GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· India's bilateral relations· Mains·
मध्यस्थ के रूप में भारत की भूमिका तथा ऊर्जा एवं समुद्री सुरक्षा पर इसका ध्यान, GS2 अंतर्राष्ट्रीय संबंधों का एक प्रमुख विषय है।
रूस के साथ जारी संघर्ष के मध्यस्थता हेतु विदेश मंत्री एस. जयशंकर की कीव यात्रा के दौरान, भारत ने यूक्रेन के समक्ष तीन-स्तरीय युद्धविराम योजना का प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
भारतीय प्रस्ताव में तीन घटक शामिल हैं: ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों को रोकना, काला सागर (Black Sea) के बंदरगाहों के माध्यम से अनाज और ऊर्जा के प्रवाह को सुनिश्चित करना, और वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों को समाप्त करना। यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने इसे तुर्की, मिस्र और संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रस्तावों की तुलना में सबसे व्यापक पहल के रूप में वर्णित किया है।
भारत के युद्धविराम प्रस्ताव में अनाज और ऊर्जा प्रवाह की चर्चाओं के लिए कौन सा रणनीतिक जलमार्ग केंद्रीय है?
उत्तर: (d) ब्लैक सी — यह नोट ब्लैक सी (Black Sea) को अनाज और ऊर्जा प्रवाह की चर्चाओं के लिए केंद्रीय रणनीतिक जलमार्ग के रूप में पहचानता है।
Q. रूस-यूक्रेन संघर्ष में मध्यस्थ के रूप में भारत की विकसित होती भूमिका और इसके 'व्यापक' युद्धविराम प्रस्ताव के रणनीतिक महत्व का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
कीवर्ड: Strategic Autonomy · Mediation · Black Sea Security · Energy Diplomacy · Multilateralism
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।