4.4 तीव्रता के भूकंप से ग्लेशियर गिरा, सैकड़ों की मौत, बैरियर लेक टूटने का खतरा
चर्चा में क्यों: नेपाल-चीन सीमा के निकट 4.4 तीव्रता के भूकंप/भूस्खलन के कारण एक विशाल ग्लेशियर का गिरना हुआ, जिससे 100 किलोमीटर तक मलबे का प्रवाह हुआ जिसने जलविद्युत परियोजनाओं और गाँवों को नष्ट कर दिया।
यह घटना 26 अगस्त को हिमालय में 5,000 मीटर से अधिक की ऊंचाई पर घटित हुई। मलबे का प्रवाह ल्हेंडे खोला, भोटे कोशी और त्रिशुली नदियों के माध्यम से भारत के बिहार राज्य तक पहुँचा। USGS ने इस भूकंपीय संकेत की व्याख्या 5.2 तीव्रता के भूकंप के समतुल्य 'ढलान विफलता' (slope failure) के रूप में की।
Prelims pointers (4)
- Fact26 अगस्त को 4.4 तीव्रता के भूकंप के कारण ग्लेशियर का गिरना हुआ।
- Placeयह आपदा नेपाल-चीन सीमा को प्रभावित करती हुई भारत के बिहार राज्य तक पहुँच गई।
- Environmentयह घटना लांगतांग नेशनल पार्क क्षेत्र में हुई।
- Factमलबे का प्रवाह (debris flow) कई नदी प्रणालियों से होकर 100 km की दूरी तय कर गया।
Mains angle
Q. हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर झील विसर्जन बाढ़ (GLOFs) से उत्पन्न होने वाले भू-वैज्ञानिक और पर्यावरणीय जोखिमों की चर्चा कीजिए और इनके शमन हेतु उपयुक्त रणनीतियों का सुझाव दीजिए।
- geological instability
- impact on hydropower infrastructure
- transboundary disaster management
- climate change impact
Keywords: slope failure · glacial lake outburst flood · seismic activity · transboundary disaster · hydropower vulnerability