यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के कृषि भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 545 नोट्स, रोज़ अपडेट।
पाठ्यक्रम के विषय: फसल पैटर्न एवं सिंचाई (220) · पशुपालन, मत्स्य पालन एवं संबद्ध क्षेत्र (97) · MSP, खरीद, PDS एवं खाद्य सुरक्षा (96) · भूमि सुधार (69) · खाद्य प्रसंस्करण एवं आपूर्ति श्रृंखला (40) · कृषि सब्सिडी एवं सहायता (23)
चर्चा में क्यों: केरल के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री जी.आर. अनिल ने खाद्य सब्सिडी के वितरण को सुव्यवस्थित करने के लिए प्राथमिकता वाले राशन कार्डों के लिए ऑनलाइन आवेदन की समय सीमा को 24 फरवरी तक बढ़ाने की घोषणा की है।
केरल सरकार को प्राथमिकता वाले राशन कार्ड (Priority Ration Card) पहल के आठवें चरण के दौरान 50,300 आवेदन प्राप्त हुए। इस योजना की शुरुआत से अब तक, अंत्योदय अन्न योजना (AAY) और प्राथमिकता वाले घरेलू (PHH) कार्डों सहित कुल 6,03,845 राशन कार्डों का पुनर्वर्गीकरण (Reclassification) किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यकेरल में प्रायोरिटी राशन कार्ड (Priority Ration Card) पहल के आठवें चरण के दौरान 50,300 आवेदन प्राप्त हुए।
तथ्यइस पहल की शुरुआत से अब तक 6,03,845 से अधिक राशन कार्ड्स को पुनर्वर्गीकृत (reclassified) किया गया है।
पदजी.आर. अनिल केरल के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में संवेदनशील आबादी के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में लक्षित खाद्य सब्सिडी वितरण प्रणालियों के महत्व पर चर्चा कीजिए।
डेटा इंटीग्रिटी: लीकेज रोकने के लिए सटीक लाभार्थी सूची बनाए रखने में चुनौतियां
समावेशी अंतर: कार्ड रीक्लासिफिकेशन के दौरान AAY और PHH श्रेणियों की जरूरतों में संतुलन
मुख्य शब्द: खाद्य सुरक्षा · लक्षित सब्सिडी · सार्वजनिक वितरण प्रणाली · डेटा शुद्धिकरण · सोशल सेफ्टी नेट
चर्चा में क्यों: कोलार जिले की ग्राम पंचायतों ने मुंबई क्लाइमेट वीक 2026 में राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है। इन पंचायतों ने जिला विकास योजनाओं में वन क्षेत्र और जैविक खेती जैसी जलवायु-अनुकूल प्राथमिकताओं को सफलतापूर्वक शामिल किया है।
कोलार के एक ग्राम पंचायत सदस्य सूर्यनारायण राव ने जलवायु कार्रवाई (Climate Action) में स्थानीय नेतृत्व की सफलता को प्रस्तुत किया। इस पहल के अंतर्गत संकटों के दस्तावेजीकरण और 2026-27 के विकास प्रस्तावों के लिए 13 प्रस्तावों को अपनाने हेतु छह तालुकों के बीच सहयोग शामिल था।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यकोलर जिले की 154 ग्राम पंचायतें वर्तमान में विकास योजनाओं में क्लाइमेट-रिस्पॉन्सिव (climate-responsive) प्राथमिकताओं को शामिल कर रही हैं।
स्थानकोलर जिला क्लाइमेट-रिस्पॉन्सिव पंचायत (climate-responsive panchayat) पहल का प्राथमिक स्थान है।
तथ्यइस पहल के परिणामस्वरूप जिला-स्तरीय पंचायत सम्मेलन में 13 प्रस्ताव (resolutions) अपनाए गए।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से विकेंद्रीकृत शासन किस प्रकार भारत में स्थानीय जलवायु भेद्यता को प्रभावी ढंग से संबोधित कर सकता है और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा दे सकता है, इस पर चर्चा कीजिए।
संस्थागत तालमेल: जिला विकास योजनाओं और बजट आवंटन में जलवायु लक्ष्यों का एकीकरण
सामुदायिक नेतृत्व वाला संरक्षण: विशिष्ट पारिस्थितिक संकटों के दस्तावेजीकरण और जैविक खेती अपनाने में स्थानीय नेतृत्व की सफलता
मुख्य शब्द: विकेंद्रीकृत शासन · क्लाइमेट रेजिलिएंस · पंचायती राज संस्थाएं · सतत कृषि · स्थानीय नेतृत्व
चर्चा में क्यों: केरल सरकार ने इस क्षेत्र को पुनर्जीवित करने और उत्पादकों के लिए उचित कीमतें सुनिश्चित करने के उद्देश्य से घरेलू कच्चे काजू (RCN) के लिए ₹150 प्रति किलोग्राम की रिकॉर्ड कीमत तय की है।
₹150 प्रति किलोग्राम की कीमत कृषि विभाग के प्रधान सचिव बी. अशोक की अध्यक्षता वाली एक समिति द्वारा निर्धारित की गई थी। KSCDC और CAPEX जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों को किसानों से सीधे खरीद करने का कार्य सौंपा गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यकेरल सरकार द्वारा घरेलू रॉ काजू नट्स (RCN) के लिए ₹150 प्रति किलोग्राम की रिकॉर्ड कीमत तय की गई।
संस्थाकेरल स्टेट काजू डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (KSCDC) और केरल स्टेट काजू वर्कर्स एपेक्स इंडस्ट्रियल को-ऑपरेटिव सोसाइटी (CAPEX) को प्रोक्योरमेंट (procurement) का कार्य सौंपा गया है।
पदबी. अशोक केरल में कृषि विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी और एग्रीकल्चरल प्रोडक्शन कमिश्नर के रूप में कार्यरत हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बागानी फसलों के क्षेत्र में मूल्य स्थिरता और किसान कल्याण सुनिश्चित करने में राज्य-आधारित मूल्य हस्तक्षेप और प्रत्यक्ष खरीद मॉडलों के महत्व पर चर्चा कीजिए।
मार्केट डिस्टॉर्शन: कृत्रिम प्राइस फ्लोर बनाने का जोखिम जो लॉन्ग-टर्म मार्केट कॉम्पिटिटिवनेस को प्रभावित कर सकता है
संस्थागत भूमिका: उत्पादकों और औद्योगिक प्रोसेसर्स के बीच की दूरी कम करने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को मजबूत करना
मुख्य शब्द: प्राइस इंटरवेंशन · डायरेक्ट प्रोक्योरमेंट · किसान कल्याण · मार्केट स्टेबलाइजेशन · सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम
चर्चा में क्यों: केरल के राजस्व मंत्री के. राजन ने त्रिशूर जिले में 6,794 वन भूमि के टाइटल (titles) के वितरण की घोषणा की है। यह लंबे समय से लंबित भूमि अधिकारों को सुलझाने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।
केरल सरकार ने त्रिशूर जिले में 6,794 वन भूमि के टाइटल (titles) वितरित किए। इस पहल के तहत वन बस्तियों को राजस्व गांवों में परिवर्तित किया गया और अधूरे दस्तावेजों के कारण रुके हुए पट्टा टाइटल्स के वितरण में तेजी लाई गई।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यत्रिशूर जिले में 6,794 फॉरेस्ट लैंड टाइटल्स (forest land titles) वितरित किए गए।
स्थानत्रिशूर केरल राज्य का एक जिला है।
पदके. राजन केरल के रेवेन्यू मिनिस्टर हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वन भूमि के स्वामित्व को नियमित करने में आने वाली चुनौतियों और वन बस्तियों को राजस्व गाँवों में परिवर्तित करने के पारिस्थितिक संरक्षण पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
इकोलॉजिकल ट्रेड-ऑफ: ऐतिहासिक भूमि अधिकारों और वन क्षेत्र व जैव विविधता के संरक्षण के बीच संतुलन
प्रशासनिक बाधा: अधूरे ऐतिहासिक दस्तावेज़ों को आधुनिक लैंड रिकॉर्ड्स के साथ मिलाने की जटिलता
मुख्य शब्द: भूमि स्वामित्व · पट्टा वितरण · राजस्व प्रशासन · वन भूमि का परिवर्तन · भूमि अधिकार
चर्चा में क्यों: आंध्र प्रदेश के राजस्व मंत्री ने गरीब भूस्वामियों को लाभ पहुँचाने के लिए 22A प्रतिबंधित सूची (prohibited list) से पात्र निजी जमीनों को हटाने हेतु एक सरल प्रक्रिया और विशेष अभियान की घोषणा की है।
आंध्र प्रदेश सरकार ने 22A प्रतिबंधित सूची (prohibited list) से निजी भूमि की पांच श्रेणियों को हटाने की अनुमति देते हुए एक मेमो जारी किया है। इन श्रेणियों को हटाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए प्रभारी मंत्रियों और जिला कलेक्टरों की भागीदारी से एक विशेष अभियान शुरू किया जाएगा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्य22A लिस्ट: आंध्र प्रदेश में भूमि लेनदेन (land transactions) से संबंधित एक प्रतिबंधित सूची।
पदअनागनी सत्य प्रसाद: आंध्र प्रदेश में रेवेन्यू, रजिस्ट्रेशन और स्टैम्प्स के मंत्री।
पदएन. चंद्रबाबू नायडू: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भूमि-अधिकार संबंधी प्रतिबंधों को सरल बनाना किस प्रकार समावेशी विकास को सुगम बनाने और ग्रामीण गरीबी को कम करने में सहायक हो सकता है, जबकि साथ ही सार्वजनिक हित की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए? चर्चा कीजिए।
प्रशासनिक अड़चन: ज़मीन के रिकॉर्ड अपडेट होने में देरी से पिछड़े किसानों के लिए एसेट मोनेटाइजेशन में बाधा
रेगुलेटरी बैलेंस: व्यक्तिगत संपत्ति अधिकारों और अवैध भूमि अतिक्रमण रोकने की राज्य की ज़रूरत के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: भूमि स्वामित्व · समावेशी विकास · प्रशासनिक सरलीकरण · ग्रामीण गरीबी · जनहित
चर्चा में क्यों: बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने घोषणा की है कि पंजीकरण की कमी के कारण किसानों को योजनाओं का लाभ नहीं दिया जाएगा। साथ ही, उन्होंने 'AgriStack' पहल की प्रगति के बारे में भी जानकारी साझा की।
एग्रीस्टैक (AgriStack) पहल के तहत बिहार के 45 लाख किसानों के लिए विशिष्ट आईडी (Unique IDs) बनाई गई हैं, जो राज्य के लक्ष्य का 52% है। इस रजिस्ट्री को केंद्र और राज्य की कृषि योजनाओं तक पहुंच को सरल बनाने के लिए तैयार किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यAgriStack: फरवरी 2026 तक बिहार में 45 लाख किसानों के लिए यूनिक ID बनाए गए।
तथ्यAgriStack कवरेज: बिहार में लक्ष्य का 52%।
योजनाAgriStack: किसानों को यूनिक ID प्रदान करने की एक पहल ताकि कृषि योजनाओं तक पहुंच को सुव्यवस्थित (streamline) किया जा सके।
मेन्स के लिए
प्रश्न: एग्रीस्टैक (AgriStack) जैसे डिजिटल पहचान ढांचे किस प्रकार कृषि सब्सिडी वितरण की दक्षता में वृद्धि कर सकते हैं और साथ ही हाशिए पर रहने वाले किसानों के लिए समावेशिता सुनिश्चित कर सकते हैं, इस पर चर्चा कीजिए।
डिजिटल डिवाइड: सीमित तकनीकी पहुंच या साक्षरता के कारण छोटे किसानों के बाहर होने का जोखिम
डेटा इंटीग्रिटी: उर्वरकों की कालाबाजारी और लीकेज रोकने के लिए सटीक किसान प्रोफाइलिंग सुनिश्चित करना
प्रशासनिक टकराव: अनिवार्य रजिस्ट्रेशन की शर्तों और आपातकालीन कृषि सहायता की तत्काल ज़रूरत के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: एग्रीस्टैक · डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर · सब्सिडी लीकेज · समावेशी विकास · कृषि शासन
चर्चा में क्यों: गोदावरी डेल्टा में सिंचाई और जल आपूर्ति को बनाए रखने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार ने दोलेस्वराम बैराज (Dowleswaram Barrage) के गेटों को बदलने के लिए ₹150.09 करोड़ स्वीकृत किए हैं।
डौलेश्वरम बैराज (Dowleswaram Barrage) गोदावरी डेल्टा में 10.13 लाख एकड़ क्षेत्र की सिंचाई करता है। सरकार ने गेटों को बदलने के लिए ₹150.09 करोड़ और बाढ़ प्रबंधन एवं संरचनात्मक चिंताओं के लिए अतिरिक्त ₹13.4 करोड़ आवंटित किए हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यडौलेश्वरम बैराज (Dowleswaram Barrage) गोदावरी डेल्टा में 10.13 लाख एकड़ क्षेत्र की सिंचाई करता है।
तथ्यडौलेसवरम बैराज (Dowleswaram Barrage) के गेट्स को बदलने के लिए ₹150.09 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।
तथ्यगोदावरी डेल्टा में बाढ़ प्रबंधन और संरचनात्मक चिंताओं (structural concerns) के लिए ₹13.4 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
विज्ञान-तकनीकबाढ़ प्रबंधन के लिए एरियल LiDAR सर्वे और डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) की योजना बनाई गई है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: गोदावरी डेल्टा जैसे डेल्टाई क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और बाढ़ के जोखिमों के प्रबंधन में सिंचाई बुनियादी ढांचे के महत्व की चर्चा कीजिए।
इंफ्रास्ट्रक्चर रेजिलिएंस: मेंटेनेंस के दौरान बिना रुकावट पानी की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए स्टॉप-लॉग गेट्स पर ट्रांज़िशन
मुख्य शब्द: सिंचाई बुनियादी ढांचा · बाढ़ प्रबंधन · डेल्टिक कृषि · जल संसाधन प्रबंधन
चर्चा में क्यों: तमिलनाडु के कृषि और किसान कल्याण मंत्री एम.आर.के. पन्नेरसेल्बम ने घोषणा की है कि राज्य ने 2024-25 में दोहरी फसल वाले क्षेत्र (double-cropped area) में 2 लाख हेक्टेयर की वृद्धि करके खेती योग्य भूमि में हो रही गिरावट को उलट दिया है।
तमिलनाडु सरकार ने अपने कृषि बजट को वर्ष 2021-22 के ₹34,220 करोड़ से बढ़ाकर वर्ष 2025-26 के लिए ₹45,661 करोड़ कर दिया है। राज्य सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए एग्रोफोरेस्ट्री (Agroforestry) पहल और जल एवं भूमि संसाधन सुधार योजनाओं को लागू किया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यतमिलनाडु का कृषि बजट ₹34,220 करोड़ (2021-22) से बढ़कर ₹45,661 करोड़ (2025-26) हो गया है।
तथ्यतमिलनाडु में डबल-क्रॉपेड एरिया (Double-cropped area) 2024-25 के दौरान 2 लाख हेक्टेयर बढ़ गया।
योजनातमिलनाडु में एग्रोफोरेस्ट्री (Agroforestry) पहल और जल/भूमि संसाधन सुधार योजनाएं लागू की गईं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में कृषि योग्य भूमि पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में राज्य-आधारित राजकोषीय हस्तक्षेपों और कृषि-वानिकी (एग्रोफोरेस्ट्री) की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
क्लाइमेट रेजिलिएंस: डबल-क्रॉपिंग और एग्रोफोरेस्ट्री मॉडल के जरिए भूमि क्षरण को रोकना
राजकोषीय रणनीति: बजट आवंटन में बढ़ोतरी और ग्रामीण भूमि संसाधनों में सुधार के बीच संबंध
मुख्य शब्द: दोहरी फसल · एग्रोफोरेस्ट्री · क्लाइमेट रेजिलिएंस · राजकोषीय आवंटन · सतत कृषि
चर्चा में क्यों: पारंपरिक कपड़ा क्षेत्र को पुनर्जीवित करनेके लिए आंध्र प्रदेश सरकार ने 1 अप्रैल, 2026 से हथकरघा और पावर-लूम इकाइयों को मुफ्त बिजली प्रदान करने की एक योजना की घोषणा की है।
यह योजना बुनकरों को प्रति माह 200 यूनिट तक और पावर-लूम इकाइयों को 500 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान करती है। इसका उद्देश्य आंध्र प्रदेश में एक लाख से अधिक बुनकर परिवारों को लाभान्वित करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यआंध्र प्रदेश के हैंडलूम बुनकरों को प्रति माह 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली के लिए पात्र बनाया गया है।
तथ्यआंध्र प्रदेश में पावर-लूम यूनिट्स प्रति माह 500 यूनिट तक मुफ्त बिजली के लिए पात्र हैं।
स्थानइस योजना को आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा लागू किया जा रहा है।
तथ्यइस पहल का उद्देश्य एक लाख से अधिक बुनाई करने वाले परिवारों को लाभ पहुँचाना है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वस्त्र उद्योग के लिए राज्य-संचालित बिजली सब्सिडी किस प्रकार पारंपरिक शिल्प के संरक्षण और औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता की आवश्यकता के बीच संतुलन स्थापित कर सकती है, इसका विश्लेषण कीजिए।
इनपुट लागत में कमी: हैंडलूम उत्पादों की ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ाने के लिए बिजली के ओवरहेड्स कम करना
राजकोषीय स्थिरता: पारंपरिक बुनाई क्लस्टर्स को पुनर्जीवित करने के दीर्घकालिक आर्थिक लाभों के मुकाबले राज्य के राजकोषीय घाटे को संतुलित करना
मुख्य शब्द: सब्सिडी · पारंपरिक शिल्प · औद्योगिक नीति · ग्रामीण आजीविका · राजकोषीय संघवाद
चर्चा में क्यों: ऑस्ट्रेलियाई क्षेत्र, हर्ड आइलैंड (Heard Island) पर रहने वाले जेंटू पेंगुइन (Gentoo penguins) ऑस्ट्रेलिया में H5N1 बर्ड फ्लू से संक्रमित होने वाले पहले पक्षी बन गए हैं। इस घटना के बाद वन्यजीवों के संरक्षण को बढ़ाने की मांग की जा रही है।
H5N1 वायरस अब हर्ड आइलैंड (Heard Island) पर सील्स से जेंटू पेंगुइन (Gentoo penguins) तक फैल गया है। बर्डलाइफ ऑस्ट्रेलिया (BirdLife Australia) के प्रोफेसर ह्यू पॉसिंगम ने सरकार से सुरक्षा बढ़ाने का आग्रह किया है, क्योंकि यह वायरस वैश्विक वन्यजीवों को भारी नुकसान पहुँचा रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पर्यावरणजेंटू पेंगुइन (Gentoo penguins): हर्ड आइलैंड (Heard Island) पर H5N1 से प्रभावित प्रजाति।
स्थानहर्ड आइलैंड (Heard Island): सब-अंटार्कटिक (sub-Antarctic) क्षेत्र में स्थित एक ऑस्ट्रेलियाई क्षेत्र।
तथ्यH5N1: सील्स से पेंगुइन्स में फैलने वाला एक घातक बर्ड फ्लू वायरस।
मेन्स के लिए
प्रश्न: द्वीपीय और तटीय पारिस्थितिक तंत्रों में जैव विविधता और पशुधन क्षेत्र पर ज़ूनोटिक एवियन इन्फ्लूएंज़ा के पारिस्थितिक और आर्थिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
पारिस्थितिक जोखिम: समुद्री-स्थलीय इंटरफेस के जरिए तेजी से फैलने की संभावना और स्थानिक प्रजातियों का नुकसान
बायोसिक्योरिटी गैप: दूरस्थ सब-अंटार्कटिक क्षेत्रों की निगरानी और रैपिड रिस्पॉन्स में सीमाएं
मुख्य शब्द: ज़ूनोटिक बीमारी · बायोसिक्योरिटी · जैव विविधता संरक्षण · एवियन इन्फ्लुएंजा · वन हेल्थ
चर्चा में क्यों: महाराष्ट्र सरकार ने जलवायु परिवर्तन से जुड़े कृषि संकट और किसानों की आत्महत्याओं के मुद्दों को हल करने के लिए कृषि आयुक्त सूरज मंधारे के नेतृत्व में 10 सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन किया है।
कार्य बल (Task Force) को संकट के कारकों का अध्ययन करने, आत्महत्या रोकथाम कार्यक्रमों को एकीकृत करने और मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान करने का कार्य सौंपा गया है। यह NGO के साथ समन्वय स्थापित करते हुए ऋण वितरण, सिंचाई, MSP प्रणाली और फसल बीमा में सुधार के लिए स्थानीय और क्षेत्रीय कार्य योजनाएं विकसित करेगा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदसूरज मंधारे: महाराष्ट्र के एग्रीकल्चर कमिश्नर (Agriculture Commissioner)।
तथ्यटास्क फोर्स में 10 सदस्य शामिल हैं।
स्थानमहाराष्ट्र: टास्क फोर्स (Task Force) बनाने वाला राज्य।
मेन्स के लिए
प्रश्न: जलवायु परिवर्तन किस प्रकार कृषि संकट के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करता है, इसका विश्लेषण कीजिए और भारत में किसानों के लिए सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ करने हेतु उचित उपायों का सुझाव दीजिए।
संस्थागत अंतर: संकट में फंसे किसानों के लिए एकीकृत मानसिक स्वास्थ्य सहायता और इमरजेंसी एक्शन प्लान की कमी
पॉलिसी में टकराव: जलवायु परिवर्तन से फसल खराब होने पर लोन वितरण और फसल बीमा कवरेज में कमियां
स्ट्रक्चरल बॉटलनेक: जलवायु अस्थिरता को कम करने के लिए मौजूदा MSP और सिंचाई इंफ्रास्ट्रक्चर की सीमाएं
मुख्य शब्द: कृषि संकट · क्लाइमेट रेजिलिएंस · आत्महत्या रोकथाम · सेफ्टी नेट · संस्थागत समन्वय
चर्चा में क्यों: आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने AMRUT 2.0 योजना के तहत राजमहेंद्रवरम शहर में पेयजल परियोजना के लिए ₹135 करोड़ की मंजूरी दी है।
इस परियोजना को आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा कुल ₹135 करोड़ की मंजूरी के साथ वित्तपोषित किया गया है। यह अटल मिशन फॉर रिजुविनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन 2.0 (AMRUT) योजना का हिस्सा है, जो कि एक पांच साल की पहल है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
योजनाAMRUT 2.0: सुरक्षित पेयजल और सीवेज मैनेजमेंट (Sewage Management) से संबंधित एक पांच साल की योजना।
तथ्यराजमहेंद्रवरम सिटी के लिए पेयजल परियोजना के लिए ₹135 करोड़ की राशि स्वीकृत है।
संस्थाआवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (Ministry of Housing and Urban Affairs): AMRUT योजना के लिए नोडल मंत्रालय।
स्थानराजमहेंद्रवरम: वह शहर जिसे पीने के पानी की परियोजना (drinking water project) की मंजूरी मिली है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय शहरों में जल और स्वच्छता से संबंधित सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने में अमृत (AMRUT) 2.0 जैसी शहरी बुनियादी ढांचा योजनाओं की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
शहरी-ग्रामीण असमानता: टियर-2 और टियर-3 शहरों में जल बुनियादी ढांचे का समान वितरण सुनिश्चित करना
राजकोषीय संघवाद: लंबे समय तक रखरखाव के लिए नगर निकायों की परिचालन क्षमता के साथ केंद्र की फंडिंग को संतुलित करना
मुख्य शब्द: शहरी परिवर्तन · जल सुरक्षा · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · सार्वजनिक स्वास्थ्य · सतत विकास
चर्चा में क्यों: तेलंगाना सरकार ने किसानों द्वारा खाद की जमाखोरी और घबराहट में खरीदारी (panic buying) को रोकने के लिए यूरिया उर्वरक के वितरण को सुव्यवस्थित करने हेतु एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया है।
यह ऐप किसानों को भूमि स्वामित्व, फसल के प्रकार और एकड़ के आधार पर यूरिया की मात्रा बुक करने की सुविधा प्रदान करता है। 14 फरवरी तक, इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 50 लाख से अधिक बोरी यूरिया बुक की जा चुकी है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्य14 फरवरी तक ऐप के जरिए 50 लाख से अधिक यूरिया बैग बुक किए गए।
तथ्यबुकिंग के मापदंडों में भूमि स्वामित्व, फसल का प्रकार और एकड़ शामिल हैं।
संस्थायह मोबाइल ऐप उर्वरक वितरण के लिए तेलंगाना सरकार की एक पहल है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: उर्वरक वितरण में डिजिटल हस्तक्षेप किस प्रकार बाजार की विकृतियों को कम कर सकते\ सकते हैं और लघु एवं सीमांत किसानों के लिए कृषि इनपुट्स तक समान पहुंच सुनिश्चित कर सकते हैं, इस पर चर्चा कीजिए।
डेटा इंटीग्रिटी: धोखाधड़ी से बचने के लिए सटीक भूमि रिकॉर्ड और फसल डेटा सुनिश्चित करना
लॉजिस्टिक बॉटलनेक: रियल-टाइम डिजिटल डिमांड और फिजिकल सप्लाई चेन की बाधाओं के बीच संतुलन
डिजिटल डिवाइड: कम स्मार्टफोन पहुंच वाले दूरदराज के इलाकों में किसानों के लिए एक्सेसिबिलिटी की चुनौतियां
मुख्य शब्द: डिजिटल एग्रीकल्चर · सप्लाई चेन मैनेजमेंट · बाज़ार में गड़बड़ी · संसाधन आवंटन · ई-गवर्नेंस
चर्चा में क्यों: तमिलनाडु के स्टेट प्लानिंग कमीशन (SPC) ने राज्य के कृषि क्षेत्र में गंभीर बाधाओं की पहचान की है, जिनमें शुद्ध बोया गया क्षेत्र (net sown area) में गिरावट और सिंचाई में ठहराव शामिल है। इन समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल नीतिगत हस्तक्षेप की आवश्यकता है।
तमिलनाडु के राज्य योजना आयोग (State Planning Commission) ने शुद्ध बोए गए क्षेत्र (net sown area) में गिरावट और परती भूमि (fallow land) में वृद्धि दर्ज की है। आयोग ने फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के लिए मृदा परीक्षण क्षमता के विस्तार और कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं में निवेश करने की सिफारिश की है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थास्टेट प्लानिंग कमीशन (SPC) वह संस्था है जिसने तमिलनाडु में कृषि क्षेत्र की आवश्यकताओं पर प्रकाश डाला।
तथ्यSPC ने तमिलनाडु में शुद्ध बोए गए क्षेत्र (net sown area) में गिरावट और परती भूमि (fallow land) में वृद्धि दर्ज की।
तथ्यकमिश्न ने मिट्टी परीक्षण (soil testing) की क्षमता बढ़ाने और किसानों के लिए एक्सटेंशन सिस्टम (extension systems) को मजबूत करने की सिफारिश की।
मेन्स के लिए
प्रश्न: तमिलनाडु के कृषि क्षेत्र के समक्ष मौजूद संरचनात्मक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और सतत विकास एवं सुदृढ़ता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
संसाधन की कमी: शुद्ध बोया गया क्षेत्र में गिरावट और स्थिर सिंचाई स्रोतों से निपटना
पोस्ट-हार्वेस्ट लॉस: कोल्ड स्टोरेज और मार्केट लिंकेज में इंफ्रास्ट्रक्चर गैप को कम करना
नॉलेज गैप: तकनीकी जानकारी और मिट्टी की जांच फैलाने के लिए एक्सटेंशन सिस्टम को मजबूत करना
मुख्य शब्द: टिकाऊ खेती · कटाई के बाद होने वाला नुकसान · एक्सटेंशन सिस्टम · सिंचाई प्रबंधन · इंफ्रास्ट्रक्चर विकास
चर्चा में क्यों: असम बायो एथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड (ABEPL) ने नुमालीगढ़ में बांस को कच्चे माल के रूप में उपयोग करके दुनिया का पहला कमर्शियल-स्केल 2G बायोएथेनॉल प्लांट स्थापित किया है।
यह प्लांट नुमलीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (NRL) और फिनिश कंपनियों चेम्पोलिस Oy (Chempolis Oy) और फोर्टम (Fortum) का एक संयुक्त उद्यम (Joint Venture) है। इसे हरित बांस से सालाना 49,000 मीट्रिक टन इथेनॉल उत्पादन के लिए डिजाइन किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीक2G बायोइथेनॉल (bioethanol): यह बांस या कृषि अवशेषों जैसे नॉन-फूड बायोमास (non-food biomass) से उत्पादित किया जाता है।
तथ्यABEPL प्लांट की क्षमता: सालाना 49,000 metric tonnes एथेनॉल।
स्थाननुमालिगढ़, असम: दुनिया के पहले कमर्शियल-स्केल 2G बायोएथेनॉल प्लांट (bioethanol plant) का स्थान, जो बांस का उपयोग करता है।
संस्थाABEPL: नुमलीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (NRL), चेम्पोलिस ओय (Chempolis Oy) और फोर्टम (Fortum) के बीच एक जॉइंट वेंचर (Joint venture)।
मेन्स के लिए
प्रश्न: गैर-खाद्य जैवभार (non-food biomass) से 2G बायोइथेनॉल उत्पादन की ओर बढ़ते कदम भारत की ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु लक्ष्यों में किस प्रकार योगदान दे सकते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
फीडस्टॉक लॉजिस्टिक्स: बांस की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 300-किमी के दायरे में टिकाऊ सप्लाई चेन बनाना
भूमि उपयोग परिवर्तन: बागवानी और बायोएथेनॉल फीडस्टॉक के लिए चाय बागान संरक्षण और बांस की खेती के बीच संतुलन
क्लाइमेट रेजिलिएंस: असम में चाय के अलावा अन्य गतिविधियों को बढ़ावा देकर श्रम की कमी और जलवायु प्रभावों को कम करना
मुख्य शब्द: 2G बायोइथेनॉल · ऊर्जा सुरक्षा · सस्टेनेबल सप्लाई चेन · बायोफ्यूल फीडस्टॉक · क्लाइमेट रेजिलिएंस
चर्चा में क्यों: कृषि मंत्री के. अत्तन्नाइडु ने आंध्र प्रदेश के लिए ₹53,753 करोड़ के परिव्यय (outlay) के साथ 2026-2027 के कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के बजट को पेश किया।
आंध्र प्रदेश के कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए 2026-2027 का बजट ₹53,753 करोड़ है। इसके मुख्य फोकस क्षेत्रों में सिंचाई परियोजनाएं, बिजली सब्सिडी, मूल्य स्थिरीकरण, प्राकृतिक खेती और खाद्य प्रसंस्करण शामिल हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यआंध्र प्रदेश के कृषि और संबद्ध क्षेत्रों (allied sectors) के लिए 2026-2027 का बजट: ₹53,753 करोड़।
प्रश्न: भारत के कृषि क्षेत्र में डिजिटल पद्धतियों और प्राकृतिक खेती के एकीकरण से कृषि की लाभप्रदता और स्थिरता को किस प्रकार बढ़ाया जा सकता है, चर्चा कीजिए।
तकनीकी एकीकरण: छोटे किसानों के लिए डिजिटल डिवाइड कम करना ताकि वे रियल-टाइम मार्केट डेटा तक पहुँच सकें
सस्टेनेबिलिटी ट्रेड-ऑफ: प्राकृतिक खेती की ओर बदलाव और तत्काल पैदावार की ज़रूरतों के बीच संतुलन
इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधाएं: सब्सिडी वाले फ़िस्कल मॉडल के बावजूद सिंचाई के लिए बिजली की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना
मुख्य शब्द: कीमत स्थिरीकरण · फसल विविधीकरण · प्राकृतिक खेती · डिजिटल एग्रीकल्चर · सहयोगी क्षेत्र
चर्चा में क्यों: खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री के.एच. मुनियाप्पा ने घोषणा की है कि दुरुपयोग को रोकने के लिए, 'अन्न भाग्य' योजना के तहत मिलने वाले 5 किलो चावल के स्थान पर मार्च से 'इंदिरा किट' का वितरण शुरू किया जाएगा।
इन्दिरा किट 1.24 लाख कार्डधारकों को वितरित की जाएगी। इन किटों में अरहर की दाल, तेल, चीनी और नमक शामिल होगा। सरकार ने उच्च गुणवत्ता वाली रागी (finger millet) की खरीद की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
योजनाइन्दिरा किट (Indira Kits): अन्ना भाग्य योजना के तहत 5 किलो चावल की जगह लेने वाली एक खाद्य सुरक्षा पहल।
तथ्यइन्दिरा किट का वितरण 1.24 लाख कार्डधारकों के लिए लक्षित है।
तथ्यइन्दिरा किट्स (Indira Kits) के घटकों में तुअर दाल, तेल, चीनी और नमक शामिल हैं।
तथ्यसरकार ने रागी (finger millet) की खरीद शुरू कर दी है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में अनाज-आधारित खाद्य सुरक्षा योजनाओं से बहु-वस्तु किट वितरण की ओर संक्रमण में निहित तार्किक (लॉजिस्टिक) और प्रशासनिक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
लीकेज कम करना: मौजूदा सार्वजनिक वितरण प्रणालियों में चावल के व्यवस्थित दुरुपयोग को संबोधित करना
पोषण विविधीकरण: मल्टी-कमोडिटी किट बांटने की लॉजिस्टिक जटिलता और बल्क अनाज के बीच संतुलन
खरीद की ईमानदारी: रागी जैसे माइनर मिलेट्स की खरीद के दौरान क्वालिटी स्टैंडर्ड और फेयर प्राइसिंग सुनिश्चित करना
मुख्य शब्द: खाद्य सुरक्षा · सार्वजनिक वितरण प्रणाली · पोषण सुरक्षा · लीकेज कम करना · कमोडिटी डाइवर्सिफिकेशन
चर्चा में क्यों: छत्तीसगढ़ सरकार ऊर्जा की कमी को दूर करने के लिए महिलाओं को विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों (decentralized renewable energy systems) की मालिक और संचालक के रूप में सशक्त बनाने के लिए 'Women Led DRE' नीति लागू कर रही है।
छत्तीसगढ़ की 'महिला नेतृत्व वाली DRE' (Women Led DRE) नीति सार्वजनिक निवेश, महिला तकनीशियनों के प्रशिक्षण और ऊर्जा के उत्पादक उपयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य भूमि तक पहुंच और राजस्व साझाकरण के माध्यम से स्थानीय पंचायतों को सशक्त बनाना है, ताकि आर्थिक विकास को गति दी जा सके और लैंगिक असमानताओं को दूर किया जा सके।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यछत्तीसगढ़ विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा (decentralized renewable energy) के लिए 'Women Led DRE' पॉलिसी लागू कर रहा है।
स्थानछत्तीसगढ़ वह राज्य है जो विमेन-लेड डिसेंट्रलाइज्ड रिन्यूएबल एनर्जी मॉडल (women-led decentralized renewable energy model) को लागू कर रहा है।
तथ्यइस नीति में महिला तकनीशियनों को ट्रेनिंग देना और लैंड एक्सेस (land access) के माध्यम से स्थानीय पंचायतों को सशक्त बनाना शामिल है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा (DRE) मॉडल किस प्रकार महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आर्थिक विकास के एक सशक्त उपकरण के रूप में कार्य कर सकते हैं, चर्चा कीजिए।
जेंडर-केंद्रित ओनरशिप: महिलाओं को ऊर्जा एसेट्स की निष्क्रिय उपभोक्ता से सक्रिय मालिक और निर्णय लेने वाले के रूप में बदलना
संस्थागत तालमेल: ग्रामीण ऊर्जा प्रोजेक्ट्स में ज़मीन तक पहुँच और रेवेन्यू शेयरिंग के लिए पंचायती राज संस्थानों का इस्तेमाल
सामाजिक-आर्थिक जुड़ाव: स्थानीय स्तर पर महिलाओं के नेतृत्व वाले तकनीकी प्रशिक्षण के जरिए स्वास्थ्य जोखिमों और ऊर्जा गरीबी को कम करना
मुख्य शब्द: विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा · लैंगिक सशक्तिकरण · ऊर्जा गरीबी · ऊर्जा का उत्पादक उपयोग · पंचायती राज संस्थान
चर्चा में क्यों: महाराष्ट्र सरकार ने खेती में AI के एकीकरण को बढ़ावा देने और राज्य की 'स्टेट एग्रीकल्चर-आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पॉलिसी' 2025-2029 को लागू करने के लिए 'AI फॉर एग्री 2026' समिट की घोषणा की है।
यह शिखर सम्मेलन 22-23 फरवरी, 2026 को मुंबई के Jio World Convention Centre में आयोजित होने वाला है। इसमें नंदन निलेकणी और डॉ. सौम्या स्वामीनाथन जैसी प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी, जो किसानों के लिए वैश्विक तकनीक तक पहुंच पर चर्चा करेंगे।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
स्थानJio वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर (World Convention Centre) महाराष्ट्र के मुंबई में स्थित है।
तथ्यराज्य कृषि-आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) पॉलिसी 2025-2029 की अवधि को कवर करती है।
पदनंदन निलेकणी UIDAI (आधार) के फाउंडिंग चेयरमैन हैं।
पदडॉ. सौम्या स्वामीनाथन MSSRF की चेयरपर्सन हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय कृषि में संरचनात्मक अक्षमताओं को दूर करने और किसानों की उत्पादकता बढ़ाने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) का एकीकरण किस प्रकार सहायक हो सकता है, चर्चा कीजिए।
डेटा संप्रभुता: किसान डेटा प्राइवेसी और AI-आधारित प्रिसिजन फार्मिंग मॉडल्स की जरूरतों के बीच संतुलन
डिजिटल डिवाइड: हाई-स्पीड इंटरनेट और स्मार्ट डिवाइसेस तक पहुंच न होने के कारण छोटे किसानों के हाशिए पर जाने का जोखिम
इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: रियल-टाइम AI एनालिटिक्स के लिए मजबूत ग्रामीण ब्रॉडबैंड और लोकल डेटा सेंटर्स की ज़रूरत
मुख्य शब्द: प्रिसिजन एग्रीकल्चर · डिजिटल इन्क्लूजन · एग्री-टेक · डेटा-आधारित खेती · नीति कार्यान्वयन
चर्चा में क्यों: कर्नाटक सरकार ने आधिकारिक रिकॉर्ड से ऐतिहासिक रूप से बाहर रहे परिवारों को 2.2 लाख डिजिटल टाइटल डीड (Digital Title Deeds) प्रदान करने की उपलब्धि हासिल की है।
कर्नाटक सरकार अनधिकृत बस्तियों में रहने वाले 2.2 लाख से अधिक परिवारों को छेड़छाड़-मुक्त (tamper-proof) डिजिटल टाइटल डीड (title deeds) जारी कर रही है। इस पहल से 10-12 लाख लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है और इसमें पंचायत में ई-स्वथु (e-swathu) रिकॉर्ड तक पहुंच शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यकर्नाटक में दो वर्षों में 2.2 लाख डिजिटल टाइटल डीड्स (digital title deeds) जारी किए गए।
तथ्यआवास मान्यता (habitation recognition) पहल से अनुमानित 10-12 लाख लोगों को लाभ होने की संभावना है।
संस्थाe-swathu रिकॉर्ड्स पंचायत स्तर पर उपलब्ध हैं।
तथ्यडिजिटल टाइटल डीड्स (Digital title deeds) को टेंपर-प्रूफ (tamper-proof) बनाया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अमान्यता प्राप्त बस्तियों में भूमि स्वामित्व के औपचारिकीकरण से भारत में सामाजिक न्याय और ग्रामीण बुनियादी ढांचा विकास को मिलने वाले योगदान का विश्लेषण कीजिए।
समावेशी विकास: मालिकाना हक की पहचान के जरिए अनौपचारिक बस्तियों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में शामिल करना
प्रशासनिक पारदर्शिता: छेड़छाड़-मुक्त डिजिटल रिकॉर्ड और ई-स्वॉथ इंटीग्रेशन के जरिए जमीन से जुड़े विवादों को कम करना
मुख्य शब्द: भूमि स्वामित्व सुरक्षा · औपचारिकीकरण · सामाजिक समावेश · डिजिटल गवर्नेंस · ग्रामीण बुनियादी ढांचा
चर्चा में क्यों: कश्मीर घाटी में शोधकर्ता और बागवान पारंपरिक पौध-आधारित सेब के बागानों में कम पैदावार की समस्या को दूर करने के लिए क्लोनल रूटस्टॉक्स (जैसे M9) की ओर रुख कर रहे हैं।
कश्मीर घाटी भारत के सबसे बड़े सेब उत्पादक क्षेत्रों में से एक है, लेकिन धीमी पैदावार देने वाले पौध वाले पेड़ों के कारण यहाँ उत्पादकता कम रहती है। उच्च घनत्व वाले बागवानी प्रणालियों (high-density orchard systems) में M9 जैसे क्लोनल रूटस्टॉक (Clonal rootstocks) तेजी से फल देने, अधिक पैदावार और बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करते हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यM9: सेब की पैदावार बढ़ाने और बीमारियों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक विशिष्ट क्लोनल रूटस्टॉक (clonal rootstock)।
स्थानकश्मीर वैली: भारत के सबसे बड़े सेब उगाने वाले क्षेत्रों में से एक।
तथ्यहाई-डेंसिटी सिस्टम (High-density systems): किसानों की आय बढ़ाने के लिए विशेष ट्रेनिंग की आवश्यकता वाली ऑर्चर्ड मैनेजमेंट स्टाइल (Orchard management style)।
मेन्स के लिए
प्रश्न: कश्मीर घाटी में उच्च-घनत्व वाले बागवानी प्रणालियों और क्लोनल रूटस्टॉक्स (क्लोनल मूलवृंतों) को अपनाने से बागवानी की आर्थिक व्यवहार्यता को किस प्रकार सुदृढ़ किया जा सकता है, चर्चा कीजिए।
प्रोडक्टिविटी गैप: प्रति हेक्टेयर पैदावार बढ़ाने के लिए पारंपरिक पौध-आधारित बागानों से हाई-डेंसिटी क्लोनल सिस्टम की ओर बदलाव
तकनीकी बाधा: हाई-डेंसिटी ऑर्चर्ड की सेहत बनाए रखने के लिए विशेष ट्रेनिंग और मैनेजमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर की ज़रूरत
आय की स्थिरता: बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता और तेज़ फलने के चक्र के माध्यम से किसानों की आय बढ़ने की संभावना
मुख्य शब्द: उच्च घनत्व वाले बागान · क्लोनल रूटस्टॉक्स · हॉर्टिकल्चरल उत्पादकता · कृषि सब्सिडी · यील्ड ऑप्टिमाइजेशन
चर्चा में क्यों: राजस्थान की वित्त मंत्री दिया कुमारी ने 2026-27 का राज्य बजट पेश किया, जिसमें ग्रामीण जल पहुंच और सौर ऊर्जा बुनियादी ढांचे (Solar Energy Infrastructure) के लिए महत्वपूर्ण धनराशि आवंटित की गई है।
राजस्थान के 2026-27 के बजट में नल के पानी की पहुंच के लिए ₹6,800 करोड़ और विशेष रूप से CM जल जीवन मिशन के लिए ₹4,500 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, बीकानेर और जैसलमेर में सोलर पार्क के लिए ₹3,000 करोड़ निर्धारित किए गए हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यराजस्थान के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नल का पानी उपलब्ध कराने के लिए ₹6,800 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
तथ्यCM जल जीवन मिशन के तहत गांवों को जोड़ने के लिए ₹4,500 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
तथ्यबीकानेर और जैसलमेर में सोलर पार्क्स के लिए ₹3,000 करोड़ आवंटित किए गए।
तथ्यनॉन-पैचेबल रोड्स (non-patchable roads) के लिए ₹1,400 करोड़ और मिसिंग लिंक रोड्स (missing link roads) के लिए ₹600 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: राजस्थान जैसे शुष्क क्षेत्रों में एकीकृत ग्रामीण बुनियादी ढांचा विकास, विशेष रूप से जल और नवीकरणीय ऊर्जा, किस प्रकार सामाजिक-आर्थिक विकास को गति दे सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
रिसोर्स ऑप्टिमाइजेशन: हाई-कैपिटल सोलर इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रामीण जल सुरक्षा की जरूरतों के बीच संतुलन
राजकोषीय अनुशासन: बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और राज्य स्तर के राजकोषीय घाटा प्रबंधन के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: राजकोषीय अनुशासन · ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर · नवीकरणीय ऊर्जा · जल सुरक्षा · सामाजिक-आर्थिक विकास
चर्चा में क्यों: राजस्थान और मध्य प्रदेश सरकार ने जल की कमी की समस्या को दूर करने के लिए पार्वती-कलिसिंध-चंबल लिंक प्रोजेक्ट को लागू करने के लिए एक MoU (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस परियोजना के अंतर्गत चंबल नदी पर 2.3 किलोमीटर लंबा एक नया एक्वाडक्ट (aqueduct) बनाया जाएगा, जिसका उद्देश्य कालीसिंध नदी पर स्थित नवरैना बैराज से पानी पहुंचाना है। इसका लक्ष्य 17 जिलों में पीने और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराना है, जिससे 3.25 करोड़ की आबादी को लाभ मिलेगा।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यपार्वती-कलिसिंध-चंबल लिंक प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत ₹90,000 करोड़ है।
तथ्यविशिष्ट चंबल एक्वाडक्ट (Chambal aqueduct) का निर्माण मई 2025 में शुरू हुआ और इसके जून 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है।
तथ्यइस प्रोजेक्ट का लक्ष्य राजस्थान और मध्य प्रदेश के 17 जिलों को पानी की आपूर्ति करना है।
स्थाननवेरा बैराज कलिसिंध नदी पर स्थित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के शुष्क क्षेत्रों में जल की कमी को दूर करने और कृषि स्थिरता सुनिश्चित करने में अंतर-राज्यीय नदी जोड़ो परियोजनाओं के महत्व पर चर्चा कीजिए।
अंतर-राज्यीय सहयोग: राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच जल-बंटवारे के अधिकारों में संतुलन
इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधा: एक्वाडक्ट निर्माण में भारी पूंजी की ज़रूरत बनाम स्थानीय जल संरक्षण
पारिस्थितिक प्रभाव: चंबल नदी बेसिन में निचले प्रवाह और जैव विविधता में संभावित बदलाव
मुख्य शब्द: अंतर-राज्यीय सहयोग · पानी की कमी · सिंचाई बुनियादी ढांचा · नदी जोड़ना · सतत जल प्रबंधन
चर्चा में क्यों: आंध्र प्रदेश कृषि विभाग ने रियल-टाइम फसल मूल्यांकन और कीट/रोग की पूर्व चेतावनी प्रणाली के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को एकीकृत करने के लिए वाधवानी AI (Wadhwani AI) के साथ एक MoU (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए हैं।
आंध्र प्रदेश कृषि विभाग ने नई दिल्ली स्थित एक संस्था, वधवानी AI (Wadhwani AI) के साथ साझेदारी की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य डेटा-आधारित परामर्श सेवाएं और सक्रिय हस्तक्षेप प्रदान करना है, ताकि फसल के नुकसान को कम किया जा सके और संसाधनों की दक्षता को बढ़ाया जा सके।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाWadhwani AI: एक नई दिल्ली स्थित संस्था जो सोशल गुड (social good) के लिए AI में विशेषज्ञता रखती है।
तथ्ययह MoU मुख्य रूप से तीन AI एप्लिकेशंस पर केंद्रित है: रियल-टाइम क्रॉप असेसमेंट (crop assessment), कीटों/रोगों के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम और डेटा-आधारित एडवाइजरी सर्विसेज।
स्थानआंध्र प्रदेश: राज्य सरकार AI-आधारित कृषि पहल (agricultural initiative) को लागू कर रही है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय कृषि में प्रणालीगत अक्षमताओं को दूर करने और किसानों की उत्पादकता बढ़ाने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) का एकीकरण किस प्रकार सहायक हो सकता है, चर्चा कीजिए।
डेटा एसिमेट्री: वैज्ञानिक रिसर्च और ज़मीनी स्तर पर किसानों तक रियल-टाइम पेस्ट अलर्ट पहुँचने के बीच के अंतर को कम करना
इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधा: रियल-टाइम AI-आधारित एडवाइजरी सेवाओं के लिए हाई-स्पीड ग्रामीण कनेक्टिविटी की ज़रूरत
प्रिसिजन एग्रीकल्चर: पारंपरिक रिएक्टिव फार्मिंग से प्रोएक्टिव, डेटा-ड्रिवन इंटरवेंशन मॉडल की ओर बदलाव
चर्चा में क्यों: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्यात और प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने के लिए कर्नाटक के किसानों के लिए एक व्यापक बुनियादी ढांचे (Infrastructure) और उत्पादकता सहायता पैकेज की घोषणा की।
केंद्रीय मंत्री ने फूड पार्क, कोल्ड स्टोरेज, परिवहन, ब्रांडिंग और निर्यात के लिए वित्तीय सहायता का प्रस्ताव दिया है। विशिष्ट पहलों में 35 दाल मिलों की स्थापना, अरहर की दाल के लिए 'सीड विलेज' (seed villages) बनाना और उच्च उपज वाली नारियल और चावल की किस्मों को बढ़ावा देना शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यकेंद्र सरकार द्वारा तूर दाल उत्पादन को समर्थन देने के लिए 35 दाल मिलों की स्थापना की योजना है।
तथ्यप्रस्तावित इंफ्रास्ट्रक्चर में फूड पार्क्स, कोल्ड स्टोरेज सुविधाएं और ट्रांसपोर्ट सेवाएं शामिल हैं।
तथ्यइन पहलों में अरहर दाल उत्पादन के लिए वैज्ञानिक और तकनीकी सहायता हेतु 'सीड विलेज' (seed villages) शामिल हैं।
तथ्यमुख्य फोकस क्षेत्रों में अधिक पैदावार वाली नारियल की किस्में और कम श्रम लागत वाली चावल की किस्में शामिल हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बुनियादी ढांचा विकास और वैज्ञानिक हस्तक्षेप किस प्रकार अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में भारतीय कृषि उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ा सकते हैं, चर्चा कीजिए।
वैल्यू-एडिशन में बाधा: लोकल प्रोसेसिंग यूनिट और कोल्ड चेन की कमी से कटाई के बाद भारी नुकसान
इनपुट-कॉस्ट एफिशिएंसी: छोटे किसानों के मुनाफे को बढ़ाने के लिए कम श्रम लागत वाली चावल की किस्मों की ओर बदलाव
मार्केट इंटीग्रेशन: समर्पित फूड पार्क्स के जरिए फार्म-गेट प्रोडक्शन और इंटरनेशनल ब्रांडिंग के बीच की दूरी को कम करना
मुख्य शब्द: कटाई के बाद प्रबंधन · वैल्यू-एडिशन · कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर · निर्यात-उन्मुख उत्पादन · वैज्ञानिक हस्तक्षेप
चर्चा में क्यों: तेलंगाना सरकार ने 13 फरवरी को शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के संपन्न होने के बाद, 70 लाख से अधिक किसानों के खातों में 'ऋतु भरोसा' (Rythu Bharosa) योजना की राशि भेजने की योजना की घोषणा की है।
तेलंगाना सरकार 'रैथु भरोसा' (Rythu Bharosa) योजना के वित्तपोषण के लिए ओपन मार्केट बोरोइंग (Open Market Borrowings) के माध्यम से ₹9,000 करोड़ जुटा रही है। खेती योग्य भूमि के आकलन के लिए किए जा रहे सर्वेक्षण के कारण इस राशि का वितरण (disbursement) लंबित था।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यतेलंगाना में 'Rythu Bharosa' योजना का लक्ष्य 70 लाख से अधिक किसानों को लक्षित करना है।
तथ्यसरकार इस योजना के लिए ओपन मार्केट बोरोइंग (Open Market Borrowings) के जरिए ₹9,000 करोड़ जुटाएगी।
स्थानतेलंगाना सरकार Rythu Bharosa की लागू करने वाली अथॉरिटी (implementing authority) है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: राज्य-प्रायोजित कृषि योजनाओं की किसान कल्याण सुनिश्चित करने में भूमिका और इन योजनाओं को खुले बाजार से उधार लेकर वित्तपोषित करने के राजकोषीय निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
राजकोषीय स्थिरता: उच्च-व्यय वाली कल्याणकारी योजनाओं और राज्य के कर्ज के स्तर और ओपन मार्केट बरोइंग के बीच संतुलन
डेटा-आधारित लक्ष्यीकरण: सटीक लाभार्थी पहचान सुनिश्चित करने और लीकेज रोकने के लिए भूमि खेती सर्वेक्षण का उपयोग
मुख्य शब्द: राजकोषीय घाटा · ओपन मार्केट बोरोइंग्स · कृषि सब्सिडी · लाभार्थी पहचान · राज्य-नेतृत्व वाली कल्याणकारी योजनाएं
चर्चा में क्यों: केरल में छात्रों की भारी मांग और संसाधनों की कमी को देखते हुए, कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग ने वहां नई NCC बटालियन और एक ग्रुप हेडक्वार्टर स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है।
इस प्रस्ताव में मलप्पुरम और कासरगोड में नई बटालियन, इडुक्की में एक नई बटालियन और कन्नूर में एक नया ग्रुप हेडक्वार्टर शामिल है। इस कदम का उद्देश्य मौजूदा बटालियनों पर काम के बोझ को कम करना है, जो वर्तमान में छात्रों की भारी संख्या के कारण अत्यधिक प्रभावित हैं।
चर्चा में क्यों: हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन वॉटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड ने घोषणा की है कि गोदावरी ड्रिंकिंग वॉटर सप्लाई स्कीम फेज-2 और 3 के पाइपों को नंबर दिया जाएगा, जियो-टैग (geo-tagged) किया जाएगा और प्रोजेक्ट की निगरानी के लिए एक ऐप के जरिए उनकी ट्रैकिंग की जाएगी।
इस परियोजना का उद्देश्य मुसी नदी का पुनरुद्धार करने और उस्मानसागर एवं हिमायतसागर जलाशयों को भरने के साथ-साथ हैदराबाद को 20 tmcft अतिरिक्त पेयजल की आपूर्ति करना है। इसके बुनियादी ढांचे (Infrastructure) में मल्लाना सागर से घनपुर तक एक पाइपलाइन, घनपुर में एक जल उपचार संयंत्र (Water Treatment Plant) और घनपुर से मुथंगी तक एक पंपिंग मेन शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यगोदावरी ड्रिंकिंग वॉटर सप्लाई स्कीम (Godavari Drinking Water Supply Scheme) फेज-2 और 3 का लक्ष्य हैदराबाद को 20 tmcft पीने का पानी उपलब्ध कराना है।
स्थानगोदावरी जल आपूर्ति परियोजना में मल्लान सागर, घनपुर और मुथंगी प्रमुख स्थान हैं।
स्थानइस प्रोजेक्ट के तहत Osmansagar और Himayatsagar को भरने के लिए लक्षित जलाशय (reservoirs) बनाए गए हैं।
संस्थाहैदराबाद मेट्रोपॉलिटन वॉटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड इस प्रोजेक्ट की मैनेजिंग बॉडी है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में शहरी जल संकट के समाधान और मृतप्राय नदी प्रणालियों के पुनरुद्धार में एकीकृत जल प्रबंधन और तकनीकी निगरानी के महत्व की चर्चा कीजिए।
तकनीकी निगरानी: लीकेज और चोरी कम करने के लिए रियल-टाइम जियो-टैगिंग और ऐप-आधारित मॉनिटरिंग
पारिस्थितिक पुनरुद्धार: शहरी जल आपूर्ति को मुसी जैसी स्थानीय नदियों के जीर्णोद्धार से जोड़ना
इंफ्रास्ट्रक्चर इंटीग्रेशन: बड़े पैमाने के पाइपलाइन नेटवर्क के साथ मल्टी-रिजर्वायर फिलिंग का समन्वय
मुख्य शब्द: जल शासन · जियो-टैगिंग · अर्बन वॉटर मैनेजमेंट · नदी का पुनरुद्धार · इंफ्रास्ट्रक्चर मॉनिटरिंग
चर्चा में क्यों: 5 फरवरी को मेघालय में एक अवैध 'रैट-होल' माइन (rat-hole mine) में हुए विस्फोट में कम से कम 18 श्रमिकों की मौत हो गई। यह घटना 2014 के नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (National Green Tribunal) के आदेश के बावजूद अनियंत्रित कोयला खनन की निरंतर जारी समस्या को उजागर करती है।
5 फरवरी को मेघालय में एक अवैध 'रैट-होल' (rat-hole) माइन में हुए विस्फोट में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने पहले ही 2014 में ऐसी गतिविधियों को बंद करने का आदेश दिया था।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थानेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT): वह संस्था जिसने 2014 में रैट-होल माइनिंग (rat-hole mining) को बंद करने का आदेश दिया था।
स्थानमेघालय: वह राज्य जहाँ घातक रैट-होल माइन (rat-hole mine) विस्फोट हुआ था।
तथ्य5 फरवरी को हुए विस्फोट में 18 श्रमिकों की मौत की रिपोर्ट दर्ज की गई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में अवैध 'रैट-होल' (rat-hole) खनन को रोकने में निहित विनियामक और सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए तथा पर्यावरणीय अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए उचित उपाय सुझाइए। चर्चा कीजिए।
एन्फोर्समेंट गैप: खंडित मालिकाना हक और कॉन्ट्रैक्टशिप्स अवैध माइनिंग साइट्स की पहचान और पुलिसिंग को जटिल बना रहे हैं
सामाजिक-आर्थिक निर्भरता: कोयले की आय पर स्थानीय निर्भरता वैकल्पिक आजीविका की ओर बढ़ने में रुकावट पैदा कर रही है
तकनीकी चूक: स्थानीय प्रवर्तन की बाधाओं को दूर करने के लिए अनिवार्य GPS ट्रैकिंग और कम्युनिटी-लेड मॉनिटरिंग की ज़रूरत
चर्चा में क्यों: मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने जलवायु-अनुकूल शहरी नियोजन और व्यापक वृक्षारोपण लक्ष्यों के लिए एक ढांचा स्थापित करने हेतु 'तमिलनाडु अर्बन ग्रीनिंग पॉलिसी 2026' (Tamil Nadu Urban Greening Policy 2026) जारी की।
यह नीति 12.05 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य रखती है और इसमें एग्रोफोरेस्ट्री (agroforestry) और ग्रामीण वुडलोट्स (woodlots) के विस्तार को शामिल किया गया है। यह नगर प्रशासन और जल आपूर्ति (MAWS) विभाग के अंतर्गत एक शहरी वन विंग के गठन का आदेश देती है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यइस पॉलिसी के तहत 12.05 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
संस्थाअर्बन फॉरेस्ट विंग (Urban Forest Wing) के लिए Municipal Administration and Water Supply (MAWS) डिपार्टमेंट नोडल डिपार्टमेंट है।
योजनाअर्बन ग्रीनिंग फैक्टर्स (Urban Greening Factors): एक मेट्रिक जिसका उपयोग अर्बन लोकल बॉडीज (ULBs) को प्रोत्साहन देने के लिए किया जाता है।
प्रश्न: तेजी से शहरीकरण की ओर अग्रसर भारतीय राज्यों में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए शहरी नियोजन में 'ब्लू-ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर' (नीले-हरे बुनियादी ढांचे) के एकीकरण के महत्व की चर्चा कीजिए।
संस्थागत समन्वय: MAWS विभाग के लक्ष्यों को शहरी नियोजन के साथ जोड़ने के लिए एक समर्पित समन्वय समिति की ज़रूरत
राजकोषीय प्रोत्साहन: स्थानीय जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अर्बन ग्रीनिंग फैक्टर्स को ULB फंडिंग से जोड़ना
पारिस्थितिक एकीकरण: तेजी से होते शहरी विस्तार और वेटलैंड्स व एग्रोफोरेस्ट्री ज़ोन के संरक्षण के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: क्लाइमेट-रेज़िलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर · ब्लू-ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर · एग्रोफॉरेस्ट्री · अर्बन प्लानिंग · विकेंद्रीकृत शासन
चर्चा में क्यों: केंद्र सरकार ने गैर-वन भूमि पर खेती के विस्तार और आयात पर निर्भरता को कम करने के लिए नेशनल बैम्बू मिशन 2025 (National Bamboo Mission 2025) शुरू किया है।
नेशनल बैम्बू मिशन 2025 का लक्ष्य वृक्षारोपण में वृद्धि करना, किसानों की आय को बढ़ाना और औद्योगिक संबंधों को मजबूत करना है। एंग्लिया रुस्किन यूनिवर्सिटी (Anglia Ruskin University) के वैज्ञानिक बांस को एक सुपरफूड के रूप में शोध कर रहे हैं, जिसमें अमीनो एसिड, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
योजनानेशनल बैम्बू मिशन (National Bamboo Mission) 2025: बांस की खेती के विस्तार के लिए केंद्र सरकार की एक पहल।
तथ्यबांस (Bamboo) को आवश्यक अमीनो एसिड, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर एक सुपरफूड (superfood) के रूप में रिसर्च किया जा रहा है।
तथ्यबांस उत्पादों (Bamboo products) में टेक्सटाइल, बिल्डिंग मैटेरियल्स और फूड प्रोडक्ट्स शामिल हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: राष्ट्रीय बांस मिशन 2025 किस प्रकार ग्रामीण आजीविका के संवर्धन और कच्चे माल पर आयात निर्भरता कम करने के भारत के लक्ष्य में योगदान दे सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
आजीविका विविधीकरण: किसानों को पारंपरिक फसलों से हटाकर हाई-वैल्यू बैम्बू प्लांटेशन की ओर ले जाना
वैल्यू-चेन इंटीग्रेशन: बांस की खेती और टेक्सटाइल व बिल्डिंग मटेरियल की औद्योगिक मैन्युफैक्चरिंग के बीच जुड़ाव को मजबूत करना
मुख्य शब्द: आयात प्रतिस्थापन · ग्रामीण आजीविका · वैल्यू-ऐडेड प्रोडक्ट्स · टिकाऊ खेती
चर्चा में क्यों: मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने AMRUT 2.0 योजना के तहत वित्तपोषित गुडियथम और मदनूर में जल आपूर्ति पहल और रानीपेट में एक कमर्शियल कॉम्प्लेक्स (Commercial Complex) का उद्घाटन किया।
तमिलनाडु में इन परियोजनाओं को केंद्र प्रायोजित AMRUT 2.0 योजना के माध्यम से वित्तपोषित किया जा रहा है, जिसका कुल परिव्यय ₹28.47 करोड़ है। तिरुप्पत्तूर परियोजना विशेष रूप से TNDWDB की ₹4.95 करोड़ की पहल के तहत 17 आदिवासी बस्तियों को जल आपूर्ति प्रदान करने का लक्ष्य रखती है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
योजनाAMRUT 2.0: शहरी जल आपूर्ति और सीवरेज के लिए एक केंद्र प्रायोजित (Centrally-sponsored) योजना।
तथ्यजल आपूर्ति और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स (Commercial Complex) के लिए कुल प्रोजेक्ट आउटले (Project Outlay) ₹28.47 करोड़ है।
संस्थाTNDWDB: तिरुपट्टूर प्रोजेक्ट में जल आपूर्ति के लिए जिम्मेदार संस्था।
स्थानगुडियथम, मदनूर और रानीपेट: तमिलनाडु में नए जल और कमर्शियल इंफ्रास्ट्रक्चर (commercial infrastructure) के स्थान।
मेन्स के लिए
प्रश्न: विकासशील राज्यों में सामाजिक समानता सुनिश्चित करने और स्थानीय वाणिज्य को समर्थन देने में शहरी और ग्रामीण जल बुनियादी ढांचे की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: घरेलू स्थिरता के लिए गर्मियों के महीनों में अनियमित पानी की आपूर्ति को दूर करना
सामाजिक समावेश: ग्रामीण-शहरी अंतर को कम करने के लिए आदिवासी बस्तियों को लक्षित जल आपूर्ति
आर्थिक एकीकरण: व्यापारियों और ड्राइवरों के लॉजिस्टिक्स को औपचारिक रूप देने के लिए समर्पित कमर्शियल स्पेस देना
मुख्य शब्द: AMRUT 2.0 · जल सुरक्षा · जनजातीय कल्याण · शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर · ग्रामीण विकास
चर्चा में क्यों: कर्नाटक राजस्व विभाग ने रिकॉर्ड अपडेट की प्रक्रिया को सरल बनाने और राजस्व निरीक्षकों द्वारा होने वाले मैनुअल हस्तक्षेप को खत्म करने के लिए एक ऑटोमेटेड लैंड म्यूटेशन सिस्टम (Automated Land Mutation System) शुरू किया है।
निर्धारित नोटिस अवधि के भीतर यदि कोई आपत्ति दर्ज नहीं की जाती है, तो यह सिस्टम स्वचालित रूप से म्यूटेशन (Mutations) को क्लियर कर देता है। वर्तमान में, इसे राज्यव्यापी स्तर पर लागू करने से पहले मांड्या और मड्डूर तालुकों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चलाया जा रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाकर्नाटक राजस्व विभाग (Revenue Department) भूमि रिकॉर्ड और म्यूटेशन (mutations) के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार संस्था है।
तथ्ययह ऑटोमेटेड सिस्टम वर्तमान में मंड्या और मड्डूर तालुकों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चलाया जा रहा है।
विज्ञान-तकनीकयह सिस्टम क्लीयरेंस प्रोसेस को ऑटोमेट करके रेवेन्यू इंस्पेक्टर से फिजिकल अप्रूवल की आवश्यकता को हटा देता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ग्रामीण भूमि शासन में भूमि नामांतरण प्रक्रियाओं के स्वचालन से पारदर्शिता को कैसे बढ़ाया जा सकता है और प्रशासनिक बाधाओं को कैसे कम किया जा सकता है, इस पर चर्चा कीजिए।
डेटा इंटीग्रिटी: मजबूत ब्लॉकचेन या ऑडिट ट्रेल्स के बिना अनधिकृत डिजिटल बदलाव के जोखिम
प्रशासनिक टकराव: ऑटोमेटेड क्लीयरेंस और शिकायत निवारण तंत्र की ज़रूरत के बीच संतुलन
डिजिटल डिवाइड: डिजिटल साक्षरता या इंटरनेट एक्सेस की कमी के कारण ग्रामीण ज़मींदारों के लिए पहुंच की चुनौतियां
मुख्य शब्द: प्रशासनिक दक्षता · पारदर्शिता · डिजिटल गवर्नेंस · भूमि स्वामित्व सुरक्षा · ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस
चर्चा में क्यों: ग्रामीण स्वच्छता सेवाओं में सुधार के लिए तमिलनाडु सरकार ने ग्रामीण स्वच्छता कार्यकर्ताओं (Thooimai Kavalars) के मासिक समेकित पारिश्रमिक (consolidated remuneration) को ₹5,000 से बढ़ाकर ₹6,000 कर दिया है।
ग्रामीण विकास और पंचायत राज विभाग ने 4 फरवरी, 2026 को यह आदेश जारी किया। राज्य सरकार ने इस वृद्धि के लिए वित्त आयोग अनुदान (State Finance Commission Grant) से प्रति वर्ष ₹476.136 करोड़ आवंटित किए हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यThooimai Kavalars के लिए मासिक remuneration को ₹5,000 से बढ़ाकर ₹6,000 कर दिया गया है।
तथ्यइस पारिश्रमिक के लिए वार्षिक आवंटन ₹476.136 करोड़ है।
संस्थाग्रामीण विकास और पंचायत राज विभाग इस आदेश के लिए नोडल बॉडी (Nodal Body) है।
तथ्यपिछली सैलरी वृद्धि अप्रैल 2023 में हुई थी, जिसमें वेतन को ₹3,600 से बढ़ाकर ₹5,000 कर दिया गया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ग्रामीण भारत में स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु अग्रिम पंक्ति के स्वच्छता कार्यकर्ताओं के लिए उचित पारिश्रमिक और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के महत्व पर चर्चा कीजिए।
राजकोषीय स्थिरता: ग्रामीण स्वच्छता वेतन वृद्धि और वित्त आयोग ग्रांट की सीमाओं के बीच संतुलन
श्रम की गरिमा: संस्थागत पे स्केल के ज़रिए थुमाइ कवलर्स के सामाजिक-आर्थिक हाशिए पर होने की समस्या का समाधान
मुख्य शब्द: ग्रामीण स्वच्छता · वेतन सुधार · पंचायती राज · सामाजिक न्याय · राजकोषीय आवंटन
चर्चा में क्यों: मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को कोको सिटी (Cocoa City) विकास और PPP मॉडल के माध्यम से केसर की खेती जैसी पहलों के जरिए आंध्र प्रदेश को प्राकृतिक खेती का केंद्र बनाने का निर्देश दिया।
आंध्र प्रदेश सरकार एक प्राकृतिक खेती हब और 'कोको सिटी' (Cocoa City) स्थापित करने की योजना बना रही है। प्रमुख पहलों में एक्वाकल्चर (aquaculture) के लिए अनिवार्य पंजीकरण, पोल्ट्री के लिए प्रत्यक्ष आपूर्ति अनुबंध और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (Public-Private Partnership - PPP) मॉडल के माध्यम से केसर की खेती को बढ़ावा देना शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यआंध्र प्रदेश का लक्ष्य एक नेचुरल फार्मिंग हब और एक कोको सिटी (Cocoa City) स्थापित करना है।
योजनाआंध्र प्रदेश में केसर की खेती को PPP मॉडल के जरिए बढ़ावा देने का प्रस्ताव है।
तथ्यराज्य में एक्वाकल्चर (Aquaculture) गतिविधियों के लिए अनिवार्य रजिस्ट्रेशन का प्रस्ताव दिया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय राज्यों में कृषि स्थिरता और किसानों की आय को बढ़ाने में प्राकृतिक खेती और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के संवर्धन की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
मार्केट लिंकेज: बिचौलियों को खत्म करने और सही दाम सुनिश्चित करने के लिए पोल्ट्री के लिए डायरेक्ट सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट्स
इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: हाई-वैल्यू क्रॉप प्रोसेसिंग के लिए 'कोको सिटी' जैसे स्पेशलाइज्ड हब की ज़रूरत
रेगुलेटरी ओवरसाइट: पर्यावरणीय प्रभाव और संसाधन उपयोग की निगरानी के लिए अनिवार्य एक्वाकल्चर रजिस्ट्रेशन
मुख्य शब्द: प्राकृतिक खेती · पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · वैल्यू चेन इंटीग्रेशन · कृषि हब · सतत कृषि
चर्चा में क्यों: केरल ने वेलनेस टूरिज्म (Wellness Tourism) सेक्टर में व्यापारिक सहयोग और सतत विकास पर चर्चा करने के लिए पहले इंटरनेशनल आयुर्वेद एंड वेलनेस कॉन्क्लेव (International Ayurveda and Wellness Conclave) की मेजबानी की।
इस कार्यक्रम का आयोजन आयुर्वेद प्रमोशन सोसाइटी (APS) द्वारा पर्यटन विभाग के साथ साझेदारी में किया गया था। इसमें 34 देशों के 125 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया और इसमें 3,200 से अधिक B2B बैठकें आयोजित की गईं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानकेरल ने पहले International Ayurveda and Wellness Conclave की मेजबानी की।
संस्थाआयुर्वेद प्रमोशन सोसाइटी (APS) ने डिपार्टमेंट ऑफ टूरिज्म के साथ साझेदारी में कॉन्क्लेव (conclave) का आयोजन किया।
तथ्यइस सम्मेलन में 34 देशों के 125 से अधिक प्रतिनिधियों और 3,200 से अधिक B2B मीटिंग्स (meetings) में हिस्सा लिया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में सतत आर्थिक विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के चालक के रूप में आयुर्वेद और वेलनेस पर्यटन की क्षमता का विश्लेषण कीजिए।
आर्थिक विविधीकरण: हाई-वैल्यू वेलनेस टूरिज्म एक्सपोर्ट के लिए पारंपरिक ज्ञान का लाभ उठाना
सस्टेनेबिलिटी ट्रेड-ऑफ: आयुर्वेद संसाधनों के पारिस्थितिक संरक्षण के साथ बड़े पैमाने पर पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर का संतुलन
मुख्य शब्द: वेलनेस टूरिज्म · सतत विकास · आयुर्वेद · B2B कोलैबोरेशन · सांस्कृतिक विरासत
चर्चा में क्यों: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उत्पादकता और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को बेहतर बनाने के लिए पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए केंद्रीय बजट आवंटन में भारी वृद्धि की घोषणा की है।
केंद्रीय बजट में मत्स्य पालन के लिए 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास का प्रस्ताव दिया गया है। इसमें विशेष रूप से पशु चिकित्सा कॉलेजों और अस्पतालों के लिए एक क्रेडिट-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी (Credit-linked capital subsidy) योजना शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्ययूनियन बजट में 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास का प्रस्ताव है।
योजनावेटेरिनरी कॉलेजों और अस्पतालों के लिए एक क्रेडिट-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी (credit-linked capital subsidy) स्कीम प्रस्तावित है।
तथ्यबजट में स्टार्टअप्स और महिलाओं के नेतृत्व वाले समूहों के माध्यम से मत्स्य पालन (fisheries) के लिए मार्केट लिंकेज पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में अंतर्देशीय मत्स्य पालन और पशुधन बुनियादी ढांचे के एकीकरण से ग्रामीण आजीविका विविधीकरण और खाद्य सुरक्षा में किस प्रकार योगदान दिया जा सकता है, चर्चा कीजिए।
मार्केट लिंकेज की कमियां: महिला नेतृत्व वाले समूहों और फॉर्मल मार्केट्स के बीच मजबूत वैल्यू चेन इंटीग्रेशन की ज़रूरत
इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी: पशु स्वास्थ्य उत्पादकता सुनिश्चित करने के लिए मान्यता प्राप्त वेटेरिनरी अस्पतालों की कमी को दूर करना
मुख्य शब्द: वैल्यू चेन इंटीग्रेशन · आजीविका विविधीकरण · कैपिटल सब्सिडी · इनलैंड फिशरीज · ग्रामीण बुनियादी ढांचा
चर्चा में क्यों: सेंट्रल वॉटर कमीशन (CWC) की बैठक के दौरान आंध्र प्रदेश ने कृष्णा नदी के पानी को 50:50 के अनुपात में साझा करने की तेलंगाना की मांग को खारिज कर दिया।
आंध्र प्रदेश ने पोलावरम-बनाकेचर्ला लिंक स्कीम (Polavaram-Banakacherla Link Scheme) का बचाव किया है, जिसका उद्देश्य अतिरिक्त और बाढ़ के पानी को समुद्र में मोड़ना है। CWC ने दोनों राज्यों से कृष्णा और गोदावरी बेसिन में जल आवंटन पर भविष्य की चर्चाओं के लिए मुख्य एजेंडा आइटम पहले से जमा करने का अनुरोध किया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थासेंट्रल वॉटर कमीशन (CWC) जल आवंटन और बेसिन मैनेजमेंट (basin management) की निगरानी करने वाली संस्था है।
तथ्यआंध्र प्रदेश और तेलंगाना कृष्णा और गोदावरी नदी बेसिन विवादों में शामिल मुख्य राज्य हैं।
स्थानपोलावरम-बनाकेचर्ला लिंक स्कीम (Polavaram-Banakacherla Link Scheme) कृष्णा नदी बेसिन में एक प्रस्तावित प्रोजेक्ट है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में अंतर-राज्यीय जल-साझाकरण की चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और नदी तटीय संघर्षों के प्रभावी समाधान हेतु उचित उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
संघीय टकराव: राज्य-आधारित सिंचाई प्राथमिकताओं और बेसिन-व्यापी जल सुरक्षा के बीच संघर्ष
संस्थागत बाधा: रिपेरियन राज्यों के बीच समान जल वितरण के लिए डेटा-आधारित मज़बूत तंत्र की ज़रूरत
मुख्य शब्द: तटीय अधिकार · अंतर-राज्यीय जल विवाद · संघवाद · जल सुरक्षा · बेसिन मैनेजमेंट