को तत्काल सहायता प्रदान करने वाले 'गुड समरिटन्स' (Good Samaritans) को ₹25,000 का नकद प्रोत्साहन और प्रमाण पत्र देने के लिए 'राह-वीर' योजना की घोषणा की है।
राह-वीर योजना एक राज्य-स्तरीय पहल है, जिसके तहत परिवहन विभाग सड़क दुर्घटनाओं के दौरान जान बचाने वाले व्यक्तियों को पुरस्कृत करता है। जिला-स्तरीय समितियाँ चयन प्रक्रिया और प्रचार-प्रसार के लिए जिम्मेदार हैं, जबकि परिवहन आयुक्त द्वारा प्रोत्साहन राशि वितरित की जाती है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
योजनाराह-वीर स्कीम (Rah-Veer Scheme): गुड समरिटन्स को ₹25,000 और सर्टिफिकेट देने के लिए एक राज्य स्तरीय पहल।
संस्थाडिस्ट्रिक्ट-लेवल कमिटी: राह-वीर स्कीम की चयन प्रक्रिया और प्रचार (publicity) की निगरानी के लिए जिम्मेदार निकाय।
तथ्यदुर्घटना के पीड़ितों को तत्काल सहायता प्रदान करने वाले व्यक्तियों के लिए कैश इंसेंटिव (Cash incentive) की राशि: ₹25,000।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को कम करने और आपातकालीन चिकित्सा प्रतिक्रिया में सुधार के लिए 'नेक मददगार' (Good Samaritans) को प्रोत्साहित करने के महत्व पर चर्चा कीजिए।
संस्थागत बाधा: जिला कमेटियों और इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज के बीच बेहतर तालमेल की ज़रूरत
कानूनी सुरक्षा: बचाव अभियान के दौरान गुड सामरिटन्स को मुकदमेबाजी या उत्पीड़न से बचाना
मुख्य शब्द: गुड समरीटन · इमरजेंसी रिस्पॉन्स · सार्वजनिक प्रोत्साहन · सड़क सुरक्षा · सिविल सोसाइटी एंगेजमेंट
चर्चा में क्यों: तमिलनाडु सरकार 'द बैनियन' (The Banyan) द्वारा संचालित 'होम अगेन' (Home Again) कार्यक्रम का मूल्यांकन कर रही है। इसका उद्देश्य बेघर मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों को उनके परिवारों के साथ फिर से जोड़ने के इस मॉडल को सभी जिलों में विस्तारित करना है।
'होम अगेन' (Home Again) कार्यक्रम एक NGO, 'द बैनियन' (The Banyan) द्वारा संचालित किया जाता है और वर्तमान में यह तमिलनाडु के पांच जिलों में सक्रिय है। यह कार्यक्रम मानसिक रूप से बीमार बेघर व्यक्तियों को उनके परिवारों के साथ फिर से जोड़ने, उन्हें आजीविका के अवसर प्रदान करने और समाज में पुन: एकीकरण (reintegration) के लिए सहायता देने पर केंद्रित है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाद बैनियन (The Banyan): एक NGO जो मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों के लिए 'होम अगेन' (Home Again) प्रोग्राम चलाता है।
तथ्ययह प्रोग्राम वर्तमान में तमिलनाडु के पांच जिलों में संचालित होता है।
पदएन. मुरुगनंदम: तमिलनाडु के चीफ सेक्रेटरी (Chief Secretary)।
पदसुप्रिया साहू: तमिलनाडु की पर्यावरण और वन सचिव।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में मानसिक स्वास्थ्य देखभाल और बेघर होने की चुनौतियों के समाधान में समुदाय-आधारित पुनर्वास और गैर-सरकारी संगठनों (NGO) एवं सरकार के बीच साझेदारी के महत्व पर चर्चा कीजिए।
संस्थागत बाधा: सतत मानसिक स्वास्थ्य पुनर्एकीकरण के लिए निरंतर फंडिंग और कम्युनिटी एंगेजमेंट की कमी
सर्विस डिलीवरी गैप: संस्थागत देखभाल और पूर्ण सामाजिक पुनर्गठन के बीच की दूरी को पाटने के लिए 'हाफवे होम' पहल की ज़रूरत
मुख्य शब्द: कम्युनिटी-आधारित पुनर्वास · मानसिक स्वास्थ्य पुनर्एकीकरण · पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · सामाजिक समावेश · आजीविका के अवसर
चर्चा में क्यों: भारत सरकार ने 2026 के बजट में मानसिक स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए दूसरे NIMHANS की स्थापना करने और आयुष्मान भारत योजना में मानसिक स्वास्थ्य को शामिल करने के उपायों की घोषणा की है।
2026 के बजट में दूसरे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज (NIMHANS) की स्थापना और मौजूदा संस्थानों के उन्नयन (Upgradation) को शामिल किया गया है। उप-स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य को आयुष्मान भारत योजना में एकीकृत किया जा रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाNIMHANS: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज।
योजनाआयुष्मान भारत: इसमें मानसिक स्वास्थ्य एकीकरण (Mental health integration) के लिए अपग्रेड किए गए सब-हेल्थ सेंटर्स और प्राइमरी हेल्थ सेंटर्स शामिल हैं।
तथ्यमानसिक स्वास्थ्य बजट आवंटन: कुल स्वास्थ्य बजट का 2% से कम।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में सुलभ मानसिक स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने में आने वाली चुनौतियों की चर्चा कीजिए और प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल योजनाओं में मानसिक स्वास्थ्य को एकीकृत करने की प्रभावशीलता का मूल्यांकन कीजिए।
संसाधनों की कमी: प्रशिक्षित मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल्स और पोस्टग्रेजुएट छात्रों के लिए मान्यता प्राप्त ट्रेनिंग प्रोग्राम्स की कमी
फंडिंग गैप: बजट आवंटन में कमी (2% से कम) बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में बाधा
मॉडल शिफ्ट: संस्थागत देखभाल से कम्युनिटी-आधारित और शुरुआती हस्तक्षेप मॉडल की ओर बदलाव
मुख्य शब्द: प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा · कम्युनिटी-आधारित इंटरवेंशन · बजट आवंटन · मानसिक स्वास्थ्य का एकीकरण · स्वास्थ्य सेवा इन्फ्रास्ट्रक्चर
चर्चा में क्यों: कर्नाटक सरकार ने विपक्ष के विरोध और स्कूली लड़कियों के साथ संभावित कलंक (stigmatization) से जुड़ी चिंताओं के कारण 'विमेन वेल बीइंग लीव बिल, 2025' (Women Well Being Leave Bill, 2025) को रोक दिया है।
प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य 18-52 वर्ष की आयु की महिलाओं को एक दिन की मासिक धर्म अवकाश (menstrual leave) प्रदान करना था। एक सरकारी आदेश (GO) के माध्यम से पहले निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को इस नीति के दायरे में शामिल किया गया था, जिसके बाद सरकारी कर्मचारियों को भी इसमें शामिल किया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यWomen Well Being Leave Bill, 2025: 18-52 वर्ष की आयु की महिलाओं के लिए प्रस्तावित लीव (Leave)।
स्थानकर्नाटक: राज्य सरकार द्वारा मेंस्ट्रुअल लीव (Menstrual Leave) पॉलिसी का प्रस्ताव।
पदथवरचंद गहलोत: कर्नाटक के राज्यपाल जिन्होंने इस पॉलिसी की सराहना की।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में मासिक धर्म अवकाश (menstrual leave) नीतियों को लागू करने के सामाजिक-कानूनी निहितार्थों पर चर्चा कीजिए, जिसमें कार्यस्थल समावेशिता और सामाजिक कलंक को दूर करने की आवश्यकता के बीच संतुलन स्थापित करना आवश्यक है। चर्चा कीजिए।
सामाजिक कलंक: शैक्षिक और पेशेवर परिवेश में माहवारी से जुड़े वर्जनाओं को और मजबूत करने का जोखिम
कार्यान्वयन में रुकावट: प्राइवेट बनाम पब्लिक सेक्टर कवरेज को लेकर कानूनी बाधाएं और प्रशासनिक भ्रम
मुख्य शब्द: जेंडर इनक्लूसिविटी · सामाजिक कलंक · वर्कप्लेस पॉलिसी · विधायी परामर्श · महिला स्वास्थ्य
चर्चा में क्यों: केरल सरकार ने 2023-24 के बजट में स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (Spinal Muscular Atrophy - SMA) से पीड़ित मरीजों के इलाज की सुविधाओं के लिए ₹30 करोड़ आवंटित किए हैं।
यह पहल 2022 में तिरुवनंतपुरम के SAT अस्पताल में एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुई थी। इसका दायरा 2023 में सात वर्ष तक के बच्चों से बढ़ाकर 2024 में बारह वर्ष तक के बच्चों तक विस्तारित किया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यकेरल सरकार ने 2023-24 के बजट में SMA ट्रीटमेंट के लिए ₹30 करोड़ आवंटित किए।
स्थानSAT हॉस्पिटल, तिरुवनंतपुरम, SMA ट्रीटमेंट के लिए पायलट प्रोजेक्ट साइट के रूप में कार्य किया।
तथ्य2024 में SMA ट्रीटमेंट कवरेज को बढ़ाकर बारह वर्ष तक के बच्चों को शामिल किया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा के लक्ष्यों की प्राप्ति में स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (Spinal Muscular Atrophy) जैसी दुर्लभ आनुवंशिक विकारों के लिए राज्य-नेतृत्व वाले बजटीय आवंटन के महत्व पर चर्चा कीजिए।
वित्तीय स्थिरता: दुर्लभ बीमारियों के लिए महंगे इलाज बनाम सीमित राज्य स्वास्थ्य बजट
स्वास्थ्य सेवा में समानता: विशेषज्ञ बाल चिकित्सा देखभाल तक पहुँचने में भौगोलिक और आर्थिक बाधाओं को दूर करना
मुख्य शब्द: यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज · दुर्लभ बीमारियाँ · सार्वजनिक स्वास्थ्य खर्च · राज्य की पहल
चर्चा में क्यों: राज्य सरकार द्वारा संचालित अनाथालयों में पल रहे व्यक्तियों को मताधिकार से वंचित होने का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने मतदाता सूची (electoral roll) में संशोधन के लिए माता-पिता के वंश (parental lineage) का प्रमाण मांगा है।
भारत निर्वाचन आयोग ने उन व्यक्तियों को सुनवाई के नोटिस जारी किए हैं, जिनमें पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा संचालित एक अनाथालय के पूर्व निवासी भी शामिल हैं, जिनके पास माता-पिता के वंश (parental lineage) से संबंधित प्रमाण नहीं हैं। इन व्यक्तियों के पास व्यक्तिगत पहचान पत्र तो हैं, लेकिन वे SIR (राज्य-स्तरीय मतदाता सूची) संशोधन के विशिष्ट नियमों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाभारत निर्वाचन आयोग (ECI) मतदाता सूची (electoral roll) में संशोधन के लिए जिम्मेदार संस्था है।
तथ्ययह मुद्दा विशेष रूप से राज्य द्वारा संचालित अनाथालयों और चैरिटी होम्स (charity homes) में पलने वाले व्यक्तियों से संबंधित है।
स्थानयह विशिष्ट मामला पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा संचालित एक अनाथालय के निवासी से संबंधित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अनाथालयों में पलने वाले व्यक्तियों के मतदान के अधिकार के संबंध में उत्पन्न होने वाली संवैधानिक चुनौतियों और समावेशी चुनावी दिशा-निर्देशों की आवश्यकता का विश्लेषण कीजिए।
पहचान का संकट: चुनावी पात्रता के लिए 'अनाथ' नागरिकों की वंशावली तय करने हेतु कानूनी ढांचे की कमी
प्रशासनिक बाधा: SIR संशोधन के सख्त नियम गैर-पारंपरिक पारिवारिक संरचनाओं को अपनाने में विफल
संवैधानिक टकराव: संस्थागत बच्चों के लिए यूनिवर्सल एडल्ट फ्रैफरेज के संबंध में आर्टिकल 326 का संभावित उल्लंघन
मुख्य शब्द: सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार · संस्थागत बच्चे · मतदाता अधिकार से वंचित करना · पहचान का अधिकार · समावेशी शासन
चर्चा में क्यों: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और DSEL के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2020-21 और 2025-26 के बीच कर्नाटक में 3,617 सरकारी स्कूल बंद हो गए।
कर्नाटक में सरकारी स्कूलों की संख्या 2015-16 में 47.1 लाख से घटकर 2025-26 में 46,174 रह गई है। यह गिरावट निजी गैर-सहायता प्राप्त (private unaided) स्कूलों में बढ़ते नामांकन और शिक्षा के लिए केंद्र सरकार द्वारा मिलने वाले कम फंड के साथ मेल खाती है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्य2020-21 और 2025-26 के बीच कर्नाटक में 3,617 सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए।
तथ्यकर्नाटक में सरकारी स्कूलों की संख्या 2015-16 में 47.1 लाख से घटकर 2025-26 में 46,174 रह गई।
संस्थाDepartment of School Education and Literacy (DSEL) आधिकारिक स्कूल डेटा प्रदान करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे में गिरावट और सार्वजनिक वित्तपोषण में कमी के कारण हाशिए पर रहने वाले वर्गों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुलभता पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
पब्लिक-प्राइवेट अंतर: निजी बिना सहायता वाले नामांकन में बढ़ोतरी से कम आय वाले परिवारों के छात्र हाशिए पर जा सकते हैं
राजकोषीय बाधा: केंद्र सरकार की कम फंडिंग और ग्रामीण सरकारी स्कूलों के बंद होने के बीच संबंध
इंफ्रास्ट्रक्चर का क्षरण: घटते सरकारी स्कूलों के कारण राइट टू एजुकेशन का सार्वभौमिक पहुंच का लक्ष्य प्रभावित
मुख्य शब्द: शिक्षा की समानता · सार्वजनिक फंडिंग · इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी · निजी-सार्वजनिक असमानता · शिक्षा का अधिकार
चर्चा में क्यों: कर्नाटक सरकार ने रेडियोलॉजिस्ट की कमी को दूर करने और मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए कार्यरत MBBS डॉक्टरों के लिए छह महीने का अल्ट्रासोनोग्राफी प्रशिक्षण कार्यक्रम (ultrasonography training program) स्वीकृत किया है।
यह कार्यक्रम स्वास्थ्य विभाग के भीतर कार्यरत MBBS डॉक्टरों को लक्षित करता है, जिसका उद्देश्य 114 नए रेडियोलॉजिस्ट पदों का सृजन करना है। प्रशिक्षण कर्नाटक के 11 निर्धारित अस्पतालों में आयोजित किया जाएगा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यअल्ट्रासोनोग्राफी (Ultrasonography) के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम की अवधि छह महीने निर्धारित की गई है।
तथ्यकर्नाटक सरकार का लक्ष्य इस पहल के माध्यम से 114 नए रेडियोलॉजिस्ट (Radiologist) पदों का सृजन करना है।
स्थानयह ट्रेनिंग कर्नाटक राज्य के 11 निर्धारित अस्पतालों में आयोजित की जाएगी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ग्रामीण और अर्ध-शहरी भारत में विशिष्ट चिकित्सा सेवाओं की कमी को दूर करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के कौशल सेट में विविधता लाने के महत्व की चर्चा कीजिए।
ह्यूमन रिसोर्स बॉटलनैक: रेडियोलॉजिस्ट की कमी से प्रसवपूर्व और प्रसवोत्तर डायग्नोस्टिक सेवाओं में देरी
स्किल-गैप कम करना: सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में ज़रूरी डायग्नोस्टिक सेवाएं देने के लिए MBBS डॉक्टरों को ट्रेनिंग देना
सेवा वितरण: बेहतर मातृ और शिशु स्वास्थ्य परिणाम के लिए विशेषज्ञ तैनाती को तर्कसंगत बनाना
मुख्य शब्द: ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट · सार्वजनिक स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर · मातृ और शिशु स्वास्थ्य · कौशल विविधीकरण · स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच
चर्चा में क्यों: मंत्रीशरण प्रकाश पाटिल ने सभी सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के लोगों के लिए उच्च शिक्षा तक पहुंच में सुधार करने के उद्देश्य से राज्य के हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की योजना की घोषणा की।
इस पहल का लक्ष्य प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करना है, जिसके लिए पहले चरण में रामनगर और बागलकोट जिलों का चयन किया गया है। नर्सिंग कोर्स शुरू किए जाने के बाद, यादगीर जिले को एक हेल्थ हब (Health Hub) के रूप में विकसित किया जा रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यमेडिकल कॉलेज स्थापना के पहले चरण के लिए रामनगर और बागलकोट जिलों को चुना गया है।
स्थानकर्नाटक के यादगीर जिले को एक हेल्थ हब (health hub) के रूप में विकसित किया जा रहा है।
संस्थाघोषणा में इंडियन एसोसिएशन ऑफ मेडिकल माइक्रोबायोलॉजिस्ट — कर्नाटक चैप्टर (IAMM-KC) को मान्यता दी गई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे का विकेंद्रीकरण स्वास्थ्य सेवा और उच्च शिक्षा तक पहुंच में क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करने में किस प्रकार सहायक हो सकता है, चर्चा कीजिए।
इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: ग्रामीण और कम सेवा वाले जिलों में टर्शियरी हेल्थकेयर सुविधाओं की कमी को दूर करना
सामाजिक-आर्थिक समानता: पिछड़े वर्गों के छात्रों के लिए मेडिकल डिग्री हासिल करने में वित्तीय और भौगोलिक बाधाओं को कम करना
मुख्य शब्द: विकेंद्रीकरण · स्वास्थ्य सेवा इन्फ्रास्ट्रक्चर · शिक्षा में समानता · क्षेत्रीय असमानता · सार्वजनिक स्वास्थ्य तक पहुँच
चर्चा में क्यों: मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के भारी खर्च पर चिंता जताई और किफायती सर्जरी उपलब्ध कराने के लिए केरल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट (Kerala Institute of Organ and Tissue Transplant) की स्थापना की घोषणा की।
केरल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट (Kerala Institute of Organ and Tissue Transplant) को केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (KIIFB) द्वारा वित्तपोषित किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने बताया कि यह परियोजना भारत में अपनी तरह की पहली परियोजना है, जिसका उद्देश्य प्रत्यारोपण (transplant) की लागत को कम करना और सस्ती दवाएं उपलब्ध कराना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाKIIFB: केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (Kerala Infrastructure Investment Fund Board) नए संस्थान के लिए फंडिंग बॉडी है।
तथ्यकेरल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट (Kerala Institute of Organ and Tissue Transplant) भारत में इस तरह का पहला संस्थान है।
स्थानयह प्रोजेक्ट केरल राज्य में स्थापित किया जा रहा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में सस्ती स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा कीजिए और चिकित्सा लागत को कम करने में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) तथा राज्य-वित्तपोषित बुनियादी ढांचे की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।
कीमतों में अंतर: प्राइवेट हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स द्वारा एक जैसे मेडिकल प्रोसीजर के लिए स्टैंडर्ड कीमतों की कमी
इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: सरकारी फंड वाली सीमित ट्रांसप्लांट सुविधाओं के कारण अंग प्रत्यारोपण की भारी लागत
किफायती संकट: जीवन रक्षक सर्जरी और महंगी प्रोप्राइटरी दवाओं के लिए मरीजों पर भारी वित्तीय बोझ
मुख्य शब्द: स्वास्थ्य सेवाओं की सामर्थ्य · सार्वजनिक बुनियादी ढांचा · कीमतों में पारदर्शिता · मेडिकल एथिक्स · राज्य का हस्तक्षेप
चर्चा में क्यों: मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मुख्य सचिव को गृह लक्ष्मी योजना के लाभार्थियों के लिए अनिवार्य जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) जमा करने की प्रणाली की समीक्षा करने का निर्देश दिया है, ताकि मृत्यु के बाद भुगतान होने से रोका जा सके।
गृह लक्ष्मी योजना के तहत अंत्योदय, BPL और APL राशन कार्ड रखने वाली पात्र महिला मुखियाओं को ₹2,000 की मासिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। अनिवार्य जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) के प्रस्ताव का आधार वे रिपोर्ट हैं, जिनमें यह सामने आया है कि समय-समय पर सत्यापन होने के बावजूद लाभार्थी की मृत्यु के बाद भी सहायता जारी रहती है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यगृह लक्ष्मी योजना पात्र महिला परिवार प्रमुखों को ₹2,000 की मासिक वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
तथ्यइस योजना के लिए पात्रता अंत्योदय, BPL और APL राशन कार्ड से जुड़ी है।
पददिनेश गूली गौड़ा स्टेट गारंटी अथॉरिटी के वाइस-चेयरमैन के रूप में कार्यरत हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) योजनाओं में सामाजिक कल्याण वितरण की अखंडता सुनिश्चित करने के लिए सुदृढ़ सत्यापन तंत्र के महत्व पर चर्चा कीजिए।
लीकेज रोकना: मौत के बाद भी फंड पाने वाले 'घोस्ट बेनिफिशियरीज' के मुद्दे पर कार्रवाई
प्रशासनिक बोझ: कमजोर वर्गों के लिए आसान पहुंच और समय-समय पर सत्यापन की आवश्यकता के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर · समाज कल्याण · घोस्ट बेनिफिशियरीज · सत्यापन तंत्र · लीकेज से बचाव
चर्चा में क्यों: एक रिपोर्ट में बताया गया है कि बंधुआ मजदूरी (Bonded Labour) उन्मूलन अधिनियम, 1976 के बावजूद, कार्यान्वयन में कमियों और न्यायिक प्रक्रियाओं में देरी के कारण तमिलनाडु में बंधुआ मजदूरी की समस्या अभी भी बनी हुई है।
बंधुआ श्रम प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम 1976 में अधिनियमित किया गया था। तमिलनाडु सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिए 2017 में एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) पेश किया था, लेकिन मामलों के निपटारे में अभी भी कई साल लग रहे हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
अधिनियम / विधेयकBonded Labour System (Abolition) Act को 1976 में लागू किया गया था।
तथ्यतमिलनाडु सरकार ने 2017 में बंधुआ मजदूरी के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (Standard Operating Procedure - SOP) पेश किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में विद्यमान कानूनी ढाँचों के बावजूद बंधुआ मजदूरी के उन्मूलन में आने वाली संस्थागत और विधायी बाधाओं का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
अंतर-विभागीय टकराव: लेबर, पुलिस और रिहैबिलिटेशन विभागों के बीच तालमेल की कमी
न्यायिक बैकलॉग: लंबे समय तक चलने वाले मुकदमे पीड़ितों के मुआवजे और पुनर्वास में देरी कर रहे हैं
पुनर्वास की कमी: कर्ज के जाल में दोबारा फंसने से रोकने के लिए आज़ादी के बाद अपर्याप्त सहायता के उपाय
मुख्य शब्द: ऋण बंधन · संरचनात्मक असमानता · पुनर्वास न्याय · विधायी कार्यान्वयन · कमज़ोर वर्ग
चर्चा में क्यों: तेलंगाना सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (T–SRDA) ने एक सर्वे जारी किया है, जिसमें तेलंगाना के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण कर्मचारियों की भारी कमी पर प्रकाश डाला गया है। इस सर्वे के अनुसार, यहाँ के 27 विभागों में कोई भी फैकल्टी (Faculty) मौजूद नहीं है।
T–SRDA सर्वेक्षण में पाया गया कि 27 विभाग-इकाइयां बिना किसी शिक्षण फैकल्टी के संचालित हो रही हैं और 150 से अधिक विभागों में प्रोफेसर या एसोसिएट प्रोफेसर की कमी है। रिपोर्ट यह दर्शाती है कि इन शैक्षणिक कमियों को पूरा करने के लिए कॉन्ट्रैक्टुअल नियुक्तियों और सीनियर रेजिडेंट्स पर अत्यधिक निर्भरता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यतेलंगाना सरकार के मेडिकल कॉलेजों में 27 डिपार्टमेंट-यूनिट्स (department-units) में वर्तमान में शून्य टीचिंग फैकल्टी (teaching faculty) है।
तथ्यराज्य के 150 से अधिक विभागों में प्रोफेसर या एसोसिएट प्रोफेसर (Associate Professors) की कमी है।
प्रश्न: भारत के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की भारी कमी का स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता और शैक्षणिक मानकों पर पड़ने वाले प्रभावों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
अकादमिक ईमानदारी: कॉन्ट्रैक्टुअल स्टाफ और रेजिडेंट्स पर निर्भरता के कारण क्लिनिकल ट्रेनिंग के प्रभावित होने का जोखिम
रेगुलेटरी कंप्लायंस: फैकल्टी-स्टूडेंट रेश्यो के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन मानकों का संभावित उल्लंघन
ह्यूमन रिसोर्स संकट: क्लिनिकल प्रैक्टिस और टीचिंग की दोहरी भूमिका निभाने वाले सीनियर रेजिडेंट्स का बर्नआउट
मुख्य शब्द: ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट · अकादमिक मानक · सार्वजनिक स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर · रेगुलेटरी कंप्लायंस · कॉन्ट्रैक्टुअल लेबर
चर्चा में क्यों: ब्लैक स्वान समिट इंडिया 2026 के दौरान, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ऑनलाइन धोखाधड़ी से निपटने और नागरिकों को सशक्त बनाने के लिए स्कूली पाठ्यक्रम में डिजिटल और वित्तीय साक्षरता (Financial Literacy) को शामिल करने पर जोर दिया।
ब्लैक स्वान समिट इंडिया 2026 (Black Swan Summit India 2026) का आयोजन भुवनेश्वर में किया गया, जिसमें नीति निर्माताओं, तकनीकी विशेषज्ञों और वित्तीय संस्थानों ने भाग लिया। इस शिखर सम्मेलन का मुख्य केंद्र AI, फिनटेक इनोवेशन (fintech innovation), सस्टेनेबल फाइनेंस (sustainable finance) और छोटे व्यवसायों का सशक्तिकरण रहा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने Black Swan Summit India 2026 को संबोधित किया।
स्थानब्लैक स्वान समिट इंडिया 2026 (Black Swan Summit India 2026) की मेजबानी भुवनेश्वर में की गई।
तथ्यसमिट में AI, fintech इनोवेशन और सस्टेनेबल फाइनेंस पर चर्चा की गई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में साइबर-धोखाधड़ी को कम करने और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्कूली पाठ्यक्रम में वित्तीय और डिजिटल साक्षरता को एकीकृत करने के महत्व पर चर्चा कीजिए।
कॉग्निटिव बैरियर: साइबर-फ्रॉड के तरीकों और डिजिटल पेमेंट सुरक्षा के बारे में जागरूकता की कमी
पेडागोजिकल शिफ्ट: थ्योरेटिकल एजुकेशन से प्रैक्टिकल फाइनेंशियल मैनेजमेंट और डिजिटल सेफ्टी की ओर बदलाव
संस्थागत तालमेल: शिक्षा मंत्रालय और वित्तीय रेगुलेटर्स के बीच सहयोग की ज़रूरत
मुख्य शब्द: वित्तीय साक्षरता · डिजिटल इन्क्लूजन · साइबर-फ्रॉड से बचाव · शिक्षा सुधार · फिनटेक इनोवेशन
चर्चा में क्यों: सुवर्ण आरोग्य सुरक्षा ट्रस्ट (SAST) ने बताया कि कर्नाटक में 2019 से अब तक पूरी तरह से राज्य द्वारा वित्तपोषित योजना के तहत 500 से अधिक BPL मरीजों को मुफ्त अंग प्रत्यारोपण (Organ Transplants) की सुविधा मिली है।
यह योजना 2019 में शुरू की गई थी, जो किडनी, हृदय, लिवर और बोन मैरो ट्रांसप्लांट को कवर करती है। यह BPL मरीजों के लिए सर्जिकल प्रक्रियाओं और आजीवन इम्यूनोसप्रेसेंट दवाओं (immunosuppression medications) दोनों के लिए व्यापक सहायता प्रदान करती है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
योजनासुवर्ण आरोग्य सुरक्षा ट्रस्ट (SAST) कर्नाटक में ऑर्गन ट्रांसप्लांट (organ transplant) योजना को लागू करने वाली संस्था है।
तथ्य2019 से इस स्कीम के तहत 500 से अधिक BPL मरीजों को ट्रांसप्लांट (transplants) प्राप्त हुए हैं।
तथ्ययह स्कीम किडनी, हार्ट, लिवर और बोन मैरो ट्रांसप्लांट्स को कवर करती है।
तथ्ययह स्कीम सर्जरी और आजीवन इम्यूनोसप्रेशन (immunosuppression) दवाओं, दोनों के लिए प्रावधान प्रदान करती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में समाज के कमजोर वर्गों के लिए स्वास्थ्य के अधिकार को सुनिश्चित करने में राज्य-वित्तपोषित स्वास्थ्य योजनाओं की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
वित्तीय इक्विटी: ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसी महंगी टर्शियरी प्रक्रियाओं के लिए अपनी जेब से होने वाले खर्च को कम करना
लॉजिस्टिक सस्टेनेबिलिटी: सर्जरी के बाद लाइफटाइम इम्यूनोसप्रेसन दवाओं की निरंतर सप्लाई सुनिश्चित करना
पब्लिक-प्राइवेट तालमेल: प्राइवेट टर्शियरी केयर इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ उठाने के लिए स्टेट-फंडेड मॉडल की क्षमता
मुख्य शब्द: स्वास्थ्य का अधिकार · टर्शियरी केयर · अपनी जेब से किया गया खर्च · सोशल सेफ्टी नेट · इम्यूनोसप्रेसन
चर्चा में क्यों: CPI(M) सांसद ए.ए. रहीम ने राज्यसभा में 'राइट टू डिस्कनेक्ट बिल' (Right to Disconnect Bill) पेश किया है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को 'ऑलवेज-ऑन' (always-on) डिजिटल कार्य संस्कृति से बचाना है।
यह विधेयक भारत के युवाओं पर निरंतर कार्य-संबंधी संचार (communication) के प्रभाव को लक्षित करता है, विशेष रूप से IT, प्लेटफॉर्म और सेवा क्षेत्रों (service sectors) में। यह प्रस्ताव करता है कि कंपनियों को कार्य के घंटे, काम के घंटों के बाद होने वाले अनुमेय संचार और मानसिक स्वास्थ्य उपायों को परिभाषित करने वाली नीतियां तैयार करनी होंगी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
अधिनियम / विधेयकराइट टू डिस्कनेक्ट बिल (Right to Disconnect Bill): आधिकारिक घंटों के बाद कार्य-संबंधी कम्युनिकेशन (communication) को विनियमित करने के लिए प्रस्तावित कानून।
तथ्यबिल के लक्षित क्षेत्रों में IT, प्लेटफॉर्म और सर्विस सेक्टर शामिल हैं।
तथ्ययह बिल कंपनियों के लिए अपनी नीतियों में मानसिक स्वास्थ्य और वेलनेस (wellness) को बढ़ावा देने के उपायों को शामिल करना अनिवार्य बनाता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: डिजिटल परिवर्तन के युग में भारतीय कार्यबल के मानसिक कल्याण को सुनिश्चित करनेके लिए 'अधिकार से विच्छेद' (Right to Disconnect) की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए।
वर्क-लाइफ बैलेंस: युवा वर्कफोर्स पर 'ऑलवेज-ऑन' कल्चर के मनोवैज्ञानिक असर पर चर्चा
रेगुलेटरी फ्रेमवर्क: कॉर्पोरेट ऑपरेशनल जरूरतों और कर्मचारियों के अवकाश और मानसिक स्वास्थ्य के अधिकारों के बीच संतुलन
सेक्टोरल असमानता: प्लेटफॉर्म और गिग इकोनॉमी के दबाव बनाम पारंपरिक सर्विस रोल्स को संबोधित करना
मुख्य शब्द: वर्क-लाइफ बैलेंस · डिजिटल लेबर · मानसिक स्वास्थ्य · श्रम अधिकार · डिस्कनेक्ट होने का अधिकार
चर्चा में क्यों: कर्नाटक स्टेट मेडिकल सप्लाइज़ कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KSMSCL) ने सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं की कमी को दूर करने के लिए 496 आवश्यक दवाओं की प्राथमिकता के आधार पर खरीद (priority procurement) शुरू की है।
KSMSCL कर्नाटक के स्वास्थ्य केंद्रों के लिए मौजूदा फंड से ₹50 करोड़ आवंटित कर रहा है। 496 दवाओं की खरीद प्रक्रिया मार्च 2026 के अंत तक पूरी होने वाली है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाKSMSCL: कर्नाटक स्टेट मेडिकल सप्लाइज़ कॉर्पोरेशन लिमिटेड।
तथ्यKSMSCL कर्नाटक में दवाओं की खरीद के लिए ₹50 करोड़ आवंटित कर रहा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों में आवश्यक दवाओं की निरंतर आपूर्ति श्रृंखला बनाए रखने में आने वाली संस्थागत चुनौतियों और दवाओं की कमी को दूर करने में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
लॉजिस्टिक बॉटलनैक: इनएफ़िशिएंट इन्वेंटरी मैनेजमेंट के कारण ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में ज़रूरी दवाओं की कमी
राजकोषीय बाधा: आपातकालीन खरीद के लिए समर्पित आवर्ती बजट के बजाय मौजूदा फंड आवंटन पर निर्भरता
मुख्य शब्द: सप्लाई चेन मैनेजमेंट · सार्वजनिक स्वास्थ्य इन्फ्रास्ट्रक्चर · आवश्यक दवाएं · खरीद में पारदर्शिता · राजकोषीय आवंटन