सत्याधीशसत्याधीश
SatyaDheesh
भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
ताज़ा करने के लिए खींचें
भाग I · स्था. 11.2025 
SatyaDheesh
सत्याधीश
भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
लाइव

सुप्रीम कोर्ट में विरोध प्रदर्शन की जगह नहीं, भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा

GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· न्यायपालिका एवं ऐतिहासिक फैसले· प्रीलिम्स·

न्यायिक स्वतंत्रता और सार्वजनिक व्यवस्था: संस्थागत पवित्रता बनाम विरोध के अधिकार पर GS2 केस स्टडी।

चर्चा में क्यों

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और तीन न्यायाधीशों की एक बेंच ने कहा कि 10 अक्टूबर, 2026 को हुई कार्रवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट विरोध प्रदर्शन का स्थल नहीं बनना चाहिए।

पृष्ठभूमि

न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना सहित एक तीन न्यायाधीशों की बेंच ने 12 अक्टूबर, 2026 को यह टिप्पणी की कि सुप्रीम कोर्ट विरोध प्रदर्शन का स्थल नहीं होना चाहिए। अदालत 13 अक्टूबर, 2026 को सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के सदस्यों से संबंधित हिरासत के मामलों पर याचिकाओं पर सुनवाई करने वाली है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • पदसूर्यकांत: अक्टूबर 2026 तक भारत के मुख्य न्यायाधीश।
  • संस्थाSCBA: सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (Supreme Court Bar Association)।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनी जाने वाली डिटेंशन (detention) से संबंधित याचिकाओं से कौन सी बॉडी (body) जुड़ी हुई है?

  1. (a)लीगल सर्विसेज अथॉरिटी
  2. (b)नेशनल बार काउंसिल
  3. (c)हाई कोर्ट बार एसोसिएशन
  4. (d)सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन
उत्तर देखें

उत्तर: (d) सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन — नोट में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के सदस्यों की हिरासत से संबंधित याचिकाओं का उल्लेख है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: एक लोकतंत्र में विरोध करने के अधिकार और न्यायिक संस्थानों की पवित्रता एवं सुरक्षा बनाए रखने की आवश्यकता के बीच संतुलन के महत्व का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • संस्थागत अखंडता: कानूनी कार्यवाही में बाधा रोकने के लिए न्यायपालिका की भौतिक सुरक्षा सुनिश्चित करना
  • संवैधानिक संघर्ष: शांतिपूर्ण ढंग से इकट्ठा होने के अनुच्छेद 19(1) के अधिकार और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के राज्य के कर्तव्य के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: न्यायिक स्वतंत्रता · सार्वजनिक व्यवस्था · विरोध का अधिकार · कानून का शासन · संस्थागत पवित्रता

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗

राजव्यवस्था एवं संविधान पर और नोट्स

सभी राजव्यवस्था एवं संविधान करेंट अफेयर्स →

कोई गलती या कोई कमी?

किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।

गलती बताएँ →कुछ और चाहिए? बताएँ →[email protected]

यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।