बायोलॉजी को डिकोड करने के लिए AI का इस्तेमाल करेंगे डॉ ओलिवर विन्स
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चर्चा में क्यों
बेसकैंप रिसर्च (Basecamp Research) के डॉ. ओलिवर विन्स ने बायोलॉजी को डिकोड करने के लिए AI का उपयोग करने की योजना बनाई है, जिससे वैज्ञानिक अखंडता (scientific integrity) और बायोमेडिकल रिसर्च में AI द्वारा तैयार की गई सामग्री की व्यापकता को लेकर चिंताएं पैदा हो गई हैं।
पृष्ठभूमि
गूगल डीपमाइंड (Google DeepMind) के अल्फाफोल्ड (AlphaFold) ने प्रोटीन फोल्डिंग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्रोफेसर दिमित्री कोबक (Dmitry Kobak) के शोध में पाया गया कि 90% बायोमेडिकल शोध पत्रों में AI के निशान मौजूद थे। वहीं, कॉर्नेल यूनिवर्सिटी (Cornell University) ने 147,000 फर्जी साइटेशन (phantom citations) की पहचान की है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- विज्ञान-तकनीकAlphaFold: प्रोटीन स्ट्रक्चर (protein structures) की भविष्यवाणी करने के लिए Google DeepMind द्वारा विकसित एक AI मॉडल।
- तथ्यप्रोफ. दिमित्री कोबक (Dmitry Kobak) ने पाया कि 90% बायोमेडिकल पेपर्स में AI के निशान (fingerprints) मौजूद थे।
- तथ्यकॉर्नेल यूनिवर्सिटी (Cornell University) ने रिसर्च में 147,000 फैंटम साइटेशन (phantom citations) की पहचान की है।
- विज्ञान-तकनीकCodex: OpenAI द्वारा विकसित एक AI मॉडल, जिस पर डेटा लीक की संभावना को लेकर जांच हुई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: जैव-चिकित्सा अनुसंधान की अखंडता और वैज्ञानिक डेटा की विश्वसनीयता पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) द्वारा निर्मित सामग्री और 'फैंटम साइटेशन' (phantom citations) के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- इंटीग्रिटी रिस्क: फर्जी साइटेशन की भरमार से पीयर-रिव्यू की विश्वसनीयता कम हो रही
- डेटा सुरक्षा: लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स से प्रोप्रायटरी बायोलॉजिकल डेटा लीक के जोखिम
- वेरिफिकेशन गैप: इंसानों द्वारा लिखे गए रिसर्च और AI-जनरेटेड कंटेंट के बीच फर्क करना मुश्किल
मुख्य शब्द: वैज्ञानिक सत्यनिष्ठा · आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस · बायोमेडिकल रिसर्च · डेटा प्राइवेसी · एल्गोरिथमिक बायस
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।