बिना AIBE एग्जाम पास किए प्रैक्टिस करने वाले वकीलों की पहचान करेगा KSBC
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चर्चा में क्यों
कर्नाटक हाई कोर्ट ने कर्नाटक स्टेट बार काउंसिल (KSBC) को एक डिजिटल तंत्र विकसित करने का आदेश दिया है, ताकि उन वकीलों की पहचान की जा सके जो अनिवार्य ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE) पास किए बिना अभ्यास कर रहे हैं।
पृष्ठभूमि
कर्नाटक हाई कोर्ट ने KSBC को 45 दिनों के भीतर पहचान तंत्र (identification mechanism) लागू करने का निर्देश दिया है। यह आदेश एम. प्रसन्ना कुमार द्वारा दायर एक याचिका के बाद आया, जो 2011 में प्रोविजनली नामांकित (provisionally enrolled) हुए थे, लेकिन कथित तौर पर AIBE परीक्षा पास किए बिना एक दशक से अधिक समय तक वकालत कर रहे थे।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थाKSBC: कर्नाटक स्टेट बार काउंसिल (Karnataka State Bar Council) कर्नाटक में एडवोकेट्स के लिए रेगुलेटरी बॉडी है।
- विज्ञान-तकनीकAIBE: All India Bar Examination भारत में एडवोकेट्स (Advocates) के लिए एक अनिवार्य क्वालीफाइंग एग्जाम है।
- तथ्यहाई कोर्ट ने डिजिटल पहचान तंत्र (digital identification mechanism) बनाने के लिए 45 दिनों की समय-सीमा तय की।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
All India Bar Examination (AIBE) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- कर्नाटक स्टेट बार काउंसिल कर्नाटक में एडवोकेट्स (advocates) के लिए रेगुलेटरी बॉडी है।
- हाई कोर्ट ने डिजिटल आइडेंटिफिकेशन मैकेनिज्म (digital identification mechanism) बनाने के लिए 15 दिनों की समय-सीमा तय की।
- AIBE भारत में एडवोकेट्स (Advocates) के लिए एक अनिवार्य क्वालीफाइंग परीक्षा है।
- (a)केवल 1
- (b)केवल 3
- (c)केवल 1 और 3
- (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (c) केवल 1 और 3 — कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है: हाई कोर्ट ने 45 दिनों की समय-सीमा (timeline) अनिवार्य की थी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: न्यायिक प्रणाली की अखंडता सुनिश्चित करने और वादी के अधिकारों की रक्षा करने में कानूनी चिकित्सकों के लिए अनिवार्य योग्यता परीक्षाओं के महत्व पर चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- रेगुलेटरी ओवरसाइट: अनिवार्य सर्टिफिकेशन और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए प्रोफेशनल जवाबदेही सुनिश्चित करना
- जनहित: मुकदमों में वादी को अयोग्य कानूनी प्रतिनिधित्व से बचाना और मानक कानूनी योग्यता सुनिश्चित करना
मुख्य शब्द: प्रोफेशनल रेगुलेशन · न्यायिक सत्यनिष्ठा · जवाबदेही · डिजिटल गवर्नेंस · लीगल एथिक्स
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।