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भाग I · स्था. 11.2025 
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FPIs के लिए डिस्क्लोजर रूल्स में ढील की तैयारी, सेबी जारी करेगा पेपर

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पूंजी बाजार में पारदर्शिता बनाम निवेश की सुगमता: एक GS3 और अर्थव्यवस्था (Economy) केस स्टडी।

चर्चा में क्यों

अडानी ग्रुप के खिलाफ हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों के बाद, SEBI विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) के लिए डिस्क्लोजर नियमों में ढील देने के लिए एक कंसल्टेशन पेपर जारी करने की योजना बना रहा है।

पृष्ठभूमि

SEBI कम थ्रेशोल्ड होल्डिंग्स वाले FPIs और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (Public Sector Undertakings) में निवेश के लिए छूट पर विचार कर रहा है। वर्तमान नियमों के अनुसार, यदि किसी फंड का भारतीय इक्विटी AUM ₹50,000 करोड़ से अधिक है या वह एक समूह में 50% से अधिक हिस्सेदारी रखता है, तो अंतिम लाभकारी मालिकों (Ultimate Beneficial Owners) का खुलासा करना अनिवार्य है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • संस्थाSEBI: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (Securities and Exchange Board of India)।
  • तथ्यवर्तमान डिस्क्लोजर थ्रेशोल्ड (disclosure threshold): भारतीय इक्विटी AUM ₹50,000 करोड़ से अधिक हो या एक ग्रुप में 50% से अधिक की होल्डिंग हो।
  • तथ्यप्रस्तावित छूट: कम-थ्रेशोल्ड होल्डिंग्स और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (Public Sector Undertakings) में निवेश।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

भारतीय इक्विटी AUM के संबंध में FPIs के लिए वर्तमान डिस्क्लोजर थ्रेशोल्ड (disclosure threshold) क्या है?

  1. (a)₹1,00,000 करोड़
  2. (b)₹10,000 करोड़
  3. (c)₹5,000 करोड़
  4. (d)₹50,000 करोड़
उत्तर देखें

उत्तर: (d) ₹50,000 करोड़ — वर्तमान नियमों के अनुसार, यदि किसी फंड का भारतीय इक्विटी AUM ₹50,000 करोड़ से अधिक है, तो अंतिम लाभकारी मालिकों (ultimate beneficial owners) का खुलासा करना आवश्यक है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में पूंजी बाजारों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) के लिए निवेश की सुगमता को बढ़ावा देने के बीच निहित व्यापार-बंद (trade-off) का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • रेगुलेटरी फ्रिक्शन: इन्वेस्टर की गोपनीयता और अपारदर्शी ओनरशिप स्ट्रक्चर को रोकने की ज़रूरत के बीच संतुलन
  • मार्केट इंटीग्रिटी: बड़े कॉनग्लोमरेट में केंद्रित ओनरशिप छिपाने के लिए डिस्क्लोजर नॉर्म्स को दरकिनार करने के जोखिम

मुख्य शब्द: कैपिटल मार्केट पारदर्शिता · फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट · रेगुलेटरी ओवरसाइट · बेनिफिशियल ओनरशिप · मार्केट इंटीग्रिटी

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: इकोनॉमिक टाइम्स ↗यह भी: GS2 · पारदर्शिता, जवाबदेही एवं RTI

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।