दिल्ली 2047 के लिए मास्टर प्लान पर दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी की चर्चा
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शहरी नियोजन और बुनियादी ढांचा विकास: मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट (Multi-modal transport) और भीड़ प्रबंधन (Congestion management) पर आधारित एक GS2 केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने दिल्ली के लिए मास्टर प्लान 2047 पर चर्चा की, जिसमें शहरी भीड़भाड़ को कम करने के लिए मेट्रो और नमो भारत नेटवर्क के बड़े विस्तार का प्रस्ताव दिया गया है।
पृष्ठभूमि
इस योजना के तहत दिल्ली मेट्रो की लंबाई को 416 किमी से बढ़ाकर 695 किमी करने और नमो भारत नेटवर्क को 82 किमी से बढ़ाकर 383 किमी करने का प्रस्ताव है। इसमें 42 कॉरिडोर के लिए 1,789 करोड़ रुपये का इंटेलिजेंट ट्रैफिक प्रोजेक्ट और 200 किमी साइकिल ट्रैक शामिल हैं।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यदिल्ली के लिए मास्टर प्लान 2047 (Master Plan for Delhi 2047) में मेट्रो नेटवर्क को 416 km से बढ़ाकर 695 km करने का प्रस्ताव है।
- तथ्यNamo Bharat नेटवर्क विस्तार को 82 km से बढ़ाकर 383 km करने का प्रस्ताव है।
- तथ्यइंटेलिजेंट ट्रैफिक प्रोजेक्ट का बजट: 42 कॉरिडोर के लिए 1,789 करोड़ रुपये।
- तथ्यप्रमुख ट्रांजिट हब की पहचान की गई: सराय काले खान, आनंद विहार और कश्मीरी गेट।
- संस्थादिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) मास्टर प्लान की देखरेख करने वाली प्राथमिक संस्था है।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
दिल्ली के लिए मास्टर प्लान 2047 (Master Plan for Delhi 2047) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- इस योजना में 1,789 करोड़ रुपये के बजट के साथ 42 कॉरिडोर के लिए एक इंटेलिजेंट ट्रैफिक प्रोजेक्ट शामिल है।
- यह प्लान दिल्ली मेट्रो नेटवर्क को 416 किमी से बढ़ाकर 695 किमी करने का प्रस्ताव देता है।
- नमो भारत नेटवर्क के विस्तार को कुल 500 किमी तक पहुँचाने का प्रस्ताव है।
- (a)केवल 2
- (b)केवल 1 और 2
- (c)केवल 2 और 3
- (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (b) केवल 1 और 2 — कथन 1 और 2 सही हैं। कथन 3 गलत है: यह प्लान नमो भारत (Namo Bharat) नेटवर्क को 82 किमी से बढ़ाकर 383 किमी करने का प्रस्ताव देता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: दिल्ली जैसे तेजी से विस्तारित होते महानगरों में शहरी भीड़भाड़ के प्रबंधन और अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी (लास्ट-माइल कनेक्टिविटी) में सुधार के लिए एकीकृत बहु-आयामी परिवहन प्रणालियों (इंटीग्रेटेड मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम) के महत्व पर चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- इंटरमॉडल इंटीग्रेशन: मेट्रो, रीजनल रेल और फीडर सेवाओं के बीच आसान ट्रांजिशन ताकि सफर में होने वाली परेशानी कम हो सके
- लास्ट-माइल कनेक्टिविटी: शेयर्ड ट्रांसपोर्ट और फीडर सेवाओं के जरिए 'स्टेशन-टू-डेस्टिनेशन' अंतर को कम करना
- इंफ्रास्ट्रक्चर में रुकावट: द्वारका मोड़ और मुकरबा चौक जैसे हॉटस्पॉट्स पर भीड़ कम करना
मुख्य शब्द: मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट · अर्बन प्लानिंग · लास्ट-माइल कनेक्टिविटी · ट्रांजिट हब · इंफ्रास्ट्रक्चर विकास
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।