यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 1,307 नोट्स, रोज़ अपडेट।
पाठ्यक्रम के विषय: IT, AI, semiconductors & computing (475) · Space technology (ISRO, missions) (330) · Biotechnology & health research (220) · Nuclear & new energy technology (175) · Defence technology (103) · Intellectual property rights (4)
चर्चा में क्यों: Fram2 मिशन ने अंतरिक्ष में पहली बार नैदानिक एक्स-रे (diagnostic X-rays) का सफलतापूर्वक संचालन किया, जो दीर्घकालिक अंतरिक्ष अभियानों के लिए उन्नत चिकित्सा इमेजिंग की व्यवहार्यता को प्रदर्शित करता है।
Fram2 मिशन का प्रक्षेपण 31 मार्च, 2025 को Dragon अंतरिक्ष यान के माध्यम से किया गया, जिसमें चार चालक दल के सदस्य सवार थे। चालक दल के सदस्यों ने बिना किसी प्रत्यक्ष जमीनी सहायता के, एक पोर्टेबल डिजिटल X-ray प्रणाली का उपयोग करते हुए हाथ, अग्रबाहु, उदर, श्रोणि और वक्ष की छवियां प्राप्त कीं।
Prelims pointers (3)
S&TFram2: मार्च 2025 में कक्षा में चिकित्सा प्रौद्योगिकियों (medical technologies) का परीक्षण करने के लिए प्रक्षेपित एक अंतरिक्ष मिशन।
S&TDragon spacecraft: वह वाहन जिसका उपयोग अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) तक चालक दल और कार्गो को पहुँचाने के लिए किया जाता है।
Factइस मिशन ने सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण (microgravity) वातावरण में नैदानिक रूप से पर्याप्त X-ray चित्र सफलतापूर्वक उत्पन्न किए।
Mains angle
Q. दीर्घकालिक मानव अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए स्वायत्त चिकित्सा निदान प्रौद्योगिकियों के विकास के महत्व और सूक्ष्म-गुरुत्वाकर्षण (microgravity) द्वारा उत्पन्न चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
technological autonomy
microgravity challenges
long-term astronaut health
future of deep-space exploration
Keywords: microgravity · diagnostic imaging · space medicine · autonomous systems · long-duration missions
चर्चा में क्यों: NASA और अलबामा विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष यात्रियों के कपड़ों को कीटाणुरहित करने के लिए 'लॉन्ड्री गन' विकसित की है, जो सीमित संसाधनों वाले अंतरिक्ष अभियानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
यह तकनीक कपड़ों पर सूक्ष्मजीवों की संख्या को 75% से अधिक कम करने के लिए कोल्ड प्लाज्मा का उपयोग करती है। इसका उद्देश्य अंतरिक्ष के वातावरण में जल या रासायनिक डिटर्जेंट की आवश्यकता के बिना वस्त्रों के पुन: उपयोग को सुलभ बनाना है।
Prelims pointers (3)
S&Tकोल्ड प्लाज्मा तकनीक: आयनित गैस की एक अवस्था जिसका उपयोग स्टरलाइज़ेशन और सतह उपचार (surface treatment) के लिए किया जाता है।
S&TNASA का Marshall Space Flight Center: अंतरिक्ष यान विकास और अनुसंधान के लिए प्राथमिक केंद्र।
Factप्रारंभिक परीक्षणों के दौरान, laundry gun ने स्पोर कॉलोनियों (spore colonies) में 75% से अधिक की कमी हासिल की।
Mains angle
Q. अंतरिक्ष-आधारित जीवन समर्थन प्रणालियों और संसाधन प्रबंधन में हो रही प्रगति दीर्घकालिक मानव अंतरिक्ष अन्वेषण की सफलता के लिए किस प्रकार अनिवार्य है, इसका विश्लेषण कीजिए।
resource optimization
biomedical safety
technological autonomy
Keywords: resource management · biosecurity · space exploration · innovation
चर्चा में क्यों: पूर्वी भारत के सिंहभूम ब्लॉक में 3.497 अरब वर्ष पुराने सूक्ष्म जीवाश्मों (microfossils) की खोज प्रारंभिक सूक्ष्मजीवी जीवन और जटिल चयापचय मार्गों (metabolic pathways) के प्रमाण प्रदान करती है।
अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों ने पूर्वी भारत के सिंहभूम भूवैज्ञानिक ब्लॉक में जैविक अवशेषों की पहचान की है। इन सूक्ष्म-जीवाश्मों (microfossils) को ज्वालामुखीय राख की परतों के बीच संरक्षित पाया गया था। हाइड्रोथर्मल वेंट्स के निकट प्राचीन सूक्ष्मजीवी गतिविधियों की पुष्टिकरने हेतु उनका विश्लेषण स्पेक्ट्रोस्कोपिक विधियों द्वारा किया गया।
Prelims pointers (3)
Placeसिंहभूम भूवैज्ञानिक ब्लॉक पूर्वी भारत में स्थित है।
S&T3.497 अरब वर्ष पुराने सूक्ष्म जीवाश्म (Microfossils) प्रारंभिक जीवन रूपों की उपस्थिति का संकेत देते हैं।
S&Tज्वालामुखी की राख में जैविक अवशेषों के विश्लेषण के लिए Spectroscopic विधियों का उपयोग किया गया।
Mains angle
Q. जीवन के विकास और पृथ्वी के प्रारंभिक चयापचय मार्गों (metabolic pathways) को समझने में भूवैज्ञानिक और जैविक खोजों के महत्व पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: Moderna और Merck ने एक व्यक्तिगत mRNA कैंसर वैक्सीन (Intismeran) के सफल अंतरिम परिणामों की घोषणा की है, जो मेलानोमा की पुनरावृत्ति और प्रसार को कम करने में प्रभावी है।
इंटिसमेरन (Intismeran) नामक इस वैक्सीन का परीक्षण उच्च-जोखिम वाले मेलानोमा रोगियों के लिए अंतिम चरण के परीक्षण में किया गया था। यह उपचार कैंसर की पुनरावृत्ति को कम करने और ट्यूमर के प्रसार को रोकने के निर्धारित लक्ष्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त करने में सक्षम रहा, जिसके परिणामस्वरूप मॉडर्ना (Moderna) के शेयरों में 160% की भारी वृद्धि हुई।
Prelims pointers (3)
S&TmRNA तकनीक: यह कोशिकाओं को विशिष्ट प्रोटीन उत्पन्न करने के लिए संदेशवाहक RNA (messenger RNA) का उपयोग करती है ताकि प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया (immune response) को सक्रिय किया जा सके।
S&Tमेलानोमा: त्वचा के कैंसर का एक प्रकार जो मेलानोसाइट्स (melanocytes) से विकसित होता है।
FactModerna और Merck Intismeran वैक्सीन विकास में शामिल प्राथमिक फार्मास्युटिकल संस्थाएं हैं।
Mains angle
Q. व्यक्तिगत चिकित्सा (Personalized Medicine) के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने की क्षमता रखने वाली mRNA तकनीक की संभावनाओं और भारत के स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे पर इसके निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: चीन ने पहली बार 'झुके-3' (Zhuque-3) रॉकेट के प्रथम चरण को सफलतापूर्वक भूमि पर पुनः प्राप्त किया है, जो पुन: प्रयोज्य रॉकेट तकनीक के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
Zhuque-3 रॉकेट का विकास निजी चीनी कंपनी LandSpace द्वारा किया गया है। जुलाई में समुद्री मंच से पुनर्प्राप्ति के पश्चात, यह चीन का दूसरा पुनर्प्राप्ति प्रयास है। इस रॉकेट में स्थलीय पुनर्प्राप्ति हेतु विन्यास योग्य लैंडिंग लेग्स (landing legs) की सुविधा उपलब्ध है।
Prelims pointers (3)
S&TZhuque-3: निजी चीनी फर्म LandSpace द्वारा विकसित एक रॉकेट।
S&Tपुन: प्रयोज्य रॉकेट (Reusable rockets): अंतरिक्ष यान जिन्हें लागत कम करने और दक्षता बढ़ाने के लिए कई बार प्रक्षेपित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
Factचीन का दूसरा रिकवरी प्रयास: पहला जुलाई में एक समुद्री प्लेटफॉर्म की रिकवरी थी।
Mains angle
Q. अंतरिक्ष अन्वेषण की लागत को कम करने में पुन: प्रयोज्य रॉकेट तकनीक के महत्व और वैश्विक अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा के लिए इसके निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: NASA ने चंद्रमा पर SpaceX Falcon 9 के प्रभाव से बने गड्ढे (इम्पैक्ट क्रेटर) की उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाली छवियां जारी की हैं, जो चंद्र सतह के अवलोकन और अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष सहयोग में हुई प्रगति को रेखांकित करती हैं।
यह क्रेटर 5 अगस्त को SpaceX Falcon 9 के ऊपरी चरण (upper stage) के प्रभाव से निर्मित हुआ था। इसका विस्तार 60 फीट चौड़ा और 10 फीट से कम गहरा है, जिसकी तस्वीरें 11-12 अगस्त के मध्य Lunar Reconnaissance Orbiter (LRO) द्वारा कैप्चर की गई थीं।
Prelims pointers (3)
S&TLunar Reconnaissance Orbiter (LRO): चंद्रमा की सतह का मानचित्रण करने के लिए डिज़ाइन किया गया NASA का एक अंतरिक्ष यान।
FactSpaceX Falcon 9 के प्रभाव से बने गड्ढे (impact crater) की चौड़ाई 60 फीट और गहराई 10 फीट से कम है।
S&TKPLO: Korea Pathfinder Lunar Orbiter, जिसका उपयोग कोरियाई अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा प्रारंभिक चित्र साझा करने के लिए किया जाता है।
Mains angle
Q. चंद्र अन्वेषण के महत्व और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी एवं चंद्र सतह के मानचित्रण को आगे बढ़ाने में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
commercial space exploration
lunar resource mapping
international scientific collaboration
Keywords: lunar exploration · space technology · public-private partnership · orbital reconnaissance
चर्चा में क्यों: CSIR के महानिदेशक ने मेडि वैली में 1 लाख वर्ग फुट के एक इनक्यूबेटर का उद्घाटन किया, जिसका उद्देश्य मेडटेक स्टार्टअप प्रोटोटाइपिंग और स्वदेशी विनिर्माण को गति देना है।
यह इनक्यूबेटर नीति आयोग द्वारा समर्थित 1 लाख वर्ग फुट का एक मंच है। इसका उद्देश्य स्टार्टअप्स को छह महीने के भीतर प्रोटोटाइप विकसित करने और एक वर्ष के भीतर नियामक स्वीकृतियां प्राप्त करने में सहायता प्रदान करना है। यह पहल मेडटेक (MedTech) पारिस्थितिकी तंत्र में स्वदेशी विनिर्माण पर केंद्रित है।
Prelims pointers (4)
BodyCSIR: Council of Scientific and Industrial Research भारत में वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए सर्वोच्च निकाय है।
BodyDSIR: Department of Scientific and Industrial Research अनुसंधान एवं विकास (R&D) और औद्योगिक विकास की देखरेख करता है।
FactMedi Valley इन्क्यूबेटर का आकार: 1-लख sqft।
BodyNITI Aayog: भारत सरकार का प्रमुख नीतिगत थिंक टैंक।
Mains angle
Q. 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु स्वदेशी मेडटेक (MedTech) विनिर्माण को बढ़ावा देने में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) और इनक्यूबेशन केंद्रों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: रक्षा उत्पादन विभाग ने ₹3,070 करोड़ मूल्य की 405 रक्षा वस्तुओं के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए छठी 'पॉजिटिव इंडिजेनाइजेशन लिस्ट' जारी की है।
इस सूची में तटीय सुरक्षा (Coast Guard) से संबंधित 16 मद और रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (DPSU) से संबंधित 389 मद सम्मिलित हैं। इन मदों को आयात पर निर्भरता कम करने हेतु स्वदेशीकरण के विशिष्ट समय-सीमाओं के साथ SRIJAN रक्षा पोर्टल पर सूचीबद्ध किया गया है।
Prelims pointers (4)
Factछठी सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची (Positive Indigenisation List) में 405 वस्तुएं शामिल हैं।
Factसूचीबद्ध मदों की व्यावसायिक क्षमता का अनुमान ₹3,070 करोड़ है।
BodySRIJAN Defence Portal वह मंच है जिसका उपयोग स्वदेशीकरण की समयसीमा (indigenisation timelines) को ट्रैक करने के लिए किया जाता है।
Postइस पहल के लिए रक्षा उत्पादन विभाग (DDP) नोडल निकाय है।
Mains angle
Q. रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' पहल में 'पॉजिटिव इंडिजनाइजेशन लिस्ट' (सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची) के योगदान और भारत की रणनीतिक स्वायत्तता पर इसके प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: भारत सरकार ने हवाई खतरों का मुकाबला करने के लिए स्वदेशी ड्रोन रक्षा प्रणालियों हेतु 'इंद्राजल' और 'सिग्मा' को 155 करोड़ रुपये का अनुबंध प्रदान किया है।
इंद्रजाल ऑटोनॉमस डिफेंस सिस्टम्स और सिग्मा एडवांस्ड सिस्टम्स को 'इंद्रजाल रेंजर' प्रणाली के लिए 155 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस आवंटन में सीमा सुरक्षा हेतु 145 करोड़ रुपये और शहरी पुलिसिंग हेतु 10 करोड़ रुपये सम्मिलित हैं।
Prelims pointers (4)
Factकुल आवंटित अनुबंध मूल्य: Rs 155 करोड़।
Factसीमा सुरक्षा के लिए आवंटन: Rs 145 करोड़।
Factशहरी पुलिस के लिए आवंटन: Rs 10 करोड़।
S&Tइंद्राजल रेंजर सिस्टम एक स्वदेशी ड्रोन रक्षा तकनीक है।
Mains angle
Q. भारत की सीमा सुरक्षा और आंतरिक पुलिसिंग क्षमताओं को सुदृढ़ करने में स्वदेशी ड्रोन रक्षा प्रणालियों के महत्व पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: QpiAI ने बेंगलुरु में 8-इंच का क्वांटम फाउंड्री (quantum foundry) स्थापित किया है, जिसका उद्देश्य 128 क्विबिट्स (qubits) तक वाले क्वांटम प्रोसेसर का निर्माण कर उन्हें व्यावसायिक रूप से उपलब्ध कराना है।
बेंगलुरु स्थित एक डीप-टेक फर्म, QpiAI ने 128 क्विबिट्स (qubits) तक के लिए तकनीक विकसित करने हेतु एक 8-इंच क्वांटम फाउंड्री का उद्घाटन किया है। इस सुविधा के चरण-3 के रोडमैप का लक्ष्य अगले वर्ष तक 10,000 भौतिक क्विबिट्स प्राप्त करना है, ताकि क्वांटम सुप्रेमेसी सेंटर्स (QSCs) को सुदृढ़ किया जा सके।
Prelims pointers (4)
S&TQpiAI: बेंगलुरु स्थित एक डीप-टेक (deep-tech) फर्म जो क्वांटम प्रोसेसर निर्माण पर केंद्रित है।
Factयह फाउंड्री 128 qubits तक की तकनीक का समर्थन करने के लिए डिज़ाइन की गई है।
Factपरियोजना के तीसरे चरण का लक्ष्य अगले वर्ष तक 10,000 भौतिक qubits प्राप्त करना है।
S&Tक्वांटम सुप्रीमेसी (Quantum Supremacy): वह बिंदु जहाँ एक क्वांटम कंप्यूटर ऐसी गणना करने में सक्षम होता है जो एक क्लासिकल कंप्यूटर के लिए व्यावहारिक रूप से असंभव है।
Mains angle
Q. भारत की तकनीकी संप्रभुता और आर्थिक विकास की खोज में स्वदेशी क्वांटम कंप्यूटिंग बुनियादी ढांचे के विकास के महत्व पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: शिक्षा मंत्रालय ने भारतीय ज्ञान प्रणालियों के संरक्षण और संवर्धन हेतु 440 AI-आधारित डिजिटल संस्कृत पाठ विकसित करने के लिए EMRC (ओसमानिया विश्वविद्यालय) को ₹70 लाख की परियोजना प्रदान की है।
इस परियोजना का कार्यान्वयन IIT Bombay और शिक्षा मंत्रालय के भारतीय ज्ञान प्रणाली (Indian Knowledge Systems) प्रभाग के माध्यम से किया जा रहा है। EMRC डिजिटल सामग्री तैयार करने हेतु संपूर्ण भारत से सेवानिवृत्त प्रोफेसरों और विशेषज्ञों का विवरण दर्ज करेगा।
Prelims pointers (4)
BodyEMRC: Osmania University का Educational Multimedia Research Centre।
Factपरियोजना बजट: 440 डिजिटल संस्कृत पाठों के लिए ₹70 लाख।
S&Tडिजिटल शैक्षिक सामग्री के निर्माण और वितरण के लिए AI का उपयोग किया जा रहा है।
BodyIIT Bombay, Indian Knowledge Systems (IKS) डिवीजन प्रोजेक्ट के लिए समन्वयकारी निकाय है।
Mains angle
Q. डिजिटल युग में पारंपरिक भारतीय ज्ञान प्रणालियों के संरक्षण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) का एकीकरण विरासत शिक्षा की पहुंच को किस प्रकार सुदृढ़ कर सकता है, चर्चा कीजिए।
technological preservation
democratization of heritage
pedagogical shift
digital divide challenges
Keywords: Indian Knowledge Systems · Digital Pedagogy · Artificial Intelligence · Cultural Preservation · Educational Infrastructure
चर्चा में क्यों: CSIR-IICT और Re Sustainability ने चक्रीय अर्थव्यवस्था (circular economy) को बढ़ावा देनेके लिए प्लास्टिक रीसाइक्लिंग और कार्बन कैप्चर हेतु तकनीक विकसित करने के उद्देश्य से एक MoU पर हस्ताक्षर किए हैं।
CSIR-भारतीय रासायनिक प्रौद्योगिकी संस्थान (CSIR-IICT) ने 'री सस्टेनेबिलिटी लिमिटेड' (Re Sustainability Limited) के साथ साझेदारी की है। यह सहयोग मुख्य रूप से प्लास्टिक पुनर्चक्रण, संसाधन पुनर्प्राप्ति और कार्बन कैप्चर प्रौद्योगिकियों पर केंद्रित है।
Prelims pointers (3)
BodyCSIR-IICT: Council of Scientific and Industrial Research के अंतर्गत एक प्रमुख अनुसंधान संस्थान।
S&Tकार्बन कैप्चर: औद्योगिक स्रोतों से CO2 उत्सर्जन को पकड़ने की तकनीक, जिसका उद्देश्य ग्रीनहाउस गैस प्रभाव को कम करना है।
FactRe Sustainability Limited के पास अपशिष्ट प्रबंधन (waste management) और चक्रीय अर्थव्यवस्था (circular economy) समाधानों में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है।
Mains angle
Q. अपशिष्ट प्रबंधन और चक्रीय अर्थव्यवस्था (circular economy) प्रौद्योगिकियों में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) भारत के 'नेट-जीरो' लक्ष्यों में किस प्रकार योगदान दे सकती है, इसका विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: भारत ने समुद्री निगरानी और हवाई रक्षा को सुदृढ़ करने हेतु General Atomics के साथ दो MQ-9B SeaGuardian ड्रोनों के लिए 1,943 करोड़ रुपये का पट्टा समझौता (lease agreement) किया है।
भारत ने जनरल एटॉमिक्स के साथ दो MQ-9B SeaGuardian ड्रोन के 30 महीने के पट्टे (लीज) हेतु एक अनुबंध हस्ताक्षरित किया है। ये ड्रोन समुद्री क्षेत्र की जागरूकता (maritime domain awareness) को सुदृढ़ करने हेतु 40,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर 30 घंटे से अधिक समय तक उड़ान भरने में सक्षम हैं।
Prelims pointers (3)
S&TMQ-9B SeaGuardian: एक समुद्री निगरानी ड्रोन जो लंबी दूरी के संचालन में सक्षम है।
Factअनुबंध मूल्य: 30 महीने की पट्टा अवधि के लिए Rs 1,943 करोड़।
Factपरिचालन क्षमता: 40,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर 30 घंटे से अधिक की उड़ान अवधि।
Mains angle
Q. भारतीय महासागर क्षेत्र में 'सागर' (SAGAR) पहल और भारत की समुद्री सुरक्षा में MQ-9B सी-गार्ज्डियन जैसे मानवरहित हवाई वाहनों (UAVs) के एकीकरण के योगदान का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: JetZero ने Z4 'manta ray' विमान का अनावरण किया है, जो लंबी दूरी की उड़ानों के लिए ईंधन की खपत को महत्वपूर्ण रूप से कम करने हेतु डिज़ाइन की गई अगली पीढ़ी की विमानन तकनीक है।
Z4 'मंटा रे' का लक्ष्य वर्तमान मॉडलों की तुलना में 30-50% कम ईंधन का उपयोग करते हुए 5,750 मील की दूरी पर 250 यात्रियों को ले जाने का है। इस परियोजना को उत्तरी कैरोलिना में एक कारखाना स्थापित करने हेतु अमेरिकी सरकार द्वारा प्रदान किए गए 3 बिलियन डॉलर के सौदे का समर्थन प्राप्त है। इसमें Japan Airlines, United, Delta और Alaska Airlines के साथ रणनीतिक साझेदारी शामिल है।
Prelims pointers (4)
S&TZ4 'manta ray' एक लॉन्ग-हॉल विमान है जिसे 30-50% ईंधन दक्षता (fuel efficiency) में सुधार के लिए डिज़ाइन किया गया है।
Factयह विमान 5,750 मील की रेंज में 250 यात्रियों को ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
Factअमेरिकी सरकार की $3 बिलियन की डील उत्तरी कैरोलिना में विनिर्माण सुविधा (manufacturing facility) को वित्तपोषित करती है।
S&TJet1 डिमॉन्स्ट्रेटर की पहली उड़ान 2027 के लिए निर्धारित है, जबकि इसके वाणिज्यिक संचालन का लक्ष्य 2030 के दशक की शुरुआत का है।
Mains angle
Q. विमानन प्रौद्योगिकी में प्रगति और ईंधन-कुशल विमानों का विकास वैश्विक जलवायु लक्ष्यों की प्राप्ति और सतत आर्थिक विकास में किस प्रकार योगदान देते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: AI चैटबॉट्स से जुड़े आत्महत्या और हत्या के मामलों की रिपोर्टों के बाद, मैक्स टेगमार्क और अन्य विशेषज्ञ AI के लिए कड़े नियमों की वकालत कर रहे हैं।
MIT के प्रोफेसर और 'फ्यूचर ऑफ लाइफ इंस्टीट्यूट' के संस्थापक, मैक्स टेगमार्क ने मशीनों द्वारा मनुष्यों से अधिक बुद्धिमान होने के जोखिमों पर प्रकाश डाला है। यह चर्चा सामान्य उत्पादों की तुलना में AI के लिए नियामक ढांचे के अभाव और सामाजिक सुरक्षा के ऊपर लाभ को प्राथमिकता देने के नैतिक निहितार्थों पर केंद्रित है।
Prelims pointers (3)
S&TFuture of Life Institute: एक संगठन जो AI और जैव प्रौद्योगिकी (biotechnology) के दीर्घकालिक प्रभावों पर केंद्रित है।
Postमैक्स टेगमार्क: MIT में भौतिकी के प्रोफेसर और AI सुरक्षा के समर्थक।
FactAI chatbots को आत्म-हानि और हिंसा की घटनाओं से जोड़ा गया है, जिससे नियामक निरीक्षण (regulatory oversight) की मांग उत्पन्न हुई है।
Mains angle
Q. उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) द्वारा उत्पन्न नैतिक चुनौतियों और सुरक्षा जोखिमों का विश्लेषण कीजिए। सरकारें तकनीकी नवाचार और सुदृढ़ विनियामक तंत्र की आवश्यकता के बीच संतुलन कैसे स्थापित कर सकती हैं? चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (IIA) के शोधकर्ताओं ने उपग्रह बुनियादी ढांचे और पावर ग्रिड की सुरक्षा हेतु 'कोरोनल मास इजेक्शन' (CMEs) का पूर्वानुमान लगाने के लिए एक 3D सिमुलेशन मॉडल विकसित किया है।
भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (IIA) ने एक 3D कंप्यूटर सिमुलेशन मॉडल विकसित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय भागीदारों के साथ सहयोग किया है। यह मॉडल चुंबकीय फ्लक्स रोप के संचय और ऊर्जा उत्सर्जन का विश्लेषण करता है, जिसे NASA के HMI और AIA उपकरणों के डेटा का उपयोग करके सत्यापित किया गया है।
Prelims pointers (4)
S&TCMEs (Coronal Mass Ejections) सूर्य के कोरोना से निकलने वाले चुंबकीय प्लाज्मा के विस्फोट हैं।
Bodyभारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (IIA) भारत में एक प्रमुख अनुसंधान संस्थान है।
S&TNASA के HMI (Helioseismic and Magnetic Imager) और AIA (Atmospheric Imaging Assembly) सौर अवलोकन के लिए उपयोग किए जाने वाले उपकरण हैं।
Factयह अध्ययन 16 अगस्त, 2026 को प्रकाशित किया गया था।
Mains angle
Q. आधुनिक युग में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और उपग्रह संचार प्रणालियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अंतरिक्ष मौसम की निगरानी के महत्व पर चर्चा कीजिए।
impact on power grids
satellite communication risks
technological sovereignty in space research
Keywords: Space Weather · Coronal Mass Ejections · Critical Infrastructure · Predictive Modeling · Satellite Security
चर्चा में क्यों: जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप (JWST) का उपयोग करने वाले वैज्ञानिकों ने प्रारंभिक ब्रह्मांड से एक 'ब्लैक होल स्टार' (MoM-BH*-1) की पहचान की है, जो ब्रह्मांडीय चित्रों में दिखने वाले रहस्यमयी लाल धब्बों की संभावित व्याख्या कर सकता है।
MoM-BH*-1 वस्तु का अवलोकन उस कालखंड से किया गया है जब ब्रह्मांड की आयु केवल 660 मिलियन वर्ष थी। यह किसी भी तारे की तुलना में 100 बिलियन गुना अधिक ऊर्जा उत्सर्जित करती है और इसमें सघन गैस से घिरे ब्लैक होल की विशिष्ट प्रकाश-अवशोषण विशेषताएँ परिलक्षित होती हैं।
Prelims pointers (3)
S&TJames Webb Space Telescope (JWST): एक इन्फ्रारेड स्पेस ऑब्जर्वेटरी जिसे पहले तारों और आकाशगंगाओं के अवलोकन के लिए डिज़ाइन किया गया है।
FactMoM-BH*-1: एक 'ब्लैक होल स्टार' जो एक सामान्य तारे की तुलना में 100 बिलियन गुना अधिक ऊर्जा उत्सर्जित करता है।
S&Tप्रकृति: एक प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय पीयर-रिव्यूड (peer-reviewed) वैज्ञानिक पत्रिका।
Mains angle
Q. जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप जैसे अंतरिक्ष-आधारित दूरबीनों में हुई प्रगति किस प्रकार प्रारंभिक ब्रह्मांड और ब्रह्मांडीय विकास की हमारी समझ को नया आकार दे रही है, चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: न्यूट्रिनो की ऐतिहासिक खोज और उनका निरंतर अध्ययन, कण भौतिकी (particle physics) और न्यूट्रिनो दोलन (neutrino oscillation) अनुसंधान के आधार स्तंभ के रूप में रेखांकित किया गया है।
वर्ष 1956 में, क्लाइड कोवन और फ्रेडरिक रीन्स ने 10 टन के डिटेक्टर का उपयोग करके न्यूट्रिनो का पता लगाकर वोल्फगैंग पाउली के 1930 के सिद्धांत की पुष्टि की। ब्रुकहेवन नेशनल लेबोरेटरी और कामियोकांडे में किए गए आगामी प्रयोगों ने न्यूट्रिनो दोलन (neutrino oscillations) को प्रकट किया, जिससे यह सिद्ध हुआ कि इन कणों में द्रव्यमान होता है।
Prelims pointers (4)
S&Tन्यूट्रिनो (Neutrinos): अत्यंत कम द्रव्यमान वाले और शून्य विद्युत आवेश वाले उप-परमाणु कण।
S&Tन्यूट्रिनो दोलन (Neutrino Oscillation): वह घटना जिसमें न्यूट्रिनो अपनी उड़ान के दौरान अपने फ्लेवर (इलेक्ट्रॉन, म्यूऑन, ताऊ) बदल लेते हैं।
S&TIceCube: Amundsen–Scott South Pole Station में स्थित एक neutrino observatory।
S&TKM3NET: भूमध्य सागर में स्थित एक डीप-सी न्यूट्रिनो टेलीस्कोप।
Mains angle
Q. पदार्थ के मूलभूत गुणों और ब्रह्मांड के विकास को समझने में न्यूट्रिनो भौतिकी के महत्व पर चर्चा कीजिए।
Standard Model of Physics
Mass and flavor oscillation
Cosmological implications
Keywords: Subatomic particles · Neutrino oscillation · Particle physics · Standard Model
चर्चा में क्यों: भारतीय नौसेना, प्रोजेक्ट 75(I) के अंतर्गत छह उन्नत पनडुब्बियों के निर्माण हेतु जर्मनी की थिसनक्रुप मरीन सिस्टम्स (ThyssenKrupp Marine Systems) के साथ ₹70,000 करोड़ के समझौते के अंतिम चरण में है।
इस समझौते के अंतर्गत मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) द्वारा छह पनडुब्बियों का निर्माण किया जाएगा। इन पनडुब्बियों में वायु-स्वतंत्र प्रणोदन प्रणाली (air-independent propulsion systems) होगी और इसमें VEM Technologies एवं CFF Fluid Control जैसी भारतीय फर्मों के साथ साझेदारी शामिल होगी।
Prelims pointers (4)
S&TProject 75(I): भारतीय नौसेना द्वारा एक प्रमुख पनडुब्बी खरीद कार्यक्रम।
Factअनुमानित सौदे का मूल्य: ₹70,000 करोड़।
BodyMazagon Dock Shipbuilders Ltd (MDL): मुंबई स्थित एक प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र का शिपयार्ड।
S&TAir-independent propulsion: वह तकनीक जो पनडुब्बियों को बिना सतह पर आए लंबे समय तक संचालित करने की अनुमति देती है।
Mains angle
Q. रक्षा क्षेत्र में 'मेक इन इंडिया' पहल के महत्व और भारत की समुद्री सुरक्षा एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ाने में इसकी भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: कुडांकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र (KKNPP) के रिएक्टर 2 ने 638 दिनों के निरंतर संचालन का रिकॉर्ड स्थापित किया है, जो परमाणु ऊर्जा क्षमता के क्षेत्र में भारत की प्रगति को रेखांकित करता है।
KKNPP के रिएक्टर 1 और 2 ने 2013 और 2016 में अपने संचालन के प्रारंभ से अब तक 1,30,627 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया है। इस संयंत्र ने सफलतापूर्वक 11.22 करोड़ टन CO2 उत्सर्जन को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके अतिरिक्त, संयंत्र ने CSR के माध्यम से स्थानीय बुनियादी ढांचे के विकास में ₹155.33 करोड़ का निवेश किया है।
Prelims pointers (4)
S&Tकुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र (KKNPP) तमिलनाडु राज्य में स्थित है।
FactKKNPP के Reactor 2 ने 638 दिनों के निरंतर संचालन का रिकॉर्ड स्थापित किया है।
FactKKNPP ने 11.22 करोड़ टन CO2 उत्सर्जन को रोका है।
S&Tपरमाणु रिएक्टर के निर्माण में रिएक्टर प्रेशर वेसल (Reactor pressure vessel) का इरेक्शन एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
Mains angle
Q. भारत के शुद्ध-शून्य उत्सर्जन (नेट-जीरो) लक्ष्यों की प्राप्ति में परमाणु ऊर्जा की भूमिका का विश्लेषण कीजिए और साथ ही सुरक्षा एवं बुनियादी ढाँचे से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा कीजिए।
decarbonization potential
energy security
safety protocols
CSR and local development
Keywords: base-load power · decarbonization · operational capacity factor · CSR · energy security
चर्चा में क्यों: NASA ने 'आर्टेमिस समझौते' (Artemis Accords) की साझेदारी के हिस्से के रूप में, ISRO को चंद्र दक्षिणी ध्रुव के निकट 'मून बेस' कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।
यह निमंत्रण ISRO मुख्यालय में आयोजित भारत-U.एस. सिविल स्पेस संयुक्त कार्य समूह की नौवीं बैठक के दौरान दिया गया था। इस आधार का मुख्य उद्देश्य स्थायी रूप से छाया वाले क्रेटरों से जल-बर्फ के निक्षेपों का उपयोग करना है, जिसका निर्माण कार्य लगभग 2030 के आसपास शुरू होने निर्धारित है।
Prelims pointers (4)
S&TArtemis Accords: नागरिक अंतरिक्ष अन्वेषण में सहयोग के लिए एक बहुपक्षीय समझौता।
S&Tचंद्र दक्षिणी ध्रुव: स्थायी रूप से छाया वाले क्रेटरों में जल-बर्फ (water-ice) के निक्षेपों की उपस्थिति के कारण अन्वेषण के लिए लक्षित।
PostISRO: Indian Space Research Organisation, भारत की राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी।
Factचंद्र आधार (Moon Base) का निर्माण वर्ष 2030 के आसपास शुरू करने की योजना है।
Mains angle
Q. अंतरिक्ष अन्वेषण में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के महत्व और भविष्य के मानव निवास के लिए चंद्र दक्षिणी ध्रुव के संसाधनों के रणनीतिक महत्व पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: 13 अगस्त, 2026 को प्रकाशित एक अध्ययन यह सुझाव देता है कि BCG वैक्सीन अल्जाइमर के रोगियों में 'इन्फ्लेमोजिंग' (inflammaging) और न्यूरोइन्फ्लेमेशन से लड़ने के लिए जन्मजात प्रतिरक्षा कोशिकाओं को पुन: प्रशिक्षित कर सकती है।
यह अध्ययन 'इन्फ्लेमिंग' (inflammaging) को वृद्ध होती प्रतिरक्षा प्रणाली में होने वाली पुरानी निम्न-श्रेणी की सूजन के रूप में पहचानता है, जो मस्तिष्क को क्षति पहुँचाती है। यह प्रस्ताव करता है कि BCG वैक्सीन (जो पारंपरिक रूप से क्षय रोग के लिए उपयोग की जाती है) केवल प्रतिरक्षा को बढ़ाने के बजाय जन्मजात प्रतिरक्षा कोशिकाओं को पुन: प्रशिक्षित कर सकती है।
Prelims pointers (3)
S&TInflammaging: उम्र बढ़ने (aging) और न्यूरोइन्फ्लेमेशन (neuroinflammation) से जुड़ा पुराना निम्न-श्रेणी का सूजन (chronic low-grade inflammation)।
S&TBCG Vaccine: पारंपरिक रूप से क्षय रोग (tuberculosis) के लिए उपयोग की जाने वाली यह वैक्सीन, अब जन्मजात प्रतिरक्षा कोशिकाओं (innate immune cells) को पुन: प्रशिक्षित करने में अपनी भूमिका के लिए अध्ययन की जा रही है।
Factअध्ययन प्रकाशन तिथि: August 13, 2026।
Mains angle
Q. एल्जाइमर जैसी आयु-संबंधित न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों के समाधान में जैव प्रौद्योगिकी और प्रतिरक्षा विज्ञान (इम्यूनोलॉजी) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए। इस संदर्भ में, मौजूदा टीकों के पुन: उपयोग (repurposing) से वृद्धों की स्वास्थ्य सेवा में किस प्रकार योगदान दिया जा सकता है, स्पष्ट कीजिए।
चर्चा में क्यों: 'नेचर' (Nature) में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, वर्ष 2060 तक फोटोवोल्टिक (PV) कचरे में भारी वृद्धि होने की संभावना है, जो नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में चक्रीय अर्थव्यवस्था (circular economy) के मॉडलों की आर्थिक क्षमता को रेखांकित करता है।
इस अध्ययन में 32 क्षेत्रों में 1,708 पुनर्चक्रण (recycling) परिदृश्यों का प्रतिरूपण किया गया है। यह अनुमानित है कि वर्ष 2060 तक PV अपशिष्ट की मात्रा 297–402 मिलियन टन तक पहुँच सकती है, जिसे उचित पुनर्चक्रण के माध्यम से लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर का संभावित आर्थिक मूल्य प्राप्त हो सकता है।
Prelims pointers (3)
S&TPhotovoltaic (PV) waste का तात्पर्य त्यागे गए सोलर पैनल और संबंधित घटकों से है।
Fact2060 तक वैश्विक PV अपशिष्ट का अनुमानित उत्पादन 297 मिलियन से 402 मिलियन टन तक होने की संभावना है।
Factपुनर्चक्रित PV कचरे का संभावित आर्थिक मूल्य: लगभग $1 ट्रिलियन।
Mains angle
Q. भारत के नवीकरणीय ऊर्जा की ओर संक्रमण के संदर्भ में, सौर अपशिष्ट प्रबंधन के लिए एक चक्रीय अर्थव्यवस्था (circular economy) स्थापित करने की चुनौतियों और अवसरों का विश्लेषण कीजिए।
technological barriers in recycling
environmental hazards of improper disposal
economic potential of resource recovery
need for international technology transfer
Keywords: Circular Economy · Renewable Energy · Waste Management · Resource Recovery · Sustainable Development
चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में भारत के ऊर्जा परिवर्तन को गति देने के उद्देश्य से वर्ष 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य घोषित किया।
प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। अन्य पहलों में एक करोड़ युवाओं के लिए AI प्रशिक्षण और अतिरिक्त सेमीकंडक्टर संयंत्रों की स्थापना हेतु योजनाएं शामिल हैं।
Prelims pointers (3)
Factपरमाणु ऊर्जा लक्ष्य: 2047 तक 100 GW।
S&TAI प्रशिक्षण लक्ष्य: 1 करोड़ युवा।
S&Tसेमीकंडक्टर विनिर्माण विस्तार पर ध्यान केंद्रित करें।
Mains angle
Q. भारत के नेट-जीरो लक्ष्यों की प्राप्ति में परमाणु ऊर्जा के महत्व और वर्ष 2047 तक परमाणु क्षमता को 100 गीगावाट तक बढ़ाने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री मोदी ने मानव पूंजी और तकनीकी तत्परता को बढ़ाने के उद्देश्य से एक करोड़ युवाओं के लिए एक व्यापक AI कौशल प्रशिक्षण पहल और देशव्यापी खेल प्रतिभा खोज अभियान की घोषणा की।
प्रधानमंत्री ने एक वर्ष के भीतर 10 मिलियन युवाओं के लिए AI प्रशिक्षण और 5-15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए खेल प्रतिभा खोज अभियान की घोषणा की। उनके संबोधन में 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा के लक्ष्य और सेमीकंडक्टर विनिर्माण में विस्तार की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई।
Prelims pointers (4)
Factलक्ष्य: एक वर्ष के भीतर 1 करोड़ युवाओं के लिए AI कौशल प्रशिक्षण।
Factपरमाणु ऊर्जा लक्ष्य: वर्ष 2047 तक 100 GW।
Factस्पोर्ट्स टैलेंट हंट: 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों को लक्षित।
S&Tप्रमुख फोकस क्षेत्रों में सेमीकंडक्टर विनिर्माण और AI कौशल विकास शामिल हैं।
Mains angle
Q. कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) और कौशल विकास का एकीकरण भारत के वैश्विक विनिर्माण और प्रौद्योगिकी केंद्र बनने के लक्ष्य को किस प्रकार गति प्रदान कर सकता है, चर्चा कीजिए।
Digital divide challenges
Skilling for the future of work
Role of public-private partnerships
Energy security for tech growth
Keywords: Human Capital · Digital Literacy · Technological Sovereignty · Skill India · Nuclear Energy
चर्चा में क्यों: NCSCM ने एक अध्ययन जारी किया है जो पुष्टि करता है कि MSC Elsa 3 के डूबने से लक्षद्वीप को कोई पारिस्थितिक क्षति नहीं हुई, जो समुद्री आकस्मिक योजनाओं (maritime contingency plans) की आवश्यकता पर बल देता है।
राष्ट्रीय सतत तटीय प्रबंधन केंद्र (NCSCM) ने राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) के निर्देशों के अनुपालन में यह मूल्यांकन संपन्न किया। यह अध्ययन 25 मई, 2025 को हुए जहाज के डूबने की घटना के संबंध में 15 अगस्त, 2026 को प्रकाशित किया गया।
Prelims pointers (3)
BodyNCSCM: National Centre for Sustainable Coastal Management तटीय प्रबंधन के लिए एक नोडल एजेंसी है।
Placeलक्षद्वीप: अरब सागर में स्थित भारत का एक केंद्र शासित प्रदेश।
BodyNGT: National Green Tribunal पर्यावरण संरक्षण के लिए एक विशिष्ट निकाय है।
Mains angle
Q. समुद्री दुर्घटनाओं से पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील द्वीप क्षेत्रों की सुरक्षा में सुदृढ़ समुद्री आकस्मिकता योजनाओं और तटीय प्रबंधन रणनीतियों के महत्व की चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: अंडमान और निकोबार प्रशासन ने ग्रेट निकोबार द्वीप में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के विरुद्ध जनजातीय विरोध का सामना करते हुए, निजी क्षेत्र के नेतृत्व वाले 'ग्रीन AI/डेटा सेंटर वर्टिकल' के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं।
प्रशासन ने निजी क्षेत्र के नेतृत्व वाले 'ग्रीन AI/डेटा सेंटर वर्टिकल' हेतु 'अभिरुचि की अभिव्यक्ति' (EoI) जारी की है। ग्रेट निकोबार द्वीप (GNI) में स्थित कैंपबेल बे इसके लिए एक संभावित स्थल है। यह परियोजना ₹91,000 करोड़ की व्यापक मेगा बुनियादी ढांचा परियोजना के विरुद्ध स्थानीय जनजातीय समुदायों के विरोध का सामना कर रही है।
Prelims pointers (3)
Placeकैम्पबेल बे (Campbell Bay) ग्रेट निकोबार द्वीप में स्थित है।
Factग्रेट निकोबार द्वीप में प्रस्तावित मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का मूल्य ₹91,000 करोड़ है।
S&TGreen AI का तात्पर्य AI विकास से है जिसका उद्देश्य पर्यावरणीय प्रभाव और ऊर्जा की खपत को कम करना है।
Mains angle
Q. पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर तकनीकी बुनियादी ढांचे के विकास और स्वदेशी जनजातीय समुदायों के अधिकारों एवं आजीविका के बीच संतुलन स्थापित करने की चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
Tribal rights and land alienation
Ecological impact of data centres
Digital infrastructure goals
Way forward: Participatory planning
Keywords: Indigenous rights · Sustainable infrastructure · Data sovereignty · Ecological sensitivity · Public-Private Partnership
चर्चा में क्यों: महाराष्ट्र सरकार ने ड्रोन नीति के कार्यान्वयन को सुव्यवस्थित करने, निवेश आकर्षित करने और 'ड्रोन सिटी' के विकास में तेजी लाने के लिए एक मंत्रिस्तरीय कार्य बल का गठन किया है।
यह कार्य बल इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता विभाग के अंतर्गत कार्य करता है। इसका उद्देश्य महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (MIDC) के माध्यम से भूमि अधिग्रहण की सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ प्रक्रियात्मक विलंब और प्रतिस्पर्धी प्रोत्साहनों से संबंधित उद्योग संबंधी चिंताओं का समाधान करना है।
Prelims pointers (3)
BodyMIDC: Maharashtra Industrial Development Corporation औद्योगिक भूमि विकास के लिए उत्तरदायी राज्य निकाय है।
S&Tड्रोन सिटी: ड्रोन निर्माण और पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) के विकास को बढ़ावा देनेके लिए महाराष्ट्र की एक समर्पित बुनियादी ढांचा पहल।
Factराज्य की ड्रोन नीति की निगरानी के लिए 13 अगस्त, 2026 को टास्क फोर्स का गठन किया गया था।
Mains angle
Q. भारत में ड्रोन जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों के विकास को बढ़ावा देने में समर्पित औद्योगिक केंद्रों और कार्य बल (टास्क फोर्स) के निर्माण के महत्व की चर्चा कीजिए।
Ease of Doing Business
Infrastructure development
Technological sovereignty
Regulatory hurdles
Keywords: Ease of Doing Business · Drone Ecosystem · Incentivization · Infrastructure Development · Policy Implementation
चर्चा में क्यों: रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना की सटीक-प्रहार क्षमताओं को बढ़ानेके लिए TASL और NIBE के साथ 84 लोइटर म्यूनिशन सिस्टम (loiter munition systems) के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं।
रक्षा मंत्रालय ने टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) और NIBE लिमिटेड के साथ ₹1,577 करोड़ के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के अंतर्गत 84 लोइटर म्यूनिशन सिस्टम और 840 म्यूनिशन शामिल हैं, जिनमें 60% स्वदेशी सामग्री की अनिवार्यता निर्धारित की गई है।
Prelims pointers (4)
S&TLoiter munitions स्वायत्त प्रणालियाँ (autonomous systems) हैं जो प्रहार करने से पहले लक्ष्य क्षेत्र के ऊपर मंडराने (hovering) में सक्षम होती हैं।
Factये प्रणालियाँ 100 km की रेंज तक सटीक-प्रहार (precision-strike) क्षमता प्रदान करती हैं।
Factइस अनुबंध में 'Buy Indian' श्रेणी के अंतर्गत 60% समग्र स्वदेशी सामग्री (indigenous content) शामिल है।
Postरक्षा मंत्रालय (MoD) भारत में रक्षा खरीद के लिए नोडल मंत्रालय है।
Mains angle
Q. रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने में 'बाय इंडियन' (Buy Indian) पहल के महत्व और भारत की रणनीतिक स्वायत्तता पर इसके प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: 'हर घर तिरंगा' अभियान के हिस्से के रूप में, इंडिया पोस्ट ने हिमाचल प्रदेश के एक सुदूर गाँव में राष्ट्रीय ध्वज की पहली ड्रोन डिलीवरी संपन्न की।
डाक विभाग ने हिमाचल प्रदेश के मंडी से रेहरधर तक राष्ट्रीय ध्वज के परिवहन हेतु ड्रोन का उपयोग किया। भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी (लास्ट-माइल कनेक्टिविटी) में सुधार हेतु स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इस पहल का शुभारंभ किया गया।
Prelims pointers (3)
Bodyडाक विभाग: संचार मंत्रालय के अंतर्गत।
Factहिमाचल प्रदेश के रेहरधर शाखा डाकघर में ड्रोन के माध्यम से डिलीवरी की गई।
S&Tदूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में 'last-mile' कनेक्टिविटी के लिए ड्रोन्स का उपयोग किया जा रहा है।
Mains angle
Q. भारत के दुर्गम क्षेत्रों में डाक सेवाओं में ड्रोन तकनीक के एकीकरण से ग्रामीण कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक दक्षता को किस प्रकार बढ़ाया जा सकता है, इस पर चर्चा कीजिए।
logistical efficiency
technological leapfrogging
last-mile connectivity
economic impact on remote areas
Keywords: last-mile connectivity · technological integration · logistics · rural infrastructure · digital India
चर्चा में क्यों: PMO ने 2026 तक AI और स्वायत्त प्रणालियों (autonomous systems) में प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और परिचालन को सुव्यवस्थित करनेके लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के लिए सुधारों के निर्देश दिए हैं।
DRDO को प्रतिभा की कमी और पुरानी कार्यप्रणालियों के समाधान हेतु एक सुव्यवस्थित और संक्षिप्त संगठन में परिवर्तित होने का उत्तरदायित्व सौंपा गया है। इस सुधार रणनीति के अंतर्गत एक व्यापक नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र (innovation ecosystem) के निर्माण हेतु सरकारी प्रयोगशालाओं, विश्वविद्यालयों, उद्योगों और वेंचर कैपिटल के एकीकरण का प्रावधान है।
Prelims pointers (3)
BodyDRDO: Defence Research and Development Organisation, रक्षा मंत्रालय की प्राथमिक R&D इकाई।
S&TDRDO सुधारों के प्रमुख फोकस क्षेत्रों में AI, semiconductors और autonomous systems शामिल हैं।
Factइन संरचनात्मक सुधारों को पूरा करने का लक्ष्य वर्ष 2026 है।
Mains angle
Q. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर्स जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास (R&D) पारिस्थितिकी तंत्र के समक्ष आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रूसी अंतरिक्ष यात्रियों ने ISS पर भारतीय ध्वज फहराया, जो भारत और रूस के बीच दीर्घकालिक अंतरिक्ष सहयोग को रेखांकित करता है।
रूसी अंतरिक्ष यात्रियों प्योत्र दुब्रोव, अन्ना किकिना और आंद्रे फेड्यायेव ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर यह संकेत प्रदर्शित किया। यह सहयोग 1975 में 'आर्यभट' के प्रक्षेपण के साथ शुरू हुआ था और अब 65 वर्षों के विस्तार में फैला हुआ है।
Prelims pointers (4)
S&Tआर्यभट: 1975 में प्रक्षेपित भारत का पहला स्वदेशी उपग्रह।
S&TGaganyaan: भारत का आगामी मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन।
BodyISS: International Space Station, एक सहयोगात्मक मॉड्यूलर अंतरिक्ष स्टेशन।
Factभारत का 80वाँ स्वतंत्रता दिवस 1947-2027 के मील के पत्थर को चिह्नित करता है।
Mains angle
Q. भारत और रूस के बीच अंतरिक्ष सहयोग के महत्व और गगनयान मिशन के उद्देश्यों की प्राप्ति में इसकी भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
technological transfer
strategic autonomy
human spaceflight milestones
Keywords: Space Diplomacy · Indo-Russian Friendship · Human Spaceflight · Strategic Partnership
चर्चा में क्यों: 'इकोनॉमिक्स लेटर्स' में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, लघु रॉकेट प्रक्षेपणों की व्यापकता के कारण प्रमुख अंतरिक्ष देशों की तुलना में भारत की प्रति किलोग्राम अंतरिक्ष प्रक्षेपण लागत सर्वाधिक है।
भारत की प्रक्षेपण लागत $13,302 प्रति किलोग्राम है, जो संयुक्त राज्य अमेरिका ($3,225) और चीन ($5,809) की तुलना में काफी अधिक है। इस उच्च लागत का मुख्य कारण ISRO द्वारा छोटे रॉकेटों पर निर्भरता है, जो कम पेलोड पर निश्चित लागतों का वितरण करते हैं।
Prelims pointers (4)
Factभारत की प्रति किलोग्राम प्रक्षेपण लागत: $13,302।
Factयू.एस. लॉन्च लागत प्रति किग्रा: $3,225।
S&TISRO: अंतरिक्ष एजेंसी, गृह मंत्रालय के अंतर्गत अंतरिक्ष विभाग के अधीन।
FactEconomics Letters: वह जर्नल जिसने 14 अगस्त, 2026 को विश्लेषण प्रकाशित किया।
Mains angle
Q. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा प्रक्षेपण लागत को अनुकूलित करने में आने वाली आर्थिक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और लागत-प्रभावी अंतरिक्ष अन्वेषण प्राप्त करने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।
economies of scale
frequency of launches
technological advancement
commercial viability
Keywords: economies of scale · fixed costs · payload optimization · space economy
चर्चा में क्यों: जर्मनी की 'वूडिन ब्लेड टेक्नोलॉजी' (Voodin Blade Technology) ने कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के उद्देश्य से लैमिनेटेड वेनियर लम्बर (LVL) से निर्मित पवन टरबाइन ब्लेड का विश्व का प्रथम प्रोटोटाइप प्रदर्शित किया है।
इस प्रोटोटाइप में लैमिनेटेड वेनियर लम्बर (LVL) से निर्मित 19.3 मीटर लंबे ब्लेड शामिल हैं। यह तकनीक पारंपरिक फाइबरग्लास ब्लेडों की तुलना में CO2 उत्सर्जन में 78% की कमी लाती है और उत्पादन लागत को 20% तक कम करती है।
Prelims pointers (3)
S&TLaminated Veneer Lumber (LVL) का उपयोग अधिक पुनर्चक्रण योग्य (recyclable) और टिकाऊ विंड टरबाइन ब्लेड बनाने के लिए किया जाता है।
Factलकड़ी के विंड टरबाइन ब्लेड कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को 78% तक कम कर सकते हैं।
Factप्रोटोटाइप ब्लेड की लंबाई 19.3 मीटर है।
Mains angle
Q. नवीकरणीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे में टिकाऊ सामग्रियों की ओर बढ़ता रुझान भारत के 'नेट जीरो' लक्ष्यों को प्राप्त करने में किस प्रकार योगदान दे सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: भारत के आदित्य-L1 मिशन से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग करते हुए खगोल भौतिकविदों (Astrophysicists) ने यह खोज की है कि चुंबकीय स्नैप्स (magnetic snaps) सौर कोरोना की 93% ऊष्मा उत्पन्न करते हैं, जिससे ऊर्जा हानि से संबंधित एक दीर्घकालिक रहस्य का समाधान हो गया है।
भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (Indian Institute of Astrophysics) के प्रोफेसर आर. रमेश के नेतृत्व वाली एक टीम ने 'एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लेटर्स' में अपने शोध के निष्कर्ष प्रकाशित किए हैं। यह अध्ययन प्रकट करता है कि चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के टूटने और पुन: जुड़ने से कोरोना की 93% ऊर्जा प्राप्त होती है, जबकि बुलबुले जैसी गतियों का योगदान केवल 7% है।
Prelims pointers (3)
S&TAditya-L1: सूर्य के अध्ययन के लिए भारत का पहला समर्पित अंतरिक्ष-आधारित वेधशाला।
Factमैग्नेटिक स्नैप्स और रिकनेक्शन सौर कोरोना की 93% ऊष्मा के लिए उत्तरदायी हैं।
S&Tसौर कोरोना: सूर्य के वायुमंडल की सबसे बाहरी परत, जो सतह की तुलना में लाखों डिग्री अधिक गर्म रहती है।
Mains angle
Q. सौर भौतिकी के क्षेत्र में प्रगति के संदर्भ में भारत के आदित्य-एल1 (Aditya-L1) मिशन के महत्व और अंतरिक्ष मौसम (space weather) को समझने तथा पृथ्वी पर इसके प्रभावों के विश्लेषण पर चर्चा कीजिए।
scientific advancement
space weather monitoring
technological self-reliance
Keywords: Solar Physics · Aditya-L1 · Magnetic Reconnection · Space Weather · Astrophysics
चर्चा में क्यों: रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायु सेना (IAF) को सुदृढ़ करने और रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' पहल को बढ़ावा देने के लिए विमानों की व्यापक खरीद हेतु सूचना के अनुरोध (RFIs) जारी किए हैं।
रक्षा मंत्रालय 60 बहुउद्देशीय परिवहन विमान (लगभग 1 लाख करोड़ रुपये मूल्य के) और 150 प्रशिक्षण विमान (लगभग 15,000 करोड़ रुपये मूल्य के)की मांग कर रहा है। इस खरीद प्रक्रिया में टाटा, महिंद्रा और HAL जैसे घरेलू निर्माताओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
Prelims pointers (4)
Factमल्टीरोल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की खरीद का मूल्य लगभग 1 लाख करोड़ रुपये है।
Factप्रशिक्षण विमानों की खरीद का मूल्य लगभग Rs 15,000 करोड़ है।
BodyHAL (Hindustan Aeronautics Limited) भारत की एक प्रमुख राज्य के स्वामित्व वाली एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण कंपनी है।
S&Tमल्टीरोल ट्रांसपोर्ट विमानों को विभिन्न भू-भागों में यात्रियों, कार्गो और उपकरणों को ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है।
Mains angle
Q. बड़े पैमाने पर रक्षा खरीद में घरेलू विनिर्माण को प्राथमिकता देने से भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और औद्योगिक विकास को किस प्रकार बढ़ावा मिलता है, चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: कुड्डालोर में हुई एक दुखद घटना के पश्चात, भारतीय रेलवे ने दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से गैर-इंटरलॉक्ड लेवल क्रॉसिंग पर AI-संचालित CCTV कैमरों को तैनात करने की योजना बनाई है।
यह प्रणाली सौर ऊर्जा संचालित AI कैमरों का उपयोग करती है, जो स्टेशन मास्टरों और इंजीनियरिंग नियंत्रण कक्षों को लाइव फीड प्रदान करते हैं। इसे अधिकारियों को तब सतर्क करने के लिए डिज़ाइन किया गया है जब फाटक खुले रह जाते हैं, और रेल संचालन से पूर्व फाटकों के बंद होने की पुष्टि करने के लिए विकसित किया गया है।
Prelims pointers (3)
S&Tरेलवे लेवल क्रॉसिंग की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए AI-संचालित CCTV कैमरों का प्रस्ताव दिया जा रहा है।
Factदूरस्थ गैर-इंटरलॉक्ड क्रॉसिंग (non-interlocked crossings) पर कार्यक्षमता सुनिश्चित करने के लिए यह प्रणाली सौर ऊर्जा से संचालित होगी।
Bodyभारतीय रेलवे सुरक्षा तकनीक को लागू करने वाली प्राथमिक संस्था है।
Mains angle
Q. भारतीय रेलवे में सार्वजनिक सुरक्षा और बुनियादी ढांचा प्रबंधन को बढ़ाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) के एकीकरण की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।