यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 1,480 नोट्स, रोज़ अपडेट।
पाठ्यक्रम के विषय: IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंग (539) · अंतरिक्ष तकनीक (ISRO, मिशन) (353) · जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधान (252) · परमाणु एवं नई ऊर्जा तकनीक (212) · रक्षा तकनीक (120) · बौद्धिक संपदा अधिकार (4)
चर्चा में क्यों: फ्रेंड्स ऑफ स्नेक सोसाइटी (FoSS) और तेलंगाना राज्य वन विभाग ने पिछले एक दशक में सांपों के बचाव के मामलों में पांच गुना वृद्धि दर्ज की है। यह रिपोर्ट शहरी विस्तार के कारण बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष (Human-Wildlife Conflict) को रेखांकित करती है।
तेलंगाना में सांपों के बचाव (Snake rescues) की संख्या 2016 में 3,097 से बढ़कर 2025 में 15,265 हो गई। वर्ष 2025 में किए गए बचाव कार्यों में स्पेक्टाक्ल्ड कोबरा (Spectacled Cobras) की हिस्सेदारी 49.3% रही, जिसके बाद रैट स्नैक्स (Rat Snakes) और चेकरड कीलबैक्स (Checkered Keelbacks) का स्थान रहा।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यतेलंगाना में 2016 और 2025 के बीच सांपों के बचाव (Snake rescues) की संख्या में पांच गुना की वृद्धि हुई।
पर्यावरणस्पेक्टाकल्ड कोबरा (Spectacled Cobras) 2025 में सबसे ज्यादा बचाए गए प्रजाति थे, जो कुल रेस्क्यू का 49.3% हिस्सा थे।
पर्यावरणरैट स्नेक्स (Rat Snakes) और चेकरड कीलबैक्स (Checkered Keelbacks) बचाए गए दूसरे और तीसरे सबसे आम प्रजातियां थे।
स्थानयह डेटा तेलंगाना राज्य से संबंधित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में तीव्र शहरीकरण और आवास विखंडन किस प्रकार मानव-वन्यजीव संघर्षों में वृद्धि में योगदान देते हैं, इस पर चर्चा कीजिए और इसके निवारक उपायों का सुझाव दीजिए।
इकोलॉजिकल फ्रैगमेंटेशन: मूवमेंट कॉरिडोर में रुकावट और प्राकृतिक आवासों का नुकसान साँपों को मानव बस्तियों की ओर जाने पर मजबूर कर रहा है
रिएक्टिव बनाम प्रोएक्टिव मैनेजमेंट: संघर्ष कम करने के लिए इमरजेंसी रेस्क्यू मॉडल से वेस्ट मैनेजमेंट और ग्रीन स्पेस डिजाइन की ओर बदलाव
मुख्य शब्द: आवास विखंडन · मानव-वन्यजीव संघर्ष · शहरी विकास · जैव विविधता संरक्षण · निवारक उपाय
चर्चा में क्यों: आंध्र प्रदेश सरकार ने दुनिया का पहला लंबी दूरी का मानव-वाहक ड्रोन एम्बुलेंस (human-carrying drone ambulance) विकसित करने के लिए अन्ना यूनिवर्सिटी के डॉ. कलाम एडवांस्ड UAV रिसर्च सेंटर (CASR) के साथ साझेदारी की है।
ड्रोन एम्बुलेंस को 150 किलोग्राम की पेलोड क्षमता और 90 मिनट तक की उड़ान क्षमता (flight endurance) के साथ डिजाइन किया गया है। इस परियोजना में त्वरित चिकित्सा प्रतिक्रिया की सुविधा के लिए विजयवाड़ा में एक ड्रोन पोर्ट और हब की योजनाएं शामिल हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकडॉ. कलाम एडवांस्ड UAV रिसर्च सेंटर (CASR) चेन्नई स्थित अन्ना यूनिवर्सिटी में स्थित है।
तथ्यड्रोन एम्बुलेंस प्रोटोटाइप को 150 किलोग्राम (kg) पेलोड क्षमता के लिए डिज़ाइन किया गया है।
तथ्यड्रोन एम्बुलेंस को 90 मिनट तक की फ्लाइट एंड्योरेंस (flight endurance) के लिए डिज़ाइन किया गया है।
स्थानइस प्रोजेक्ट के लिए प्रस्तावित ड्रोन पोर्ट और हब आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में स्थित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा वितरण के अंतराल को पाटने में मानवरहित हवाई वाहन (UAV) तकनीक का एकीकरण किस प्रकार सहायक हो सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधा: ग्रामीण क्लस्टर्स में स्पेशलाइज्ड ड्रोन पोर्ट्स और हाई-स्पीड चार्जिंग हब्स की ज़रूरत
रेगुलेटरी बाधा: मेडिकल UAVs के लिए स्टैंडर्डाइज्ड 'नो-फ्लाई ज़ोन' क्लीयरेंस और एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट की ज़रूरत
तकनीकी विश्वसनीयता: अलग-अलग मौसम की स्थितियों में इंसानों को ले जाने वाले पेलोड के लिए उड़ान की स्थिरता और सुरक्षा प्रोटोकॉल सुनिश्चित करना
मुख्य शब्द: UAV तकनीक · आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा · लास्ट-माइल डिलीवरी · मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर · तकनीकी हस्तक्षेप
चर्चा में क्यों: आंध्र प्रदेश स्टेट काउंसिल ऑफ हायर एजुकेशन (APSCHE) ने छात्रों को हाई-एंड क्वांटम टेक्नोलॉजी भूमिकाओं के लिए तैयार करने हेतु NPTEL के माध्यम से एक मास क्वांटम स्किलिंग कोर्स में 55,000 छात्रों को नामांकित किया है।
यह कार्यक्रम APSCHE, NPTEL, IIT-मद्रास और IBM Quantum के बीच एक सहयोग है। इसका उद्देश्य छात्रों को IBM, Google और Microsoft जैसे उद्योग जगत के लीडर्स द्वारा आवश्यक कौशल प्रदान करना है, साथ ही शीर्ष प्रदर्शन करने वाले छात्रों को इंटर्नशिप और प्लेसमेंट सहायता भी प्रदान करना है।
तथ्यआंध्र प्रदेश में क्वांटम स्किलिंग कोर्स में 55,000 छात्रों ने नामांकन किया है।
पदIIT-Madras और IBM Quantum इस स्किलिंग इनिशिएटिव (skilling initiative) के प्रमुख डिलीवरी पार्टनर्स हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की तकनीकी संप्रभुता में क्वांटम कंप्यूटिंग के महत्व और उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए कार्यबल को कुशल बनाने में सार्वजनिक-निजी भागीदारी की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
स्किल गैप: क्वांटम कंप्यूटिंग और हाई-एंड टेक में तेज़ी से हो रही प्रगति के साथ एकेडमिक करिकुलम को जोड़ना
पब्लिक-प्राइवेट सिनर्जी: थ्योरेटिकल फिजिक्स और इंडस्ट्रियल एप्लीकेशन के बीच के अंतर को कम करने के लिए कॉर्पोरेट एक्सपर्टाइज का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: क्वांटम कंप्यूटिंग · कौशल विकास · पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · तकनीकी संप्रभुता · NPTEL
चर्चा में क्यों: केरल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं को PolyNutriBio (PNBio) के लिए पेटेंट मिला है। यह एक पॉली-हर्बल न्यूट्रास्युटिकल (poly-herbal nutraceutical) है, जिसे गट डिस्बायोसिस (gut dysbiosis) को नियंत्रित करने और माइक्रोबियल डाइवर्सिटी (microbial diversity) को बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है।
न्यूट्रस्युटिकल (nutraceutical) उत्पाद, PNBio, का उद्देश्य आंतों की स्थिति को प्रो-इंफ्लेमेटरी (pro-inflammatory) से बदलकर एंटी-इंफ्लेमेटरी (anti-inflammatory) अवस्था में लाना है। प्री-क्लिनिकल अध्ययनों में इसने ब्लड ग्लूकोज और कोलेस्ट्रॉल को कम करने की क्षमता दिखाई है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकपॉलीन्यूट्रिबायो (PolyNutriBio - PNBio): एक पॉली-हर्बल न्यूट्रास्युटिकल (nutraceutical) जिसे गट डिस्बायोसिस (gut dysbiosis) को मैनेज करने के लिए डिजाइन किया गया है।
संस्थाइंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR): वह संस्था जिसने डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ रिसर्च के साथ मिलकर रिसर्च को फंड किया।
तथ्यPNBio ने प्री-क्लिनिकल (Pre-clinical) स्टडीज (studies) में ब्लड ग्लूकोज, कोलेस्ट्रॉल और इन्फ्लेमेशन मार्कर्स को कम करने की क्षमता दिखाई है।
तथ्यPNBio के लिए वर्तमान में Phase 1 ह्यूमन ट्रायल्स (human trials) किए जा रहे हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में जीवनशैली से जुड़ी पुरानी बीमारियों (क्रोनिक लाइफस्टाइल बीमारियों) के समाधान हेतु स्वदेशी न्यूट्रास्युटिकल्स (nutraceuticals) को बढ़ावा देने में सार्वजनिक-निजी अनुसंधान भागीदारी और सरकारी वित्तपोषण की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
R&D इंफ्रास्ट्रक्चर: प्री-क्लिनिकल सफलता से बड़े पैमाने पर ह्यूमन क्लिनिकल ट्रायल्स की ओर जाने के लिए ICMR फंडिंग का इस्तेमाल
स्वदेशी नवाचार: पॉली-हर्बल रिसर्च के जरिए गट-हेल्थ सप्लीमेंट्स पर आयात निर्भरता कम करना
रेगुलेटरी पाथवे: यूनिवर्सिटी-आधारित रिसर्च से कमर्शियल न्यूट्रास्युटिकल प्रोडक्शन तक का सफर
मुख्य शब्द: गट डिस्बायोसिस · न्यूट्रस्युटिकल्स · प्री-क्लिनिकल ट्रायल्स · बायोटेक इनोवेशन · सार्वजनिक स्वास्थ्य अनुसंधान
चर्चा में क्यों: शोधकर्ताओं ने लक्षद्वीप द्वीप समूह के कवरत्ती लैगून में सूक्ष्म क्रस्टेशियन (crustacean) की एक नई प्रजाति, इंडियाफोंट बिजोयी (Indiaphonte bijoyi) की खोज की है।
यह जीव Laophontidae परिवार से संबंधित है और इसका आकार 1 मिलीमीटर से कम है। इसकी खोज नीलिमा वासु के. और सैमुअल ई. गोमेज़-नोगुएरा द्वारा की गई थी और इसे Zootaxa जर्नल में प्रकाशित किया गया था।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
पर्यावरणइंडिफोंट बिजोई (Indiaphonte bijoyi): कवरत्ती लैगून में सूक्ष्म क्रस्टेशियन (microscopic crustacean) की एक नई प्रजाति की खोज।
तथ्ययह जीव Laophontidae परिवार से संबंधित है और इसका माप 1 मिलीमीटर से कम है।
स्थानकवरत्ती लैगून लक्षद्वीप द्वीप समूह में स्थित है।
विज्ञान-तकनीकMeiofauna: वे जीव जो समुद्री और मीठे पानी के इकोसिस्टम (ecosystems) को स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र में 'मीयोफौना' (Meiofauna) के पारिस्थितिक महत्व और लक्षद्वीप जैसे द्वीप क्षेत्रों में जैव विविधता संरक्षण की प्रासंगिकता का विश्लेषण कीजिए।
इकोलॉजिकल निश: पोषक चक्र और सेडिमेंट स्टेबिलिटी में सूक्ष्म जीवों की भूमिका
बायोडायवर्सिटी मॉनिटरिंग: आइलैंड लैगून में छिपी प्रजातियों के दस्तावेजीकरण और संरक्षण में चुनौतियां
मुख्य शब्द: जैव विविधता · समुद्री पारिस्थितिकी · मीओफ़ाउना · प्रजातियों की खोज · संरक्षण जीवविज्ञान
चर्चा में क्यों: NIMHANS के शोधकर्ताओं ने एक नई प्रक्रिया की पहचान की है, जिसमें α-Synuclein में बीमारी से संबंधित रासायनिक बदलाव अन्य प्रोटीन्स के साथ अनियंत्रित रूप से जुड़ने का कारण बनते हैं। यह प्रक्रिया संभावित रूप से पार्किंसंस रोग (Parkinson's Disease) में लेवी बॉडी (Lewy body) के बनने को सक्रिय कर सकती है।
NIMHANS बेंगलुरु के पदवट्टन शिवरामन के नेतृत्व में किए गए इस अध्ययन को 8 जनवरी, 2026 को 'कम्युनिकेशंस बायोलॉजी' (Communications Biology - Nature portfolio) में प्रकाशित किया गया था। यह अध्ययन प्रस्ताव देता है कि रोग-संशोधित αSyn वेरिएंट्स (disease-modified αSyn variants) की असामान्य अंतःक्रियाओं को रोकना एक व्यवहार्य चिकित्सीय लक्ष्य (therapeutic target) है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
विज्ञान-तकनीकα-Synuclein (αSyn): एक प्रोटीन जिसके केमिकल बदलाव और प्रोमिसकुअस बाइंडिंग (promiscuous binding) को पार्किंसंस डिजीज (Parkinson's Disease) में लेवी बॉडी (Lewy body) के बनने से जोड़ा जाता है।
तथ्ययह अध्ययन उस पारंपरिक सिद्धांत (conventional theory) को चुनौती देता है जो केवल αSyn के फिब्रिल्स (fibrils) में एकत्रीकरण (aggregation) पर केंद्रित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: आणविक जैवभौतिकी और प्रोटीन-बाइंडिंग तंत्रों में हो रही प्रगति किस प्रकार भारत में न्यूरोडीजेनेरेटिव रोगों के उपचार के परिदृश्य को नया आकार दे रही है, चर्चा कीजिए।
डायग्नोस्टिक शिफ्ट: प्रोटीन एग्रीगेशन की पहचान से लेकर अल्फा-सिन्यूक्लिन के शुरुआती चरण के केमिकल मॉडिफिकेशन की पहचान की ओर बदलाव
थैरेप्यूटिक इनोवेशन: लेवी बॉडी बननेसे रोकने के लिए प्रोमिसक्यूस प्रोटीन बाइंडिंग को टारगेट करना न कि लेट-स्टेज लक्षणों का इलाज करना
चर्चा में क्यों: NASA ने एक गंभीर मेडिकल समस्या के कारण इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) से चार अंतरिक्ष यात्रियों को निकाला है। यह 1998 में स्टेशन के लॉन्च के बाद से स्वास्थ्य संबंधी कारणों से किया गया पहला ऐसा बचाव अभियान है।
निकासी की प्रक्रिया एक निर्धारित स्पेसवॉक (spacewalk) रद्द होने के बाद हुई। आपातकालीन स्थिति के कारण समय से पहले वापसी करनी पड़ी, जबकि अंतरिक्ष यात्री ISS पर छह-ढाई महीने के नियोजित प्रवास पर थे।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकISS: इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (International Space Station) को 1998 में लॉन्च किया गया था।
तथ्यNASA ने एक गंभीर मेडिकल समस्या के कारण चार अंतरिक्ष यात्रियों (astronauts) को वहां से निकाला।
विज्ञान-तकनीकयह 1998 में स्टेशन के लॉन्च के बाद से इस तरह का पहला इवैक्युएशन (evacuation) था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सूक्ष्म-गुरुत्वाकर्षण (microgravity) वाले वातावरण में अंतरिक्ष यात्रियों को आपातकालीन चिकित्सा सहायता प्रदान करने में आने वाली शारीरिक और रसद संबंधी चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
लॉजिस्टिक बाधा: माइक्रोग्रैविटी में जटिल सर्जरी के लिए सीमित मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और विशेष उपकरण
शारीरिक जोखिम: ब्लड प्रेशर में बदलाव और फ्लूइड शिफ्ट्स से स्टैंडर्ड इमरजेंसी प्रोटोकॉल जटिल हो रहे हैं
कम्युनिकेशन लैग: गंभीर जीवन रक्षक हस्तक्षेप के दौरान रियल-टाइम टेली-मेडिसिन कंसल्टेशन में संभावित देरी
चर्चा में क्यों: वैज्ञानिकों ने पिघलते ग्लेशियरों के बीच वायुमंडलीय इतिहास के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के लिए कॉनकॉर्डिया रिसर्च स्टेशन (Concordia research station) में दुनिया के पहले ग्लोबल रिपॉजिटरी (Global repository) का उद्घाटन किया है, जहाँ पहाड़ों से लिए गए आइस कोर (Ice cores) को संरक्षित किया जाएगा।
यूरोपीय अनुसंधान संस्थानों का एक संघ, 'आइस मेमोरी फाउंडेशन' (Ice Memory Foundation), ने अंटार्कटिका में कॉनकॉर्डिया रिसर्च स्टेशन स्थित वॉल्ट (vault) को खोला है। यह रिपॉजिटरी अतीत की जलवायु स्थितियों के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के लिए दुनिया के विभिन्न स्थानों से लिए गए बर्फ के भौतिक नमूनों (ice core samples) को संजोकर रखती है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानConcordia रिसर्च स्टेशन अंटार्कटिका में स्थित है।
संस्थाIce Memory Foundation यूरोपीय रिसर्च इंस्टीट्यूट्स का एक कंसोर्टियम (consortium) है।
विज्ञान-तकनीकपृथ्वी के वायुमंडलीय इतिहास के रिकॉर्ड को संरक्षित करने और उनके अध्ययन के लिए आइस कोर्स (Ice cores) का उपयोग किया जाता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पुरा-जलवायु विज्ञान (paleoclimatology) को समझने और वैश्विक जलवायु परिवर्तन शमन रणनीतियों को सूचित करने में हिम-कोर भंडारों (ice core repositories) के महत्व पर चर्चा कीजिए।
डेटा प्रिजर्वेशन: ग्लेशियरों के तेज़ी से पिघलने के बीच फिजिकल क्लाइमेट रिकॉर्ड को सुरक्षित रखना
पेलियोक्लाइमैटिक विश्लेषण: ऐतिहासिक वायुमंडलीय संरचना और तापमान के रुझानों को समझने के लिए आइस कोर का उपयोग
मुख्य शब्द: पेलियोक्लाइमेटोलॉजी · जलवायु परिवर्तन का प्रभाव कम करना · वायुमंडलीय इतिहास · ग्लेशियर का पीछे हटना · क्लाइमेट डेटा का संरक्षण
चर्चा में क्यों: बेंगलुरु वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड (BWSSB) ने ऊर्जा की खपत को बेहतर बनाने के लिए 78 पंपिंग स्टेशनों पर IPUMPNET AI-आधारित स्मार्ट पंप मॉनिटरिंग तकनीक तैनात की है।
BWSSB ने बेंगलुरु में 78 पंपिंग स्टेशनों पर IPUMPNET लागू किया है। यह तकनीक उन पंपों की पहचान करती है जो ऊर्जा की निर्धारित सीमा से अधिक खपत करते हैं, ताकि उन्हें उच्च-क्षमता वाले मॉडलों से बदला जा सके। इस पहल से सालाना 40 करोड़ रुपये से अधिक की बचत होने का अनुमान है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यIPUMPNET: BWSSB द्वारा तैनात AI-आधारित स्मार्ट पंप मॉनिटरिंग टेक्नोलॉजी।
तथ्यBWSSB: बैंगलोर वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड (Bangalore Water Supply and Sewerage Board)।
तथ्यअनुमानित वार्षिक ऊर्जा बचत: ₹40 करोड़ से अधिक।
मेन्स के लिए
प्रश्न: तेजी से बढ़ते भारतीय शहरों में शहरी उपयोगिता प्रबंधन (urban utility management) में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) का एकीकरण संसाधन दक्षता और पर्यावरणीय स्थिरता को किस प्रकार बढ़ा सकता है, चर्चा कीजिए।
ऑपरेशनल एफिशिएंसी: म्युनिसिपल इंफ्रास्ट्रक्चर में छिपे हुए एनर्जी लॉस की पहचान करने और उन्हें सुधारने के लिए रियल-टाइम परफॉरमेंस मॉनिटरिंग
सस्टेनेबिलिटी ट्रेड-ऑफ्स: AI-आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश और लंबे समय तक होने वाली ऊर्जा बचत व पानी की विश्वसनीयता के बीच संतुलन
चर्चा में क्यों: यूरोपीय कॉपरनिकस क्लाइमेट सर्विस और मेट ऑफिस ने रिपोर्ट दी है कि ला नीना (La Niña) के कारण 2025 में वैश्विक तापमान में मामूली गिरावट आई है। साथ ही, उन्होंने मानवीय गतिविधियों से होने वाले कार्बन उत्सर्जन के कारण जारी रहने वाली ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) के प्रति चेतावनी भी दी है।
वर्ष 2025 के वैश्विक तापमान पर ला नीना (La Niña) मौसम पैटर्न का प्रभाव पड़ा। तापमान में गिरावट के बावजूद, मानवीय गतिविधियों से होने वाले कार्बन उत्सर्जन के कारण वर्ष 2025 एक दशक पहले की तुलना में काफी अधिक गर्म रहा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यLa Niña: एक वेदर पैटर्न (weather pattern) जिसने 2025 में वैश्विक तापमान में मामूली गिरावट का कारण बनाया।
तथ्यCopernicus क्लाइमेट सर्विस और Met ऑफिस: वैश्विक तापमान के रुझानों पर डेटा प्रदान करने वाली संस्थाएं।
तथ्य1.5°C: प्री-इंडस्ट्रियल लेवल से ग्लोबल वार्मिंग को सीमित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय क्लाइमेट टारगेट।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ला नीना जैसे प्राकृतिक जलवायु परिवर्तनों के बावजूद वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5°सी. की सीमा तक सीमित करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
एमिशन्स गैप: मौजूदा कार्बन उत्सर्जन और 1.5°सी. लक्ष्य के लिए आवश्यक कटौती के बीच का अंतर
क्लाइमेट वेरिएबिलिटी: ला नीना जैसे प्राकृतिक चक्रों से मानव-जनित वार्मिंग को अलग करने की जटिलता
मुख्य शब्द: मानवीय कारणों से होने वाली वार्मिंग · जलवायु परिवर्तनशीलता · ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन · कार्बन फुटप्रिंट · क्लाइमेट टारगेट
चर्चा में क्यों: खबरों के अनुसार, भारत सरकार स्मार्टफोन निर्माताओं के लिए एक ऐसे प्रस्ताव पर विचार कर रही है, जिसके तहत उन्हें तीसरे पक्ष की एजेंसियों (third-party agencies) के साथ सोर्स कोड (source code) साझा करना होगा और बड़े सॉफ्टवेयर अपडेट से पहले सरकार को सूचित करना होगा।
दूरसंचार विभाग (DoT) और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) इस प्रस्ताव पर चर्चा करने वाले प्राथमिक निकाय हैं। इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन ने सार्वजनिक जांच के लिए ड्राफ्ट ITSAR को जारी करने की मांग की है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाDoT: दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications)।
संस्थाMeitY: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Electronics and Information Technology)।
तथ्यप्रस्ताव में थर्ड-पार्टी टेस्टिंग एजेंसियों को सोर्स कोड (source code) का खुलासा करना शामिल है।
तथ्यप्रमुख सॉफ्टवेयर अपडेट्स (Software updates) जारी करने से पहले सरकारी नोटिफिकेशन की आवश्यकता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: स्वामित्व वाले सॉफ्टवेयर के स्रोत कोड (source codes) पर सरकारी निगरानी के संदर्भ में, राष्ट्रीय सुरक्षा की आवश्यकताओं और व्यक्तिगत गोपनीयता के अधिकारों के बीच संतुलन का विश्लेषण कीजिए।
प्राइवेसी-सिक्योरिटी ट्रेड-ऑफ: राज्य की निगरानी क्षमताओं और प्राइवेसी के मौलिक अधिकार के बीच टकराव
इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी रिस्क: थर्ड-पार्टी एजेंसियों द्वारा प्रोप्रायटरी एल्गोरिदम और ट्रेड सीक्रेट्स तक अनधिकृत पहुंच की संभावना
पारदर्शिता की कमी: ड्राफ्ट ITSAR नियमों पर सार्वजनिक जांच का अभाव लोकतांत्रिक निगरानी को प्रभावित कर रहा है
मुख्य शब्द: सोर्स कोड का खुलासा · डिजिटल संप्रभुता · डेटा प्राइवेसी · रेगुलेटरी ओवरसाइट · साइबर सिक्योरिटी
चर्चा में क्यों: सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय ने Netflix Fund for Creative Equity के सहयोग से 'Inspiring Innovators' कौशल विकास पहल (skilling initiative) को संपन्न किया।
ग्राफिटी स्टूडियोज (Graphiti Studios) द्वारा कार्यान्वित इस पहल में विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा बनाई गई आठ लघु एनिमेटेड फिल्में शामिल थीं। इन फिल्मों में उन आठ भारतीय स्टार्टअप्स को प्रदर्शित किया गया, जिन्हें PSA कार्यालय द्वारा सामाजिक प्रभाव वाले नवाचार (Social Impact Innovation) को बढ़ावा देने वाले स्टार्टअप्स के रूप में पहचाना गया था।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाGraphiti Studios: वह संस्था जो 'Inspiring Innovators' पहल को लागू करने के लिए जिम्मेदार है।
तथ्यइस प्रोग्राम में यूनिवर्सिटी के छात्रों द्वारा बनाई गई आठ छोटी एनिमेटेड फिल्में दिखाई गईं।
पदप्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाइजर (Principal Scientific Adviser) का ऑफिस: वह संस्था जिसने इस प्रोजेक्ट के लिए आठ भारतीय स्टार्टअप्स की पहचान की।
तथ्यNetflix Fund for Creative Equity: स्किलिंग इनिशिएटिव (skilling initiative) के लिए कोलैबोरेटिव पार्टनर।
मेन्स के लिए
प्रश्न: कहानी कहने (storytelling) और कौशल विकास के क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी भागीदारी किस प्रकार भारतीय युवाओं के बीच सामाजिक नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा दे सकती है, चर्चा कीजिए।
पब्लिक-प्राइवेट सिनर्जी: सोशल इम्पैक्ट इनोवेशन को बढ़ाने के लिए कॉर्पोरेट फंडिंग और क्रिएटिव प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल
स्किल डेवलपमेंट: अकादमिक पढ़ाई और सामाजिक बदलाव के लिए प्रैक्टिकल स्टोरीटेलिंग के बीच की दूरी को कम करना
मुख्य शब्द: पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · सोशल इनोवेशन · कौशल विकास · कहानी सुनाना · क्रिएटिव इक्विटी
चर्चा में क्यों: तमिलनाडु सरकार ने 'सॉवरेन लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स' (Sovereign Large Language Models) और AI इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए 'सर्वम AI' (Sarvam AI) के साथ एक MoU पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत भारत का पहला ₹10,000 करोड़ का 'सॉवरेन AI पार्क' (Sovereign AI Park) स्थापित किया जाएगा।
इस परियोजना में ₹10,000 करोड़ का प्रारंभिक निवेश शामिल है और इसका लक्ष्य 1,000 उच्च-कुशल डीप-टेक (deep-tech) नौकरियां पैदा करना है। इसमें AI कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षित डेटा फ्रेमवर्क, मॉडल रिसर्च लैब और शासन में AI के लिए एक समर्पित संस्थान शामिल होगा।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यतमिलनाडु में Sovereign AI Park के लिए शुरुआती निवेश ₹10,000 करोड़ है।
तथ्यइस प्रोजेक्ट का लक्ष्य 1,000 हाई-स्किल्ड, डीप-टेक (deep-tech) नौकरियां पैदा करना है।
संस्थाभारत के पहले सॉवरेन लार्ज लैंग्वेज मॉडल (Sovereign Large Language Model) को विकसित करने के लिए Sarvam AI को IndiaAI मिशन के तहत चुना गया है।
स्थानSovereign AI Park की स्थापना तमिलनाडु में की जा रही है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की डिजिटल संप्रभुता के लिए 'संप्रभु एआई' (Sovereign AI) बुनियादी ढांचे के विकास के महत्व और शासन तथा आर्थिक विकास पर इसके निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
डेटा संप्रभुता: विदेशी होस्टेड AI मॉडल्स में डेटा लीक और एल्गोरिथमिक बायस के जोखिमों को कम करना
इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: भारतीय भाषाओं में फाउंडेशनल मॉडल ट्रेनिंग के लिए हाई कंप्यूट जरूरतों को पूरा करना
गवर्नेंस इंटीग्रेशन: नैतिक निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए सार्वजनिक सेवा वितरण के लिए AI का उपयोग
मुख्य शब्द: सॉवरेन AI · डीप-टेक · डिजिटल संप्रभुता · फाउंडेशनल मॉडल्स
चर्चा में क्यों: पिछले साल चीन और भारत में कोयले से बिजली उत्पादन में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई। 1973 के बाद यह पहला अवसर है जब दोनों देशों में इस तरह की कमी देखी गई है।
चीन ने पिछले वर्ष 300GW से अधिक सौर और पवन ऊर्जा जोड़ी। भारत ने अपने ऊर्जा मिश्रण में 35GW सौर ऊर्जा, 6GW पवन ऊर्जा और 3.5GW जलविद्युत ऊर्जा जोड़ी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यचीन ने पिछले साल 300GW से अधिक सोलर और विंड पावर जोड़ी।
तथ्यभारत ने पिछले साल 35GW सोलर, 6GW विंड और 3.5GW हाइड्रोपावर जोड़ा।
तथ्य1973 के बाद पहली बार चीन और भारत में कोयले से बिजली उत्पादन (Coal power generation) में गिरावट आई है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत और चीन जैसी प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं में कोयले की घटती खपत का वैश्विक जलवायु लक्ष्यों और ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
डिकार्बोनाइजेशन ट्रैजेक्टोरी: कोयले की जगह लेने के लिए सोलर और विंड कैपेसिटी का तेज़ी से विस्तार मुख्य चालक
एनर्जी ट्रांजिशन डायनेमिक्स: बेस-लोड जरूरतों और रिन्यूएबल सोर्सेज की अनिश्चित प्रकृति के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: डीकार्बोनाइजेशन · ऊर्जा ट्रांज़िशन · रिन्यूएबल एनर्जी मिक्स · जलवायु परिवर्तन का प्रभाव कम करना · बेस-लोड पावर
चर्चा में क्यों: IIT मद्रास के शोधकर्ताओं ने रामजेट-प्रचलित (ramjet-propelled) आर्टिलरी शेल्स विकसित किए हैं, जिससे मारक क्षमता से समझौता किए बिना गन फायर की रेंज में लगभग 50% की वृद्धि की जा सकती है।
यह नवाचार मौजूदा आर्टिलरी शेल (artillery shells) में एक रैमजेट इंजन (ramjet engine) को एकीकृत करता है ताकि लॉन्च के बाद निरंतर प्रणोदन (propulsion) प्रदान किया जा सके। इस तकनीक का परीक्षण किया गया और यह दिखाया गया कि यह बोफोर्स अल्ट्रा लाइट हाउइत्ज़र (Bofors Ultra Light Howitzer), धनुष गन सिस्टम, वज्र और ATAGS सहित प्रणालियों की रेंज को बढ़ाता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकRamjet इंजन: लॉन्च के बाद आर्टिलरी शेल्स (artillery shells) को निरंतर प्रोपल्शन (propulsion) प्रदान करते हैं ताकि उनकी रेंज बढ़ाई जा सके।
तथ्यIIT Madras के इनोवेशन से गन की फायरिंग रेंज में लगभग 50% की वृद्धि होती है।
तथ्यकंपैटिबल आर्टिलरी सिस्टम्स में बोफोर्स अल्ट्रा लाइट हाउइत्ज़र (Bofors Ultra Light Howitzer), धनुष गन सिस्टम, वज्र और ATAGS शामिल हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: प्रणोदन प्रौद्योगिकी और तोपखाना प्रणालियों में स्वदेशी प्रगति किस प्रकार रक्षा क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य में योगदान देती है, चर्चा कीजिए।
तकनीकी छलांग: पारंपरिक बैलिस्टिक रेंज की सीमाओं को दूर करने के लिए रामजेट इंजन का एकीकरण
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: इम्पोर्टेड लॉन्ग-रेंज आर्टिलरी कंपोनेंट्स पर निर्भरता कम करना
R&D सिनर्जी: प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के बीच सहयोग
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी · स्वदेशी इनोवेशन · बैलिस्टिक रेंज · आत्मनिर्भर भारत
चर्चा में क्यों: भारत सरकार ने बेंगलुरु के मन्यता टेक पार्क में एक कैंपस स्थापित करने के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स (UNSW) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रम पेश किए जाएंगे।
ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालय, UNSW, अगस्त 2026 में मान्यता टेक पार्क (Manyata Tech Park) में अपना बेंगलुरु कैंपस खोलेगा। इसका पाठ्यक्रम कॉमर्स, मीडिया, कंप्यूटर साइंस, डेटा साइंस और साइबर सिक्योरिटी को कवर करेगा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाUNSW: एक प्रमुख ऑस्ट्रेलियाई यूनिवर्सिटी जो बेंगलुरु में कैंपस स्थापित कर रही है।
स्थानमान्यता टेक पार्क: बेंगलुरु में UNSW के नए कैंपस के लिए प्रस्तावित स्थान।
तथ्यप्रोग्राम्स: कॉमर्स, मीडिया, कंप्यूटर साइंस और डेटा साइंस में अंडरग्रेजुएट डिग्री; साइबर सिक्योरिटी में पोस्टग्रेजुएट।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय भागीदारी और उद्योग-एकीकृत परिसरों के माध्यम से प्रौद्योगिकी और साइबर सुरक्षा क्षेत्रों में भारत की मानव पूंजी को कैसे सुदृढ़ किया जा सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
स्किल गैप अलाइनमेंट: डेटा साइंस में पारंपरिक एकेडमिक करिकुलम और इंडस्ट्री की ज़रूरतों के बीच के अंतर को कम करना
रेगुलेटरी फ्रेमवर्क: विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों की स्वायत्तता और राष्ट्रीय शैक्षिक मानकों के बीच संतुलन
इकोनॉमिक मल्टीप्लायर: छात्रों को डायरेक्ट इंडस्ट्री एक्सपोजर और इंटर्नशिप के अवसर देने के लिए टेक पार्क इकोसिस्टम का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: मानव पूंजी · कौशल विकास · उच्च शिक्षा · इंडस्ट्री-एकेडेमिया लिंकेज · साइबर सिक्योरिटी
चर्चा में क्यों: DRDO ने स्वदेश में विकसित तीसरी पीढ़ी की 'मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल' (MPATGM) का सफल परीक्षण किया है। इस मिसाइल में मूविंग टारगेट (गतिशील लक्ष्य) पर ऊपर से हमला करने की क्षमता है।
यह परीक्षण महाराष्ट्र के अहिल्या नगर में KK रेंज में आयोजित किया गया। भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) इस मिसाइल के लिए निर्धारित विकास-सह-उत्पादन भागीदार (development-cum-production partners) हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकMPATGM: टॉप-अटैक क्षमता वाली तीसरी पीढ़ी की मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (Man Portable Anti-Tank Guided Missile)।
संस्थाDRDO: मिसाइल के फ्लाइट-टेस्ट और विकास के लिए जिम्मेदार प्राथमिक एजेंसी।
स्थानKK Ranges: यह अहिल्या नगर, महाराष्ट्र में स्थित एक टेस्टिंग साइट (testing site) है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: रक्षा खरीद में भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को सुदृढ़ करने और 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने में स्वदेशी मिसाइल तकनीक के महत्व पर चर्चा कीजिए।
तकनीकी संप्रभुता: हाई-प्रिसिजन एंटी-टैंक सिस्टम के लिए विदेशी कंपोनेंट्स पर निर्भरता कम करना
इंडस्ट्रियल सिनर्जी: DRDO और BDL और BEL जैसी सरकारी प्रोडक्शन यूनिट्स के बीच पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल
मुख्य शब्द: आत्मनिर्भर भारत · रणनीतिक स्वायत्तता · स्वदेशी तकनीक · रक्षा खरीद · प्रिसिजन गाइडेड म्यूनिशन्स
चर्चा में क्यों: दो लगातार मिशनों (PSLV-C61 और PSLV-C62) में तीसरे चरण में आई तकनीकी खराबी के कारण, ISRO ने सभी PSLV लॉन्च को आठ महीनों के लिए रोक दिया है।
PSLV-C62 मिशन विफल हो गया क्योंकि इसके तीसरे चरण (third stage) के चैम्बर प्रेशर में अचानक गिरावट आई, जिससे थ्रस्ट (thrust) कम हो गया। फेल्योर एनालिसिस कमेटी (FAC) ने PS3 सॉलिड मोटर नोजल या केसिंग सिस्टम में संभावित संरचनात्मक या सामग्री संबंधी खराबी की पहचान की है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकPSLV-C62: तीसरे स्टेज के चैम्बर प्रेशर में गिरावट के कारण लगातार दूसरी PSLV मिशन विफलता।
विज्ञान-तकनीकPS3 सॉलिड मोटर: विशिष्ट घटक जिसकी पहचान FAC द्वारा संभावित स्ट्रक्चरल या मटेरियल फेल्योर (structural or material failure) के लिए की गई है।
तथ्यISRO ने क्वालिटी कंट्रोल उपायों को लागू करने के लिए आठ महीने की अवधि के लिए सभी PSLV लॉन्च को रोक दिया था।
पदPMO: यह संस्था संवेदनशील सैन्य डेटा (military data) को लेकर चिंताओं के कारण FAC रिपोर्ट को रोक कर रख रही है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में उच्च-विश्वसनीयता मानकों को बनाए रखने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और एयरोस्पेस अनुसंधान में पारदर्शिता एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित करने के निहितार्थों का मूल्यांकन कीजिए।
तकनीकी बाधा: सॉलिड मोटर नोजल सिस्टम में मटेरियल फटीग और स्ट्रक्चरल इंटीग्रिटी की समस्या
सुरक्षा-पारदर्शिता ट्रेड-ऑफ: सार्वजनिक जवाबदेही और वर्गीकृत सैटेलाइट डिप्लॉयमेंट डेटा की सुरक्षा के बीच टकराव
क्वालिटी एश्योरेंस: मिशन की लगातार होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए सख्त स्ट्रेस-टेस्टिंग प्रोटोकॉल की ज़रूरत
मुख्य शब्द: विफलता विश्लेषण · संरचनात्मक मजबूती · क्वालिटी कंट्रोल · राष्ट्रीय सुरक्षा · स्पेस टेक्नोलॉजी · विश्वसनीयता
चर्चा में क्यों: IT मंत्रालय ने X (पूर्व में Twitter) को उसके AI टूल, Grok द्वारा उत्पन्न अश्लील सामग्री के संबंध में चेतावनी जारी की है, जिसके बाद प्लेटफॉर्म ने भारतीय कानूनों का पालन करने का वादा किया है।
एक्स. ने Grok AI द्वारा उत्पन्न अश्लील चित्रों से जुड़े 3,500 कंटेंट के टुकड़ों को ब्लॉक किया और 600 से अधिक अकाउंट्स को डिलीट कर दिया। यह कार्रवाई AI द्वारा जेनरेट किए गए कंटेंट के प्रति अपर्याप्त प्रतिक्रिया के संबंध में भारतीय IT मंत्रालय की कड़ी चेतावनी के बाद की गई।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यएक्स. ने Grok AI इमेजरी से संबंधित 3,500 कंटेंट के टुकड़ों को ब्लॉक किया और 600 से अधिक अकाउंट्स को डिलीट कर दिया।
विज्ञान-तकनीकGrok एक AI टूल है जिसका उपयोग माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म एक्स. द्वारा किया जाता है।
संस्थाIT Ministry डिजिटल कंटेंट और प्लेटफॉर्म कंप्लायंस (platform compliance) की निगरानी के लिए जिम्मेदार भारतीय सरकार की संस्था है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) द्वारा निर्मित सामग्री को विनियमित करने में आने वाली चुनौतियों और डिजिटल सुरक्षा तथा राष्ट्रीय कानूनों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए एक सुदृढ़ विनियामक ढांचे की आवश्यकता का विश्लेषण कीजिए।
रेगुलेटरी लैग: स्टैटिक कंटेंट मॉडरेशन के मुकाबले जेनरेटिव AI आउटपुट्स की रियल-टाइम मॉनिटरिंग में कठिनाई
क्षेत्राधिकार का टकराव: प्लेटफॉर्म की स्वायत्तता और कंटेंट सुरक्षा पर संप्रभु आदेशों के बीच संतुलन
एल्गोरिथमिक जवाबदेही: यह सुनिश्चित करना कि डेवलपर्स ऑटोनॉमस AI मॉडल द्वारा जनरेट किए गए हानिकारक आउटपुट के लिए जिम्मेदार हों
मुख्य शब्द: जेनरेटिव AI · कंटेंट मॉडरेशन · डिजिटल गवर्नेंस · रेगुलेटरी कंप्लायंस · एल्गोरिद्मिक जवाबदेही
चर्चा में क्यों: केरल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड टेक्नोलॉजी फॉर एजुकेशन (KITE) ने एक ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करके त्रिशूर में आयोजित 64वें राज्य स्कूल आर्ट्स फेस्टिवल को पूरी तरह से डिजिटल इवेंट में बदल दिया।
इस उत्सव के लिए पंजीकरण, प्रमाणपत्र वितरण और प्रतियोगिता प्रबंधन के संचालन हेतु www.ulsavam.kite.kerala.gov.in प्लेटफॉर्म का उपयोग किया गया। यह सिस्टम रियल-टाइम अपडेट, लाइव ब्रॉडकास्ट और कला उत्सव के कार्यों के लिए एक डिजिटल आर्काइव (Digital Archive) प्रदान करता है।
तथ्य64th स्टेट स्कूल आर्ट्स फेस्टिवल (State School Arts Festival) त्रिशूर में आयोजित किया गया।
विज्ञान-तकनीकडिजिटल प्लेटफॉर्म में रियल-टाइम अपडेट्स, लाइव ब्रॉडकास्ट और कलाकृतियों के लिए एक डिजिटल आर्काइव (Digital Archive) शामिल है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सांस्कृतिक और शैक्षिक कार्यक्रमों में डिजिटल बुनियादी ढांचे के एकीकरण से सार्वजनिक सेवा वितरण में पारदर्शिता और सुलभता को किस प्रकार बढ़ाया जा सकता है, चर्चा कीजिए।
डेटा इंटीग्रिटी: डिजिटल सर्टिफिकेट और छात्र रिकॉर्ड का सुरक्षित स्टोरेज और वेरिफिकेशन सुनिश्चित करना
डिजिटल डिवाइड: सीमित इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के लिए पहुंच की समस्या को हल करना
मुख्य शब्द: डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन · ई-गवर्नेंस · शैक्षणिक इंफ्रास्ट्रक्चर · सार्वजनिक सेवा वितरण · पारदर्शिता
चर्चा में क्यों: IISc का एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग राष्ट्रीय एयरोस्पेस विकास और CFD सिमुलेशन क्षमताओं को बढ़ाने के लिए एक अपग्रेड किए गए ओपन सर्किट विंड टनल (Open Circuit Wind Tunnel - OCWT) का उद्घाटन कर रहा है।
OCWT की स्थापना 1950 के दशक में हुई थी और इसे 1959 में IISc में पूरा किया गया था। TVS और IISc के सहयोग से किए गए अपग्रेड के माध्यम से, अधिकतम टेस्ट-सेक्शन वेलोसिटी (test-section velocity) को बढ़ाकर 70m/s कर दिया गया और CFD सिमुलेशन के लिए एक समर्पित HPC क्लस्टर जोड़ा गया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकOCWT: IISc के डिपार्टमेंट ऑफ एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में स्थित ओपन सर्किट विंड टनल (Open Circuit Wind Tunnel)।
तथ्यअपग्रेड की गई अधिकतम टेस्ट-सेक्शन वेलोसिटी (test-section velocity): 70m/s।
विज्ञान-तकनीकHPC Cluster: CFD (Computational Fluid Dynamics) सिमुलेशन के लिए OCWT में एक समर्पित सुविधा।
पदजया चामरजा वाडियार: अपग्रेड की गई सुविधा की उद्घाटनकर्ता।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लक्ष्य में स्वदेशी विंड टनल सुविधाओं और उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग (हाई-परफॉरमेंस कंप्यूटिंग) के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
R&D इंफ्रास्ट्रक्चर: एकेडमिक रिसर्च और इंडस्ट्रियल एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग के बीच की दूरी को कम करना
कंप्यूटेशनल सिनर्जी: एरोडायनामिक वैलिडेशन के लिए CFD सिमुलेशन और फिजिकल विंड टनल टेस्टिंग का एकीकरण
चर्चा में क्यों: केंद्र ने स्मार्टफोन निर्माताओं के लिए सोर्स कोड (source code) साझा करने और धोखाधड़ी व डेटा चोरी से सुरक्षा बढ़ाने के लिए सॉफ्टवेयर में बदलाव करने का प्रस्ताव दिया है।
भारत सरकार इस प्रस्ताव के संबंध में Apple, Samsung, Google और Xiaomi सहित तकनीकी कंपनियों से परामर्श कर रही है। Manufacturers’ Association for Information Technology (MAIT) ने इस कदम का विरोध किया है। इस संस्था ने वैश्विक उदाहरणों की कमी और मालिकाना विवरण (proprietary details) से जुड़े जोखिमों का हवाला देते हुए अपना विरोध दर्ज कराया है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्यMAIT: Manufacturers’ Association for Information Technology.
पदइस प्रस्ताव का उद्देश्य ऑनलाइन फ्रॉड और डेटा ब्रीच (data breaches) को कम करना है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: राष्ट्रीय सुरक्षा के उद्देश्यों हेतु स्रोत कोड (source code) तक पहुँच प्राप्त करने की अनिवार्यता और वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों के बौद्धिक संपदा अधिकारों (intellectual property rights) के संरक्षण के बीच निहित समझौतों (trade-offs) का विश्लेषण कीजिए।
इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी: सरकारी निगरानी में प्रोप्राइटरी ट्रेड सीक्रेट्स और एल्गोरिथमिक बारीकियों के सामने आने का जोखिम
ग्लोबल प्रेसिडेंट: घरेलू सुरक्षा मैंडेट और टेक कंपनियों के संचालन के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के बीच टकराव
सुरक्षा बनाम प्राइवेसी: धोखाधड़ी रोकने के लिए राज्य के कर्तव्य और व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के अधिकार के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: बौद्धिक संपदा अधिकार · डेटा संप्रभुता · साइबर सिक्योरिटी फ्रेमवर्क · प्रोपराइटरी टेक्नोलॉजी · रेगुलेटरी कंप्लायंस
चर्चा में क्यों: ISRO ने घोषणा की है कि आदित्य-L1 मिशन ने इस बारे में नई जानकारी प्रदान की है कि कैसे सोलर स्टॉर्म (solar storms) पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र को संकुचित करते हैं और उपग्रहों (satellites) को प्रभावित करते हैं।
यह अध्ययन दिसंबर 2025 में 'द एस्ट्रोफिजिकल जर्नल' (The Astrophysical Journal) में प्रकाशित हुआ था। इसमें आदित्य-L1 और अंतरराष्ट्रीय मिशनों के डेटा का उपयोग करते हुए अक्टूबर 2024 में पृथ्वी से टकराने वाली एक बड़ी स्पेस वेदर (space weather) घटना का विश्लेषण किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकAditya-L1: सोलर एक्टिविटी और स्पेस वेदर (space weather) के अध्ययन के लिए ISRO का सोलर मिशन।
तथ्यइस स्टडी में अक्टूबर 2024 में हुई एक बड़ी स्पेस वेदर (space weather) घटना का विश्लेषण किया गया है।
विज्ञान-तकनीकसोलर स्टॉर्म्स (Solar storms) पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र को संकुचित कर सकते हैं, जिससे सैटेलाइट्स को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के महत्वपूर्ण अंतरिक्ष परिसंपत्तियों और संचार बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अंतरिक्ष मौसम की निगरानी के महत्व पर चर्चा कीजिए।
इंफ्रास्ट्रक्चर की कमजोरी: सोलर रेडिएशन के कारण सैटेलाइट हार्डवेयर के खराब होने और सिग्नल इंटरफेरेंस का खतरा
तकनीकी ज़रूरत: पावर ग्रिड और GPS सिस्टम की सुरक्षा के लिए रियल-टाइम स्पेस वेदर फोरकास्टिंग की आवश्यकता
चर्चा में क्यों: तमिलनाडु सरकार ने iTNT हब (iTNT Hub) के माध्यम से जर्मनी स्थित XeedQ GmbH (जीएमबीएच) के साथ एक लेटर ऑफ इंटेंट (Letter of Intent) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका उद्देश्य छात्रों और स्टार्टअप्स के लिए क्वांटम कंप्यूटिंग प्रोग्राम शुरू करना है।
iTNT हब (Hub) तमिलनाडु सरकार द्वारा समर्थित एक सार्वजनिक-निजी पहल है। XeedQ GmbH के साथ यह साझेदारी राज्य के इनोवेशन इकोसिस्टम (innovation ecosystem) में भौतिक तैनाती की योजनाओं के साथ एक 4-क्विबिट क्वांटम कंप्यूटर तक रिमोट एक्सेस प्रदान करती है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकiTNT हब: तमिलनाडु सरकार द्वारा समर्थित एक सार्वजनिक-निजी पहल।
तथ्ययह पार्टनरशिप 4-qubit क्वांटम कंप्यूटर (quantum computer) तक रिमोट एक्सेस प्रदान करती है।
पदXeedQ GmbH: क्वांटम कंप्यूटिंग प्रोग्राम्स के लिए पार्टनरशिप करने वाली जर्मनी स्थित कंपनी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की तकनीकी प्रगति में क्वांटम कंप्यूटिंग के महत्व और उच्च-तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने में सार्वजनिक-निजी भागीदारी की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: क्वांटम हार्डवेयर की भारी लागत के कारण पब्लिक-प्राइवेट इन्वेस्टमेंट मॉडल की ज़रूरत
स्किल डेवलपमेंट: एकेडमिक करिकुलम और उभरती क्वांटम कंप्यूटिंग जरूरतों के बीच की दूरी को कम करना
मुख्य शब्द: क्वांटम कंप्यूटिंग · पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · इनोवेशन इकोसिस्टम · क्षमता निर्माण · तकनीकी संप्रभुता
चर्चा में क्यों: IIT-Madras के शोधकर्ताओं ने पाया है कि भारत-गंगा के मैदान (Indo-Gangetic Plain) में कोहरे के ऊपर एरोसोल लोडिंग (aerosol loading) कोहरे की परतों को गाढ़ा कर देती है और उनके बने रहने की अवधि को बढ़ा देती है, जिससे प्रदूषण का एक ऐसा चक्र बनता है जो खुद को और अधिक मजबूत करता है।
इस अध्ययन में 15 वर्षों के सैटेलाइट डेटा का विश्लेषण किया गया और एक बड़े कोहरे की घटना का अनुकरण (Simulate) करने के लिए एक वेदर मॉडल का उपयोग किया गया। इसने एक ऐसे चक्र की पहचान की जहाँ बढ़ता प्रदूषण कोहरे के निर्माण को बढ़ावा देता है, और बदले में कोहरा प्रदूषकों को अपने भीतर कैद कर लेता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यIIT-Madras के शोधकर्ताओं ने इस अध्ययन के लिए 15 साल के सैटेलाइट डेटा का विश्लेषण किया।
स्थानयह अध्ययन इंडो-गैंगेटिक प्लेन (Indo-Gangetic Plain) क्षेत्र पर केंद्रित था।
विज्ञान-तकनीकAerosol loading को कोहरे की परतों को मोटा करने वाले प्राथमिक कारक के रूप में पहचाना गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वायुमंडलीय एरोसोल और कोहरे जैसी मौसम संबंधी घटनाओं के बीच की अंतःक्रिया किस प्रकार भारत-गंगा के मैदान में वायु गुणवत्ता के क्षरण में योगदान देती है, इसका विश्लेषण कीजिए।
फीडबैक लूप: एरोसोल-कोहरा इंटरैक्शन से प्रदूषकों के फंसने के चक्र खुद को और मजबूत कर रहे हैं
क्षेत्रीय असमानता: इंडो-गैंगेटिक प्लेन में औद्योगिक और कृषि उत्सर्जन का संकेंद्रण
मौसम पर प्रभाव: भारी पार्टिकुलेट मैटर लोड होने से स्थानीय मौसम के पैटर्न में बदलाव
मुख्य शब्द: एरोसोल लोडिंग · भारत-गंगा का मैदान · वायु प्रदूषण · आत्म-मजबूत करने वाला चक्र · सैटेलाइट डेटा विश्लेषण
चर्चा में क्यों: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने वाराणसी में गंगा नदी के तल पर बिना पूर्व अनुमति के 'टेंट सिटी' बनाने के लिए एक निजी कंपनी से पर्यावरणीय मुआवजे (Environmental Compensation) की वसूली का आदेश दिया है।
NGT ने फैसला सुनाया कि टेंट सिटी प्रोजेक्ट ने पर्यावरणीय कानूनों का उल्लंघन किया है और इसे एक वन्यजीव अभयारण्य के भीतर स्थापित किया गया था। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में इस प्रोजेक्ट को लागू करने से पहले इसके लिए कोई पूर्व विकास मंजूरी (prior development approval) नहीं ली गई थी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थानेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT): पर्यावरणीय विवादों के न्यायनिर्णयन (adjudication) के लिए एक विशेष निकाय।
स्थानवाराणसी: उत्तर प्रदेश में विवादित Tent City प्रोजेक्ट की लोकेशन।
तथ्ययह प्रोजेक्ट एक वन्यजीव अभयारण्य (wildlife sanctuary) के भीतर स्थित पाया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: गंगा जैसी पवित्र नदी घाटियों में पर्यटन हेतु बुनियादी ढाँचे के विकास और पारिस्थितिक अखंडता के संरक्षण के मध्य उत्पन्न होने वाले द्वंद्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
रेगुलेटरी ओवरसाइट: पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में प्रोजेक्ट्स के लिए पूर्व पर्यावरणीय क्लीयरेंस की कमी
कानूनी प्रवर्तन: नदी संरक्षण कानूनों के उल्लंघन पर दंड देने में NGT की भूमिका
पॉलिसी ट्रेड-ऑफ: वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी में जैव विविधता संरक्षण के साथ पर्यटन आधारित आर्थिक विकास को संतुलित करना
मुख्य शब्द: पर्यावरण मुआवजा · पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र · रेगुलेटरी कंप्लायंस · जैव विविधता संरक्षण · सस्टेनेबल टूरिज्म
चर्चा में क्यों: IISc और IMSc के शोधकर्ताओं ने खोज की है कि टीबी (Tuberculosis) बैक्टीरिया में मौजूद Lsr2 प्रोटीन, कंडेनसेट (Condensates) बनाकर इसे बाहरी DNA से सुरक्षा प्रदान करता है।
यह अध्ययन Lsr2 प्रोटीन की उस भूमिका की पहचान करता है, जो ट्यूबरकुलोसिस (Tuberculosis) बैक्टीरिया को बाहरी DNA से बचाने में मदद करती है। यह प्रोटीन एडेनिन और थाइमिन से भरपूर DNA के बड़े क्षेत्रों से जुड़कर कंडनसेट (Condensates) बनाता है, जो हानिकारक प्रोटीन्स के एक्सप्रेशन (Expression) को रोकते हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकLsr2: ट्यूबरकुलोसिस (tuberculosis) बैक्टीरिया में मौजूद एक प्रोटीन जो इसे बाहरी DNA से बचाता है।
विज्ञान-तकनीकमैकेनिज्म: Lsr2, एडेनिन (adenine) और थाइमिन (thymine) से भरपूर DNA क्षेत्रों से जुड़कर कंडेनसेट्स (condensates) बनाता है।
संस्थाIISc (Indian Institute of Science) और IMSc (Institute of Mathematical Sciences) ने यह संयुक्त अध्ययन (collaborative study) किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: आणविक जीव विज्ञान और प्रोटीन अनुसंधान में हुई प्रगति भारत में बहु-औषधि प्रतिरोधी क्षय रोग (MDR-TB) के लिए लक्षित उपचारों के विकास में किस प्रकार योगदान दे सकती है, चर्चा कीजिए।
ड्रग रेजिस्टेंस: नए इनहिबिटर्स विकसित करने के लिए DNA-बाइंडिंग प्रोटीन जैसे बैक्टीरियल डिफेंस मैकेनिज्म को मात देना
चर्चा में क्यों: DRDO की प्रयोगशाला DRDL ने भारत के हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम (Hypersonic Cruise Missile Development Programme) को आगे बढ़ाने के लिए अपने 'एक्टिवली कूल्ड स्क्रैमजेट फुल-स्केल कम्बस्टर' (Actively Cooled Scramjet Full-Scale Combustor) का 12 मिनट का सफल ग्राउंड टेस्ट किया है।
यह परीक्षण Scramjet Connect Pipe Test (SCPT) सुविधा में आयोजित किया गया था। इसमें एक एक्टिवली कूल्ड स्क्रैमजेट फुल-स्केल कंबस्टर (Actively Cooled Scramjet Full-Scale Combustor) का उपयोग किया गया और यह परीक्षण 12 मिनट से अधिक समय तक चला। यह उपलब्धि हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम (Hypersonic Cruise Missile Development Programme) को मजबूती प्रदान करती है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकDRDL: डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) के तहत एक प्रयोगशाला।
तथ्यActively Cooled Scramjet Full-Scale Combustor का ग्राउंड टेस्ट 12 मिनट से अधिक समय तक चला।
विज्ञान-तकनीकSCPT: Scramjet Connect Pipe Test के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सुविधा।
मेन्स के लिए
प्रश्न: आधुनिक युद्धकला में हाइपरसोनिक तकनीक के रणनीतिक महत्व और भारत के लिए स्वदेशी स्क्रैमजेट इंजन विकसित करने में निहित चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
तकनीकी बाधा: स्क्रैमजेट इंजनों में अत्यधिक थर्मल स्ट्रेस और कम्बशन स्टेबिलिटी को मैनेज करना
स्ट्रेटेजिक पैरिटी: रैपिड स्ट्राइक क्षमताओं के लिए आयातित हाई-स्पीड मिसाइल सिस्टम पर निर्भरता कम करना
मुख्य शब्द: हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी · स्क्रैमजेट इंजन · रक्षा स्वदेशीकरण · रणनीतिक स्वायत्तता · एयरोस्पेस इंजीनियरिंग
चर्चा में क्यों: बैट टैक्सोनॉमी, इकोलॉजी, कंजर्वेशन और फोटोग्राफी पर आयोजित चौथी राष्ट्रीय कार्यशाला के विशेषज्ञों ने ज़ूनोटिक बीमारियों (Zoonotic diseases) के प्रकोप को कम करने के लिए चमगादड़ों के साथ 'इनफॉर्म्ड को-एग्ज़िस्टेंस' (Informed coexistence) यानी सूचित सह-अस्तित्व का समर्थन किया है।
यह कार्यशाला केरल फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (KFRI) में आयोजित की गई थी। KFRI में वाइल्डलाइफ बायोलॉजी के प्रमुख डॉ. बालकृष्ण पेरोथ ने सार्वजनिक स्वास्थ्य योजना (Public Health Planning) में वाइल्डलाइफ बायोलॉजिस्ट को शामिल करने का प्रस्ताव दिया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाकेरल फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (KFRI) ने बैट टैक्सोनॉमी (Bat Taxonomy) पर चौथी राष्ट्रीय कार्यशाला की मेजबानी की।
तथ्यवर्कशॉप में चमगादड़ (bat) अनुसंधान के लिए कम लागत वाले, स्वदेशी मॉनिटरिंग उपकरणों को विकसित करने पर जोर दिया गया।
पदडॉ. बालकृष्ण पेरोथ KFRI में वाइल्डलाइफ बायोलॉजी विभाग के प्रमुख हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: शहरी-वन्यजीव अंतरापृष्ठों (urban-wildlife interfaces) से उत्पन्न होने वाले जूनोटिक रोगों के जोखिम को कम करने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य ढाँचों में वन्यजीव जीवविज्ञान को एकीकृत करने के महत्व की चर्चा कीजिए।
वन हेल्थ अप्रोच: मानव-पशु इंटरफेस पर पैथोजन्स का पता लगाने के लिए इकोलॉजिकल मॉनिटरिंग को एपिडेमियोलॉजिकल सर्विलांस के साथ जोड़ना
डेटा गैप कम करना: चमगादड़ों के आवास और प्रवास के पैटर्न को मैप करने के लिए सिटीजन साइंस और स्वदेशी कम लागत वाली मॉनिटरिंग का उपयोग
जनता की सोच में बदलाव: इकोलॉजिकल इम्बैलेंस और बीमारी के फैलने से रोकने के लिए डर के आधार पर खत्म करने के बजाय जानकारी के साथ सह-अस्तित्व की ओर बढ़ना
मुख्य शब्द: ज़ूनोटिक बीमारियाँ · वन हेल्थ · सूचित सह-अस्तित्व · वन्यजीव जीवविज्ञान · महामारी विज्ञान संबंधी निगरानी
चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में AI स्टार्टअप्स के साथ एक राउंडटेबल बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में आगामी 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट' और 'AI for ALL: ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज' पर चर्चा की गई।
इस बैठक में IT मंत्री, IT राज्य मंत्री और IT सचिव शामिल हुए। 'AI for ALL: Global Impact Challenge' के तहत 20 टीमों का चयन किया गया है, जो फरवरी में होने वाले शिखर सम्मेलन (Summit) में अपने कार्यों का प्रदर्शन करेंगी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यIndia AI Impact Summit में 1 लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
तथ्य'AI for ALL: Global Impact Challenge' ने समिट में अपना काम प्रदर्शित करने के लिए 20 टीमों को चुना।
पदअश्विनी वैष्णव IT मंत्री के रूप में कार्यरत हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत किस प्रकार नैतिक चिंताओं को संबोधित करते हुए और समावेशी तकनीकी विकास सुनिश्चित करते हुए 'सभी के लिए एआई' (AI for All) के दृष्टिकोण को प्राप्त करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) का लाभ उठा सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
डेटा संप्रभुता: ओपन-सोर्स AI इनोवेशन के साथ नेशनल सिक्योरिटी और पर्सनल डेटा प्राइवेसी के बीच संतुलन
डिजिटल डिवाइड: ग्रामीण और पिछड़े वर्गों को AI-आधारित सामाजिक बदलाव का लाभ मिलना सुनिश्चित करना
रेगुलेटरी फ्रेमवर्क: स्टार्टअप-फ्रेंडली इकोसिस्टम को बढ़ावा देते हुए AI एथिक्स के लिए मानक तय करना
मुख्य शब्द: डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन · समावेशी विकास · तकनीकी संप्रभुता · स्टार्टअप इकोसिस्टम · AI एथिक्स
चर्चा में क्यों: मंत्री प्रियंक खड़गे ने कर्नाटक में क्वांटम इकोसिस्टम बनाने के लिए IIIT-धरवाड़ में भारत के पहले कमर्शियल क्वांटम कंप्यूटर की तैनाती की घोषणा की।
यह तैनाती एक विश्व स्तरीय क्वांटम इकोसिस्टम (Quantum Ecosystem) स्थापित करनेकी राज्य पहल का हिस्सा है। सरकार ने क्वांटम तकनीक और जल सुरक्षा के लिए QpiAI (बेंगलुरु स्थित) और ZWEEC (सिंगापुर स्थित) के साथ संभावित साझेदारी पर चर्चा की।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकIIIT-Dharwad: भारत के पहले कमर्शियल Quantum Computer के डिप्लॉयमेंट (deployment) की साइट।
पदप्रियंक खड़गे: ग्रामीण विकास और पंचायत राज, IT & BT मंत्री (कर्नाटक)।
तथ्यQpiAI: बेंगलुरु स्थित एक deeptech कंपनी जो quantum technology से जुड़ी चर्चाओं में शामिल है।
तथ्यZWEEC: एडवांस्ड वॉटर टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस में विशेषज्ञता रखने वाली सिंगापुर स्थित एक कंपनी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की तकनीकी संप्रभुता और औद्योगिक नवाचार के संदर्भ में एक घरेलू क्वांटम कंप्यूटिंग पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: हाई-परफॉरमेंस कंप्यूटिंग के लिए विदेशी हार्डवेयर पर निर्भरता कम करना
रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर: एकेडमिक रिसर्च और कमर्शियल क्वांटम डिप्लॉयमेंट के बीच की दूरी को कम करना
क्रॉस-सेक्टोरल सिनर्जी: क्वांटम कंप्यूटिंग को वॉटर सिक्योरिटी और डीपटेक इंडस्ट्रियल एप्लीकेशन्स के साथ जोड़ना
चर्चा में क्यों: वैज्ञानिकों ने पाया है कि वायुमंडलीय पैटर्न में बदलाव के कारण पनामा के तट पर समुद्र की अपवेलिंग (upwelling) प्रक्रिया में अभूतपूर्व व्यवधान आया है।
इस घटना में सतही जल के ठंडा होने में विफलता और सतह तक पोषक तत्वों के न पहुँचने की समस्या शामिल थी। यह व्यवधान भूमध्य रेखा के पास हवा की धाराओं (wind jets) की आवृत्ति में कमी से जुड़ा था, जो ऑक्सीजन से भरपूर गहरे पानी को सतह तक लाने के लिए जिम्मेदार होती हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकअपवेलिंग (Upwelling): वह प्रक्रिया जिसमें गहरे समुद्र का ऑक्सीजन से भरपूर और पोषक तत्वों से युक्त पानी सतह पर ऊपर आता है, जो समुद्री जीवन को सहारा देता है।
स्थानयह व्यवधान विशेष रूप से पनामा के तट पर देखा गया।
तथ्यदशकों में सामान्य मौसमी अपवेलिंग (upwelling) चक्र का न होना अभूतपूर्व था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बदलते वायुमंडलीय प्रतिरूप और जलवायु परिवर्तन किस प्रकार समुद्री अपवेलिंग (marine upwelling) प्रक्रियाओं को बाधित कर रहे हैं और इसके परिणामस्वरूप वैश्विक समुद्री जैव विविधता पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा कीजिए।
पारिस्थितिक पतन: पोषक तत्वों की कमी से प्राथमिक उत्पादकता में गिरावट और समुद्री फूड वेब का खत्म होना
क्लाइमेट फीडबैक: हवा की जेट फ्रीक्वेंसी में बदलाव से थर्मोहेलिन सर्कुलेशन और ऑक्सीजन वितरण प्रभावित हो रहा है
मुख्य शब्द: अपवेलिंग · समुद्री जैव विविधता · वायुमंडलीय पैटर्न · जलवायु परिवर्तन · ओशनिक इकोसिस्टम
चर्चा में क्यों: FSID, Cyberverse Foundation और Pantherun ने भारत में राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए शुरुआती चरण के साइबर सुरक्षा स्टार्टअप्स (Cybersecurity Startups) की पहचान करने और उन्हें इनक्यूबेट (Incubate) करने के लिए एक MoU पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस साझेदारी में FSID, साइबरवर्स फाउंडेशन (Cyberverse Foundation) और पैंथरन (Pantherun) शामिल हैं। इसका उद्देश्य 2026 की शुरुआत में दो से चार स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट करना है, जिसके लिए तकनीकी सत्यापन, बुनियादी ढांचा, मेंटरशिप और पूंजी सहायता प्रदान की जाएगी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थासाइबरवर्स फाउंडेशन (Cyberverse Foundation) मैसूर राजपरिवार के नेतृत्व वाली एक फर्म है।
तथ्यइस पहल का उद्देश्य 2026 की शुरुआत में दो से चार स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट (incubate) करना है।
तथ्यसपोर्ट में टेक्निकल वैलिडेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सेस, मेंटरशिप, मार्केट एक्सेस, रेगुलेटरी गाइडेंस और कैपिटल एनेबलमेंट शामिल हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की डिजिटल संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने में एक सुदृढ़ घरेलू साइबर सुरक्षा स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के महत्व की चर्चा कीजिए।
इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: शुरुआती दौर के साइबर सिक्योरिटी टेस्टिंग के लिए स्पेशल हाई-कंपयूटिलिटी: बुनियादी ढांचा अंतर: शुरुआती दौर के साइबर सुरक्षा परीक्षण के लिए विशेष हाई-कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत
रेगुलेटरी बाधा: स्टार्टअप इनोवेशन और सख्त नेशनल सिक्योरिटी कंप्लायंस मानकों के बीच संतुलन
कैपिटल बॉटलनेक: साइबर सिक्योरिटी सॉल्यूशंस के लिए हाई R&D लागत और स्पेशलाइज्ड वेंचर कैपिटल की ज़रूरत
चर्चा में क्यों: IIIT धारवाड़ ने इलेक्ट्रॉनिक्स और IT उत्पादों के मानकों पर सहयोग करने और एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (Centre of Excellence) स्थापित करने के लिए ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) के साथ एक MoU पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह समझौता छात्र/संकाय अनुसंधान, संयुक्त तकनीकी समितियों और IT-सक्षम समाधानों पर केंद्रित है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
संस्थाBIS: Bureau of Indian Standards भारत की राष्ट्रीय मानक संस्था (national standards body) है।
तथ्यMoU में मानकीकरण (standardisation) से संबंधित क्षेत्रों में एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (Centre of Excellence) की स्थापना शामिल है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी विनिर्माण क्षेत्रों में भारत के नेतृत्व को सुदृढ़ करने में मानकीकरण के महत्व की चर्चा कीजिए।
क्वालिटी एश्योरेंस: BIS सर्टिफिकेशन के ज़रिए स्वदेशी इलेक्ट्रॉनिक्स की सुरक्षा और इंटरऑपरेबिलिटी सुनिश्चित करना
R&D सिनर्जी: अकादमिक रिसर्च और इंडस्ट्रियल स्टैंडर्ड कंप्लायंस के बीच की दूरी को कम करना
ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस: एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए घरेलू IT स्टैंडर्ड्स को इंटरनेशनल बेंचमार्क के साथ जोड़ना
मुख्य शब्द: मानकीकरण · क्वालिटी एश्योरेंस · अनुसंधान और विकास · इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग · संस्थागत सहयोग
चर्चा में क्यों: ध्रुव स्पेस (Dhruva Space) ने 12 जनवरी, 2026 को अपने ‘पोलर एक्सेस-1’ (PA-1) मिशन के लॉन्च की घोषणा की है। इस मिशन के तहत विभिन्न राज्यों और देशों के कई सैटेलाइट्स को ले जाने के लिए ISRO के PSLV-C62 का उपयोग किया जाएगा।
PA-1 मिशन में नेपाल, ओडिशा, कर्नाटक और असम के लिए सैटेलाइट्स के साथ ध्रुव स्पेस (Dhruva Space) का THYBOLT-3 भी शामिल होगा। इस मिशन का उद्देश्य संचार, पर्यावरण निगरानी, शिक्षा और वाणिज्यिक पृथ्वी अवलोकन (Earth observation) को सहायता प्रदान करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकPSLV-C62: Polar Access-1 मिशन के लिए ISRO द्वारा नामित लॉन्च व्हीकल (launch vehicle)।
तथ्यPA-1 मिशन: इसका लॉन्च 12 जनवरी, 2026 के लिए शेड्यूल किया गया है।
तथ्यनेपाल का पहला सैटेलाइट PA-1 मिशन पेलोड में शामिल है।
तथ्यशामिल सैटेलाइट्स: ओडिशा CGUSAT-1, कर्नाटक DSAT-1, असम LACHIT-1, और THYBOLT-3।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के लक्ष्यों को प्राप्त करने और क्षेत्रीय तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने में भारत के बढ़ते निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के महत्व पर चर्चा कीजिए।
कमर्शियल व्यवहार्यता: सैटेलाइट लॉन्च के फ़िस्कल बोझ को कम करने के लिए ध्रुव स्पेस जैसे प्राइवेट प्लेयर्स का इस्तेमाल
क्षेत्रीय एकीकरण: कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए नेपाल जैसे पड़ोसी देशों के लिए सैटेलाइट-आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा
मुख्य शब्द: स्पेस इकोनॉमी · प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी · सैटेलाइट कम्युनिकेशन · पृथ्वी अवलोकन · तकनीकी संप्रभुता
चर्चा में क्यों: 2018 की बाढ़ के बाद, पश्चिमी घाट के 37% हिस्से को संरक्षित करने के लिए माधव गाडगिल रिपोर्ट की सिफारिशों पर इडुक्की जिले में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर फिर से विचार किया जा रहा है।
माधव गाडगिल रिपोर्ट में पश्चिमी घाट के 37% हिस्से को संरक्षित करने की सिफारिश की गई थी। इडुक्की में हुए विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व हाई रेंज संरक्षण समिति (HRSS) और बिशप मार मैथ्यू अनिक्कुझिकट्टिल ने किया था।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानइडुक्की जिला केरल में स्थित है।
तथ्यगड्गिल रिपोर्ट ने पश्चिमी घाट के 37% हिस्से को संरक्षित करने की सिफारिश की थी।
पदबिशप मार मैथ्यू अनिक्कुज़िक्कट्टिल ने HRSS विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पश्चिमी घाट जैसे पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में पारिस्थितिक संरक्षण जनादेशों और स्थानीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक अधिकारों के बीच उत्पन्न होने वाले द्वंद्व का विश्लेषण कीजिए।
सामाजिक-आर्थिक तनाव: स्थानीय किसान समुदायों द्वारा जबरन बेदखली और ज़मीन ज़ब्त करने का डर
पारिस्थितिक गिरावट: इग्नोर की गई गाडगिल रिपोर्ट की चेतावनियों और 2018 के भूस्खलन/बाढ़ आपदाओं के बीच संबंध
संस्थागत बदलाव: तटस्थ राजनीतिक रुख के पक्ष में धार्मिक नेतृत्व वाले समर्थन में गिरावट
मुख्य शब्द: पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र · पर्यावरण गवर्नेंस · सामाजिक-आर्थिक अधिकार · आपदा लचीलापन · सामुदायिक वकालत
चर्चा में क्यों: केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, BRIC-Centre for DNA Fingerprinting and Diagnostics (CDFD) का दौरा कर रहे हैं। वे वहां एक टेक्नोलॉजी इनक्यूबेटर और कौशल विकास केंद्र (Skill Development Centre) का उद्घाटन करेंगे।
नेशनल स्किल डेवलपमेंट सेंटर – SAMARTH और iDeaNA-BRIC-CDFD टेक्नोलॉजी इनक्यूबेटर की स्थापना उप्पल स्थित BRIC-सेंटर फॉर DNA फिंगरप्रिंटिंग एंड डायग्नोस्टिक्स (CDFD) में की जा रही है। ये सुविधाएं फॉरेंसिक DNA प्रोफाइलिंग, मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स और शुरुआती चरण के लाइफ साइंसेज इनोवेशन पर केंद्रित हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाBRIC-Centre for DNA Fingerprinting and Diagnostics (CDFD) उप्पल (Uppal) में स्थित है।
तथ्यSAMARTH सेंटर का उद्देश्य फॉरेंसिक DNA प्रोफाइलिंग और मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स (molecular diagnostics) में स्किल गैप को दूर करना है।
तथ्यiDeaNA-BRIC-CDFD टेक्नोलॉजी इनक्यूबेटर (Technology Incubator) लाइफ साइंसेज में शुरुआती चरण के इनोवेशन (innovations) को सपोर्ट करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में फॉरेंसिक डीएनए प्रोफाइलिंग और आणविक निदान (molecular diagnostics) के क्षेत्र में विशिष्ट कौशल विकास केंद्र और प्रौद्योगिकी इनक्यूबेटरों की स्थापना के महत्व पर चर्चा कीजिए।
स्किल गैप: फॉरेंसिक DNA प्रोफाइलिंग और मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स में प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स की कमी
इनोवेशन इकोसिस्टम: लाइफ साइंस रिसर्च को कमर्शियल प्रोडक्ट्स में बदलने के लिए डेडिकेटेड इनक्यूबेटर्स की ज़रूरत
सार्वजनिक स्वास्थ्य: भारत में दुर्लभ बीमारियों के प्रबंधन के लिए आवश्यक डायग्नोस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान देना
मुख्य शब्द: फोरेंसिक DNA प्रोफाइलिंग · मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स · टेक्नोलॉजी इनक्यूबेटर · कौशल विकास · लाइफ साइंसेज · दुर्लभ बीमारियाँ
चर्चा में क्यों: प्रसिद्ध पारिस्थितिकीविद् (Ecologist) माधव गाडगिल का निधन हो गया है, जिन्हें पश्चिमी घाट (Western Ghats) पर उनके कार्यों के लिए UN चैंपियंस ऑफ द अर्थ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।
माधव गाडगिल (1942-2026) एक प्रमुख पारिस्थितिकी विज्ञानी (ecologist) थे, जिन्होंने पश्चिमी घाट पारिस्थितिकी विशेषज्ञ पैनल (गाडगिल समिति) का नेतृत्व किया था। वे बेंगलुरु स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) से जुड़े थे और उन्होंने सेंटर फॉर इकोलॉजिकल साइंसेज की स्थापना में सहायता की थी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदमाधव गड़गिल: 2024 में संयुक्त राष्ट्र के चैंपियंस ऑफ द अर्थ (Champions of the Earth) अवार्ड के प्राप्तकर्ता।
संस्थासेंटर फॉर इकोलॉजिकल साइंसेज (Centre for Ecological Sciences): इसकी स्थापना बेंगलुरु स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) में की गई थी।
स्थानवेस्टर्न घाट्स: गडगिल कमेटी (Gadgil Committee) के काम के माध्यम से संरक्षित क्षेत्र।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पश्चिमी घाट में पारिस्थितिक संरक्षण और विकासात्मक गतिविधियों के बीच संतुलन स्थापित करने में गड़गिल समिति की सिफारिशों के महत्व पर चर्चा कीजिए।
पारिस्थितिक अखंडता: हाई-बायोडायवर्सिटी ज़ोन में जैव विविधता संरक्षण और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के बीच संतुलन
संस्थागत ढांचा: विज्ञान-आधारित पर्यावरण शासन बनाने में एक्सपर्ट पैनल की भूमिका
मुख्य शब्द: पारिस्थितिक संरक्षण · जैव विविधता संरक्षण · सतत विकास · विशेषज्ञ पैनल · पर्यावरण शासन