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भाग I · स्था. 11.2025 
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एलन इंस्टीट्यूट और डेविड बेकर, रोगों के उपचार और पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान हेतु प्रकृति में अनुपस्थित कृत्रिम अणुओं (synthetic molecules) के निर्माण के लिए AI-आधारित बायो-डिज़ाइन का उपयोग कर रहे हैं

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AI-आधारित सिंथेटिक बायोलॉजी: स्वास्थ्य सेवा और पर्यावरणीय स्थिरता पर GS3 विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का एक केस स्टडी।

चर्चा में क्यों

एलन इंस्टीट्यूट और डेविड बेकर, रोगों के उपचार और पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान हेतु प्रकृति में अनुपस्थित कृत्रिम अणुओं (synthetic molecules) के निर्माण के लिए AI-आधारित बायो-डिज़ाइन का उपयोग कर रहे हैं।

पृष्ठभूमि

एलन इंस्टीट्यूट और नोबेल पुरस्कार विजेता डेविड बेकर के नेतृत्व में संचालित 'AI BioDesign' परियोजना, औषधि निर्माण और प्लास्टिक क्षरण के लिए नवीन अणुओं के डिजाइन पर केंद्रित है। यह पहल वास्तविक अनुप्रयोग से पूर्व जोखिमों को कम करने हेतु कंप्यूटेशनल स्क्रीनिंग और प्रयोगशाला परीक्षणों का उपयोग करती है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • विज्ञान-तकनीकAI BioDesign: Allen Institute के नेतृत्व में एक परियोजना जो प्रकृति में मौजूद न होने वाले सिंथेटिक अणुओं (synthetic molecules) को डिजाइन करती है।
  • पदडेविड बेकर: प्रोटीन डिजाइन के लिए रसायन विज्ञान में 2024 के नोबेल पुरस्कार विजेता।
  • तथ्ययह परियोजना कैंसर के उपचार, न्यूरोडिजेनेरेटिव विकारों और समुद्री प्लास्टिक क्षरण (ocean plastic degradation) के उपचार में अनुप्रयोगों को लक्षित करती है।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

AI BioDesign के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. यह पहल विशेष रूप से प्रकृति में पहले से मौजूद अणुओं के निर्माण पर केंद्रित है।
  2. इस परियोजना का नेतृत्व एलन इंस्टीट्यूट और नोबेल पुरस्कार विजेता डेविड बेकर द्वारा किया जा रहा है।
  3. इस परियोजना का उद्देश्य कैंसर के उपचार और समुद्री प्लास्टिक क्षरण जैसे मुद्दों का समाधान करना है।
  1. (a)केवल 3
  2. (b)केवल 1 और 2
  3. (c)केवल 2 और 3
  4. (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (c) केवल 2 और 3 — कथन 2 और 3 सही हैं। कथन 1 गलत है: यह प्रकृति में नहीं पाए जाने वाले सिंथेटिक अणुओं (synthetic molecules) को डिजाइन करने पर केंद्रित है।

मेन्स के लिए

Q. कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित सिंथेटिक बायोलॉजी किस प्रकार स्वास्थ्य सेवा और पर्यावरणीय स्थिरता में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकती है, तथा इस प्रक्रिया में गैर-प्राकृतिक अणुओं के निर्माण से जुड़े नैतिक जोखिमों के प्रबंधन की चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • Dual-use risk: Potential for malicious use of synthetic molecules requiring robust international governance frameworks.
  • Safety protocols: Necessity of rigorous computational screening and lab-testing phases to prevent ecological disruption.
  • Regulatory vacuum: Lack of specific legal frameworks governing the creation of non-natural biological entities.

कीवर्ड: Synthetic Biology · AI BioDesign · Dual-use Research · Biosecurity · Computational Screening

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँस्रोत: Wired ↗यह भी: GS3 · Pollution (air, water, plastic)

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।