अमेरिकी सरकार ने जबरन श्रम (forced labor) के खिलाफ प्रतिबंधों के कार्यान्वयन को लेकर चिंता जताते हुए भारत सहित 54 देशों से होने वाले आयात पर 12.5% टैरिफ (tariff) लगाने का प्रस्ताव दिया है
चर्चा में क्यों: अमेरिकी सरकार ने जबरन श्रम (forced labor) के खिलाफ प्रतिबंधों के कार्यान्वयन को लेकर चिंता जताते हुए भारत सहित 54 देशों से होने वाले आयात पर 12.5% टैरिफ (tariff) लगाने का प्रस्ताव दिया है।
यू.एस. ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) ने सेक्शन 301 जांच के हिस्से के रूप में टैरिफ का प्रस्ताव दिया है। इस कदम का उद्देश्य उन देशों से होने वाली अनुचित प्रतिस्पर्धा को संबोधित करना है, जो कथित तौर पर जबरन श्रम (forced labor) के मुद्दों को हल करने में विफल रहे हैं, जिससे विशेष रूप से टेक्सटाइल और अपैरल उद्योगों पर असर पड़ रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यभारत सहित 54 देशों से होने वाले आयात पर प्रस्तावित टैरिफ रेट 12.5% है।
- विज्ञान-तकनीकये टैरिफ Section 301 के तहत की गई जांच का हिस्सा हैं।
- तथ्यप्रस्तावित टैरिफ विशेष रूप से टेक्सटाइल और अपैरल जैसे उद्योगों को टारगेट करते हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: व्यापार-संबंधित श्रम मानकों और धारा 301 (Section 301) की जांच भारत के द्विपक्षीय व्यापार संबंधों और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ एक अंतरिम समझौते (Interim Agreement) की दिशा में भारत के प्रयासों को किस प्रकार प्रभावित करती है, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- ट्रेड-लेबर नेक्सस: अंतरराष्ट्रीय ट्रेड लिबरलाइजेशन और घरेलू लेबर राइट्स एनफोर्समेंट मानकों के बीच टकराव
- भू-राजनीतिक लाभ: वैश्विक श्रम मानकों को लागू करने के लिए ट्रेड बैरियर्स का इस्तेमाल
- आर्थिक संवेदनशीलता: भारत के निर्यात-उन्मुख टेक्सटाइल और अपैरल सेक्टर पर नॉन-टैरिफ बैरियर्स का प्रभाव
मुख्य शब्द: धारा 301 · व्यापारिक बाधाएं · जबरन श्रम · द्विपक्षीय व्यापार · व्यापार उदारीकरण