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भाग I · स्था. 11.2025 
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28 इन्फॉर्मेशन कमिशन्स में 3,85,716 केस पेंडिंग, सतर्क नागरिक संगठन की रिपोर्ट

GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· पारदर्शिता, जवाबदेही एवं RTI· प्रीलिम्स + मेन्स·

शासन और RTI: पारदर्शिता निकायों में संस्थागत बाधाओं और प्रशासनिक देरी पर एक केस स्टडी।

चर्चा में क्यों

सतर्क नागरिक संगठन (SNS) ने एक वार्षिक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें खुलासा किया गया है कि 30 जून, 2026 तक 28 सूचना आयोगों में 3,85,716 मामलों का भारी बकाया (backlog) लंबित है।

पृष्ठभूमि

केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने रिक्तियों के कारण मामलों के निपटान में 2 वर्ष और 3 महीने का समय दर्ज किया।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्य28 सूचना आयोगों (Information Commissions) में कुल लंबित मामले: 30 जून, 2026 तक 3,85,716।
  • तथ्यमहाराष्ट्र SIC: लंबित मामलों की संख्या 77,397 के साथ सबसे अधिक।
  • तथ्यरिक्तियों के कारण CIC का डिस्पोजल टाइम (disposal time): 2 साल और 3 महीने।
  • संस्थासतर्क नागरिक संगठन (SNS): वह संगठन जिसने वार्षिक रिपोर्ट जारी की।
  • संस्थाझारखंड SIC और हिमाचल प्रदेश SIC: रिपोर्ट के अनुसार ये निष्क्रिय हैं या इनमें कोई गतिविधि नहीं है।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

SNS रिपोर्ट में किस राज्य के स्टेट इंफॉर्मेशन कमीशन (State Information Commission) ने सबसे अधिक लंबित मामलों की संख्या दर्ज की?

  1. (a)महाराष्ट्र
  2. (b)कर्नाटक
  3. (c)तमिलनाडु
  4. (d)गुजरात
उत्तर देखें

उत्तर: (a) महाराष्ट्र — महाराष्ट्र SIC में लंबित मामलों की संख्या 77,397 के साथ सबसे अधिक दर्ज की गई।

मेन्स के लिए

प्रश्न: सूचना आयोगों के कामकाज में मौजूद संस्थागत बाधाओं का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए और सूचना के अधिकार (RTI) आवेदनों का समयबद्ध निपटान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।

उत्तर के आयाम

  • संस्थागत पंगुता: सेंट्रल इंफॉर्मेशन कमीशन में खाली पद के कारण 2 साल और 3 महीने का निपटान विलंब
  • राज्य-स्तरीय असमानता: महाराष्ट्र और झारखंड/हिमाचल प्रदेश के बीच केस बैकलॉग और ऑपरेशनल स्टेटस में भारी अंतर
  • पारदर्शिता की कमी: 3.85 लाख मामलों का भारी लंबित होना सूचना के मौलिक अधिकार को कमजोर कर रहा है

मुख्य शब्द: सूचना का अधिकार · संस्थागत बैकलॉग · पारदर्शिता · प्रशासनिक देरी · सांविधिक निकाय

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।