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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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दिल्ली वोटर लिस्ट में मुस्लिम वोटरों को 60% ज़्यादा फ्लैग किया गया

GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)· प्रीलिम्स + मेन्स·

मतदाता सूची में एल्गोरिद्मिक बायस (Algorithmic bias): डिजिटल गवर्नेंस और समावेशी प्रतिनिधित्व पर एक GS2 केस स्टडी।

चर्चा में क्यों

द हिंदू द्वारा किए गए एक विश्लेषण से पता चला है कि भारत निर्वाचन आयोग के ERONET सॉफ्टवेयर ने दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची (draft electoral rolls) में 'लॉजिकल विसंगतियों' (logical discrepancies) के आधार पर असंगत रूप से मुस्लिमों को चिह्नित किया है।

पृष्ठभूमि

दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची में चिह्नित किए गए 33.12 लाख मतदाताओं में से 20.3% मुस्लिम थे। विश्लेषण में पाया गया कि 'संतान >=6' जैसे संकेतकों के आधार पर मुस्लिमों के चिह्नित होने की संभावना गैर-मुस्लिमों की तुलना में 60% अधिक थी।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • संस्थाERONET: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा मतदाता सूची प्रबंधन के लिए उपयोग किया जाने वाला सॉफ्टवेयर।
  • तथ्यदिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची में चिह्नित 33.12 लाख मतदाताओं में से मुस्लिम 20.3% थे।
  • तथ्यगैर-मुस्लिमों की तुलना में मुस्लिमों के 'logical discrepancies' के लिए फ्लैग किए जाने की संभावना 60% अधिक थी।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

ERONET सॉफ्टवेयर और दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

  1. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची प्रबंधन के लिए ERONET सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाता है।
  2. दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची में चिह्नित 33.12 लाख मतदाताओं में से मुस्लिम समुदाय की हिस्सेदारी 20.3% थी।
  3. गैर-मुस्लिमों की तुलना में मुस्लिमों के लिए लॉजिकल विसंगतियों (logical discrepancies) के कारण फ्लैग किए जाने की संभावना 30% अधिक थी।
  1. (a)केवल 1
  2. (b)केवल 3
  3. (c)केवल 1 और 2
  4. (d)केवल 1 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (c) केवल 1 और 2 — कथन 1 और 2 सही हैं। कथन 3 गलत है: नोट में उल्लेख है कि उनके फ्लैग (flagged) होने की संभावना 60% अधिक थी।

मेन्स के लिए

प्रश्न: मतदाता सूची प्रबंधन में एल्गोरिथम संबंधी पूर्वाग्रह (algorithmic bias) के लोकतांत्रिक मतदान के अधिकार और समावेशी प्रतिनिधित्व के सिद्धांत पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • एल्गोरिथमिक बायस: मतदाता सूची शुद्धिकरण में ऑटोमेटेड सिस्टम द्वारा सामाजिक-आर्थिक पूर्वाग्रहों के मजबूत होने का जोखिम
  • पारदर्शिता की कमी: 'लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी' के मापदंडों के बारे में औपचारिक स्पष्टीकरण या सार्वजनिक खुलासे का अभाव
  • लोकतांत्रिक क्षरण: तकनीकी फ़िल्टरिंग के ज़रिए अल्पसंख्यक समुदायों के मताधिकार के हटने की संभावना

मुख्य शब्द: एल्गोरिथमिक बायस · अधिकारों से वंचित करना · डेटा इंटीग्रिटी · समावेशी प्रतिनिधित्व · डिजिटल गवर्नेंस

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS2 · चुनाव, चुनाव आयोग एवं चुनाव सुधार

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।