यूपीएससी सिविल सेवा GS2 (राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध) के अंतर्राष्ट्रीय संबंध भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 3,227 नोट्स, रोज़ अपडेट।
पाठ्यक्रम के विषय: भारत के द्विपक्षीय संबंध (2658) · दूसरे देशों की नीतियों का भारत पर असर (205) · भारत एवं पड़ोसी देश (169) · क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह (QUAD, BRICS, SCO, G20...) (108) · अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं एवं एजेंसियां (UN, WTO, IMF...) (82) · प्रवासी भारतीय (5)
चर्चा में क्यों: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बिश्केक में आयोजित SCO शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए ईरान के साथ उन व्यापारिक समझौतों के विरुद्ध चेतावनी दी, जो अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन कर सकते हैं।
26वां शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन बिश्केक में आयोजित किया गया। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने उन राष्ट्रों के विरुद्ध चेतावनी दी जो ईरान को प्रतिबंधों से बचने में सहायता प्रदान कर रहे हैं, और उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार प्राप्त करने से रोकने के लक्ष्य को पुनः दोहराया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
अंतर्राष्ट्रीय संगठनSCO: Shanghai Cooperation Organisation एक यूरेशियाई राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा गठबंधन है।
स्थानबिशकेक: किर्गिस्तान की राजधानी।
पदमार्को रुबियो: अमेरिका के विदेश मंत्री (Secretary of State) के रूप में कार्यरत।
तथ्यशीर्ष सम्मेलन में US प्रतिबंधों के संदर्भ में भारत-ईरान व्यापार संबंधों के निहितार्थों पर चर्चा की गई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: परमाणु प्रसार करने वाले देशों के विरुद्ध एकपक्षीय आर्थिक प्रतिबंधों की प्रभावकारिता पर शंघाई सहयोग संगठन (SCO) जैसे बहुपक्षीय समूहों के प्रभाव की चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: अमेरिका द्वारा ईरान के तटीय बुनियादी ढांचे पर किए गए हमलों के कारण जवाबी ड्रोन हमले हुए, जिससे वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में भारी अस्थिरता उत्पन्न हो गई।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान की रडार प्रणालियों और बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमताओं को लक्षित किया। ईरान ने मध्य पूर्व में स्थित अमेरिकी ठिकानों के विरुद्ध ड्रोन और मिसाइलों की बौछार के साथ जवाबी कार्रवाई की। तात्कालिक संघर्ष के दौरान मामूली गिरावट के बावजूद, इस वर्ष ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों में 58% की वृद्धि दर्ज की गई।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यवर्तमान वर्ष के दौरान Brent crude oil की कीमतों में 58% की वृद्धि हुई।
स्थानसिरिक: ईरान में वह स्थान जहाँ अमेरिका पर एक विवाह समारोह पर हमला करने का आरोप लगाया गया था।
विज्ञान-तकनीकड्रोन और मिसाइल तकनीक वर्तमान जवाबी हमलों के प्रमुख घटक हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक तनावों का वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और भारत के रणनीतिक हितों पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ भारत और नेपाल के मध्य सीमापारीय जल प्रबंधन और पूर्व चेतावनी प्रणालियों की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
नेपाल में भारी मानसूनी वर्षा के कारण परस्पर जुड़ी हिमालयी नदियों में भीषण बाढ़ आई। कोसी और गंडक जैसी प्रमुख नदियाँ दक्षिण की ओर बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्रवाहित होती हैं, जिससे दोनों राष्ट्रों पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ा है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
स्थानकोसी और गंडक नदियाँ हिमालय से निकलकर भारत-गंगा के मैदानों में बहती हैं।
तथ्यबाढ़ की गंभीरता वर्षा के पैटर्न और सीमा के दोनों ओर बने तटबंधों की अखंडता द्वारा निर्धारित होती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: हिमालयी नदियों में आने वाली बाढ़ के जोखिमों को कम करने में भारत और नेपाल के बीच सीमा पार जल सहयोग और डेटा साझाकरण के महत्व पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: भोटकोशी नदी में आई विनाशकारी अचानक बाढ़ के पश्चात बचाव कार्यों के लिए नेपाल के प्रधानमंत्री ने भारत, चीन और US को धन्यवाद दिया।
भोटकोशी नदी में आई आकस्मिक बाढ़ के परिणामस्वरूप 1,204 पुष्ट मृत्यु और 4,200 से अधिक लोग लापता हो गए। भारत ने 'रैपिड एक्शन इंडिया' के माध्यम से विशिष्ट सहायता प्रदान की, जबकि चीन ने भारी मशीनरी के आवागमन हेतु ग्योरोंग सीमा पारगमन को पुनः खोल दिया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
स्थानभोटकोशी नदी: नेपाल में अचानक आने वाली बाढ़ (flash floods) का स्थल।
तथ्यनेपाल के अधिकारियों और अंतर्राष्ट्रीय भागीदारों द्वारा 11,993 से अधिक लोगों को बचाया गया।
स्थानग्यिरोंग: राहत मशीनरी के लिए चीन और नेपाल के बीच सीमा पारगमन पुनः खोला गया।
संस्थाRapid Action India: आपदा राहत प्रदान करने वाली एक विशिष्ट भारतीय एजेंसी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: दक्षिण एशिया में आपदा प्रबंधन और मानवीय सहायता के संदर्भ में भारत की 'पड़ोस पहले' (Neighborhood First) नीति के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: होरमुज जलडमरूमध्य के निकट अमेरिकी जवाबी हमलों के पश्चात ईरान ने एक नई रणनीति की चेतावनी दी है, जो एक महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट पर बढ़ते तनाव को रेखांकित करती है।
अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने ईरानी समुद्री बारूदी सुरंगों और मिसाइल हमलों के प्रत्युत्तर में होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट सैन्य हमले किए। ईरान ने इसके जवाब में जॉर्डन, UAE, कुवैत, बहरीन और इराक के एर्बिल में सैन्य लक्ष्यों पर जवाबी हमला किया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य: फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट।
संस्थाUS Central Command (CENTCOM): मध्य पूर्व में सैन्य अभियानों के लिए जिम्मेदार अमेरिकी विभाग।
तथ्यईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (Supreme National Security Council) राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति के लिए जिम्मेदार निकाय है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: हॉर्मुज जलडमरूमध्य के भू-राजनीतिक महत्व और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर बढ़ते सैन्य तनाव के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान की सैन्य और परमाणु क्षमताओं को नष्ट करने के उद्देश्य से उसके विरुद्ध 'Operation Epic Fury' शुरू किया, जिसके परिणामस्वरूप प्रारंभिक अल्पकालिक अनुमानों के बावजूद एक दीर्घकालिक संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो गई।
संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा ईरान के मिसाइल और परमाणु बुनियादी ढांचे को लक्षित करने के उद्देश्य से 28 फरवरी को 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' (Operation Epic Fury) शुरू किया गया। ईरान की पारंपरिक सैन्य शक्ति को व्यापक क्षति होने और सर्वोच्च नेता अयातोल्ला अली खमैनी की मृत्यु के बावजूद, ईरान ने बिना शर्त आत्मसमर्पण करने से इनकार कर दिया है और अपनी प्रमुख मिसाइल क्षमताओं को बरकरार रखा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य: मध्य पूर्व में एक महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट और भू-राजनीतिक तनाव का एक प्रमुख स्रोत।
तथ्यऑपरेशन Epic Fury: ईरान की रणनीतिक क्षमताओं को कम करने के उद्देश्य से 28 फरवरी को शुरू किया गया एक अमेरिकी सैन्य अभियान।
पदअयतुल्लाह अली खमैनी: इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के सुप्रीम लीडर।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मध्य पूर्व में दीर्घकालिक भू-राजनीतिक उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए सैन्य हस्तक्षेप को प्राथमिक उपकरण के रूप में उपयोग करने की सीमाओं का ईरान के साथ संघर्ष के संदर्भ में विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के मध्य सैन्य हमलों की तीव्रता में वृद्धि, विशेष रूप से हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर इसका प्रभाव।
अमेरिकी सैन्य बलों का दावा है कि ये हमले हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी बलों और जहाजों के विरुद्ध उत्पन्न खतरों के प्रत्युत्तर में किए गए थे। ईरानी रेड क्रिसेंट (Red Crescent) ने सूचित किया है कि एक अमेरिकी मिसाइल दक्षिणी ईरान में एक विवाह समारोह पर गिरी, जिसके परिणामस्वरूप चार व्यक्तियों की मृत्यु हो गई।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य: मध्य पूर्व में एक रणनीतिक चोकपॉइंट जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है।
तथ्यइरानी रेड क्रिसेंट (Iranian Red Crescent) ने दक्षिणी ईरान में हुए मिसाइल हमले में 4 लोगों की मृत्यु की सूचना दी है।
विज्ञान-तकनीकइस संघर्ष में प्राथमिक आक्रामक हथियारों के रूप में मिसाइलों और ड्रोन्स दोनों की तैनाती शामिल है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मध्य पूर्व में बढ़ते अमेरिका-ईरान तनाव का वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार मार्गों पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: SCO शिखर सम्मेलन के दौरान, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने चीन के आर्थिक प्रभुत्व और कनेक्टिविटी लक्ष्यों पर बल दिया, जो क्षेत्रीय भू-राजनीति में चीन के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित करता है।
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) एक क्षेत्रीय राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा गठबंधन है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शिखर सम्मेलन के मंच का उपयोग आर्थिक कनेक्टिविटी की वकालत करने के लिए किया, जबकि यह संगठन आतंकवाद विरोधी अभियानों और मादक पदार्थों की तस्करी पर भी ध्यान केंद्रित करता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
अंतर्राष्ट्रीय संगठनSCO: Shanghai Cooperation Organisation में चीन, रूस, भारत, पाकिस्तान और मध्य एशियाई देश शामिल हैं।
तथ्यSCO के मुख्य फोकस क्षेत्र: आतंकवाद विरोधी अभियान, क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक कनेक्टिविटी।
पदशी जिनपिंग: पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के राष्ट्रपति।
मेन्स के लिए
प्रश्न: शंघाई सहयोग संगठन (SCO) क्षेत्र की भू-राजनीतिक गतिशीलता पर चीन के आर्थिक प्रभुत्व और कनेक्टिविटी पहलों के प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: नेपाल की सांसद विदुषी राणा ने एक विनाशकारी हिमनद विखंडन (glacial collapse) के पश्चात भारत द्वारा प्रदान की गई राहत और तकनीकी सहायता के लिए आभार व्यक्त किया तथा इस क्षेत्र पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को रेखांकित किया।
ग्लेशियर के ढहने के पश्चात बचाव कार्यों हेतु नेपाल ने 9,200 से अधिक सुरक्षा बलों को तैनात किया है। अब तक 1,100 से अधिक शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि लगभग 4,500 लोग अभी भी लापता हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यग्लेशियर के ढहने के बाद बचाव कार्यों के लिए नेपाल ने 9,200 से अधिक सैनिकों को तैनात किया।
स्थाननेपाल दक्षिण एशिया का एक भू-आबद्ध (landlocked) देश है, जिसकी भारत के साथ एक लंबी सीमा साझा होती है।
विज्ञान-तकनीकहिमनद पतन (Glacial collapse) जलवायु परिवर्तन और पिघलते क्रायोस्फीयर (cryosphere) का एक महत्वपूर्ण संकेतक है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: जलवायु परिवर्तन से प्रेरित आपदाओं के संकट के समय अपने पड़ोसी देशों को मानवीय और तकनीकी सहायता प्रदान करने में भारत की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: हिमालय में ग्लेशियर के विनाशकारी ढहने से नेपाल में भीषण बाढ़ आई, जिसके परिणामस्वरूप भारी जनहानि हुई और भारत द्वारा आपातकालीन बचाव सहायता प्रदान करने की आवश्यकता उत्पन्न हुई।
यह आपदा 26 अगस्त को ग्लेशियर के ढहने और आधारशिला (bedrock) के विफल होने के कारण उत्पन्न हुई, जिसे 5.2 तीव्रता का भूकंपीय घटना दर्ज किया गया। इस आपदा में 1,000 से अधिक व्यक्तियों की मृत्यु हो गई और 4,500 लोग लापता हो गए। भारत ने अपनी पांचवीं सहायता उड़ान भेजी, जिसमें 11 सदस्यीय बचाव दल और 5.5 टन चिकित्सा आपूर्ति शामिल थी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यहिमनद के ढहने को 5.2 तीव्रता की भूकंपीय घटना के रूप में दर्ज किया गया।
स्थानबाढ़ ने तिब्बत और नेपाल से बहने वाली नदियों को प्रभावित किया।
तथ्यभारत ने नेपाल के लिए अपनी पांचवीं सहायता उड़ान में 5.5 टन चिकित्सा आपूर्ति भेजी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर झील विसर्जन बाढ़ (GLOFs) के बढ़ते जोखिमों और इस संदर्भ में सीमा पार आपदा प्रबंधन सहयोग की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: IAEA ने सीरिया में एक गुप्त परमाणु रिएक्टर और गैर-घोषित यूरेनियम धातु की खोज की पुष्टि की है, जो परमाणु अप्रसार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चिंताएं उत्पन्न करती है।
IAEA ने सीरिया के देइर अज़ ज़ोर में एक गुप्त परमाणु रिएक्टर की पुष्टि की है, जिसका निर्माण बशार अल-असद के शासनकाल के दौरान किया गया था। निरीक्षणों से वहां शीतलन बुनियादी ढांचे और गैर-घोषित स्थलों पर लगभग 73 टन प्राकृतिक यूरेनियम धातु की उपस्थिति का खुलासा हुआ है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाIAEA: International Atomic Energy Agency, जिसका मुख्यालय वियना में है, परमाणु सुरक्षा और सुरक्षा उपायों की निगरानी करता है।
तथ्यसीरिया में गैर-घोषित स्थलों पर 73 टन प्राकृतिक यूरेनियम धातु बरामद की गई।
स्थानदेइर अज़ ज़ोर: सीरिया में वह विशिष्ट स्थान जहाँ गुप्त रिएक्टर की पहचान की गई थी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: संघर्ष-ग्रस्त क्षेत्रों में परमाणु अप्रसार की निगरानी करने में अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के समक्ष आने वाली चुनौतियों और वैश्विक सुरक्षा पर इसके निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: होरमुज जलडमरूमध्य में जहाजों और अमेरिकी सैन्य कर्मियों पर हुए हमलों के जवाब में, US सेंट्रल कमांड ने ईरानी IRGC के लक्ष्यों पर हमले किए।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने 1 सितंबर, 2026 को ईरान में IRGC के लक्ष्यों पर सैन्य हमले शुरू किए। यह संघर्ष होर्मुज जलडमरूमध्य, जो एक महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट है, से संबंधित है और इसमें रॉकेट लॉन्चरों को निष्प्रभावी करने के उद्देश्य से लारक द्वीप पर किए गए रिपोर्टेड हमलों को भी शामिल किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): एक रणनीतिक जलमार्ग जो फारस की खाड़ी (Persian Gulf) को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।
संस्थाIRGC: Islamic Revolutionary Guard Corps, ईरानी सशस्त्र बलों की एक शाखा।
तथ्यरिपोर्ट की तिथि तक, Strait of Hormuz छह महीनों से बंद रहा है।
स्थानलारक द्वीप: एक ईरानी द्वीप जिसे शिपिंग लेन में बारूदी सुरंग लगाने से रोकने के लिए अमेरिकी बलों द्वारा लक्षित किया गया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: हॉर्मुज जलडमरूमध्य के भू-राजनीतिक महत्व और मध्य पूर्व में बढ़ते समुद्री तनाव के वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री मोदी ने बिश्केक में आयोजित SCO शिखर सम्मेलन के दौरान क्षेत्रीय आतंकवाद की समस्या के समाधान और मध्य एशिया में भारत की उपस्थिति को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से चीन और रूस के नेताओं के साथ संवाद किया।
यह शिखर सम्मेलन किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित किया गया। भारत ने मध्य एशिया में अपने हितों को आगे बढ़ाते हुए रूस और चीन के साथ संबंधों में संतुलन स्थापित करने के उद्देश्य से SCO सभ्यतागत संवाद मंच (Civilisational Dialogue Forum) में भाग लिया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
अंतर्राष्ट्रीय संगठनSCO: Shanghai Cooperation Organisation एक यूरेशियाई राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा गठबंधन है।
स्थानबिशकेक, किर्गिस्तान की राजधानी है।
तथ्यSCO के सदस्यों में चीन, रूस, भारत, पाकिस्तान और मध्य एशियाई देश शामिल हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और सुरक्षा सहयोग को आकार देने में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के महत्व की चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए सैन्य हमलों के पश्चात ईरान के परमाणु स्थलों तक सीमित पहुंच पर IAEA ने चिंता व्यक्त की है, और वैश्विक परमाणु अप्रसार के लिए संभावित जोखिमों को रेखांकित किया है।
IAEA (International Atomic Energy Agency) ने इसफ़ाहन जैसी स्थलों पर गतिविधियों के सत्यापन में कठिनाइयों की सूचना दी है। यद्यपि ईरान ने सितंबर 2025 में निरीक्षकों को पुनः प्रवेश की अनुमति देने पर सहमति व्यक्त की है, तथापि सैन्य कार्रवाई से प्रभावित स्थलों तक पहुँच अभी भी प्रतिबंधित बनी हुई है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाIAEA: परमाणु अप्रसार और सुरक्षा के लिए जिम्मेदार अंतर्राष्ट्रीय निकाय।
पदराफेल ग्रोसी: IAEA के वर्तमान महानिदेशक।
तथ्यजून 2025 में सैन्य हमलों के बाद ईरान ने IAEA के साथ सहयोग निलंबित कर दिया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भू-राजनीतिक संघर्षों और सैन्य तनावों के बीच परमाणु अप्रसार सुनिश्चित करने में अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) जैसे अंतर्राष्ट्रीय निगरानी निकायों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: नेपाल-तिब्बत सीमा के निकट आई भीषण बाढ़ के कारण 1,000 से अधिक लोगों की मृत्यु हो गई है, जिनमें 275 लापता भारतीय नागरिक शामिल हैं। यह घटना क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन की चुनौतियों को रेखांकित करती है।
नेपाल-तिब्बत सीमा के निकट आई बाढ़ के कारण 1,000 से अधिक व्यक्तियों की मृत्यु हो गई और 3,916 व्यक्ति लापता हो गए। भारतीय दूतावास ने 275 लापता भारतीय नागरिकों की पहचानके लिए DNA मिलान प्रोटोकॉल शुरू कर दिए हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यनेपाल-तिब्बत सीमा में आई बाढ़ की आपदा में 275 भारतीय नागरिकों के लापता होने की सूचना है।
स्थानयह आपदा नेपाल और तिब्बत (चीन) के बीच सीमावर्ती क्षेत्र में हुई थी।
विज्ञान-तकनीकभारतीय दूतावास द्वारा पीड़ितों के अवशेषों की पहचान के लिए DNA मिलान का उपयोग किया जा रहा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सीमा पार होने वाली प्राकृतिक आपदाओं के संदर्भ में, भारत और उसके पड़ोसी देशों के बीच आपदा प्रबंधन में क्षेत्रीय सहयोग के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री मोदी और ईरान के राष्ट्रपति के बीच हुई बैठक के पश्चात, क्षेत्रीय संघर्षों और समुद्री सुरक्षा खतरों के बीच भारत चाबहार बंदरगाह परियोजना के लिए एक सतत मार्ग अपना रहा है।
भारत और ईरान क्षेत्रीय दबावों के बावजूद व्यापार की निरंतरता सुनिश्चित करनेके लिए चाबहार बंदरगाह परियोजना पर चर्चा कर रहे हैं। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने पुष्टि की है कि अंतर्राष्ट्रीय दबावों और समुद्री सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बावजूद निजी संस्थाओं के माध्यम से द्विपक्षीय व्यापार जारी है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानचाबहार बंदरगाह: ओमान की खाड़ी में ईरान में स्थित एक रणनीतिक बंदरगाह, जो भारत को मध्य एशिया तक पहुँच प्रदान करता है।
पदमसूद पेज़ेशकियन: ईरान के वर्तमान राष्ट्रपति।
तथ्यबिशकेक में आयोजित SCO (Shanghai Cooperation Organisation) शिखर सम्मेलन द्विपक्षीय बैठक के लिए स्थल के रूप में कार्य किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मध्य एशिया के साथ भारत की कनेक्टिविटी के संदर्भ में चाबहार बंदरगाह के रणनीतिक महत्व और इस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा से उत्पन्न चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
चर्चा में क्यों: नेपाल में ग्लेशियर के ढहने और भीषण बाढ़ के कारण उत्पन्न हुई आपदा के पश्चात, नेपाल, चीन और भारत ने एक व्यापक बचाव अभियान में सहयोग किया।
25 जुलाई को ग्लेशियर के ढहने से नेपाल में विनाशकारी बाढ़ आई, जिसमें कम से कम 903 लोगों की मृत्यु हो गई और 4,247 लोग लापता हो गए। इस आपदा का प्रभाव चीन के तिब्बत क्षेत्र पर भी पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप 16 लोगों की मृत्यु हुई और 546 लोग लापता हो गए।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यनेपाल में बाढ़ और ग्लेशियर के ढहने से 90,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए।
स्थानयह आपदा नेपाल और चीन के तिब्बत क्षेत्र में हुई।
तथ्यहाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंगों में फंसे 900 से अधिक श्रमिकों को बचाने के लिए बचाव अभियान चलाया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बढ़ते जलवायु-प्रेरित खतरों के संदर्भ में भारत, चीन और नेपाल के बीच आपदा प्रबंधन में क्षेत्रीय सहयोग के महत्व पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: तमिलनाडु ने सिंचाई संबंधी संकट को कम करनेके उद्देश्य से कर्नाटक से 17.604 tmcft कावेरी जल की अनिवार्य मुक्ति की मांग करते हुए उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) का दरवाजा खटखटाया है।
तमिलनाडु ने 26 अगस्त से 8 सितंबर, 2026 के मध्य की अवधि के लिए 17.604 tmcft जल और 9,000 cusecs की मांग की है। यह अनुरोध आनुपातिक सूत्र (pro-rata formula) और कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) के निर्देशों पर आधारित है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यअनुरोधित जल की मात्रा: 17.604 tmcft।
संस्थाCWMA: Cauvery Water Management Authority तटीय राज्यों के बीच जल वितरण को विनियमित करता है।
स्थानकावेरी नदी: कर्नाटक, तमिलनाडु और Puducherry से होकर बहती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में अंतर-राज्यीय नदी जल-साझाकरण की चुनौतियों और नदी तटीय विवादों के समाधान में न्यायिक हस्तक्षेप की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: संयुक्त राष्ट्र की नस्लीय भेदभाव उन्मूलन समिति (CERD) ने 2007 के बाद से अपने पहले पुनरावलोकन के दौरान अल्पसंख्यकों, दलितों और गैर-नागरिकों के विरुद्ध हिंसा के प्रति भारत के दृष्टिकोण की आलोचना की।
CERD की समीक्षा 31 अगस्त, 2026 को आयोजित की गई। समिति ने मैनुअल सीवर सफाई, घृणास्पद भाषण (हेट स्पीच) और नागरिक समाज संगठनों पर लगाए गए प्रतिबंधों सहित विभिन्न मुद्दों को रेखांकित किया। समिति ने घृणास्पद भाषण को अपराध घोषित करने और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की स्वायत्तता को बहाल करने की सिफारिश की।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाCERD: UN निकाय जिसे 'इंटरनेशनल कन्वेंशन ऑन द एलिमिनेशन ऑफ ऑल फॉर्म्स ऑफ रेसियल डिस्क्रिमिनेशन' के कार्यान्वयन की निगरानी का कार्य सौंपा गया है।
संस्थाNHRC: National Human Rights Commission of India, एक स्वतंत्र वैधानिक निकाय।
तथ्यCERD द्वारा भारत की स्थिति की समीक्षा 2007 के बाद पहली बार की गई थी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में हाशिए पर रहने वाले समुदायों के संरक्षण को सुनिश्चित करने में आने वाली चुनौतियों और स्वतंत्र मानवाधिकार संस्थानों के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: मक्का संयुक्त रक्षा समझौते के पश्चात, तुर्की, सऊदी अरब और पाकिस्तान मक्का में एक राजनीतिक और रक्षा रणनीतिक समिति की स्थापना हेतु बैठक कर रहे हैं।
इस बैठक में विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री और सैन्य प्रमुख सम्मिलित हैं। मक्का संयुक्त रक्षा समझौता सामूहिक रक्षा के सिद्धांत पर संचालित होता है, जिसके अंतर्गत किसी एक सदस्य पर किया गया आक्रमण सभी सदस्यों पर किया गया आक्रमण माना जाता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानइस्तांबुल इस त्रिपक्षीय बैठक की मेजबान शहर है।
तथ्यMecca Joint Defence Agreement, NATO के समान एक सामूहिक रक्षा मॉडल का अनुसरण करता है।
संस्थाबैठक का उद्देश्य एक राजनीतिक और रक्षा रणनीतिक समिति स्थापित करना है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मध्य पूर्व और पश्चिम एशिया में बढ़ते त्रिपक्षीय रक्षा गठबंधों के क्षेत्रीय सुरक्षा और भारत की रणनीतिक स्वायत्तता पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के दक्षिणी हिस्से में स्थित लारक द्वीप पर एक सैन्य हमला किया, जिसका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य को निशाना बनाने वाले रॉकेट लॉन्चरों को नष्ट करना था।
अमेरिकी हमले का लक्ष्य उन प्रक्षेपक (launchers) को निशाना बनाना था, जिनका उपयोग होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें दागने के लिए किया जाना था। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सैनिकों के बीच हताहतों की पुष्टि की है। यह घटना सैन्य कार्रवाइयों के साथ-साथ वित्तीय दबाव की ओर अमेरिकी रणनीति में आए बदलाव के बीच घटित हुई है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य: वैश्विक तेल पारगमन के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट।
संस्थाIRGC: Islamic Revolutionary Guard Corps, ईरान की विशिष्ट सैन्य शाखा।
तथ्यलारक द्वीप: दक्षिणी ईरान में स्थित, जो होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के निकट होने के कारण लक्षित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा में होर्मुज जलडमरूमध्य के महत्व और इस क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: DNA प्रोफाइलिंग के माध्यम से बाढ़ पीड़ितों की पहचान करने में सहायता प्रदान करनेके लिए नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (NFSU) की एक टीम को नेपाल में तैनात किया गया है।
NFSU गांधीनगर के डॉ. भार्गव पटेल के नेतृत्व में एक 10 सदस्यीय टीम नेपाल के बाढ़ राहत प्रयासों में सहायता प्रदान कर रही है। लापता व्यक्तियों की DNA-आधारित पहचान सुनिश्चित करने हेतु इस मिशन का समन्वय भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) और गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा किया जा रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाNFSU: National Forensic Sciences University, गृह मंत्रालय द्वारा स्थापित एक डीम्ड यूनिवर्सिटी (deemed university) है।
तथ्ययह मिशन आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पीड़ितों की पहचान के लिए DNA profiling शामिल करता है।
स्थाननेपाल भारत का एक पड़ोसी देश है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: दक्षिण एशियाई क्षेत्र में आपदा प्रबंधन और मानवीय सहायता के संदर्भ में फॉरेंसिक विज्ञान और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।