ओवरचार्जिंग कंपनियों से सिर्फ 1,582.4 करोड़ की रिकवरी, सुप्रीम कोर्ट ने NPPA से सवाल पूछे
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आवश्यक दवाओं की कीमतों में नियामक निगरानी और प्रवर्तन की कमियां: GS2 सामाजिक न्याय और सार्वजनिक स्वास्थ्य का एक केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) से सवाल किया है कि जब ओवरचार्जिंग करने वाली कंपनियों से ₹10,029.8 करोड़ की मांग की गई थी, तो उसने केवल ₹1,582.4 करोड़ की कम रिकवरी दर ही क्यों हासिल की।
पृष्ठभूमि
31 मार्च, 2026 तक, NPPA ने आवश्यक दवाओं के लिए अत्यधिक शुल्क वसूलने वाली कंपनियों से कुल ₹10,029.8 करोड़ की मांग में से केवल ₹1,582.4 करोड़ की वसूली की। इस मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की सुप्रीम कोर्ट की बेंच द्वारा की गई।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थाNPPA: National Pharmaceutical Pricing Authority वह संस्था है जो आवश्यक दवाओं पर ट्रेड मार्जिन (trade margins) की सीमा तय करने के लिए जिम्मेदार है।
- तथ्यरिकवरी राशि: 31 मार्च, 2026 तक ₹10,029.8 करोड़ की मांग में से ₹1,582.4 करोड़ की रिकवरी की गई।
- पदऐश्वर्या भाटी: एडिशनल सॉलिसिटर-जनरल (Additional Solicitor-General) जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट के सामने पेशी दी।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
भारत में आवश्यक दवाओं (essential medicines) पर ट्रेड मार्जिन की सीमा तय करने के लिए कौन सी संस्था जिम्मेदार है?
- (a)नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी
- (b)भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण
- (c)ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया
- (d)सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन
उत्तर देखें
उत्तर: (a) नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी — NPPA वह संस्था है जो आवश्यक दवाओं (essential medicines) पर ट्रेड मार्जिन की सीमा तय करने के लिए जिम्मेदार है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: औषधीय कीमतों को विनियमित करने और निजी कंपनियों से अधिक वसूली गई राशि की प्रभावी वसूली सुनिश्चित करने में राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) के समक्ष आने वाली संस्थागत चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- रेगुलेटरी बॉटलनेक: ट्रेड मार्जिन उल्लंघन की रियल-टाइम निगरानी और दंड के लिए अप्रभावी प्रवर्तन तंत्र
- राजस्व की चोरी: मांगी गई और वसूली गई राशि के बीच बड़ा अंतर प्रशासनिक कमियों को दर्शाता है
- मार्केट डिस्टॉर्शन: प्राइवेट संस्थाओं द्वारा अत्यधिक चार्जिंग से आम जनता के लिए किफायती हेल्थकेयर का उद्देश्य प्रभावित हो रहा है
मुख्य शब्द: रेगुलेटरी ओवरसाइट · प्राइस कैपिंग · संस्थागत जवाबदेही · सार्वजनिक स्वास्थ्य समानता · एन्फोर्समेंट गैप
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।