यूपीएससी सिविल सेवा GS2 (राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध) के अंतर्राष्ट्रीय संबंध भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 3,361 नोट्स, रोज़ अपडेट।
पाठ्यक्रम के विषय: भारत के द्विपक्षीय संबंध (2772) · दूसरे देशों की नीतियों का भारत पर असर (208) · भारत एवं पड़ोसी देश (174) · क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह (QUAD, BRICS, SCO, G20...) (112) · अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं एवं एजेंसियां (UN, WTO, IMF...) (89) · प्रवासी भारतीय (6)
चर्चा में क्यों: भारत ने चक्रवात डिटवाह (Cyclone Ditwah) के विनाशकारी प्रभाव के बाद श्रीलंका को मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए 'ऑपरेशन सागर बंधु' शुरू किया।
भारतीय वायुसेना (IAF) ने राहत कार्यों में सहायता के लिए हिंडन से कोलंबो तक 65 टन का बेली ब्रिज (Bailey Bridge) एयरलिफ्ट किया। चक्रवात डिटवाह (Cyclone Ditwah) के कारण कम से कम 479 लोगों की मृत्यु हुई, जिसके बाद भारतीय वायुसेना ने बचाव और राहत कार्यों के लिए Mi-17 V5 हेलीकॉप्टरों को तैनात किया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यऑपरेशन सागर बंधु (Operation Sagar Bandhu) की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 28 नवंबर को की गई।
तथ्यएक 65-टन का बेली ब्रिज (Bailey Bridge) हिंडन से कोलंबो को एयरलिफ्ट किया गया।
तथ्यIAF के Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर्स का उपयोग नौ टन राहत सामग्री पहुँचाने के लिए किया गया।
तथ्यडिटवाह चक्रवात (Cyclone Ditwah) के कारण कम से कम 479 लोगों की जान चली गई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: श्रीलंका के साथ मानवीय सहायता और आपदा प्रबंधन सहयोग के माध्यम से भारत की 'पड़ोस प्रथम' (Neighborhood First) नीति के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
स्ट्रेटेजिक लेवरेज: मानवीय सहायता के जरिए समुद्री सुरक्षा संबंधों को मजबूत करना
लॉजिस्टिक क्षमता: क्षेत्रीय संकटों में IAF की तेज़ तैनाती और हैवी-लिफ्ट क्षमताओं का प्रदर्शन
मुख्य शब्द: मानवीय सहायता · नेबरहुड फर्स्ट · आपदा प्रबंधन · सॉफ्ट पावर · रणनीतिक स्वायत्तता
चर्चा में क्यों: भारत के रूसी तेल आयात पर अमेरिका के दबाव के बीच, द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के लिए भारत आ रहे हैं।
इस शिखर सम्मेलन में भारत और रूस के बीच रक्षा और व्यापार समझौतों पर चर्चा शामिल है। यह यात्रा मॉस्को और वाशिंगटन के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को संतुलित करने की भारत की क्षमता के लिए एक कूटनीतिक परीक्षण के रूप में कार्य करती है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
पदव्लादिमीर पुतिन: रूस के प्रेसिडेंट।
पदनरेंद्र मोदी: भारत के प्रधानमंत्री।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की 'बहु-संरेखित' (multi-aligned) विदेश नीति के संदर्भ में, अपने पारंपरिक भागीदारों और पश्चिमी सहयोगियों के बीच रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखने की जटिलताओं का विश्लेषण कीजिए।
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: रूसी तेल आयात पर पश्चिमी दबाव और ऊर्जा सुरक्षा की जरूरतों के बीच संतुलन
डिफेंस डिप्लोमेसी: वैश्विक भू-राजनीतिक बदलावों के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करना
आर्थिक ट्रेड-ऑफ: बदलते पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच रूस के साथ व्यापार निर्भरता का प्रबंधन
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · मल्टी-एलाइनमेंट · ऊर्जा सुरक्षा · द्विपक्षीयता · भू-राजनीतिक संतुलन
चर्चा में क्यों: ट्रंप प्रशासन ने स्टेट डिपार्टमेंट (State Department) द्वारा एक मेमो जारी किया है, जिसमें H-1B वीजा आवेदकों की गहन जांच (vetting) करने का निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य यह जांचना है कि क्या वे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (free speech) पर 'सेंसरशिप' में शामिल हैं।
नई नीति के तहत अमेरिकी कांसुलर अधिकारियों के लिए यह अनिवार्य है कि वे H-1B आवेदकों और उनके परिवारों के रिज्यूमे (Resumes) और सोशल मीडिया प्रोफाइल की समीक्षा करें। यह विशेष रूप से टेक्नोलॉजी सेक्टर के उन व्यक्तियों को लक्षित करती है, जिनका रोजगार इतिहास ऑनलाइन कंटेंट मॉडरेशन या संरक्षित अभिव्यक्ति (Protected Expression) के दमन से जुड़ा हो सकता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यH-1B वीजा प्रोग्राम: अमेरिका में उच्च-कुशल श्रमिकों (high-skilled workers) के लिए एक नॉन-इमिग्रेंट वीजा कैटेगरी।
पदस्टेट डिपार्टमेंट (State Department): यह अमेरिकी कार्यकारी विभाग है जो विदेश नीति और वीजा प्रोसेसिंग के लिए जिम्मेदार है।
तथ्यवेटिंग प्रोसेस (Vetting process) नए और रिपीट H-1B वीजा आवेदकों, दोनों पर लागू होता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: तकनीकी प्रतिभा की वैश्विक गतिशीलता पर वीजा आवश्यकताओं को कड़ा करने के निहितार्थों और भारत के आईटी सेवा निर्यात मॉडल पर इसके संभावित प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।
भू-राजनीतिक तनाव: भारतीय टेक वर्कफोर्स को प्रभावित करने वाली वीज़ा पाबंदियों पर संभावित राजनयिक तनाव
लेबर मार्केट डायनेमिक्स: अमेरिकी टेक इनोवेशन और भारतीय टैलेंट रिटेंशन पर कम हुए हाई-स्किल्ड माइग्रेशन का असर
रेगुलेटरी स्क्रूटनी: सोशल मीडिया पर नेशनल सिक्योरिटी वेटिंग और व्यक्तिगत प्राइवेसी अधिकारों के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: वीज़ा पॉलिसी · मानव पूंजी गतिशीलता · कंटेंट मॉडरेशन · टेक डिप्लोमेसी · मजदूरों का पलायन
चर्चा में क्यों: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने तर्क दिया कि उन्नत विनिर्माण (Advanced Manufacturing) के दौर में वे देश जो प्रतिभा के प्रवाह को प्रतिबंधित करेंगे, वे 'नेट लूजर्स' (net losers) होंगे। उन्होंने देशों से H-1B वीजा संबंधी चिंताओं को दूर करने का आग्रह किया।
एस. जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि आर्थिक जुड़ाव के लिए कानूनी गतिशीलता (legal mobility) अत्यंत महत्वपूर्ण है और उन्होंने प्रेषण (remittances) को एक प्रमुख संकेतक के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने अवैध गतिशीलता पर सख्ती से कार्रवाई करने की मांग करते हुए 'मदद' पोर्टल और 'इंडियन कम्युनिटी वेलफेयर फंड' के माध्यम से प्रवासी भारतीयों की सहायता के लिए भारत के प्रयासों का उल्लेख किया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदएस. जयशंकर: भारत के विदेश मंत्री।
तथ्यमदद पोर्टल: विदेश में फंसे भारतीयों की सहायता के लिए भारत सरकार की एक पहल।
तथ्यइंडियन कम्युनिटी वेलफेयर फंड (Indian Community Welfare Fund): भारतीय डायस्पोरा (Indian diaspora) को समर्थन देने के लिए स्थापित एक फंड।
मेन्स के लिए
प्रश्न: उन्नत विनिर्माण के युग में आर्थिक विकास के लिए वैश्विक प्रतिभा गतिशीलता (global talent mobility) के महत्व और प्रतिबंधात्मक आप्रवासन नीतियों द्वारा उत्पन्न चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
आर्थिक तालमेल: ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग चेन के लिए कुशल श्रम की आवाजाही के आपसी फायदे
रेगुलेटरी फ्रिक्शन: राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं और उच्च-कुशल माइग्रेशन की आर्थिक ज़रूरत के बीच संतुलन
रेमिटेंस की गतिशीलता: भेजने वाले देशों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में कानूनी माइग्रेशन की भूमिका
मुख्य शब्द: टैलेंट मोबिलिटी · एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग · रेमिटेंस · मानव पूंजी · प्रवासन नीति
चर्चा में क्यों: भारत और चीन के अधिकारी द्विपक्षीय व्यापार संबंधों पर चर्चा करने के लिए नई दिल्ली में बैठक करेंगे, जिसका आयोजन वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है।
यह बैठक अगले सप्ताह नई दिल्ली में आयोजित होने वाली है। भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय व्यापार संबंधों पर चर्चा करने के लिए वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा इसका आयोजन किया जा रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
संस्थावाणिज्य और उद्योग मंत्रालय (Ministry of Commerce and Industry): द्विपक्षीय व्यापार बैठक (bilateral trade meeting) आयोजित करने के लिए जिम्मेदार भारतीय मंत्रालय।
चर्चा में क्यों: रूस की स्टेट ड्यूमा ने सैन्य और लॉजिस्टिक सहयोग को बढ़ाने के लिए भारत के साथ 'रेसिप्रोकल एक्सचेंज ऑफ लॉजिस्टिक सपोर्ट' (RELOS) समझौते को मंजूरी दी है।
RELOS समझौता फरवरी 2025 में हस्ताक्षरित किया गया था और स्टेट ड्यूमा (State Duma) द्वारा इसे अनुमोदित किया गया। यह संयुक्त अभ्यासों, प्रशिक्षण, मानवीय सहायता और आपदा राहत के दौरान सैनिकों, उपकरणों और लॉजिस्टिक सहायता (logistical support) को भेजने की प्रक्रियाओं को कवर करता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यRELOS: भारत और रूस के बीच लॉजिस्टिक सपोर्ट के पारस्परिक आदान-प्रदान (Reciprocal Exchange of Logistic Support) का समझौता।
तथ्ययह समझौता युद्धपोतों द्वारा एयरस्पेस के आपसी उपयोग और पोर्ट कॉल्स (port calls) की सुविधा प्रदान करता है।
तथ्ययह समझौता संयुक्त अभ्यास, प्रशिक्षण, मानवीय सहायता और आपदा राहत के लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट (logistical support) को कवर करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: यह विश्लेषण कीजिए कि RELOS समझौता भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को किस प्रकार सुदृढ़ करता है और क्षेत्रीय सुरक्षा गतिशीलता के लिए इसके क्या निहितार्थ हैं।
लॉजिस्टिक सिनर्जी: संयुक्त सैन्य अभ्यास के दौरान सैनिकों की आवाजाही और उपकरणों के परिवहन के लिए सुव्यवस्थित प्रक्रियाएं
समुद्री सहयोग: युद्धपोतों के लिए आपसी पोर्ट कॉल और एयरस्पेस एक्सेस के जरिए बेहतर नौसेना मोबिलिटी
मुख्य शब्द: रणनीतिक साझेदारी · रक्षा सहयोग · लॉजिस्टिक सपोर्ट · समुद्री सुरक्षा · पारस्परिक विनिमय
चर्चा में क्यों: व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने पर चर्चा करने के लिए क्रेमलिन में अमेरिकी वार्ताकार स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की मेजबानी की।
यह बैठक क्रेमलिन में पांच घंटे तक चली। रूसी सलाहकार किरिल ड्रमित्रिएव ने इन वार्ताओं को 'उत्पादक' बताया, जबकि राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा कि किसी भी शांति समझौते के लिए कीव को NATO की सदस्यता जैसे सुरक्षा आश्वासनों की आवश्यकता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदस्टीव विटकोफ और जेरेड कुशनर: यूक्रेन शांति वार्ता में शामिल अमेरिकी वार्ताकार।
स्थानक्रेमलिन: मॉस्को में शांति वार्ता के लिए वेन्यू (Venue)।
तथ्यवार्ता पांच घंटे तक चली।
मेन्स के लिए
प्रश्न: यूक्रेन में अमेरिका द्वारा मध्यस्थता किए जा रहे शांति वार्ता के भू-राजनीतिक निहितार्थों का यूरोपीय सुरक्षा संरचना और नाटो (NATO) की विस्तारवादी नीतियों के संदर्भ में विश्लेषण कीजिए।
सिक्योरिटी डिलेमा: रूस के संप्रभुता दावों के बीच यूक्रेन की NATO सदस्यता की मांग में संतुलन
डिप्लोमैटिक मेडिएशन: हाई-इंटेंसिटी इंटरस्टेट संघर्षों को सुलझाने में तीसरे पक्ष के अमेरिकी नेगोशिएटर्स की भूमिका
क्षेत्रीय अखंडता: युद्ध के बाद के समझौतों में संप्रभु अधिकारों और 'सुरक्षा गारंटी' के बीच टकराव
मुख्य शब्द: भू-राजनीतिक पुनर्गठन · सुरक्षा ढांचा · डिप्लोमैटिक मध्यस्थता · संप्रभुता · क्षेत्रीय अखंडता
चर्चा में क्यों: भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने पाकिस्तान के उस दावे को आधिकारिक तौर पर खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि भारत ने श्रीलंका के लिए जा रहे मानवीय सहायता विमान को ओवरफ्लाइट अनुमति (overflight permission) देने से मना कर दिया था।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित यात्रा कार्यक्रम (itinerary) के अनुसार ओवरफ्लाइट क्लीयरेंस शीघ्र प्रदान कर दिया गया था। यह बयान श्रीलंका में आए विनाशकारी चक्रवात के बाद सहायता पहुंचाने के संबंध में पाकिस्तान द्वारा किए गए दावे के जवाब में जारी किया गया था।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्यभारत ने श्रीलंका को मानवीय सहायता पहुँचाने के लिए एक पाकिस्तानी विमान को ओवरफ्लाइट क्लीयरेंस (overflight clearance) प्रदान की।
पदविदेश मंत्रालय (MEA) भारत की विदेश नीति और ओवरफ्लाइट क्लीयरेंस (overflight clearances) के लिए नोडल मंत्रालय है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की मानवीय कूटनीति के महत्व और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में इसकी भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
डिप्लोमैटिक लेवरेज: क्षेत्रीय नेतृत्व के लिए मानवीय सहायता को एक टूल के रूप में इस्तेमाल करना
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: क्षेत्रीय सहयोग के लक्ष्यों के साथ द्विपक्षीय तनावों को संतुलित करना
लॉजिस्टिक कोऑर्डिनेशन: संकट के दौरान मल्टी-लैटरल एयरस्पेस मैनेजमेंट में चुनौतियां
मुख्य शब्द: मानवीय कूटनीति · क्षेत्रीय स्थिरता · ओवरफ्लाइट क्लीयरेंस · रणनीतिक स्वायत्तता · द्विपक्षीय संबंध
चर्चा में क्यों: विदेश मंत्रालय ने UK, फ्रांस और जर्मनी के प्रतिनिधियों द्वारा लिखे गए एक संयुक्त लेख की निंदा की है। इस लेख में रूस पर यूक्रेन में युद्ध शुरू करने और 'दुर्भावनापूर्ण वैश्विक गतिविधियों' (malign global activity) में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस संयुक्त लेख को 'राजनयिक मानदंडों का उल्लंघन' और 'अस्वीकार्य' बताया है। राजनयिक तनाव के बावजूद, भारत और रूस के बीच एक गतिशीलता समझौता (mobility agreement) होने की उम्मीद है, जो रूस में भारतीय श्रमिकों के रोजगार को सुगम बनाएगा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्ययह संयुक्त लेख यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस और जर्मनी के प्रतिनिधियों द्वारा लिखा गया था।
पदकंवर सिबल भारत के पूर्व विदेश सचिव (Foreign Secretary) हैं।
तथ्यभारत और रूस के बीच मोबिलिटी एग्रीमेंट (Mobility Agreement) का उद्देश्य भारतीय श्रमिकों के रोजगार को सुगम बनाना है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: यूरोप में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के बीच, गैर-हस्तक्षेप का सिद्धांत और राजनयिक मानदंड किस प्रकार भारत की बहु-संरेखित (multi-aligned) विदेश नीति को आकार देते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
डिप्लोमैटिक घर्षण: पश्चिमी डिप्लोमैटिक नैरेटिव और भारत की स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी के बीच टकराव
लेबर मोबिलिटी: बदलते जियोपॉलिटिकल एलायंस के साथ द्विपक्षीय लेबर एग्रीमेंट्स को संतुलित करना
नॉर्मेटिव उल्लंघन: द्विपक्षीय भरोसे पर सार्वजनिक राजनयिक बयानों का प्रभाव
चर्चा में क्यों: भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के आक्रामक रुख ने पाकिस्तान नौसेना को अपने बंदरगाहों तक सीमित रहने पर मजबूर कर दिया, जिससे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा।
भारतीय नौसेना ने पिछले वर्ष के नेवी डे (Navy Day) से अब तक महत्वपूर्ण परिचालन घंटे दर्ज किए हैं। इन ऑपरेशनों में एडन की खाड़ी और लाल सागर में समुद्री सुरक्षा अभियान और समुद्री डकैती विरोधी तैनाती शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यऑपरेशन सिंदूर: पाकिस्तान नौसेना के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए भारतीय नौसेना द्वारा चलाया जा रहा एक ऑपरेशन।
स्थानअदन की खाड़ी (Gulf of Aden) और लाल सागर (Red Sea): वे क्षेत्र जहाँ भारतीय नौसेना ने समुद्री सुरक्षा और समुद्री डकैती विरोधी (anti-piracy) अभियान चलाए हैं।
पदएडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी: भारतीय नौसेना के वर्तमान चीफ।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति और आर्थिक सुरक्षा को आकार देने में समुद्री सुरक्षा और नौसैनिक प्रभुत्व के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
मैरिटाइम लेवरेज: क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वियों की आर्थिक स्थिरता को प्रभावित करने के लिए नौसैनिक रुख का इस्तेमाल
स्ट्रेटेजिक मोबिलिटी: रेड सी में हाई-इंटेंसिटी मैरीटाइम ऑपरेशंस और लॉन्ग-रेंज एंटी-पायरेसी डिप्लॉयमेंट्स के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: समुद्री सुरक्षा · रणनीतिक मुद्रा · नौसेना कूटनीति · क्षेत्रीय स्थिरता · आर्थिक प्रभाव
चर्चा में क्यों: भारतीय सेना और मालदीव नेशनल डिफेंस फोर्स (MNDF) के बीच आयोजित होने वाले EKUVERIN संयुक्त सैन्य अभ्यास का 14वां संस्करण तिरुवनंतपुरम में शुरू हुआ।
EKUVERIN अभ्यास भारतीय सेना और मालदीव नेशनल डिफेंस फोर्स (MNDF) के बीच आयोजित होने वाला दो सप्ताह का एक संयुक्त सैन्य अभ्यास है। काउंटर-इंसर्जेंसी (counter-insurgency) और काउंटर-टेररिज्म (counter-terrorism) अभियानों में इंटरऑपरेबिलिटी (interoperability) को बढ़ाने के उद्देश्य से वर्ष 2009 से इसे दोनों देशों में बारी-बारी से आयोजित किया जा रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यEKUVERIN भारत और मालदीव के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास का 14वां संस्करण है।
तथ्ययह अभ्यास 2009 से दोनों देशों में बारी-बारी से आयोजित किया जा रहा है।
तथ्ययह अभ्यास विभिन्न इलाकों में काउंटर-इंसर्जेंसी (counter-insurgency) और काउंटर-टेररिज्म (counter-terrorism) ऑपरेशंस पर केंद्रित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक उपस्थिति को सुदृढ़ करने में द्विपक्षीय सैन्य अभ्यासों के महत्व पर चर्चा कीजिए।
रणनीतिक तालमेल: इंडियन ओशन रीजन में आतंकवाद और उग्रवाद विरोधी अभियानों के लिए इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ाना
भू-राजनीतिक स्थिरता: क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा खतरों का मुकाबला करने के लिए डिफेंस पार्टनरशिप को मजबूत करना
मुख्य शब्द: इंटरऑपरेबिलिटी · ऑपरेशनल सिनर्जी · समुद्री सुरक्षा · रणनीतिक साझेदारी · आतंकवाद विरोधी
चर्चा में क्यों: व्लादिमीर पुतिन के प्रेस सचिव दिमित्री पेस्कोव ने कहा है कि तीसरे देशों की बाधाओं के बावजूद, भारत और रूस का लक्ष्य पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 100 बिलियन डॉलर तक बढ़ाना है।
रूस और भारत अगले पांच वर्षों में 100 बिलियन डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य को हासिल करने का लक्ष्य रख रहे हैं। इन चर्चाओं में छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों (Small Modular Reactors) पर परमाणु सहयोग और ब्रह्मोस मिसाइलों से संबंधित रक्षा सहयोग शामिल होगा।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यभारत और रूस के बीच लक्षित द्विपक्षीय व्यापार की मात्रा (trade volume): पांच वर्षों में $100 बिलियन।
विज्ञान-तकनीकस्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स (Small Modular Reactors): आगामी भारत-रूस परमाणु सहयोग के लिए एक फोकस एरिया।
पददिमित्री पेस्कोव: व्लादिमीर पुतिन के प्रेस सेक्रेटरी।
तथ्यब्रह्मोस मिसाइल: भारत-रूस रक्षा सहयोग का प्रतीक।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक भू-राजनीतिक परिवर्तनों के बीच व्यापार तंत्र के विविधीकरण और ऊर्जा सुरक्षा के संदर्भ में भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
डी-डॉलरइज़ेशन: पश्चिमी देशों के वित्तीय प्रतिबंधों से बचने के लिए व्यापार में राष्ट्रीय मुद्राओं की ओर बदलाव
एनर्जी सिक्योरिटी: रूसी ऊर्जा आयात और अंतरराष्ट्रीय दबाव व पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच संतुलन
तकनीकी तालमेल: परमाणु ऊर्जा और हाई-प्रिसिजन मिसाइल सिस्टम में रणनीतिक सहयोग
मुख्य शब्द: द्विपक्षीय व्यापार · डी-डॉलराइजेशन · रणनीतिक स्वायत्तता · परमाणु सहयोग · डिफेंस डिप्लोमेसी
चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को द्विपक्षीय परियोजनाओं और रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा के लिए दिसंबर 2025 में वार्षिक शिखर सम्मेलन (Annual Summit) के लिए भारत आने का निमंत्रण दिया है।
यह यात्रा भारत और रूस के बीच होने वाले वार्षिक शिखर सम्मेलन (Annual Summit) के उपलक्ष्य में दिसंबर 2025 के लिए निर्धारित की गई है। यह शिखर सम्मेलन विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी (Special and Privileged Strategic Partnership) की समीक्षा के साथ-साथ रक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा और व्यापार सहयोग पर केंद्रित होगा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदव्लादिमीर पुतिन: रूस के प्रेसिडेंट।
तथ्ययह यात्रा दिसंबर 2025 के लिए निर्धारित है।
तथ्ययह शिखर सम्मेलन डिफेंस, स्पेस, एनर्जी और ट्रेड सहयोग पर केंद्रित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: समकालीन वैश्विक भू-राजनीतिक परिवर्तनों के संदर्भ में भारत और रूस के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी के महत्व की चर्चा कीजिए।
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: पश्चिमी प्रतिबंधों और वैश्विक ट्रेड डायनेमिक्स के बीच रूस के साथ संबंधों को संतुलित करना
डिफेंस-स्पेस नेक्सस: भारत की स्पेस महत्वाकांक्षाओं और समुद्री सुरक्षा के लिए रूसी तकनीक का इस्तेमाल
एनर्जी सिक्योरिटी: भारत की घरेलू ईंधन जरूरतों को स्थिर करने के लिए दीर्घकालिक ऊर्जा सहयोग को मजबूत करना
मुख्य शब्द: रणनीतिक साझेदारी · द्विपक्षीय सहयोग · भू-राजनीतिक तालमेल · रक्षा सहयोग · ऊर्जा सुरक्षा
चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चक्रवात डिटवाह (Cyclone Ditwah) के बाद श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके से बात की। इस दौरान उन्होंने शोक संवेदना व्यक्त की और 'ऑपरेशन सागर बंधु' के तहत निरंतर सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया।
प्रधानमंत्री मोदी और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरु कुमारा दिसानायके ने चक्रवात डिटवाह (Cyclone Ditwah) के लिए राहत कार्यों पर चर्चा की। श्रीलंका, जर्मनी और UK सहित कई देशों के नागरिकों को बचाने के लिए 'ऑपरेशन सागर बंधु' (Operation Sagar Bandhu) का उपयोग किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
संस्थाNDRF: National Disaster Response Force की टीमें चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में सर्च एंड रेस्क्यू (search and rescue) ऑपरेशन चला रही हैं।
तथ्यऑपरेशन सागर बंधु: श्रीलंका, जर्मनी, स्लोवेनिया, UK, दक्षिण अफ्रीका, पोलैंड, बेलारूस, ईरान और ऑस्ट्रेलिया सहित विभिन्न देशों से नागरिकों को निकालने के लिए एक रेस्क्यू ऑपरेशन (Rescue Operation)।
मेन्स के लिए
प्रश्न: दक्षिण एशिया में आपदा कूटनीति और मानवीय सहायता के संदर्भ में भारत की 'पड़ोस पहले' (Neighborhood First) नीति के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
मानवीय नेतृत्व: इंडियन ओशन रीजन में फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में भारत की भूमिका
स्ट्रेटेजिक सॉफ्ट पावर: आपदा राहत और इवैक्यूएशन ऑपरेशंस के जरिए द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देना
मुख्य शब्द: डिजास्टर डिप्लोमेसी · पड़ोस पहले · मानवीय सहायता · ऑपरेशन सागर बंधु · क्षेत्रीय सहयोग
चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि इस साल की शुरुआत में बांग्लादेश वापस भेजे गए एक गर्भवती महिला और उसके बच्चे को मानवीय आधार पर निगरानी में वापस भारत में प्रवेश देने पर विचार किया जाए।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने सरकार के निर्वासन (deportation) आदेश को अवैध मानते हुए उसे रद्द कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट अब विशेष रूप से अस्पताल में मेडिकल निगरानी के लिए महिला के भारत में प्रवेश पर विचार कर रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (1)
तथ्यकलकत्ता हाई कोर्ट ने निर्वासन (deportation) के आदेश को अवैध बताते हुए रद्द कर दिया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: निर्वासन नीतियों में राज्य की संप्रभुता और संवेदनशील व्यक्तियों के प्रति राज्य के मानवीय दायित्वों के बीच उत्पन्न तनाव का विश्लेषण कीजिए।
न्यायिक निगरानी: निर्वासन में कार्यकारी शक्ति और जीवन और स्वास्थ्य के मौलिक अधिकारों के बीच संतुलन
मानवीय दुविधा: राष्ट्रीय सुरक्षा प्रोटोकॉल और संवेदनशील आबादी के लिए मेडिकल इमरजेंसी के बीच टकराव
मुख्य शब्द: मानवीय आधार · न्यायिक समीक्षा · डिपोर्टेशन पॉलिसी · निगरानी · जीवन का अधिकार
चर्चा में क्यों: BWC की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जैविक हथियारों (biological weapons) के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक वैश्विक तंत्र और मजबूत अनुपालन उपायों (compliance measures) का आह्वान किया।
भारत ने जैविक हथियार सम्मेलन (BWC) के भीतर वैज्ञानिक प्रगति की निगरानी के लिए सत्यापन प्रणालियों और तंत्रों की वकालत की है। यह प्रस्ताव जैव-आतंकवाद (bioterrorism) का मुकाबला करने और यह सुनिश्चित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग पर जोर देता है कि शासन व्यवस्था वैज्ञानिक नवाचार के साथ तालमेल बनाए रखे।
तथ्यइस कॉन्फ्रेंस ने Biological Weapons Convention के 50 साल पूरे होने के अवसर को चिह्नित किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: तीव्र जैव-प्रौद्योगिकी प्रगति के युग में जैविक हथियार सम्मेलन (BWC) के लिए एक सुदृढ़ अंतर्राष्ट्रीय सत्यापन तंत्र स्थापित करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
वेरिफिकेशन में रुकावट: नागरिक अनुसंधान और गुप्त जैविक हथियार विकास के बीच अंतर करना मुश्किल
गवर्नेंस लैग: वैज्ञानिक नवाचार मौजूदा अंतरराष्ट्रीय संधि फ्रेमवर्क और कंप्लायंस मॉनिटरिंग क्षमताओं से आगे निकल रहे हैं
मुख्य शब्द: बायोटेररिज्म · दोहरे उपयोग वाली टेक्नोलॉजी · सत्यापन तंत्र · बहुपक्षीय सहयोग · अनुपालन के उपाय
चर्चा में क्यों: नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने हालिया राजनीतिक उथल-पुथल के बावजूद बांग्लादेश के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई और हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक (Hypersonic missile technology) की दिशा में भारत के प्रयासों पर चर्चा की।
नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने भारतीय नौसेना और बांग्लादेश के कर्मियों के बीच चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों और भविष्य के दौरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे घटनाक्रमों के जवाब में हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक पर भारत के सक्रिय कार्य का भी उल्लेख किया।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
पदएडमिरल दिनेश त्रिपाठी: भारत के नौसेना प्रमुख।
तथ्यभारत और बांग्लादेश निरंतर नौसेना प्रशिक्षण कार्यक्रम और सहयोगी यात्राएं (collaborative visits) संचालित करते हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: क्षेत्रीय स्थिरता और भारत की 'पड़ोस प्रथम' नीति के संदर्भ में भारत और बांग्लादेश के बीच समुद्री सुरक्षा सहयोग के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
मैरिटाइम सिक्योरिटी: बंगाल की खाड़ी में गैर-पारंपरिक खतरों का मुकाबला और नेविगेशन की आज़ादी सुनिश्चित करना
तकनीकी समानता: क्षेत्रीय विरोधियों के खिलाफ डर बनाए रखने के लिए हाइपरसोनिक क्षमताओं की रणनीतिक ज़रूरत
मुख्य शब्द: नेबरहुड फर्स्ट · समुद्री सुरक्षा · रणनीतिक स्वायत्तता · रक्षा कूटनीति · हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी
चर्चा में क्यों: नेपाल के केंद्रीय बैंक ने संशोधित मानचित्र वाले 100 रुपये के नोट जारी करने के बाद, नए नोट (NRs 50, 500 और 1,000) छापने के लिए एक चीनी कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिया है।
नेपाल के केंद्रीय बैंक ने 50, 500 और 1,000 नेपाली रुपये (NRs) के नोटों को डिजाइन करने और आपूर्ति करने के लिए एक चीनी फर्म के साथ अनुबंध किया है। नए 100 रुपये के नोटों में विवादित क्षेत्रों सहित एक संशोधित मानचित्र शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यनेपाल के सेंट्रल बैंक ने NRs 50, NRs 500 और NRs 1,000 के नोटों के लिए एक चीनी फर्म को कॉन्ट्रैक्ट दिया।
तथ्यनए ₹100 के नोटों में विवादित क्षेत्रों सहित एक संशोधित मैप (map) शामिल है।
स्थाननेपाल का सेंट्रल बैंक करेंसी प्रिंटिंग कॉन्ट्रैक्ट के लिए अवार्डिंग अथॉरिटी है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: नेपाल में मुद्रा और मानचित्रकला (कार्टोग्राफी) का उपयोग इस क्षेत्र की भू-राजनीतिक जटिलताओं और भारत एवं चीन के साथ इसके द्विपक्षीय संबंधों को किस प्रकार प्रतिबिंबित करता है, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
भू-राजनीतिक संकेत: क्षेत्रीय दावों को पुख्ता करने के लिए करेंसी पर संशोधित नक्शों का इस्तेमाल
आर्थिक निर्भरता: करेंसी उत्पादन और मौद्रिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए चीनी फर्मों पर निर्भरता
द्विपक्षीय तनाव: भारत-नेपाल राजनयिक संबंधों पर मानचित्र संशोधनों का प्रभाव
मुख्य शब्द: भू-राजनीतिक संकेत · मौद्रिक संप्रभुता · क्षेत्रीय अखंडता · द्विपक्षीय संबंध · कार्टोग्राफिक डिप्लोमेसी
चर्चा में क्यों: बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण (Extradition) के अनुरोध का भारत के साथ व्यापक संबंधों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार ने भारत के साथ तीस्ता जल बंटवारे के विवाद और सीमा पर होने वाली हत्याओं को सुलझाने की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। सलाहकार ने तारिक रहमान के लिए एक बार के यात्रा पास (one-time travel pass) का भी सुझाव दिया और उल्लेख किया कि पाकिस्तान के साथ संबंधों को सामान्य बनाया जा रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यबांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार ने कहा कि शेख हसीना के प्रत्यर्पण (extradition) के अनुरोध का भारत-बांग्लादेश संबंधों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
स्थानतीस्ता: भारत और बांग्लादेश के बीच जल-साझाकरण विवाद में शामिल एक नदी।
तथ्यतारीक रहमान: बांग्लादेश के फॉरेन अफेयर्स एडवाइजर द्वारा सुझाए गए वन-टाइम ट्रैवल पास के विषय।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बांग्लादेश में आंतरिक राजनीतिक परिवर्तनों के बीच भारत-बांग्लादेश द्विपक्षीय संबंधों की उभरती गतिशीलता को प्रभावित करने वाले कारकों का विश्लेषण कीजिए।
वॉटर डिप्लोमेसी: क्षेत्रीय सहयोग के स्तंभ के रूप में तीस्ता जल-साझाकरण विवाद का समाधान
सुरक्षा सहयोग: सीमा पार हत्याओं को रोकना और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखना
भू-राजनीतिक बदलाव: पाकिस्तान के साथ बांग्लादेश के संबंधों के सामान्य होने का भारत की पड़ोसी नीति पर प्रभाव
मुख्य शब्द: द्विपक्षीय संबंध · प्रत्यर्पण · वॉटर डिप्लोमेसी · क्षेत्रीय स्थिरता · भू-राजनीतिक गतिशीलता
चर्चा में क्यों: केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि भारत ने ब्राजील में आयोजित COP30 जलवायु शिखर सम्मेलन में अपने सभी प्रमुख लक्ष्य हासिल कर लिए हैं। उन्होंने जलवायु न्याय और वित्त के क्षेत्र में भारत के नेतृत्व पर जोर दिया।
ब्राजील में आयोजित COP30 शिखर सम्मेलन के परिणामस्वरूप जलवायु वित्त (Climate Finance) पर आर्टिकल 9.1 कार्य कार्यक्रम और जस्ट ट्रांजिशन मैकेनिज्म (Just Transition Mechanism - JTM) की स्थापना हुई। भारत ने BASIC ग्रुप और LMDC के माध्यम से अनिलैटरल ट्रेड मेजर्स (Unilateral Trade Measures - UTM) और एडाप्टेशन फाइनेंस (Adaptation Finance) से संबंधित परिणामों को आकार देने में भागीदारी की।
प्रीलिम्स बिंदु (1)
तथ्यआर्टिकल 9.1: वह विशिष्ट UN फ्रेमवर्क जिसके तहत क्लाइमेट फाइनेंस पर वर्क प्रोग्राम स्थापित किया गया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: COP सम्मेलनों जैसे बहुपक्षीय मंचों में जलवायु न्याय और न्यायसंगत जलवायु वित्त के समर्थन में भारत की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
इक्विटी-फाइनेंस नेक्सस: विकसित देशों की राजकोषीय सीमाओं के बीच ग्लोबल साउथ की अडैप्टेशन फंड की मांगों को संतुलित करना
ट्रेड-क्लाइमेट कॉन्फ्लिक्ट: विकासशील देशों में ग्रीन इकोनॉमी की ओर बढ़ने पर अनइलेटरल ट्रेड मेजर्स (UTM) के प्रभाव को संबोधित करना
संस्थागत नेतृत्व: ग्लोबल क्लाइमेट गवर्नेंस और अडैप्टेशन इंडिकेटर्स को प्रभावित करने के लिए BASIC और LMDC ग्रुप्स का इस्तेमाल
चर्चा में क्यों: हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने रिपोर्ट दी है कि 10 अक्टूबर से प्रभावी युद्धविराम के बावजूद, 7 अक्टूबर को इजरायली हमले की शुरुआत से अब तक 70,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं।
हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने रिपोर्ट दी है कि 7 अक्टूबर को सैन्य अभियान शुरू होने के बाद से अब तक मरने वालों की संख्या 70,000 से अधिक हो गई है। इजराइल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने 10 अक्टूबर के युद्धविराम के बाद जारी एयर स्ट्राइक्स (हवाई हमलों) के लिए युद्धविराम के उल्लंघन को कारण बताया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यहमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने 7 अक्टूबर को हमला शुरू होने के बाद से 70,000 से अधिक मौतें होने की सूचना दी है।
तथ्य10 अक्टूबर से सीज़फायर (Ceasefire) प्रभावी हो गया।
संस्थाइजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF)।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ग़ज़ा जैसे संघर्ष क्षेत्रों में लंबे समय तक चलने वाले शहरी युद्ध के मानवीय निहितार्थों और हताहतों के आंकड़ों के सत्यापन से जुड़ी चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
वेरिफिकेशन में रुकावट: अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों के लिए हताहतों की संख्या की पुष्टि के लिए स्वतंत्र पहुंच का अभाव
मानवीय संकट: सक्रिय सीज़फायर समझौतों के बावजूद नागरिक मौतों में बढ़ोतरी
ऑपरेशनल फ्रिक्शन: निर्धारित विथड्रॉल लाइन्स और सक्रिय मिलिट्री स्ट्राइक्स के बीच टकराव
मुख्य शब्द: मानवीय संकट · असिमेट्रिक वॉरफेयर · नागरिक हताहत · वेरिफिकेशन की चुनौतियां · सीज़फायर उल्लंघन
चर्चा में क्यों: साइक्लोन डिटवाह (Cyclone Ditwah) के विनाशकारी प्रभाव के बाद, भारत ने भारतीय नौसेना और NDRF की टीमों को तैनात कर श्रीलंका को मानवीय सहायता प्रदान करने की अपनी कोशिशों को तेज कर दिया है।
भारत ने श्रीलंका में जहाज, विमान और बचाव दल तैनात किए हैं। खोज और बचाव कार्यों के लिए विशेष उपकरणों से लैस दो NDRF टीमों ने कोलंबो में प्रवेश किया है। कोलंबो में भारत के हाई कमीशन (High Commission) द्वारा बंदरनइके इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फंसे हुए भारतीय यात्रियों की सहायता की जा रही है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाNDRF: राहत कार्यों के लिए कोलंबो में तैनात।
स्थानबंदरनाइके इंटरनेशनल एयरपोर्ट: वह स्थान जहाँ फंसे हुए भारतीय यात्रियों की सहायता की जा रही है।
तथ्यभारतीय नौसेना ने श्रीलंका के प्रभावित क्षेत्र में हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू ऑपरेशन (rescue operations) किए।
मेन्स के लिए
प्रश्न: दक्षिण एशिया में आपदा प्रबंधन और मानवीय सहायता के संदर्भ में भारत की 'पड़ोस पहले' (Neighborhood First) नीति के महत्व की चर्चा कीजिए।
लॉजिस्टिक सिनर्जी: सॉफ्ट पावर के टूल के रूप में NDRF और नेवी एसेट्स की तेज़ तैनाती
क्षेत्रीय स्थिरता: हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और आपदा लचीलेपन को मजबूत करना
मुख्य शब्द: मानवीय सहायता · आपदा प्रतिक्रिया · पड़ोस पहले · सॉफ्ट पावर · समुद्री सहयोग
चर्चा में क्यों: भारत ने अपनी 24 MH-60R हेलीकॉप्टरों की संख्या की ऑपरेशनल उपलब्धता (operational availability) को बढ़ाने के लिए अमेरिका के साथ 5 साल के फॉलो-ऑन सपोर्ट और सप्लाई के लिए ₹7,995 करोड़ का एक समझौता किया है।
इस समझौते के तहत 24 MH-60R हेलीकॉप्टरों के लिए पांच वर्षों का समर्थन शामिल है। इसमें स्पेयर पार्ट्स की आपूर्ति, प्रशिक्षण और अमेरिका पर निर्भरता कम करने के लिए भारत के भीतर मरम्मत सुविधाओं (repair facilities) की स्थापना का प्रावधान शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यहेलीकॉप्टर सपोर्ट डील की कुल वैल्यू ₹7,995 करोड़ है।
तथ्ययह कॉन्ट्रैक्ट 24 MH-60R हेलीकॉप्टर्स के बेड़े के लिए पांच साल की अवधि को कवर करता है।
विज्ञान-तकनीकइस डील में MH-60R बेड़े को सपोर्ट देने के लिए भारत में रिपेयर फैसिलिटीज (repair facilities) स्थापित करना शामिल है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: रक्षा खरीद सौदों और स्थानीय मरम्मत सुविधाओं की स्थापना किस प्रकार समुद्री सुरक्षा क्षेत्र में भारत के 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्यों में योगदान देते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: महत्वपूर्ण स्पेयर पार्ट्स और मेंटेनेंस के लिए विदेशी OEMs पर निर्भरता कम करना
इंडस्ट्रियल सिनर्जी: स्वदेशी विकास के साथ हाई-टेक विदेशी हार्डवेयर का एकीकरण
लॉजिस्टिक एफिशिएंसी: लोकल रिपेयर इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए नेवल एसेट्स की ऑपरेशनल उपलब्धता बढ़ाना
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · रक्षा खरीद · ऑपरेशनल अवेलेबिलिटी · आत्मनिर्भर भारत · समुद्री सुरक्षा
चर्चा में क्यों: मद्रास हाई कोर्ट ने एक अमेरिकी जिला अदालत द्वारा जारी किए गए लेटर्स रोगेटरी (Letters Rogatory) को खारिज कर दिया है। यह मांग एक पेटेंट विवाद के सिलसिले में की गई थी, जिसमें फाइजर (Pfizer) और भारतीय कंपनियों सिप्ला (Cipla) और ज़ेनारा (Zenara) के बीच विवाद चल रहा है। इस मांग के तहत चेंगलपट्टु स्थित एक फार्मास्युटिकल कंपनी से सबूत मांगे गए थे।
अदालत ने फैसला सुनाया कि इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया जा सकता क्योंकि इसमें मुकदमे से पूर्व साक्ष्यों की खोज (pre-trial discovery of evidence) शामिल है, जो हेग कन्वेंशन (Hague Convention) के अनुच्छेद 23 के तहत प्रतिबंधित है। अदालत ने यह भी पाया कि यह अनुरोध अस्पष्ट है और इसमें हेग कन्वेंशन के अनुच्छेद 3 द्वारा अनिवार्य विशिष्ट विवरणों का अभाव है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाLetters Rogatory: एक देश की कोर्ट द्वारा दूसरे देश की कोर्ट से न्यायिक सहायता (judicial assistance) के लिए की गई औपचारिक रिक्वेस्ट।
तथ्यहेग कन्वेंशन (Hague Convention) के आर्टिकल 23 में ट्रायल से पहले सबूतों की डिस्कवरी (discovery of evidence) के अनुरोध को प्रतिबंधित किया गया है।
तथ्यHague Convention का Article 3 न्यायिक सहायता (judicial assistance) के अनुरोधों में विशिष्ट विवरणों को अनिवार्य बनाता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अंतरराष्ट्रीय न्यायिक सहयोग और घरेलू प्रक्रियात्मक सुरक्षा एवं संप्रभुता के बीच संतुलन स्थापित करने में भारतीय न्यायालयों के समक्ष उत्पन्न होने वाली कानूनी और राजनयिक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
क्षेत्राधिकार का टकराव: प्री-ट्रायल डिस्कवरी के खिलाफ घरेलू प्रक्रियात्मक सुरक्षा के साथ कोमिटी के सिद्धांत को संतुलित करना
प्रक्रियात्मक अस्पष्टता: विदेशी अनुरोधों में स्पष्टता की कमी से न्यायिक स्पष्टता और लागू करने में बाधा
संप्रभुता की चिंताएं: पर्याप्त कानूनी सुरक्षा के बिना घरेलू कॉर्पोरेट संस्थाओं को एक्स्ट्राटेरिटोरियल डिस्कवरी से बचाना
मुख्य शब्द: लेटर्स रोगेटोरी · हेग कन्वेंशन · न्यायिक सौहार्द · बाह्यक्षेत्रीयता · पेटेंट विवाद · न्यायिक सहायता
चर्चा में क्यों: भारतीय नौसेना फरवरी 2026 में विशाखापट्टनम में इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (International Fleet Review - IFR) की मेजबानी करेगी। इसका उद्देश्य भारत के समुद्री प्रभाव को मजबूत करना और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाना है।
IFR 2026 की मेजबानी भारत की 75वीं वर्षगांठ के दौरान विशाखापट्टनम में की जाएगी। भारत वियतनाम और मोजाम्बिक को प्लेटफॉर्म्स उपहार में देकर और श्रीलंका में एक मैरीटाइम रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर (Maritime Rescue Coordination Centre) स्थापित करके अपनी क्षेत्रीय समुद्री क्षमताओं को मजबूत कर रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
स्थानविशाखापट्टनम: फरवरी 2026 में इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) की मेजबान शहर।
तथ्यभारत की 75वीं वर्षगांठ IFR 2026 के साथ मेल खाती है।
तथ्यभारत, वियतनाम और मोजाम्बिक को मैरीटाइम प्लेटफॉर्म्स (maritime platforms) उपहार में दे रहा है।
तथ्यभारत श्रीलंका में एक Maritime Rescue Coordination Centre स्थापित कर रहा है।
संस्थाQUAD और MILAN: भारत की बहुपक्षीय समुद्री साझेदारियों (multilateral maritime partnerships) के उदाहरण के रूप में उद्धृत।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की समुद्री कूटनीति और बहुपक्षीय संलग्नताओं के माध्यम से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक 'पसंदीदा सुरक्षा भागीदार' के रूप में उभरती भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
मैरिटाइम डिप्लोमेसी: इंडो-पैसिफिक में क्षमता निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरिंग के जरिए क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करना
नियम-आधारित व्यवस्था: QUAD और MILAN जैसी बहुपक्षीय पार्टनरशिप के साथ स्वतंत्र समुद्री सुरक्षा पहलों का संतुलन
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: हिंद महासागर में भारत को नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर के रूप में स्थापित करने के लिए मैरीटाइम लीडरशिप का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: मैरिटाइम डिप्लोमेसी · नियम-आधारित व्यवस्था · नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर · इंडो-पैसिफिक · बहुपक्षवाद
चर्चा में क्यों: बदलते व्यापार समीकरणों और जारी रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 23वें वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए 4-5 दिसंबर को भारत आने वाले हैं।
यह यात्रा रूस और भारत के नेताओं के बीच 23वां वार्षिक शिखर सम्मेलन है। यह बैठक व्यापार संबंधों में आए बदलाव के बाद हो रही है, जिसमें ऊर्जा एक प्राथमिक केंद्र बन गया है। यह बैठक यूक्रेन द्वारा रूस को क्षेत्रीय रियायतें देने वाले शांति फॉर्मूले के प्रस्ताव के कुछ समय बाद आयोजित की जा रही है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्ययह यात्रा 4-5 दिसंबर के लिए निर्धारित है।
तथ्ययह रूस और भारत के नेताओं के बीच 23वां वार्षिक शिखर सम्मेलन है।
तथ्यबदलते भारत-रूस व्यापारिक संबंधों में ऊर्जा एक प्रमुख फोकस (focus) बन गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और पूर्वी यूरोप में हो रहे भू-राजनीतिक परिवर्तनों के संदर्भ में भारत-रूस द्विपक्षीय संबंधों की उभरती गतिशीलता की चर्चा कीजिए।
एनर्जी सिक्योरिटी: घरेलू सप्लाई को स्थिर करने के लिए रूस से ऊर्जा आयात बढ़ाने की ओर बदलाव
भू-राजनीतिक संतुलन: पश्चिमी दबाव और रूस के व्यापार फोकस में बदलाव के बीच भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को साधना
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · ऊर्जा सुरक्षा · द्विपक्षीयता · भू-राजनीतिक पुनर्गठन
चर्चा में क्यों: डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका में परमाणु परीक्षण फिर से शुरू करने की घोषणा के बाद, व्लादिमीर पुतिन ने अधिकारियों को संभावित परमाणु हथियार परीक्षण की तैयारी करने के निर्देश दिए हैं।
व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका के साथ रणनीतिक स्थिरता (strategic stability) पर चर्चा करने के लिए अपनी इच्छा व्यक्त करते हुए, परमाणु परीक्षणों के विकास के लिए रूस की तत्परता का संकेत दिया। यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने के प्रयासों के रुकने के कारण डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यडोनाल्ड ट्रंप ने US परमाणु परीक्षणों को फिर से शुरू करने की घोषणा की।
पदव्लादिमीर पुतिन: रूस के राष्ट्रपति।
विज्ञान-तकनीकरूस एक संभावित परमाणु हथियार परीक्षण (nuclear weapons test) के लिए प्रस्ताव तैयार कर रहा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: प्रमुख शक्तियों द्वारा परमाणु परीक्षणों के पुनरुद्धार के वैश्विक रणनीतिक स्थिरता और मौजूदा शस्त्र नियंत्रण व्यवस्थाओं की प्रभावकारिता पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
हथियार नियंत्रण का क्षरण: स्थापित गैर-प्रसार मानदंडों और पारदर्शिता तंत्र का कमजोर होना
सिक्योरिटी डिलेमा: परमाणु पोस्टुरिंग में बढ़ोतरी से गैर-संरेखित देशों के बीच तेज़ी से हथियारों की होड़
डिप्लोमैटिक डेडलॉक: द्विपक्षीय स्ट्रैटेजिक स्टेबिलिटी बातचीत पर एकतरफा प्रतिबंधों का असर
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्थिरता · परमाणु प्रसार · सुरक्षा दुविधा · हथियार नियंत्रण · भू-राजनीतिक तनाव में बढ़ोतरी
चर्चा में क्यों: भारत और इंडोनेशिया ने टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (Technology Transfer), संयुक्त अनुसंधान और सप्लाई चेन में सहयोग बढ़ाने के लिए एक संयुक्त रक्षा उद्योग सहयोग समिति (Joint Defense Industry Cooperation Committee) स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की है।
दोनों देशों ने नई दिल्ली में हुई वार्ता के दौरान एक स्वतंत्र, खुले और शांतिपूर्ण इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने फिलिस्तीन में शांति से संबंधित मानवीय सहायता और शांति स्थापना के प्रयासों पर निरंतर सहयोग करने का भी संकल्प लिया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यजॉइंट डिफेंस इंडस्ट्री कोऑपरेशन कमेटी (Joint Defense Industry Cooperation Committee): टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, जॉइंट रिसर्च और सप्लाई चेन को बेहतर बनाने पर सहमति बनी।
स्थाननई दिल्ली: भारत और इंडोनेशिया के बीच द्विपक्षीय वार्ता (bilateral talks) का स्थान।
तथ्यमैरिटाइम सिक्योरिटी कोऑर्डिनेशन: विशेष रूप से हिंद महासागर में प्रयासों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध।
मेन्स के लिए
प्रश्न: इंडोनेशिया जैसे आसियान (ASEAN) भागीदारों के साथ रक्षा औद्योगिक सहयोग को सुदृढ़ करना किस प्रकार भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को बढ़ा सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
रणनीतिक तालमेल: क्षेत्रीय अस्थिरता से निपटने के लिए हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा समन्वय को मजबूत करना
इंडस्ट्रियल सिनर्जी: डिफेंस सप्लाई चेन में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और जॉइंट रिसर्च के जरिए आयात पर निर्भरता कम करना
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · इंडो-पैसिफिक · रक्षा औद्योगिक सहयोग · समुद्री सुरक्षा · तकनीकी हस्तांतरण
चर्चा में क्यों: भारत और UAE ने व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (Comprehensive Economic Partnership Agreement - CEPA) के तहत बाजार पहुंच, सोने के आयात कोटा और डेटा साझाकरण की समीक्षा के लिए एक संयुक्त CEPA समिति की बैठक आयोजित की।
भारत और UAE के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2024-25 में 100 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। दोनों देश 2030 तक गैर-तेल और गैर-कीमती धातु व्यापार में 100 बिलियन डॉलर का लक्ष्य हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यभारत और UAE के बीच द्विपक्षीय व्यापार (Bilateral trade) 2024-25 में $100 बिलियन तक पहुंच गया।
तथ्य2030 तक नॉन-ऑयल और नॉन-प्रेशियस मेटल ट्रेड (non-oil and non-precious metal trade) के लिए लक्ष्य $100 बिलियन है।
स्थानUAE का Ministry of Climate Change and Environment, फूड सेफ्टी और सर्टिफिकेट्स ऑफ ओरिजिन (Certificates of Origin) के लिए संबंधित विभाग है।
तथ्यभारत, गोल्ड TRQ (Tariff Rate Quota) का आवंटन कॉम्पिटिटिव बिडिंग (competitive bidding) प्रक्रिया के माध्यम से करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौतों (CEPAs) का उपयोग पारंपरिक वस्तुओं जैसे तेल और कीमती धातुओं से परे भारत के व्यापारिक विविधीकरण को कैसे बढ़ावा देने के लिए किया जा सकता है, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
ट्रेड डाइवर्सिफिकेशन: आर्थिक मजबूती के लिए नॉन-ऑयल और नॉन-प्रेशियस मेटल सेक्टर्स पर फोकस बढ़ाना
रेगुलेटरी अलाइनमेंट: नॉन-टैरिफ बैरियर्स कम करने के लिए फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड्स और सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन में तालमेल
मार्केट एक्सेस डायनेमिक्स: घरेलू गोल्ड इंपोर्ट कोटा और द्विपक्षीय ट्रेड विस्तार लक्ष्यों के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: टैरिफ रेट कोटा · गैर-टैरिफ बाधाएं · व्यापार विविधीकरण · नियामक सहयोग
चर्चा में क्यों: डोनाल्ड ट्रंप और वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कूटनीतिक प्रयासों के बाद यूक्रेन में शांति की प्रगति को लेकर आशा व्यक्त की है, हालांकि रूस के दिमित्री पेस्कोव ने जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने के प्रति आगाह किया है।
अमेरिकी-यूक्रेनी संयुक्त बयान में 'स्थायी और न्यायपूर्ण शांति' पर जोर दिया गया, जबकि सुरक्षा गारंटी और क्षेत्रीय रियायतों के विवरण को स्पष्ट नहीं रखा गया। क्रेमलिन के सहयोगी यूरी उशाकोव ने नवीनतम ड्राफ्ट प्रस्ताव के सकारात्मक पहलुओं को स्वीकार किया।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
पदडोनाल्ड ट्रंप: US President (लेख के संदर्भ के अनुसार)।
पदवोलोडिमिर ज़ेलेंस्की: यूक्रेन के राष्ट्रपति।
पददिमित्री पेस्कोव: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता।
पदयूरी उशाकोव: क्रेमलिन के सलाहकार।
पदकीर स्टार्मर: UK प्राइम मिनिस्टर।
मेन्स के लिए
प्रश्न: रूस-यूक्रेन संघर्ष के संदर्भ में क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा गारंटी की परस्पर विरोधी मांगों के बीच 'सतत और न्यायपूर्ण शांति' प्राप्त करने की जटिलताओं का विश्लेषण कीजिए।
सिक्योरिटी डिलेमा: रूस द्वारा क्षेत्रीय रियायत की मांग के बीच यूक्रेन की मजबूत सुरक्षा गारंटी की मांग में संतुलन बनाना
डिप्लोमैटिक गतिरोध: पश्चिमी 'जस्ट पीस' बयानबाजी और क्रेमलिन द्वारा बिना रियायत वाली शर्तों को खारिज करने के बीच टकराव
मुख्य शब्द: भू-राजनीतिक स्थिरता · क्षेत्रीय अखंडता · सुरक्षा की गारंटी · डिप्लोमैटिक मध्यस्थता · टिकाऊ शांति