नेस्ले इंडिया और ज़ाइडस वेलनेस को FSSAI का नोटिस, भ्रामक दावे पर एक्शन
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शिशु पोषण का नियामक निरीक्षण (Regulatory oversight): उपभोक्ता संरक्षण और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर एक GS2 केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने इन्फेंट मिल्क सब्स्टिट्यूट्स (infant milk substitutes) और पोषण संबंधी उत्पादों के बारे में भ्रामक दावे करने के आरोप में नेस्ले इंडिया (Nestle India) और ज़ायडस वेलनेस (Zydus Wellness) को नोटिस जारी किए हैं।
पृष्ठभूमि
FSSAI ने नेस्ले इंडिया (Nestle India) और ज़ायडस वेलनेस (Zydus Wellness) को NAN Excella Pro Stage 1, Lactogen Pro 1 पाउडर और कॉम्प्लान (Complan) के संबंध में नोटिस जारी किए हैं। ब्रेस्टफीडिंग प्रमोशन नेटवर्क ऑफ इंडिया (BPNI) के डॉ. अरुण गुप्ता ने इन्फेंट मिल्क सब्स्टिट्यूट्स एक्ट, 1992 (Infant Milk Substitutes Act, 1992) के तहत कार्रवाई की मांग की है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थाFSSAI: फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया।
- अधिनियम / विधेयकइन्फेंट मिल्क सब्स्टिट्यूट्स एक्ट (Infant Milk Substitutes Act), 1992: दूध के विकल्पों (milk substitutes) के प्रचार और बिक्री को विनियमित करने वाला कानून।
- तथ्यजांच के दायरे में आने वाले प्रोडक्ट्स: NAN एक्सेला प्रो स्टेज 1, लैक्टोजेन प्रो 1 पाउडर, और कॉम्प्लान।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
Infant Milk Substitutes Act, 1992 के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- इन्फेंट मिल्क सब्स्टिट्यूट्स एक्ट (Infant Milk Substitutes Act) को 1995 में लागू किया गया था।
- यह एक्ट दूध के विकल्पों (milk substitutes) के प्रमोशन और बिक्री को रेगुलेट करता है।
- FSSAI ने इन प्रोडक्ट्स के संबंध में Nestle India और Zydus Wellness को नोटिस जारी किए।
- (a)केवल 1
- (b)केवल 2
- (c)केवल 2 और 3
- (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (c) केवल 2 और 3 — कथन 2 और 3 सही हैं। कथन 1 गलत है: नोट के अनुसार यह Act 1992 में लागू किया गया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सार्वजनिक स्वास्थ्य और मातृ-शिशु पोषण सुनिश्चित करनेके लिए शिशु आहार (infant milk substitutes) के विपणन पर कड़े विनियामक तंत्र की आवश्यकता का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- रेगुलेटरी ओवरसाइट: इन्फेंट मिल्क सब्स्टिट्यूट्स एक्ट, 1992 के साथ कॉर्पोरेट कंप्लायंस सुनिश्चित करना
- सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम: भ्रामक पोषण संबंधी दावों को शिशुओं के विकास और ब्रेस्टफीडिंग रेट पर असर डालने से रोकना
- डिजिटल गवर्नेंस: हेल्थ से जुड़े प्रोडक्ट्स के लिए इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग और सोशल मीडिया दावों की निगरानी
मुख्य शब्द: रेगुलेटरी कंप्लायंस · सार्वजनिक स्वास्थ्य वकालत · उपभोक्ता संरक्षण · शिशु पोषण · मार्केटिंग एथिक्स
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।