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भाग I · स्था. 11.2025 
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प्रोफेशनल प्रोग्राम्स में बीच में फीस बढ़ाना नहीं होगा संभव, सुप्रीम कोर्ट का फैसला

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उच्च शिक्षा में शुल्क पारदर्शिता और नियामक निगरानी: एक GS2 सामाजिक न्याय और नैतिकता (Social Justice and Ethics) केस स्टडी।

चर्चा में क्यों

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है कि शैक्षणिक संस्थान प्रोफेशनल प्रोग्राम के बीच में फीस नहीं बढ़ा सकते और नामांकन के समय फीस में पारदर्शिता की मांग की है।

पृष्ठभूमि

न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और AICTE रेगुलेशंस 1994 का हवाला दिया। नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस के आंकड़ों से पता चला कि प्रोफेशनल प्रोग्राम की फीस सामान्य एकेडमिक प्रोग्राम की तुलना में 711% अधिक थी।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • संस्थाAICTE: All India Council for Technical Education, तकनीकी शिक्षा नियमों की निगरानी के लिए स्थापित।
  • तथ्यNSSO के डेटा के अनुसार, प्रोफेशनल प्रोग्राम की फीस जनरल एकेडमिक प्रोग्राम की तुलना में 711% अधिक पाई गई।
  • पदजस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और आलोक अराधे ने सुप्रीम कोर्ट बेंच की अध्यक्षता की।
  • योजनानेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020: फीस पारदर्शिता के संबंध में कोर्ट द्वारा उद्धृत किया गया फ्रेमवर्क।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

भारत में प्रोफेशनल एजुकेशन फीस रेगुलेशंस (professional education fee regulations) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. NSSO के आंकड़ों के अनुसार, प्रोफेशनल प्रोग्राम की फीस जनरल एकेडमिक प्रोग्राम की तुलना में 711% अधिक थी।
  2. सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि शैक्षणिक संस्थान प्रोफेशनल प्रोग्राम्स के बीच में फीस बढ़ा सकते हैं।
  3. फीस पारदर्शिता (fee transparency) के संबंध में कोर्ट ने नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 का हवाला दिया।
  1. (a)केवल 1
  2. (b)केवल 2
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (c) केवल 1 और 3 — कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है: कोर्ट ने फैसला दिया कि मिड-स्ट्रीम (mid-stream) फीस वृद्धि की अनुमति नहीं है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: उच्च शिक्षा के व्यावसायीकरण को रोकने और शुल्क पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निजी व्यावसायिक शिक्षा में विनियामक निरीक्षण की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • रेगुलेटरी गैप: प्राइवेट प्रोफेशनल कोर्सेज के लिए स्टैंडर्ड फीस कैप की कमी से मनमानी बढ़ोतरी
  • उपभोक्ता अधिकार: कुल शैक्षिक खर्च के संबंध में छात्रों के सूचित विकल्प के अधिकार का उल्लंघन
  • पॉलिसी अलाइनमेंट: मार्केट-ड्रिवन फीस स्ट्रक्चर और NEP 2020 के समावेशी लक्ष्यों के बीच टकराव

मुख्य शब्द: फीस में पारदर्शिता · रेगुलेटरी ओवरसाइट · सूचना का अधिकार · शिक्षा का व्यावसायीकरण · NEP 2020

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS2 · न्यायपालिका एवं ऐतिहासिक फैसलेयह भी: GS2 · पारदर्शिता, जवाबदेही एवं RTI

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।