यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 1,328 नोट्स, रोज़ अपडेट।
पाठ्यक्रम के विषय: IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंग (484) · अंतरिक्ष तकनीक (ISRO, मिशन) (335) · जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधान (222) · परमाणु एवं नई ऊर्जा तकनीक (178) · रक्षा तकनीक (105) · बौद्धिक संपदा अधिकार (4)
चर्चा में क्यों: जुलाई 2026 में प्रकाशित एक अध्ययन से यह स्पष्ट हुआ है कि गुजरात में एशियाई शेर मुख्य रूप से पशुधन के बजाय जंगली शिकार का उपभोग करते हैं, जो मानव-वन्यजीव संघर्ष के संबंध में पूर्व की धारणाओं को चुनौती देता है।
इस अध्ययन में मार्च और अप्रैल 2024 के मध्य गुजरात के तटीय जिलों से एकत्रित किए गए शेर के 160 मल के नमूनों का विश्लेषण किया गया। विश्लेषण के अनुसार, शेरों के आहार का 64% और उनके कुल बायोमास उपभोग का लगभग 70% वन्यजीवों से प्राप्त होता है, जिसमें नीलगाय (ब्लू बुल) बायोमास में 51% का योगदान देती है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पर्यावरणएशियाई शेर (Panthera leo leo) मुख्य रूप से गुजरात के गिर वन में पाए जाते हैं।
तथ्यनीलगाय (Blue bull) को शेर के आहार के कुल बायोमास में 51% के साथ सबसे बड़े योगदानकर्ता के रूप में पहचाना गया है।
तथ्यतटीय गुजरात में एशियाई शेरों के आहार का 64% हिस्सा जंगली शिकार से प्राप्त होता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: शीर्ष शिकारियों (apex predators) के लिए प्राकृतिक शिकार आधारों को बनाए रखने के पारिस्थितिक महत्व और सीमावर्ती आवासों (fringe habitats) में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए इसके निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: Tracebit के शोधकर्ताओं ने 'कॉन्टेक्स्ट बॉम्बिंग' (context bombing) की खोज की है, जो एक ऐसी तकनीक है जिसमें संवेदनशील डेटा के साथ दुर्भावनापूर्ण कमांड्स को इस प्रकार सम्मिलित किया जाता है कि वे LLMs को हमलों को रोकने के लिए बाध्य कर देते हैं।
Tracebit के शोधकर्ताओं ने यह प्रदर्शित किया है कि 'कॉन्टेक्स्ट बॉम्बिंग' (context bombing) तकनीक के प्रयोग से प्रमुख LLMs में सफल प्रशासनिक विशेषाधिकार वृद्धि (admin privilege escalation) की दर 57% से घटकर मात्र 5% रह जाती है। यह पद्धति AWS पर प्रॉम्प्ट इंजेक्शन (prompt injections) की शीघ्र पहचान हेतु पूर्व में अपनाई गई 'डिकॉय रिसोर्स' (decoy resource) रणनीतियों पर आधारित है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकPrompt Injection: एक ऐसी तकनीक जिसमें LLM के आउटपुट को प्रभावित करने के लिए उपयोगकर्ता के प्रॉम्प्ट्स में दुर्भावनापूर्ण निर्देश शामिल किए जाते हैं।
तथ्यContext Bombing: एक सुरक्षा तकनीक जिसने परीक्षण किए गए मॉडलों में एडमिन प्रिविलेज एस्केलेशन (admin privilege escalation) को 57% से घटाकर 5% कर दिया।
विज्ञान-तकनीकTracebit: वह शोध इकाई जो context bombing भेद्यता (vulnerability) और शमन (mitigation) की पहचान करती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: उद्यम परिवेश (enterprise environments) में लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs) के सुरक्षा निहितार्थों पर चर्चा कीजिए और प्रॉम्प्ट इंजेक्शन हमलों के विरुद्ध एक रक्षा तंत्र के रूप में 'कॉन्टेक्स्ट बॉम्बिंग' (context bombing) की प्रभावकारिता का मूल्यांकन कीजिए।
चर्चा में क्यों: भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था तेजी से विस्तार कर रही है, जिसमें वर्तमान में 400 से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं और 2033 तक 44 बिलियन डॉलर के उद्योग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस प्रगति को Skyroot Aerospace द्वारा आगामी ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट प्रक्षेपण के माध्यम से रेखांकित किया गया है।
भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था का वर्तमान मूल्य $8.4 बिलियन है। ISRO ने अब तक 430 से अधिक विदेशी उपग्रहों का प्रक्षेपण किया है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2033 तक $44 बिलियन का अंतरिक्ष उद्योग विकसित करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्य2024 तक भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था का मूल्य $8.4 बिलियन है।
तथ्यभारत का लक्ष्य 2033 तक $44 बिलियन का अंतरिक्ष उद्योग प्राप्त करना है।
विज्ञान-तकनीकSkyroot Aerospace एक प्रमुख निजी खिलाड़ी है जिसका लक्ष्य भारत का पहला निजी ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट लॉन्च करना है।
तथ्यISRO ने 430 से अधिक विदेशी उपग्रहों को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की आर्थिक वृद्धि के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र के उदारीकरण के महत्व और 2033 तक 44 बिलियन डॉलर के उद्योग लक्ष्य को प्राप्त करने में निजी स्टार्टअप्स की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: लद्दाख प्रशासन ने स्वच्छ ऊर्जा हेतु एक पायलट पावर प्लांट स्थापित करने के लिए पुगा घाटी में भारत के प्रथम भू-तापीय कुओं (geothermal wells) का निर्माण कराया है।
लद्दाख की पुगा घाटी में 1000 मीटर की गहराई वाले दो भू-तापीय (geothermal) कुओं को चालू किया गया है। इस परियोजना का उद्देश्य 135 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान का उपयोग करते हुए एक एक-मेगावाट के पायलट संयंत्र को ऊर्जा प्रदान करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
स्थानपुगा वैली: यह केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में स्थित है, जिसे इसके भू-तापीय (geothermal) क्षमता के लिए पहचाना जाता है।
तथ्यकुएं की गहराई: चालू किए गए भूतापीय (geothermal) कुएं 1000 मीटर गहरे हैं।
तथ्यतापमान: स्थल पर भू-तापीय संसाधन 135 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान तक पहुँच सकते हैं।
तथ्यक्षमता: पायलट पावर प्लांट को 1-megawatt आउटपुट के लिए डिज़ाइन किया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण के लिए एक व्यवहार्य समाधान के रूप में भू-तापीय ऊर्जा की क्षमता का विश्लेषण कीजिए और हिमालयी क्षेत्र में इससे जुड़ी भौगोलिक एवं तकनीकी चुनौतियों पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: Skyroot Aerospace, श्रीहरिकोटा से विक्रम-1 का प्रक्षेपण करने की तैयारी कर रहा है, जो भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र और निजी प्रक्षेपण वाहनों के उद्भव के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
Skyroot Aerospace की स्थापना 2018 में ISRO के पूर्व इंजीनियरों पवन कुमार चंदना और नागा भरथ डाका द्वारा की गई थी। विक्रम-1 रॉकेट का IN-SPACe द्वारा गहन तकनीकी और सुरक्षा परीक्षण किया गया, जो ISRO के आंतरिक मानकों के अनुरूप है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकVikram-1, Skyroot Aerospace द्वारा विकसित एक निजी ऑर्बिटल रॉकेट है।
संस्थाIN-SPACe (Indian National Space Promotion and Authorization Centre) भारत में निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के विनियमन के लिए नोडल एजेंसी है।
स्थानश्रीहरिकोटा भारत के अंतरिक्ष अभियानों के लिए प्राथमिक अंतरिक्षपत्तन (spaceport) है।
तथ्यSkyroot Aerospace की स्थापना 2018 में हुई थी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी को बढ़ावा देने में 'न्यूस्पेस' (NewSpace) नीति के महत्व और सुरक्षा एवं मानकों को सुनिश्चित करने में 'इन-स्पेस' (IN-SPACe) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शून्य-उत्सर्जन रेलवे तकनीक को प्रदर्शित करनेके उद्देश्य से जिंद और सोनीपत के बीच भारत की पहली हाइड्रोजन-संचालित ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यह ट्रेन 10 कोचों वाली एक उत्कृष्ट संरचना है जो 75 किमी प्रति घंटे की गति तक चलने में सक्षम है। यह प्रतिदिन दो चक्करों के निर्धारित कार्यक्रम पर संचालित होती है, जो कुल 356 किमी की दूरी तय करती है और प्रतिदिन लगभग 300 किलोग्राम हाइड्रोजन की खपत करती है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकहाइड्रोजन फ्यूल सेल: भारत की पहली हाइड्रोजन-संचालित ट्रेन के लिए शक्ति स्रोत।
तथ्यपरिचालन गति: 75 kmph तक।
तथ्यदैनिक हाइड्रोजन की खपत: लगभग 300 kg प्रति दिन।
तथ्यमार्ग: जींद से सोनीपत, हरियाणा।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय रेलवे नेटवर्क को कार्बन मुक्त बनाने में हाइड्रोजन ईंधन सेल तकनीक की क्षमता और हरित हाइड्रोजन आपूर्ति श्रृंखला स्थापित करने में आने वाली लॉजिस्टिक चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
चर्चा में क्यों: एक अंतर्राष्ट्रीय टीम ने कोरल रीफ के विरंजन (bleaching) के विरुद्ध वैश्विक संरक्षण प्रयासों के मार्गदर्शन हेतु AI का उपयोग करते हुए 64,000 वर्ग मील के ताप-प्रतिरोधी कोरल रीफ का मानचित्रण किया है।
इस अध्ययन ने 71 देशों और 100 क्षेत्रों में स्थित प्रवाल भित्ति अभयारण्यों (coral sanctuaries) की पहचान की है। यह शोध केन्या के मोम्बासा में आयोजित 'अवर ओशन कॉन्फ्रेंस' (Our Ocean Conference) में प्रस्तुत किया गया, जिसमें अत्यधिक ताप तनाव के प्रति लचीले (resilient) प्रवाल भित्तियों पर प्रकाश डाला गया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकAI अनुप्रयोग: इसका उपयोग ताप-प्रतिरोधी (heat-resistant) कोरल रीफ संरचनाओं के मानचित्रण और पहचान के लिए किया जाता है।
तथ्यपैमाना: 64,000 वर्ग मील से अधिक क्षेत्र में प्रवाल भित्तियों (coral reefs) का मानचित्रण किया गया।
स्थानOur Ocean Conference: मॉम्बासा, केन्या में आयोजित।
तथ्यक्षेत्र: अनुसंधान में 71 देशों और 100 क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: समुद्री जैव विविधता और प्रवाल भित्ति पारिस्थितिकी तंत्र पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) का उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: NRSC निदेशक ने Oceansat-3A के आगामी प्रक्षेपण और तटीय अवलोकन हेतु NICES-CORAL प्रयोगशाला के उद्घाटन की घोषणा की है।
Oceansat-3A उपग्रह के प्रक्षेपण का लक्ष्य वर्ष 2024 के अंत से पूर्व निर्धारित किया गया है। आंध्र विश्वविद्यालय में NICES-तटीय अवलोकन अनुसंधान प्रयोगशाला (CORAL) की स्थापना उपकरणों एवं रखरखाव हेतु ₹10 करोड़ से ₹12 करोड़ के वित्तपोषण के साथ की गई है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकOceansat-3A: ISRO द्वारा महासागर अवलोकन और तटीय निगरानी के लिए डिजाइन किया गया एक उपग्रह।
संस्थाNRSC: National Remote Sensing Centre, अंतरिक्ष विभाग (Department of Space) के अधीन एक स्वायत्त निकाय है।
स्थानCORAL: ग्राउंड-ट्रुथ डेटा संग्रह के लिए विशाखापट्टनम स्थित आंध्र विश्वविद्यालय में स्थित है।
तथ्यCORAL के लिए वित्तपोषण: उपकरण खरीद और रखरखाव के लिए ₹10 करोड़ से ₹12 करोड़।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के तटीय प्रबंधन और आपदा शमन रणनीतियों को सुदृढ़ करने में उपग्रह-आधारित सुदूर संवेदन (रिमोट सेंसिंग) के महत्व पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: खगोलविदों ने एक लाल बौने तारे की परिक्रमा करने वाले संभावित रूप से रहने योग्य चट्टानी एक्सोप्लैनेट, LHS 1140b पर वायुमंडल की पहली पुष्टि की है।
LHS 1140b एक चट्टानी बाह्यग्रह (exoplanet) है, जो लगभग 49 प्रकाश-वर्ष की दूरी पर स्थित है। यह एक शांत लाल बौने तारे की परिक्रमा लगभग 25 दिनों में करता है और यह रहने योग्य क्षेत्र (habitable zone) के भीतर स्थित है, जहाँ तरल जल की उपस्थिति की संभावना हो सकती है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकLHS 1140b: एक चट्टाक्रीय exoplanet जो एक लाल बौने तारे (red dwarf star) के रहने योग्य क्षेत्र (habitable zone) में स्थित है।
तथ्यदूरी: LHS 1140b पृथ्वी से लगभग 49 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है।
विज्ञान-तकनीकअवलोकन: 2024 में ऊपरी वायुमंडल से Helium का रिसाव पाया गया था, लेकिन 2025 में यह अनुपस्थित था।
विज्ञान-तकनीककक्षीय अवधि: यह ग्रह प्रत्येक 25 दिनों में एक कक्षा पूर्ण करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बाह्य ग्रहों (exoplanets) पर स्थित चट्टानी ग्रहों के वायुमंडल का पता लगाने की प्रक्रिया, परग्रही जीवन की खोज में इसके महत्व और इस प्रकार के अवलोकनों के लिए आवश्यक तकनीकी प्रगति का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: SEBI ने संगठनों को AI-आधारित धोखाधड़ी में हो रही वृद्धि के प्रति सचेत किया है, जिसमें अपराधी CEO के रूप में पहचान स्थापित करने और धोखाधड़ी वाले धन हस्तांतरण को अधिकृत करने के लिए वॉयस क्लोनिंग और डीपफेक्स (deepfakes) का उपयोग कर रहे हैं।
भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने व्हाट्सएप और ईमेल के माध्यम से पहचान की चोरी (इम्पर्सनेशन) वाले धोखाधड़ी के मामलों में वृद्धि दर्ज की है। जालसाज, कर्मचारियों को तत्काल भुगतान भेजने के लिए भ्रमित करने हेतु वॉयस क्लोनिंग और डीपफेक वीडियो बनाने के लिए AI उपकरणों का उपयोग कर रहे हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाI4C: Indian Cyber Crime Coordination Centre साइबर अपराध प्रतिक्रिया के समन्वय के लिए एक नोडल एजेंसी है।
तथ्यराष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन: साइबर धोखाधड़ी की रिपोर्ट करने के लिए 1930 समर्पित नंबर है।
विज्ञान-तकनीकDeepfakes: AI का उपयोग करके किसी व्यक्ति की छवि को दूसरे व्यक्ति की छवि से बदलने वाला सिंथेटिक मीडिया।
विज्ञान-तकनीकVoice Cloning: AI तकनीक जो किसी विशिष्ट व्यक्ति के आवाज के पैटर्न की नकल करके यथार्थवादी भाषण उत्पन्न करती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: कॉर्पोरेट परिवेश में जनरेटिव एआई (Generative AI) के सुरक्षा निहितार्थों की चर्चा कीजिए और एआई-आधारित वित्तीय धोखाधड़ी को कम करने के लिए एक बहु-हितधारक ढांचे (multi-stakeholder framework) का सुझाव दीजिए। विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: सेमीकंडक्टर डिजाइन में पारंपरिक ऑटोमेशन से एजेंटिक AI (Agentic AI) की ओर संक्रमण, भारत के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) में उत्पादकता बढ़ाने हेतु अधिक स्वायत्त और अनुकूलनशील इंजीनियरिंग वर्कफ़्लो को सक्षम बना रहा है।
एजेंटिक AI (Agentic AI) प्रणालियाँ मानक स्वचालन से इस आधार पर भिन्न हैं कि ये पृथक कार्यों को निष्पादित करने के बजाय संपूर्ण कार्यप्रवाह का अनुकूलनपरक प्रबंधन करती हैं। भारत के GCCs द्वारा अर्धचालक डिजाइन और इंजीनियरिंग के मूल्य श्रृंखला में उच्च स्तर पर पहुँचने हेतु इस तकनीक को अपनाया जा रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकAgentic AI: AI प्रणालियाँ जो स्वायत्त लक्ष्य-निर्धारण (autonomous goal-setting) और बहु-चरणीय कार्यप्रवाह प्रबंधन (multi-step workflow management) में सक्षम हैं।
तथ्यGlobal Capability Centers (GCCs): वैश्विक निगमों के लिए उच्च-स्तरीय इंजीनियरिंग और R&D सेवाएँ प्रदान करने वाली भारतीय संस्थाएँ।
विज्ञान-तकनीकसेमीकंडक्टर डिजाइन: इंटीग्रेटेड सर्किट (ICs) की वास्तुकला (architecture) और लेआउट बनाने की प्रक्रिया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: उच्च-तकनीकी विनिर्माण और इंजीनियरिंग कार्यप्रवाहों में 'एजेंटिक एआई' (Agentic AI) का एकीकरण वैश्विक सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में भारत की स्थिति को किस प्रकार पुनर्परिभाषित कर सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: झारखंड में मानव-हाथी संघर्ष को कम करनेके उद्देश्य से एक 18 वर्षीय डेवलपर ने 'Innobox' नामक AI-आधारित उपकरण विकसित किया है।
'Innobox' उपकरण 80-85% की पहचान सटीकता प्राप्त करने के लिए AI के साथ एकीकृत भूकंपीय सेंसर और रडार का उपयोग करता है। इसका परीक्षण पलामू टाइगर रिजर्व में किया गया था और इसे अगस्त 2024 में रांची जिले में एक पायलट परियोजना के लिए निर्धारित किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकInnobox: हाथियों का पता लगाने और उन्हें रोकने के लिए seismic sensors और radar का उपयोग करने वाला एक AI-आधारित उपकरण।
स्थानपलामू टाइगर रिजर्व: वह स्थान जहाँ AI डिवाइस का प्रारंभिक परीक्षण किया गया था।
तथ्ययह उपकरण हाथियों का पता लगाने में 80-85% की सटीकता दर प्राप्त करता है।
स्थानरांची: अगस्त 2024 में पायलट प्रोजेक्ट के लिए निर्धारित जिला।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के जैव विविधता हॉटस्पॉट्स में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) का एकीकरण किस प्रकार सहायक हो सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने विदेशी GPS स्रोतों पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से बेंगलुरु में 'व्हाइट रैबिट टेक्नोलॉजी' आधारित भारतीय मानक समय (IST) वितरण प्रदर्शन नेटवर्क का उद्घाटन किया।
यह परियोजना विधिक माप विज्ञान (Legal Metrology) प्रभाग द्वारा प्रबंधित 'वन नेशन, वन टाइम' पहल का एक हिस्सा है। यह वैश्विक UTC प्रोटोकॉल का अनुपालन करते हुए महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उच्च-परिशुद्धता समय सिंक्रोनाइज़ेशन प्रदान करने के लिए 'व्हाइट रैबिट' (White Rabbit) तकनीक का उपयोग करती है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकWhite Rabbit Technology: सब-नैनोसेकंड समय सिंक्रोनाइज़ेशन (time synchronization) के लिए एक उच्च-परिशुद्धता नेटवर्क प्रोटोकॉल।
संस्थाNPL (National Physical Laboratory): भारत में राष्ट्रीय मानक स्थापित करने वाली प्राथमिक संस्था।
तथ्यइस नेटवर्क का उद्देश्य विदेशी GPS संकेतों पर निर्भरता कम करने के लिए एक समान और सुरक्षित समय मानक प्रदान करना है।
पदप्रह्लाद जोशी: उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक स्वदेशी उच्च-परिशुद्धता समय सिंक्रोनाइज़ेशन नेटवर्क (high-precision time synchronization network) की स्थापना के महत्व की चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: क्लाइमेट सेंट्रल (Climate Central) के एक अध्ययन से यह तथ्य सामने आया है कि 1970-1975 से भारतीय राज्यों में बढ़ते तापमान के कारण नींद की कमी में वार्षिक रूप से 4%-7% की वृद्धि हुई है, जो जलवायु परिवर्तन और सार्वजनिक स्वास्थ्य के अंतर्संबंधों को रेखांकित करता है।
यह अध्ययन दक्षिण भारत को बढ़ते तापमान के कारण नींद में व्यवधान के एक प्रमुख केंद्र (हॉटस्पॉट) के रूप में पहचानता है। चेन्नई में वार्षिक नींद की हानि सर्वाधिक 93 घंटे दर्ज की गई, जबकि बेंगलुरु में जलवायु परिवर्तन से सीधे संबंधित 8 घंटे की वृद्धि देखी गई।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यभारतीय राज्यों में वार्षिक नींद की कमी 1970-1975 की अवधि की तुलना में 4% से 7% तक बढ़ गई है।
तथ्यअध्ययन में चेन्नई में 93 घंटों की उच्चतम वार्षिक नींद की हानि दर्ज की गई।
स्थानदक्षिण भारत को जलवायु-प्रेरित नींद में व्यवधान (sleep disruption) के प्राथमिक हॉटस्पॉट के रूप में पहचाना गया है।
विज्ञान-तकनीकजुलाई 2026 में प्रकाशित अध्ययन के लिए Climate Central वह संगठन है जो इसके लिए जिम्मेदार है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: जलवायु परिवर्तन किस प्रकार शहरी भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट के लिए एक 'गुणक' (multiplier) के रूप में कार्य करता है, इसका विश्लेषण कीजिए और ऊष्मा से संबंधित स्वास्थ्य प्रभावों को कम करने के उपायों का सुझाव दीजिए।
चर्चा में क्यों: वैज्ञानिकों ने वायु फिल्टर से प्राप्त पर्यावरणीय DNA (eDNA) का उपयोग करके वन्यजीवों और रोगजनकों का पता लगाने की एक विधि विकसित की है, जिससे मानव आनुवंशिक डेटा के संबंध में महत्वपूर्ण गोपनीयता संबंधी चिंताएं उत्पन्न हुई हैं।
वर्ष 2023 के अध्ययनों से यह तथ्य स्पष्ट हुआ कि राष्ट्रीय प्रदूषण निगरानी केंद्रों द्वारा 180 से अधिक प्रजातियों से eDNA का संग्रहण किया गया है। वर्ष 2025 तक, शॉटगन सीक्वेंसिंग तकनीक ने संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्रों के मानचित्रण और वायु के नमूनों से रोगजनकों (pathogens) का पता लगाने की क्षमता को उन्नत बना दिया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकeDNA: Environmental DNA का तात्पर्य किसी विशिष्ट जीव के बजाय पर्यावरण (वायु, जल, मिट्टी) से एकत्रित किए गए आनुवंशिक पदार्थ से है।
विज्ञान-तकनीकShotgun sequencing: यह next-generation sequencing की एक विधि है जिसमें जीनोम के पूर्व ज्ञान के बिना सभी DNA खंडों (fragments) का एक साथ अनुक्रमण (sequencing) किया जाता है।
तथ्य2023 तक, राष्ट्रीय प्रदूषण मॉनिटरों से eDNA के माध्यम से 180 से अधिक प्रजातियों की पहचान की गई है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: जैव विविधता संरक्षण में पर्यावरणीय डीएनए (eDNA) की क्षमता पर चर्चा कीजिए और ऐसी निगरानी प्रणालियों में मानव आनुवंशिक डेटा की गोपनीयता से जुड़े नैतिक निहितार्थों का मूल्यांकन कीजिए।
चर्चा में क्यों: खगोलविदों ने एक्सोप्लैनेट K2-18b में 'टेक्नोसिग्नेचर्स' (technosignatures) की खोज हेतु Karl G. Jansky Very Large Array और MeerKAT टेलिस्कोप का उपयोग किया, जिसमें केवल पृथ्वी से उत्पन्न होने वाले हस्तक्षेप (interference) का पता चला।
अध्ययन का लक्ष्य K2-18b को लक्षित किया गया, जो एक 'हाइसियन' (Hycean) विश्व है (हाइड्रोजन युक्त वायुमंडल से ढका हुआ महासागर)। संभावित अलौकिक प्रसारणों का पता लगाने के लिए इस खोज में कार्ल जी. जान्स्की वेरी लार्ज एरे (USA) और मीरकाट (MeerKAT) रेडियो टेलीस्कोप (दक्षिण अफ्रीका) का उपयोग किया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकK2-18b: एक एक्सोप्लैनेट (exoplanet) जिसे संभावित Hycean विश्व (हाइड्रोजन-समृद्ध वायुमंडल और महासागरों से ढका हुआ) के रूप में पहचाना गया है।
विज्ञान-तकनीकKarl G. Jansky Very Large Array: USA के New Mexico में स्थित एक प्रमुख रेडियो खगोल विज्ञान वेधशाला (radio astronomy observatory)।
विज्ञान-तकनीकMeerKAT: दक्षिण अफ्रीका में स्थित एक रेडियो टेलीस्कोप एरे जिसका उपयोग गहरे अंतरिक्ष के अवलोकनों (deep-space observations) के लिए किया जाता है।
विज्ञान-तकनीकTechnosignatures: उन्नत सभ्यताओं के तकनीकी संकेतक, जैसे कि रेडियो सिग्नल या लेजर पल्स।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अंतरिक्ष अन्वेषण और वैश्विक वैज्ञानिक सहयोग के संदर्भ में, 'खोज के लिए बाह्य-ग्रहीय बुद्धि' (SETI) के तकनीकी और नैतिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: अंतरिक्ष विभाग ने निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में 'ब्रेन ड्रेन' (प्रतिभा पलायन) को रोकने के उद्देश्य से गगनयान मिशन से जुड़े ISRO के प्रमुख कर्मचारियों के इस्तीफे पर रोक लगा दी है।
अंतरिक्ष विभाग ने 14 जुलाई, 2024 को समूह 'ए' के वैज्ञानिक कर्मचारियों के नियमित इस्तीफों को प्रतिबंधित करने हेतु एक निर्देश जारी किया। यह कदम 100 से अधिक कर्मचारियों द्वारा दिए गए इस्तीफों के क्रम में उठाया गया है। यह निर्णय वर्ष 2020 की उस नीति के विपरीत है, जिसके अंतर्गत केंद्र निदेशकों को ऐसे अनुरोधों को सुगमता से स्वीकृत करने की अनुमति प्राप्त थी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाISRO: Indian Space Research Organisation, अंतरिक्ष विभाग (DoS) के अंतर्गत।
तथ्यभारत में Space startups ने 2020 से अब तक $500 million का निवेश आकर्षित किया है।
पदGroup A staff: यह सरकारी वैज्ञानिक संगठनों में उच्च-स्तरीय वैज्ञानिक और तकनीकी कर्मियों को संदर्भित करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में बढ़ते निजी अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र के बीच सार्वजनिक अंतरिक्ष एजेंसियों में मानव संसाधन प्रतिधारण (रिटेंशन) को संतुलित करने की चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।