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भाग I · स्था. 11.2025 
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चुनाव आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ दर्ज किए 14 ऑब्जेक्शन्स

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चुनाव आयोग के भीतर संस्थागत नियंत्रण और संतुलन (Institutional checks and balances): एक GS2 राजनीति और शासन (Polity and Governance) केस स्टडी।

चर्चा में क्यों

चुनाव आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एकतरफा नियम बदलाव और सॉफ्टवेयर की समस्याओं के कारण गोवा की मतदाता सूची से 97 मतदाताओं को बाहर किए जाने के संबंध में 14 आपत्तियां दर्ज की हैं।

पृष्ठभूमि

चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीने की अवधि के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 14 आपत्तियां दर्ज कीं। जांच में आरोप लगाया गया है कि सॉफ्टवेयर की समस्याओं और नियमों में बदलाव के कारण गोवा की मतदाता सूची से 97 पात्र मतदाताओं को बाहर कर दिया गया, जिससे गोवा मेडिक्लेम स्कीम (Goa Mediclaim Scheme) के लिए उनकी पात्रता प्रभावित हुई।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • संस्थामुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयुक्त (ECs) भारत में चुनावी प्रक्रिया की निगरानी करते हैं।
  • तथ्यसॉफ्टवेयर की समस्याओं और नियमों में बदलाव के कारण गोवा की मतदाता सूची से कथित तौर पर 97 पात्र मतदाताओं को बाहर कर दिया गया।
  • स्थानगोवा मेडिक्लेम स्कीम (Goa Mediclaim Scheme) राज्य के वोटरों को सुपर-स्पेशलिटी ट्रीटमेंट प्रदान करती है।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

भारत निर्वाचन आयोग और हाल ही में दर्ज किए गए आपत्तियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

  1. गोवा मेडिक्लेम स्कीम (Goa Mediclaim Scheme) राज्य के वोटरों को सुपर-स्पेशलिटी ट्रीटमेंट प्रदान करती है।
  2. सॉफ्टवेयर की समस्याओं और नियमों में बदलाव के कारण गोवा की मतदाता सूची से 150 पात्र मतदाताओं को बाहर कर दिया गया।
  3. इलेक्शन कमिशनर्स ने 10 महीने की अवधि के दौरान CEC के खिलाफ 14 आपत्तियां दर्ज कीं।
  1. (a)केवल 2
  2. (b)केवल 1 और 2
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (c) केवल 1 और 3 — कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है: नोट में उल्लेख है कि 97 पात्र मतदाताओं को बाहर रखा गया था।

मेन्स के लिए

प्रश्न: निर्वाचन की शुचिता और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करनेके लिए भारत निर्वाचन आयोग के भीतर संस्थागत नियंत्रण और संतुलन के महत्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • प्रशासनिक स्वायत्तता: चुनाव आयुक्तों की सामूहिक निगरानी के साथ CEC की कार्यकारी शक्तियों का संतुलन
  • तकनीकी अखंडता: ऑटोमेटेड मतदाता सूची प्रबंधन में सॉफ्टवेयर-आधारित मताधिकार छिनने के जोखिम
  • सामाजिक कल्याण पर प्रभाव: सटीक मतदाता सूची और राज्य द्वारा वित्तपोषित स्वास्थ्य योजनाओं तक पहुंच के बीच संबंध

मुख्य शब्द: संस्थागत निगरानी · चुनावी अखंडता · प्रशासनिक पारदर्शिता · तकनीकी गवर्नेंस · चेक्स एंड बैलेंसेज

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS2 · पारदर्शिता, जवाबदेही एवं RTIयह भी: GS2 · स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्य

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।