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भाग I · स्था. 11.2025 
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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स — यूपीएससी

यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 1,455 नोट्स, रोज़ अपडेट।

पाठ्यक्रम के विषय: IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंग (526) · अंतरिक्ष तकनीक (ISRO, मिशन) (351) · जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधान (248) · परमाणु एवं नई ऊर्जा तकनीक (206) · रक्षा तकनीक (120) · बौद्धिक संपदा अधिकार (4)

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नेट्सकोप थ्रेट लैब्स (Netskope Threat Labs) ने एक रिपोर्ट जारी की है

चर्चा में क्यों: नेट्सकोप थ्रेट लैब्स (Netskope Threat Labs) ने एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें बताया गया है कि व्यक्तिगत AI अकाउंट और क्लाउड एप्लिकेशन के उपयोग के कारण हेल्थकेयर सेक्टर में 89% GenAI से संबंधित डेटा पॉलिसी उल्लंघन (Data Policy Violations) होते हैं।

Netskope Threat Labs की रिपोर्ट दर्शाती है कि स्वास्थ्य सेवा संगठनों (healthcare organizations) को मरीजों के संवेदनशील डेटा लीक होने का अत्यधिक जोखिम है। यह रिपोर्ट कार्य-संबंधित कार्यों के लिए व्यक्तिगत GenAI खातों और व्यक्तिगत क्लाउड एप्लिकेशन (Google Drive, Gmail, OneDrive) के उपयोग को प्राथमिक जोखिम कारकों के रूप में पहचानती है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यGenAI के उपयोग से संबंधित सभी डेटा पॉलिसी उल्लंघनों में से 89% हेल्थकेयर सेक्टर में होते हैं।
  • विज्ञान-तकनीकNetskope Threat Labs ने Google Drive, Gmail और OneDrive जैसे पर्सनल क्लाउड एप्लिकेशंस को वर्क-रिलेटेड टास्क के लिए इस्तेमाल होने वाले टूल्स के रूप में पहचाना है, जो सिक्योरिटी रिस्क पैदा करते हैं।
  • विज्ञान-तकनीकयह रिपोर्ट GenAI डेटा मूवमेंट पर पूर्ण विजिबिलिटी और कंट्रोल प्रदान करने के लिए कंपनी-अनुमोदित एप्लिकेशंस (company-approved applications) की आवश्यकता पर जोर देती है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में जनरेटिव एआई (Generative AI) के एकीकरण से उत्पन्न होने वाली साइबर सुरक्षा चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और रोगी के डेटा की गोपनीयता की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।

  • डेटा संप्रभुता: संस्थागत निगरानी के बिना मरीज की जानकारी का थर्ड-पार्टी जेनएआई सर्वर्स पर जाने का जोखिम
  • शैडो आईटी: प्रोफेशनल हेल्थकेयर कार्यों के लिए कर्मचारियों द्वारा पर्सनल क्लाउड अकाउंट के इस्तेमाल की निगरानी में चुनौतियां
  • रेगुलेटरी गैप: हेल्थकेयर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में जेनएआई के इस्तेमाल के लिए स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल की ज़रूरत

मुख्य शब्द: डेटा प्राइवेसी · जेनरेटिव AI · साइबर सिक्योरिटी · शैडो आईटी · डेटा लीकेज · स्वास्थ्य सेवा शासन

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भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मार्च से मई तक संभावित हीटवेव (heatwave) की स्थिति के दौरान स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को कम करने के लिए एक सार्वजनिक एडवाइजरी जारी की है

चर्चा में क्यों: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मार्च से मई तक संभावित हीटवेव (heatwave) की स्थिति के दौरान स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को कम करने के लिए एक सार्वजनिक एडवाइजरी जारी की है।

IMD की एडवाइजरी मार्च से मई तक की अवधि को कवर करती है। यह अत्यधिक तापमान के दौरान हाइड्रेटेड रहने, हल्के कपड़े पहनने और भारी शारीरिक गतिविधियों से बचने जैसे विशिष्ट व्यवहारिक बदलावों की सिफारिश करती है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाIMD: इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (India Meteorological Department) वह एजेंसी है जो हीटवेव एडवाइजरी जारी करती है।
  • तथ्यहीटवेव अवधि: मार्च से मई के ग्रीष्म महीनों के दौरान होने की उम्मीद है।
  • तथ्यहाइड्रेशन सलाह: प्यास न लगने पर भी पानी पिएं और अल्कोहल के सेवन को सीमित करें।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में बढ़ती लू (heatwave) की आवृत्ति के सार्वजनिक स्वास्थ्य निहितार्थों की चर्चा कीजिए और प्रभावी सामुदायिक-स्तरीय हीट एक्शन प्लान (Heat Action Plans) के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: अर्बन हीट आइलैंड्स में सुलभ कूलिंग सेंटर और छायादार सार्वजनिक स्थानों की कमी
  • डेटा-आधारित प्रतिक्रिया: संवेदनशील आउटडोर वर्कर्स तक पहुँचने के लिए लोकल हीट-हेल्थ अर्ली वार्निंग सिस्टम की ज़रूरत

मुख्य शब्द: लू(Note: In the context of UPSC and Hindi newspapers, "Heatwave" is commonly referred to as "लू" or "लू की लहर") · सार्वजनिक स्वास्थ्य · अर्ली वार्निंग सिस्टम · क्लाइमेट एडैप्टेशन · शमन

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ओपनएआई (OpenAI) ने अमेरिकी युद्ध विभाग (DoW) के साथ अपने समझौते में संशोधन किया है

चर्चा में क्यों: ओपनएआई (OpenAI) ने अमेरिकी युद्ध विभाग (DoW) के साथ अपने समझौते में संशोधन किया है। यह कदम तब उठाया गया जब सीईओ सैम ऑल्टमैन ने स्वीकार किया कि यह सौदा 'लापरवाह' था और इसमें घरेलू निगरानी की सीमाओं के संबंध में स्पष्ट संवाद की कमी थी।

सैन्य AI के उपयोग से जुड़ी नैतिक चिंताओं पर उपयोगकर्ताओं और कर्मचारियों की प्रतिक्रिया के बाद, OpenAI ने अमेरिकी युद्ध विभाग (Department of War) के साथ अपने अनुबंध में संशोधन किया है। इसी तरह की चिंताओं के कारण अन्य अमेरिकी सरकारी एजेंसियों ने Anthropic के AI उत्पादों का उपयोग बंद कर दिया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकOpenAI: एक AI कंपनी जिसने सर्विलांस (surveillance) चिंताओं के कारण US Department of War (DoW) के साथ अपने समझौते में संशोधन किया।
  • विज्ञान-तकनीकएंथ्रोपिक (Anthropic): एक AI कंपनी जिसके प्रोडक्ट्स को एथिकल चिंताओं के कारण कई US सरकारी एजेंसियों द्वारा बंद कर दिया गया था।
  • पदसैम ऑल्टमैन: OpenAI के CEO जिन्होंने स्वीकार किया कि DoW डील जल्दबाजी में की गई थी और इसमें स्पष्ट कम्युनिकेशन (communication) की कमी थी।
मेन्स के लिए

प्रश्न: सैन्य और घरेलू निगरानी तंत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के एकीकरण के नैतिक निहितार्थों और विनियामक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • एथिकल फ्रिक्शन: तेज़ AI डिप्लॉयमेंट और घरेलू सर्विलांस के खिलाफ मानवाधिकारों की सुरक्षा के बीच टकराव
  • पारदर्शिता की कमी: AI की सीमाओं पर स्पष्ट बातचीत न होने से जनता और कर्मचारियों में भारी विरोध
  • रेगुलेटरी वैक्यूम: रक्षा विभागों को टेक्नोलॉजी देने वाली प्राइवेट AI कंपनियों पर स्टैंडर्डाइज्ड ओवरसाइट की ज़रूरत

मुख्य शब्द: नैतिक AI · घरेलू निगरानी · एल्गोरिद्मिक जवाबदेही · सैन्य तकनीक · पारदर्शिता

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UIDAI ने UDISE+ एप्लिकेशन के साथ एकीकृत स्कूल-आधारित अभियानों के माध्यम से 7 से 15 वर्ष की आयु के 1.2 करोड़ बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट का कार्य पूरा कर लिया है

चर्चा में क्यों: UIDAI ने UDISE+ एप्लिकेशन के साथ एकीकृत स्कूल-आधारित अभियानों के माध्यम से 7 से 15 वर्ष की आयु के 1.2 करोड़ बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट का कार्य पूरा कर लिया है।

इस पहल को यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस (UDISE+) के साथ तकनीकी एकीकरण के बाद लागू किया गया था।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाUIDAI: आधार बायोमेट्रिक अपडेट के लिए जिम्मेदार संस्था।
  • तथ्यस्कूल अपडेट ड्राइव्स में उपयोग की जाने वाली मशीनों की संख्या: 4,000।
  • तथ्यअक्टूबर तक बच्चों के लिए Aadhaar बायोमेट्रिक अपडेट मुफ्त (Free of cost) रहेंगे।
  • संस्थाUDISE+: स्कूल अपडेट इनिशिएटिव (school update initiative) के लिए UIDAI के साथ इंटीग्रेटेड एप्लीकेशन।
मेन्स के लिए

प्रश्न: सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं के समावेशी और कुशल वितरण को सुनिश्चित करने के लिए UDISE+ जैसे शैक्षिक प्रबंधन प्रणालियों के साथ आधार बायोमेट्रिक डेटा को एकीकृत करने के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • डेटा प्राइवेसी: बच्चों के बायोमेट्रिक डेटा की सुरक्षा और सटीक पहचान सत्यापन की ज़रूरत के बीच संतुलन
  • डिजिटल डिवाइड: ग्रामीण और दूरदराज के स्कूलों में UDISE+ इंटीग्रेशन के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना

मुख्य शब्द: डिजिटल पहचान · डेटा इंटीग्रेशन · समाज कल्याण वितरण · बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन · ई-गवर्नेंस

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तेलंगाना के मुख्य सचिव ने घोषणा की है कि जनगणना-2027 (Census-2027) भारत की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना होगी

चर्चा में क्यों: तेलंगाना के मुख्य सचिव ने घोषणा की है कि जनगणना-2027 (Census-2027) भारत की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें फील्ड डेटा संग्रह के लिए एक समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग किया जाएगा।

तेलंगाना सरकार 11 मई से हाउस लिस्टिंग ऑपरेशंस (HLO) शुरू करेगी, जिसके लिए स्व-गणना (self-enumeration) की प्रक्रिया 15 दिन पहले शुरू हो जाएगी। इस पहल के तहत व्यापक भौगोलिक कवरेज सुनिश्चित करने के लिए फील्ड डेटा संग्रह हेतु एक समर्पित मोबाइल ऐप का उपयोग किया जाएगा।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यCensus-2027 को भारत की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना (fully-digital census) के रूप में नामित किया गया है।
  • तथ्यतेलंगाना में House Listing Operations (HLO) 11 मई से शुरू होने वाले हैं।
  • तथ्यजनगणना के लिए सेल्फ-एनुमरेशन (Self-enumeration) 15 दिन पहले HLO से शुरू होने के लिए निर्धारित है।
  • पदके. रामकृष्ण राव तेलंगाना के चीफ सेक्रेटरी हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: विविध डिजिटल साक्षरता स्तर वाले देश में पूर्णतः डिजिटल जनगणना की ओर संक्रमण से जुड़ी चुनौतियों और अवसरों का विश्लेषण कीजिए।

  • डेटा इंटीग्रिटी: मोबाइल-आधारित कलेक्शन फ्रेमवर्क में अनधिकृत डेटा एक्सेस या हेरफेर के जोखिम
  • डिजिटल डिवाइड: खराब इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में आबादी के कम प्रतिनिधित्व की संभावना
  • इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधा: दूरदराज के भौगोलिक क्षेत्रों में हाई-स्पीड डेटा सिंक्रोनाइज़ेशन की ज़रूरत

मुख्य शब्द: डिजिटल इंडिया · डेटा प्राइवेसी · डेमोग्राफिक मैपिंग · तकनीकी साक्षरता · ई-गवर्नेंस

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केरल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड टेक्नोलॉजी फॉर एजुकेशन (KITE) ने उच्च माध्यमिक परीक्षाओं की सुरक्षा और पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए KITE-QTrack मोबाइल ऐप लॉन्च किया है

चर्चा में क्यों: केरल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड टेक्नोलॉजी फॉर एजुकेशन (KITE) ने उच्च माध्यमिक परीक्षाओं की सुरक्षा और पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए KITE-QTrack मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जिससे परीक्षाओं की रियल-टाइम ट्रैकिंग (Real-time tracking) संभव हो सकेगी।

KITE-QTrack एक QR कोड आधारित मोबाइल एप्लिकेशन है, जिसे परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी के लिए बनाया गया है। इसका उपयोग पैकेट खोलने से लेकर स्क्रिप्ट डिस्पैच (script dispatch) तक की प्रक्रिया को ट्रैक करने के लिए किया जाता है। केरल के सभी मुख्य और उप मुख्य अधीक्षकों (Chief and Deputy Chief Superintendents) के लिए 4 मार्च तक इस ऐप को इंस्टॉल करना और इसमें लॉग इन करना अनिवार्य है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाKITE: केरल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड टेक्नोलॉजी फॉर एजुकेशन।
  • तथ्यKITE-QTrack: हायर सेकेंडरी परीक्षाओं की रियल-टाइम ट्रैकिंग के लिए QR कोड-आधारित मोबाइल ऐप।
  • तथ्यऐप की कार्यक्षमता: प्रश्न पत्र पैकेट की ट्रैकिंग, उत्तर पुस्तिकाओं (answer scripts) को डिस्पैच करना और घटनाओं की रिपोर्टिंग।
मेन्स के लिए

प्रश्न: बड़े पैमाने पर आयोजित होने वाली सार्वजनिक परीक्षाओं में अनियमितताओं को कम करने और प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ाने में वास्तविक समय की ट्रैकिंग (real-time tracking) और क्यूआर-आधारित (QR-based) प्रौद्योगिकियों के एकीकरण की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • डेटा इंटीग्रिटी: विकेंद्रीकृत प्रशासनिक नोड्स के बीच परीक्षा डेटा का सुरक्षित ट्रांसमिशन सुनिश्चित करना
  • डिजिटल डिवाइड: दूरदराज के शैक्षिक क्षेत्रों में अधिकारियों के लिए संभावित तकनीकी बाधाओं को दूर करना
  • अकाउंटेबिलिटी फ्रेमवर्क: परीक्षा के हर चरण के लिए स्पष्ट ऑडिट ट्रेल बनाना

मुख्य शब्द: पारदर्शिता · रियल-टाइम ट्रैकिंग · डिजिटल गवर्नेंस · प्रशासनिक जवाबदेही · एजुकेशनल टेक्नोलॉजी

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अमेरिका और इजराइल ने ईरानी लक्ष्यों पर लगभग 900 हमले किए

चर्चा में क्यों: अमेरिका और इजराइल ने ईरानी लक्ष्यों पर लगभग 900 हमले किए, जिनमें कथित तौर पर किल चेन (kill chain) को तेज करने और हमले की योजनाओं को स्वचालित करने के लिए एंथ्रोपिक (Anthropic) के क्लॉड (Claude) जैसे AI टूल्स का उपयोग किया गया।

ये हमले ऑपरेशन के पहले 12 घंटों के भीतर हुए, जिसके परिणामस्वरूप ईरान के सर्वोच्च नेता, आयतोलला अली खामेनेई की मृत्यु हो गई। अमेरिकी सेना वर्तमान में दक्षिणी ईरान में एक स्कूल में हुए बम धमाके की जांच कर रही है, जिसके संभावित रूप से एक मिसाइल हमले के कारण होने की आशंका है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकएंथ्रोपिक (Anthropic) का क्लॉड (Claude): एक AI टूल जिसके बारे में बताया गया है कि इसका उपयोग मिलिट्री स्ट्राइक्स में किल चेन (kill chain) को छोटा करने के लिए किया जाता है।
  • तथ्यपहले 12 घंटों में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरानी लक्ष्यों पर लगभग 900 स्ट्राइक्स (strikes) किए गए।
  • स्थानदक्षिणी ईरान: अमेरिकी सेना द्वारा जांच के दायरे में एक स्कूल बमबारी की लोकेशन।
मेन्स के लिए

प्रश्न: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित स्वायत्त हथियार प्रणालियों में 'निर्णय संपीड़न' (decision compression) और 'संज्ञानात्मक ऑफलोडिंग' (cognitive offloading) के नैतिक और सुरक्षा निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • अकाउंटेबिलिटी गैप: ऑटोमेटेड स्ट्राइक प्लान में अनजाने में होने वाले नागरिक हताहतों के लिए कानूनी जिम्मेदारी तय करने में कठिनाई
  • कॉग्निटिव ऑफलोडिंग: हाई-स्पीड किनेटिक एनवायरनमेंट में मानव ऑपरेटरों द्वारा सिचुएशनल अवेयरनेस और नैतिक एजेंसी खोने का जोखिम
  • एस्केलेशन का जोखिम: AI से संचालित रिस्पॉन्स की रफ्तार संभावित रूप से मानवीय डिप्लोमैटिक इंटरवेंशन क्षमताओं से आगे निकल सकती है

मुख्य शब्द: निर्णय का संकुचन · कॉग्निटिव ऑफलोडिंग · स्वायत्त हथियार · किल चेन · एल्गोरिद्मिक जवाबदेही

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केरल में तटीय कटाव (Coastal Erosion) और काली रेत के खनन के कारण ओलिव रिडले कछुओं (Olive Ridley turtles) के प्रजनन के मौसम में गिरावट देखी जा रही है

चर्चा में क्यों: केरल में तटीय कटाव (Coastal Erosion) और काली रेत के खनन के कारण ओलिव रिडले कछुओं (Olive Ridley turtles) के प्रजनन के मौसम में गिरावट देखी जा रही है, जिसके कारण अब समुदाय के नेतृत्व में संरक्षण के प्रयास किए जा रहे हैं।

नीथल (Neithal) एक ऐसी संस्था है जो पिछले 25 वर्षों से सक्रिय है। यह संस्था समुद्र तटों की निगरानी के लिए सूर्या ग्रुप और थीरम प्रकृति संरक्षण समिति जैसे स्थानीय समूहों के साथ मिलकर काम करती है। WWF-India इस क्षेत्र में घायल कछुओं के बचाव और उनके पुनर्वास (rehabilitation) में सहायता प्रदान करती है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • पर्यावरणओलिभ रिडले कछुए (Olive Ridley turtles) केरल के तटीय क्षेत्रों में संरक्षण के तहत एक प्रमुख प्रजाति हैं।
  • तथ्यNeithal पिछले 25 वर्षों से कछुआ संरक्षण (turtle conservation) के लिए समर्पित है।
  • स्थानकेरल में तटीय क्षरण (Coastal erosion) और ब्लैक सैंड माइनिंग (Black sand mining) को घोंसले बनाने वाली जगहों (nesting sites) के लिए प्राथमिक खतरों के रूप में पहचाना गया है।
  • संस्थाWWF-India घायल समुद्री कछुओं (marine turtles) के बचाव और पुनर्वास (rehabilitation) का समर्थन करता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: तटीय क्षरण और निष्कर्षण उद्योगों का समुद्री जैव विविधता पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा कीजिए और तटीय पारिस्थितिकी तंत्र में समुदाय-आधारित संरक्षण के उपायों का सुझाव दीजिए।

  • आवास का नुकसान: ब्लैक सैंड माइनिंग और तटीय कटाव के कारण घटती तटरेखाएं
  • सामुदायिक शासन: जैव विविधता संरक्षण में स्थानीय वालंटियर समूहों की भूमिका
  • पारिस्थितिक खतरा: इंसानों द्वारा पैदा की गई गड़बड़ी और घोंसले वाली जगहों पर शिकार

मुख्य शब्द: जैव विविधता संरक्षण · तटीय कटाव · सामुदायिक जुड़ाव · आवास विखंडन · समुद्री पारिस्थितिकी

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APSCHE ने आंध्र यूनिवर्सिटी के सहयोग से एक फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू किया है

चर्चा में क्यों: APSCHE ने आंध्र यूनिवर्सिटी के सहयोग से एक फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू किया है, जिसके तहत 200 प्रतिभागियों को विषय-विशिष्ट AI एप्लिकेशंस (AI applications) पर प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि AI तक पहुंच को लोकतांत्रिक बनाया जा सके।

यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप एक पांच दिवसीय प्रशिक्षण पहल है। इसमें APSCHE, आंध्र यूनिवर्सिटी और आंध्र प्रदेश के कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय (Commissionerate of Collegiate Education) शामिल हैं, जो उन फैकल्टी सदस्यों को प्रशिक्षित करेंगे जो बाद में आंध्र प्रदेश के अन्य संस्थानों में ज्ञान का प्रसार करेंगे।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाAPSCHE: आंध्र प्रदेश स्टेट काउंसिल ऑफ हायर एजुकेशन।
  • तथ्यअनुशासन-विशिष्ट AI applications में प्रशिक्षित होने वाले प्रतिभागियों का लक्ष्य 200 है।
  • योजनाNEP 2020: फैकल्टी की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए AI ट्रेनिंग प्रोग्राम को जोड़ने वाला फ्रेमवर्क।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय उच्च शिक्षा परिदृश्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों तक पहुंच के लोकतंत्रीकरण में संकाय विकास कार्यक्रमों (Faculty Development Programs) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • डिजिटल डिवाइड: डिसेंट्रलाइज्ड AI ट्रेनिंग के जरिए खास और पिछड़े संस्थानों के बीच की दूरी को कम करना
  • पेडागोजिकल शिफ्ट: उच्च शिक्षा में जनरल AI लिटरेसी से विषय-विशिष्ट एप्लीकेशन्स की ओर बदलाव
  • पॉलिसी अलाइनमेंट: राज्य-स्तरीय सहयोगी संस्थागत ढांचों के जरिए NEP 2020 के लक्ष्यों को लागू करना

मुख्य शब्द: तकनीक का लोकतंत्रीकरण · फैकल्टी डेवलपमेंट · NEP 2020 · डिजिटल साक्षरता · विषय-विशिष्ट AI

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सर्वे ऑफ इंडिया और डिजिटल यूनिवर्सिटी ऑफ केरल ने जियोस्पेशियल डेटा

चर्चा में क्यों: सर्वे ऑफ इंडिया और डिजिटल यूनिवर्सिटी ऑफ केरल ने जियोस्पेशियल डेटा, AI और मशीन लर्निंग में शैक्षणिक और अनुसंधान सहयोग को बढ़ावा देने के लिए पांच साल के MoU पर हस्ताक्षर किए हैं।

सर्वे ऑफ इंडिया (SoI) और डिजिटल यूनिवर्सिटी ऑफ केरल (DUK) ने जियोस्पेशियल डेटा, AI, मशीन लर्निंग, जियोडेसी (geodesy) और खगोल विज्ञान (astronomy) के क्षेत्र में सहयोग के लिए पांच साल का समझौता ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षरित किया है। इस समझौते में SoI अधिकारियों के लिए स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट के अवसर शामिल हैं और इसके तहत एक संयुक्त समन्वय समिति (Joint Coordination Committee) का गठन किया जाएगा।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यSurvey of India और Digital University of Kerala के बीच यह MoU पांच साल की अवधि के लिए है।
  • विज्ञान-तकनीकयह सहयोग geodesy, astronomy और machine learning जैसे क्षेत्रों को कवर करता है।
  • संस्थाएक जॉइंट कोऑर्डिनेशन कमेटी (Joint Coordination Committee) पार्टनरशिप के कार्यान्वयन और समय-समय पर होने वाले रिव्यूज की निगरानी करेगी।
मेन्स के लिए

प्रश्न: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) और भू-स्थानिक डेटा (geospatial data) का एकीकरण भारत की राष्ट्रीय मानचित्रण क्षमताओं और आपदा प्रबंधन रणनीतियों को किस प्रकार सुदृढ़ कर सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • डेटा संप्रभुता: ओपन एकेडमिक रिसर्च और संवेदनशील नेशनल जियोस्पेशियल डेटा की सुरक्षा के बीच संतुलन
  • स्किल गैप: जियोडेसी और एडवांस्ड मशीन लर्निंग में विशेषज्ञ कर्मियों की कमी को दूर करना
  • संस्थागत तालमेल: सरकारी एजेंसियों में तकनीकी अपनाने की रफ्तार बढ़ाने के लिए पब्लिक-प्राइवेट-एकेडमिक पार्टनरशिप का इस्तेमाल

मुख्य शब्द: जियोस्पेशियल डेटा · मशीन लर्निंग · संस्थागत सहयोग · नेशनल मैपिंग · डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर

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मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, दिल्ली के डॉक्टरों ने स्वदेशी रूप से विकसित रुथेनियम-106 (Ruthenium-106) प्लैक्स का उपयोग करके 'प्लाक ब्रैकीथेरेपी' (plaque brachytherapy) के जरिए एक इराकी मरीज के कोरॉइडल मेलानोमा (choroidal melanoma) का सफलतापूर्वक इलाज किया

चर्चा में क्यों: मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, दिल्ली के डॉक्टरों ने स्वदेशी रूप से विकसित रुथेनियम-106 (Ruthenium-106) प्लैक्स का उपयोग करके 'प्लाक ब्रैकीथेरेपी' (plaque brachytherapy) के जरिए एक इराकी मरीज के कोरॉइडल मेलानोमा (choroidal melanoma) का सफलतापूर्वक इलाज किया।

उपचार के दौरान मरीज की दृष्टि को सुरक्षित रखने के लिए कोरॉइडल मेलानोमा (choroidal melanoma) ट्यूमर के ऊपर सीधे एक रेडियोएक्टिव प्लैक (radioactive plaque) रखा गया। इस प्रक्रिया में उपयोग किए गए रुथेनियम-106 (Ruthenium-106) प्लैक का निर्माण भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) द्वारा किया गया था।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीककोरोइडल मेलानोमा (Choroidal melanoma): कोरोइड (आंख की मध्य परत) का एक दुर्लभ ट्यूमर, जिसका इलाज प्लैक ब्रैकीथेरेपी (plaque brachytherapy) के जरिए किया जाता है।
  • संस्थाभाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC): यह संस्थान स्वदेश में विकसित Ruthenium-106 प्लेट्स (plaques) के निर्माण के लिए जिम्मेदार है।
  • तथ्यरुथेनियम-106 (Ruthenium-106): प्लैक ब्रैकीथेरेपी (plaque brachytherapy) प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाला विशिष्ट रेडियोधर्मी आइसोटोप।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की स्वास्थ्य देखभाल क्षमताओं और चिकित्सा पर्यटन की क्षमता को बढ़ाने में स्वदेशी परमाणु चिकित्सा और आइसोटोप उत्पादन के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • आत्मनिर्भरता: विशेष कैंसर उपचारों के लिए रेडियोएक्टिव आइसोटोप्स पर आयात निर्भरता कम करना
  • मेडिकल टूरिज्म: जटिल नेत्र शल्य चिकित्सा के केंद्र के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत करना
  • R&D सिनर्जी: निजी हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ BARC की न्यूक्लियर क्षमताओं का एकीकरण

मुख्य शब्द: प्लाक ब्रैकीथेरेपी · कोरॉइडल मेलानोमा · रुथेनियम-106 · स्वदेशी तकनीक · न्यूक्लियर मेडिसिन

परमाणु ऊर्जा आयोग (AEC) 'सस्टेनेबल यूज़ एंड प्रोग्रेस ऑफ एटॉमिक एनर्जी फॉर इंडिया बिल

चर्चा में क्यों: परमाणु ऊर्जा आयोग (AEC) 'सस्टेनेबल यूज़ एंड प्रोग्रेस ऑफ एटॉमिक एनर्जी फॉर इंडिया बिल, 2025' के तहत निजी कंपनियों को परमाणु ऊर्जा उत्पादन की अनुमति देने के लिए सुरक्षा मानक तैयार कर रहा है।

AEC के अध्यक्ष, डॉ. अजीत कुमार मोहंती ने कहा कि निजी क्षेत्र के सुरक्षा मानक, न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCL) के मानकों के अनुरूप होंगे। सरकार ने बिजली उत्पादन को सुव्यवस्थित करने के लिए 'सस्टेनेबल यूज़ एंड प्रोग्रेस ऑफ एटॉमिक एनर्जी फॉर इंडिया बिल, 2025' पेश किया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाAEC: परमाणु ऊर्जा आयोग (Atomic Energy Commission of India) वह संस्था है जो परमाणु सुरक्षा मानकों (nuclear safety standards) को तैयार करती है।
  • अधिनियम / विधेयकSustainable Use and Progress of Atomic Energy for India Bill, 2025: परमाणु ऊर्जा उत्पादन को सुव्यवस्थित करने के लिए पेश किया गया कानून।
  • संस्थाNPCL: Nuclear Power Corporation of India Limited वह संस्था है जिसके सेफ्टी स्टैंडर्ड्स (safety standards) को प्राइवेट प्लेयर्स के लिए आधार बनाया जाएगा।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को निजी खिलाड़ियों के लिए खोलने के सुरक्षा प्रोटोकॉल और ऊर्जा सुरक्षा के संदर्भ में निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: यह सुनिश्चित करना कि प्राइवेट संस्थाएं NPCL के बराबर सुरक्षा मानकों का पालन करें
  • इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधा: मौजूदा प्लांट्स में अपर्याप्त डिजिटल टेस्टिंग सुविधाओं के कारण भर्ती में रुकावट

मुख्य शब्द: परमाणु ऊर्जा · निजी भागीदारी · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · ऊर्जा सुरक्षा · सुरक्षा मानक

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधानप्रीलिम्स

मैरीलैंड यूनिवर्सिटी और NASA के गॉडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर के वैज्ञानिकों ने यह पहचान की है कि सहारा रेगिस्तान से उड़ने वाली धूल के गुबार अमेज़न के वर्षावनों में फास्फोरस की कमी को पूरा करते हैं

चर्चा में क्यों: मैरीलैंड यूनिवर्सिटी और NASA के गॉडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर के वैज्ञानिकों ने यह पहचान की है कि सहारा रेगिस्तान से उड़ने वाली धूल के गुबार अमेज़न के वर्षावनों में फास्फोरस की कमी को पूरा करते हैं।

शोधकर्ताओं ने CALIPSO सैटेलाइट के आंकड़ों का उपयोग करते हुए यह अनुमान लगाया है कि सहारा से सालाना 182 मिलियन टन धूल बाहर निकलती है। इस धूल का लगभग 15 प्रतिशत हिस्सा हर साल अमेज़न बेसिन (Amazon basin) में जमा हो जाता है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकCALIPSO: एक सैटेलाइट जिसका उपयोग शोधकर्ताओं द्वारा डस्ट प्लूम्स (dust plumes) और वायुमंडलीय संरचना (atmospheric composition) को ट्रैक करने के लिए किया जाता है।
  • तथ्य182 मिलियन टन: सहारा डेजर्ट (Sahara Desert) से निकलने वाली धूल का अनुमानित औसत वार्षिक वॉल्यूम।
  • तथ्य15 प्रतिशत: अमेज़न बेसिन पर सालाना जमा होने वाली सहारा डस्ट (Sahara dust) का अनुपात।
  • स्थानसाहेल क्षेत्र: यहाँ के वर्षा पैटर्न का संबंध अटलांटिक के पार धूल के परिवहन (dust transport) के उतार-चढ़ाव से है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: खनिजों के अंतर-महाद्वीपीय वायुमंडलीय परिवहन किस प्रकार वैश्विक जैव विविधता और उष्णकटिबंधीय वर्षावनों की पारिस्थितिक स्थिरता को प्रभावित करते हैं, इस पर चर्चा कीजिए।

  • न्यूट्रिएंट साइकिलिंग: अमेज़न की मिट्टी की उत्पादकता के लिए फास्फोरस की भरपाई एक महत्वपूर्ण कारक
  • क्लाइमेट-एटमॉसफेयर लिंक: साहेलियन वर्षा पैटर्न और ट्रांस-अटलांटिक डस्ट ट्रांसपोर्ट वॉल्यूम के बीच संबंध

मुख्य शब्द: पोषक तत्वों का चक्र · वायुमंडलीय परिवहन · पारिस्थितिक स्थिरता · फास्फोरस की भरपाई · महाद्वीपीय प्रवाह

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधानप्रीलिम्स

बायो वैली (Bio Valley), 4बेसकेयर (4baseCare) और डिफाइन बायो (Define Bio) (P) लिमिटेड ने विशाखापट्टनम के मेडटेक ज़ोन (MedTech Zone) (AMTZ) में CoE-बायोस्फीयर (CoE-BioSphere) स्थापित करने के लिए एक MoU (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए हैं

चर्चा में क्यों: बायो वैली (Bio Valley), 4बेसकेयर (4baseCare) और डिफाइन बायो (Define Bio) (P) लिमिटेड ने विशाखापट्टनम के मेडटेक ज़ोन (MedTech Zone) (AMTZ) में CoE-बायोस्फीयर (CoE-BioSphere) स्थापित करने के लिए एक MoU (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका उद्देश्य प्रिसिजन मेडिसिन (Precision Medicine) और जीनोमिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देना है।

CoE-BioSphere विशाखापट्टनम, आंध्र प्रदेश के मेडटेक ज़ोन (AMTZ) में स्थित होगा। इसका उद्देश्य जीनोमिक रिसर्च (Genomic Research) के माध्यम से शुरुआती निदान, सूचित चिकित्सीय निर्णय और उन्नत व्यक्तिगत उपचार (Personalized Treatments) को सक्षम बनाना है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानMedTech ज़ोन (AMTZ) आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में स्थित है।
  • विज्ञान-तकनीकCoE-BioSphere का मुख्य फोकस प्रिसिजन मेडिसिन (precision medicine) और जीनोमिक इंफ्रास्ट्रक्चर (genomic infrastructure) पर है।
  • तथ्यइस पहल में Bio Valley, 4baseCare और Define Bio (P) Ltd. के बीच साझेदारी शामिल है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में व्यक्तिगत स्वास्थ्य सेवा वितरण की चुनौतियों को संबोधित करने में जीनोमिक बुनियादी ढांचे और प्रिसिजन मेडिसिन (सटीक चिकित्सा) की प्रगति किस प्रकार सहायक हो सकती है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • डेटा प्राइवेसी: रिसर्च के लिए जीनोमिक डेटा शेयरिंग और मरीजों की गोपनीयता के बीच संतुलन
  • इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: एडवांस जीनोमिक सीक्वेंसिंग और बायोबैंकिंग फैसिलिटी के लिए भारी कैपिटल की ज़रूरत
  • एक्विटी ऑफ एक्सेस: प्रेसिजन मेडिसिन का शहरी एलीट बनाम ग्रामीण आबादी के लिए लग्जरी बनने का जोखिम

मुख्य शब्द: प्रिसिजन मेडिसिन · जीनोमिक इंफ्रास्ट्रक्चर · बायोबैंकिंग · पर्सनलाइज्ड हेल्थकेयर · डेटा-आधारित रिसर्च

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स

तमिलनाडु वन विभाग रेस्क्यू ऑपरेशंस और वैज्ञानिक डेटा संग्रह को सुव्यवस्थित करने के लिए 100 स्नेक रेस्क्यूअर्स (snake rescuers) को 'नागम' (Naagam) ऐप पर जोड़ रहा है

चर्चा में क्यों: तमिलनाडु वन विभाग रेस्क्यू ऑपरेशंस और वैज्ञानिक डेटा संग्रह को सुव्यवस्थित करने के लिए 100 स्नेक रेस्क्यूअर्स (snake rescuers) को 'नागम' (Naagam) ऐप पर जोड़ रहा है।

मद्रास क्रोकोडाइल बैंक ट्रस्ट (MCBT) 'नागम' (Naagam) ऐप का प्रबंधन करेगा और बचाव कर्मियों के लिए प्रशिक्षण आयोजित करेगा। यह प्लेटफॉर्म केरल के SARPA प्लेटफॉर्म के मॉडल पर आधारित है और इसका लक्ष्य मानसून के मौसम से पहले चार महीनों के भीतर चालू हो जाना है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाMadras Crocodile Bank Trust (MCBT) वह संस्था है जो Naagam ऐप और ट्रेनिंग प्रोग्राम्स का प्रबंधन करती है।
  • तथ्यशुरुआती ऑनबोर्डिंग के लिए पूरे तमिलनाडु से 100 स्नेक रेस्क्यूअर्स (snake rescuers) को चुना गया है।
  • स्थानNaagam ऐप को केरल के SARPA प्लेटफॉर्म के आधार पर बनाया गया है।
  • विज्ञान-तकनीकयह ऐप सांपों के वितरण पैटर्न (distribution patterns) पर डेटा जेनरेट करने और रिस्पॉन्स टाइम (response times) में सुधार करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में जैव विविधता संरक्षण और आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ करने में डिजिटल प्लेटफॉर्म और समुदाय-आधारित पहल किस प्रकार सहायक हो सकती हैं, चर्चा कीजिए।

  • डेटा-आधारित संरक्षण: वन्यजीव प्रबंधन नीतियों को बेहतर बनाने के लिए रियल-टाइम वितरण पैटर्न का उपयोग
  • क्षमता निर्माण: अनौपचारिक बचाव प्रयासों को वैज्ञानिक रूप से समर्थित ट्रेनिंग फ्रेमवर्क में बदलना
  • इंटर-स्टेट मॉडल रेप्लिकेशन: SARPA जैसे सफल स्टेट-स्पेसिफिक प्लेटफॉर्म्स को अन्य क्षेत्रों में स्केल करना

मुख्य शब्द: जैव विविधता संरक्षण · सामुदायिक भागीदारी · डेटा-आधारित गवर्नेंस · वन्यजीव प्रबंधन · डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स

उपराष्ट्रपति सी.पी

चर्चा में क्यों: उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने 'गजस्थ्रम' (Gajasthram) लॉन्च किया है, जो जंगली और शरारती हाथियों को सुरक्षित रूप से बेहोश करने के लिए रिमोट-कंट्रोल वाले ड्रोन-आधारित ट्रेंक्विलाइज़र (tranquillizer) सिस्टम पर आधारित है।

गजस्थ्रम (Gajasthram) सिस्टम को पशु चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. पी. बी. गिरीदास द्वारा विकसित किया गया था और इसके लिए लक्ष्मी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा वित्त पोषण प्रदान किया गया। यह ड्रोन कैप्चर गन, ट्रांक्विलाइज़र सिरिंज और GPS से लैस है, जो 500 मीटर तक की दूरी पर संचालित होने में सक्षम है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकGajasthram: एक ड्रोन-आधारित सिस्टम जिसे जंगली और बेकाबू हाथियों को बेहोश करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
  • तथ्यड्रोन-आधारित ट्रेंक्विलाइज़र सिस्टम (tranquillizer system) 500 मीटर तक की दूरी पर काम कर सकता है।
  • पदडॉ. पी.बी. गिरदास: पशु चिकित्सा विशेषज्ञ जिन्होंने गजास्थ्रम (Gajasthram) सिस्टम विकसित किया।
  • तथ्यलक्ष्मी चैरिटेबल ट्रस्ट: वह संस्था जो गजास्थ्रम प्रोजेक्ट (Gajasthram project) के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वन्यजीव प्रबंधन में ड्रोन तकनीक का एकीकरण मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने और वन कर्मियों की सुरक्षा को बढ़ाने में किस प्रकार सहायक हो सकता है, चर्चा कीजिए।

  • सुरक्षा में सुधार: हाई-रिस्क सेडेशन प्रक्रियाओं के दौरान खतरनाक जानवरों के सीधे संपर्क को कम करना
  • तकनीकी हस्तक्षेप: वन्यजीवों की आवाजाही की निगरानी और प्रबंधन के लिए GPS और रिमोट-कंट्रोल्ड सिस्टम का उपयोग
  • मानव-वन्यजीव संघर्ष: पारिस्थितिक संरक्षण और स्थानीय समुदायों व वन गार्डों की सुरक्षा के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: मानव-वन्यजीव संघर्ष · वन्यजीव प्रबंधन · ड्रोन टेक्नोलॉजी · संरक्षण तकनीक · सार्वजनिक सुरक्षा

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › परमाणु एवं नई ऊर्जा तकनीकप्रीलिम्स

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2026 के लिए सामान्य से अधिक गर्म गर्मी की भविष्यवाणी की है

चर्चा में क्यों: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2026 के लिए सामान्य से अधिक गर्म गर्मी की भविष्यवाणी की है, जिससे लगातार उच्च तापमान के कारण सर्दियों की फसलों की पैदावार कम होने को लेकर चिंता जताई गई है।

IMD की रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी 2026 रिकॉर्ड में पांचवां सबसे गर्म फरवरी रहा। महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि मार्च के दौरान न्यूनतम तापमान औसत से ऊपर रहने की संभावना है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाIMD: इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (India Meteorological Department) मौसम के पूर्वानुमान के लिए प्राथमिक एजेंसी है।
  • तथ्यफरवरी 2026 में औसत से अधिक अधिकतम और न्यूनतम दोनों तापमान दर्ज किए गए।
  • तथ्यहीटवेव (Heatwave) के दिनों का विशेष रूप से मार्च और मई के महीनों के लिए अनुमान लगाया गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में बढ़ते औसत तापमान के खाद्य सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों और जलवायु-अनुकूल कृषि पद्धतियों की आवश्यकता का विश्लेषण कीजिए।

  • यील्ड में उतार-चढ़ाव: सर्दियों की फसलों पर थर्मल स्ट्रेस से एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड प्रोडक्शन और घरेलू खाद्य सुरक्षा प्रभावित
  • क्लाइमेट अडैप्टेशन: बढ़ते न्यूनतम तापमान से निपटने के लिए हीट-टॉलरेंट फसलों की किस्मों और कुशल सिंचाई की ज़रूरत

मुख्य शब्द: क्लाइमेट रेजिलिएंस · खाद्य सुरक्षा · थर्मल स्ट्रेस · मौसम पूर्वानुमान · कृषि पैदावार

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सुप्रीम कोर्ट उपयोगकर्ता डेटा नियंत्रण से जुड़े कानूनी विवाद के बाद WhatsApp की 2021 की प्राइवेसी पॉलिसी और डेटा-शेयरिंग प्रथाओं की जांच कर रहा है

चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट उपयोगकर्ता डेटा नियंत्रण से जुड़े कानूनी विवाद के बाद WhatsApp की 2021 की प्राइवेसी पॉलिसी और डेटा-शेयरिंग प्रथाओं की जांच कर रहा है।

कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) द्वारा की गई जांच के बाद, WhatsApp ने उपयोगकर्ताओं को डेटा शेयरिंग पर अधिक नियंत्रण प्रदान करने के लिए सुधार लागू करने पर सहमति जताई है। सुप्रीम कोर्ट वर्तमान में CCI द्वारा लगाए गए जुर्माने और भारत के नए डिजिटल डेटा संरक्षण कानून (Digital Data Protection Law) को दी गई चुनौती पर विचार कर रहा है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाकॉम्पटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI): यह वह संस्था है जो WhatsApp की डेटा शेयरिंग प्रथाओं की जांच कर रही है।
  • तथ्यवर्तमान कानूनी लड़ाई का विशिष्ट विषय WhatsApp की 2021 की प्राइवेसी पॉलिसी (privacy policy) है।
  • विज्ञान-तकनीकयह मामला प्राइवेट मैसेंजर डेटा शेयरिंग और भारत के नए डिजिटल डेटा प्रोटेक्शन कानून के इंटरसेक्शन (intersection) से संबंधित है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के डिजिटल डेटा संरक्षण ढांचे के अंतर्गत निजी प्लेटफार्मों द्वारा डेटा साझा करने की प्रथाओं और निजता के अधिकार के बीच उत्पन्न होने वाले अंतर्विरोधों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • रेगुलेटरी फ्रिक्शन: CCI की एंटी-कॉम्पिटिटिव ओवरसाइट और व्यक्तिगत डेटा सोवरेन्टी के बीच संतुलन
  • सहमति आर्किटेक्चर: 'टेक इट और लीव इट' सेवा की शर्तें बनाम सूचित यूजर सहमति
  • विधायी निगरानी: ग्लोबल टेक जायंट्स के खिलाफ नए डिजिटल डेटा प्रोटेक्शन कानून को लागू करना

मुख्य शब्द: डेटा संप्रभुता · डिजिटल प्राइवेसी · प्रतिस्पर्धा विरोधी प्रथाएं · रेगुलेटरी ओवरसाइट · सूचित सहमति

MCEME सिकंदराबाद ने भविष्य के लिए तैयार रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने के उद्देश्य से स्वदेशी रोबोटिक्स

चर्चा में क्यों: MCEME सिकंदराबाद ने भविष्य के लिए तैयार रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने के उद्देश्य से स्वदेशी रोबोटिक्स, ऑटोनॉमस ड्रोन सिस्टम और एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग (Additive Manufacturing) पर चर्चा करने के लिए एक राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया।

सिकंदराबाद स्थित मिलिट्री कॉलेज ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियरिंग (MCEME) ने दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया। इस सेमिनार के मुख्य फोकस क्षेत्रों में रक्षा बलों के लिए रोबोटिक्स, ऑटोनॉमस ड्रोन सिस्टम और एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग (Additive Manufacturing) शामिल थे।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाMCEME: सिकंदराबाद में स्थित मिलिट्री कॉलेज ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियरिंग (Military College of Electronics and Mechanical Engineering)।
  • विज्ञान-तकनीकएडिटिव मैन्युफैक्चरिंग (Additive manufacturing): सेमिनार में स्वदेशी रक्षा क्षमताओं के लिए एक फोकस एरिया के रूप में चर्चा की गई।
  • विज्ञान-तकनीकऑटोनॉमस ड्रोन सिस्टम (Autonomous drone systems): इन्हें भविष्य के लिए तैयार सैन्य क्षमताओं के लिए एक प्रमुख तकनीक के रूप में पहचाना गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की रणनीतिक निवारण क्षमता और बहु-क्षेत्रीय अभियानों (multi-domain operations) को सुदृढ़ करने में स्वदेशी रोबोटिक्स और एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग के महत्व की चर्चा कीजिए।

  • तकनीकी संप्रभुता: महत्वपूर्ण ड्रोन कंपोनेंट्स और 3D प्रिंटिंग मटेरियल के लिए आयात पर निर्भरता कम करना
  • ऑपरेशनल सिनर्जी: मल्टी-डोमेन वॉरफेयर के लिए मिशन-ओरिएंटेड आर्किटेक्चर के साथ डेटा फ्यूजन को जोड़ना

मुख्य शब्द: रणनीतिक प्रतिरोध · स्वदेशी विनिर्माण · मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस · डेटा फ्यूजन · एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधानप्रीलिम्स

कॉलीकट यूनिवर्सिटी पारंपरिक टैक्सोनॉमी (Taxonomy) को मॉलिक्यूलर बायोलॉजी और बायोटेक्नोलॉजी के साथ जोड़ने के लिए 'इंटरडिसिप्लिनरी सेंटर फॉर प्लांट टैक्सोनॉमी एंड बायोप्रॉस्पेक्टिंग' (Interdisciplinary Centre for Plant Taxonomy and Bioprospecting) स्थापित कर रही है

चर्चा में क्यों: कॉलीकट यूनिवर्सिटी पारंपरिक टैक्सोनॉमी (Taxonomy) को मॉलिक्यूलर बायोलॉजी और बायोटेक्नोलॉजी के साथ जोड़ने के लिए 'इंटरडिसिप्लिनरी सेंटर फॉर प्लांट टैक्सोनॉमी एंड बायोप्रॉस्पेक्टिंग' (Interdisciplinary Centre for Plant Taxonomy and Bioprospecting) स्थापित कर रही है।

इस परियोजना को प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) योजना से प्राप्त ₹3.6 करोड़ के अनुदान द्वारा वित्तपोषित किया जाएगा। यह पश्चिमी घाट और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में सर्वेक्षणों के माध्यम से जैव विविधता संरक्षण और संसाधनों के सतत उपयोग पर ध्यान केंद्रित करेगी।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थायूनिवर्सिटी ऑफ Calicut: इंटरडिसिप्लिनरी सेंटर फॉर प्लांट टैक्सोनॉमी एंड बायोप्रॉस्पेक्टिंग (Interdisciplinary Centre for Plant Taxonomy and Bioprospecting) की स्थापना की।
  • तथ्यसेंटर की स्थापना के लिए ग्रांट राशि: ₹3.6 करोड़।
  • स्थानसर्वेक्षण क्षेत्र: वेस्टर्न घाट्स (Western Ghats) और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पारंपरिक वनस्पति वर्गीतिकी को आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी के साथ एकीकृत करने से भारत की जैव विविधता संरक्षण और जैव-अन्वेषण (bioprospecting) क्षमताओं को कैसे सुदृढ़ किया जा सकता है, चर्चा कीजिए।

  • तकनीकी तालमेल: तेज़ प्रजाति पहचान के लिए मॉर्फोलॉजिकल टैक्सोनॉमी और मॉलिक्यूलर बायोलॉजी को जोड़ना
  • संसाधन स्थिरता: पश्चिमी घाट जैसे पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में संरक्षण जनादेश के साथ कमर्शियल बायोप्रॉस्पेक्टिंग का संतुलन

मुख्य शब्द: बायोप्रोस्पेक्टिंग · प्लांट टैक्सोनॉमी · जैव विविधता संरक्षण · मॉलिक्यूलर बायोलॉजी · सतत उपयोग

शोधकर्ता SpaceX के Starlink जैसे कमर्शियल मेगा-कॉन्स्टलेशन (commercial mega-constellations) के विस्तार के कारण ऊपरी वायुमंडल में उपग्रहों के जलने (satellite burn-ups) से होने वाले पर्यावरणीय प्रभाव का अध्ययन कर रहे हैं

चर्चा में क्यों: शोधकर्ता SpaceX के Starlink जैसे कमर्शियल मेगा-कॉन्स्टलेशन (commercial mega-constellations) के विस्तार के कारण ऊपरी वायुमंडल में उपग्रहों के जलने (satellite burn-ups) से होने वाले पर्यावरणीय प्रभाव का अध्ययन कर रहे हैं।

वर्तमान में कक्षा में लगभग 15,000 सक्रिय उपग्रह (satellites) मौजूद हैं, जिनमें से कई को कम जीवनकाल और उसके बाद कक्षा से बाहर करने (deorbiting) के लिए डिज़ाइन किया गया है। इन मेगा-कॉन्स्टेलेशन (mega-constellations) के विस्तार से वायुमंडलीय रसायन विज्ञान, ओजोन स्थिरता और जलवायु प्रक्रियाओं को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यफरवरी 2026 तक, वर्तमान में लगभग 15,000 सक्रिय सैटेलाइट्स (satellites) कक्षा में मौजूद हैं।
  • विज्ञान-तकनीकऊपरी वायुमंडल में सैटेलाइट बर्न-अप (Satellite burn-ups) के ओजोन स्थिरता और वायुमंडलीय केमिस्ट्री (Atmospheric chemistry) पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन किया जा रहा है।
  • विज्ञान-तकनीकStarlink जैसे Mega-constellations में ऐसे सैटेलाइट्स शामिल होते हैं जिन्हें कम जीवनकाल (short lifespan) और उसके बाद Deorbiting के लिए डिज़ाइन किया जाता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल और कक्षीय बुनियादी ढांचे पर वाणिज्यिक मेगा-कॉन्स्टलेशन के विस्तार के पर्यावरणीय और सुरक्षा संबंधी निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • एटमॉस्फेरिक केमिस्ट्री: सैटेलाइट मटेरियल के जलने से ओजोन स्थिरता में गिरावट की संभावना
  • ऑर्बिटल सेफ्टी: विमानन और स्पेस इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रभावित करने वाले टकराव और सतह पर मलबे का बढ़ता जोखिम

मुख्य शब्द: मेगा-कॉन्स्टेलेशन · ऑर्बिटल मलबे · वायुमंडलीय रसायन विज्ञान · स्पेस सस्टेनेबिलिटी · ओजोन स्थिरता

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ओपनएआई (OpenAI) ने अमेरिकी रक्षा विभाग के साथ एक समझौता किया है ताकि उसकी तकनीक को एक वर्गीकृत नेटवर्क (classified network) में शामिल किया जा सके

चर्चा में क्यों: ओपनएआई (OpenAI) ने अमेरिकी रक्षा विभाग के साथ एक समझौता किया है ताकि उसकी तकनीक को एक वर्गीकृत नेटवर्क (classified network) में शामिल किया जा सके। यह कदम राष्ट्रपति के उस आदेश के बाद उठाया गया है जिसमें नैतिक चिंताओं के कारण एंथ्रोपिक (Anthropic) के उपयोग को रोकने के निर्देश दिए गए थे।

OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन (Sam Altman) ने कहा कि यह समझौता घरेलू स्तर पर व्यापक निगरानी (mass surveillance) या स्वायत्त हथियार प्रणालियों (autonomous weapons systems) के लिए तकनीक के उपयोग को प्रतिबंधित करता है। पेंटागन ने बल के प्रयोग पर मानवीय नियंत्रण और विशिष्ट सुरक्षा प्रोटोकॉल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • पदसैम ऑल्टमैन: OpenAI के CEO.
  • तथ्यपेंटागन (US Department of Defense) क्लासिफाइड नेटवर्क इंटीग्रेशन के लिए प्राथमिक कॉन्ट्रैक्टिंग बॉडी है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: सैन्य वर्गीकृत नेटवर्कों में वाणिज्यिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के एकीकरण के नैतिक और सुरक्षा निहितार्थों पर चर्चा कीजिए, जिसमें स्वायत्त हथियारों से जुड़े जोखिमों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाए। चर्चा कीजिए।

  • एथिकल डिलेमा: ऑटोनॉमस वेपन्स सिस्टम पर रोक के साथ तेजी से AI इंटीग्रेशन को संतुलित करना
  • अकाउंटेबिलिटी गैप: हाई-स्पीड ऑटोमेटेड मिलिट्री डिसीजन-मेकिंग में ह्यूमन-इन-द-लूप ओवरसाइट सुनिश्चित करना
  • डेटा संप्रभुता: कमर्शियल AI मॉडल्स द्वारा संवेदनशील राज्य-स्तरीय वर्गीकृत जानकारी प्रोसेस करने के जोखिम

मुख्य शब्द: ऑटोनॉमस हथियार · ह्यूमन-इन-द-लूप · एल्गोरिद्मिक जवाबदेही · दोहरे उपयोग वाली तकनीक · नैतिक AI

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यह लेख 'इन्वर्स लॉ ऑफ AI' (Inverse Law of AI) पर चर्चा करता है

चर्चा में क्यों: यह लेख 'इन्वर्स लॉ ऑफ AI' (Inverse Law of AI) पर चर्चा करता है, जिसमें बताया गया है कि पूंजी के बढ़ते प्रवाह के कारण वैश्विक AI गवर्नेंस का ध्यान सुरक्षा और नैतिकता से हटकर गति, विस्तार और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) की ओर स्थानांतरित हो रहा है।

OpenAI के सैम ऑल्टमैन ने डेटा सेंटर में ऊर्जा के उपयोग की तुलना मानव प्रशिक्षण लागत से करते हुए इंटेलिजेंस के कमोडिटाइजेशन (commoditization) पर प्रकाश डाला। भारत में आयोजित हालिया AI इम्पैक्ट समिट (AI Impact Summit) में इस बदलाव की झलक दिखी, जहाँ बुनियादी ढांचे (infrastructure) से जुड़ी चिंताओं ने नैतिक पहलुओं पर भारी पड़ गई।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • पदसैम ऑल्टमैन: OpenAI के चीफ।
  • तथ्यजिम्मेदार विकास के बजाय ROI को प्राथमिकता मिलने के कारण Responsibility Index में गिरावट देखी गई है।
  • स्थानAI Impact Summit: भारत में आयोजित।
मेन्स के लिए

प्रश्न: 'बुद्धि का वस्तुकरण' (commoditization of intelligence) के नैतिक निहितार्थों और तीव्र एआई (AI) बुनियादी ढांचे के विस्तार तथा उत्तरदायी एआई शासन के बीच होने वाले समझौते (trade-off) का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • रेगुलेटरी आर्बिट्रेज: स्पीड-ड्रिवन डेवलपमेंट बाइंडिंग इंटरनेशनल सेफ्टी फ्रेमवर्क्स के निर्माण से आगे निकल रहा है
  • आर्थिक असमानता: AI कैपिटल का जमाव मानव श्रम की जगह सिलिकॉन-आधारित समाधानों से बदलने की ओर ले जा रहा है
  • इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधा: डेटा सेंटर्स की भारी ऊर्जा मांग और वैश्विक सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों के बीच टकराव

मुख्य शब्द: इंटेलिजेंस का कमोडिटाइजेशन · AI गवर्नेंस · निवेश पर रिटर्न (ROI) · ज़िम्मेदार AI · इंफ्रास्ट्रक्चर स्केलिंग

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › अंतरिक्ष तकनीक (ISRO, मिशन)प्रीलिम्स

NASA एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड इसाकमैन ने घोषणा की है कि तकनीकी जोखिमों को कम करने के लिए आर्टेमिस III (Artemis III) मिशन के दृष्टिकोण में बदलाव किया जाएगा

चर्चा में क्यों: NASA एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड इसाकमैन ने घोषणा की है कि तकनीकी जोखिमों को कम करने के लिए आर्टेमिस III (Artemis III) मिशन के दृष्टिकोण में बदलाव किया जाएगा। अब यह मिशन 2028 में सीधे चंद्रमा पर उतरने के बजाय चरणबद्ध तरीके (incremental approach) से आगे बढ़ेगा।

NASA ने आर्टेमिस III (Artemis III) के लॉन्च को मध्य-2027 तक के लिए टाल दिया है और आर्टेमिस II (Artemis II) को जल्द से जल्द अप्रैल तक के लिए आगे बढ़ा दिया है। यह बदलाव तकनीकी खामियों और एक स्वतंत्र स्पेस सेफ्टी पैनल (Space Safety Panel) की आलोचना के बाद किया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकआर्टेमिस III (Artemis III): NASA का मिशन जिसका उद्देश्य चंद्रमा पर मनुष्यों को उतारना है।
  • तथ्यआर्टेमिस III (Artemis III) का लॉन्च 2028 से बदलकर मध्य-2027 तक टाल दिया गया है।
  • पदजेरेड इसाकमान: NASA एडमिनिस्ट्रेटर जिन्होंने मिशन संशोधनों (revisions) की घोषणा की।
मेन्स के लिए

प्रश्न: गहन अंतरिक्ष अन्वेषण अभियानों में क्रमिक तकनीकी परीक्षणों के महत्व और अंतरिक्ष एजेंसी शासन में स्वतंत्र सुरक्षा ऑडिट की भूमिका पर चर्चा कीजिए।

  • रिस्क मिटिगेशन: महत्वाकांक्षी एक्सप्लोरेशन टाइमलाइन्स और तकनीकी विश्वसनीयता व सेफ्टी प्रोटोकॉल्स के बीच संतुलन
  • संस्थागत निगरानी: मिशन की अखंडता और सार्वजनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने में स्वतंत्र सुरक्षा पैनलों की भूमिका

मुख्य शब्द: जोखिम कम करना · अंतरिक्ष अन्वेषण · क्रमिक विकास · सुरक्षा प्रोटोकॉल · तकनीकी विश्वसनीयता

सुप्रीम कोर्ट इस बात की जांच कर रहा है कि क्या 2025 का SHANTI एक्ट 'स्पष्ट रूप से अन्यायपूर्ण' (manifestly unjust) या 'मनमाना' (arbitrary) है

चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट इस बात की जांच कर रहा है कि क्या 2025 का SHANTI एक्ट 'स्पष्ट रूप से अन्यायपूर्ण' (manifestly unjust) या 'मनमाना' (arbitrary) है। यह मामला निजी परमाणु ऑपरेटरों के लिए कम लायबिलिटी कैप (liability caps) को चुनौती देने वाली एक याचिका के बाद सामने आया है।

SHANTI (Sustainable Harnessing and Advancement of Nuclear Energy for Transforming India) एक्ट, 2025 निजी ऑपरेटरों और आपूर्तिकर्ताओं के लिए ₹3,000 करोड़ ($331 मिलियन) की लायबिलिटी कैप (Liability caps) निर्धारित करता है। याचिकाकर्ता ई.ए.एस. सरमा का तर्क है कि चेरनोबिल और फुकुशिमा आपदाओं में हुए नुकसान की तुलना में ये सीमाएं अपर्याप्त हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • अधिनियम / विधेयकSHANTI Act: Sustainable Harnessing and Advancement of Nuclear Energy for Transforming India Act, 2025 (सस्टेनेबल हारनेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया एक्ट, 2025)।
  • तथ्यSHANTI Act के तहत लायबिलिटी कैप (Liability cap): प्राइवेट ऑपरेटर्स और सप्लायर्स के लिए ₹3,000 करोड़ ($331 million)।
  • पदCJI सूर्यकांत: SHANTI Act को चुनौती देने वाली याचिका की अध्यक्षता कर रहे हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में निजी परमाणु ऊर्जा ऑपरेटरों के लिए निर्धारित दायित्व की सीमा (liability caps) की पर्याप्तता का राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा और सुरक्षा एवं मुआवजे के संवैधानिक अधिकार के बीच संतुलन स्थापित करते हुए समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • कानूनी विवाद: परमाणु विस्तार में 'राष्ट्रीय हित' और पीड़ित मुआवजे की 'स्पष्ट रूप से अन्यायपूर्ण' सीमा के बीच संतुलन
  • रेगुलेटरी गैप: वैधानिक लायबिलिटी कैप और परमाणु आपदा के वास्तविक आर्थिक नुकसान के बीच अंतर
  • संवैधानिक जांच: हाई-रिस्क एनर्जी सेक्टर में प्राइवेट सेक्टर की लायबिलिटी पर लीजिस्लेटिव कैप की मनमानी का आकलन

मुख्य शब्द: स्पष्ट रूप से अन्यायपूर्ण · लायबिलिटी कैप्स · परमाणु सुरक्षा · संवैधानिक जांच · मनमानी कार्रवाई

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टम्बलर रिज (Tumbler Ridge) शूटिंग से पहले एक संदिग्ध के ChatGPT अकाउंट का इस्तेमाल किए जाने के बाद

चर्चा में क्यों: टम्बलर रिज (Tumbler Ridge) शूटिंग से पहले एक संदिग्ध के ChatGPT अकाउंट का इस्तेमाल किए जाने के बाद, OpenAI ने सुरक्षा उपायों और रिपोर्टिंग मानदंडों को मजबूत करने का संकल्प लिया है।

OpenAI ने स्वीकार किया है कि टम्बलर रिज (Tumbler Ridge) गोलीबारी से महीनों पहले आंतरिक सिस्टम द्वारा संदिग्ध खाते को चिह्नित किए जाने के बावजूद, उसने पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी थी। कंपनी अब मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मदद ले रही है और कनाडाई कानून प्रवर्तन एजेंसियों (law enforcement agencies) के साथ सीधी संचार लाइन स्थापित कर रही है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकओपनएआई (OpenAI): चैटजीपीटी (ChatGPT) AI मॉडल का डेवलपर।
  • तथ्यTumbler Ridge शूटिंग से महीनों पहले OpenAI के इंटरनल सिस्टम्स ने संदिग्ध के अकाउंट को फ्लैग कर दिया था।
  • पदOpenAI रिपोर्टिंग क्राइटेरिया (reporting criteria) को बेहतर बनाने के लिए मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट्स की मदद ले रहा है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वास्तविक दुनिया की हिंसा को रोकने के लिए उपयोगकर्ता के व्यवहार की निगरानी करने में एआई (AI) प्लेटफार्मों की जिम्मेदारी के नैतिक और सुरक्षा निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • प्राइवेसी-सिक्योरिटी पैराडॉक्स: व्यक्तिगत यूजर डेटा प्राइवेसी और प्रोएक्टिव थ्रेट डिटेक्शन की ज़रूरत के बीच संतुलन
  • रेगुलेटरी गैप: हिंसक कृत्यों से जुड़े AI-जनरेटेड कंटेंट के लिए स्टैंडर्डाइज्ड मैंडेटरी रिपोर्टिंग प्रोटोकॉल की कमी
  • एल्गोरिथमिक जवाबदेही: AI मॉडल्स द्वारा रचनात्मक उपयोग और दुर्भावनापूर्ण इरादे के बीच अंतर करने की चुनौतियां

मुख्य शब्द: AI गवर्नेंस · एल्गोरिद्मिक जवाबदेही · डेटा प्राइवेसी · सार्वजनिक सुरक्षा · नैतिक AI

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधानप्रीलिम्स

केरल स्टेट बायोडायवर्सिटी बोर्ड (KSBB) ने रिपोर्ट दी है कि पीपुल्स बायोडायवर्सिटी रजिस्टर (PBR) को अपडेट करने की गति काफी धीमी है

चर्चा में क्यों: केरल स्टेट बायोडायवर्सिटी बोर्ड (KSBB) ने रिपोर्ट दी है कि पीपुल्स बायोडायवर्सिटी रजिस्टर (PBR) को अपडेट करने की गति काफी धीमी है, जिसमें 10% से भी कम स्थानीय निकायों ने इस प्रक्रिया को पूरा किया है।

कुल 1,034 स्थानीय निकायों (ग्राम पंचायतों और नगर पालिकाओं सहित) में से केवल 93 ने PBR का दूसरा खंड जमा किया है। KSBB वर्तमान में नेशनल बायोडायवर्सिटी अथॉरिटी (National Biodiversity Authority) से मिलने वाले फंड के साथ इन रजिस्टरों को डिजिटल बनाने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाकेरल स्टेट बायोडायवर्सिटी बोर्ड (KSBB): केरल में बायोडायवर्सिटी मैनेजमेंट के लिए जिम्मेदार राज्य निकाय।
  • संस्थानेशनल बायोडायवर्सिटी अथॉरिटी (NBA): PBR डिजिटाइजेशन पायलट के लिए फंडिंग प्रदान करने वाली केंद्रीय संस्था।
  • तथ्यPBR Volume 2: यह व्यापक जैव विविधता (biodiversity) जानकारी पर केंद्रित है।
  • तथ्यकेरल की 1,034 स्थानीय निकायों (local bodies) में से 10% से भी कम ने PBR को अपडेट किया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: स्थानीय पारिस्थितिक ज्ञान के संरक्षण में 'पीपुल्स बायोडायवर्सिटी रजिस्टर्स' (PBR) के महत्व और जमीनी स्तर पर उनके व्यवस्थित कार्यान्वयन में आने वाली चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • डेटा का बिखराव: 1,034 स्थानीय निकायों की अलग-अलग रिपोर्टिंग से एकीकृत जैव विविधता संरक्षण में बाधा
  • संस्थागत बाधा: प्रशासनिक देरी और चुनाव चक्रों से अनिवार्य PBR अपडेट प्रक्रिया धीमी
  • डिजिटल ट्रांजिशन: पारंपरिक पारिस्थितिक ज्ञान को डिजिटल नेशनल डेटाबेस में शामिल करने की चुनौतियां

मुख्य शब्द: बायोलॉजिकल डाइवर्सिटी एक्ट · पारंपरिक ज्ञान · विकेंद्रीकृत शासन · जैव विविधता संरक्षण · डिजिटल इंडिया

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगमेन्स

एन्थ्रोपिक (Anthropic) ने पेंटागन के एक कॉन्ट्रैक्ट को ठुकरा दिया क्योंकि उसकी शर्तों में घरेलू निगरानी और स्वायत्त घातक हथियारों (autonomous lethal weapons) पर स्पष्ट सीमाएं नहीं थीं

चर्चा में क्यों: एन्थ्रोपिक (Anthropic) ने पेंटागन के एक कॉन्ट्रैक्ट को ठुकरा दिया क्योंकि उसकी शर्तों में घरेलू निगरानी और स्वायत्त घातक हथियारों (autonomous lethal weapons) पर स्पष्ट सीमाएं नहीं थीं। इस घटना ने सैन्य अनुप्रयोगों में एथिकल AI (ethical AI) सुरक्षा उपायों पर बहस छेड़ दी है।

Claude AI मॉडल के डेवलपर, Anthropic ने पेंटागन (Pentagon) के साथ अनुबंध की शर्तों को खारिज कर दिया है। कंपनी का उद्देश्य घातक हथियारों और निगरानी (surveillance) के लिए बिना सुरक्षा उपायों के अपने AI के उपयोग को रोकना है। दूसरी ओर, पेंटागन ने तर्क दिया कि परिचालन संबंधी लचीलापन (operational flexibility) आवश्यक है और AI की तैनाती को विनियमित करने के लिए मौजूदा कानूनी ढांचे पर्याप्त हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • विज्ञान-तकनीकClaude: Anthropic कंपनी द्वारा विकसित एक AI मॉडल।
  • तथ्यएंथ्रोपिक (Anthropic) का इनकार पेंटागन के कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों में घरेलू निगरानी (domestic surveillance) और ऑटोनॉमस लीथल वेपन्स (autonomous lethal weapons) पर स्पष्ट सीमाओं की कमी पर आधारित है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: सैन्य अभियानों में स्पष्ट 'मानव-इन-द-लूप' (human-in-the-loop) सुरक्षा उपायों के बिना स्वायत्त एआई (AI) प्रणालियों के एकीकरण से उत्पन्न होने वाले नैतिक दुविधाओं और सुरक्षा निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • एथिकल-सिक्योरिटी पैराडॉक्स: नागरिक अधिकारों के उल्लंघन के जोखिम के साथ तेज़ ऑटोनॉमस रिस्पॉन्स की ज़रूरत के बीच संतुलन
  • रेगुलेटरी गैप: प्राइवेट कॉर्पोरेट एथिकल स्टैंडर्ड्स और डिफेंस में 'ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी' के लिए राज्य की ज़रूरतों के बीच टकराव
  • ग्लोबल नॉर्म सेटिंग: घातक ऑटोनॉमस वेपन्स सिस्टम (LAWS) के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक तय करने में प्राइवेट AI डेवलपर्स की भूमिका

मुख्य शब्द: स्वायत्त हथियार · ह्यूमन-इन-द-लूप · एल्गोरिथमिक जवाबदेही · नागरिक अधिकार · नैतिक AI · रणनीतिक क्षमता

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगमेन्स

मैरियटजे शैक और अमेरिकी सीनेटर चक शूमर ने बढ़ते 'बॉटलैश' (botlash) पर प्रकाश डाला है—यह AI के खिलाफ एक प्रतिक्रिया है जो नौकरियों के नुकसान

चर्चा में क्यों: मैरियटजे शैक और अमेरिकी सीनेटर चक शूमर ने बढ़ते 'बॉटलैश' (botlash) पर प्रकाश डाला है—यह AI के खिलाफ एक प्रतिक्रिया है जो नौकरियों के नुकसान, पर्यावरणीय प्रभाव और सुरक्षा खतरों को लेकर पैदा हुई चिंताओं से प्रेरित है।

यह लेख 'बॉटलैश' (botlash) की घटना पर चर्चा करता है, जिसमें AI की परिपक्वता और सामाजिक व्यवधान को लेकर चिंताएं, AI के प्रति अत्यधिक प्रचार (hype) के विचारों से टकराती हैं। इसमें उल्लेख किया गया है कि AI का वर्तमान उपयोग काफी हद तक सतही है और यह मुख्य रूप से जनसंख्या के एक छोटे वर्ग तक ही सीमित है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • विज्ञान-तकनीकमैरिटजे शाक (Marietje Schaake): स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से जुड़ी हैं और AI backlash के संबंध में 'botlash' शब्द की पहचान की है।
  • तथ्यAI संबंधी चिंताएं: जॉब लॉस (Job losses), पर्यावरणीय प्रभाव और सुरक्षा खतरे 'बोटलैश' (botlash) के मुख्य चालक हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के तीव्र एकीकरण से उत्पन्न होने वाले सामाजिक-आर्थिक और पर्यावरणीय जोखिमों की चर्चा कीजिए और 'बॉटलैश' (botlash) के प्रभावों को कम करने के लिए एक वैश्विक विनियामक ढांचे की आवश्यकता का मूल्यांकन कीजिए।

  • सामाजिक विघटन: तेज़ी से बढ़ती तकनीकी परिपक्वता के कारण नौकरियों के खत्म होने और सामाजिक व्यवस्थाओं के टूटने का जोखिम
  • एनवायर्नमेंटल फुटप्रिंट: बड़े पैमाने पर AI मॉडल को ट्रेन करने और बनाए रखने की पारिस्थितिक लागत
  • लोकतांत्रीकरण का अंतर: AI के फायदों का आबादी के एक छोटे हिस्से तक सीमित रहने का जोखिम

मुख्य शब्द: तकनीकी परिपक्वता · सामाजिक विघटन · तकनीक का लोकतंत्रीकरण · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · पर्यावरण पर प्रभाव

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एंथ्रोपिक (Anthropic) के CEO डारियो अमोदेई ने अपनी AI तकनीक तक बिना किसी रोक-टोक के सैन्य पहुंच की पेंटागन की मांग को खारिज कर दिया है

चर्चा में क्यों: एंथ्रोपिक (Anthropic) के CEO डारियो अमोदेई ने अपनी AI तकनीक तक बिना किसी रोक-टोक के सैन्य पहुंच की पेंटागन की मांग को खारिज कर दिया है। इस फैसले ने युद्ध में AI के उपयोग से जुड़े नैतिक मुद्दों पर एक गतिरोध पैदा कर दिया है।

एन्थ्रोपिक (Anthropic) के सीईओ डारियो अमोदेई ने कहा है कि कंपनी पेंटागन की उन मांगों को पूरा नहीं कर सकती जिनमें उनकी AI तकनीक के अनियंत्रित उपयोग की मांग की गई है। पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पारनेल ने दावा किया कि सेना की व्यापक निगरानी (mass surveillance) या स्वायत्त हथियारों (autonomous weapons) के लिए AI का उपयोग करने में कोई दिलचस्पी नहीं है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकएंथ्रोपिक (Anthropic): एक AI कंपनी जो मिलिट्री एक्सेस को लेकर पेंटागन (Pentagon) के साथ गतिरोध में शामिल है।
  • पदडारियो अमोदेई: Anthropic के CEO।
  • पदशॉन पारनेल: पेंटागन (Pentagon) के मुख्य प्रवक्ता।
मेन्स के लिए

प्रश्न: सैन्य प्रणालियों में उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के एकीकरण के नैतिक और सुरक्षा निहितार्थों तथा रक्षा क्षेत्र के लिए निजी क्षेत्र की एआई तकनीक को विनियमित करने की चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • नैतिक दुविधा: सैन्य तकनीकी में तेज़ी और ऑटोनॉमस वेपन्स और मास सर्विलांस के खतरों के बीच संतुलन बनाना
  • रेगुलेटरी फ्रिक्शन: प्राइवेट कॉर्पोरेट सेफ्टी प्रोटोकॉल और सरकार की अनियंत्रित स्ट्रैटेजिक एक्सेस की मांग के बीच टकराव
  • वेंडर डिपेंडेंसी: महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए प्राइवेट टेक फर्म्स पर निर्भरता से जुड़े जोखिम

मुख्य शब्द: स्वायत्त हथियार · AI एथिक्स · दोहरे उपयोग वाली तकनीक · रणनीतिक स्वायत्तता · तकनीकी संप्रभुता

BPCL-कोच्चि रिफाइनरी और केरल कॉर्पोरेशन ने नगर निगम के ठोस कचरे (municipal solid waste) के निपटान और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए ब्रह्मपुरम साइट पर एक कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट स्थापित किया है

चर्चा में क्यों: BPCL-कोच्चि रिफाइनरी और केरल कॉर्पोरेशन ने नगर निगम के ठोस कचरे (municipal solid waste) के निपटान और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए ब्रह्मपुरम साइट पर एक कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट स्थापित किया है।

यह सुविधा नगर निगम के ठोस कचरे (municipal solid waste) को बायोगैस और जैविक खाद में बदलने के लिए कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) तकनीक का उपयोग करती है। इसके द्वारा प्रतिदिन 5.6 टन बायोगैस और 290 टन लिक्विड फर्मेंटेड ऑर्गेनिक मैन्योर (LFOM) उत्पादन करने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकCBG: म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट (Municipal Solid Waste) के ट्रीटमेंट के लिए कंप्रेस्ड बायोगैस (Compressed Biogas) टेक्नोलॉजी का उपयोग।
  • तथ्यइस प्लांट से सालाना 85,000 टन कार्बन उत्सर्जन कम होने की उम्मीद है।
  • तथ्ययह सुविधा प्रतिदिन 290 टन लिक्विड फर्मेंटेड ऑर्गेनिक मैन्योर (LFOM) और 28 टन सॉलिड फर्मेंटेड ऑर्गेनिक मैन्योर (FOM) का उत्पादन करती है।
  • स्थानब्रह्मपुरम: केरल में 2023 में कचरे की आग (waste fire) की घटना वाली जगह।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के चक्रीय अर्थव्यवस्था (circular economy) और जलवायु लक्ष्यों में संपीड़ित बायोगैस (CBG) जैसी अपशिष्ट-से-ऊर्जा (waste-to-energy) पहलों के योगदान का विश्लेषण कीजिए।

  • सर्कुलर इकोनॉमी: लैंडफिल पर निर्भरता कम करने के लिए नगर निगम के कचरे को उपयोगी ऊर्जा और जैविक खाद में बदलना
  • क्लाइमेट मिटिगेशन: लोकल वेस्ट प्रोसेसिंग और बायोगैस जनरेशन के जरिए कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी

मुख्य शब्द: सर्कुलर इकोनॉमी · वेस्ट-टू-एनर्जी · कार्बन मिटिगेशन · कंप्रेस्ड बायोगैस · सस्टेनेबल वेस्ट मैनेजमेंट

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वायनाड वन्यजीव अभयारण्य (Wayanad Wildlife Sanctuary) में प्रजनन दर में गिरावट के बावजूद गिद्धों की आबादी स्थिर बनी हुई है

चर्चा में क्यों: वायनाड वन्यजीव अभयारण्य (Wayanad Wildlife Sanctuary) में प्रजनन दर में गिरावट के बावजूद गिद्धों की आबादी स्थिर बनी हुई है। इसका मुख्य कारण स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) और डिक्लोफेनाक (diclofenac) जैसी जहरीली दवाओं की अनुपस्थिति को माना गया है।

वायनाड वन्यजीव अभयारण्य केरल में एकमात्र ऐसा स्थान है जहाँ गिद्ध पाए जाते हैं। इस अभयारण्य के प्रचुर घास के मैदान (vayal) और स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) को इनकी आबादी की स्थिरता के प्राथमिक कारणों के रूप में उद्धृत किया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • पर्यावरणवायनाड वन्यजीव अभयारण्य: केरल में गिद्धों (vultures) के पाए जाने वाला एकमात्र स्थान।
  • तथ्यडाइक्लोफेनाक (Diclofenac): एक जहरीली दवा जिसे संरक्षित क्षेत्रों में गिद्धों की आबादी में गिरावट के लिए एक कारक के रूप में पहचाना गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य को बनाए रखने में गिद्धों के पारिस्थितिक महत्व की चर्चा कीजिए और भारत में पक्षी जैव विविधता पर औषधीय प्रदूषकों के प्रभाव का मूल्यांकन कीजिए।

  • टॉक्सिकोलॉजिकल इम्पैक्ट: फूड चेन में डाइक्लोफेनाक की मौजूदगी से सफाईकर्मी जीवों के अस्तित्व पर असर
  • हैबिटेट फ्रैगमेंटेशन: मानवीय गतिविधियों और इनवेसिव स्पीशीज के कारण नेस्टिंग साइट्स का नुकसान
  • इकोसिस्टम सर्विसेज: शवों के अपघटन और बीमारी नियंत्रण में गिद्धों की भूमिका

मुख्य शब्द: जैव विविधता संरक्षण · इकोसिस्टम सेवाएँ · विषविज्ञान · आवास का क्षरण · पक्षियों की आबादी की गतिशीलता

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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स (IIA) की टीम ने गौरिबदनूर रेडियो टेलीस्कोप और आदित्य-L1 के VELC पेलोड का उपयोग करके कोरोनल मास इजेक्शन (CMEs) द्वारा उत्पन्न शॉक (shocks) का सफलतापूर्वक अवलोकन किया

चर्चा में क्यों: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स (IIA) की टीम ने गौरिबदनूर रेडियो टेलीस्कोप और आदित्य-L1 के VELC पेलोड का उपयोग करके कोरोनल मास इजेक्शन (CMEs) द्वारा उत्पन्न शॉक (shocks) का सफलतापूर्वक अवलोकन किया।

प्रो. आर. रमेश के नेतृत्व वाली टीम ने 27 मई, 2024 को आए CME शॉक की शुरुआत की दूरी सूर्य से लगभग 130,000 किमी अनुमानित की है। इस अध्ययन में आदित्य-L1 सैटेलाइट पर लगे विजिबल एमिशन लाइन कोरोनोग्राफ (Visible Emission Line Coronagraph - VELC) पेलोड का उपयोग किया गया।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकVELC: Visible Emission Line Coronagraph, आदित्य-L1 (Aditya-L1) सैटेलाइट पर एक पेलोड (payload) है।
  • संस्थाIIA: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स (Indian Institute of Astrophysics) गौरिबदानूर रेडियो टेलीस्कोप संचालित करता है।
  • तथ्यदेखे गए CME शॉक की अनुमानित शुरुआत की दूरी सूर्य से लगभग 1,30,000 किलोमीटर थी।
मेन्स के लिए

प्रश्न: अंतरिक्ष मौसम को समझने और स्थलीय बुनियादी ढांचे पर इसके प्रभाव के संदर्भ में आदित्य-एल1 (Aditya-L1) जैसे सौर अवलोकन मिशनों के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • स्पेस वेदर मिटिगेशन: सैटेलाइट कम्युनिकेशन और पावर ग्रिड को बचाने के लिए CME से होने वाले जियोमैग्नेटिक स्टॉर्म की भविष्यवाणी
  • तकनीकी संप्रभुता: अंतरराष्ट्रीय स्पेस एजेंसियों पर निर्भरता कम करने के लिए स्वदेशी हाई-रिज़ॉल्यूशन सोलर कोरोनोग्राफी को बढ़ावा देना

मुख्य शब्द: कोरोनाल मास इजेक्शन्स · स्पेस वेदर · सोलर कोरोना · आदित्य-L1 · रेडियो एस्ट्रोनॉमी

केरल सरकार ने एक समुदाय-आधारित ऊर्जा भंडारण रोडमैप (Community-driven energy storage roadmap) पेश किया है

चर्चा में क्यों: केरल सरकार ने एक समुदाय-आधारित ऊर्जा भंडारण रोडमैप (Community-driven energy storage roadmap) पेश किया है, जिसमें पेरिंजनम पंचायत में एक पायलट प्रोजेक्ट को विकेंद्रीकृत बैटरी स्टोरेज (Decentralized battery storage) के लिए एक राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित किया गया है।

केरल सरकार त्रिशूर के पेरिंजनम में ₹2 करोड़ की कम्युनिटी-ओन्ड बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (C-BESS) तैनात कर रही है। इस परियोजना का उद्देश्य स्थानीय स्वामित्व और प्रबंधन वाले विकेंद्रीकृत स्टोरेज (decentralized storage) के माध्यम से आयातित बिजली पर निर्भरता को कम करना है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यC-BESS प्रोजेक्ट की लागत: ₹2 करोड़।
  • स्थानपेरिनजमन पंचायत, त्रिशूर, केरल।
  • तथ्यअपेक्षित कमीशनिंग तिथि: मई 2026।
  • विज्ञान-तकनीकC-BESS: कम्युनिटी-ओन्ड बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (Community-owned Battery Energy Storage System)।
मेन्स के लिए

प्रश्न: विकेंद्रीकृत सामुदायिक स्वामित्व वाले ऊर्जा भंडारण मॉडल भारत के विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा ग्रिड की ओर संक्रमण को किस प्रकार सुदृढ़ कर सकते हैं, चर्चा कीजिए।

  • ग्रिड स्टेबिलिटी: लोकल बैटरी स्टोरेज के ज़रिए सोलर और विंड की अनिश्चितता को कम करना
  • डेमोक्रेटिक एनर्जी: सेंट्रलाइज्ड यूटिलिटी मॉडल से कम्युनिटी-मैनेज्ड माइक्रोग्रिड की ओर बदलाव
  • इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: हाई-कैपेसिटी बैटरी के लिए लोकल टेक्निकल मेंटेनेंस और सेफ्टी प्रोटोकॉल की ज़रूरत

मुख्य शब्द: विकेंद्रीकृत ऊर्जा · नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बदलाव · सामुदायिक भागीदारी · ऊर्जा सुरक्षा · माइक्रोग्रिड मैनेजमेंट

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केरल वन विभाग हाथी दांत के स्टॉक को जलाने से निकलने वाली राख को आयुर्वेदिक दवाओं के लिए एक संभावित सामग्री के रूप में व्यावसायिक रूप से बेचने की संभावना तलाश रहा है

चर्चा में क्यों: केरल वन विभाग हाथी दांत के स्टॉक को जलाने से निकलने वाली राख को आयुर्वेदिक दवाओं के लिए एक संभावित सामग्री के रूप में व्यावसायिक रूप से बेचने की संभावना तलाश रहा है।

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के निर्देशों के बाद, केरल वन विभाग को ₹260 करोड़ मूल्य के हाथी दांत के स्टॉक को नष्ट करने का कार्य सौंपा गया है। इससे उत्पन्न होने वाली राख का मूल्यांकन आयुर्वेदिक दवाओं के उत्पादन के लिए उपयुक्त औषधीय गुणों हेतु किया जा रहा है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यकेरल में हाथीदांत (Ivory) के स्टॉक की अनुमानित कीमत ₹260 करोड़ है।
  • संस्थाहाथी दांत के स्टॉक (ivory stocks) के विनाश के लिए फॉरेस्ट डिपार्टमेंट जिम्मेदार संस्था है।
  • विज्ञान-तकनीकहाथी दांत (Ivory) को जलाने से उत्पन्न होने वाली राख के औषधीय गुणों की आयुर्वेदिक दवाओं में जांच की जा रही है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वन्यजीव संरक्षण कानूनों के प्रवर्तन और जब्त किए गए अवैध उत्पादों को औद्योगिक या औषधीय उपयोगों के लिए पुन: उपयोग करने की संभावना के बीच संतुलन बनाए रखने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • रेगुलेटरी बाधा: राख से बने औषधीय कंपाउंड्स की सुरक्षा और प्रभावकारिता को प्रमाणित करने के लिए स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल की कमी
  • नैतिक दुविधा: उप-उत्पादों के व्यावसायीकरण के जरिए अवैध वन्यजीव व्यापार में 'ग्रीनवाशिंग' की संभावना

मुख्य शब्द: वन्यजीव संरक्षण · आयुर्वेदिक दवा · संसाधनों का पुन: उपयोग · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · जैव विविधता संरक्षण

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स + मेन्स

नेचर मेडिसिन (Nature Medicine) में किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि OpenAI के ChatGPT Health प्लेटफॉर्म में अक्सर मेडिकल इमरजेंसी (medical emergencies) को पहचानने में विफलता देखी गई है, जिससे मरीजों को नुकसान पहुँचने की संभावना बनी रहती है

चर्चा में क्यों: नेचर मेडिसिन (Nature Medicine) में किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि OpenAI के ChatGPT Health प्लेटफॉर्म में अक्सर मेडिकल इमरजेंसी (medical emergencies) को पहचानने में विफलता देखी गई है, जिससे मरीजों को नुकसान पहुँचने की संभावना बनी रहती है।

अध्ययन में 60 वास्तविक रोगी परिदृश्यों (patient scenarios) का विश्लेषण किया गया और पाया गया कि ChatGPT Health ने आधे से अधिक मामलों को गलत तरीके से वर्गीकृत किया। AI ने अक्सर उन मामलों में भी मरीजों को घर पर रहने या नियमित अपॉइंटमेंट बुक करने की सलाह दी, जहाँ तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता थी।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • विज्ञान-तकनीकChatGPT Health: मेडिकल से जुड़े सवालों के लिए OpenAI द्वारा विकसित एक AI प्लेटफॉर्म।
  • रिपोर्ट / सूचकांकNature Medicine: वह जर्नल जिसने मेडिकल इमरजेंसी को पहचानने में AI की विफलता पर आधारित अध्ययन प्रकाशित किया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे में जनरेटिव एआई (Generative AI) की तैनाती के नैतिक और सुरक्षा निहितार्थों पर चर्चा कीजिए और जोखिमों को कम करने के लिए उपयुक्त विनियामक तंत्रों का सुझाव दीजिए।

  • लायबिलिटी की अस्पष्टता: AI द्वारा दी गई सलाह से होने वाले मेडिकल मालप्रैक्टिस के लिए स्पष्ट कानूनी ढांचे की कमी
  • एल्गोरिथमिक बायस: नॉन-रिप्रेजेंटेटिव ट्रेनिंग डेटा के कारण विशिष्ट डेमोग्राफिक्स में AI द्वारा लक्षणों को कम आंकने का जोखिम
  • सुरक्षा-विश्वसनीयता का ट्रेड-ऑफ: AI हेल्थ टूल्स की पहुंच और गलत सुरक्षा के जोखिम के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: जेनरेटिव AI · एल्गोरिद्मिक जवाबदेही · मेडिकल एथिक्स · डेटा इंटीग्रिटी · ह्यूमन-इन-द-लूप

संयुक्त राष्ट्र ने पेरिस एग्रीमेंट (Paris Agreement) के मार्केट मैकेनिज्म के तहत पहले कार्बन क्रेडिट्स को मंजूरी दी है

चर्चा में क्यों: संयुक्त राष्ट्र ने पेरिस एग्रीमेंट (Paris Agreement) के मार्केट मैकेनिज्म के तहत पहले कार्बन क्रेडिट्स को मंजूरी दी है। इसमें दक्षिण कोरिया और म्यांमार को लाभ पहुँचाने के लिए म्यांमार में एक क्लीन कुकिंग प्रोजेक्ट शामिल है।

संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन के कार्यकारी सचिव, साइमन स्टिल ने प्रभावशाली परियोजनाओं के लिए वित्त जुटाने की इस तंत्र की क्षमता पर प्रकाश डाला। इस नए तंत्र को अधिक रूढ़िवादी (conservative) बनाया गया है, जिसमें पिछली योजनाओं की तुलना में क्रेडिट किए गए उत्सर्जन में 40% की कमी शामिल है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • अंतर्राष्ट्रीय संगठनपेरिस एग्रीमेंट मार्केट मैकेनिज्म (Paris Agreement market mechanism) वैश्विक उत्सर्जन में कमी के लक्ष्यों को समर्थन देने के लिए UN द्वारा संचालित एक पहल है।
  • तथ्यनए कार्बन क्रेडिट मैकेनिज्म में पिछले प्रयासों की तुलना में क्रेडिट किए गए उत्सर्जन में 40% की कमी शामिल है।
  • स्थानपहले स्वीकृत कार्बन क्रेडिट्स (carbon credits) को म्यांमार में एक क्लीन कुकिंग प्रोजेक्ट (clean cooking project) से जोड़ा गया है।
  • तथ्ययह प्रोजेक्ट दक्षिण कोरिया और म्यांमार दोनों के लिए क्रेडिट जनरेट करता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पेरिस समझौते के अंतर्गत वैश्विक नेट-जीरो लक्ष्यों की प्राप्ति में बाजार-आधारित कार्बन क्रेडिट तंत्र की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए, साथ ही 'ग्रीनवाशिंग' की रोकथाम के संदर्भ में इसकी चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • इंटीग्रिटी रिस्क: 'ग्रीनवाशिंग' की संभावना जहाँ क्रेडिट्स वास्तविक एटमॉस्फेरिक कार्बन सीक्वेस्ट्रेशन को नहीं दर्शाते
  • रेगुलेटरी बदलाव: हाई-इंटीग्रिटी क्रेडिट इश्यूएंस सुनिश्चित करने के लिए 40% रिडक्शन बफर की ओर बदलाव
  • फाइनेंसिंग फ्लो: विकासशील देशों में स्थानीय क्लीन कुकिंग प्रोजेक्ट्स तक इंटरनेशनल क्लाइमेट फाइनेंस पहुँचाने का मैकेनिज्म

मुख्य शब्द: कार्बन क्रेडिट्स · पेरिस समझौता · ग्रीनवॉशिंग · क्लाइमेट फाइनेंस · उत्सर्जन में कमी

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