सत्याधीशसत्याधीश
SatyaDheesh
भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
ताज़ा करने के लिए खींचें
भाग I · स्था. 11.2025 
SatyaDheesh
सत्याधीश
भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
लाइव

कर्नाटक में बनेगा पहला ट्राइबल यूनिवर्सिटी, चल्लकेरे में 120 एकड़ में होगा निर्माण

GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)· प्रीलिम्स·

सामाजिक न्याय और सांस्कृतिक संरक्षण: जनजातीय सशक्तिकरण और स्वदेशी ज्ञान (Indigenous Knowledge) पर आधारित एक प्रासंगिक GS2 विषय।

चर्चा में क्यों

अनुसूचित जनजातियों के कल्याण मंत्री, टी. रघुमूर्ति ने जनजातीय विरासत को संरक्षित करने और कौशल-आधारित शिक्षा प्रदान करने के लिए चल्लकेरे तालुक में कर्नाटक की पहली ट्राइबल यूनिवर्सिटी (Tribal University) की स्थापना की घोषणा की।

पृष्ठभूमि

यह विश्वविद्यालय कर्नाटक के चल्लकेरे तालुका में 120 एकड़ के क्षेत्र में स्थित होगा। इसे जनजातीय कला, भाषा, साहित्य, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान में विशेष अध्ययन प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • स्थानचल्लकेरे तालुका कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में स्थित है।
  • तथ्यप्रस्तावित ट्राइबल यूनिवर्सिटी (Tribal University) की स्थापना 120 एकड़ के भूखंड पर की जाएगी।
  • तथ्ययूनिवर्सिटी का करिकुलम (curriculum) जनजातीय कला, भाषा, साहित्य, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान पर केंद्रित होगा।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

कर्नाटक में प्रस्तावित ट्राइबल यूनिवर्सिटी (Tribal University) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. पाठ्यक्रम में जनजातीय कला, भाषा, साहित्य, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान (traditional knowledge) पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
  2. यूनिवर्सिटी 150 एकड़ के लैंड पार्सल (land parcel) पर स्थित होगी।
  3. यह यूनिवर्सिटी कर्नाटक के चल्लकेरे तालुक में स्थापित की जाएगी।
  1. (a)केवल 2
  2. (b)केवल 1 और 3
  3. (c)केवल 2 और 3
  4. (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (b) केवल 1 और 3 — कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है: यूनिवर्सिटी की स्थापना 120 एकड़ के लैंड पार्सल (land parcel) पर की जाएगी।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में विशेष जनजातीय विश्वविद्यालयों की स्थापना किस प्रकार अनुसूचित जनजातियों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण और सांस्कृतिक संरक्षण में योगदान दे सकती है, चर्चा कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • सांस्कृतिक संरक्षण: सांस्कृतिक क्षरणरोकने के लिए स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों और मौखिक परंपराओं को संस्थागत बनाना
  • कौशल-आधारित सशक्तिकरण: पारंपरिक आदिवासी शिल्प और आधुनिक मार्केट की डिमांड के बीच की दूरी को कम करना
  • शैक्षिक समानता: मुख्यधारा की उच्च शिक्षा व्यवस्था से आदिवासी समुदायों के ऐतिहासिक बहिष्कार को दूर करना

मुख्य शब्द: सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण · सांस्कृतिक संरक्षण · स्वदेशी ज्ञान · शिक्षा की समानता · कौशल-आधारित शिक्षा

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS2 · सरकारी नीतियां एवं योजनाएंयह भी: GS1 · कला, स्थापत्य एवं संस्कृति

सामाजिक न्याय पर और नोट्स

सभी सामाजिक न्याय करेंट अफेयर्स →

कोई गलती या कोई कमी?

किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।

गलती बताएँ →कुछ और चाहिए? बताएँ →[email protected]

यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।