सत्याधीशसत्याधीश
SatyaDheesh
भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
ताज़ा करने के लिए खींचें
भाग I · स्था. 11.2025 
SatyaDheesh
सत्याधीश
भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
लाइव

तमिलनाडु में प्राइवेट कंपनियों को जाति का डेटा मांगना अब नहीं होगा ज़रूरी

GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)· प्रीलिम्स + मेन्स·

निजता बनाम डेटा कलेक्शन: निजता के अधिकार और प्रणालीगत भेदभाव (Systemic Discrimination) पर एक GS2 केस स्टडी।

चर्चा में क्यों

एन. विक्रमन द्वारा दायर एक PIL के आधार पर, मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने फैसला सुनाया है कि तमिलनाडु में निजी नियोक्ता और शैक्षणिक संस्थान अनिवार्य रूप से जाति का विवरण नहीं मांग सकते।

पृष्ठभूमि

यह निर्णय जस्टिस सी.वी. कार्तिकेयन और आर. सक्तिवेल द्वारा दिया गया। कोर्ट ने माना कि ऐसी आवश्यकताओं के लिए कोई वैधानिक आधार (Statutory backing) नहीं है और ये निजता के अधिकार का उल्लंघन करती हैं, जिससे प्रवेश और रोजगार में भेदभाव की संभावना बढ़ सकती है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • स्थानमद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच तमिलनाडु में स्थित है।
  • तथ्यकोर्ट ने प्राइवेट एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस और एम्प्लॉयर्स द्वारा जाति का विवरण अनिवार्य रूप से इकट्ठा करने के खिलाफ फैसला सुनाया।
  • पदयह फैसला जस्टिस सी.वी. कार्तिकेयन और आर. सक्तिवेल द्वारा दिया गया।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

जातिगत डेटा संग्रह (caste data collection) पर मद्रास हाई कोर्ट के फैसले के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. कोर्ट ने टिप्पणी की कि अनिवार्य कलेक्शन (mandatory collection) से एडमिशन और रोजगार में भेदभाव की स्थिति पैदा हो सकती है।
  2. कोर्ट ने फैसला दिया कि प्राइवेट एम्प्लॉयर्स (private employers) कानूनी आधार के साथ अनिवार्य रूप से जाति का विवरण एकत्र कर सकते हैं।
  3. यह फैसला मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच द्वारा दिया गया।
  1. (a)केवल 1
  2. (b)केवल 1 और 2
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)केवल 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (c) केवल 1 और 3 — कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है: कोर्ट ने माना कि ऐसी आवश्यकताओं के लिए कोई वैधानिक आधार (statutory backing) नहीं है और वे प्राइवेसी अधिकारों (privacy rights) का उल्लंघन करती हैं।

मेन्स के लिए

प्रश्न: निजी क्षेत्रों में जाति संबंधी विवरणों के अनिवार्य प्रकटीकरण के संदर्भ में, संस्थागत डेटा संग्रह की आवश्यकताओं और निजता के अधिकार के बीच उत्पन्न होने वाले द्वंद्व का विश्लेषण कीजिए।

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS2 · मौलिक अधिकार, नीति निदेशक तत्व एवं कर्तव्य

सामाजिक न्याय पर और नोट्स

सभी सामाजिक न्याय करेंट अफेयर्स →

कोई गलती या कोई कमी?

किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।

गलती बताएँ →कुछ और चाहिए? बताएँ →[email protected]

यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।