यूपीएससी सिविल सेवा GS2 (राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध) के अंतर्राष्ट्रीय संबंध भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 3,355 नोट्स, रोज़ अपडेट।
पाठ्यक्रम के विषय: भारत के द्विपक्षीय संबंध (2767) · दूसरे देशों की नीतियों का भारत पर असर (208) · भारत एवं पड़ोसी देश (174) · क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह (QUAD, BRICS, SCO, G20...) (112) · अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं एवं एजेंसियां (UN, WTO, IMF...) (88) · प्रवासी भारतीय (6)
चर्चा में क्यों: संयुक्त राष्ट्र (UN) के एक तथ्य-खोज मिशन (fact-finding mission) ने निष्कर्ष निकाला है कि दारफुर में अल-फाशेर पर कब्जे के दौरान रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) द्वारा किए गए अत्याचार नरसंहार (genocide) के स्पष्ट लक्षण हैं।
संयुक्त राष्ट्र (UN) की रिपोर्ट में दारफुर में लंबे समय से जारी घेराबंदी, सामूहिक हत्याओं, बलात्कार और यातना को नरसंहार (Genocide) के प्रमाण के रूप में पहचाना गया है। इसमें कमांडर 'अबू लुलु' का नाम लिया गया है और RSF को UAE द्वारा दिए जा रहे समर्थन पर संदेह व्यक्त किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानएल-फ़ाशर: सूडान के डार्फ़ुर (Darfur) क्षेत्र का एक शहर।
पदलेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद हमदान दागालो (हेमेदती): रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के नेता।
तथ्यUN ने हथियारों के प्रवाह को रोकने और RSF की गतिविधियों की अंतरराष्ट्रीय आपराधिक जांच (international criminal investigations) की मांग की है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सूडान जैसे संघर्ष क्षेत्रों में नरसंहार की हिंसा को रोकने में अंतर्राष्ट्रीय निरीक्षण और शस्त्र प्रतिबंधों की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
जवाबदेही का अंतर: मौजूदा अंतरराष्ट्रीय आपराधिक कानून के तहत RSF जैसे गैर-राज्य अभिनेताओं पर मुकदमा चलाने में कठिनाई
भू-राजनीतिक घर्षण: सूडान के आंतरिक संघर्षों की लंबी उम्र पर क्षेत्रीय राज्य प्रायोजन का प्रभाव
मुख्य शब्द: नरसंहार · मानवीय हस्तक्षेप · हथियार निर्यात पर रोक · गैर-राज्य अभिनेता · अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्याय
चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इंडिया-मिडल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) को मजबूत करने के लिए अडानी पोर्ट्स और पोर्ट ऑफ मार्सिले फॉस के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
यह समझौता अडानी पोर्ट्स और पोर्ट ऑफ मार्सिले फॉस (Port of Marseille Fos) के बीच एक साझेदारी है। इसका उद्देश्य दक्षिण एशिया और पश्चिम एशिया के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ाना और भारत एवं यूरोप के बीच व्यापार को सुगम बनाना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानपोर्ट ऑफ मार्सिले फॉस (Port of Marseille Fos): फ्रांस में स्थित एक प्रमुख बंदरगाह।
तथ्यIMEC: India-Middle East-Europe Economic Corridor का उद्देश्य क्षेत्रीय कनेक्टिविटी (Regional Connectivity) को बढ़ाना है।
संस्थाAdani Ports: एक भारतीय पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी जो इस MoU में शामिल है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) के माध्यम से भारत द्वारा व्यापारिक संबंधों में विविधता लाने और यूरोप के साथ समुद्री कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए इसके रणनीतिक उपकरण के रूप में उपयोग पर चर्चा कीजिए।
भू-राजनीतिक लाभ: पश्चिम एशिया के ज़रिए मल्टी-मोडल कॉरिडोर बनाकर मौजूदा समुद्री रास्तों का मुकाबला करना
ट्रेड रेजिलिएंस: ग्लोबल सप्लाई चेन शॉक के असर को कम करने के लिए पारंपरिक ट्रेड रूट्स पर निर्भरता घटाना
इंफ्रास्ट्रक्चर सिनर्जी: ट्रांसकॉन्टिनेंटल ट्रेड के लिए पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने हेतु प्राइवेट-पब्लिक पार्टनरशिप का लाभ उठाना
मुख्य शब्द: मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी · समुद्री व्यापार · रणनीतिक स्वायत्तता · सप्लाई चेन रेजिलिएंस · द्विपक्षीय सहयोग
चर्चा में क्यों: इमैनुएल मैक्रों और UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दिल्ली में आयोजित एक शिखर सम्मेलन के दौरान AI सुरक्षा उपायों और बच्चों की सुरक्षा पर चर्चा की, जहाँ भारत ने ओपन-सोर्स AI विकास की वकालत की।
दिल्ली में आयोजित इस शिखर सम्मेलन में विश्व नेताओं और टेक कंपनियों के अधिकारियों के बीच चर्चा हुई, जिसमें OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन भी शामिल थे। भारत ने अपनी विशाल जनसंख्या को विकास के बाजार के रूप में उपयोग करने का प्रस्ताव दिया और साथ ही AI संसाधनों को अधिक साझा करने की वकालत की।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदएंटोनियो गुटेरेस: संयुक्त राष्ट्र के सेक्रेटरी-जनरल।
तथ्यभारत की स्थिति: ओपन-सोर्स AI डेवलपमेंट और AI संसाधनों को साझा करने की वकालत।
विज्ञान-तकनीकOpenAI: CEO सैम ऑल्टमैन के नेतृत्व वाली एक टेक्नोलॉजी कंपनी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक तकनीकी समानता को बढ़ावा देने में ओपन-सोर्स एआई (AI) विकास के महत्व और बच्चों के लिए एआई-जनित जोखिमों को कम करने हेतु अंतर्राष्ट्रीय विनियामक ढाँचों की आवश्यकता का विश्लेषण कीजिए।
रेगुलेटरी फ्रिक्शन: डिजिटल दुर्व्यवहार के खिलाफ कड़े अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा उपायों के साथ तेज़ AI इनोवेशन को संतुलित करना
भू-राजनीतिक टेक-डिप्लोमेसी: हाई-कंप्यूट रिसोर्सेज तक पहुंच को लोकतांत्रिक बनाने के लिए भारत का ओपन-सोर्स मॉडल पर जोर
मुख्य शब्द: ओपन-सोर्स AI · डिजिटल सुरक्षा उपाय · तकनीकी समानता · ग्लोबल गवर्नेंस · AI एथिक्स
चर्चा में क्यों: फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत में आयोजित एक वैश्विक शिखर सम्मेलन में AI की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामूहिक निगरानी की वकालत की। उन्होंने ऐसे नियमों की आवश्यकता पर जोर दिया जो सुरक्षा और नवाचार (innovation) के बीच संतुलन बनाए रखें।
यूरोपीय संघ (European Union) का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक्ट (Artificial Intelligence Act) 2024 में अपनाया गया था। यह उन AI सिस्टम्स पर प्रतिबंध लगाने के लिए चरणबद्ध कार्यान्वयन (phased implementation) का उपयोग करता है जो अस्वीकार्य जोखिम पैदा करते हैं। फ्रांस सक्रिय रूप से AI वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के प्रशिक्षण में निवेश कर रहा है, साथ ही स्टार्टअप निर्माण और ऑनलाइन दुर्व्यवहार से बच्चों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकEU AI Act: इसे 2024 में AI सिस्टम्स को रेगुलेट करने और उन सिस्टम्स पर प्रतिबंध लगाने के लिए अपनाया गया है जो अनकसेप्टेबल रिस्क (unacceptable risks) पैदा करते हैं।
पदइमैनुएल मैक्रों: फ्रांस के प्रेसिडेंट।
तथ्यफ्रांस इनोवेशन और जॉब क्रिएशन को बढ़ावा देने के लिए AI वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को ट्रेनिंग पर फोकस कर रहा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के लिए वैश्विक शासन ढांचे की स्थापना में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के महत्व का विश्लेषण कीजिए, ताकि तकनीकी नवाचार और नैतिक सुरक्षा मानकों के बीच संतुलन स्थापित किया जा सके। चर्चा कीजिए।
रेगुलेटरी आर्बिट्रेज: कंपनियों द्वारा कम एआई सेफ्टी स्टैंडर्ड वाले ज्यूरिसडिक्शन में जाने का जोखिम
इनोवेशन-सेफ्टी ट्रेड-ऑफ: सख्त रिस्क-आधारित प्रतिबंधों और तेज़ तकनीकी प्रगति की ज़रूरत के बीच संतुलन
डिजिटल संप्रभुता: वैश्विक AI नियमों को आकार देने में यूरोपीय संघ का सक्रिय रुख बनाम अमेरिका और चीन का दबदबा
मुख्य शब्द: रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · डिजिटल संप्रभुता · नैतिक AI · तकनीकी गवर्नेंस · रिस्क-आधारित अप्रोच
चर्चा में क्यों: पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी (PAA) ने अप्रैल 2025 से बढ़ते तनाव के कारण सभी नागरिक और सैन्य पंजीकृत भारतीय विमानों पर एयरस्पेस प्रतिबंधों को 23 मार्च तक बढ़ा दिया है।
यह प्रतिबंध पाकिस्तान सिविल एविएशन अथॉरिटी (PCAA) द्वारा प्रबंधित कराची और लाहौर के फ्लाइट इंफॉर्मेशन रीजन (Flight Information Regions) के भीतर भारतीय विमानों पर लागू होता है। यह विस्तार अप्रैल 2025 से शुरू हुए तनाव के बढ़ते दौर के बाद किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाPAA: पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी (Pakistan Airports Authority)।
संस्थाPCAA: पाकिस्तान सिविल एविएशन अथॉरिटी (Pakistan Civil Aviation Authority)।
तथ्यएयरस्पेस क्लोजर (Airspace closure) को 23 मार्च तक बढ़ा दिया गया है।
स्थानकराची और लाहौर फ्लाइट इंफॉर्मेशन रीजन्स।
मेन्स के लिए
प्रश्न: द्विपक्षीय तनाव और हवाई क्षेत्र पर लगाए गए प्रतिबंधों का क्षेत्रीय विमानन सुरक्षा और दक्षिण एशियाई क्षेत्र की भू-राजनीतिक स्थिरता पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा कीजिए।
एविएशन सुरक्षा: विवादित एयरस्पेस में बीच हवा में टक्कर का खतरा और इमरजेंसी रिस्पॉन्स में देरी
भू-राजनीतिक तनाव: दबाव वाले डिप्लोमेसी के टूल के रूप में सिविल एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: द्विपक्षीय तनाव · एयरस्पेस प्रतिबंध · क्षेत्रीय स्थिरता · एविएशन सेफ्टी
चर्चा में क्यों: श्रीलंकाई नौसेना ने कत्थईवू और नेदुन्थेवू द्वीपों के पास तमिलनाडु के 22 मछुआरों को हिरासत में लिया और उनके चार जहाजों को जब्त कर लिया, जिसके बाद उन्हें रिहा करने की मांग की जा रही है।
19 फरवरी, 2026 को श्रीलंकाई नौसेना ने रामेश्वरम और मंडपम से आए 22 मछुआरों को गिरफ्तार किया। कत्थेईवू और नेदुन्थेइवू द्वीपों के पास चार जहाजों को जब्त कर लिया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानकच्चाथीवू और नेदुन्थीवू: भारत और श्रीलंका के बीच पाक स्ट्रेट (Palk Strait) में स्थित छोटे द्वीप।
तथ्यश्रीलंकाई नेवी द्वारा रामेश्वरम और मंडपम के 22 मछुआरों को हिरासत में लिया गया।
तथ्यश्रीलंकाई अधिकारियों द्वारा आइलेट्स (islets) के पास 4 जहाजों को जब्त कर लिया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पाक जलडमरूमध्य में समुद्री सीमा विवाद और मछली पकड़ने के अधिकारों से जुड़ी जटिलताओं तथा भारत-श्रीलंका द्विपक्षीय संबंधों पर उनके प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।
क्षेत्राधिकार की अस्पष्टता: पाक जलडमरूमध्य में मछली पकड़ने वाले क्षेत्रों का ओवरलैप और स्पष्ट समुद्री सीमांकन की कमी
आजीविका संघर्ष: तमिलनाडु में पारंपरिक कारीगर मछली पकड़ने वाले समुदायों पर समुद्री प्रवर्तन का प्रभाव
डिप्लोमैटिक घर्षण: समुद्री सुरक्षा प्रवर्तन और क्षेत्रीय समुद्री सहयोग के बीच तनाव
मुख्य शब्द: समुद्री सीमा · मत्स्य पालन प्रबंधन · द्विपक्षीय संबंध · समुद्री सुरक्षा · संप्रभुता
चर्चा में क्यों: UN ESCAP ने रिपोर्ट दी है कि पर्यावरणीय गिरावट और असमानता के कारण एशिया-पैसिफिक क्षेत्र के 2030 तक 117 में से 103 सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals - SDGs) को हासिल करने में चूक होने का अनुमान है।
संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक और सामाजिक आयोग (ESCAP) ने एक रिपोर्ट जारी की है, जो विकास में एक महत्वपूर्ण असंतुलन की ओर इशारा करती है। हालांकि स्वास्थ्य और गरीबी में कमी के क्षेत्र में प्रगति देखी गई है, लेकिन यह पर्यावरणीय गिरावट और लैंगिक समानता एवं न्याय के आंकड़ों में मौजूद कमियों के कारण प्रभावित हो रही है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाESCAP: संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग (Economic and Social Commission for Asia and the Pacific)।
तथ्यएशिया-पैसिफिक क्षेत्र के 2030 तक 117 में से 103 SDGs (सतत विकास लक्ष्य) हासिल न कर पाने का अनुमान है।
पदअर्मिडा साल्सिया एलिसजहबाना: UN अंडर-सेक्रेटेरी-जनरल और ESCAP एग्जीक्यूटिव सेक्रेटरी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: यद्यपि गरीबी उन्मूलन में प्रगति हुई है, फिर भी एशिया-प्रशांत क्षेत्र को 2030 के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने से रोकने वाली संरचनात्मक बाधाओं का विश्लेषण कीजिए।
डेटा की कमी: लैंगिक समानता और न्याय पर बारीक आंकड़ों के अभाव से लक्षित नीतिगत हस्तक्षेप में बाधा
पर्यावरण-विकास ट्रेड-ऑफ: तेज़ी से बढ़ती आर्थिक ग्रोथ और पारिस्थितिक संरक्षण व सस्टेनेबिलिटी उपायों के बीच का अंतर
असमानता की खाई: धन और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच में बढ़ती असमानता समावेशी विकास को प्रभावित कर रही है
मुख्य शब्द: सतत विकास लक्ष्य · विकास असंतुलन · डेटा गवर्नेंस · समावेशी विकास · पर्यावरण का क्षरण
चर्चा में क्यों: रूस के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के उन दावों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हुए एक व्यापार समझौते के बाद भारत ने रूसी कच्चे तेल का आयात बंद करने पर सहमति जताई थी।
रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिरता बनाए रखने के लिए रूसी तेल खरीदने पर भारत का रुख अपरिवर्तित है। मंत्रालय ने विशेष रूप से रूसी कच्चे तेल के आयात को बंद करने के संबंध में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रूबियो के दावों को खारिज किया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यरूस के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के उन दावों को खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि भारत ने रूसी कच्चे तेल (crude oil) का आयात बंद करने पर सहमति जताई है।
पदमार्को रूबियो: Secretary of State (USA)।
तथ्यभारत और US के बीच हुए ट्रेड डील में भारतीय सामानों पर US के टैरिफ (tariffs) में कटौती शामिल थी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की ऊर्जा खरीद रणनीतियों का विश्लेषण कीजिए कि किस प्रकार ये रणनीतियाँ रणनीतिक स्वायत्तता और प्रमुख शक्तियों के बीच भू-राजनीतिक दबावों के मध्य संतुलन स्थापित करने की जटिलताओं का सामना करती हैं।
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: रूसी ऊर्जा स्रोतों से अलग होने के पश्चिमी दबाव के बीच ऊर्जा सुरक्षा की जरूरतों को संतुलित करना
भू-राजनीतिक संतुलन: अमेरिका-रूस तनाव और द्विपक्षीय व्यापार वार्ता के बीच 'मल्टी-अलाइनमेंट' नीति का प्रबंधन
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · ऊर्जा सुरक्षा · मल्टी-एलाइनमेंट · ट्रेड डिप्लोमेसी · भू-राजनीतिक लाभ
चर्चा में क्यों: खबरों के अनुसार, चीन ने लैंड-आधारित स्क्रैमजेट-पावर्ड (scramjet-powered) CJ-1000 मिसाइल पेश करके हाइपरसोनिक हथियारों के विकास में अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है।
CJ-1000 एक ज़मीनी आधारित स्क्रैमजेट-संचालित मिसाइल है जो कम ऊंचाई पर उड़ान भरने और कम से कम 2,500 किमी की रेंज तक जाने में सक्षम है। यह DF-17 और अवंगार्ड (Avangard) जैसी ग्लाइडर-आधारित मिसाइलों की तुलना में बेहतर गतिशीलता और सटीकता के लिए जानी जाती है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकCJ-1000: चीन द्वारा विकसित एक लैंड-आधारित स्क्रैमजेट-पावर्ड (scramjet-powered) हाइपरसोनिक मिसाइल।
तथ्यCJ-1000 रेंज: कम से कम 2,500 किलोमीटर।
विज्ञान-तकनीकScramjet टेक्नोलॉजी: एयर डिफेंस डिटेक्शन से बचने के लिए कम ऊंचाई पर उड़ान (low-altitude flight) सक्षम बनाती है।
विज्ञान-तकनीकDF-17 और Avangard: ग्लाइडर-आधारित हाइपरसोनिक मिसाइलों के उदाहरण।
मेन्स के लिए
प्रश्न: हाइपरसोनिक हथियारों और स्क्रैमजेट तकनीक में हो रही प्रगति वैश्विक रणनीतिक स्थिरता और पारंपरिक वायु रक्षा प्रतिमानों को किस प्रकार पुनर्गठित कर रही है, इसका विश्लेषण कीजिए।
तकनीकी असमानता: स्क्रैमजेट-पावर्ड मैनुवरेबिलिटी बनाम पारंपरिक रडार-आधारित इंटरसेप्शन
रणनीतिक अस्थिरता: एयर डिफेंस के लिए कम रिएक्शन टाइम से 'पावरलेस' स्थितियां पैदा होना
R&D डायनामिक्स: रैपिड हाइपरसोनिक हथियार तैनाती पर राज्य-नेतृत्व वाले निवेश का प्रभाव
चर्चा में क्यों: भारत ने वेस्ट बैंक में इजरायल द्वारा अपनाए गए उन एकपक्षीय कदमों की निंदा करने के लिए 85 देशों और लीग ऑफ अरब स्टेट्स (League of Arab States) के समूह में शामिल होने का निर्णय लिया है, जिनका उद्देश्य इस क्षेत्र की जनसांख्यिकीय संरचना (Demographic composition) को बदलना है।
भारत ने वेस्ट बैंक में इजरायल की कार्रवाइयों के खिलाफ एक संयुक्त बयान जारी करने के लिए 85 देशों और अरब देशों के लीग (League of Arab States) के साथ हाथ मिलाया है। यह बयान विशेष रूप से उन उपायों को खारिज करता है जिनका उद्देश्य फिलिस्तीनी क्षेत्र की जनसांख्यिकीय स्थिति (demographic status) को बदलना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यभारत ने वेस्ट बैंक में इज़राइल के एकतरफा कदमों की निंदा करने वाले 85 देशों के समूह में शामिल हुआ।
संस्थालीग ऑफ अरब स्टेट्स (League of Arab States) ने वेस्ट बैंक में उठाए गए कदमों की निंदा करने वाले संयुक्त बयान का समर्थन किया।
स्थानवेस्ट बैंक वह फिलिस्तीनी क्षेत्र है जहाँ एकपक्षीय उपायों (unilateral measures) को चुनौती दी जा रही है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की 'बहु-संरेखित' (multi-aligned) विदेश नीति के संदर्भ में, इज़राइल के साथ रणनीतिक संबंधों और फिलिस्तीन की संप्रभुता पर अपने पारंपरिक रुख के बीच संतुलन बनाए रखने की जटिलताओं का विश्लेषण कीजिए।
स्ट्रेटेजिक बैलेंसिंग: इज़राइल के साथ डिफेंस टेक्नोलॉजी सहयोग और अरब देशों के साथ डिप्लोमैटिक संबंधों के बीच तालमेल बिठाना
डेमोग्राफिक चिंताएं: फिलिस्तीनी क्षेत्रों की स्थिति पर एकतरफा उपायों के अंतरराष्ट्रीय कानूनी निहितार्थों को संबोधित करना
डिप्लोमैटिक कंसिस्टेंसी: हाई-लेवल द्विपक्षीय दौरों के बीच वेस्ट बैंक उपायों पर सार्वजनिक रुख में बदलाव को मैनेज करना
मुख्य शब्द: मल्टी-एलाइनमेंट · रणनीतिक स्वायत्तता · जनसांख्यिकीय संरचना · द्विपक्षीय संबंध · डिप्लोमैटिक बैलेंसिंग
चर्चा में क्यों: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अप्रैल 2025 के पहलगाम हमले के बाद कश्मीर में पर्यटन को पुनर्जीवित करने के लिए दो-स्तरीय योजना की घोषणा की।
सरकार की योजना संस्थागत क्षमता निर्माण और ट्रेल्स (trails) एवं विरासत स्थलों के विकास पर केंद्रित है। यह रणनीति पारिस्थितिक रूप से टिकाऊ पहाड़ी ट्रेल्स, बेहतर बुनियादी ढांचे और साझा पर्यावरणीय शासन (environmental governance) पर जोर देती है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानपहलगाम: पर्यटन पुनर्मूल्यांकन (tourism reassessment) में अप्रैल 2025 के हमले के स्थान का उल्लेख किया गया है।
तथ्यदो-तरफा योजना: यह संस्थागत क्षमता निर्माण (institutional capacity building) और ट्रेल/हेरिटेज साइट विकास पर केंद्रित है।
पदनिर्मला सीतारमण: भारत की Finance Minister।
मेन्स के लिए
प्रश्न: कश्मीर जैसे संघर्ष-प्रभावित क्षेत्रों में सतत पर्यटन को बढ़ावा देने में बुनियादी ढांचा विकास और पर्यावरणीय शासन की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
सिक्योरिटी-टूरिज्म नेक्सस: हाई-सिक्योरिटी जरूरतों और पर्यटकों के लिए खुले और स्वागतपूर्ण अनुभव के बीच संतुलन
इकोलॉजिकल गवर्नेंस: नाजुक हिमालयी इकोसिस्टम में पर्यावरणीय गिरावट रोकने के लिए माउंटेन ट्रेल विकास का प्रबंधन
स्थानीय एकीकरण: सर्विस डिलीवरी सुधारने और स्थानीय सुरक्षा चिंताओं को दूर करने के लिए पेड सिविक रोल्स का उपयोग
मुख्य शब्द: पारिस्थितिक रूप से टिकाऊ · संस्थागत क्षमता निर्माण · पर्यावरण शासन · इंफ्रास्ट्रक्चर विकास · पर्यटन का पुनरुद्धार
चर्चा में क्यों: यह लेख रूस-यूक्रेन संघर्ष को सुलझाने के लिए जेद्दा समिट और जेनेवा पीस समिट सहित विभिन्न मध्यस्थता प्रयासों के इतिहास और वर्तमान स्थिति को रेखांकित करता है।
रूस ने जून 2023 में ब्लैक सी ग्रेन इनिशिएटिव (Black Sea Grain Initiative) से अपनी वापसी कर ली थी। जून 2024 में जेद्दा में आयोजित शिखर सम्मेलन में 40 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए, लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका। जनवरी 2026 में जेनेवा शांति शिखर सम्मेलन के परिणामस्वरूप कैदियों की अदला-बदली हुई, लेकिन राजनीतिक मुद्दे अनसुलझे रह गए।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यजून 2024 में हुए जेद्दा समिट (Jeddah summit) में 40 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
तथ्यरूस ने जून 2023 में ब्लैक सी ग्रेन इनिशिएटिव (Black Sea Grain Initiative) से अपनी वापसी कर ली।
स्थानजेनेवा पीस समिट (Geneva peace summit) जनवरी 2026 में आयोजित किया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: विभिन्न राजनयिक पहलों और अंतर्राष्ट्रीय शिखर सम्मेलनों के बावजूद, रूस-यूक्रेन संघर्ष को सुलझाने में बहुपक्षीय मध्यस्थता की सीमाओं का विश्लेषण कीजिए।
डिप्लोमैटिक डेडलॉक: सुरक्षा गारंटी और क्षेत्रीय अखंडता की मांगों में मतभेद से सहमति नहीं बन पाई
संस्थागत घर्षण: स्वैच्छिक अनाज पहल और गैर-बाध्यकारी सीजफायर फ्रेमवर्क की सीमाएं
भू-राजनीतिक गतिरोध: तटस्थ मध्यस्थता की प्रभावशीलता पर महाशक्ति हितों का असर
मुख्य शब्द: बहुपक्षीय डिप्लोमेसी · मध्यस्थता · भू-राजनीतिक गतिरोध · संप्रभुता · संघर्ष समाधान
चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और क्रोएशिया के प्रधानमंत्री एंड्रे प्लेनकोविक ने नई दिल्ली में मुलाकात की। इस बैठक में तकनीक, जहाज निर्माण और ब्लू इकोनॉमी (Blue Economy) में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
क्रोएशिया ने 2025 के पहले ग्यारह महीनों के दौरान भारत के साथ व्यापार विनिमय में 10% की वृद्धि दर्ज की है। नेताओं ने थ्री सीज़ इनिशिएटिव (3SI) क्षेत्र को भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) से जोड़ने पर चर्चा की।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्य2025 के पहले ग्यारह महीनों में क्रोएशिया और भारत के बीच व्यापार विनिमय (Trade exchange) में 10% की वृद्धि हुई।
संस्थाथ्री सीज़ इनिशिएटिव (3SI): क्रोएशिया इस इनिशिएटिव के चेयर के रूप में कार्य करता है।
स्थानक्रोएशिया: एक यूरोपीय देश जो भारत के साथ समुद्री परिवहन और शिपबिल्डिंग (shipbuilding) सहयोग में शामिल है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) के क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और भारत एवं यूरोप के बीच व्यापार की गतिशीलता को पुनर्गठित करने में महत्व का विश्लेषण कीजिए।
भू-राजनीतिक तालमेल: निरंतर व्यापार कॉरिडोर बनाने के लिए थ्री सीज़ इनिशिएटिव को IMEC के साथ जोड़ना
मैरिटाइम सिनर्जी: भारत के मैरिटाइम इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए क्रोएशिया की शिपबिल्डिंग और ब्लू इकोनॉमी विशेषज्ञता का लाभ उठाना
डिजिटल-डिफेंस नेक्सस: द्विपक्षीय व्यापार में तकनीकी इनोवेशन और सुरक्षा सहयोग के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: द्विपक्षीय सहयोग · ब्लू इकोनॉमी · क्षेत्रीय कनेक्टिविटी · समुद्री परिवहन · डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन
चर्चा में क्यों: राष्ट्रपति मैक्रॉन की दिल्ली यात्रा के दौरान भारत और फ्रांस ने अपने रक्षा संबंधों को 'स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' (Special Global Strategic Partnership) के स्तर तक बढ़ा दिया और 10 साल के रक्षा सहयोग समझौते को नवीनीकृत किया।
इस समझौते में महत्वपूर्ण स्थानीय सामग्री (local content) के उत्पादन के साथ 114 से अधिक राफेल (Rafale) लड़ाकू विमानों की खरीद शामिल है। इसमें उन्नत हथियारों का विकास और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को बढ़ावा देने के लिए एयरोस्पेस विनिर्माण में संयुक्त उद्यम (joint ventures) भी शामिल हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यभारत और फ्रांस ने 10 साल के रक्षा सहयोग समझौते (defense cooperation agreement) को नवीनीकृत किया है।
तथ्यइस डील में 114 से अधिक Rafale फाइटर जेट्स का अधिग्रहण शामिल है।
विज्ञान-तकनीकइस साझेदारी में एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग और एडवांस्ड म्यूनिशन (Advanced Munitions) डेवलपमेंट में जॉइंट वेंचर्स शामिल हैं।
पदफ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की दिल्ली यात्रा के दौरान इस साझेदारी को और मजबूती दी गई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत और फ्रांस के रक्षा संबंधों में रक्षा खरीद के लेन-देन वाले मॉडल से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और स्थानीय विनिर्माण की ओर बढ़ते बदलाव ने भारत की रणनीतिक स्वायत्तता में किस प्रकार योगदान दिया है, इसका विश्लेषण कीजिए।
इंडस्ट्रियल शिफ्ट: 'बायर-सेलर' मॉडल से स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की ओर बदलाव
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: लोकल कंटेंट प्रोडक्शन और जॉइंट एयरोस्पेस वेंचर्स के जरिए आयात पर निर्भरता कम करना
भू-राजनीतिक तालमेल: क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक शांति सुनिश्चित करने के लिए द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · तकनीकी हस्तांतरण · रक्षा सहयोग · लोकल कंटेंट प्रोडक्शन · एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग
चर्चा में क्यों: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विजाग तट पर आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) की अध्यक्षता की, जिसमें उन्होंने समुद्री सुरक्षा और वैश्विक प्रतिरोध (deterrence) में भारतीय नौसेना की भूमिका पर जोर दिया।
इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) विजाग के तट पर आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य केंद्र समुद्री हितों की रक्षा करने, स्थिरता को बढ़ावा देने और वैश्विक नौसेनाओं के साथ सद्भावना विकसित करने में भारतीय नौसेना की भूमिका पर केंद्रित था।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानविशाखापट्टनम (Vizag) के तट पर इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) आयोजित किया जाता है।
पदराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने IFR इवेंट की अध्यक्षता की।
तथ्यभारतीय नौसेना की भूमिका में समुद्री वाणिज्य (maritime commerce) की सुरक्षा करना और खतरों के खिलाफ निवारण (deterrence) प्रदान करना शामिल है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने और हिंद महासागर क्षेत्र में क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने में भारतीय नौसेना की भूमिका के महत्व पर चर्चा कीजिए।
स्ट्रेटेजिक डिटेरेंस: समुद्री व्यापार की सुरक्षा और गैर-पारंपरिक सुरक्षा खतरों के खिलाफ बचाव के बीच संतुलन
डिप्लोमैटिक लेवरेज: ग्लोबल नेवियों के साथ गुडविल और मैरीटाइम पार्टनरशिप बनाने के लिए नेवल डिप्लोमेसी का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: समुद्री सुरक्षा · रणनीतिक प्रतिरोध · नौसेना कूटनीति · क्षेत्रीय स्थिरता · समुद्री वाणिज्य
चर्चा में क्यों: केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने घोषणा की कि भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन (non-fossil fuel) क्षमता 272 GW को पार कर गई है। साथ ही, उन्होंने ऑफशोर विंड (offshore wind) विकास के लिए ग्रिड स्थिरता और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के उद्देश्य से 'इंडिया-U.के. ऑफशोर विंड टास्कफोर्स' (India-U.K. Offshore Wind Taskforce) की शुरुआत की।
भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन (non-fossil fuel) क्षमता 272 GW तक पहुंच गई है, जिसमें 141 GW सौर ऊर्जा और 55 GW पवन ऊर्जा शामिल है। भारत-यू.के. ऑफशोर विंड टास्कफोर्स (India-U.K. Offshore Wind Taskforce) की शुरुआत यू.के. के उप-प्रधानमंत्री डेविड लैमी और ब्रिटिश हाई कमिश्नर लिंडी कैमरून की भागीदारी के साथ की गई।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
तथ्यभारत की नॉन-फॉसिल फ्यूल कैपेसिटी: 272 GW (फरवरी 2026 तक)।
तथ्यसोलर एनर्जी कंपोनेंट: 141 GW।
तथ्यविंड एनर्जी कंपोनेंट: 55 GW।
तथ्यगैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता (non-fossil fuel capacity) के लिए भारत का लक्ष्य: 2030 तक 500 GW।
संस्थाइंडिया-U.के. ऑफशोर विंड टास्कफोर्स (Offshore Wind Taskforce): यह इकोसिस्टम प्लानिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, फाइनेंसिंग और रिस्क मिटिगेशन (risk mitigation) पर ध्यान केंद्रित करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता के भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी और तकनीकी सहयोग के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
ग्रिड स्टेबिलिटी: एडवांस इंफ्रास्ट्रक्चर और इकोसिस्टम प्लानिंग के जरिए ऑफशोर विंड की इंटरमिटेंसी को दूर करना
फाइनेंसिंग गैप: ऑफशोर विंड प्रोजेक्ट्स में हाई कैपिटल रिस्क को कम करने के लिए द्विपक्षीय सहयोग का लाभ उठाना
टेक्नोलॉजी ट्रांसफर: भारत की रिन्यूएबल एनर्जी विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए ऑफशोर विंड में यूके की विशेषज्ञता का उपयोग
मुख्य शब्द: नवीकरणीय ऊर्जा · ऑफशोर विंड · ऊर्जा सुरक्षा · द्विपक्षीय सहयोग · ग्रिड स्टेबिलिटी · डिकार्बोनाइजेशन
चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री मोदी ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए बांग्लादेश के नवनियुक्त प्रधानमंत्री तारिक रहमान को भारत आने के लिए आमंत्रित किया।
प्रधानमंत्री मोदी और भारतीय संसद के अध्यक्ष बिड़ला ने तारिक रहमान को उनकी जीत पर बधाई दी। भारत सरकार ने बांग्लादेश के लोकतांत्रिक विकास में समर्थन देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदतारीक रहमान: बांग्लादेश के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री।
पदबिरला: भारतीय संसद के स्पीकर।
तथ्यभारत ने बांग्लादेश के लोकतांत्रिक विकास के लिए समर्थन का संकल्प दिया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बांग्लादेश में लोकतांत्रिक स्थिरता और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने में भारत की 'पड़ोस पहले' (Neighborhood First) नीति के महत्व पर चर्चा कीजिए।
डिप्लोमैटिक लेवरेज: द्विपक्षीय व्यापार हितों और क्षेत्रीय लोकतांत्रिक स्थिरता के बीच संतुलन
सुरक्षा-विकास नेक्सस: बंगाल की खाड़ी समुद्री कॉरिडोर को स्थिर करने में भारत की भूमिका
मुख्य शब्द: द्विपक्षीय संबंध · पड़ोस पहले · लोकतांत्रिक विकास · डिप्लोमैटिक एंगेजमेंट
चर्चा में क्यों: फिलिस्तीनी राजदूत रियाद मंसूर के नेतृत्व में UN के 80 से अधिक सदस्य देशों ने वेस्ट बैंक के बड़े हिस्सों को इजराइली 'स्टेट प्रॉपर्टी' (राज्य की संपत्ति) घोषित करने की इजरायल की योजना की निंदा की है।
संयुक्त राष्ट्र के 85 सदस्य देशों और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के एक गठबंधन ने भूमि पंजीकरण योजना की निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी है कि इस कदम से फिलिस्तीनियों से उनकी जमीनें छीनी जा सकती हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाICJ: 2024 में फैसला सुनाया कि वेस्ट बैंक पर इजराइल का कब्जा गैरकानूनी है।
पदएंटोनियो गुटेरेस: वर्तमान UN Secretary-General।
तथ्य85 UN सदस्य देशों ने इस डी फैक्टो (de facto) कब्जे की निंदा करने के लिए गठबंधन में शामिल हुए।
मेन्स के लिए
प्रश्न: क्षेत्रों के 'डी फैक्टो' (de facto) विलय के अंतर्राष्ट्रीय विधि पर पड़ने वाले प्रभावों और क्षेत्रीय अखंडता के सिद्धांत को बनाए रखने में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
कानूनी विवाद: एकतरफा भूमि पंजीकरण और अवैध कब्जे पर 2024 के ICJ फैसले के बीच टकराव
मानवीय जोखिम: प्रशासनिक भूमि पुनर्वर्गीकरण के ज़रिए स्वदेशी आबादी से व्यवस्थित रूप से ज़मीन छिनने की संभावना
मुख्य शब्द: डी फैक्टो विलय · क्षेत्रीय अखंडता · अंतरराष्ट्रीय कानून · बेदखली · संप्रभुता
चर्चा में क्यों: भारत ने यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ ऐतिहासिक व्यापारिक समझौते किए हैं। यह कदम व्यापार नीति में बदलाव का संकेत देता है और साथ ही उच्च लेनदेन लागत (transaction costs) को कम करने के लिए संरचनात्मक सुधारों की आवश्यकता पर भी जोर देता है।
भारत ने EU और US के साथ व्यापार समझौते अंतिम रूप दे दिए हैं। विशेषज्ञों ने सुधार के लिए तीन प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की है: मूल के नियमों (Rules of Origin) को सरल बनाना, दस्तावेज़ीकरण की लागत को कम करना और निर्यात वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार करना।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यभारत ने European Union और United States के साथ ट्रेड डील्स (trade deals) संपन्न कीं।
तथ्यप्रमुख संरचनात्मक सुधारों (structural reforms) में रूल्स ऑफ ओरिजिन (rules of origin) को सरल बनाना और डॉक्यूमेंटेशन लागत को कम करना शामिल है।
तथ्यट्रेड डील के फायदों का लाभ उठाने के लिए लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर (Logistics infrastructure) में सुधार को एक आवश्यकता बताया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अमेरिका और यूरोपीय संघ जैसी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौतों से अधिकतम लाभ प्राप्त करने में भारत के समक्ष आने वाली संरचनात्मक और लॉजिस्टिक बाधाओं का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
रेगुलेटरी फ्रिक्शन: ओरिजिन के नियमों में जटिलता और भारी डॉक्यूमेंटेशन लागत से एक्सपोर्ट कॉम्पिटिटिवनेस प्रभावित
लॉजिस्टिक्स बॉटलनेक: इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियां अंतरराष्ट्रीय ट्रेड कॉरिडोर की लागत-प्रभावशीलता को प्रभावित कर रही हैं
मुख्य शब्द: व्यापार उदारीकरण · ओरिजिन के नियम · लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर · संरचनात्मक सुधार · निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता
चर्चा में क्यों: BioAsia 2026 कॉन्फ्रेंस के दौरान, क्वींसलैंड (ऑस्ट्रेलिया) ने क्लिनिकल रिसर्च और हेल्थकेयर इनोवेशन में सहयोग बढ़ाने के लिए भारतीय बायोटेक और लाइफ साइंसेज कंपनियों के लिए खुद को एक रणनीतिक पार्टनर के रूप में पेश किया।
यह सहयोग ऑस्ट्रेलिया-भारत आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (ECTA) के अनुरूप है। इसमें शामिल प्रमुख संस्थाओं में न्यूक्लियस नेटवर्क (Nucleus Network), क्लुओ क्लिनिकल (Clueo Clinicals) और जेम्स कुक यूनिवर्सिटी ऑस्ट्रेलियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल हेल्थ एंड मेडिसिन (James Cook University Australian Institute of Tropical Health and Medicine) शामिल हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाजेम्स कुक यूनिवर्सिटी ऑस्ट्रेलियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल हेल्थ एंड मेडिसिन (James Cook University Australian Institute of Tropical Health and Medicine) उष्णकटिबंधीय स्वास्थ्य अनुसंधान (tropical health research) के लिए एक प्रमुख ऑस्ट्रेलियाई संस्था है।
तथ्यBioAsia 2026 वह फोरम है जहाँ Queensland और भारतीय बायोटेक संस्थाओं ने क्लिनिकल रिसर्च और ट्रांसलेशनल साइंस (translational science) पर चर्चा की।
अंतर्राष्ट्रीय संगठनऑस्ट्रेलिया-इंडिया इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड ट्रेड एग्रीमेंट (ECTA) इस बायोटेक सहयोग के लिए फ्रेमवर्क के रूप में कार्य करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए जैव प्रौद्योगिकी और जीवन विज्ञान क्षेत्रों में 'टेक्नोलॉजिकल लीपफ्रॉगिंग' (तकनीकी छलांग) को सुगम बनाने में ईसीटीए (ECTA) जैसे द्विपक्षीय व्यापार समझौतों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
R&D सिनर्जी: ट्रॉपिकल बीमारियों से निपटने के लिए ट्रांसलेशनल साइंस में संयुक्त निवेश
रेगुलेटरी अलाइनमेंट: भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई संस्थानों के बीच क्लिनिकल रिसर्च मानकों में तालमेल
सप्लाई चेन इंटीग्रेशन: ग्लोबल बायोटेक मैन्युफैक्चरिंग वैल्यू चेन में भारत की स्थिति को मजबूत करना
मुख्य शब्द: आर्थिक सहयोग · ट्रानसेशनल साइंस · क्लिनिकल रिसर्च · बायोटेक्नोलॉजी सहयोग · रणनीतिक साझेदारी
चर्चा में क्यों: चार चागोस द्वीपवासियों ने ब्रिटिश इंडियन ओशन टेरिटरी (British Indian Ocean Territory) की संप्रभुता को मॉरीशस को सौंपने की ब्रिटिश योजना का विरोध करने और उसे जटिल बनाने के लिए इल डू कॉइन एटोल (Île du Coin atoll) पर एक अस्थायी बस्ती स्थापित की।
मॉरीशस के अटॉर्नी जनरल, गेविन ग्लोवर ने इस समझौते को प्रचार का एक जरिया बताते हुए खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि मॉरीशस 2025 के समझौते की पुष्टि (ratification) होने तक अधिकार का प्रयोग नहीं करेगा। नस्लीय भेदभाव उन्मूलन पर संयुक्त राष्ट्र (UN) की समिति ने ऐतिहासिक अधिकारों के उल्लंघन को देखते हुए दोनों देशों से इस समझौते पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानÎle du Coin एटोल: चागोस आइलैंड्स (Chagos Islands) में अस्थायी बस्ती का स्थान।
संस्थाUN कमेटी ऑन द एलिमिनेशन ऑफ रेसियल डिस्क्रिमिनेशन (Committee on the Elimination of Racial Discrimination): यह बॉडी संप्रभुता हस्तांतरण (sovereignty transfer) पर पुनर्विचार करने का आग्रह कर रही है।
तथ्यब्रिटिश इंडियन ओशन टेरिटरी (British Indian Ocean Territory): यह क्षेत्र वर्तमान में ब्रिटिश संप्रभुता (sovereignty) के अधीन है और इसे मॉरीशस को ट्रांसफर करने की योजना है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: चागोस द्वीप समूह के संप्रभुता हस्तांतरण के वि-उपनिवेशीकरण के सिद्धांतों और हिंद महासागर क्षेत्र की स्वदेशी आबादी के अधिकारों पर पड़ने वाले निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
डिकलोनाइजेशन एथिक्स: राज्य-स्तरीय संप्रभुता हस्तांतरण और स्थानीय निवासियों के अधिकारों के बीच संघर्ष
अंतरराष्ट्रीय कानून: समुद्री क्षेत्रों में ऐतिहासिक अधिकारों के उल्लंघन को जारी रखने पर UN की जांच
भू-राजनीतिक तनाव: संप्रभुता में बदलाव का समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय समुद्री सीमाओं पर प्रभाव
मुख्य शब्द: संप्रभुता हस्तांतरण · उपनिवेशवाद से मुक्ति · स्वदेशी अधिकार · समुद्री क्षेत्र · ऐतिहासिक अधिकारों का उल्लंघन
चर्चा में क्यों: भारत और फ्रांस ने अपने रक्षा सहयोग समझौते (Defence Cooperation Agreement) को 10 साल के लिए नवीनीकृत किया है। इस समझौते में राफेल जेट्स के लिए स्वदेशी सामग्री (Indigenous Content) और अधिकारियों की पारस्परिक तैनाती पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
यह समझौता राफेल फाइटर जेट्स में स्वदेशी सामग्री (indigenous content) को बढ़ाने और भारत में रखरखाव सुविधाओं के विस्तार पर केंद्रित है। इसमें भारतीय सेना और फ्रांसीसी लैंड फोर्सेज (French Land Forces) प्रतिष्ठानों में 'रेसिप्रोकल डिप्लॉयमेंट ऑफिसर्स' (Reciprocal Deployment Officers) की घोषणा शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यभारत और फ्रांस के बीच नया रक्षा सहयोग समझौता (defence cooperation agreement) 10 साल की अवधि के लिए है।
विज्ञान-तकनीकयह समझौता Rafale फाइटर जेट में स्वदेशी कंटेंट (indigenous content) को बढ़ाने पर जोर देता है।
पदReciprocal Deployment Officers को भारतीय सेना और फ्रेंच लैंड फोर्सेज (French Land Forces) प्रतिष्ठानों में तैनात किया जाएगा।
मेन्स के लिए
प्रश्न: एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण क्षेत्रों में भारत की 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के लिए भारत-फ्रांस रक्षा साझेदारी किस प्रकार एक आधार स्तंभ के रूप में कार्य करती है, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
टेक्नोलॉजी ट्रांसफर: स्वदेशी कंटेंट की शर्तों और फ्रांसीसी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी सुरक्षा के बीच संतुलन
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: घरेलू सुविधाओं के विस्तार से थर्ड-पार्टी मेंटेनेंस पर निर्भरता कम करना
इंटरऑपरेबिलिटी: सैन्य अधिकारियों की आपसी तैनाती के जरिए संयुक्त तैयारी को बेहतर बनाना
मुख्य शब्द: रणनीतिक साझेदारी · स्वदेशीकरण · डिफेंस डिप्लोमेसी · को-प्रोडक्शन · आत्मनिर्भर भारत
चर्चा में क्यों: ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका (United States) ने जिनेवा में परमाणु वार्ता के दूसरे दौर के दौरान 'मार्गदर्शक सिद्धांतों' (guiding principles) पर एक समझ विकसित की है, हालांकि तेहरान ने चेतावनी दी है कि यह कोई अंतिम समझौता नहीं है।
ये वार्ता जेनेवा में अमेरिकी दूत स्टीव विटकोफ और जेरेड कुशनर की उपस्थिति में ईरानी अधिकारियों के साथ हुई। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराकी ने कहा कि हालांकि एक रास्ता शुरू हो गया है, लेकिन अंतिम समझौते तक पहुँचने से पहले अभी भी काफी काम बाकी है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानजिनेवा: ईरान-US परमाणु वार्ता के दूसरे दौर का स्थान।
पदअब्बास अराकी: ईरान के फॉरेन मिनिस्टर (Foreign Minister)।
तथ्यस्टीव विटकोफ और जारेड कुशनर: परमाणु वार्ता में भाग लेने वाले US एन्वॉय (envoys)।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ईरान-अमेरिका परमाणु वार्ता के क्षेत्रीय स्थिरता (खाड़ी क्षेत्र) और व्यापक वैश्विक अप्रसार शासन पर भू-राजनीतिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
भू-राजनीतिक तनाव: ईरान के क्षेत्रीय प्रभाव और सुरक्षा चिंताओं के बीच अमेरिका के परमाणु अप्रसार लक्ष्यों को संतुलित करना
डिप्लोमैटिक गतिरोध: 'मार्गदर्शक सिद्धांत' स्थापित करने और एक सत्यापन योग्य, बाध्यकारी परमाणु संधि हासिल करने के बीच का अंतर
मुख्य शब्द: गैर-प्रसार · भू-राजनीति · बहुपक्षीय डिप्लोमेसी · क्षेत्रीय स्थिरता · परमाणु वर्चस्व
चर्चा में क्यों: आर्मेनिया ने पर्यटन और व्यापार यात्रा को बढ़ावा देने के लिए भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए एक अस्थायी वीजा-मुक्त व्यवस्था (visa-free regime) शुरू की है। यह सुविधा उन भारतीयों के लिए उपलब्ध है जिनके पास US, EU/Schengen और GCC देशों के वैध निवास परमिट (residence permits) हैं।
यह नीति 1 जनवरी से 1 जुलाई, 2026 तक प्रभावी रहेगी। पात्र यात्री बिना वीजा आवेदन के 12 महीने की अवधि के भीतर आर्मेनिया में अधिकतम छह महीने तक रुक सकते हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यवीजा-मुक्त प्रवास की अवधि: 12 महीने की अवधि के भीतर अधिकतम छह महीने तक।
स्थानरेजिडेंस परमिट के लिए योग्य क्षेत्र: U.S., EU/शेंगेन (Schengen), और GCC देश।
तथ्यपॉलिसी की अवधि: 1 जनवरी से 1 जुलाई, 2026।
मेन्स के लिए
प्रश्न: उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए वीजा व्यवस्था में ढील और 'डिजिटल नोमैड' (डिजिटल खानाबदोश) पर्यटन को बढ़ावा देना किस प्रकार सॉफ्ट पावर और आर्थिक कूटनीति के उपकरणों के रूप में कार्य कर सकता है, चर्चा कीजिए।
इकोनॉमिक डिप्लोमेसी: व्यापार और निवेश के प्रवाह को विविधता देने के लिए टूरिज्म का इस्तेमाल
सॉफ्ट पावर: आसान आवाजाही और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के जरिए द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देना
डिजिटल नोमैडिज्म: वैश्विक लेबर मोबिलिटी में बदलाव और स्थानीय इकोनॉमी पर इसका असर
मुख्य शब्द: सॉफ्ट पावर · आर्थिक डिप्लोमेसी · वीज़ा लिबरलाइजेशन · डिजिटल नोमैड्स · द्विपक्षीय संबंध