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GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह (QUAD, BRICS, SCO, G20...)प्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: भारत ने पहले BIMSTEC गृह मंत्रियों के सम्मेलन की मेजबानी की, जहाँ सदस्य देशों ने कट्टरपंथ, आतंकवाद और अवैध वित्तपोषण (Illicit Financing) से निपटने के लिए 'दिल्ली घोषणा' पर हस्ताक्षर किए।
यह बैठक 13 अक्टूबर, 2026 को भारत में आयोजित की गई। दिल्ली घोषणा (Delhi Declaration) में नशीली दवाओं के नियंत्रण और साइबर-सुरक्षा सहित पांच सहयोग क्षेत्रों की पहचान की गई है। प्रमुख उपस्थित लोगों में अमित शाह (भारत), मंज़ूर मोर्शेद चौधरी (बांग्लादेश) और सुधन गुरुंग (नेपाल) शामिल थे।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- तथ्यदिल्ली डिक्लेरेशन (Delhi Declaration) में ड्रग कंट्रोल और साइबर-सिक्योरिटी (cyber-security) सहित पांच सहयोग क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
- स्थानबांग्लादेश और नेपाल BIMSTEC ब्लॉक के सदस्य देश हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: गैर-पारंपरिक सुरक्षा खतरों के विरुद्ध बिम्सटेक (BIMSTEC) सदस्य देशों के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को सुदृढ़ करने में दिल्ली घोषणापत्र के महत्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- संस्थागत तालमेल: आतंकवाद विरोधी और साइबर-सुरक्षा प्रोटोकॉल को सिंक्रोनाइज़ करने के लिए BIMSTEC फ्रेमवर्क का लाभ उठाना
- ट्रांसनेशनल क्राइम: अवैध फाइनेंसिंग और ड्रग ट्रैफिकिंग को साझा क्षेत्रीय सुरक्षा कमज़ोरियों के रूप में संबोधित करना
मुख्य शब्द: क्षेत्रीय सहयोग · गैर-पारंपरिक सुरक्षा · आतंकवाद विरोधी · ट्रांसनेशनल क्राइम · दिल्ली घोषणा
GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › वैधानिक, नियामक एवं अर्ध-न्यायिक संस्थाएंप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: स्टेट इंफॉर्मेशन कमीशन (SIC) ने कोच्चि कॉर्पोरेशन से स्पष्टीकरण मांगा है, क्योंकि इस संस्था ने बार-बार RTI लगाने वाले आवेदकों का विवरण विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो को सौंप दिया है।
कोच्चि कॉर्पोरेशन, जिसकी अध्यक्षता मेयर वी.के. कर रहे हैं, ने आवेदनों पर रोक लगाने के विरुद्ध तर्क देने के लिए अनुच्छेद 19(1)(a) और सुप्रीम कोर्ट के CBSE बनाम बंदोपाध्याय और अन्य (Bandhopadhyay and Others) मामले का हवाला दिया।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- संस्थास्टेट इंफॉर्मेशन कमीशन (SIC) राज्य में RTI अनुपालन की निगरानी करने वाली संस्था है।
- संस्थाविजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो वह एजेंसी है जिसे कोच्चि कॉर्पोरेशन ने आवेदक का विवरण सौंपा।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सूचना के अधिकार के बार-बार किए जाने वाले आवेदनों के संदर्भ में, प्रशासनिक सुरक्षा और सूचना के मौलिक अधिकार के मध्य उत्पन्न होने वाले अंतर्विरोधों का विश्लेषण कीजिए।
- संवैधानिक टकराव: अनुच्छेद 19(1) के तहत सूचना के अधिकार और दुरुपयोग की प्रशासनिक चिंताओं के बीच संतुलन
- संस्थागत निगरानी: RTI आवेदकों के खिलाफ कार्यकारी अतिरेक को रोकने में स्टेट इंफॉर्मेशन कमीशन की भूमिका
मुख्य शब्द: सूचना का अधिकार · प्रशासनिक विवेकाधिकार · संवैधानिकवाद · पारदर्शिता · कार्यपालिका की अतिरेक
चर्चा में क्यों: पारदर्शिता कार्यकर्ताओं अंजलि भारद्वाज और अमृता जोहरी ने दिल्ली विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) से 47,56,722 मतदाताओं को बाहर करने को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है।
याचिका में यह आरोप लगाया गया है कि 'ASDD' श्रेणी के तहत बाहर किए गए मतदाताओं को अपने नाम को पुन: शामिल करने के लिए फॉर्म 6 का उपयोग करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि यह विसंगति जन प्रतिनिधित्व अधिनियम (Representation of the People Act - RPA), 1950 का उल्लंघन करती है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- अधिनियम / विधेयकरिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट (RPA), 1950: यह निर्वाचकों के पंजीकरण और चुनावों के संचालन को नियंत्रित करता है।
- तथ्यदिल्ली रिवीजन में रिपोर्ट के अनुसार, ‘ASDD’ कैटेगरी के तहत 47,56,722 मतदाताओं को बाहर रखा गया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के सिद्धांत को बनाए रखने में एक समावेशी और त्रुटिहीन मतदाता सूची सुनिश्चित करने के महत्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- प्रक्रियात्मक बाधा: फॉर्म 6 की जटिलता से पिछड़े वर्ग के मतदाताओं के अधिकार छिनने की संभावना
- साविधिक उल्लंघन: प्रशासनिक पुनरीक्षण श्रेणियों और रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट, 1950 के बीच टकराव
- डेटा इंटीग्रिटी: बड़े पैमाने पर डिजिटल और मैनुअल मतदाता सूची पुनरीक्षण में सिस्टमैटिक विसंगतियों के जोखिम
मुख्य शब्द: सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार · मतदाता सूची · जनप्रतिनिधित्व अधिनियम · अधिकारों से वंचित करना · प्रशासनिक विसंगति
चर्चा में क्यों: NTPC ने आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में एक ग्रीन हाइड्रोजन हब विकसित करने की योजना की घोषणा की है, जिसके लिए वह अपने सिमहाद्री पावर स्टेशन से निकलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग करेगा।
NTPC की योजना 20 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के माध्यम से सिमहरी पावर स्टेशन से CO2 प्राप्त करके ग्रीन अमोनिया या ग्रीन मेथनॉल का उत्पादन करने की है। कंपनी वर्तमान में दक्षिण कोरिया, जर्मनी और जापान के संभावित खरीदारों (offtakers) के साथ बातचीत कर रही है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यNTPC, सिम्हाद्री पावर स्टेशन से विशाखापट्टनम हब तक CO2 परिवहन के लिए 20 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन का निर्माण कर रहा है।
- स्थानविशाखापट्टनम, आंध्र प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन हब विकसित किया जा रहा है।
- तथ्यNTPC अपने रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो (renewable energy portfolio) के हिस्से के रूप में ग्रीन अमोनिया या ग्रीन मेथनॉल उत्पादन की योजना बना रहा है।
- संस्था20th इंडिया एनर्जी समिट (India Energy Summit) का आयोजन इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (Indian Chamber of Commerce) द्वारा किया गया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की निम्न-कार्बन अर्थव्यवस्था की ओर संक्रमण में हरित हाइड्रोजन की भूमिका और एक वाणिज्यिक हाइड्रोजन आपूर्ति श्रृंखला स्थापित करने में आने वाली तार्किक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
- मार्केट व्यवहार्यता: ग्रीन अमोनिया और मेथनॉल के लिए पायलट प्रोजेक्ट्स से भरोसेमंद कमर्शियल डिमांड की ओर बढ़ना
- इंफ्रास्ट्रक्चर की ज़रूरतें: समर्पित CO2 ट्रांसपोर्ट पाइपलाइन्स और लोकल प्रोडक्शन हब्स की अनिवार्यता
- ग्लोबल इंटीग्रेशन: दक्षिण कोरिया, जर्मनी और जापान में इंटरनेशनल ऑफटेकर्स सुरक्षित करने का रणनीतिक महत्व
मुख्य शब्द: ग्रीन हाइड्रोजन · डिकार्बोनाइजेशन · रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो · कार्बन कैप्चर · ऊर्जा ट्रांज़िशन · व्यावसायिक व्यवहार्यता
चर्चा में क्यों: केरल सरकार ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के समक्ष राज्य के पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र (Ecologically Sensitive Area - ESA) को 1,403.01 वर्ग किमी कम करने का प्रस्ताव पेश किया है।
प्रस्ताव का उद्देश्य ESA (Ecologically Sensitive Area) को 9,993.7 वर्ग किमी से घटाकर 8,590.69 वर्ग किमी करना है। इसमें विशेष रूप से सबरीमाला सन्निधम, पम्पा, निलक्कल पार्किंग ग्राउंड और नीलिमाला मार्ग को ESA की सीमाओं से बाहर रखा गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- स्थानकेरल के ESA (Ecologically Sensitive Area) की सीमाओं से सबरीमाला सन्निधम, पम्पा, नीलकड पार्किंग ग्राउंड और नीलीमाला रूट को बाहर करने का प्रस्ताव है।
- तथ्यकेरल के Ecologically Sensitive Area में प्रस्तावित कटौती 1,403.01 sq.km है।
- स्थानपास की अन्य साइटों को बाहर करने के बावजूद, स्वामी अय्यप्पन रोड अभी भी ESA की सीमाओं में शामिल है।
- स्थानपेरियार टाइगर रिज़र्व के भीतर बफर ज़ोन रेगुलेशंस (Buffer zone regulations) के बने रहने की उम्मीद है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों (Eco-Sensitive Zones) में पारिस्थितिक संरक्षण और धार्मिक एवं विकासात्मक गतिविधियों के बीच संतुलन स्थापित करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
- रेगुलेटरी फ्रिक्शन: राज्य स्तर के भूमि उपयोग प्रस्तावों और केंद्र के पर्यावरण क्लीयरेंस आदेशों के बीच टकराव
- संरक्षण के ट्रेड-ऑफ: पेरियार टाइगर रिज़र्व में जैव विविधता सुरक्षा और भारी भीड़ वाले तीर्थयात्रा इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र · जैव विविधता संरक्षण · पर्यावरण गवर्नेंस · भूमि उपयोग नीति · सतत विकास
चर्चा में क्यों: बांग्लादेश के इकोनॉमिक रिलेशंस डिवीजन और चीन के EXIM बैंक ने मोंगला पोर्ट के आधुनिकीकरण के लिए 335.78 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस कदम ने क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
10 अक्टूबर को हस्ताक्षरित इस समझौते के तहत मोंगला पोर्ट (Mongla Port) पर दो कंटेनर टर्मिनलों के आधुनिकीकरण के लिए 2% ब्याज दर पर 335.78 मिलियन डॉलर का ऋण प्रदान किया जाएगा। यह समझौता जून में तारिक रहमान की चीन यात्रा के बाद हुआ है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यमोंगला पोर्ट (Mongla Port) के पुनरुद्धार के लिए लोन की राशि: $335.78 मिलियन।
- तथ्यलोन पर ब्याज दर: 2 प्रतिशत।
- संस्थाबैंक ऑफ चाइना (Bank of China): मोंगला पोर्ट आधुनिकीकरण प्रोजेक्ट के लिए ऋणदाता।
मेन्स के लिए
प्रश्न: दक्षिण एशिया में चीन द्वारा बढ़ते बुनियादी ढांचा वित्तपोषण के भारत की समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय प्रभाव पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
- भू-राजनीतिक तनाव: क्षेत्रीय पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भारत के IPGL और चीनी फाइनेंसिंग के बीच मुकाबला
- डेट-ट्रैप डिप्लोमेसी: पड़ोसी देशों में कम ब्याज वाले इंफ्रास्ट्रक्चर लोन से जुड़े जोखिम
- मैरिटाइम सिक्योरिटी: क्षेत्रीय लॉजिस्टिक्स हब्स में बदलाव भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' पॉलिसी को प्रभावित कर रहा है
मुख्य शब्द: इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग · समुद्री सुरक्षा · भू-राजनीतिक प्रभाव · डेट-ट्रैप डिप्लोमेसी · क्षेत्रीय कनेक्टिविटी
चर्चा में क्यों: चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने लद्दाख में 28 रणनीतिक स्थानों (strategic locations) को मानक नाम देने के भारत के फैसले का विरोध किया है। उन्होंने दावा किया कि ये क्षेत्र चीन के हैं।
2 अक्टूबर, 2026 को भारत के गृह मंत्रालय ने आधिकारिक भारतीय मानचित्र पर लद्दाख में 28 रणनीतिक स्थानों और भौगोलिक विशेषताओं को आधिकारिक रूप से चिह्नित किया। इनमें वास्तविक नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control - LAC) के साथ स्थित गोगरा और हॉट स्प्रिंग जैसे प्रमुख सीमा विवाद बिंदु शामिल हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
- स्थानगोग्रा और हॉट स्प्रिंग: लद्दाख में LAC के साथ रणनीतिक स्थान और घर्षण बिंदु (friction points)।
- तथ्यभारत ने लद्दाख में मानकीकृत नामकरण (standardized naming) के लिए 28 रणनीतिक स्थानों और भौगोलिक विशेषताओं की पहचान की है।
- स्थानपंगोंग लेक: 5 मई, 2020 को भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच गतिरोध (standoff) का स्थल।
- स्थानअलीशा गिरी, कनिष्क पीक और जोरावर पीक: लद्दाख नामकरण सूची में पहचाने गए विशिष्ट उच्च-ऊंचाई वाले शिखर/स्थान।
- तथ्यभारतीय और चीनी सेनाओं के बीच डिसइंगेजमेंट (Disengagement) प्रक्रिया 2022 में शुरू हुई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सीमा विवादों में मानचित्रों के नामकरण और भौगोलिक विशेषताओं के मानकीकरण किस प्रकार संप्रभुता के उपकरण और रणनीतिक संकेत के रूप में कार्य करते हैं, इस पर चर्चा कीजिए।
- कार्टोग्राफिक संप्रभुता: विवादित क्षेत्रों पर प्रशासनिक नियंत्रण और कानूनी दावे के लिए मानकीकृत नामकरण का उपयोग
- स्ट्रेटेजिक सिग्नलिंग: वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के घर्षण बिंदुओं पर 'डी फैक्टो' नियंत्रण मजबूत करने के लिए मैपिंग एक नॉन-काइनेटिक तरीका है
- डिप्लोमैटिक फ्रिक्शन: क्षेत्रीय अखंडता से जुड़े द्विपक्षीय सीमा समझौतों और एकपक्षीय प्रशासनिक कार्रवाइयों के बीच टकराव
मुख्य शब्द: मानचित्र संबंधी संप्रभुता · वास्तविक नियंत्रण रेखा · स्ट्रेटेजिक सिग्नलिंग · क्षेत्रीय अखंडता · सीमा प्रबंधन
GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम 2026 में कहा कि RBI रुपये में अत्यधिक उतार-चढ़ाव (volatility) को रोकने के प्रयासों को जारी रखेगा, जबकि साथ ही मुद्रा को अपने स्तर पर स्थिर होने की अनुमति भी देगा।
RBI ने स्पॉट मार्केट में अमेरिकी डॉलर की मांग को कम करने के लिए तेल विपणन कंपनियों (Oil Marketing Companies) के लिए एक विशेष विंडो बनाई है। साथ ही, सप्ताहांत में विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव (Forex Derivative) के नियमों को कड़ा कर दिया गया है। 13 अक्टूबर, 2026 को शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ₹94.96 पर पहुंच गया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्य13 अक्टूबर, 2026 को शुरुआती ट्रेड में रुपया 94.96 रुपये पर पहुंच गया।
- संस्थाRBI ने स्पॉट मार्केट में यू.एस. डॉलर की डिमांड को कम करने के लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के लिए एक स्पेशल विंडो बनाई।
- विज्ञान-तकनीकRBI ने रुपये के खिलाफ सट्टा लगाने (speculative bets) पर रोक लगाने के लिए forex derivatives ट्रेड से जुड़े नियमों को सख्त कर दिया है।
- पदनिर्मला सीतारमण भारत की केंद्रीय वित्त मंत्री हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मुद्रा की अस्थिरता के प्रबंधन में भारतीय रिज़र्व बैंक की भूमिका तथा बाजार-आधारित विनिमय दरों और राज्य के हस्तक्षेप के बीच निहित समझौतों (trade-offs) का विश्लेषण कीजिए।
- मार्केट इंटरवेंशन बनाम मार्केट फोर्सेस: रुपये के लेवल को 'फिक्स' किए बिना उसे स्थिर करने में RBI की भूमिका का संतुलन
- स्पेक्युलेटिव रिस्क मैनेजमेंट: फॉरेक्स डेरिवेटिव नियमों को सख्त करने का मार्केट लिक्विडिटी और स्पेक्युलेटिव बिहेवियर पर असर
- एक्सटर्नल डिमांड मैनेजमेंट: स्पॉट मार्केट में डॉलर की मांग कम करने के लिए ऑयल मार्केटिंग के लिए स्पेशल विंडो का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: करेंसी में उतार-चढ़ाव · मौनेटरी पॉलिसी · फॉरेक्स डेरिवेटिव्स · मैक्रो-इकोनॉमिक फंडामेंटल्स · एक्सचेंज रेट मैनेजमेंट
चर्चा में क्यों: कर्नाटक हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षण को बढ़ाकर 17% और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षण को बढ़ाकर 7% करने के फैसले को रद्द कर दिया है।
कर्नाटक हाई कोर्ट ने अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षण को 15% से बढ़ाकर 17% और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षण को 3% से बढ़ाकर 7% करने के फैसले को रद्द कर दिया है। उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने पुष्टि की है कि कैबिनेट इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील पर विचार करेगी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यकर्नाटक हाई कोर्ट ने SC आरक्षण को बढ़ाकर 17% करने के फैसले को रद्द कर दिया।
- तथ्यकर्नाटक हाई कोर्ट ने ST आरक्षण को बढ़ाकर 7% करने के फैसले को रद्द कर दिया।
- स्थानयह फैसला 13 अक्टूबर, 2026 को कर्नाटक हाई कोर्ट द्वारा दिया गया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: राज्य सरकारों द्वारा 50 प्रतिशत की आरक्षण की सीमा को पार करने की संवैधानिक वैधता और इन प्रावधानों के संरक्षण में नौवीं अनुसूची की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- न्यायिक निगरानी: राज्य-नेतृत्व वाले सोशल इंजीनियरिंग और सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित 50% कैप के बीच टकराव
- संवैधानिक सुरक्षा: आरक्षण नीतियों को न्यायिक समीक्षा से बचाने में नाइंथ शेड्यूल की कानूनी उपयोगिता
- संघीय टकराव: सामाजिक न्याय नीति में राज्य की स्वायत्तता बनाम समान राष्ट्रीय आरक्षण गाइडलाइन्स
मुख्य शब्द: न्यायिक समीक्षा · आरक्षण नीति · नौवीं अनुसूची · सामाजिक न्याय · संवैधानिक वैधता
चर्चा में क्यों: यूके के बिजनेस, इनोवेशन, साइंस एंड ट्रेड सेक्रेटरी जोनाथन रेनॉल्ड्स ने घोषणा की है कि भारत-यूके कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) 15 जुलाई, 2026 से लागू हो गया है।
CETA का उद्देश्य वाहनों, व्हिस्की, सैल्मन, सेवाओं, आभूषणों, चमड़े के सामान, कृषि, खाद्य और रक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देना है। इस सहयोग को सुगम बनाने के लिए 200 से अधिक व्यवसायों, सात मेयरों और तीन कैबिनेट मंत्रियों के एक ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल ने भारत का दौरा किया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यइंडिया-UK CETA 15 जुलाई, 2026 को लागू हो गया।
- तथ्यCETA में वाहनों, व्हिस्की, सैल्मन, सेवाओं, ज्वेलरी, लेदर गुड्स, कृषि, खाद्य और डिफेंस जैसे सेक्टर शामिल हैं।
- पदजोनाथन रेनॉल्ड्स: UK के बिजनेस, इनोवेशन, साइंस एंड ट्रेड के लिए सेक्रेटरी ऑफ स्टेट।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (CETA) किस प्रकार भारत की विनिर्माण और सेवा निर्यात महत्वाकांक्षाओं के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य कर सकता है, चर्चा कीजिए।
- ट्रेड डाइवर्सिफिकेशन: व्हिस्की और सैल्मन जैसे यूके-विशिष्ट हाई-वैल्यू गुड्स को जोड़कर सिंगल-मार्केट एक्सपोर्ट पर निर्भरता कम करना
- सर्विस सेक्टर सिनर्जी: भारत के बढ़ते फिनटेक और प्रोफेशनल सर्विसेज को मजबूत करने के लिए ब्रिटेन की फाइनेंशियल एक्सपर्टाइज का लाभ उठाना
- डिफेंस कोऑपरेशन: डिफेंस सेक्टर में जॉइंट प्रोडक्शन और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर बढ़ाने के लिए मैन्युफैक्चरिंग स्टैंडर्ड्स को एक साथ लाना
मुख्य शब्द: व्यापार उदारीकरण · द्विपक्षीय सहयोग · निर्यात प्रोत्साहन · आर्थिक एकीकरण · रणनीतिक साझेदारी
GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: व्यापारियों के अनुरोध के बाद, UPI और सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी ने मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) शुल्क के कार्यान्वयन को दिवाली के बाद नवंबर के दूसरे सप्ताह तक के लिए टाल दिया है।
UPI स्टीयरिंग कमेटी ने 2,000 रुपये से अधिक के लेनदेन के लिए MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) को 0.4% निर्धारित किया है। रेलवे, टेलीकॉम और ईंधन जैसे चुनिंदा क्षेत्रों के लिए यह शुल्क फ्लैट 5 रुपये रखा गया है। इस शुल्क का उद्देश्य UPI इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत को वित्तपोषित करना है, जिसका अनुमान सालाना लगभग 20,000 करोड़ रुपये है।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
- तथ्यRs 2,000 से अधिक के ट्रांजैक्शन के लिए UPI MDR को 0.4% पर सेट किया गया है।
- तथ्यरेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, फ्यूल और एग्रीकल्चरल इनपुट्स सहित चुनिंदा सेक्टर्स में ₹2,000 से ऊपर के ट्रांजैक्शन पर ₹5 का फ्लैट MDR लागू होता है।
- तथ्य₹75,000 या उससे अधिक के ट्रांजेक्शन के लिए MDR चार्ज की अधिकतम सीमा ₹300 तय की गई है।
- संस्थाNPCI (National Payments Corporation of India) UPI इंफ्रास्ट्रक्चर को मैनेज करता है और इसने कहा कि ये चार्जेस सिस्टम रेजिलिएंस (system resilience) और साइबर सिक्योरिटी के लिए फंड जुटाने में मदद करते हैं।
- तथ्यUPI के वार्षिक ऑपरेटिंग कॉस्ट (operating costs) का अनुमान लगभग 20,000 करोड़ रुपये है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र के लिए सरकारी सब्सिडी वाले मॉडल से आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचा वित्तपोषण मॉडल की ओर संक्रमण की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए।
- सस्टेनेबिलिटी गैप: सालाना 20,000 करोड़ रुपये के ऑपरेटिंग खर्चों को कवर करने के लिए सरकारी इंसेंटिव से मर्चेंट-फंडेड मॉडल की ओर बदलाव
- उपभोक्ता संरक्षण: P2M ट्रांजेक्शन की 'फ्री' स्थिति बनाए रखने के लिए MDR चार्ज व्यापारियों द्वारा वहन करना सुनिश्चित करना
- इंफ्रास्ट्रक्चर रेजिलिएंस: साइबर सिक्योरिटी और फ्रॉड प्रिवेंशन फंडिंग की ज़रूरत और छोटे व्यवसायों के लिए बढ़ते खर्च के जोखिम के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: मर्चेंट डिस्काउंट रेट · डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर · राजकोषीय स्थिरता · पेमेंट इकोसिस्टम · साइबर सिक्योरिटी · मुद्रीकरण
GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक फोरम (Bloomberg Economic Forum) में भारत की 7.8% की आर्थिक वृद्धि और मजबूत राजकोषीय आधार (fiscal fundamentals) पर जोर दिया।
भारत ने 2026 की अप्रैल-जून तिमाही में 7.8% की आर्थिक वृद्धि दर्ज की।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्य2026 की अप्रैल-जून तिमाही के लिए भारत की आर्थिक विकास दर 7.8% रही।
- तथ्यअक्टूबर 2026 तक भारत के फॉरेन् एक्सचेंज रिज़र्व (foreign-exchange reserves) $700 बिलियन से अधिक हो गए।
- विज्ञान-तकनीकडिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप्स को वैश्विक समावेशी विकास (inclusive growth) के लिए मॉडल के रूप में उद्धृत किया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की उच्च विकास गति को बनाए रखने और समावेशी आर्थिक विकास सुनिश्चित करने में डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और स्वच्छ ऊर्जा की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- मैक्रोइकोनॉमिक स्टेबिलिटी: चालू खाता घाटा कम होने का विदेशी मुद्रा भंडार संचय पर प्रभाव
- डिजिटल डिविडेंड: MSMEs और स्टार्टअप्स के लिए ट्रांजैक्शन कॉस्ट कम करने हेतु पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल
- एनर्जी ट्रांजिशन: टिकाऊ विकास के लिए तेज़ी से हो रही औद्योगिक ग्रोथ और क्लीन एनर्जी लक्ष्यों के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: अर्थव्यवस्था के बुनियादी सिद्धांत · डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर · चालू खाता घाटा · समावेशी विकास · विदेशी मुद्रा भंडार
चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु की उस अर्जी पर आदेश सुरक्षित रखा है, जिसमें मांग की गई है कि कर्नाटक 30% बारिश की कमी के कारण पैदा हुए 15.02 TMC FT कावेरी जल के बकाया को क्लियर करे।
कवेरी जल विनियमन समिति (Cauvery Water Regulation Committee) ने रिपोर्ट दी कि 57.568 TMC ft की आवश्यकता के मुकाबले केवल 45.849 TMC ft की उपलब्धि हासिल हुई है। कर्नाटक ने इस बकाया (backlog) के लिए जलाशयों में 54% कम जल प्रवाह (reservoir inflow deficit) को कारण बताया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यतमिलनाडु ने कर्नाटक से 15.02 TMC FT का बकाया क्लियरेंस (backlog clearance) मांगा।
- तथ्यकर्नाटक में रिज़र्वोयर इनफ्लो (reservoir inflow) में 54% की कमी दर्ज की गई।
- तथ्यकॉवेरी वॉटर रेगुलेशन कमेटी ने 57.568 TMC ft की आवश्यकता के मुकाबले 45.849 TMC ft की प्राप्ति की रिपोर्ट दी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में अंतर-राज्यीय जल साझाकरण की चुनौतियों और नदी तटीय विवादों के समाधान में न्यायिक हस्तक्षेप की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- संघीय टकराव: राज्य स्तर के जल अधिकारों और नदी बेसिन प्रबंधन पर संघीय निगरानी के बीच विवाद
- डेटा की असमानता: रिपोर्ट किए गए बारिश और इनफ्लो डेटा में अंतर से समान वितरण प्रभावित हो रहा है
- क्लाइमेट वल्नरेबिलिटी: अनिश्चित बारिश के पैटर्न का मौजूदा जल-बंटवारा समझौतों की स्थिरता पर असर
मुख्य शब्द: अंतर-राज्यीय जल विवाद · तटीय अधिकार · जुडिशियल एक्टिविज़्म · पानी की कमी · संघवाद
चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम (Bloomberg New Economy Forum) में 'पावर टू एम्पावर' विजन का अनावरण किया। उन्होंने व्यापक अवसर पैदा करने के लिए टेक्नोलॉजी और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के उपयोग का प्रस्ताव दिया।
यह विजन करोड़ों लोगों के लाभ के लिए तकनीक, डेटा और नवाचार (Innovation) के उपयोग पर जोर देता है। इसमें वैश्विक सशक्तिकरण के लिए COVID-19 महामारी के दौरान भारत के ओपन-सोर्स CoWIN प्लेटफॉर्म के अनुभव को एक मॉडल के रूप में उद्धृत किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- विज्ञान-तकनीकCoWIN: COVID-19 महामारी के दौरान वैक्सीन मैनेजमेंट के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म।
- तथ्यडिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI): तकनीक और डेटा का एक ढांचा जिसका उपयोग बड़ी आबादी के लिए अवसर पैदा करने के लिए किया जाता है।
- पदनरेंद्र मोदी: भारत के प्रधानमंत्री जिन्होंने Bloomberg New Economy Forum को संबोधित किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में समावेशी आर्थिक विकास और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा (DPI) किस प्रकार एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य कर सकता है, चर्चा कीजिए।
- डेटा संप्रभुता: व्यक्तिगत प्राइवेसी अधिकारों और सार्वजनिक डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल के बीच संतुलन
- डिजिटल डिवाइड: ग्रामीण और पिछड़े वर्गों तक तकनीक से सशक्तिकरण पहुँचाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर के अंतर को दूर करना
मुख्य शब्द: डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर · समावेशी विकास · ओपन-सोर्स टेक्नोलॉजी · डेटा इनोवेशन · तकनीकी सशक्तिकरण
चर्चा में क्यों: एंथ्रोपिक (Anthropic) के शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि छोटे AI मॉडल 2026 के अंत तक स्मार्ट टीवी जैसे IoT उपकरणों पर स्वयं की प्रतिकृति (self-replication) बनाने में सक्षम हो सकते हैं, जिससे एक विकेंद्रीकृत साइबर खतरा पैदा हो सकता है।
एन्थ्रोपिक (Anthropic) की फ्रंटियर रेड टीम (Frontier Red Team) ने ऐसे प्रयोग किए जिनमें GLM-5.2 मॉडल को आठ कंप्यूटरों पर फैलाया गया और Gemma4-26B-A4B मॉडल को 15 एंड्रॉइड (Android) टीवी बॉक्स पर चलाया गया। शोधकर्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि ये 'धीमे रेप्लिकेटर्स' (slow replicators) हर कुछ दिनों में दोगुने हो सकते हैं। किसी केंद्रीय बिंदु (centralized point) के अभाव के कारण इन्हें बंद करना कठिन हो जाता है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- विज्ञान-तकनीकGLM-5.2 और Gemma4-26B-A4B विशिष्ट AI मॉडल्स हैं जिन्हें सेल्फ-रेप्लिकेशन (self-replication) प्रयोगों में पहचाना गया है।
- विज्ञान-तकनीकस्मार्ट ओवन और सिक्योरिटी कैमरा जैसे IoT (Internet of Things) डिवाइसेस को कम सुरक्षा उपायों के कारण प्राथमिक टारगेट के रूप में पहचाना जाता है।
- विज्ञान-तकनीककंप्यूटर वर्म एक स्टैंडअलोन (standalone) मालवेयर प्रोग्राम है जो मानवीय हस्तक्षेप के बिना खुद की कॉपी बनाकर अन्य कंप्यूटरों में फैल जाता है।
- पदFrontier Red Team, Anthropic की एक इंटरनल यूनिट है जो AI मॉडल्स के सेफ्टी रिस्क और साइबर वल्नरेबिलिटी (cyber vulnerabilities) के लिए स्ट्रेस-टेस्ट करती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: विकेंद्रीकृत इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) नेटवर्क पर स्व-प्रतिकृति (self-replicating) एआई मॉडल के सुरक्षा निहितार्थों पर चर्चा कीजिए और ऐसे खतरों के विरुद्ध उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।
- विकेंद्रीकृत खतरा: सेंट्रल किल-स्विच की कमी के कारण सेल्फ-रेप्लिकेटिंग AI वर्म्स को रोकना मुश्किल है
- कंप्यूट एग्रीगेशन: हैक किए गए आईओटी उपकरणों के डिस्ट्रिब्यूटेड बॉटनेट सक्षम एआई मॉडल चलाने के लिए पर्याप्त कंप्यूट प्रदान कर सकते हैं
मुख्य शब्द: स्व-प्रतिकृति बनाने वाला AI · साइबर भेद्यता · डिस्ट्रीब्यूटेड बॉटनेट · AI सुरक्षा · साइबर वॉरफेयर
GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह (QUAD, BRICS, SCO, G20...)प्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने BIMSTEC देशों के लिए एक साझा प्रोटोकॉल और एक राष्ट्रीय सुरक्षा डेटाबेस का प्रस्ताव दिया है, ताकि आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ रियल-टाइम इंटेलिजेंस (real-time intelligence) साझा की जा सके।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 13 अक्टूबर, 2026 को BIMSTEC देशों के बीच पहली बार गृह मंत्रियों/गृह सचिव स्तर की वार्ता आयोजित की। इस प्रस्ताव का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच रियल-टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग (real-time intelligence sharing) को सुगम बनाना है, ताकि नार्को-ट्रेड, मानव तस्करी और साइबर स्लेवेरी (cyber slavery) से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- तथ्यBIMSTEC सदस्य देशों में बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड शामिल हैं।
- पदअमित शाह: भारत के केंद्रीय गृह मंत्री।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में साइबर गुलामी और नार्को-व्यापार जैसे गैर-पारंपरिक सुरक्षा खतरों से निपटने में बिम्सटेक (BIMSTEC) के माध्यम से क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- इंटेलिजेंस इंटीग्रेशन: अलग-अलग नेशनल सिक्योरिटी प्रोटोकॉल और डेटा प्राइवेसी कानूनों में तालमेल की चुनौतियां
- क्षेत्रीय स्थिरता: सामूहिक समुद्री और ज़मीनी सीमा निगरानी के ज़रिए ट्रांसनेशनल ऑर्गनाइज्ड क्राइम का मुकाबला
- संस्थागत बाधा: संप्रभु इंटेलिजेंस गोपनीयता और रियल-टाइम मल्टीलैटरल डेटा शेयरिंग की ज़रूरत के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: गैर-पारंपरिक सुरक्षा · ट्रांसनेशनल क्राइम · इंटेलिजेंस शेयरिंग · क्षेत्रीय सहयोग · साइबर स्लेवरी
चर्चा में क्यों: बजट 2026-27 में भारत की बुजुर्ग आबादी की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए 1.5 लाख केयरगिवर्स (caregivers) को प्रशिक्षित करने की योजना की घोषणा की गई है। अनुमान है कि 2050 तक भारत की बुजुर्ग आबादी 347 मिलियन तक पहुंच जाएगी।
सरकार की योजना नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशंस फ्रेमवर्क (National Skills Qualifications Framework) के अनुरूप 1.5 लाख केयरगिवर्स (caregivers) को प्रशिक्षित करने की है। नेशनल केयरगिवर काउंसिल कौशल विकास की निगरानी करने और पाठ्यक्रम को मानकीकृत करने के लिए जिम्मेदार होगी।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यभारत की 60 वर्ष से अधिक आयु वाली जनसंख्या के 2050 तक 347 मिलियन तक पहुँचने का अनुमान है।
- संस्थानेशनल केयरगिवर काउंसिल (National Caregiver Council): कौशल विकास की निगरानी और पाठ्यक्रम को मानकीकृत (standardize) करने के लिए संस्था।
- योजनानेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशंस फ्रेमवर्क (National Skills Qualifications Framework): केयरगिवर ट्रेनिंग को अलाइन करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला फ्रेमवर्क।
- रिपोर्ट / सूचकांकरीइमेजिनिंग केयर: विकसित भारत@2047 में केयरगिवर्स को सशक्त बनाने के लिए रणनीतियां: नीति आयोग की रिपोर्ट, अगस्त 2026 में प्रकाशित।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की तेजी से बढ़ती वृद्ध आबादी के आर्थिक और सामाजिक निहितार्थों पर चर्चा कीजिए और देखभाल क्षेत्र (caregiving sector) को एक व्यवहार्य रोजगार अवसर के रूप में औपचारिक रूप देने की आवश्यकता का विश्लेषण कीजिए।
- डेमोग्राफिक शिफ्ट: बढ़ता डिपेंडेंसी रेशियो स्ट्रक्चर्ड जेरियाट्रिक केयर इंफ्रास्ट्रक्चर की ज़रूरत पैदा कर रहा है
- लेबर मार्केट फॉर्मलाइजेशन: अनौपचारिक केयरगिविंग को एक स्टैंडर्ड, स्किल-सर्टिफाइड आर्थिक गतिविधि में बदलना
- संस्थागत निगरानी: गुणवत्ता मानकों और करिकुलम की एकरूपता सुनिश्चित करने में नेशनल केयरगिवर काउंसिल की भूमिका
मुख्य शब्द: डेमोग्राफिक डिविडेंड · वृद्धों की देखभाल · कौशल का फॉर्मलाइजेशन · डिपेंडेंसी रेशियो · विकसित भारत@2047
चर्चा में क्यों: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने जून 2025 में शुरू हुए एक विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) के दौरान लगभग 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम हटा दिए, जिसकी प्रक्रियात्मक खामियों पर सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया है।
निर्वाचन आयोग (ECI) ने जून 2025 से तीन चरणों में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) शुरू किया। हटाए गए 13.3 करोड़ मतदाताओं में से 9.5 करोड़ को 'अनुपस्थित, स्थानांतरित और अन्य' की श्रेणी में रखा गया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाECI: मतदाता सूची का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) करने के लिए जिम्मेदार संस्था।
- तथ्यतीन चरणों वाले SIR के दौरान ECI द्वारा हटाए गए मतदाताओं की कुल संख्या 13.3 करोड़ है।
- तथ्य9.5 करोड़: 'absent, shifted and others' कैटेगरी के तहत विशेष रूप से हटाए गए मतदाताओं की संख्या।
मेन्स के लिए
प्रश्न: लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अखंडता सुनिश्चित करने और पात्र मतदाताओं के मताधिकार से वंचित होने को रोकने के लिए मतदाता सूची के संशोधन में आवश्यक प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपायों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- डेटा इंटीग्रिटी: बड़े पैमाने पर मतदाता सूची हटाने में सॉफ्टवेयर की कमियों और मजबूत ऑडिट ट्रेल्स की कमी के जोखिम
- प्रक्रियात्मक पारदर्शिता: मतदाताओं को मनमाने ढंग से बाहर होने से बचाने के लिए नागरिकता सत्यापन के स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल की ज़रूरत
- प्रशासनिक निगरानी: गहन पुनरीक्षण की कुशलता और स्थानांतरित या अनुपस्थित नागरिकों के मताधिकार के अधिकार के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: चुनावी अखंडता · अधिकारों से वंचित करना · प्रक्रियात्मक पारदर्शिता · ऑडिट ट्रेल · मतदाता का अधिकार
चर्चा में क्यों: तमिलनाडु स्टेट वेटलैंड्स अथॉरिटी (TNSWA) ने पल्लिकरनई मार्शलैंड के पास नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) द्वारा निर्माण पर लगाए गए प्रतिबंध के प्रभाव को कम करने के लिए 128.19 हेक्टेयर के एक अंतरिम ज़ोन ऑफ इन्फ्लुएंस (Zone of Influence) का प्रस्ताव दिया है।
यह प्रस्ताव 36 सर्वे नंबरों में फैले 128.19 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करता है। यह रिपोर्ट राज्य सरकार के प्रतिनिधियों और CREDAI द्वारा मुख्य न्यायाधीश सुश्रुत अरविंद धर्मधिकारी और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन की बेंच के समक्ष प्रस्तुत की गई थी।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- स्थानपल्लिकरनई मार्शलैंड (Pallikaranai marshland) तमिलनाडु में स्थित है।
- संस्थाTNSWA: तमिलनाडु स्टेट वेटलैंड्स अथॉरिटी (Tamil Nadu State Wetlands Authority)।
- तथ्यप्रस्तावित इंटरिम ज़ोन ऑफ इन्फ्लुएंस (Zone of Influence) 128.19 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करता है।
- संस्थाNGT: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (National Green Tribunal)।
मेन्स के लिए
प्रश्न: तेजी से विस्तारित होते महानगरीय क्षेत्रों में शहरी बुनियादी ढांचे के विकास और शहरी आर्द्रभूमि एवं जैव विविधता के संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
- रेगुलेटरी फ्रिक्शन: NGT के पर्यावरण संबंधी आदेश और शहरी रियल एस्टेट विकास की जरूरतों के बीच टकराव
- पारिस्थितिक गिरावट: दलदली ज़मीनों पर अतिक्रमण के कारण कार्बन सिंक और बाढ़-निवारण क्षमता का नुकसान
मुख्य शब्द: शहरी वेटलैंड्स · पर्यावरण गवर्नेंस · सतत विकास · जैव विविधता संरक्षण
GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: RBI ने घोषणा की है कि अब बैंक और प्राइमरी डीलर्स केवल हेजिंग (hedging) के उद्देश्य से नॉन-डिलीवरेबल रुपया डेरिवेटिव्स (non-deliverable rupee derivatives) की पेशकश कर सकते हैं, जिसके लिए 20% दैनिक कैश रिजर्व अनिवार्य होगा।
RBI के निर्देशों के अनुसार, अधिकृत डीलरों (Authorised Dealers) के लिए यह अनिवार्य है कि वे रुपये की करेंसी कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए कुल राशि का 20% कैश रिजर्व प्रतिदिन बनाए रखें। नॉन-डिलीवरेबल डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स का निपटान कैश में होता है, जो आमतौर पर डॉलर में होता है और इसमें रुपये का भौतिक आदान-प्रदान नहीं किया जाता है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यऑथोराइज्ड डीलर्स को नॉन-डिलीवरेबल रुपया डेरिवेटिव्स (non-deliverable rupee derivatives) के लिए नॉमिनल अमाउंट का 20% डेली कैश रिज़र्व मेंटेन करना होगा।
- संस्थाRBI बैंकों और प्राइमरी डीलर्स (Primary Dealers) द्वारा नॉन-डिलीवरेबल रुपया डेरिवेटिव्स (non-deliverable rupee derivatives) की पेशकश को रेगुलेट करता है।
- तथ्यनॉन-डिलीवरेबल डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स (Non-deliverable derivative contracts) का सेटलमेंट कैश में होता है, जो आमतौर पर डॉलर में होता है और इसमें रुपये का लेन-देन नहीं होता।
- तथ्यअक्टूबर 2026 की घोषणा से पिछले एक साल के दौरान रुपया 6% से अधिक गिर गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था में मुद्रा की अस्थिरता और पूंजी के बहिर्वाह को प्रबंधित करने में गैर-वितरण योग्य डेरिवेटिव्स (non-deliverable derivatives) और केंद्रीय बैंक की आरक्षित आवश्यकताओं (reserve requirements) की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- लिक्विडिटी मैनेजमेंट: 20% डेली कैश रिजर्व की लागत और करंट-अकाउंट एक्सपोजर को हेज करने की ज़रूरत के बीच संतुलन
- मार्केट इंटरवेंशन: सट्टा डेरिवेटिव इस्तेमाल को सीमित करने और गहरे, लिक्विड करेंसी मार्केट को बनाए रखने के बीच ट्रेड-ऑफ
मुख्य शब्द: मौनेटरी पॉलिसी · करेंसी हेजिंग · नॉन-डिलीवरेबल डेरिवेटिव्स · पूंजी का बाहर जाना · विदेशी मुद्रा जोखिम
GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › दूसरे देशों की नीतियों का भारत पर असरप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने आठ प्रमुख टेक कंपनियों के लिए PERM फाइलिंग को निलंबित करके, ग्रीन कार्ड आवेदनों पर एक अभूतपूर्व कार्रवाई की घोषणा की है।
प्रशासन ने माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft), एडोब (Adobe), TCS, कॉग्निजेंट (Cognizant), विप्रो (Wipro), HCL, इंफोसिस (Infosys) और कैपजेमिनी (Capgemini) को लक्षित किया है। इस कार्रवाई में विशेष रूप से इन कंपनियों के लिए PERM (Program Electronic Review Management) फाइलिंग को निलंबित करना शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (1)
- तथ्यआठ प्रमुख टेक कंपनियों को निशाना बनाया गया: Microsoft (माइक्रोसॉफ्ट), Adobe (एडोब), TCS (टीसीएस), Cognizant (कॉग्निजेंट), Wipro (विप्रो), HCL (एचसीएल), Infosys (इंफोसिस), और Capgemini (कैपेमिनी)।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अमेरिकी प्रतिबंधात्मक आप्रवासन नीतियों के भारतीय आईटी सेवा क्षेत्र और विदेशों में भारतीय पेशेवरों की सामाजिक-आर्थिक गतिशीलता पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
- लेबर मार्केट फ्रिक्शन: PERM सस्पेंशन का भारतीय IT आउटसोर्सिंग मॉडल की स्केलेबिलिटी पर प्रभाव
- भू-राजनीतिक तनाव: जवाबी व्यापारिक कदम या वीज़ा प्रतिबंध से द्विपक्षीय टेक सहयोग प्रभावित होने की संभावना
मुख्य शब्द: लेबर सर्टिफिकेशन · सामाजिक-आर्थिक गतिशीलता · इमिग्रेशन पॉलिसी · IT आउटसोर्सिंग · द्विपक्षीय संबंध
GS3कृषि › फसल पैटर्न एवं सिंचाईप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: दक्षिण-पश्चिम मानसून की कमी के कारण कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भीषण सूखे की घोषणा की गई है। इस बीच, कर्नाटक ने NDRF से ₹11,000 करोड़ की मांग करते हुए केंद्र सरकार को याचिका दायर की है।
कर्नाटक में जून-सितंबर के दौरान 35% वर्षा की कमी दर्ज की गई, जिससे 240 में से 217 तालुक प्रभावित हुए। आंध्र प्रदेश में जून-अगस्त के दौरान 53% की कमी देखी गई, जिसमें 688 में से 388 मंडलों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यजून-सितंबर की अवधि के दौरान कर्नाटक में 35% बारिश की कमी (rainfall deficit) दर्ज की गई।
- तथ्यआंध्र प्रदेश में जून-अगस्त की अवधि के दौरान 53% बारिश की कमी (rainfall shortfall) दर्ज की गई।
- तथ्यकर्नाटक में 240 में से 217 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया।
- तथ्यआंध्र प्रदेश ने 688 में से 388 मंडलों को सूखा प्रभावित घोषित किया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: जलवायु परिवर्तन का मानसून की परिवर्तनशीलता पर पड़ने वाले प्रभावों का परीक्षण कीजिए और दक्षिण भारत में बार-बार पड़ने वाले सूखे के सामाजिक-आर्थिक परिणामों को कम करने के लिए उचित उपायों का सुझाव दीजिए।
- राजकोषीय दबाव: राज्य स्तर पर सूखे राहत और कृषि पुनर्वास के लिए NDRF फंड पर भारी निर्भरता
- क्लाइमेट वल्नरेबिलिटी: मानसून की कमी की बढ़ती आवृत्ति के कारण क्लाइमेट-रेज़िलिएंट सिंचाई की ओर बदलाव ज़रूरी
- संसाधन प्रतिस्पर्धा: अनियमित बारिश के पैटर्न से अंतर-राज्यीय और अंतर-राज्यीय जल तनाव और बढ़ गया
मुख्य शब्द: मानसून की अनिश्चितता · क्लाइमेट रेजिलिएंस · आपदा राहत · कृषि संकट · जल सुरक्षा
सोम, 12 अक्टू॰ 2026
GS2सामाजिक न्याय › स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्यप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: केंद्र ने वार्षिक खर्च में ₹2,500 करोड़ की कमी लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के समक्ष गैर-अनुसूचित कैंसर दवाओं पर 30% ट्रेड-मार्जिन कैप (trade-margin cap) का प्रस्ताव रखा है।
सुप्रीम कोर्ट ने फार्मास्युटिकल दवाओं की कीमतों पर नियंत्रण के संबंध में किशन चंद जैन और संजय कुलश्रेष्ठ द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई की। केंद्र सरकार का प्रस्ताव गैर-अनुसूचित कैंसर दवाओं के लिए ट्रेड मार्जिन को सीमित करने का लक्ष्य रखता है, ताकि सालाना ₹2,500 करोड़ की बचत की जा सके।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यगैर-शेड्यूल्ड कैंसर दवाओं के लिए प्रस्तावित ट्रेड-मार्जिन कैप: 30%।
- तथ्यअनुमानित वार्षिक बचत: ₹2,500 करोड़।
- स्थानसुप्रीम कोर्ट: फार्मास्युटिकल प्राइस कंट्रोल (pharmaceutical price controls) पर सुनवाई का स्थल।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में जीवन रक्षक दवाओं की वहनीयता सुनिश्चित करने और दवा निर्माण क्षेत्र की व्यवहार्यता बनाए रखने के बीच संतुलन के विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण कीजिए।
- मार्केट डिस्टॉर्शन: नॉन-शेड्यूल्ड दवाओं के लिए R&D इन्वेस्टमेंट पर ट्रेड-मार्जिन कैप का संभावित असर
- रेगुलेटरी स्कोप: आवश्यक दवाओं पर मूल्य नियंत्रण बनाम व्यापक मेडिकल डिवाइस रेगुलेशन के बीच टकराव
- सार्वजनिक स्वास्थ्य समानता: किफायती स्वास्थ्य सेवा के अधिकार और प्राइवेट सेक्टर के प्रॉफिट मार्जिन के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: कीमत नियंत्रण · फार्मास्युटिकल रेगुलेशन · किफायती होना · ट्रेड मार्जिन · सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति
GS2सामाजिक न्याय › कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)प्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट द्वारा UNICEF के साथ किए गए एक परामर्श के दौरान, जस्टिस बी.वी. नागरथ्ना ने जुवेनाइल जस्टिस सिस्टम (Juvenile Justice System) में लंबित मामलों की गंभीर स्थिति पर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि 18 राज्यों और 2 UTs में कुल मामलों में से 55% मामले अभी भी लंबित हैं।
जस्टिस बी.वी. नागरथना ने UNICEF के साथ सुप्रीम कोर्ट के एक परामर्श के दौरान नवंबर 2025 की 'इंडिया जस्टिस रिपोर्ट' के एक अध्ययन का हवाला दिया। इस अध्ययन से पता चला कि जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन) एक्ट, 2015 के तहत 18 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में 55% किशोर मामले लंबित हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- अधिनियम / विधेयकजुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन) एक्ट, 2015।
- तथ्य18 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों (Union Territories) में 55% जुवेनाइल केस (juvenile cases) लंबित हैं।
- संस्थाUNICEF ने जुवेनाइल जस्टिस (Juvenile Justice) के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के कंसल्टेशन में भाग लिया।
- रिपोर्ट / सूचकांकIndia Justice Report स्टडी नवंबर 2025 में प्रकाशित हुई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के कार्यान्वयन में मौजूद प्रणालीगत बाधाओं का परीक्षण कीजिए और केवल मामले के निपटान के बजाय पुनर्वास को प्राथमिकता देने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।
चर्चा में क्यों: अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) इस बात पर फैसला सुनाने जा रहा है कि क्या म्यांमार ने रोहिंग्या लोगों के खिलाफ नरसंहार किया था। इस मामले को ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (Organisation of Islamic Cooperation) का समर्थन प्राप्त है।
बांग्लादेश वर्तमान में 1.2 मिलियन रोहिंग्या शरणार्थियों की मेजबानी कर रहा है। एम्नेस्टी इंटरनेशनल (Amnesty International) ने दस्तावेजीकरण किया है कि भारतीय अधिकारियों ने 2025 में 40 रोहिंग्याओं को अंडमान सागर में धकेल दिया था।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- संस्थाअंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ): यह UN का मुख्य न्यायिक अंग है।
- अंतर्राष्ट्रीय संगठनऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) में 57 सदस्य सरकारें शामिल हैं।
- तथ्यबांग्लादेश में 1.2 मिलियन रोहिंग्या शरणार्थी (Rohingya refugees) रहते हैं।
- स्थानअंडमान सागर: वह स्थान जहाँ 2025 में भारतीय अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर 40 रोहिंग्या (Rohingya) लोगों को जबरन धकेला गया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मानवीय संकटों के समाधान में अंतर्राष्ट्रीय न्यायिक निकायों की सीमाओं और शरणार्थी प्रवाह के प्रबंधन में क्षेत्रीय सहयोग की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
GS2शासन › पारदर्शिता, जवाबदेही एवं RTIप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: सतर्क नागरिक संगठन (SNS) ने एक वार्षिक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें खुलासा किया गया है कि 30 जून, 2026 तक 28 सूचना आयोगों में 3,85,716 मामलों का भारी बकाया (backlog) लंबित है।
केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने रिक्तियों के कारण मामलों के निपटान में 2 वर्ष और 3 महीने का समय दर्ज किया।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
- तथ्य28 सूचना आयोगों (Information Commissions) में कुल लंबित मामले: 30 जून, 2026 तक 3,85,716।
- तथ्यमहाराष्ट्र SIC: लंबित मामलों की संख्या 77,397 के साथ सबसे अधिक।
- तथ्यरिक्तियों के कारण CIC का डिस्पोजल टाइम (disposal time): 2 साल और 3 महीने।
- संस्थासतर्क नागरिक संगठन (SNS): वह संगठन जिसने वार्षिक रिपोर्ट जारी की।
- संस्थाझारखंड SIC और हिमाचल प्रदेश SIC: रिपोर्ट के अनुसार ये निष्क्रिय हैं या इनमें कोई गतिविधि नहीं है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सूचना आयोगों के कामकाज में मौजूद संस्थागत बाधाओं का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए और सूचना के अधिकार (RTI) आवेदनों का समयबद्ध निपटान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।
चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने 12 अक्टूबर, 2026 को हुई एक सुनवाई के दौरान पटाखों पर लगाए गए प्रतिबंधों के संदर्भ में धार्मिक भावनाओं और सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिमों के बीच संतुलन पर चर्चा की।
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता में तीन न्यायाधीशों की एक बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। एमिकस क्यूरी (Amicus curiae) अपराजिता सिंह ने बच्चों और बुजुर्गों के लिए वायु प्रदूषण के खतरों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की, जबकि अदालत ने पारंपरिक प्रथाओं को बढ़ावा देने का सुझाव दिया।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- पदसूर्यकांत: अक्टूबर 2026 तक भारत के मुख्य न्यायाधीश।
- तथ्यकोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 15 अक्टूबर, 2026 तय की है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार और स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित करने के राज्य के दायित्व के बीच संतुलन बनाए रखने में आने वाली न्यायिक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: माइक्रोसॉफ्ट के प्रेसिडेंट ब्रैड स्मिथ ने यू.के. से वैश्विक AI सुरक्षा नियमों का नेतृत्व करने का आग्रह किया है। उन्होंने किल-स्विच (kill-switches) और स्वतंत्र मूल्यांकन जैसे अनिवार्य नियमों की वकालत की है।
माइक्रोसॉफ्ट के प्रेसिडेंट ब्रैड स्मिथ ने प्रस्ताव दिया है कि यू.के. को एआई (AI) सुरक्षा का नेतृत्व करना चाहिए, क्योंकि अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) की तुलना में इसकी नियामक स्थिति (regulatory position) विशिष्ट है। इस प्रस्ताव में एआई मॉडल्स के लिए अनिवार्य किल-स्विचेस (kill-switches) और स्वतंत्र मूल्यांकन (independent evaluations) शामिल हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- विज्ञान-तकनीकब्रैड स्मिथ: माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) के प्रेसिडेंट।
- विज्ञान-तकनीकAI Security Institute: वह संस्था जिसने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा Anthropic और OpenAI से मॉडल्स तक पहुंच रोकने के अनुरोध की रिपोर्ट के बावजूद, मॉडल्स तक पहुंच की पुष्टि की।
- तथ्यप्रस्तावित सुरक्षा उपाय: अनिवार्य किल-स्विच (kill-switches) और स्वतंत्र मूल्यांकन।
मेन्स के लिए
प्रश्न: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के लिए अंतर्राष्ट्रीय विनियामक ढाँचों की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए, जिसमें तीव्र नवाचार और 'किल-स्विच' (kill-switches) जैसे सुरक्षा प्रोटोकॉल के बीच होने वाले समझौतों (trade-offs) पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाए। चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है कि वे विरोध प्रदर्शनकारियों की हिरासत के बाद स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित करें और सामान्य परिवहन सेवाओं को बहाल करें। ये विरोध प्रदर्शन ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किए गए थे, जिसमें 5,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था।
11 अक्टूबर, 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली मेट्रो और रेलवे सेवाओं को बहाल करने का आदेश दिया। अधिकारियों को प्रदर्शनकारियों की सामूहिक हिरासत के संबंध में 13 अक्टूबर तक अनुपालन रिपोर्ट (compliance report) प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (1)
- तथ्यअक्टूबर 2026 में दिल्ली में 5,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य की शक्ति और आवाजाही एवं शांतिपूर्ण सभा के मौलिक अधिकार के बीच संतुलन स्थापित करने में न्यायपालिका की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
स्रोत: द हिंदू ↗+1 और खबरें इस विषय पर चर्चा में क्यों: प्रोफेसर आशीष वर्मा और IISc सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट लैब ने डेटा में बड़ी विसंगतियों के कारण केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से स्वच्छ वायु सर्वेक्षण (Swachh Vayu Sarvekshan) रैंकिंग ढांचे को रद्द करने का आग्रह किया है।
IISc सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट लैब (IST) ने पाया कि दिसंबर 2025 में 374 AQI रिकॉर्ड करने के बावजूद, लखनऊ ने रैंकिंग में 200 में से 198 अंक प्राप्त किए। प्रोफेसर आशीष वर्मा ने थर्ड-पार्टी ऑडिट और एम्बिएंट AQI प्रदर्शन के लिए न्यूनतम 50% वेटेज (weightage) की सिफारिश की है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाIISc सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट लैब (IST), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (Indian Institute of Science) की एक रिसर्च यूनिट है।
- तथ्यदिसंबर 2025 में लखनऊ का AQI 374 रिकॉर्ड किया गया।
- तथ्यरैंकिंग फ्रेमवर्क में एम्बिएंट AQI प्रदर्शन के लिए प्रस्तावित वेटेज (weightage) कम से कम 50% है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में एक विश्वसनीय वायु गुणवत्ता रैंकिंग ढांचा स्थापित करने में आने वाली चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए और डेटा की अखंडता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।
चर्चा में क्यों: H-1B वीजा के कथित दुरुपयोग के कारण, US डिपार्टमेंट ऑफ लेबर ने इंफोसिस, TCS, विप्रो और HCL को परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम से निलंबित कर दिया है।
अमेरिकी श्रम विभाग ने चार प्रमुख भारतीय आईटी कंपनियों (Infosys, TCS, Wipro, HCL) को परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम से निलंबित कर दिया है। जे.डी. वेंस ने इन लाभार्थियों को 'इंडेंटर्ड सर्वेंट्स' (indentured servants) के रूप में वर्णित किया, जिसके कारण भारत के विदेश मंत्रालय ने औपचारिक रूप से कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यइंफोसिस (Infosys), TCS, विप्रो (Wipro) और HCL: इन चार भारतीय IT फर्मों को परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम से निलंबित कर दिया गया है।
- पदJD Vance: अमेरिकी राजनीतिक व्यक्तित्व जिन्होंने H-1B लाभार्थियों को 'indentured servants' (बंधुआ मजदूर) के रूप में वर्णित किया।
- संस्थाNASSCOM: वह इंडस्ट्री बॉडी जिसने सस्पेंशन के जवाब में लोकल ग्रोथ पर जोर दिया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: H-1B वीजा नियमों को कड़ा करने के भारत के आईटी सेवा निर्यात मॉडल और भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में बढ़ते तनाव पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
GS3कृषि › MSP, खरीद, PDS एवं खाद्य सुरक्षाप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: भारतीय सेना ने 'भारत राइस' (Bharat Rice) पहल के लिए फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) के वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग करने के लिए 5 साल का MoU (समझौता ज्ञापन) साइन किया है।
इस पहल के अंतर्गत, भारतीय सेना परिचालन संबंधी आकस्मिकताओं (operational contingencies) के दौरान FCI के गोदामों, साइलो (silos) और मानवशक्ति का उपयोग लॉजिस्टिक्स के लिए करेगी। NAFED लद्दाख और पूर्वोत्तर जैसे दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित सेना के सप्लाई डिपो को 10-किलोग्राम और 30-किलोग्राम के एर्गोनोमिक बैग्स (ergonomic bags) में चावल की आपूर्ति करेगी।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- संस्थाFCI: Food Corporation of India, जो खाद्यान्न के प्रबंधन और वितरण के लिए जिम्मेदार है।
- संस्थाNAFED: National Agricultural Cooperative Marketing Federation of India, जिसे इस पहल के लिए चावल की आपूर्ति करने का काम सौंपा गया है।
- तथ्यभारत राइस (Bharat Rice) को कठिन इलाकों में आसान परिवहन के लिए 10-kg और 30-kg के बैग में सप्लाई किया जाएगा।
- तथ्यभारतीय सेना और FCI के बीच हुआ MoU पांच साल की अवधि के लिए वैध है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सैन्य रसद व्यवस्था को सुदृढ़ करने और कृषि आपूर्ति श्रृंखलाओं के एकीकरण से उच्च-अल्टीट्यूड और दूरस्थ क्षेत्रों में भारत की परिचालन तत्परता को किस प्रकार बढ़ाया जा सकता है, चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट प्रिया मिश्रा द्वारा दायर एक याचिका पर विचार करेगा, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा 'रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स, 1960' (Registration of Electors Rules, 1960) में फॉर्म 6 के वंशज विवरण (ancestry details) से संबंधित किए गए एकपक्षीय संशोधनों को चुनौती दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसने फॉर्म 6 में जुलाई में किए गए बदलावों को न तो मंजूरी दी और न ही उन्हें खारिज किया। कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि बिहार के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) पर 27 मई का निर्णय, निर्वाचन पंजीकरण नियम, 1960 (Registration of Electors Rules, 1960) में किए गए बदलावों से पहले का था।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- अधिनियम / विधेयकRegistration of Electors Rules, 1960: भारत में मतदाताओं के पंजीकरण को नियंत्रित करने वाले नियम।
- स्थानबिहार: वह राज्य जहाँ Special Intensive Revision का जजमेंट जारी किया गया था।
- तथ्यफॉर्म 6: नए वोटर्स/वंश विवरण (ancestry details) के रजिस्ट्रेशन के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला विशिष्ट फॉर्म।
मेन्स के लिए
प्रश्न: निर्वाचन पंजीकरण नियमों में कार्यपालिका द्वारा एकपक्षीय संशोधनों के संवैधानिक निहितार्थों और निर्वाचन की शुचिता सुनिश्चित करने में न्यायिक निरीक्षण के महत्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
चर्चा में क्यों: भारतीय नौसेना ने 2037 तक 230 सरफेस कॉम्बैटेंट्स (surface combatants) और पनडुब्बियों के निर्माण का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए आत्मनिर्भरता हासिल करने हेतु स्वदेशी मरीन प्रोपल्शन सिस्टम (marine propulsion systems) की ओर बदलाव आवश्यक है।
भारतीय नौसेना का लक्ष्य 2037 तक 230 सतह के युद्धपोत (surface combatants) और पनडुब्बियों का निर्माण करना है। वर्तमान में, भारत गैस टर्बाइन, गियरबॉक्स और शाफ्टिंग जैसे महत्वपूर्ण घटकों के लिए विदेशी तकनीक पर निर्भर है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यलक्ष्य: 2037 तक 230 सरफेस कॉम्बैटेंट्स (surface combatants) और सबमरीन (submarines) का निर्माण करना।
- विज्ञान-तकनीकKaveri Marine Gas Turbine: भारतीय नौसेना के लिए एक प्रमुख स्वदेशी प्रोपल्शन सिस्टम (propulsion system)।
- संस्थाDRDO: कावेरी मरीन गैस टरबाइन और IEP सिस्टम्स के लिए R&D का नेतृत्व करने का प्रस्ताव।
मेन्स के लिए
प्रश्न: उच्च-स्तरीय समुद्री प्रणोदन प्रणालियों (marine propulsion systems) में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने में आने वाली चुनौतियों और भारत के नौसैनिक बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
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