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भाग I · स्था. 11.2025 
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अर्थव्यवस्था करेंट अफेयर्स — यूपीएससी

यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के अर्थव्यवस्था भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 2,305 नोट्स, रोज़ अपडेट।

पाठ्यक्रम के विषय: बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे) (511) · उद्योग, निवेश एवं MSME (471) · पूंजी बाज़ार एवं SEBI (298) · मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंग (297) · विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतक (278) · राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST) (189) · रोज़गार एवं समावेशी विकास (142) · बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDI (119)

GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स

आंध्र प्रदेश सरकार ने पर्यटन क्षेत्रों में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से विशिष्ट पर्यटन क्षेत्रों में माइक्रोब्रूअरीज (microbreweries) की अनुमति देने के लिए ए.पी

चर्चा में क्यों: आंध्र प्रदेश सरकार ने पर्यटन क्षेत्रों में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से विशिष्ट पर्यटन क्षेत्रों में माइक्रोब्रूअरीज (microbreweries) की अनुमति देने के लिए ए.पी. ब्रूअरी रूल्स, 2006 में संशोधन किया है।

यह संशोधन नगर निगम की सीमाओं के भीतर पांच किलोमीटर के दायरे में स्थित माइक्रोब्रूअरीज (microbreweries), निर्धारित पर्यटन केंद्रों और तीन-स्टार या उससे अधिक श्रेणी के होटलों को अनुमति देता है। इस नीति का उद्देश्य शराब के विकल्पों में विविधता लाना और राज्य में बीच टूरिज्म (beach tourism) को बढ़ावा देना है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यम्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की सीमाओं से पांच किलोमीटर के बेल्ट के भीतर माइक्रोब्रूअरीज (Microbreweries) की अनुमति है।
  • तथ्यनिर्धारित पर्यटन केंद्रों और थ्री-स्टार और उससे ऊपर के होटलों में स्थापना की अनुमति है।
  • अधिनियम / विधेयकयह नीति परिवर्तन A.P. Brewery Rules, 2006 में संशोधन करके किया गया था।
  • स्थानयह पॉलिसी विशेष रूप से आंध्र प्रदेश राज्य पर लागू होती है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: राज्य-संचालित पर्यटन नीतियों और आबकारी नियमों में संशोधनों के क्षेत्रीय आर्थिक विकास और बुनियादी ढाँचे के निर्माण में उत्प्रेरक के रूप में कार्य करने की क्षमता का विश्लेषण कीजिए।

  • राजस्व उत्पादन: तटीय पर्यटन पर संभावित पर्यावरणीय प्रभावों के साथ बढ़ते राज्य एक्साइज राजस्व में संतुलन
  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: हाई-ट्रैफ़िक टूरिज्म बेल्ट में सुरक्षा मानकों और ज़ोनिंग कंप्लायंस को सुनिश्चित करना

मुख्य शब्द: आर्थिक विविधीकरण · पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · राज्य एक्साइज पॉलिसी

भारत सरकार ने 1 अप्रैल, 2026 से पूरे भारत में 20% तक इथेनॉल मिश्रण (Ethanol blending) और न्यूनतम रिसर्च ऑक्टेन नंबर (Research Octane Number

चर्चा में क्यों: भारत सरकार ने 1 अप्रैल, 2026 से पूरे भारत में 20% तक इथेनॉल मिश्रण (Ethanol blending) और न्यूनतम रिसर्च ऑक्टेन नंबर (Research Octane Number - RON) 95 वाले पेट्रोल की बिक्री को अनिवार्य कर दिया है।

यह अधिदेश (mandate) इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल के लिए न्यूनतम RON (Research Octane Number) 95 की आवश्यकता निर्धारित करता है। 2023 से निर्मित अधिकांश वाहन E20 ब्लेंडिंग के साथ संगत हैं, जिससे इंजन के घिसाव या माइलेज पर न्यूनतम प्रभाव पड़ता है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यअनिवार्य इथेनॉल ब्लेंडिंग लेवल: 20% तक (E20)।
  • तथ्यन्यूनतम आवश्यक रिसर्च ऑक्टेन नंबर (Research Octane Number - RON): 95।
  • तथ्यकार्यान्वयन की तारीख: 1 अप्रैल, 2026।
  • तथ्यप्राथमिक फीडस्टॉक (feedstock) स्रोत: गन्ना, मक्का और कृषि अधिशेष (agricultural surplus)।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की ऊर्जा सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में इथेनॉल सम्मिश्रण को बढ़ावा देने के योगदान का पर्यावरणीय चिंताओं के संदर्भ में विश्लेषण कीजिए।

  • इंपोर्ट सब्स्टिट्यूशन: कच्चे तेल पर निर्भरता कम करना और चालू खाता घाटा सुधारना
  • कृषि जुड़ाव: गन्ना और मक्का किसानों के लिए मांग का स्थिर आधार बनाना
  • तकनीकी अनुकूलता: 2023 के बाद के वाहन बेड़े के लिए इंजन की लंबी उम्र और फ्यूल एफिशिएंसी सुनिश्चित करना

मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · इथेनॉल ब्लेंडिंग · आयात प्रतिस्थापन · डीकार्बोनाइजेशन · कृषि आधारित अर्थव्यवस्था

GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने हाई-प्रिसिजन इंजीनियरिंग और सेमीकंडक्टर्स के लिए राज्य को एक हब के रूप में स्थापित करने हेतु 10 प्रमुख परियोजनाओं के लिए ₹44,241.97 करोड़ के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी है

चर्चा में क्यों: ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने हाई-प्रिसिजन इंजीनियरिंग और सेमीकंडक्टर्स के लिए राज्य को एक हब के रूप में स्थापित करने हेतु 10 प्रमुख परियोजनाओं के लिए ₹44,241.97 करोड़ के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी है।

इस निवेश के अंतर्गत ओडिशा के आठ जिलों में भारत फोर्ज लिमिटेड, ASP Semicon प्राइवेट लिमिटेड और मैग्नोवा प्राइवेट लिमिटेड द्वारा परियोजनाएं संचालित की जाएंगी। इस पहल का उद्देश्य लगभग 8,765 रोजगार पैदा करना है और यह 'समृद्ध ओडिशा 2036' (Samruddha Odisha by 2036) के विजन को समर्थन प्रदान करती है।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • तथ्यकुल स्वीकृत निवेश: ₹44,241.97 करोड़।
  • तथ्यअनुमोदित परियोजनाओं की संख्या: 10।
  • तथ्यअनुमानित रोजगार सृजन: 8,765।
  • स्थानओडिशा: राज्य '2036 तक समृद्ध ओडिशा' (Samruddha Odisha by 2036) विजन का लक्ष्य रख रहा है।
  • तथ्यप्रमुख लक्षित उद्योग: हाई-प्रिसिजन इंजीनियरिंग (high-precision engineering), सेमीकंडक्टर्स (semiconductors), रेयर अर्थ मैग्नेट्स (rare earth magnets) और रिन्यूएबल एनर्जी (renewable energy)।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में उच्च-तकनीकी विनिर्माण केंद्रों को बढ़ावा देने और सतत आर्थिक विकास प्राप्त करने में राज्य-नेतृत्व वाली औद्योगिक नीतियों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • औद्योगिक विविधीकरण: पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग से हाई-प्रिसिजन इंजीनियरिंग और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम की ओर बदलाव
  • रोज़गार सृजन: ग्रामीण और अर्ध-शहरी जिलों में बड़े पैमाने के कैपिटल इन्वेस्टमेंट को स्थानीय जॉब क्रिएशन से जोड़ना

मुख्य शब्द: औद्योगिक नीति · पूंजीगत निवेश · नौकरी सृजन · सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम · राज्य-नेतृत्व वाला विकास

GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकमेन्स

द हिंदू ने केरल की अर्थव्यवस्था के 'केरल मॉडल' (सामाजिक कल्याण) से हटकर वर्तमान में राजकोषीय दबाव और युवाओं की बेरोजगारी जैसी चुनौतियों की ओर बदलाव पर प्रकाश डाला है

चर्चा में क्यों: द हिंदू ने केरल की अर्थव्यवस्था के 'केरल मॉडल' (सामाजिक कल्याण) से हटकर वर्तमान में राजकोषीय दबाव और युवाओं की बेरोजगारी जैसी चुनौतियों की ओर बदलाव पर प्रकाश डाला है।

केरल की अर्थव्यवस्था उच्च साक्षरता दर और कम शिशु मृत्यु दर की विशेषता रखती है। यहाँ की विकास दर मुख्य रूप से खाड़ी देशों से प्राप्त प्रेषण (remittances) द्वारा संचालित हुई है, जबकि अब राज्य का लक्ष्य एक ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था (knowledge-based economy) की ओर बढ़ना है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यकेरल की आर्थिक वृद्धि मुख्य रूप से Gulf देशों से प्राप्त रेमिटेंस (remittances) द्वारा संचालित होती है।
  • स्थानकेरल: भारत का एक राज्य जो सामाजिक कल्याण के 'केरल मॉडल' (Kerala Model) के लिए जाना जाता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: विकास के 'केरल मॉडल' का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए और चर्चा कीजिए कि राज्य राजकोषीय दबावों का समाधान करते हुए एक कल्याण-केंद्रित अर्थव्यवस्था से ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था की ओर कैसे संक्रमण कर सकता है।

  • राजकोषीय स्थिरता: बढ़ते राज्य ऋण और राजकोषीय घाटे के साथ उच्च सामाजिक कल्याण खर्चों के बीच संतुलन
  • लेबर मार्केट मिसमैच: युवा आबादी के लिए रेमिटेंस पर निर्भर खपत से आधुनिक रोजगार की ओर बदलाव
  • स्ट्रक्चरल शिफ्ट: लंबी अवधि की ग्रोथ के लिए पारंपरिक सामाजिक कल्याण से नॉलेज-आधारित इकोनॉमी की ओर बढ़ना

मुख्य शब्द: केरल मॉडल · रेमिटेंस इकोनॉमी · राजकोषीय दबाव · नॉलेज-आधारित इकोनॉमी · समाज कल्याण · मानव विकास

GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए जापानी उद्यमियों को आमंत्रित करने हेतु टोक्यो का दौरा किया

चर्चा में क्यों: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए जापानी उद्यमियों को आमंत्रित करने हेतु टोक्यो का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग की संभावनाओं पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास एक 'जापान इंडस्ट्रियल सिटी' और बुंदेलखंड क्षेत्र में एक नए औद्योगिक शहर की योजना की घोषणा की। इस दौरान उत्तर प्रदेश को खाद्यान्न और इलेक्ट्रॉनिक्स घटकों (components) के एक प्रमुख उत्पादक राज्य के रूप में रेखांकित किया गया।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यबुंदेलखंड: उत्तर प्रदेश का वह क्षेत्र जिसके लिए एक नए इंडस्ट्रियल सिटी (Industrial City) का प्रस्ताव दिया गया है।
  • तथ्यउत्तर प्रदेश: इसे खाद्यान्न और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स (electronics components) के प्रमुख उत्पादक के रूप में पहचाना गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के कृषि प्रधान राज्यों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को आकर्षित करने में राज्य-संचालित औद्योगिक गलियारों और बुनियादी ढांचा विकास की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • लॉजिस्टिक्स सिनर्जी: इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड मैन्युफैक्चरिंग के लिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को हब के रूप में इस्तेमाल करना
  • क्षेत्रीय असंतुलन: संतुलित क्षेत्रीय विकास और ग्रामीण रोज़गार के लिए बुंदेलखंड का इंडस्ट्रियलाइजेशन एक टूल

मुख्य शब्द: FDI · इंडस्ट्रियल कॉरिडोर · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग · क्षेत्रीय विकास

PMO ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने और वाहनों की श्रेणी से जुड़ी आवश्यकताओं के बीच संतुलन बनाने के लिए यात्री वाहनों के लिए प्रस्तावित कार्बन उत्सर्जन मानदंडों (carbon emission norms) की समीक्षाकरने हेतु एक बैठक आयोजित की

चर्चा में क्यों: PMO ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने और वाहनों की श्रेणी से जुड़ी आवश्यकताओं के बीच संतुलन बनाने के लिए यात्री वाहनों के लिए प्रस्तावित कार्बन उत्सर्जन मानदंडों (carbon emission norms) की समीक्षाकरने हेतु एक बैठक आयोजित की।

इस बैठक में बिजली मंत्रालय (Ministry of Power), ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (Bureau of Energy Efficiency) और भारी उद्योग मंत्रालय के अधिकारियों ने भाग लिया। मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने उल्लेख किया कि PM E-DRIVE योजना ने 28 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को सुगम बनाया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • योजनाPM E-DRIVE: इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicles) की बिक्री को सुगम बनाने के उद्देश्य से सरकार की योजना।
  • तथ्यफरवरी 2026 तक PM E-DRIVE स्कीम के तहत 28 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (electric vehicles) बेचे गए।
  • संस्थाब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE): यह पैसेंजर व्हीकल्स के लिए कार्बन एमिशन नॉर्म्स की समीक्षा में शामिल है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर संक्रमण को गति देने और कार्बन तटस्थता के लक्ष्यों को प्राप्त करने में विनियामक मानदंडों और राजकोषीय प्रोत्साहनों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • रेगुलेटरी बैलेंस: कड़े कार्बन उत्सर्जन मानकों और विभिन्न वाहन श्रेणियों की मैन्युफैक्चरिंग व्यवहार्यता के बीच संतुलन बनाना
  • इंसेंटिव की प्रभावशीलता: ईवी के मास-मार्केट पेनिट्रेशन हासिल करने में PM ई-ड्राइव योजना के असर का आकलन
  • इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधा: चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और ग्रिड स्टेबिलिटी के साथ व्हीकल एमिशन नॉर्म्स को जोड़ना

मुख्य शब्द: कार्बन न्यूट्रलिटी · इलेक्ट्रिक मोबिलिटी · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · डीकार्बोनाइजेशन · पीएम ई-ड्राइव

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)मेन्स

आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 शहरी भारत में 'सोशल कॉन्ट्रैक्ट' (social contract) पर प्रकाश डालता है

चर्चा में क्यों: आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 शहरी भारत में 'सोशल कॉन्ट्रैक्ट' (social contract) पर प्रकाश डालता है, जिसमें संस्थागत संतुलन और शहर के बुनियादी ढांचे में निजी भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए 'अर्बन चैलेंज फंड' (Urban Challenge Fund) की शुरुआत पर जोर दिया गया है।

आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 नागरिक व्यवस्था (civic order) को एक संस्थागत संतुलन के रूप में पहचानता है, जिसके लिए विश्वसनीय प्रवर्तन की आवश्यकता होती है। सरकार ने रिस्क-शेयरिंग और मार्केट फाइनेंसिंग के माध्यम से परिवर्तनकारी शहरी परियोजनाओं को समर्थन देने के लिए 'अर्बन चैलेंज फंड' (Urban Challenge Fund) शुरू किया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • योजनाAMRUT: अटल मिशन फॉर रिजुविनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन।
  • योजनाSBM-U: स्वच्छ भारत मिशन - अर्बन।
  • तथ्यअर्बन चैलेंज फंड (Urban Challenge Fund): इसका उद्देश्य रिस्क-शेयरिंग फ्रेमवर्क्स (risk-sharing frameworks) के जरिए प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ते भारतीय शहरों में असमान बुनियादी ढांचा विकास और वित्तपोषण की चुनौतियों को 'सामाजिक अनुबंध' और संस्थागत संतुलन के माध्यम से कैसे संबोधित किया जा सकता है, चर्चा कीजिए।

  • फंडिंग में असमानता: फ्लैगशिप इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और SBM-U जैसे जरूरी स्वच्छता कार्यक्रमों के बीच आवंटन में अंतर
  • प्राइवेट-पब्लिक सिनर्जी: शहरी केंद्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर फंडिंग गैप को भरने के लिए रिस्क-शेयरिंग फ्रेमवर्क का उपयोग
  • संस्थागत गवर्नेंस: शहरी सहयोग के लिए सांस्कृतिक-आधारित नागरिक व्यवस्था से नियम-आधारित प्रवर्तन की ओर बदलाव

मुख्य शब्द: संस्थागत संतुलन · सामाजिक समझौता · रिस्क-शेयरिंग फ्रेमवर्क्स · मार्केट फाइनेंसिंग · शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

साउथ सेंट्रल रेलवे (SCR) ने पार्सल सेवाओं को शुरू से अंत तक (end-to-end) उपलब्ध कराने और रियल-टाइम ट्रैकिंग की सुविधा देने के लिए सात स्थानों पर 'रेल पार्सल' ऐप लॉन्च किया है

चर्चा में क्यों: साउथ सेंट्रल रेलवे (SCR) ने पार्सल सेवाओं को शुरू से अंत तक (end-to-end) उपलब्ध कराने और रियल-टाइम ट्रैकिंग की सुविधा देने के लिए सात स्थानों पर 'रेल पार्सल' ऐप लॉन्च किया है।

रेल पार्सल ऐप (Rail Parcel app) का शुभारंभ SCR के जनरल मैनेजर संजय कुमार श्रीवास्तव द्वारा किया गया। इसके पायलट चरण में हैदराबाद, विजयवाड़ा, गुंटूर, राजमुंदरी, विशाखापट्टनम, बेंगलुरु और चेन्नई शामिल हैं। फ्रेट लॉजिस्टिक्स मार्केट (Freight Logistics Market) के अध्ययन के लिए IIM बेंगलुरु का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन सप्लाई चेन मैनेजमेंट (SCMC) रेलवे के साथ साझेदारी करेगा।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यRail Parcel ऐप का पायलट प्रोजेक्ट सात स्थानों पर शामिल है: हैदराबाद, विजयवाड़ा, गुंटूर, राजमुंद्री, विशाखापट्टनम, बेंगलुरु और चेन्नई।
  • संस्थाSCMC: सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन सप्लाई चेन मैनेजमेंट, IIM बैंगलोर का एक विंग है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की बहुआयामी माल ढुलाई प्रणाली (multimodal freight transport system) की दक्षता को बढ़ाने में वास्तविक समय की ट्रैकिंग (real-time tracking) और डिजिटल लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म के एकीकरण की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • लॉजिस्टिक्स एफिशिएंसी: रियल-टाइम GPS ट्रैकिंग के जरिए छोटे पार्सल शिपमेंट्स के टर्नअराउंड टाइम को कम करना
  • संस्थागत तालमेल: फ्रेट ग्रोथ के लिए रणनीतिक रोडमैप तैयार करने हेतु IIM बैंगलोर की अकादमिक विशेषज्ञता का लाभ उठाना

मुख्य शब्द: मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स · सप्लाई चेन मैनेजमेंट · डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर · फ्रेट ग्रोथ · रियल-टाइम ट्रैकिंग

GS3अर्थव्यवस्था › राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST)मेन्स

पूर्व RBI गवर्नर डी

चर्चा में क्यों: पूर्व RBI गवर्नर डी. सुब्बा राव और मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने बढ़ते राजकोषीय अंतर (fiscal divide) को दूर करने और राजकोषीय संघवाद (fiscal federalism) में पारदर्शिता सुधारने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच नए सिरे से संवाद करने का आह्वान किया है।

इस सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई, जिनमें कार्यक्षेत्र (Terms of Reference) में बदलाव न होना, सेस (cess) और सरचार्ज में पारदर्शिता की कमी, और GDP के मानक पर अत्यधिक निर्भरता शामिल है। तेलंगाना के मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव ने केंद्र से मिलने वाले फंड पर निर्भरता कम करने के लिए स्थानीय संसाधनों के अधिक संग्रहण (resource mobilization) की वकालत की।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यअजय नारायण झा 15वें वित्त आयोग के सदस्य हैं।
  • तथ्यसेस (Cesses) और सरचार्ज (Surcharges) को राजकोषीय ढांचे (fiscal framework) में पारदर्शिता की कमी वाले क्षेत्रों के रूप में पहचाना गया।
  • तथ्यकॉन्फ्रेंस ने फिस्कल फेडरलिज्म (fiscal federalism) के लिए GDP मेट्रिक पर अत्यधिक निर्भरता को एक चिंता के रूप में पहचाना।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की राजकोषीय संघवाद के समक्ष मौजूद संरचनात्मक चुनौतियों, विशेष रूप से सेस (Cess) की पारदर्शिता और राज्यों की राजकोषीय स्वायत्तता के संदर्भ में, चर्चा कीजिए।

  • राजकोषीय असंतुलन: संसाधनों का समान वितरण सुनिश्चित करते हुए संरचनात्मक रूप से पिछड़े राज्यों की समस्याओं को हल करने में कठिनाई
  • पारदर्शिता की कमी: सेस और सरचार्ज में स्पष्टता का अभाव राज्यों को मिलने वाले फंड के अनुमानित प्रवाह को प्रभावित कर रहा है
  • राजस्व स्वायत्तता: राज्यों की कम इस्तेमाल होने वाली टैक्स शक्तियाँ केंद्र से मिलने वाले फंड पर निर्भरता बढ़ा रही हैं

मुख्य शब्द: राजकोषीय संघवाद · वर्टिकल इम्बैलेंस · सेस और सरचार्ज · संसाधन जुटाना · स्ट्रक्चरल डेफिसिट

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स + मेन्स

सिविल एविएशन मंत्रालय ने विमानन बाजार को स्थिर करने और पर्यटन की रिकवरी को समर्थन देने के लिए घरेलू हवाई किराए की एक सीमा (cap) लागू की थी

चर्चा में क्यों: सिविल एविएशन मंत्रालय ने विमानन बाजार को स्थिर करने और पर्यटन की रिकवरी को समर्थन देने के लिए घरेलू हवाई किराए की एक सीमा (cap) लागू की थी, जिसे अब IATA एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAAI) स्थायी बनाने की मांग कर रहा है।

इंडिगो संकट के बाद बाजार को स्थिर करनेके लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरफेयर कैप (हवाई किराए की अधिकतम सीमा) लागू की। IATA एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAAI) क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और पर्यटन को बनाए रखने के लिए इन कैप्स को स्थायी रूप से संस्थागत बनाने की वकालत कर रहा है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाIATA Agents Association of India (IAAI): एक संगठन जो एयरफेयर कैप (airfare caps) के संस्थागतकरण की वकालत करता है।
  • तथ्यसिविल एविएशन मंत्रालय: घरेलू एयरफेयर कैप (domestic airfare caps) को लागू करने के लिए जिम्मेदार नोडल मंत्रालय।
  • तथ्यडायनेमिक प्राइसिंग (Dynamic pricing): एयरलाइन्स इस प्राइसिंग मॉडल की ओर वापस लौट रही हैं, जिससे घरेलू किराया बढ़ रहा है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के विमानन क्षेत्र में मूल्य नियंत्रण (प्राइस कैप) और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी की स्थिरता तथा पर्यटन विकास के बीच निहित समझौतों (trade-offs) का विश्लेषण कीजिए।

  • मार्केट डिस्टॉर्शन: कम प्रॉफिट मार्जिन के कारण कम डिमांड वाले रूट्स पर सर्विस फ्रीक्वेंसी कम होने की संभावना
  • आर्थिक नुकसान: घरेलू एयरफेयर बढ़ने से घरेलू पर्यटकों के ओवरसीज पैकेज चुनने का जोखिम
  • रेगुलेटरी बैलेंस: विमानन उद्योग की डायनेमिक प्राइसिंग की ज़रूरत के साथ प्राइस कैप के ज़रिए उपभोक्ता संरक्षण को संतुलित करना

मुख्य शब्द: प्राइस कैप · मार्केट स्टेबलाइजेशन · क्षेत्रीय कनेक्टिविटी · डायनेमिक प्राइसिंग · पर्यटन अर्थशास्त्र

GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के

चर्चा में क्यों: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन स्टार्टअप्स के विकास और IT क्षेत्र में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए इरोड, तिरुनेलवेली और विरुधुनगर में मिनी TIDEL पार्क्स की आधारशिला रख रहे हैं।

इस परियोजना के अंतर्गत तमिलनाडु के तीन जिलों में TIDEL नियो पार्क्स (Neo Parks) का निर्माण किया जाएगा। इन पार्कों की कुल अनुमानित लागत ₹117.65 करोड़ है, और प्रत्येक पार्क को लगभग 600 IT पेशेवरों के लिए समायोजित करने के लिए डिजाइन किया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यTIDEL Neo Parks प्रोजेक्ट की लागत: ₹117.65 करोड़।
  • तथ्यरोजगार लक्ष्य: प्रति पार्क लगभग 600 IT प्रोफेशनल्स।
  • स्थानस्थान: तमिलनाडु के इरोड, तिरुनेलवेली और विरुधुनगर जिले।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में विशिष्ट आईटी पार्कों के विकास से आर्थिक विकास के विकेंद्रीकरण और एक सुदृढ़ स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने की क्षमता का विश्लेषण कीजिए।

  • क्षेत्रीय असमानता: ग्रामीण और अर्ध-शहरी जिलों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर शहरी केंद्रित IT जमाव को कम करना
  • स्टार्टअप इकोसिस्टम: सब्सिडी वाले इंफ्रास्ट्रक्चर और साझा संसाधनों के जरिए शुरुआती दौर के वेंचर्स के ऑपरेशनल खर्चों में कमी

मुख्य शब्द: विकेंद्रीकृत विकास · स्टार्टअप इकोसिस्टम · इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश · IT क्षेत्र में रोज़गार · क्षेत्रीय आर्थिक समानता

आंध्र प्रदेश के खान, भूविज्ञान और आबकारी मंत्री कोल्लू रविंद्र ने राज्य को टाइटेनियम और दुर्लभ-पृथ्वी तत्वों (rare-earth elements) में एक राष्ट्रीय लीडर के रूप में स्थापित करने के लिए एक रणनीतिक पहल की घोषणा की है

चर्चा में क्यों: आंध्र प्रदेश के खान, भूविज्ञान और आबकारी मंत्री कोल्लू रविंद्र ने राज्य को टाइटेनियम और दुर्लभ-पृथ्वी तत्वों (rare-earth elements) में एक राष्ट्रीय लीडर के रूप में स्थापित करने के लिए एक रणनीतिक पहल की घोषणा की है।

राज्य सरकार रक्षा, एयरोस्पेस, इलेक्ट्रिक वाहन और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्रों में औद्योगिक विकास के लिए समुद्री रेत के खनिजों (beach-sand minerals) का लाभ उठाने की योजना बना रही है। इस पहल के अंतर्गत औद्योगिक पार्क, पोर्ट कनेक्टिविटी और युवा उद्यमियों के लिए प्रोत्साहन शामिल हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यTitanium और rare-earth elements को डिफेंस, एयरोस्पेस, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और रिन्यूएबल एनर्जी के लिए क्रिटिकल (critical) माना गया है।
  • स्थानबीच-सैंड मिनरल्स (beach-sand minerals) के लिए स्ट्रैटेजिक पुश का प्रस्ताव आंध्र प्रदेश राज्य द्वारा दिया गया है।
  • पदजी. सतीश रेड्डी, डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) के पूर्व चेयरमैन हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: रक्षा और हरित ऊर्जा क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत के प्रयासों के संदर्भ में दुर्लभ मृदा तत्वों (रेयर-अर्थ एलिमेंट्स) और टाइटेनियम के रणनीतिक महत्व का विश्लेषण कीजिए।

  • सप्लाई चेन सुरक्षा: महत्वपूर्ण खनिजों के लिए वैश्विक मोनोपॉली पर निर्भरता कम करना
  • पर्यावरण संबंधी ट्रेड-ऑफ: तटीय क्षेत्रों में खनिज निष्कर्षण और पारिस्थितिक सुरक्षा के बीच संतुलन
  • इंसेंटिव स्ट्रक्चर: हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग को आकर्षित करने के लिए पोर्ट कनेक्टिविटी और इंडस्ट्रियल पार्क्स का लाभ उठाना

मुख्य शब्द: रणनीतिक खनिज · आत्मनिर्भरता · वैल्यू चेन · औद्योगिक नीति · संसाधन सुरक्षा

GS3अर्थव्यवस्था › बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDIप्रीलिम्स

अमेरिकी वाणिज्य विभाग (US Commerce Department) द्वारा इंडोनेशिया और लाओस से होने वाले सोलर पैनल आयात पर नए टैरिफ (Tariffs) की घोषणा के बाद भारतीय सोलर निर्माताओं वारे एनर्जीज (Waaree Energies), प्रीमियर एनर्जीज (Premier Energies) और विक्रम सोलर (Vikram Solar) के शेयरों की कीमतों में भारी गिरावट देखी गई

चर्चा में क्यों: अमेरिकी वाणिज्य विभाग (US Commerce Department) द्वारा इंडोनेशिया और लाओस से होने वाले सोलर पैनल आयात पर नए टैरिफ (Tariffs) की घोषणा के बाद भारतीय सोलर निर्माताओं वारे एनर्जीज (Waaree Energies), प्रीमियर एनर्जीज (Premier Energies) और विक्रम सोलर (Vikram Solar) के शेयरों की कीमतों में भारी गिरावट देखी गई।

अमेरिकी वाणिज्य विभाग (Commerce Department) ने इंडोनेशिया और लाओस से होने वाले सोलर पैनल आयात पर 86% से 143% तक का शुल्क (duties) लगाया है। ये टैरिफ विदेशी सब्सिडी के उन आरोपों पर आधारित हैं, जिनके कारण घरेलू उत्पादकों को नुकसान पहुँच रहा है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यइंडोनेशिया और लाओस से सोलर पैनल के आयात पर US टैरिफ 86% से 143% के बीच है।
  • तथ्यWaaree Energies, Premier Energies, और Vikram Solar भारतीय सोलर पैनल निर्माता हैं जो इस खबर से प्रभावित हुए हैं।
  • तथ्यये टैरिफ (tariffs) प्रेसिडेंट ट्रंप के पिछले ग्लोबल टैरिफ से अलग हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: अंतरराष्ट्रीय व्यापार बाधाएं और सब्सिडी-आधारित शुल्क भारत की वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में महत्वाकांक्षाओं को किस प्रकार प्रभावित करते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • मार्केट में उतार-चढ़ाव: अमेरिकी ट्रेड पॉलिसी के कारण भारतीय सोलर निर्माताओं के स्टॉक की कीमतों में तुरंत गिरावट
  • ट्रेड डायवर्जन: विशिष्ट दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों पर टैरिफ के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन में संभावित बदलाव
  • घरेलू मजबूती: निर्यात के कम होते अवसरों के असर को कम करने के लिए घरेलू मांग की क्षमता

मुख्य शब्द: व्यापार बाधाएं · नवीकरणीय ऊर्जा · विदेशी सब्सिडी · बाज़ार में उतार-चढ़ाव · सप्लाई चेन

GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स

आंध्र प्रदेश सरकार चिंतलापुडी-राचरेला खदानों में भूमिगत कोयले को गैसीय रूप में बदलने के लिए कोयला गैसीफिकेशन (Coal Gasification) हेतु पेटेंट तकनीक वाली कंपनियों को बढ़ावा देने की योजना बना रही है

चर्चा में क्यों: आंध्र प्रदेश सरकार चिंतलापुडी-राचरेला खदानों में भूमिगत कोयले को गैसीय रूप में बदलने के लिए कोयला गैसीफिकेशन (Coal Gasification) हेतु पेटेंट तकनीक वाली कंपनियों को बढ़ावा देने की योजना बना रही है।

यह परियोजना आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले में चिंतलापुडी-रचर्ला क्षेत्र को लक्षित करती है। केंद्र सरकार ने माइन्स एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट, 2025 के तहत इन ब्लॉकों की नीलामी की प्रक्रिया को तेज कर दिया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानचिंतलापुडी-राचर्ला माइन्स आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले में स्थित हैं।
  • अधिनियम / विधेयकमाइन्स एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट, 2025 इन कोयला ब्लॉक्स की नीलामी को नियंत्रित करता है।
  • तथ्यकोल गैसीफिकेशन (Coal gasification) स्टील मैन्युफैक्चरिंग और पावर जनरेशन के लिए भूमिगत कोयला भंडारों को गैसीय रूप में बदल देता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की ऊर्जा संक्रमण और औद्योगिक विकास में कोयला गैसीकरण (Coal Gasification) किस प्रकार योगदान दे सकता है और इस प्रक्रिया में पर्यावरणीय चिंताओं का समाधान कैसे किया जा सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • तकनीकी बाधा: भारी पूंजी की ज़रूरत और पेटेंटेड गैसीफिकेशन टेक्नोलॉजी की आवश्यकता
  • रेवेन्यू शेयरिंग: माइनिंग एक्ट के तहत केंद्र और राज्य सरकारों के बीच राजकोषीय लाभों का संतुलन
  • पर्यावरण का ट्रेड-ऑफ: स्टील और पावर की औद्योगिक मांग के साथ कार्बन-इंटेंसिव कोयले के इस्तेमाल के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: कोल गैसीफिकेशन · खनिज विनियमन · औद्योगिक विकास · ऊर्जा ट्रांज़िशन · राजस्व सृजन

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स + मेन्स

केरल में वन भूमि के रूपांतरण (conversion) की सुविधा के लिए केंद्र के पर्यावरण और वन मंत्रालय ने अणकम्पोयिल-कल्लाडी-मेप्पडी टनल रोड प्रोजेक्ट को अंतिम चरण-II की मंजूरी प्रदान की है

चर्चा में क्यों: केरल में वन भूमि के रूपांतरण (conversion) की सुविधा के लिए केंद्र के पर्यावरण और वन मंत्रालय ने अणकम्पोयिल-कल्लाडी-मेप्पडी टनल रोड प्रोजेक्ट को अंतिम चरण-II की मंजूरी प्रदान की है।

इस परियोजना के अंतर्गत वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 (Forest Conservation Act, 1980) के दायरे में आने वाली 17.26 हेक्टेयर वन भूमि को परिवर्तित किया जाएगा। इसका कार्यान्वयन कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। इस परियोजना की कुल लागत ₹2,134.5 करोड़ है और इसे पूरा करनेकी अनुमानित समय-सीमा चार वर्ष है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • अधिनियम / विधेयकफॉरेस्ट (Conservation) एक्ट, 1980: यह गैर-वन उद्देश्यों के लिए वन भूमि के रूपांतरण को नियंत्रित करता है।
  • संस्थाकोन्कण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड (Konkan Railway Corporation Limited): वह संस्था जो अणकम्पोयिल-कल्लाडी-मेप्पडी टनल रोड प्रोजेक्ट को लागू कर रही है।
  • तथ्यपरियोजना की लागत ₹2,134.5 करोड़ है और इसमें 17.26 हेक्टेयर वन भूमि शामिल है।
  • स्थानअणकम्पोयिल-कल्लाडी-मेप्पडी: केरल में विशिष्ट टनल रोड प्रोजेक्ट का स्थान।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में बुनियादी ढांचा विकास और वन संरक्षण के मध्य उत्पन्न होने वाले द्वंद्व का परीक्षण कीजिए। वन (संरक्षण) अधिनियम विकास संबंधी आवश्यकताओं और पारिस्थितिक संरक्षण के बीच संतुलन कैसे स्थापित कर सकता है? का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और केंद्रीय मंत्रालय द्वारा लगाए गए 24 पर्यावरणीय नियमों के बीच संतुलन
  • बड़े पैमाने पर टनल निर्माण के दौरान केरल के वन क्षेत्रों में हैबिटेट फ्रैगमेंटेशन को कम करना और पारिस्थितिक अखंडता बनाए रखना
  • संस्थागत समन्वय: राज्य के प्रमुख प्रोजेक्ट्स को केंद्र के एनवायरनमेंटल क्लीयरेंस प्रोटोकॉल के साथ जोड़ना

मुख्य शब्द: वन (संरक्षण) अधिनियम · पर्यावरण क्लीयरेंस · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · पारिस्थितिक प्रभाव · सतत विकास

GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकमेन्स

द हिंदू ने तमिलनाडु के आर्थिक प्रक्षेपवक्र (trajectory) पर प्रकाश डाला है

चर्चा में क्यों: द हिंदू ने तमिलनाडु के आर्थिक प्रक्षेपवक्र (trajectory) पर प्रकाश डाला है, जिसमें बताया गया है कि विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के कारण यह राज्य भारत में GDP और प्रति व्यक्ति NSDP (Net State Domestic Product) में दूसरे स्थान पर है।

भारत में जीडीपी (GDP) और प्रति व्यक्ति शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद (Net State Domestic Product - NSDP) दोनों के मामले में तमिलनाडु दूसरे स्थान पर है। राज्य की विकास दर इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन, नॉन-लेदर फुटवियर और सरकारी पहलों द्वारा समर्थित स्टार्टअप इकोसिस्टम पर आधारित है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यGDP और प्रति व्यक्ति NSDP (Net State Domestic Product) में तमिलनाडु भारत में दूसरे स्थान पर है।
  • स्थानतमिलनाडु: इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन और नॉन-लेदर फुटवियर (non-leather footwear) के लिए प्रमुख हब।
  • तथ्यतमिलनाडु के MSMEs को US टैरिफ से चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: तमिलनाडु के आर्थिक नेतृत्व में योगदान देने वाले कारकों का विश्लेषण कीजिए और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) को 'उद्योग 4.0' (Industry 4.0) अपनाने की दिशा में परिवर्तित करने के लिए आवश्यक नीतिगत हस्तक्षेपों पर चर्चा कीजिए।

  • सेक्टोरल सिनर्जी: उच्च प्रति व्यक्ति NSDP के लिए मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज का संतुलित विस्तार एक मुख्य चालक
  • ट्रेड वल्नरेबिलिटी: घरेलू MSME कॉम्पिटिटिवनेस पर अंतरराष्ट्रीय टैरिफ स्ट्रक्चर का असर
  • तकनीकी बदलाव: छोटे उद्यमों के लिए इंडस्ट्री 4.0 अपनाने में नीतिगत कमियां

मुख्य शब्द: नेट स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट · इंडस्ट्री 4.0 · MSME की मजबूती · क्षेत्रीय विस्तार · समावेशी विकास

GS3अर्थव्यवस्था › राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST)मेन्स

पूर्व RBI गवर्नर सी

चर्चा में क्यों: पूर्व RBI गवर्नर सी. रंगराजन और एन.आर. भानमूर्ति ने 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट राजकोषीय पूल (fiscal pool) में गैर-विभाज्य सेस (non-shareable cesses) और सरचार्ज के बढ़ते हिस्से को संबोधित करने में विफल रही है।

16वें वित्त आयोग ने विभाज्य पूल (divisible pool) में राज्यों के लिए 41% की हिस्सेदारी को बरकरार रखा है। आलोचकों ने इस बात पर जोर दिया कि रिपोर्ट में सेस (cess) और सरचार्ज में होने वाली भारी वृद्धि पर सिफारिशों की कमी है, जिन्हें विभाज्य पूल से बाहर रखा गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्य16वें वित्त आयोग ने विभाज्य पूल (divisible pool) में राज्यों के लिए 41% हिस्सा बनाए रखा।
  • तथ्यCesses और surcharges को वित्त आयोग द्वारा साझा किए जाने वाले divisible pool से बाहर रखा गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में सेस (Cesses) और अधिभार (Surcharges) पर बढ़ती निर्भरता किस प्रकार भारत के राजकोषीय संघवाद और कर हस्तांतरण के क्षैतिज समता (Horizontal Equity) को प्रभावित करती है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • राजकोषीय असंतुलन: घटता विभाज्य पूल विकास खर्चों के लिए राज्यों की स्वायत्तता को सीमित करता है
  • हॉरिजॉन्टल इनइक्विटी: नॉन-शेयरेबल लेवीज़ टैक्स-बेस क्षमता कम वाले राज्यों को ज्यादा प्रभावित कर सकते हैं
  • राजस्व में कमी: सेस पर अत्यधिक निर्भरता सहकारी संघवाद के सिद्धांत को कमजोर कर सकती है

मुख्य शब्द: राजकोषीय संघवाद · विजिबल पूल · वर्टिकल इम्बैलेंस · टैक्स डिवोल्यूशन · सेस और सरचार्ज

GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEमेन्स

तेलंगाना के IT और इंडस्ट्रीज मंत्री ने वैश्विक निवेश को आकर्षित करने और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 'Ease of Doing Business 2.0' के आगामी लॉन्च की घोषणा की है

चर्चा में क्यों: तेलंगाना के IT और इंडस्ट्रीज मंत्री ने वैश्विक निवेश को आकर्षित करने और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 'Ease of Doing Business 2.0' के आगामी लॉन्च की घोषणा की है।

निवेशकों के विश्वास को मजबूत करने के लिए हितधारकों (stakeholders) के साथ परामर्श के माध्यम से यह नीति विकसित की गई। सरकार ने संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करने के लिए CURE, PURE और RARE युक्त तीन-स्तरीय रणनीति पर जोर दिया।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • पदडी. श्रीधर बाबू: तेलंगाना के IT और Industries मंत्री।
  • तथ्यEase of Doing Business 2.0: ग्लोबल इन्वेस्टमेंट को आकर्षित करने के लिए तेलंगाना सरकार की पॉलिसी पहल।
  • तथ्यCURE, PURE, और RARE: तेलंगाना में संतुलित क्षेत्रीय विकास के लिए तीन-स्तरीय रणनीति।
  • संस्थाFederation of Telangana Chambers of Commerce and Industry (FTCCI): स्थानीय व्यापारिक हितों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था।
मेन्स के लिए

प्रश्न: राज्य-स्तरीय 'ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस' (EoDB) पहलें भारत के समग्र औद्योगिक विकास को कैसे प्रभावित कर सकती हैं और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को आकर्षित करने में किस प्रकार सहायक हो सकती हैं, चर्चा कीजिए।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर-इन्वेस्टमेंट लिंक: सुव्यवस्थित रेगुलेटरी फ्रेमवर्क और ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग कैपिटल के प्रवाह के बीच संबंध
  • कॉस्ट-पुश महंगाई: अनुकूल राज्य नीतियों के बावजूद MSMEs की प्रतिस्पर्धात्मकता पर बढ़ती परिचालन लागत का असर
  • क्षेत्रीय असमानता: मल्टी-प्रॉन्ग्ड क्षेत्रीय रणनीतियों के ज़रिए इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स और ग्रामीण विकास के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस · औद्योगिक नीति · विदेशी प्रत्यक्ष निवेश · स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन · क्षेत्रीय विकास

GS3अर्थव्यवस्था › राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST)प्रीलिम्स

आंध्र प्रदेश कैबिनेट ने बुनियादी ढांचे और प्रवर्तन (Enforcement) के लिए फंड जुटाने हेतु वाहन पंजीकरण पर 'रोड सेफ्टी सेस' (Road Safety Cess) लगाने के लिए मोटर व्हीकल्स टैक्सेशन एक्ट में संशोधन को मंजूरी दी है

चर्चा में क्यों: आंध्र प्रदेश कैबिनेट ने बुनियादी ढांचे और प्रवर्तन (Enforcement) के लिए फंड जुटाने हेतु वाहन पंजीकरण पर 'रोड सेफ्टी सेस' (Road Safety Cess) लगाने के लिए मोटर व्हीकल्स टैक्सेशन एक्ट में संशोधन को मंजूरी दी है।

प्रस्तावित रोड सेफ्टी सेस (Road Safety Cess) के तहत वाहन पंजीकरण के दौरान दिए जाने वाले लाइफ टैक्स में 10% की अतिरिक्त वृद्धि की जाएगी। इन फंड्स का उपयोग सड़क सुरक्षा बुनियादी ढांचे, प्रवर्तन तंत्र (enforcement mechanisms) और जन जागरूकता अभियानों के लिए किया जाएगा।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यरोड सेफ्टी सेस (Road Safety Cess): आंध्र प्रदेश में वाहन रजिस्ट्रेशन के समय दिए जाने वाले लाइफ टैक्स में 10% का अतिरिक्त शुल्क।
  • स्थानआंध्र प्रदेश: राज्य सरकार Motor Vehicles Taxation Act में संशोधन के जरिए सेस (Cess) लागू कर रही है।
  • संस्थाCRDA: आंध्र प्रदेश कैबिनेट द्वारा विकास प्रस्तावों के लिए स्वीकृत बॉडी।
मेन्स के लिए

प्रश्न: राज्य स्तरीय शासन में बुनियादी ढांचागत सुरक्षा और जन जागरूकता के लिए विशिष्ट करों को आरक्षित करने के राजकोषीय निहितार्थों और सामाजिक-आर्थिक लाभों का विश्लेषण कीजिए।

  • राजकोषीय स्वायत्तता: स्थानीय बुनियादी ढांचे के विकास के लिए सेस लगाने की राज्यों की शक्ति
  • सार्वजनिक सुरक्षा का ट्रेड-ऑफ: वाहनों के रजिस्ट्रेशन खर्च और बेहतर सड़क सुरक्षा के बीच संतुलन
  • समावेशी नीति: सार्वजनिक परिवहन में दिव्यांगों के लिए मुफ्त यात्रा लाभ का विस्तार

मुख्य शब्द: राजकोषीय संघवाद · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · सार्वजनिक सुरक्षा · सेस · राज्य विधान

आंध्र प्रदेश कैबिनेट ने विशाखापट्टनम में एडवांस्ड सिस्टम इन पैकेज टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (Advanced System in Package Technologies Private Limited) द्वारा ₹2,388 करोड़ की सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट फैसिलिटी को मंजूरी दी है

चर्चा में क्यों: आंध्र प्रदेश कैबिनेट ने विशाखापट्टनम में एडवांस्ड सिस्टम इन पैकेज टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (Advanced System in Package Technologies Private Limited) द्वारा ₹2,388 करोड़ की सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट फैसिलिटी को मंजूरी दी है।

एडवांस्ड सिस्टम इन पैकेज टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड विशाखापट्टनम में एक सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट फैसिलिटी स्थापित करने के लिए ₹2,388 करोड़ का निवेश करेगी। इस परियोजना से 1,000 प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है और यह आंध्र प्रदेश में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (India Semiconductor Mission) फ्रेमवर्क के तहत स्वीकृत पहली इकाई है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यसेमीकंडक्टर फैसिलिटी के लिए निवेश की राशि: ₹2,388 करोड़।
  • स्थानसेमीकंडक्टर फैसिलिटी की लोकेशन: विशाखापट्टनम, आंध्र प्रदेश।
  • योजनाइंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (India Semiconductor Mission): वह फ्रेमवर्क जिसके तहत मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को मंजूरी दी गई।
  • तथ्यअनुमानित प्रत्यक्ष नौकरियां (Direct jobs): 1,000।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' के महत्व का विश्लेषण कीजिए।

  • सप्लाई चेन रेजिलिएंस: घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए आयातित सेमीकंडक्टर कंपोनेंट्स पर निर्भरता कम करना
  • इंसेंटिव स्ट्रक्चर: हाई-कैपिटल इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को आकर्षित करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर की तैयारी के साथ फिस्कल सब्सिडी का संतुलन
  • स्किल गैप: हाई-टेक असेंबली और टेस्टिंग प्रोसेस को मैनेज करने के लिए स्पेशलाइज्ड वर्कफोर्स की ज़रूरत

मुख्य शब्द: सेमीकंडक्टर मिशन · इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग · निवेश का माहौल · औद्योगिक नीति · वैल्यू एडिशन

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

तेलंगाना स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (TGSRTC) ने ऑनलाइन बस टिकट बुकिंग और यात्रा सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए 'मी सेवा मी टिकट' (Mee Seva Mee Ticket) मोबाइल ऐप लॉन्च किया है

चर्चा में क्यों: तेलंगाना स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (TGSRTC) ने ऑनलाइन बस टिकट बुकिंग और यात्रा सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए 'मी सेवा मी टिकट' (Mee Seva Mee Ticket) मोबाइल ऐप लॉन्च किया है।

'मी सेवा मी टिकट' ऐप 1,710 सेवाओं के लिए ऑनलाइन यात्री आरक्षण प्रणाली (Online Passenger Reservation System) को एकीकृत करता है, जिसमें वातानुकूलित (AC) और गैर-वातानुकूलित बसें दोनों शामिल हैं। यह प्लेटफॉर्म प्रतिदिन लगभग 13,000 बुकिंग को संभालता है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाTGSRTC: तेलंगाना स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन।
  • तथ्यMee Seva Mee Ticket ऐप 1,710 बस सेवाओं को इंटीग्रेट (integrate) करता है।
  • तथ्यप्लेटफॉर्म पर डेली बुकिंग्स लगभग 13,000 तक पहुंच जाती हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: सार्वजनिक परिवहन बुनियादी ढांचे के डिजिटलीकरण से भारत के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम-मील कनेक्टिविटी (लास्ट-माइल कनेक्टिविटी) को कैसे सुधारा जा सकता है और यात्रियों के जीवन की सुगमता (ईज ऑफ लिविंग) को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है, इस पर चर्चा कीजिए।

  • डेटा प्राइवेसी: पब्लिक ट्रांसपोर्ट डेटाबेस में अनधिकृत एक्सेस के खिलाफ यात्रियों के डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करना
  • डिजिटल डिवाइड: स्मार्टफोन के बिना बुजुर्गों और ग्रामीण आबादी के लिए एक्सेसिबिलिटी की चुनौतियां
  • ऑपरेशनल एफिशिएंसी: फिजिकल टिकट काउंटर की भीड़ कम करना और रियल-टाइम डेटा के जरिए फ्लीट मैनेजमेंट को बेहतर बनाना

मुख्य शब्द: डिजिटल इंडिया · लास्ट-माइल कनेक्टिविटी · सार्वजनिक परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर · जीवन जीने में आसानी · ई-गवर्नेंस

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

ई

चर्चा में क्यों: ई. श्रीधरन ने केरल हाई स्पीड रेल (KHSR) योजना का अनावरण किया, जो तिरुवनंतपुरम और कन्नूर के बीच यात्रा के समय को कम करने के उद्देश्य से बनाई गई ₹56,500 करोड़ की एक परियोजना है।

KHSR परियोजना 445 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड ट्रैक और 20 किलोमीटर के भूमिगत मार्ग से होकर गुजरती है। यह तिरुवनंतपुरम, कोच्चि, कोझिकोड और कन्नूर के हवाई अड्डों सहित कुल 20 स्टेशनों को आपस में जोड़ती है। इसका लक्ष्य सौर ऊर्जा का उपयोग करते हुए पांच वर्षों के भीतर निर्माण कार्य पूरा करना है।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • तथ्यKHSR प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत: ₹56,500 करोड़।
  • तथ्यKHSR रूट की लंबाई: 445 किमी एलिवेटेड ट्रैक और 20 किमी अंडरग्राउंड।
  • तथ्यतिरुवनंतपुरम और कन्नूर के बीच लक्षित यात्रा समय: 3 घंटे और 20 मिनट।
  • तथ्यतिरुवनंतपुरम और कन्नूर के बीच औसत किराया: ₹780।
  • स्थानKHSR तिरुवनंतपुरम, कोच्चि, कोझिकोड और कन्नूर के एयरपोर्ट्स को जोड़ता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: केरल में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक एकीकरण को बढ़ाने में उच्च गति वाली रेल बुनियादी संरचना की भूमिका पर चर्चा कीजिए।

  • लॉजिस्टिक एफिशिएंसी: व्यापार बढ़ाने के लिए प्रमुख तटीय हब के बीच ट्रांजिट समय को कम करना
  • पर्यावरण स्थिरता: लैंड फुटप्रिंट कम करने के लिए सोलर पावर और एलिवेटेड ट्रैक का एकीकरण

मुख्य शब्द: क्षेत्रीय कनेक्टिविटी · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट · आर्थिक एकीकरण

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स ने PM-Gati Shakti नेशनल मास्टर प्लान के तहत भारतीय रेलवे नेटवर्क को 307 किलोमीटर तक विस्तार देने के लिए ₹9,072 करोड़ की तीन रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी है

चर्चा में क्यों: कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स ने PM-Gati Shakti नेशनल मास्टर प्लान के तहत भारतीय रेलवे नेटवर्क को 307 किलोमीटर तक विस्तार देने के लिए ₹9,072 करोड़ की तीन रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी है।

स्वीकृत परियोजनाओं में गोंदिया-जबलपुर खंड को दोगुना करना और पुनरख-किउल तथा गमहरिया-चांडिल के बीच तीसरी और चौथी लाइन बिछाना शामिल है। इस पहल का उद्देश्य 5,407 गांवों को जोड़ना और 98 लाख से अधिक लोगों के लिए गतिशीलता (mobility) को बढ़ाना है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यकुल स्वीकृत प्रोजेक्ट कॉस्ट: ₹9,072 करोड़।
  • तथ्यनेटवर्क विस्तार: 307 किलोमीटर।
  • योजनाPM-Gati Shakti National Master Plan: एकीकृत बुनियादी ढांचे की योजना (integrated infrastructure planning) के लिए एक फ्रेमवर्क।
  • स्थानगोंदिया-जबलपुर सेक्शन और पुनरक-किउल से गमहरिया-चांडील सेक्शन।
मेन्स के लिए

प्रश्न: प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान भारत में लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने और बहु-आयामी कनेक्टिविटी (multi-modal connectivity) को बढ़ाने के उद्देश्य से किस प्रकार कार्य करता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • लॉजिस्टिक्स एफिशिएंसी: सिंक्रोनाइज्ड इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग के जरिए फ्रेट ट्रांजिट समय में कमी
  • लास्ट-माइल कनेक्टिविटी: ग्रामीण गाँवों के नेटवर्क को नेशनल रेल कॉरिडोर से जोड़ना
  • इकोनॉमिक मल्टीप्लायर: रेल क्षमता बढ़ाकर पर्यटन और औद्योगिक गतिशीलता को बढ़ावा देना

मुख्य शब्द: लॉजिस्टिक्स लागत · मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी · इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग · माल ढुलाई ट्रैफिक · पीएम-गति शक्ति

GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगप्रीलिम्स + मेन्स

बॉम्बे हाई कोर्ट ने तीन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा अनिल अंबानी के खातों को धोखाधड़ी (fraud) के रूप में वर्गीकृत करने के फैसले पर रोक हटा दी है

चर्चा में क्यों: बॉम्बे हाई कोर्ट ने तीन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा अनिल अंबानी के खातों को धोखाधड़ी (fraud) के रूप में वर्गीकृत करने के फैसले पर रोक हटा दी है। कोर्ट ने फैसला सुनाया कि RBI के मास्टर डायरेक्शंस के हर उल्लंघन के मामले में न्यायिक जांच (judicial scrutiny) की आवश्यकता नहीं होती है।

बॉम्बे हाई कोर्ट ने धोखाधड़ी के वर्गीकरण पर रोक लगाने वाले पिछले सिंगल-बेंच के आदेश को 'विकृत और अवैध' घोषित कर दिया है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि RBI मास्टर डायरेक्शन (Master Directions) का उद्देश्य ऋणदाताओं के हितों की रक्षा करना और सार्वजनिक धन को सुरक्षित रखने के लिए धोखाधड़ी का जल्द पता लगाना सुनिश्चित करना है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाRBI मास्टर डायरेक्शंस (Master Directions) धोखाधड़ी का जल्द पता लगाने और ऋणदाताओं के हितों की सुरक्षा के लिए फ्रेमवर्क प्रदान करते हैं।
  • तथ्यअनिल अंबानी के खातों को फ्रॉड (fraud) के रूप में वर्गीकृत करने की कार्रवाई में तीन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक शामिल थे।
  • स्थानयह फैसला बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा जारी किया गया था।
मेन्स के लिए

प्रश्न: सार्वजनिक धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के धोखाधड़ी वर्गीकरण ढांचे के महत्व और नियामक बैंकिंग कार्रवाइयों में न्यायिक निरीक्षण की सीमा का विश्लेषण कीजिए।

  • रेगुलेटरी ऑटोनॉमी: सिस्टमिक फाइनेंशियल स्टेबिलिटी की रक्षा के लिए RBI के जनादेश और न्यायपालिका की समीक्षा शक्ति के बीच संतुलन
  • लेंडर प्रोटेक्शन: पब्लिक सेक्टर बैंक की पूंजी को बचाने के लिए धोखाधड़ी का समय पर वर्गीकरण सुनिश्चित करना
  • कानूनी निश्चितता: वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई को रोकने के लिए 'गलत' न्यायिक हस्तक्षेपों को रोकना

मुख्य शब्द: रेगुलेटरी ओवरसाइट · सिस्टमैटिक रिस्क · पब्लिक सेक्टर बैंक · न्यायिक समीक्षा · फ्रॉड डिटेक्शन

GS3अर्थव्यवस्था › राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST)प्रीलिम्स + मेन्स

वित्त मंत्री ओ.पी

चर्चा में क्यों: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने छत्तीसगढ़ बजट 2026-27 पेश किया, जिसमें समावेशी विकास और लड़कियों के लिए रानी दुर्गावती योजना पर ध्यान केंद्रित करते हुए ₹1.72 लाख करोड़ आवंटित किए गए हैं।

छत्तीसगढ़ सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹1.72 लाख करोड़ का बजट आवंटित किया है। प्रमुख पहलों में बस्तर में बैराजों का निर्माण और नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना शामिल है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यवित्त वर्ष 2026-27 के लिए छत्तीसगढ़ के लिए कुल बजट आवंटन ₹1.72 लाख करोड़ है।
  • योजनारानी दुर्गावती योजना: छत्तीसगढ़ में विशेष रूप से लड़कियों के लिए एक नई वित्तीय योजना।
  • स्थानबस्तर: नए बैराज (Barrages) के निर्माण के लिए नामित क्षेत्र।
  • तथ्यबजट की प्राथमिकताओं में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, खेल और पर्यटन में निवेश शामिल है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: बस्तर जैसे जनजातीय क्षेत्रों में लक्षित राजकोषीय आवंटन और बुनियादी ढांचा विकास छत्तीसगढ़ में समावेशी आर्थिक विकास में किस प्रकार योगदान दे सकते हैं, चर्चा कीजिए।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: दूरदराज के आदिवासी क्षेत्रों में सिंचाई और कनेक्टिविटी की कमी को दूर करना
  • जेंडर-केंद्रित फ़िस्कल पॉलिसी: महिला ह्यूमन कैपिटल पर लक्षित फ़ाइनेंशियल स्कीम्स का असर
  • औद्योगिक विविधीकरण: क्षेत्रीय आर्थिक फोकस बदलने में नए इंडस्ट्रियल पार्क्स की भूमिका

मुख्य शब्द: समावेशी विकास · राजकोषीय आवंटन · इंफ्रास्ट्रक्चर विकास · मानव पूंजी · क्षेत्रीय असमानता

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर अपने व्यावसायिक संचालन के पहले पूरे दिन में नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) ने 1,00,000 से अधिक यात्रियों को दर्ज किया

चर्चा में क्यों: दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर अपने व्यावसायिक संचालन के पहले पूरे दिन में नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) ने 1,00,000 से अधिक यात्रियों को दर्ज किया।

नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NCRTC) ने बताया कि परिचालन के पहले पूरे दिन यात्रियों की संख्या 100,000 से अधिक हो गई। इस परियोजना में दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर और एक नया मेरठ मेट्रो लिंक शामिल है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाNCRTC: National Capital Region Transport Corporation वह संस्था है जो RRTS प्रोजेक्ट के लिए जिम्मेदार है।
  • तथ्यनमो भारत की राइडरशिप (ridership) कमर्शियल सर्विस के पहले पूरे दिन में 100,000 से अधिक हो गई।
  • स्थानRRTS कॉरिडोर दिल्ली और मेरठ को जोड़ता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में क्षेत्रीय तीव्र पारगमन प्रणालियों (RRTS) का विकास शहरी भीड़भाड़ को कम करने और एकीकृत क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में किस प्रकार सहायक हो सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • इंटरमॉडल कनेक्टिविटी: लास्ट-माइल कनेक्टिविटी की कमियों को दूर करने के लिए मेट्रो लिंक्स को RRTS के साथ जोड़ना
  • इकोनॉमिक कॉरिडोर डेवलपमेंट: दिल्ली-मेरठ रूट पर पेरी-अर्बन इंडस्ट्रियल और कमर्शियल हब्स को बढ़ावा देना

मुख्य शब्द: रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम · अर्बन मोबिलिटी · NCRTC · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · यात्री कनेक्टिविटी

GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगप्रीलिम्स + मेन्स

रिटेल निवेशक भारी नुकसान के जोखिम का सामना कर रहे हैं क्योंकि ETFs अपनी नेट एसेट वैल्यू (NAV) से काफी अधिक प्रीमियम पर ट्रेड हो रहे हैं

चर्चा में क्यों: रिटेल निवेशक भारी नुकसान के जोखिम का सामना कर रहे हैं क्योंकि ETFs अपनी नेट एसेट वैल्यू (NAV) से काफी अधिक प्रीमियम पर ट्रेड हो रहे हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि म्यूचुअल फंड्स RBI द्वारा निर्धारित विदेशी निवेश की सीमाओं (overseas investment limits) तक पहुँच रहे हैं।

म्यूचुअल फंड स्कीम्स वर्तमान में नए सब्सक्रिप्शन स्वीकार करने में असमर्थ हैं, क्योंकि विदेशी निवेश पर 7 बिलियन डॉलर की सीमा और ETFs के लिए एक अलग 1 बिलियन डॉलर की विंडो निर्धारित है। इस प्रतिबंध के कारण मांग ETFs की ओर स्थानांतरित हो गई है, जो वर्तमान में अपने NAV (नेट एसेट वैल्यू) से अधिक प्रीमियम पर ट्रेड हो रहे हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यम्यूचुअल फंड्स के लिए RBI द्वारा विदेशी निवेश (overseas investing) की सीमा $7 बिलियन निर्धारित की गई है।
  • तथ्यविदेशी निवेश के लिए ETFs के लिए विशिष्ट विंडो $1 बिलियन है।
  • तथ्यETFs वर्तमान में अपने Net Asset Value (NAV) से अधिक प्रीमियम पर ट्रेड हो रहे हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: म्युचुअल फंड में निवेश की सीमाएं खुदरा निवेशकों के संरक्षण के लिए क्या निहितार्थ रखती हैं और प्रीमियम-मूल्य वाले एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) से जुड़े जोखिमों का विश्लेषण कीजिए।

  • मार्केट डिस्टॉर्शन: आर्टिफिशियल डिमांड स्पाइक्स से लिक्विड ETF इंस्ट्रूमेंट्स में प्राइस-NAV डाइवर्जेंस हो रहा है
  • रेगुलेटरी ट्रेड-ऑफ: रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो विकल्पों की ज़रूरत और कैपिटल आउटफ्लो पर रोक के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: नेट एसेट वैल्यू (NAV) · पूंजी का बाहर जाना · रिटेल इन्वेस्टर प्रोटेक्शन · बाज़ार में गड़बड़ी · निवेश की सीमाएं

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SEBI के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) के नियमों में बड़े बदलाव और RBI के नए कैपिटल मार्केट फंडिंग मानदंडों (norms) की समीक्षा की घोषणा की है

चर्चा में क्यों: SEBI के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) के नियमों में बड़े बदलाव और RBI के नए कैपिटल मार्केट फंडिंग मानदंडों (norms) की समीक्षा की घोषणा की है।

SEBI अपनी जून की बोर्ड बैठक से पहले PMS नियमों पर सार्वजनिक परामर्श के लिए एक ड्राफ्ट जारी करने की योजना बना रहा है। नियामक विशेष रूप से प्रोप्रायटरी ट्रेडिंग (Proprietary Trading) के लिए RBI की बैंक-गारंटी कोलैटरल आवश्यकताओं के संबंध में स्टॉक ब्रोकरों के प्रतिनिधित्व की जांच कर रहा है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • संस्थाSEBI: Securities and Exchange Board of India, भारत में सिक्योरिटीज मार्केट का प्राथमिक रेगुलेटर।
  • तथ्यRBI: भारतीय रिज़र्व बैंक (Reserve Bank of India), भारत का केंद्रीय बैंक, जिसने नए कैपिटल मार्केट फंडिंग (capital market funding) के मानदंड जारी किए।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवाओं (PMS) उद्योग को विनियमित करने में निवेशक उपयुक्तता और जोखिम प्रोफाइलिंग के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: कोलैटरल रिक्वायरमेंट्स के जरिए प्रोप्राइटरी ट्रेडिंग की आसानी और सिस्टमिक रिस्क कम करने के बीच संतुलन
  • इन्वेस्टर प्रोटेक्शन: यह सुनिश्चित करना कि सूटेबिलिटी असेसमेंट हाई-रिस्क प्रोडक्ट्स को अनसोफिस्टिकेटेड रिटेल इन्वेस्टर्स तक पहुँचने से रोकें

मुख्य शब्द: निवेशक उपयुक्तता · रिस्क प्रोफाइलिंग · प्रोपराइटरी ट्रेडिंग · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · कैपिटल मार्केट फंडिंग

GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकप्रीलिम्स

छत्तीसगढ़ सरकार ने अपना आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) 2025-26 पेश किया है

चर्चा में क्यों: छत्तीसगढ़ सरकार ने अपना आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) 2025-26 पेश किया है, जिसमें GSDP में 8.11% की वृद्धि और प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है।

आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) के अनुसार, छत्तीसगढ़ की GSDP (सकल राज्य घरेलू उत्पाद) 2024-25 के ₹5.65 लाख करोड़ से बढ़कर 2025-26 में ₹6.31 लाख करोड़ तक पहुँचने का अनुमान है। अगले वित्त वर्ष के लिए अनुमानित प्रति व्यक्ति आय ₹1,79,244 है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यछत्तीसगढ़ GSDP ग्रोथ प्रोजेक्शन: 2025-26 के लिए 8.11%।
  • तथ्यअनुमानित प्रति व्यक्ति आय: 2025-26 के लिए ₹1,79,244।
  • तथ्यवर्तमान कीमतों पर GSDP: 2024-25 में ₹5.65 लाख करोड़; 2025-26 में ₹6.31 लाख करोड़।
  • स्थानछत्तीसगढ़: विधानसभा में इकोनॉमिक सर्वे (Economic Survey) पेश करने वाला राज्य।
मेन्स के लिए

प्रश्न: छत्तीसगढ़ जैसे खनिज-संपन्न राज्यों में सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) के विकास को प्रभावित करने वाले कारकों और प्रति व्यक्ति आय पर इसके प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।

  • सेक्टोरल इम्बैलेंस: आदिवासी क्षेत्रों में उच्च औद्योगिक विकास बनाम स्थिर कृषि उत्पादकता
  • राजकोषीय संघवाद: राज्य स्तर पर राजस्व सृजन बनाम इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए केंद्र पर निर्भरता
  • आय की असमानता: उच्च GSDP ग्रोथ और प्रति व्यक्ति संपत्ति के समान वितरण के बीच अंतर

मुख्य शब्द: सकल राज्य घरेलू उत्पाद · प्रति व्यक्ति आय · इकोनॉमिक सर्वे · राजकोषीय विकास · सेक्टोरल प्रोजेक्शन्स

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केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय हवाई किराए में होने वाले अनिश्चित उतार-चढ़ाव और अन्य अतिरिक्त शुल्कों (ancillary charges) से निपटने के लिए नियामक दिशानिर्देशों पर विचार कर रहा है

चर्चा में क्यों: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय हवाई किराए में होने वाले अनिश्चित उतार-चढ़ाव और अन्य अतिरिक्त शुल्कों (ancillary charges) से निपटने के लिए नियामक दिशानिर्देशों पर विचार कर रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने हवाई किराए में होने वाले उतार-चढ़ाव पर चिंता व्यक्त की है और इसे यात्रियों का 'शोषण' करार दिया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Ministry of Civil Aviation) को यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत रेगुलेटरी फ्रेमवर्क (regulatory framework) तैयार करने का काम सौंपा गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • संस्थासिविल एविएशन मंत्रालय: एयरफेयर और एंसिलरी चार्ज (ancillary charge) रेगुलेशंस तैयार करने के लिए जिम्मेदार नोडल मंत्रालय।
  • तथ्यसुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को एयरफेयर रेगुलेशंस (airfare regulations) पर विचार-विमर्श पूरा करने के लिए चार सप्ताह की समय सीमा दी है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: विमानन क्षेत्र में वाणिज्यिक व्यवहार्यता और मनमाने मूल्य उतार-चढ़ाव के विरुद्ध यात्री सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित करने हेतु एक सुदृढ़ विनियामक ढांचे की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए।

  • मार्केट डिस्टॉर्शन: अनप्रिडिक्टेबल प्राइस वोलाटिलिटी से उपभोक्ताओं का शोषण और एयर ट्रैवल तक पहुंच में कमी
  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: प्राइवेट एयरलाइंस की स्वायत्तता और निष्पक्ष कीमतों व उपभोक्ता अधिकारों को सुनिश्चित करने के राज्य के जनादेश के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · उपभोक्ता संरक्षण · बाज़ार में उतार-चढ़ाव · कीमतों में पारदर्शिता · जनहित याचिका

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) पार्सल बुकिंग और ट्रैकिंग को डिजिटल बनाने के लिए भारत का पहला रेल पार्सल ऐप लॉन्च कर रहा है

चर्चा में क्यों: दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) पार्सल बुकिंग और ट्रैकिंग को डिजिटल बनाने के लिए भारत का पहला रेल पार्सल ऐप लॉन्च कर रहा है, जिसका पायलट प्रोजेक्ट हैदराबाद डिवीजन में शुरू किया गया है।

दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) माल ढुलाई लॉजिस्टिक्स बाजार अध्ययन (freight logistics market study) आयोजित करने के लिए IIM-बेंगलुरु के साथ साझेदारी कर रहा है। इस ऐप में पार्सल सेवाओं के लिए ऑनलाइन बुकिंग, डिजिटल भुगतान और रियल-टाइम ट्रैकिंग की सुविधा शामिल है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाSouth Central Railway (SCR) वह रेलवे ज़ोन है जो rail parcel app लॉन्च कर रहा है।
  • स्थानहैदराबाद डिवीजन को नए ऐप के लिए पायलट साइट के रूप में नामित किया गया है।
  • तथ्ययह ऐप तीन मुख्य सेवाएँ प्रदान करता है: ऑनलाइन बुकिंग, डिजिटल पेमेंट्स और रियल-टाइम ट्रैकिंग।
  • संस्थाIIM-बेंगलुरु फ्रेट लॉजिस्टिक्स मार्केट स्टडी के लिए एकेडमिक पार्टनर है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: रेलवे लॉजिस्टिक्स के डिजिटलीकरण से भारत की बहु-आयामी परिवहन दक्षता (multimodal transport efficiency) किस प्रकार सुदृढ़ हो सकती है और यह 'गति शक्ति' ढांचे में किस प्रकार योगदान दे सकती है, चर्चा कीजिए।

  • लॉजिस्टिक्स दक्षता: मैनुअल प्रोसेसिंग में देरी में कमी और रियल-टाइम ट्रैकिंग के जरिए बेहतर लास्ट-माइल कनेक्टिविटी
  • डेटा-आधारित पॉलिसी: फ्रेट कॉरिडोर को बेहतर बनाने के लिए IIM-बेंगलुरु जैसे संस्थानों के मार्केट स्टडीज का इस्तेमाल
  • डिजिटल इनक्लूजन: इंटीग्रेटेड डिजिटल पेमेंट गेटवे के जरिए MSMEs के लिए छोटे पार्सल मूवमेंट को आसान बनाना

मुख्य शब्द: लॉजिस्टिक्स दक्षता · डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन · मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट · लास्ट-माइल कनेक्टिविटी · फ्रेट लॉजिस्टिक्स

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

राज्य सरकार की कैबिनेट ने 31 मार्च तक हैदराबाद मेट्रो रेल के पहले चरण के संचालन और रखरखाव (Operation and Maintenance) को अपने हाथ में लेने की मंजूरी दी है

चर्चा में क्यों: राज्य सरकार की कैबिनेट ने 31 मार्च तक हैदराबाद मेट्रो रेल के पहले चरण के संचालन और रखरखाव (Operation and Maintenance) को अपने हाथ में लेने की मंजूरी दी है।

कैबिनेट ने अनुबंध और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों सहित 7.56 लाख से अधिक कर्मचारियों के लिए एक स्वास्थ्य बीमा योजना को मंजूरी दी है। कैबिनेट ने एक नया माध्यमिक स्वास्थ्य निदेशालय (Directorate of Secondary Health) स्थापित करने और मंजिरा एवं ओस्मानसागर से पानी की आपूर्ति करने वाली पाइपलाइनों के नवीनीकरण का भी निर्णय लिया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यराज्य सरकार ने 7.56 लाख से अधिक कर्मचारियों के लिए एक हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम को मंजूरी दी।
  • स्थानमंजीरा और ओस्मानसागर उन जल पाइपलाइनों के स्रोत हैं जिन्हें नवीनीकरण (renovation) किया जाना है।
  • तथ्यहैदराबाद मेट्रो रेल के पहले फेज का टेकओवर पूरा करने की डेडलाइन 31 मार्च है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: सार्वजनिक सेवा वितरण और कर्मचारी कल्याण को बढ़ाने में राज्य-आधारित बुनियादी ढांचा प्रबंधन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के महत्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • राजकोषीय स्थिरता: मेट्रो रखरखाव की लागत और राज्य द्वारा वित्तपोषित स्वास्थ्य बीमा के विस्तार के बीच संतुलन
  • प्रशासनिक विकेंद्रीकरण: ग्रामीण-शहरी स्वास्थ्य समानता पर माध्यमिक स्वास्थ्य के समर्पित निदेशालय का प्रभाव

मुख्य शब्द: सार्वजनिक बुनियादी ढांचा · कर्मचारी कल्याण · सामाजिक सुरक्षा · राज्य शासन · अर्बन मोबिलिटी

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फोरम फॉर पीपल्स कलेक्टिव एफर्ट्स (FPCE) ने RERA-कर्नाटक पर केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय की रिपोर्ट की आलोचना की है

चर्चा में क्यों: फोरम फॉर पीपल्स कलेक्टिव एफर्ट्स (FPCE) ने RERA-कर्नाटक पर केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय की रिपोर्ट की आलोचना की है।

केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, RERA-कर्नाटक ने शिकायतों के निपटान में 80% की प्रगति हासिल की है। हालांकि, राज्य में रेवेन्यू रिकवरी सर्टिफिकेट (Revenue Recovery Certificates) से वसूली की दर संख्या के आधार पर केवल 8.24% और मूल्य के आधार पर 9.81% है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाRERA: रियल एस्टेट (Regulation and Development) Act, 2016।
  • तथ्यRERA-कर्नाटक शिकायत निपटान की प्रगति: 80%।
  • तथ्यRERA-कर्नाटक की रेवेन्यू रिकवरी सर्टिफिकेट्स (Revenue Recovery Certificates) से रिकवरी रेट: 8.24% (संख्या) और 9.81% (वैल्यू)।
  • योजनाFPCE ने एक नेशनल RERA पोर्टल का प्रस्ताव दिया है ताकि वास्तविक रिकवरी और रिफंड की राशि प्रदर्शित होने तक मामलों को ट्रैक किया जा सके।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में गृह खरीदारों के लिए प्रभावी शिकायत निवारण और वित्तीय वसूली सुनिश्चित करने में वर्तमान रेरा (RERA) ढांचे की सीमाओं का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • एन्फोर्समेंट गैप: न्यायिक आदेश जारी होने और डिफॉल्टिंग डेवलपर्स से फंड की वास्तविक वसूली के बीच अंतर
  • पारदर्शिता की कमी: रिफंड स्टेटस को ट्रैक करने के लिए कोई सेंट्रलाइज्ड नेशनल पोर्टल नहीं
  • रेगुलेटरी बॉटलनैक: नियमों का पालन न करने वाली संस्थाओं को दंडित करने के लिए रेवेन्यू रिकवरी सर्टिफिकेट्स का अप्रभावी इस्तेमाल

मुख्य शब्द: शिकायत निवारण · रेगुलेटरी ओवरसाइट · जवाबदेही · पारदर्शिता · रियल एस्टेट गवर्नेंस

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केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने छात्रवृत्ति के दिशा-निर्देशों में संशोधन किया है

चर्चा में क्यों: केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने छात्रवृत्ति के दिशा-निर्देशों में संशोधन किया है, ताकि छात्र अलग-अलग सरकारी एजेंसियों से कल्याण-आधारित (welfare-based) और योग्यता-आधारित (merit-based) छात्रवृत्ति एक साथ प्राप्त कर सकें।

इस संशोधन का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के बच्चों को उच्च शिक्षा में सहायता प्रदान करना है, जिससे प्रतिवर्ष एक लाख से अधिक लाभार्थियों को लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त, मंत्रालय ने निष्क्रिय EPFO खातों से ₹30.52 करोड़ खाताधारकों या उनके कानूनी उत्तराधिकारियों को वापस करने की घोषणा की है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यस्कॉलरशिप संशोधन से सालाना एक लाख से अधिक लाभार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
  • तथ्यमंत्रालय निष्क्रिय EPFO खातों में ₹30.52 करोड़ वापस करेगा।
  • संस्थायूनियन लेबर मिनिस्ट्री (Union Labour Ministry) वह संस्था है जो स्कॉलरशिप और EPFO रिफंड पहल के लिए जिम्मेदार है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति की पात्रता का विस्तार भारत में सामाजिक गतिशीलता और मानव पूंजी निर्माण में किस प्रकार योगदान दे सकता है, चर्चा कीजिए।

  • इनक्लूजन गैप: उच्च शिक्षा तक पहुँचने में अनऑर्गेनाइज्ड सेक्टर के सामने आने वाली वित्तीय बाधाओं को दूर करना
  • राजकोषीय तालमेल: छात्र सहायता को अधिकतम करने के लिए कल्याणकारी और योग्यता-आधारित योजनाओं के बीच ओवरलैपिंग फायदों की संभावना

मुख्य शब्द: अनऑर्गेनाइज्ड सेक्टर · मानव पूंजी · सामाजिक गतिशीलता · स्कॉलरशिप स्कीम्स · वित्तीय समावेशन

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एसोसिएशन ऑफ बायोटेक्नोलॉजी-लेड एंटरप्राइजेज (ABLE) ने एक रिपोर्ट जारी की है

चर्चा में क्यों: एसोसिएशन ऑफ बायोटेक्नोलॉजी-लेड एंटरप्राइजेज (ABLE) ने एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें कहा गया है कि कर्नाटक की बायोइकोनॉमी (bioeconomy) भारत की राष्ट्रीय बायोइकोनॉमी में एक-तिहाई से अधिक का योगदान देती है।

2025 में कर्नाटक की बायोइकोनॉमी (Bioeconomy) का मूल्य 39.2 बिलियन डॉलर आंका गया। यह राज्य भारत की कुल बायोइकोनॉमी में 20.63% का योगदान देता है, जबकि यह राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) का 10.51% हिस्सा है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यकर्नाटक की बायोइकोनॉमी वैल्यू: 2025 में $39.2 बिलियन।
  • तथ्यभारत की बायोइकोनॉमी (bioeconomy) में कर्नाटक का योगदान: 20.63%।
  • तथ्यकर्नाटक का GSDP में हिस्सा: 10.51%।
  • संस्थाABLE: एसोसिएशन ऑफ बायोटेक्नोलॉजी-लेड एंटरप्राइजेज।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की जैव-अर्थव्यवस्था (bioeconomy) को गति देने में राज्य-संचालित जैव-प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र की भूमिका और इस क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी-अकादमिक सहयोग के महत्व का विश्लेषण कीजिए।

  • सेक्टोरल डाइवर्सिफिकेशन: बायोफार्मास्युटिकल प्रोडक्शन से व्यापक बायोइंडस्ट्रियल और बायोसर्विसेज इंटीग्रेशन की ओर बदलाव
  • इन्वेस्टमेंट डायनेमिक्स: हाई-टेक बायोलॉजिकल रिसर्च के लिए कैपिटल जुटाने हेतु फलते-फूलते स्टार्टअप इकोसिस्टम का लाभ उठाना

मुख्य शब्द: बायोइकोनॉमी · बायोफार्मास्युटिकल उत्पादन · जीएसडीपी · बायोटेक इकोसिस्टम · पब्लिक-प्राइवेट कोलैबोरेशन

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कार्य घंटों में वृद्धि और हड़ताल पर प्रतिबंधों को लेकर जताई गई चिंताओं के बाद

चर्चा में क्यों: कार्य घंटों में वृद्धि और हड़ताल पर प्रतिबंधों को लेकर जताई गई चिंताओं के बाद, कर्नाटक सरकार ने चार केंद्रीय लेबर कोड्स (Labour Codes) के ड्राफ्ट नियमों को अंतिम रूप देने के लिए त्रिपक्षीय समितियां बनाई हैं।

इन समितियों में श्रम विभाग, ट्रेड यूनियन और नियोक्ताओं के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। सरकार द्वारा अंतिम अधिसूचना जारी करने से पहले, इन समितियों को ड्राफ्ट नियमों पर प्राप्त फीडबैक का विश्लेषण करने का कार्य सौंपा जाता है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यकर्नाटक सरकार ने लेबर कोड (Labour Code) के नियमों के लिए ट्रिपार्टाइट कमेटियों (tripartite committees) का गठन किया।
  • संस्थाTripartite committees में लेबर डिपार्टमेंट, ट्रेड यूनियंस और एम्प्लॉयर्स के प्रतिनिधि शामिल होते हैं।
  • तथ्यड्राफ्ट नियमों में काम के घंटों को बढ़ाने और हड़ताल के अधिकार को प्रतिबंधित करने के प्रस्ताव शामिल हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में नए श्रम संहिताओं (Labour Codes) के कार्यान्वयन के संदर्भ में औद्योगिक उत्पादकता और श्रमिकों के अधिकारों के बीच संतुलन स्थापित करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • लेबर राइट्स बनाम प्रोडक्टिविटी: वर्किंग आवर्स बढ़ाने और वर्कर्स के कल्याण और सुरक्षा के बीच संतुलन
  • कलेक्टिव बारगेनिंग: ट्रेड यूनियन के प्रभाव और इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट रिज़ॉल्यूशन पर सीमित हड़ताल अधिकारों का असर

मुख्य शब्द: त्रिपक्षीय परामर्श · लेबर कोड · औद्योगिक संबंध · सामूहिक सौदेबाजी · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क

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भारत और फ्रांस ने कराधान (Taxation) में स्पष्टता प्रदान करने और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए अपने द्विपक्षीय कर बचाव समझौते (Double Taxation Avoidance Agreement

चर्चा में क्यों: भारत और फ्रांस ने कराधान (Taxation) में स्पष्टता प्रदान करने और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए अपने द्विपक्षीय कर बचाव समझौते (Double Taxation Avoidance Agreement - DTAA) के संशोधन प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए हैं।

यह संशोधन प्रोटोकॉल लाभांश (dividends) और पूंजीगत लाभ (capital gains) से होने वाली आय पर लगने वाले टैक्स में बदलाव करता है। यह 'तकनीकी सेवाओं के लिए शुल्क' (Fees for Technical Services) और 'स्थायी प्रतिष्ठान' (Permanent Establishment) को परिभाषित करता है। इसके साथ ही, यह कर संग्रह में सहायता के लिए एक नया अनुच्छेद जोड़ता है और सूचनाओं के आदान-प्रदान (exchange of information) से संबंधित प्रावधानों को अपडेट करता है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यअब कैपिटल गेन्स (Capital gains) पर टैक्स कंपनी की रेजिडेंसी (Residency) के आधार पर लगाया जाएगा।
  • तथ्ययह प्रोटोकॉल टैक्स के उद्देश्यों के लिए 'Fees for Technical Services' और 'Permanent Establishment' को परिभाषित करता है।
  • तथ्यइस समझौते में टैक्स कलेक्शन (tax collection) में सहायता के लिए विशेष रूप से एक नया आर्टिकल (Article) शामिल है।
  • तथ्यइन संशोधनों पर प्रेसिडेंट मैक्रॉन की भारत यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किए गए थे।
मेन्स के लिए

प्रश्न: यह चर्चा कीजिए कि द्विपक्षीय दोहरा कराधान परिहार समझौते (DTAAs) व्यापारिक भागीदारों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने और राजकोषीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उपकरणों के रूप में किस प्रकार कार्य करते हैं।

  • राजकोषीय निश्चितता: क्रॉस-बॉर्डर निवेश को बढ़ावा देने के लिए डिविडेंड और कैपिटल गेन्स टैक्स की अस्पष्टता को कम करना
  • सूचना की सत्यता: अवैध वित्तीय प्रवाह और टैक्स चोरी को रोकने के लिए सूचनाओं के आदान-प्रदान को मजबूत करना
  • रेगुलेटरी अलाइनमेंट: कॉर्पोरेट कंप्लायंस को आसान बनाने के लिए 'परमानेंट एस्टेब्लिशमेंट' की परिभाषाओं को मानकीकृत करना

मुख्य शब्द: डबल टैक्सेशन अवॉइडेंस एग्रीमेंट · कैपिटल गेन्स टैक्स · स्थायी प्रतिष्ठान · राजकोषीय पारदर्शिता · द्विपक्षीय व्यापार · टैक्स कलेक्शन असिस्टेंस

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