प्राइवेट बैंकों में 1.3 लाख करोड़ के बैड लोन का अनुमान
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बैंकिंग क्षेत्र की स्थिरता और एसेट क्वालिटी (Asset Quality): GS3 के आर्थिक विश्लेषण का एक प्रमुख बिंदु।
चर्चा में क्यों
ICRA ने वित्त वर्ष 2027 (FY27) के लिए क्रेडिट ग्रोथ (credit growth) में गिरावट का अनुमान लगाते हुए इसे 15-16% रहने का अनुमान लगाया है। साथ ही, इसने प्राइवेट बैंकों में एसेट क्वालिटी (asset quality) के काफी खराब होने और ₹1.3 लाख करोड़ के नए स्लिपेजेस (slippages) की संभावना जताई है।
पृष्ठभूमि
ICRA का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 (FY27) में क्रेडिट ग्रोथ (credit growth) 18-19% से घटकर 15-16% हो जाएगी। इस एजेंसी ने वित्त वर्ष 2027 में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (public sector banks) के लिए ₹1 लाख करोड़ और निजी खिलाड़ियों (private players) के लिए ₹1.3 लाख करोड़ के नए स्लिपेजेस (slippages) का अनुमान लगाया है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यICRA ने FY27 के लिए क्रेडिट ग्रोथ का अनुमान 15-16% लगाया है।
- तथ्यFY27 में प्राइवेट बैंकों के लिए अनुमानित फ्रेश स्लिपेजेस (fresh slippages): ₹1.3 लाख करोड़।
- तथ्यFY27 में पब्लिक सेक्टर बैंकों के लिए अनुमानित फ्रेश स्लिपेजेस (fresh slippages) ₹1 लाख करोड़ हैं।
- संस्थाICRA एक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी है।
- तथ्यRBI द्वारा रेट-हाइकिंग (rate-hiking) साइकिल के दौरान Net Interest Margins (NIM) में सुधार होने की उम्मीद है।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
FY27 के लिए ICRA के प्रोजेक्शंस (projections) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- पब्लिक सेक्टर बैंकों के लिए नए slippages का अनुमान ₹1.3 लाख करोड़ है।
- क्रेडिट ग्रोथ (Credit growth) के 15-16% तक कम होने का अनुमान है।
- RBI द्वारा रेट-हाइकिंग साइकिल के दौरान Net Interest Margins में गिरावट आने की उम्मीद है।
- (a)केवल 2
- (b)केवल 1 और 2
- (c)केवल 1 और 3
- (d)केवल 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (a) केवल 2 — कथन 2 सही है। कथन 1 गलत है: पब्लिक सेक्टर बैंक slippages का अनुमान ₹1 लाख करोड़ है। कथन 3 गलत है: RBI की रेट-हाइकिंग साइकिल के दौरान Net Interest Margins में सुधार होने की उम्मीद है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय बैंकिंग क्षेत्र की स्थिरता पर बढ़ते ऋण चूक (क्रेडिट स्लिपेज) और अस्थिर शुद्ध ब्याज मार्जिन (नेट इंटरेस्ट मार्जिन) के प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- एसेट क्वालिटी रिस्क: ज़्यादा क्रेडिट एक्सपेंशन और स्लिपेजेस की वजह से बैंक बैलेंस शीट का बिगड़ना
- मौनेटरी पॉलिसी ट्रांसमिशन: RBI रेट-हाइकिंग साइकिल का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) और लेंडिंग कैपेसिटी पर असर
- सिस्टमैटिक रिस्क: प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर बैंकिंग संस्थाओं के बीच भारी अंतर वाले स्लिपेज प्रोजेक्शन
मुख्य शब्द: क्रेडिट ग्रोथ · स्लिपेजेस · नेट इंटरेस्ट मार्जिन · एसेट क्वालिटी · मौनेटरी पॉलिसी · पब्लिक सेक्टर बैंक
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।