यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के अर्थव्यवस्था भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 2,194 नोट्स, रोज़ अपडेट।
पाठ्यक्रम के विषय: बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे) (478) · उद्योग, निवेश एवं MSME (439) · पूंजी बाज़ार एवं SEBI (292) · मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंग (288) · विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतक (268) · राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST) (183) · रोज़गार एवं समावेशी विकास (132) · बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDI (114)
चर्चा में क्यों: RBI की डिप्टी गवर्नर पूनम गुप्ता ने सुझाव दिया है कि मार्च 2025 से रुपये की गिरावट, भुगतान संतुलन (Balance of Payments) में नकारात्मक स्थिति के बावजूद, 13% तक का एक अस्थायी ओवरकरेक्शन (overcorrection) हो सकता है।
मई 2026 में भारतीय रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया, जिसके बाद इसमें मामूली सुधार देखा गया और फिर से गिरावट आई। मुद्रा को स्थिर करने के लिए RBI के हस्तक्षेप के परिणामस्वरूप विदेशी मुद्रा भंडार में $14.8 बिलियन की कमी आई।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यRBI के हस्तक्षेप के कारण रिजर्व में $14.8 बिलियन की कमी आई।
तथ्यRBI ने मार्च 2025 से रुपये की गिरावट (depreciation) को 13% तक का ओवरकरेक्शन (overcorrection) होने का अनुमान लगाया है।
तथ्यमई 2026 में रुपया अपने रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मुद्रा की अस्थिरता के प्रबंधन में केंद्रीय बैंक के हस्तक्षेप की भूमिका और विदेशी मुद्रा भंडार के घटते स्तर के भारत की बाह्य स्थिरता पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: पिछले एक साल में, फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPIs) ने भारतीय इक्विटी से ₹2.17 लाख करोड़ से अधिक की राशि निकाली, जिससे सेंसेक्स (Sensex) में 13.6% की गिरावट आई।
FPIs ने भारतीय इक्विटी से ₹2.17 लाख करोड़ निकाले, जबकि घरेलू म्यूचुअल फंड्स ने ₹4.98 लाख करोड़ का निवेश किया। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और कमजोर रुपये के कारण IT सेक्टर में 33.4% और FMCG सेक्टर में 30.2% की गिरावट दर्ज की गई।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यपिछले एक साल में Sensex में 13.6% और Nifty में 11.6% की गिरावट दर्ज की गई।
तथ्यघरेलू Mutual Funds ने बाजार में ₹4.98 लाख करोड़ का निवेश किया।
तथ्यSensex का trailing PE ratio 20.3 times पर रहा।
तथ्यIT और FMCG सेक्टर में क्रमशः 33.4% और 30.2% की गिरावट देखी गई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के पूंजी बाजारों पर प्रत्यक्ष विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) की अस्थिरता के प्रभाव का विश्लेषण कीजिए और घरेलू निवेश लचीलेपन को बढ़ाने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।
चर्चा में क्यों: तमिलनाडु सरकार ने महिला उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए ‘वेत्री मगलिर तोझिलमुनाइवोर मेमबट्टु थिट्टम’ (Vetri Magalir Thozhilmunaivor Membattu Thittam) की घोषणा की है।
यह योजना 9.95% की ब्याज दर पर ₹10 लाख से ₹5 करोड़ तक के ऋण प्रदान करती है। इन ऋणों का वितरण तमिलनाडु इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन (TIIC) के माध्यम से किया जाता है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
योजनाVetri Magalir Thozhilmunaivor Membattu Thittam: महिलाओं के उद्यमिता (entrepreneurship) के लिए तमिलनाडु सरकार की योजना।
संस्थातमिलनाडु इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन (TIIC): इस स्कीम के तहत लोन वितरण के लिए जिम्मेदार बॉडी।
तथ्यलोन की राशि: ₹10 लाख से ₹5 करोड़।
तथ्यब्याज दर: 9.95%।
मेन्स के लिए
प्रश्न: महिला उद्यमियों के लिए लक्षित ऋण योजनाओं से भारतीय अर्थव्यवस्था में समावेशी आर्थिक विकास और लैंगिक समानता को कैसे बढ़ावा मिल सकता है, इस पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: अमित शाह और भूपेंद्र पटेल ने 2,000 किलोमीटर से अधिक के परीक्षणों के बाद साबरमती से भारत की पहली LNG-संचालित ट्रेन लॉन्च की।
यह ट्रेन दो 1,400 HP ड्राइविंग पावर कार्स (DPCs) में डीजल-प्लस-LNG ड्यूल-फ्यूल सिस्टम का उपयोग करती है। प्रत्येक DPC में 850-900 किलोग्राम की क्षमता वाले LNG टैंक लगे हैं। इसे डीजल के विकल्प के रूप में ईंधन की लागत और उत्सर्जन को 40% तक कम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यLNG-पावर्ड ट्रेन में डीजल-प्लस-LNG ड्यूल-फ्यूल सिस्टम का उपयोग किया जाता है।
तथ्यप्रत्येक Driving Power Car (DPC) में 850-900 kg की usable LNG क्षमता होती है।
तथ्ययह पहल 1,542 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं का हिस्सा है।
तथ्ययह ट्रेन डीजल के विकल्प के रूप में ईंधन की लागत और उत्सर्जन को 40% तक कम करने के लिए डिज़ाइन की गई है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: परिवहन क्षेत्र को कार्बन मुक्त करने और लॉजिस्टिक दक्षता में सुधार लाने के भारत के लक्ष्यों के संदर्भ में एलएनजी (LNG) संचालित रेल परिवहन को अपनाने की प्रासंगिकता पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: तमिलनाडु सरकार थूथुकुडी में ₹38,000 करोड़ का एक ग्रीनफील्ड शिपयार्ड (Greenfield Shipyard) स्थापित करने का प्रस्ताव दे रही है, जिसका उद्देश्य उल्सान के औद्योगिक इकोसिस्टम (Industrial Ecosystem) की तर्ज पर एक समुद्री-विनिर्माण हब बनाना है।
इस परियोजना के अंतर्गत तमिलनाडु के थूथुकुडी में ₹38,000 करोड़ का निवेश शामिल है। इसका लक्ष्य 2.5 मिलियन ग्रॉस टनन (Gross Tonnage - GT) की वार्षिक क्षमता हासिल करना और शिपयार्ड के आसपास सहायक उद्योगों को बढ़ावा देना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानतूतुकुडी तमिलनाडु का एक शहर है जिसे 'पर्ल सिटी' (Pearl City) के रूप में जाना जाता है।
तथ्यप्रस्तावित शिपयार्ड निवेश ₹38,000 करोड़ है।
तथ्यशिपयार्ड की लक्षित वार्षिक क्षमता 2.5 मिलियन Gross Tonnage (GT) है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: थूथुकुडी जैसे समुद्री विनिर्माण केंद्रों का विकास भारत के एक वैश्विक विनिर्माण शक्ति बनने के लक्ष्य में किस प्रकार योगदान दे सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: IIT मद्रास और यूनिकॉर्न इंडिया वेंचर्स ने भारत में डीप-टेक स्टार्टअप्स के विस्तार में सहायता के लिए ₹450 करोड़ के डीप-टेक फंड का पहला क्लोज (close) पूरा किया है।
इस फंड का लक्ष्य दिसंबर 2026 तक ₹1,000 करोड़ का अंतिम लक्ष्य प्राप्त करना है। इसने पहले ही चार डीप टेक (deep tech) स्टार्टअप्स में लगभग ₹55 करोड़ तैनात किए हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यफंड का पहला क्लोज (close) तीन महीनों के भीतर ₹450 करोड़ तक पहुंच गया।
तथ्यफंड का टारगेट फाइनल क्लोज दिसंबर 2026 तक ₹1,000 करोड़ है।
तथ्य₹55 करोड़ की राशि चार डीप टेक (Deep Tech) स्टार्टअप्स में तैनात की गई है।
संस्थाIIT मद्रास रिसर्च पार्क (IITMRP) इस फंड में एक प्रमुख पार्टनर है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की सेवा-प्रधान अर्थव्यवस्था से विनिर्माण और नवाचार-आधारित शक्ति केंद्र की ओर संक्रमण को सुदृढ़ करने में डीप-टेक (deep-tech) निवेश के महत्व की चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: APMI चेयरमैन विकास खेमानी ने कहा कि नया PRIM फ्रेमवर्क म्यूचुअल फंड, ETFs और SIFs का उपयोग करके कस्टमाइज्ड पोर्टफोलियो की अनुमति देकर PMS उद्योग के आकार को दोगुना कर सकता है।
PRIM फ्रेमवर्क पोर्टफोलियो मैनेजरों को कस्टमाइज्ड पोर्टफोलियो में डायरेक्ट म्यूचुअल फंड प्लान, ETFs, इंडेक्स फंड और SIFs को शामिल करने की अनुमति देता है। इस फ्रेमवर्क के तहत निवेशकों के लिए एंट्री पॉइंट ₹25 लाख निर्धारित किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यPRIM फ्रेमवर्क के तहत PMS इंडस्ट्री के लिए एंट्री पॉइंट ₹25 लाख है।
विज्ञान-तकनीकPRIM कस्टमाइज्ड पोर्टफोलियो (customized portfolios) में डायरेक्ट म्यूचुअल फंड प्लान, ETFs, इंडेक्स फंड और SIFs को शामिल करने की अनुमति देता है।
संस्थाAPMI का अर्थ Association of Portfolio Managers in India है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवाओं (PMS) के ढांचे में निवेश साधनों के विस्तार और प्रवेश बाधाओं में कमी किस प्रकार भारत में धन प्रबंधन (वेल्थ मैनेजमेंट) के लोकतंत्रीकरण में सहायक हो सकती है, चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: ओडिशा सरकार ने 'ओडिशा पेडेस्ट्रियन सेफ्टी रूल्स, 2026' (Odisha Pedestrian Safety Rules, 2026) का मसौदा तैयार किया है। इसका उद्देश्य पैदल चलने वालों के लिए रास्ते अनिवार्य करना और खराब सड़क डिजाइन के कारण होने वाली चोटों या मौतों पर जुर्माना लगाना है।
नियमों के अनुसार, नई सड़कों और उन सड़कों पर जिन्हें अपग्रेड या चौड़ा किया जा रहा है, पैदल चलने वालों के लिए रास्ते (pedestrian paths) बनाना अनिवार्य है। ये रास्ते विशेष रूप से उच्च दुर्घटना वाले क्षेत्रों, स्कूलों, अस्पतालों और बाजारों में सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं। मोटर व्हीकल्स एक्ट (Motor Vehicles Act) के तहत इन नियमों का उल्लंघन करने पर दंड लागू किया जाएगा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
अधिनियम / विधेयकओडिशा पेडेस्ट्रियन सेफ्टी रूल्स (Odisha Pedestrian Safety Rules), 2026: नई और अपग्रेड की गई सड़कों पर पेडेस्ट्रियन पाथ (pedestrian paths) अनिवार्य करता है।
तथ्यउल्लंघन करने वालों को Motor Vehicles Act की धारा 177, 201 और 210B के तहत दंडित किया जाता है।
स्थानओडिशा: राज्य सरकार स्कूलों, अस्पतालों और बाजारों के लिए सुरक्षा नियम तैयार कर रही है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: तेजी से विकसित हो रहे भारतीय राज्यों में सार्वजनिक सुरक्षा और समावेशिता सुनिश्चित करने में पैदल यात्री-केंद्रित शहरी नियोजन के महत्व पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: IRDAI ने पारदर्शिता बढ़ाने और लागत कम करने के लिए एजेंटों और ब्रोकर्स के लिए बीमा कमीशन की सीमा तय करने और ऋण (Loans) के साथ बीमा को जोड़ने (Bundling) पर रोक लगाने का प्रस्ताव दिया है।
इन्श्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) ने बीमा कंपनियों के लिए खर्च की सीमा कम करने और ऋण के साथ बीमा को जोड़ने (bundling) पर रोक लगाने का प्रस्ताव दिया है। इन उपायों का उद्देश्य पारदर्शिता में सुधार करना है, लेकिन इससे छोटे शहरों में कम प्रीमियम वाली पॉलिसियों की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्यप्रस्तावित उपायों में एजेंटों और ब्रोकर्स (brokers) के कमीशन पर कैप (caps) शामिल हैं।
तथ्यलोन प्रोडक्ट्स के साथ इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स को बंडल करने पर प्रस्तावित प्रतिबंध।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बीमा क्षेत्र में ग्रामीण भारत में बीमा पैठ (insurance penetration) के विस्तार के लक्ष्य और उपभोक्ता संरक्षण की आवश्यकता के बीच संतुलन स्थापित करने में IRDAI द्वारा प्रस्तावित कमीशन कैप और बंडलिंग संबंधी नियमों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: RBI के डिप्टी गवर्नर जैन ने भारत के $781 बिलियन के विदेशी मुद्रा भंडार (foreign exchange reserves) के सावधानीपूर्वक प्रबंधन की आवश्यकता पर जोर दिया।
RBI के डिप्टी गवर्नर जैन ने SBI बैंकिंग एंड इकोनॉमिक्स कॉन्क्लेव में 781 बिलियन डॉलर के भंडार (reserves) के प्रबंधन पर चर्चा की। उन्होंने बाजार की लिक्विडिटी (liquidity) में सुधार के लिए राज्य सरकारों हेतु एक बेंचमार्क इश्यूएशन स्ट्रैटेजी (benchmark issuance strategy) की वकालत की। साथ ही, उन्होंने वित्तीय स्थिरता में AI गवर्नेंस (AI governance) की भूमिका पर भी चर्चा की।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यरिपोर्ट के अनुसार, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार $781 बिलियन था।
संस्थाRBI: भारतीय रिज़र्व बैंक भारत का केंद्रीय बैंक है।
तथ्यFCNR (B) स्कीम: अनिवासी भारतीयों (Non-resident Indians) के लिए भारतीय बैंकों में विदेशी मुद्रा में फंड जमा करने की एक योजना।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अस्थिर वैश्विक अर्थव्यवस्था में बाह्य लचीलेपन और वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर विदेशी मुद्रा भंडार के प्रबंधन में निहित चुनौतियों और रणनीतियों की चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: SEBI ने पोर्टफोलियो एडवाइजर्स की भूमिका के दायरे को बढ़ाने के लिए नए पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) नियम मंजूर किए हैं, जिससे उन्हें निवेश के व्यापक विकल्प प्रदान करने की अनुमति मिलेगी।
यह समाचार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये के 95.90 पर मजबूत होने के साथ मेल खाता है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्यरुपये की एक्सचेंज रेट: US डॉलर के मुकाबले 95.90।
तथ्यअनुमानित शुद्ध रोजगार परिवर्तन: ई-कॉमर्स (e-commerce) के लिए 12.6% और टेक स्टार्टअप्स (tech startups) के लिए 12.3%।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सेबी (Sebi) के नए नियमों के अंतर्गत पोर्टफोलियो सलाहकार की भूमिकाओं के विस्तार से पूंजी बाजारों में खुदरा निवेशकों की भागीदारी को कैसे बढ़ाया जा सकता है और साथ ही निवेशक संरक्षण सुनिश्चित किया जा सकता है, इस पर चर्चा कीजिए।
रेगुलेटरी ओवरसाइट: रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिस्क-मिटिगेशन फ्रेमवर्क और निवेश के विकल्पों के बीच संतुलन
मार्केट लोकतंत्रीकरण: पारंपरिक इक्विटी एसेट्स से आगे बढ़कर निवेश के रास्ते बढ़ाकर फाइनेंशियल इंक्लूजन को बढ़ावा देना
मुख्य शब्द: कैपिटल मार्केट रेगुलेशन · निवेशक संरक्षण · वित्तीय समावेशन · पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क
चर्चा में क्यों: Nifty 50 और Sensex में भारी गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि US 10-year Treasury yield 5.10% के पार निकल गया और Brent crude की कीमतें $102 प्रति बैरल से ऊपर बनी रहीं।
निफ्टी 50 (Nifty 50) में 383.70 अंकों की गिरावट आई और यह 23,063.10 पर बंद हुआ। वहीं, सेंसेक्स (Sensex) 1,247.71 अंक गिरकर 73,580.54 पर पहुंच गया। बाजार में इस गिरावट के मुख्य कारणों में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड (Bond Yields) में बढ़ोतरी, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और IRDA द्वारा बीमा कमीशन को सख्त करने का प्रस्ताव शामिल रहा।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यसितंबर 2026 तक US 10-year Treasury yield 5.10% के पार निकल गया।
तथ्यब्रेंट क्रूड (Brent crude) की कीमत $102 प्रति बैरल से ऊपर बनी रही।
तथ्यNifty 50, 383.70 अंकों की गिरावट के साथ 23,063.10 पर बंद हुआ।
तथ्यSensex 1,247.71 अंकों की गिरावट के बाद 73,580.54 पर बंद हुआ।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव उभरते बाजारों के इक्विटी और घरेलू वित्तीय क्षेत्रों की स्थिरता को किस प्रकार प्रभावित करते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने 47 बिलियन डॉलर का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) हासिल कर लिया है, जिससे यह दुनिया का छठा सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज बन गया है।
NSE ने 66.9% का ऑपरेटिंग EBITDA मार्जिन दर्ज किया है, जो दुनिया के पांच सबसे बड़े एक्सचेंज ऑपरेटरों की 53-80% की रेंज में ऊपरी स्तर पर आता है। भारत के कैश मार्केट टर्नओवर के वित्त वर्ष 2026 में ₹280 लाख करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2030 तक ₹473-507 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यNSE का ऑपरेटिंग EBITDA मार्जिन: 66.9%।
तथ्यFY30 तक अनुमानित कैश मार्केट टर्नओवर: ₹473-507 लाख करोड़।
तथ्यकैश मार्केट टर्नओवर की अनुमानित वार्षिक वृद्धि दर: 14-16%।
तथ्यNSE मार्केट कैपिटलाइजेशन: $47 बिलियन।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के पूंजी बाजारों के तीव्र विस्तार को गति देने वाले संरचनात्मक कारकों और बचत के बढ़ते वित्तीयकरण के अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
फाइनेंशियललाइजेशन का ट्रेंड: रिटेल इन्वेस्टर्स का फिजिकल एसेट्स से कैपिटल मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स की ओर शिफ्ट
मार्केट डेप्थ: घरेलू लिक्विडिटी और इन्वेस्टमेंट पर हाई-ग्रोथ कैश मार्केट टर्नओवर का असर
ग्लोबल पोजीशनिंग: NSE का हाई P/E मल्टीपल और ग्लोबल एक्सचेंज साथियों के मुकाबले मुनाफ़ा
चर्चा में क्यों: नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने हाई-स्पीड नेशनल हाईवेज के लिए नई गाइडलाइन्स जारी की हैं, जिसमें बिना रुके वाहनों के आवागमन की अनुमति देने के लिए मल्टी-लेन फ्री फ्लो टोलिंग (Multi-Lane Free Flow tolling) की शुरुआत की गई है।
NHAI के दिशा-निर्देश विशेष रूप से चार-लेन और छह-लेन वाले ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड हाईवे पर लागू होते हैं, जिनमें एक्सप्रेसवे स्पष्ट रूप से शामिल नहीं हैं। ये नियम सड़क की मजबूती और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए वृक्षारोपण और जल निकासी प्रणालियों के शुरुआती एकीकरण को अनिवार्य बनाते हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाNHAI: नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया।
तथ्यMulti-Lane Free Flow tolling के तहत वाहन बिना रुके टोल से गुजर सकते हैं।
तथ्यये गाइडलाइन्स चार-लेन और छह-लेन वाले ग्रीनफील्ड (Greenfield) और ब्राउनफील्ड (Brownfield) हाईवे पर लागू होती हैं।
तथ्यनई टोलिंग रूल्स से एक्सप्रेसवे को बाहर रखा गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मल्टी-लेन फ्री-फ्लो टोलिंग (Multi-Lane Free Flow tolling) और हरित बुनियादी ढांचे (green infrastructure) के अधिदेशों को अपनाने से भारत के राजमार्ग गलियारों की दक्षता और स्थिरता को कैसे बढ़ाया जा सकता है, चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने IFCI, NIACL और GIC सहित प्रमुख शेयरधारकों के माध्यम से ऑफर फॉर सेल (Offer for Sale) के जरिए 22,562 करोड़ रुपये जुटाने के लिए अपना IPO लॉन्च किया है।
NSE IPO के माध्यम से 1,700 रुपये से 1,785 रुपये के प्राइस बैंड (Price Band) पर 12.64 करोड़ शेयर बेचकर 22,562 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया था। मुख्य लिस्टिंग से पहले इस ऑफर के जरिए एंकर इन्वेस्टर्स (Anchor Investors) से 6,746 करोड़ रुपये सफलतापूर्वक जुटाए गए।
संस्थाNSE IPO में मुख्य सेलिंग एंटिटीज: IFCI, NIACL और GIC।
स्थानNSE शेयर्स को BSE और MSEI पर लिस्ट किया जाएगा।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में प्रमुख वित्तीय अवसंरचना संस्थाओं के सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध होने के महत्व और पूंजी बाजार की तरलता एवं निवेशक विश्वास पर इसके प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: IRDAI द्वारा बीमा कंपनियों के लिए कमीशन की सख्त सीमा तय करने के प्रस्ताव के बाद PB Fintech और Turtlemint के शेयरों में भारी गिरावट आई है, जिससे इन इंश्योरटेक (Insurtech) प्लेटफॉर्म्स की लाभप्रदता प्रभावित हुई है।
PB Fintech के शेयरों में 30% की गिरावट आई, जिससे इसकी मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) से 26,200 करोड़ रुपये कम हो गए। Turtlemint Fintech Solutions के शेयरों में 20% की गिरावट दर्ज की गई, जिसके परिणामस्वरूप मार्केट कैप में 803 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यPB Fintech मार्केट कैप में कमी: Rs 26,200 करोड़।
तथ्यTurtlemint Fintech Solutions के शेयरों में 20% की गिरावट।
संस्थाIRDAI: इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बीमा-तकनीकी (इन्श्योरटेक) क्षेत्र में उपभोक्ता संरक्षण और बाजार स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए कमीशन संरचनाओं पर विनियामक निरीक्षण के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (NSE) अपनी IPO के 5.7 गुना से अधिक ओवरसब्सक्राइब्ड (oversubscribed) होने के बाद BSE लिमिटेड पर लिस्ट होने के लिए तैयार है, जो भारत की दीर्घकालिक वृद्धि में निवेशकों के भरोसे की परीक्षा है।
NSE ने अपने IPO के माध्यम से 2.4 बिलियन डॉलर जुटाए, जो देश का अब तक का दूसरा सबसे बड़ा IPO बन गया है। लिस्टिंग के बाद इस एक्सचेंज की वैल्यू लगभग 47.5 बिलियन डॉलर होने की उम्मीद है, जिससे यह मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) के आधार पर दुनिया का आठवां सबसे बड़ा एक्सचेंज बन जाएगा।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यNSE IPO को 5.7 गुना से अधिक सब्सक्राइब किया गया।
तथ्यNSE ने अपने IPO में $2.4 बिलियन जुटाए।
तथ्यNSE के लिस्टिंग के समय इसका वैल्यूएशन लगभग $47.5 बिलियन होने की उम्मीद है।
तथ्यNSE के मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) के आधार पर दुनिया का आठवां सबसे बड़ा एक्सचेंज होने का अनुमान है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बड़े पैमाने पर आयोजित होने वाले आईपीओ (IPO) में खुदरा निवेशकों की भागीदारी को प्रभावित करने वाले कारकों का विश्लेषण कीजिए और भारत के पूंजी बाजार की परिपक्वता के आकलन में बाजार पूंजीकरण की भूमिका की व्याख्या कीजिए।
वैल्यूएशन संवेदनशीलता: लार्ज-कैप लिस्टिंग में हाई प्राइस-टू-अर्निग्स मल्टीपल्स के कारण रिटेल इन्वेस्टर की हिचकिचाहट
रेगुलेटरी फ्रिक्शन: डेरिवेटिव वॉल्यूम रेगुलेशंस का एक्सचेंज प्रॉफिटेबिलिटी और इन्वेस्टर सेंटीमेंट पर असर
लिक्विडिटी डायनेमिक्स: लिस्टिंग के बाद शेयर सप्लाई और प्राइस स्टेबिलिटी पर लॉक-इन पीरियड खत्म होने का असर
चर्चा में क्यों: फिच रेटिंग्स (Fitch Ratings) ने जून तिमाही में मजबूत विकास और आर्थिक लचीलेपन के कारण चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की GDP विकास दर का अनुमान 6.4% से बढ़ाकर 6.9% कर दिया है।
फिच रेटिंग्स (Fitch Ratings) ने चालू वित्त वर्ष के लिए 6.9% की जीडीपी (GDP) वृद्धि का अनुमान लगाया है। इस एजेंसी को उम्मीद है कि बढ़ती महंगाई और विनिर्माण/सेवा क्षेत्र में धीमी वृद्धि से निपटने के लिए RBI अक्टूबर में ब्याज दरों में 0.25% की बढ़ोतरी करेगा।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यFitch Ratings ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत के GDP ग्रोथ फोरकास्ट को बढ़ाकर 6.9% कर दिया है।
तथ्यजुलाई में नॉन-फूड क्रेडिट (Non-food credit) की ग्रोथ साल-दर-साल (year-over-year) आधार पर 19% तक पहुंच गई।
तथ्यFitch ने अनुमान लगाया है कि 2028 तक इंटरेस्ट रेट्स (interest rates) घटकर 5.5% हो जाएंगे।
तथ्यनिजी निवेश (Private investment) में 10% से अधिक की वृद्धि होने की उम्मीद है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों और घरेलू मुद्रास्फीति के दबावों के बावजूद भारत की लचीली जीडीपी वृद्धि में योगदान देने वाले कारकों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: RBI के डिप्टी गवर्नर रोहित जैन ने बैंकों को आक्रामक ऋण देने और 'लोन प्राइस वॉर' (loan price war) के प्रति आगाह किया है, जो नए FCNR डिपॉजिट में ₹11 लाख करोड़ के प्रवाह के कारण शुरू हुआ है।
बैंकों को लगभग ₹11 लाख करोड़ का नया FCNR डिपॉजिट इनफ्लो प्राप्त हुआ है। RBI ने विदेशी मुद्रा हस्तक्षेप (₹2.5 लाख करोड़) और ओपन मार्केट ऑपरेशंस/रिवर्स रेपो (₹3.5 लाख करोड़) के माध्यम से ₹6 लाख करोड़ की लिक्विडिटी को कम किया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यनए FCNR डिपॉजिट इनफ्लो लगभग ₹11 लाख करोड़ तक पहुंच गए।
तथ्यRBI ने Swaps और Spot Dollar Sale जैसे फॉरेन करेंसी इंटरवेंशन रूट्स के जरिए ₹2.5 लाख करोड़ का मोप-अप (mopped up) किया।
तथ्यRBI ने ओपन मार्केट ऑपरेशंस और लॉन्ग-टर्म रिवर्स रेपो के जरिए ₹3.5 लाख करोड़ का मोप-अप (mopped up) किया।
तथ्यरिटेल क्रेडिट की वार्षिक वृद्धि 16% दर्ज की गई, जबकि कुल क्रेडिट ग्रोथ लगभग 19% रही।
मेन्स के लिए
प्रश्न: उच्च तरलता की अवधि के दौरान वाणिज्यिक बैंकों द्वारा आक्रामक ऋण विस्तार से जुड़े जोखिमों और ऋण की गुणवत्ता बनाए रखने में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: RBI द्वारा अतिरिक्त लिक्विडिटी (liquidity) को कम करने के लिए OMO सेल और VRRR ऑक्शन आयोजित किए जाने के कारण, होलसेल एनुअल कॉल रेट (WACR) लगभग दो महीनों में पहली बार रेपो रेट से ऊपर निकल गया।
RBI ने मंगलवार को ₹75,000 करोड़ की अधिसूचित राशि में से ₹71,971 करोड़ निकालने के लिए VRRR नीलामी आयोजित की। केंद्रीय बैंक सोमवार को ₹25,000 करोड़ की OMO और बुधवार को ₹75,000 करोड़ की VRRR नीलामी करने की योजना बना रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
संस्थाभारतीय रिज़र्व बैंक (RBI)।
तथ्यVRRR: Variable Rate Reverse Repo का उपयोग कॉल रेट्स (call rates) को मैनेज करने और लिक्विडिटी (liquidity) को कम करने के लिए किया जाता है।
तथ्यOMO: Open Market Operations में सरकारी सिक्योरिटीज (Government Securities) की खरीद और बिक्री शामिल होती है।
तथ्यWACR: Wholesale Annual Call Rate होलसेल मार्केट में लिक्विडिटी (liquidity) का एक प्रमुख संकेतक है।
तथ्यNDTL (Net Demand and Time Liabilities) लिक्विडिटी (liquidity) बनाए रखने का आधार है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: तरलता की निगरानी में थोक वार्षिक कॉल दर (WACR) के महत्व और कॉल दरों के प्रबंधन में वेरिएबल रेट रेपो (VRRR) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: अडानी ग्रुप की पांच कंपनियों ने हिंडनबर्ग रिपोर्ट से जुड़े संबंधित पार्टी लेनदेन (Related Party Transactions) के खुलासे और जानकारी न देने के उल्लंघन के लिए 140.85 लाख रुपये का जुर्माना भरकर SEBI के मामले का निपटारा किया है।
इस समझौते में पांच संस्थाएं शामिल थीं: अडानी एंटरप्राइजेज (₹76.05 लाख), अडानी ग्रीन एनर्जी (₹45.5 लाख), अडानी टोटल गैस (₹9.75 लाख), AWL एग्री बिजनेस (₹9.75 लाख) और अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस (₹9.75 लाख)। उल्लंघन में संबंधित पक्षों के साथ किए गए लेन-देन (related party transactions) का खुलासा न करना और पीयर रिव्यू सर्टिफिकेट (peer review certificates) के बिना अमान्य ऑडिट रिपोर्ट का उपयोग शामिल था।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यअडानी ग्रुप की पांच कंपनियों द्वारा भुगतान की गई कुल सेटलमेंट राशि: ₹140.85 लाख।
तथ्यAdani Enterprises और Adani Green Energy सेटलमेंट अमाउंट (settlement amount) में सबसे बड़े योगदानकर्ता थे।
तथ्यउल्लंघनों में संबंधित पार्टी के साथ लेनदेन (related party transactions) का खुलासा न करना और पीयर रिव्यू सर्टिफिकेट (peer review certificates) के बिना अमान्य ऑडिट रिपोर्ट शामिल थीं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के पूंजी बाजारों की अखंडता बनाए रखने में सुदृढ़ प्रकटीकरण मानदंडों और स्वतंत्र ऑडिट निरीक्षण के महत्व पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: SEBI ने JPMorgan की एक इकाई के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई (enforcement action) शुरू की है, क्योंकि इसके AI-आधारित 'War Room' ने क्लोजिंग ऑक्शन मैकेनिज्म (closing auction mechanism) में संदिग्ध गतिविधि की पहचान की थी।
SEBI के AI टूल्स बाजार में हेरफेर (market manipulation) को रोकने के लिए स्टॉक ट्रेडिंग डेटा और सोशल मीडिया पर विसंगतियों की निगरानी करते हैं। नियामक (regulator) इंजीनियरों की भर्ती करके और इन-हाउस AI टूल्स विकसित करके अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रहा है। साथ ही, यह एक्स. और Instagram जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से गलत सूचनाओं को हटाने का अनुरोध भी कर रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाSEBI: Securities and Exchange Board of India, भारत में सिक्योरिटीज मार्केट का प्राथमिक रेगुलेटर।
तथ्यSEBI के AI टूल्स स्टॉक ट्रेडिंग डेटा और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स दोनों पर विसंगतियों (anomalies) की निगरानी करते हैं।
विज्ञान-तकनीकडेटा पॉइजनिंग (Data poisoning): मार्केट सर्विलांस के लिए AI टूल्स के विस्तार में SEBI द्वारा पहचानी गई एक चुनौती।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पूंजी बाजारों में बाजार की अखंडता सुनिश्चित करने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) की भूमिका और वास्तविक समय की निगरानी (real-time surveillance) की चुनौतियों के समाधान में इसकी प्रभावकारिता का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: SEBI द्वारा 40,775 करोड़ रुपये मूल्य की 23 कंपनियों के IPO के लिए दी गई मंजूरी 30 सितंबर, 2026 को समाप्त होने वाली है। इसके कारण इन कंपनियों को या तो अपना IPO लॉन्च करना होगा या फिर से आवेदन (refile) करना होगा।
SEBI ने कंपनियों को बिना नई फाइलिंग के इश्यू साइज (issue size) में 50% तक बदलाव करने की अनुमति दी है। जो कंपनियाँ 30 सितंबर की समय सीमा तक लॉन्च करने में विफल रहती हैं, उन्हें ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHPs) दोबारा फाइल करने होंगे।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्यवर्तमान में 23 कंपनियाँ कुल ₹40,775 करोड़ मूल्य के IPO लॉन्च करने के लिए दौड़ रही हैं।
तथ्यSEBI ने बिना नई फाइलिंग के IPO इश्यू साइज में 50% तक के एडजस्टमेंट की अनुमति दी है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: प्रारंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव (IPO) के लिए विनियामक ढांचे, बाजार की तरलता और व्यापार करने की सुगमता की आवश्यकता के साथ निवेशक संरक्षण के बीच संतुलन कैसे स्थापित करते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: RBI ने कमर्शियल बैंकों के लिए मजबूत कैपिटल एडिक्वेसी (Capital Adequacy) सुनिश्चित करने हेतु मार्केट रिस्क गाइडलाइन्स को बेसल III (Basel III) मानकों के अनुरूप बनाने के निर्देश जारी किए हैं।
RBI के नए नियम सभी कमर्शियल बैंकों पर लागू होते हैं, सिवाय स्मॉल फाइनेंस, पेमेंट्स और लोकल एरिया बैंकों के। इन दिशा-निर्देशों में रिस्क-वेटेड एसेट्स (RWAs) की गणना के लिए स्टैंडर्डाइज्ड अप्रोच (Standardised Approach - SSA) के उपयोग को अनिवार्य किया गया है, जिसे 12.5 के फैक्टर से गुणा किया जाएगा।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाRBI: Basel III अलाइनमेंट दिशा-निर्देश जारी करने वाली रेगुलेटरी बॉडी।
तथ्यनए मार्केट रिस्क गाइडलाइन्स 1 अप्रैल, 2027 से लागू होंगे।
तथ्यबैंकों को रेगुलेटरी आर्बिट्रेज (regulatory arbitrage) से बचने के लिए इंस्ट्रूमेंट्स को रीक्लासिफाई (reclassify) करने की अनुमति नहीं है।
तथ्यRWAs की गणना के लिए SSA मेथड का उपयोग किया जाना चाहिए और इसे 12.5 के फैक्टर से गुणा किया जाना चाहिए।
मेन्स के लिए
प्रश्न: घरेलू बैंकिंग मानदंडों का बेसल III (Basel III) मानकों के साथ संरेखण किस प्रकार बाजार की अस्थिरता के विरुद्ध भारतीय वित्तीय प्रणाली की स्थिरता को सुदृढ़ करता है, चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय वायु सेना (IAF) और पवन हंस को तीन एयरोस्पेस प्लेटफॉर्म—ध्रुव-NG, LCA FOC ट्रेनर और HTT-40 बेसिक ट्रेनर—सौंपने की प्रक्रिया की निगरानी की।
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने भारतीय वायुसेना (IAF) को पहला HTT-40 बेसिक ट्रेनर और LCA FOC ट्रेनर विमानों का अंतिम बैच सौंपा। DGCA से टाइप सर्टिफिकेशन प्राप्त करने के बाद, अगली पीढ़ी के नागरिक हेलीकॉप्टर, ध्रुव-NG को पवन हंस लिमिटेड को सौंप दिया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
तथ्यHTT-40 Basic Trainer एक टैंडम-सीट (tandem-seat), पूरी तरह से एरोबेटिक (aerobatic) विमान है जो Honeywell टर्बोप्रॉप इंजन द्वारा संचालित होता है।
तथ्यHAL पुराने हो रहे HPT-32 दीपक बेड़े की जगह लेने के लिए कॉन्ट्रैक्ट के तहत 70 HTT-40 विमानों का उत्पादन कर रहा है।
तथ्यLCA FOC Trainer, स्वदेशी Tejas फाइटर का ट्विन-सीट वर्जन है, जिसका उपयोग एडवांस कॉम्बैट फ्लाइट ट्रेनिंग के लिए किया जाता है।
तथ्यDhruv-NG, HAL के Advanced Light Helicopter (ALH) का नेक्स्ट-जेनरेशन सिविल वर्जन है।
संस्थाDGCA (Directorate General of Civil Aviation) नागरिक विमानों के लिए Type Certification प्रदान करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की रणनीतिक विदेशी निर्भरता को कम करने और निर्यात क्षमता को बढ़ाने में स्वदेशी एयरोस्पेस विनिर्माण के महत्व पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने किराए और लीज समझौतों (lease agreements) के लिए संशोधित स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क की संरचना को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य लागत को कम करना और औपचारिक पंजीकरण को बढ़ावा देना है।
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 10 साल की लीज (वार्षिक किराए के 10 लाख रुपये तक होने पर) के लिए पंजीकरण शुल्क को 20 लाख रुपये से घटाकर 26,000 रुपये कर दिया है। यह कदम उत्तर प्रदेश रेगुलेशन ऑफ अर्बन प्रेमिसेस टेनेंसी एक्ट, 2021 (Uttar Pradesh Regulation of Urban Premises Tenancy Act, 2021) के कार्यान्वयन में सहायता प्रदान करता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्य10-वर्षीय लीज़ (lease) के लिए रजिस्ट्रेशन कॉस्ट (rent ₹10 लाख तक) को घटाकर ₹26,000 कर दिया गया है।
अधिनियम / विधेयकउत्तर प्रदेश अर्बन प्रेमिसेस टेनेंसी एक्ट (Uttar Pradesh Regulation of Urban Premises Tenancy Act), 2021।
स्थानउत्तर प्रदेश।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में स्टाम्प शुल्क जैसी राजकोषीय बाधाओं को कम करने से अनौपचारिक किराया अर्थव्यवस्था के औपचारिकरण और शहरी शासन को सुदृढ़ करने में किस प्रकार सहायता मिल सकती है, चर्चा कीजिए।
फॉर्मलाइजेशन की बाधा: पहले हाई रजिस्ट्रेशन कॉस्ट की वजह से किराएदार 2021 एक्ट के तहत कानूनी सुरक्षा से दूर रहे
राजस्व का ट्रेड-ऑफ: प्रॉपर्टी ट्रांजेक्शन से राज्य के राजस्व की ज़रूरत और कम स्टैंप ड्यूटी लागत के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: राजकोषीय नीति · औपचारिकीकरण · शहरी शासन · किरायेदारी अधिकार · रेगुलेटरी कंप्लायंस
चर्चा में क्यों: NaBFID लंबी अवधि के इंफ्रास्ट्रक्चर फंड को सुरक्षित करने के लिए 10 साल के ओवरसीज बॉन्ड और MIGA-समर्थित 1 बिलियन डॉलर के 15 साल के बॉन्ड के संयोजन के माध्यम से 1.5 बिलियन डॉलर जुटाने की योजना बना रहा है।
NaBFID का लक्ष्य दिसंबर 2026 तक 4 बिलियन डॉलर की फंडिंग हासिल करना है। यह संस्थान RBI की रियायती डॉलर-रुपया स्वैप सुविधा (swap facility) का उपयोग करता है, जो पात्र विदेशी ऋणों के लिए 1.5% वार्षिक स्वैप लागत प्रदान करती है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यRBI की रियायती US डॉलर-रुपया स्वैप सुविधा (swap facility) 1.5% वार्षिक स्वैप कॉस्ट प्रदान करती है।
तथ्यNaBFID का लक्ष्य: दिसंबर 2026 तक डॉलर फंडिंग में $4 बिलियन का लक्ष्य।
संस्थाMIGA: Multilateral Investment Guarantee Agency (15-वर्षीय बॉन्ड को समर्थन प्रदान करने वाली संस्था)।
तथ्यस्वैप फैसिलिटी (Swap facility) के तहत 31 दिसंबर तक ड्रॉडाउन (drawdowns) की अनुमति है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बदलते वैश्विक ब्याज दरों और मुद्रा की अस्थिरता के बीच भारतीय बुनियादी ढांचा ऋणदाताओं द्वारा कम लागत वाली विदेशी वित्त तक पहुँचने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: द हिंदू (The Hindu) ने इस बात पर चिंता जताई है कि भारत की मैन्युफैक्चरिंग रणनीति में हाई-परफॉर्मेंस परमानेंट मैग्नेट्स (high-performance permanent magnets) की अनदेखी की जा रही है, जो EV मोटर्स और सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन के लिए महत्वपूर्ण घटक हैं।
भारत EV मोटर्स और सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन (Semiconductor Fabrication) में प्रगति के माध्यम से एक वैश्विक विनिर्माण लीडर बनने का लक्ष्य रखता है। यह लेख हाई-परफॉर्मेंस परमानेंट मैग्नेट्स (High-performance permanent magnets) को इन तकनीकी श्रृंखलाओं में एक आवश्यक लेकिन अक्सर नजरअंदाज किए जाने वाले घटक के रूप में पहचानता है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्यहाई-परफॉरमेंस परमानेंट मैग्नेट्स EV मोटर्स और सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन के लिए आवश्यक घटक हैं।
तथ्यभारत की मैन्युफैक्चरिंग स्ट्रैटेजी EV मोटर्स और सेमीकंडक्टर्स में तकनीकी प्रगति पर केंद्रित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत को एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण कच्चे माल और स्थायी चुंबक (permanent magnets) जैसे घटकों के महत्व पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: सरकार ने सब्सिडी वाली LPG रिफिल के लिए 1 अक्टूबर, 2026 से बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (Aadhaar authentication) अनिवार्य कर दिया है, ताकि सब्सिडी की चोरी को रोका जा सके और केवल पात्र लाभार्थियों तक ही इसका लाभ पहुँचे।
19 सितंबर, 2026 तक, घरेलू LPG उपभोक्ताओं में से 89.9% ने बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन (biometric authentication) पूरा कर लिया था। सरकार ने 31 अगस्त, 2026 तक 62,000 करोड़ रुपये से अधिक के संचित सब्सिडी नुकसान की रिपोर्ट दी है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्य19 सितंबर, 2026 तक घरेलू LPG उपभोक्ताओं के 89.9% ने बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन (biometric authentication) पूरा कर लिया था।
तथ्य31 अगस्त, 2026 तक जमा सब्सिडी घाटा (subsidy losses) 62,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया।
तथ्यजो उपभोक्ता बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन (biometric authentication) प्रदान करने के इच्छुक नहीं होंगे या सक्षम नहीं होंगे, उन्हें सब्सिडी के बिना मार्केट प्राइस पर LPG प्राप्त होगी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) तंत्र में जैव-मितीय प्रमाणीकरण (biometric authentication) का एकीकरण राजकोषीय रिसाव को कम करने और सब्सिडी के समावेशी वितरण को सुनिश्चित करने में किस प्रकार सहायक है, चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: केंद्रीय मंत्री वी. सोमन्ना ने युवाओं के लिए रोजगार योजनाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मैसूर में आयोजित एक रोजगार मेले के दौरान पूरे भारत से आए 51,000 से अधिक उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
रोजगार मेला मैसूर स्थित ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ स्पीच एंड हियरिंग में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में 51,000 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए और स्किल इंडिया मिशन (Skill India Mission) तथा प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना पर विशेष रूप से चर्चा की गई।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
योजनास्किल इंडिया मिशन (Skill India Mission): युवाओं के व्यावसायिक कौशल और रोजगार क्षमता (employability) को बढ़ाने के उद्देश्य से एक सरकारी पहल।
योजनाप्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY): कौशल विकास और प्रशिक्षण के लिए एक फ्लैगशिप स्कीम।
तथ्यरोजगार मेले के दौरान पूरे भारत में 51,000 से अधिक नियुक्ति पत्र (appointment letters) वितरित किए गए।
स्थानऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ स्पीच एंड हियरिंग (All India Institute of Speech and Hearing) मैसूरु में स्थित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में शैक्षिक परिणामों और औद्योगिक आवश्यकताओं के बीच मौजूद संरचनात्मक बेमेल को दूर करने में कौशल विकास मिशनों की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: नेशनल स्टैटिस्टिकल ऑफिस (NSO) ने संशोधित पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) के तहत भारत के पहले जिला-स्तरीय श्रम बाजार अनुमान जारी किए हैं।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (National Statistical Office) द्वारा जारी जिला-स्तरीय अनुमानों के अनुसार, सूरत में LFPR (68.6%) और WPR (67.8%) सबसे अधिक दर्ज किए गए। महिलाओं के LFPR की दर हमीरपुर में 80.9% से लेकर ईस्ट दिल्ली में 18.9% के बीच रही।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
तथ्यसूरत में सबसे अधिक LFPR 68.6% और WPR 67.8% दर्ज किया गया।
तथ्यमहिला LFPR हमीरपुर में 80.9% से लेकर ईस्ट दिल्ली में 18.9% के बीच रहा।
तथ्यसाउथ 24 पारगनास में सबसे कम बेरोजगारी दर 0.9% दर्ज की गई।
तथ्यएर्नाकुलम में सबसे कम NEET रेट 9.6% दर्ज किया गया।
संस्थाPeriodic Labour Force Survey (PLFS) जिला-स्तरीय श्रम बाजार के अनुमानों का स्रोत है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के विभिन्न जिलों में महिला श्रम बल भागीदारी में व्यापक क्षेत्रीय असमानताओं के लिए उत्तरदायी कारकों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत की सेमीकंडक्टर महत्वाकांक्षाओं पर हुई प्रगति की जानकारी दी, जिसमें उन्होंने बताया कि स्वीकृत बारह संयंत्रों में से पांच अब चालू हो चुके हैं।
भारत सरकार ने बारह सेमीकंडक्टर प्लांट को मंजूरी दी है, जिनमें से पांच वर्तमान में चालू हैं। इस पहल के अंतर्गत 70,000 डिजाइन इंजीनियरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा और इसमें सिंगापुर, जापान और दक्षिण कोरिया सहित विभिन्न देशों से 600 प्रदर्शनी (exhibits) शामिल की गई हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यभारत में स्वीकृत बारह सेमीकंडक्टर प्लांट्स में से वर्तमान में पांच चालू हैं।
तथ्यभारत ने अपने सेमीकंडक्टर पुश (Semiconductor push) के हिस्से के रूप में 70,000 डिज़ाइन इंजीनियर्स को प्रशिक्षित किया है।
स्थानSemicon India इवेंट नई दिल्ली में आयोजित किया गया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की आर्थिक संप्रभुता और तकनीकी प्रगति के लिए एक घरेलू सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: SEBI ने 541 करोड़ रुपये के रेवेन्यू मिसस्टेटमेंट (revenue misstatement) के आरोपों के बीच कोरे डिजिटल (Kore Digital) के MD, CEO और CFO को कैपिटल मार्केट्स से प्रतिबंधित कर दिया है और फर्म को सार्वजनिक फंड जुटाने से रोक दिया है।
SEBI ने कोरे डिजिटल (Kore Digital) पर फर्जी ऑडिट रिपोर्ट के जरिए शेल कंपनियों (Shell Companies) को खरीदकर अपने राजस्व को बढ़ाकर दिखाने का आरोप लगाया है। एक फॉरेंसिक ऑडिटर जून 2023 से 31 मार्च, 2026 तक की अवधि के फर्म के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच करेगा।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाSEBI: भारत में सिक्योरिटीज और कैपिटल मार्केट्स (capital markets) के लिए प्राथमिक रेगुलेटर।
तथ्यरेगुलेटरी एक्शन के बाद Kore Digital के शेयर्स गिरकर Rs 78.75 पर आ गए।
तथ्यराजस्व की कथित गलत रिपोर्टिंग की राशि: Rs 541 करोड़।
संस्थाNSE: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने Kore Digital के मेनबोर्ड सेगमेंट में माइग्रेशन (migration) को रोक दिया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पूंजी बाजारों में कॉर्पोरेट धोखाधड़ी और राजस्व में कृत्रिम वृद्धि (revenue inflation) को रोकने में आने वाली विनियामक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए। इस संदर्भ में, निवेशक संरक्षण को सुदृढ़ करने में फॉरेंसिक ऑडिटिंग की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।
चर्चा में क्यों: SEBI, 15 अक्टूबर से पूंजी बाजार के लेन-देन पर लागू होने वाले 0.02% के नए UPI मर्चेंट डिस्काउंट रेट (Merchant Discount Rate) को लेकर डिस्काउंट ब्रोकर्स की चिंताओं की जांच करने जा रहा है।
पूंजी बाजार के लेन-देन के लिए नया UPI MDR 0.02% निर्धारित किया गया है, जिसकी अधिकतम सीमा प्रति लेन-देन ₹300 है। ज़ेरोधा (Zerodha) जैसे डिस्काउंट ब्रोकर्स का तर्क है कि तिमाही सेटलमेंट नियमों के कारण बार-बार होने वाले फंड मूवमेंट से लागत तो बढ़ सकती है, लेकिन इससे संबंधित राजस्व प्राप्त नहीं होगा।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्यकैपिटल मार्केट ट्रांजेक्शन के लिए UPI MDR को 0.02% पर कैप (cap) किया गया है, जो प्रति ट्रांजेक्शन ₹300 तक सीमित है।
तथ्यनए MDR के लिए लागू होने की तारीख: 15 अक्टूबर।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पूंजी बाजारों में खुदरा भागीदारी के विस्तार पर लेनदेन लागत (transaction costs) के निहितार्थों और बुनियादी ढांचा लागत एवं निवेशक सुलभता के बीच संतुलन स्थापित करने में नियामक निकायों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: मोदी सरकार 2,000 रुपये से अधिक के UPI लेनदेन पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (Merchant Discount Rate) लागू कर रही है, साथ ही यह भी सुनिश्चित कर रही है कि इसका खर्च ग्राहकों पर न डाला जाए।
15 अक्टूबर से, निर्दिष्ट व्यक्ति-से-मर्चेंट (person-to-merchant) UPI लेनदेन पर, जो 2,000 रुपये से अधिक के हैं, 0.4% MDR लागू होगा। केंद्र सरकार उपभोक्ताओं को अतिरिक्त लागत से बचाने के लिए पेमेंट एग्रीगेटर्स और बैंकों के साथ मिलकर दैनिक अनुपालन निगरानी (compliance monitoring) कर रही है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्य₹2,000 से अधिक के UPI ट्रांजेक्शन पर 0.4% का MDR लागू होता है।
तथ्यव्यक्तियों के बीच UPI पेमेंट्स मुफ्त बने रहेंगे।
संस्थापेमेंट एग्रीगेटर्स (Payment aggregators) और बैंकों को दैनिक कंप्लायंस मॉनिटरिंग (compliance monitoring) का कार्य सौंपा गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: यूपीआई (UPI) लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने से भारत के डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र के विकास पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: भारत सरकार ने प्रस्ताव दिया है कि 75,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर UPI MDR शुल्क को अधिकतम 300 रुपये तक सीमित (cap) रखा जाए, जिसका खर्च ग्राहकों के बजाय व्यापारियों द्वारा वहन किया जाएगा।
प्रस्तावित UPI मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) की सीमा 75,000 रुपये से अधिक के लेनदेन के लिए 300 रुपये निर्धारित की गई है। इस नीति का उद्देश्य मर्चेंट की लागत को स्थिर रखते हुए यह सुनिश्चित करना है कि ग्राहकों पर कोई अतिरिक्त GST बोझ न डाला जाए।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्य₹75,000 से अधिक के ट्रांजेक्शन के लिए UPI MDR कैप ₹300 प्रस्तावित।
तथ्यMDR चार्जेस का भुगतान कस्टमर के बजाय मर्चेंट द्वारा किया जाना निर्धारित है।
तथ्यसितंबर 2026 तक, Bitcoin $76,680 के करीब और Ethereum $2,456 के करीब स्थिर रहा।
तथ्यफिलडेल्फिया Fed मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स 37.8 दर्ज किया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में यूपीआई (UPI) मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) पर सीमा निर्धारण के डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र के विकास और लघु स्तर के व्यापारियों की लाभप्रदता पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।