यूपीएससी सिविल सेवा GS2 (राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध) के अंतर्राष्ट्रीय संबंध भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 3,279 नोट्स, रोज़ अपडेट।
पाठ्यक्रम के विषय: भारत के द्विपक्षीय संबंध (2703) · दूसरे देशों की नीतियों का भारत पर असर (205) · भारत एवं पड़ोसी देश (171) · क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह (QUAD, BRICS, SCO, G20...) (109) · अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं एवं एजेंसियां (UN, WTO, IMF...) (86) · प्रवासी भारतीय (5)
चर्चा में क्यों: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पिकएक्स माउंटेन परमाणु स्थल पर भारी हमले की चेतावनी दिए जाने के उपरांत, अमेरिका द्वारा ईरान पर लगातार सैन्य हमले किए गए।
22 जुलाई, 2026 तक, संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा ईरान में लगातार 11 रातों तक बमबारी की गई है। अमेरिकी रक्षा सचिव ने सूचित किया है कि जुलाई 2026 तक संचयी युद्ध लागत $37.5 बिलियन तक पहुँच गई है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यजुलाई 2026 तक US Defense Secretary द्वारा रिपोर्ट की गई संचयी युद्ध लागत: $37.5 billion।
स्थानपिकएक्स माउंटेन (Pickaxe Mountain): इसे US द्वारा एक संदिग्ध ईरानी परमाणु स्थल के रूप में पहचाना गया है।
तथ्यलगातार US बमबारी अभियानों की अवधि: 22 जुलाई, 2026 तक 11 रातें।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य संघर्ष के वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
एनर्जी मार्केट में अस्थिरता: होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा जोखिमों के कारण तेल की कीमतों में उछाल की संभावना
न्यूक्लियर नॉन-प्रोलिफरेशन: सक्रिय किनेटिक वॉरफेयर के बीच IAEA सेफ़गार्ड्स लागू करने में चुनौतियां
क्षेत्रीय तनाव: गैर-राज्य तत्वों और पड़ोसी राज्यों की भागीदारी से प्रॉक्सी वॉर बढ़ने का खतरा
मुख्य शब्द: भू-राजनीतिक अस्थिरता · परमाणु अप्रसार · ऊर्जा सुरक्षा · काइनेटिक वॉरफेयर · क्षेत्रीय वर्चस्व
चर्चा में क्यों: केरल तट पर एक जलते हुए कार्गो जहाज से 12 चीनी चालक दल के सदस्यों को बचाने के लिए चीनी रियर एडमिरल यू जियान ने सार्वजनिक रूप से भारत को धन्यवाद दिया, जो समुद्री सहयोग की दिशा में एक कदम का संकेत है।
यह बचाव अभियान वर्ष 2023 में केरल के तट पर संपन्न हुआ था। रियर एडमिरल यू जियान ने चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की 99वीं वर्षगांठ के अवसर पर यह वक्तव्य दिया था। इस घटना में एक कार्गो जहाज शामिल था, जिसमें आग लग गई थी और वह विस्फोटित हो गया था।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यभारत ने 2023 में केरल के तट पर एक जलते हुए कार्गो जहाज से 12 चीनी चालक दल के सदस्यों को बचाया।
पदरियर एडमिरल यू जियान, Chinese People's Liberation Army के एक उच्च पदस्थ अधिकारी हैं।
संस्थाभारत और चीन दोनों UN शांति स्थापना अभियानों में महत्वपूर्ण योगदानकर्ता हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बदलते भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों के संदर्भ में समुद्री सहयोग और 'तनाव कम करने' (de-escalation) के विमर्श के महत्व पर चर्चा कीजिए।
समुद्री सुरक्षा का विरोधाभास: हिंद महासागर में मानवीय सहयोग और दक्षिण चीन सागर में बढ़ते क्षेत्रीय विवादों के बीच संतुलन
रणनीतिक संवाद: सीमा तनावों को मैनेज करने और आकस्मिक एस्केलेशन को रोकने में मिलिट्री-टू-मिलिट्री एंगेजमेंट की भूमिका
भू-राजनीतिक संतुलन: चीनी विस्तार के बीच इंडियन ओशन रीजन में 'नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर' के रूप में भारत की भूमिका
मुख्य शब्द: समुद्री सहयोग · तनाव कम करना · नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर · रणनीतिक स्वायत्तता · मानवीय सहायता
चर्चा में क्यों: ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के मध्य होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य संघर्ष और समुद्री हमलों की तीव्रता बढ़ रही है, जिसके परिणामस्वरूप एक अंतरिम शांति समझौते का पतन हो गया है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य एक महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट है, जिससे वैश्विक कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के व्यापार का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है। इस संघर्ष के परिणामस्वरूप टैंकरों को छोड़ दिया गया है और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया है, जिसके बीच अमेरिका द्वारा लगातार दस रातों तक हवाई हमले किए गए हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): एक रणनीतिक जलमार्ग जो फारस की खाड़ी (Persian Gulf) को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।
तथ्यहॉर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के व्यापारित कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के लगभग एक-पांचवें (20%) हिस्से के मार्ग को सुगम बनाता है।
संस्थापाकिस्तान वर्तमान में ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच राजनयिक वार्ता में एक प्रमुख मध्यस्थ के रूप में कार्य कर रहा है।
तथ्यअमेरिकी सेना ने रिपोर्ट दी है कि जुलाई की शुरुआत से चल रहे संघर्ष में अब तक 17 अमेरिकी सेवा सदस्यों की मृत्यु हुई है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: हॉर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री असुरक्षा के वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मार्गों पर पड़ने वाले भू-राजनीतिक और आर्थिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों ने जॉर्डन में मुवफ्फक साल्टी एयर बेस पर हमला किया, जिसमें तीन अमेरिकी सेवा सदस्यों की मृत्यु हो गई और क्षेत्रीय तनाव में वृद्धि स्पष्ट रूप से सामने आई।
इरानी बैलिस्टिक मिसाइलों ने जॉर्डन स्थित मुवफ्फक साल्टी एयर बेस पर निर्मित आवास इकाइयों को निशाना बनाया। इन हमलों के परिणामस्वरूप प्रथम लेफ्टिनेंट टायलर जे. फीहन, प्राइवेट इसाबेला गोंजालेज और सार्जेंट माइकल इमानुएल स्विंटन की मृत्यु हो गई।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानमुवफ़्फ़क साल्टी एयर बेस: जॉर्डन में स्थित एक सैन्य प्रतिष्ठान।
तथ्यघटना के सप्ताह के दौरान मिसाइल हमलों में तीन अमेरिकी सेवा सदस्यों की मृत्यु हो गई।
विज्ञान-तकनीकबैलिस्टिक मिसाइलें: वे प्रक्षेप्य (Projectiles) जो उप-कक्षीय वक्र प्रक्षेपपथ (suborbital curved trajectory) का अनुसरण करते हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मध्य पूर्व में बढ़ते ईरान-अमेरिका तनाव के मध्य पूर्व की क्षेत्रीय स्थिरता और पड़ोसी संप्रभु राज्यों की सुरक्षा पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: पाकिस्तान से निरंतर जारी सीमा पार आतंकवाद के कारण भारत सिंधु जल संधि (IWT) पर पुन: बातचीत करने और चेनाब नदी पर जलविद्युत परियोजनाओं में तेजी लाने का प्रयास कर रहा है।
सिंधु जल संधि (IWT) सिंधु, चेनाब और झेलम जैसी तीन बारहमासी नदियों के जल-साझाकरण को विनियमित करती है। भारत वर्तमान में चेनाब नदी पर जलविद्युत विकास को बढ़ावा दे रहा है और साथ ही संधि के ढांचे की औपचारिक समीक्षा की मांग कर रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
अंतर्राष्ट्रीय संगठनसिंधु जल संधि (IWT): भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में विश्व बैंक (World Bank) की मध्यस्थता से हस्ताक्षरित।
तथ्यचेनाब नदी: IWT के तहत साझा की जाने वाली तीन बारहमासी नदियों में से एक, जिसका मुख्य रूप से जलविद्युत और सिंचाई के लिए उपयोग किया जाता है।
विज्ञान-तकनीकQdenga: भारत का पहला डेंगू वैक्सीन, जिसे Takeda Biopharmaceuticals India द्वारा उपयोग के लिए अनुमोदित किया गया है।
पदराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु: UNSC सुधारों और आतंकवाद विरोधी उपायों पर चर्चाकरने के लिए 2026 में मोल्दोवा (Moldova) की यात्रा की।
मेन्स के लिए
प्रश्न: क्षेत्रीय जल सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी उद्देश्यों के बीच संतुलन बनाए रखते हुए, सिंधु जल संधि के पुन: बातचीत के दौरान भारत के समक्ष आने वाली चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
सिक्योरिटी-वॉटर नेक्सस: जल अधिकारों को सीमा पार आतंकवाद और क्षेत्र में गैर-राज्य अभिनेताओं की गतिविधियों से जोड़ना
हाइड्रोपावर डिप्लोमेसी: घरेलू ऊर्जा मांगों और निचले इलाकों के पर्यावरणीय और जल-साझाकरण दायित्वों के बीच संतुलन
संस्थागत घर्षण: संधि विवादों और तकनीकी शिकायतों को सुलझाने में वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थ की भूमिका
मुख्य शब्द: वॉटर डिप्लोमेसी · जल-राजनीति · सीमा पार आतंकवाद · रणनीतिक स्वायत्तता · संसाधन सुरक्षा
चर्चा में क्यों: सऊदी अरब ने सऊदी जलक्षेत्र में हौथी विद्रोहियों द्वारा लगाए गए नौसैनिक घेराव की निंदा की है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों के लिए खतरा उत्पन्न करता है।
हौथी विद्रोहियों ने यमन पर सऊदी अरब द्वारा लगाए गए कथित घेरे के प्रतिशोध में समुद्री व्यापार पर प्रतिबंध लागू किया। बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य एक महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट है, जिससे विश्व के कुल तेल आपूर्ति का लगभग 25% हिस्सा होकर गुजरता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानबाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य: एक रणनीतिक समुद्री चोकपॉइंट जो लाल सागर को अदन की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।
तथ्यबाब अल-मन्देब जलडमरूमध्य विश्व के तेल आपूर्ति का लगभग 25% मार्ग सुगम बनाता है।
पदHouthi: यमन का एक विद्रोही समूह जिसने तटीय क्षेत्रों सहित देश के कई हिस्सों पर महत्वपूर्ण नियंत्रण प्राप्त कर लिया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: लाल सागर और बाब-अल-मंडब जलडमरूमध्य में समुद्री नाकाबंदी के वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार मार्गों पर पड़ने वाले भू-राजनीतिक और आर्थिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: संयुक्त राज्य अमेरिका सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और वीज़ा के दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से F-1 और J-1 छात्रों के लिए 'ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस' (D-S) प्रणाली को हटाकर निश्चित चार वर्षीय वीज़ा अवधि लागू कर रहा है।
नया नियामक ढांचा 15 सितंबर से F-1 (शैक्षणिक) और J-1 (विनिमय) वीजा धारकों पर लागू होगा। भारतीय छात्र अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय छात्र समुदाय का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जिसमें वर्तमान में 360,000 से अधिक छात्र नामांकित हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यवर्तमान रिपोर्टिंग अवधि तक, संयुक्त राज्य अमेरिका में 360,000 से अधिक भारतीय छात्र हैं।
विज्ञान-तकनीकF-1 visa: अमेरिका में अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए मानक वीजा श्रेणी।
विज्ञान-तकनीकJ-1 visa: अमेरिका में विनिमय आगंतुकों (exchange visitors) और विद्वानों के लिए वीजा श्रेणी।
तथ्यनए वीज़ा ओवरहाल के तहत पिछले 'Duration of Status' (D-S) मॉडल के बजाय एक निश्चित चार साल की अवधि अनिवार्य की गई है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अंतरराष्ट्रीय छात्र वीजा नीतियों में परिवर्तन भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय शैक्षिक संबंधों और मानव पूंजी की गतिशीलता को किस प्रकार प्रभावित कर सकते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
मुख्य शब्द: मानव पूंजी · द्विपक्षीय संबंध · वीज़ा पॉलिसी · शैक्षिक गतिशीलता · सुरक्षा प्रोटोकॉल
चर्चा में क्यों: अमेरिकी विदेश विभाग ने अगस्त 2026 का वीज़ा बुलेटिन जारी किया है, जिसमें भारत के लिए F2A वीज़ा के लंबित मामलों (backlogs) के समाप्त होने को दर्शाया गया है, जबकि EB-1 और EB-5 श्रेणियों के लिए निरंतर अनुपलब्धता पर प्रकाश डाला गया है।
अमेरिकी विदेश विभाग के अगस्त 2026 के वीज़ा बुलेटिन के अनुसार, भारत के लिए F2A श्रेणी की अंतिम कार्रवाई तिथि जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। इसके विपरीत, भारतीय आवेदकों के लिए EB-1 और EB-5 श्रेणियाँ वर्तमान में अनुपलब्ध हैं, जबकि EB-2 श्रेणी में संभावित प्रतिगमन (retrogression) के संकेत दिखाई दे रहे हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
तथ्यभारत के लिए F2A श्रेणी की अंतिम कार्रवाई तिथि: जुलाई 2026।
तथ्यEB-1 अंतिम कार्रवाई तिथि (final action date): 12 अक्टूबर, 2022।
तथ्यEB-3 अंतिम कार्रवाई तिथि (final action date): 1 जनवरी, 2014।
तथ्यEB-4 अंतिम कार्रवाई की तिथि: 15 अक्टूबर, 2022।
संस्थाUS State Department: वीजा बुलेटिन जारी करने और आप्रवासन नीति (immigration policy) के प्रबंधन के लिए उत्तरदायी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वीजा प्रतिगमन (visa retrogression) और श्रेणी-विशिष्ट बैकलॉग किस प्रकार कुशल पेशेवरों की गतिशीलता और भारत एवं संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच सामाजिक-आर्थिक संबंधों को प्रभावित करते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
डिप्लोमैटिक घर्षण: वीज़ा प्रोसेसिंग की गति में अंतर टेक्नोलॉजी और रिसर्च सेक्टर में द्विपक्षीय सहयोग को प्रभावित कर सकता है
पॉलिसी ट्रेड-ऑफ: अमेरिका में घरेलू लेबर मार्केट सुरक्षा और भारत से कुशल इमिग्रेशन की ज़रूरत के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: वीज़ा रेट्रोग्रेशन · ह्यूमन कैपिटल मोबिलिटी · द्विपक्षीय संबंध · कुशल माइग्रेशन · वीज़ा बुलेटिन
चर्चा में क्यों: संयुक्त राष्ट्र ने एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें संकेत दिया गया है कि 2025 में वैश्विक भुखमरी में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, जिससे अब 645 मिलियन लोग प्रभावित हैं। इस रिपोर्ट में अफ्रीका को सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र के रूप में रेखांकित किया गया है।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक भुखमरी की स्थिति 2024 में 659 मिलियन से घटकर 2025 में 645 मिलियन हो गई है। वैश्विक जनसंख्या का लगभग 32.7 प्रतिशत हिस्सा अभी भी स्वस्थ आहार प्राप्त करने में असमर्थ है, जिसमें गाजा को विनाशकारी भुखमरी वाले क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यवैश्विक भूख का आंकड़ा: 2025 में 645 मिलियन लोग।
तथ्यस्वस्थ आहार वहन करने में असमर्थ वैश्विक जनसंख्या का प्रतिशत: 32.7 percent।
संस्थाभूख की निगरानी रिपोर्ट (hunger monitoring report) के लिए संयुक्त राष्ट्र (UN) जिम्मेदार निकाय है।
स्थानअफ्रीका: वह क्षेत्र जहाँ दुनिया की लगभग आधी भुखमरी झेलने वाली आबादी निवास करती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भूख को कम करने के वैश्विक प्रयासों के बावजूद, अफ्रीका और संघर्ष क्षेत्रों में निरंतर बनी रहने वाली खाद्य असुरक्षा में योगदान देने वाले संरचनात्मक और भू-राजनीतिक कारकों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: यू.के. और भारत व्यापारिक बाधाओं को कम करने और दोनों देशों के बीच निवेश प्रवाह को बढ़ानेके उद्देश्य से एक व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (CETA) कर रहे हैं।
CETA का उद्देश्य भारतीय अर्थव्यवस्था में विस्तार करने के लिए ब्रिटिश कंपनियों को अधिक विश्वास प्रदान करना है, साथ ही भारतीय फर्मों के लिए बाजार तक सुगम पहुंच की सुविधा प्रदान करना है। इसका एक प्रमुख घटक परियोजना-आधारित निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए 'U.K.-India Infrastructure Financing Bridge' को शामिल करता है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
अंतर्राष्ट्रीय संगठनCETA: यूनाइटेड किंगडम और भारत के बीच एक प्रस्तावित व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता।
तथ्यU.K.-India Infrastructure Financing Bridge: दो देशों के बीच बुनियादी ढांचा निवेश को सुगम बनाने के लिए एक विशिष्ट पहल।
मेन्स के लिए
प्रश्न: यू.के.-भारत मुक्त व्यापार समझौता (CETA) जैसे द्विपक्षीय व्यापार समझौते भारत के एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र (global manufacturing hub) बनने के लक्ष्य के लिए किस प्रकार उत्प्रेरक के रूप में कार्य कर सकते हैं, चर्चा कीजिए।
मार्केट एक्सेस एसिमेट्री: भारतीय मैन्युफैक्चरिंग हितों और यू.के. सर्विस सेक्टर के दबदबे के बीच संतुलन
इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग गैप: लॉजिस्टिक्स के लिए भारत की भारी कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए फाइनेंसिंग ब्रिज का इस्तेमाल
रेगुलेटरी अलाइनमेंट: दोनों अर्थव्यवस्थाओं में SMEs के लिए नॉन-टैरिफ बैरियर्स कम करने हेतु मानकों में तालमेल
मुख्य शब्द: व्यापार उदारीकरण · विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) · गैर-टैरिफ बैरियर्स · इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग · आर्थिक डिप्लोमेसी
चर्चा में क्यों: यूएस सेंट्रल कमांड ने ईरान के चाबहार बंदरगाह पर एक निगरानी टावर को नष्ट कर दिया है, जिससे शाहिद बेहश्ती टर्मिनल में भारत के निवेश की सुरक्षा को लेकर चिंताएं उत्पन्न हो गई हैं।
भारत ने चाबहार बंदरगाह पर शहीद बेहश्ती टर्मिनल में 500 मिलियन USD का निवेश किया है। वर्ष 2018 से इस बंदरगाह के संचालन का प्रबंधन इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (IPGL) द्वारा किया जा रहा है। US सेंट्रल कमांड ने 16 जुलाई, 2024 को टावर के विनाश की पुष्टि की है।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
स्थानचाबहार बंदरगाह: ओमान की खाड़ी के तट पर ईरान में स्थित है।
संस्थाIndia Ports Global Limited (IPGL): नई दिल्ली समर्थित इकाई जो 2018 से चाबहार बंदरगाह के संचालन का प्रबंधन कर रही है।
तथ्यशाहिद बेहेश्ती टर्मिनल में भारत का निवेश: USD 500 million।
अंतर्राष्ट्रीय संगठनJCPOA: Joint Comprehensive Plan of Action, ईरान और P5+1 देशों के बीच एक परमाणु समझौता।
तथ्यभारत ने 2024 में चाबहार बंदरगाह संचालन के लिए ईरान के साथ 10 साल का अनुबंध किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मध्य एशिया के साथ भारत की कनेक्टिविटी के संदर्भ में चाबहार बंदरगाह के भू-रणनीतिक महत्व और पश्चिमी प्रतिबंधों द्वारा उत्पन्न चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
प्रतिबंधों की दुविधा: ईरान में रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश बनाए रखते हुए अमेरिका के नेतृत्व वाले सेकेंडरी सैंक्शन से निपटना
भू-रणनीतिक बाईपास: अफगानिस्तान कनेक्टिविटी और मध्य एशियाई व्यापार के लिए पाकिस्तान को दरकिनार कर चाबहार का इस्तेमाल
सुरक्षा-संप्रभुता ट्रेड-ऑफ: ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बीच भारत के समुद्री हितों को संतुलित करना
मुख्य शब्द: भू-रणनीतिक महत्वाकांक्षाएं · सेकेंडरी सैंक्शन · कनेक्टिविटी · रणनीतिक स्वायत्तता · समुद्री सुरक्षा
चर्चा में क्यों: रूस द्वारा 'गोल्डन लियो' नामक जहाज पर किए गए मिसाइल हमले के परिणामस्वरूप चार भारतीयों और छह सीरियाई नागरिकों की मृत्यु हो गई, जिसके विरोध में नई दिल्ली द्वारा कूटनीतिक विरोध दर्ज कराया गया। इस घटना के पश्चात, क्रेमलिन ने भारत से संपर्क किया।
19 जुलाई, 2026 को ओडेसा से प्रस्थान कर रहे 'गोल्डन लियो' पर रूसी क्रूज मिसाइल हमले के परिणामस्वरूप 10 व्यक्तियों की मृत्यु हो गई, जिनमें 4 भारतीय और 6 सीरियाई नागरिक शामिल थे। रूस के दिमित्री पेस्कोव ने यूक्रेन को सैन्य सहायता प्रदान करने वाले जहाजों को लक्षित करने के इरादे की पुष्टि की है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्य'Golden Leo' यूक्रेन के ओडेसा से प्रस्थान करने वाला एक पोत था।
पददिमित्री पेस्कोव क्रेमलिन के प्रेस सचिव के रूप में कार्यरत हैं।
तथ्ययह घटना 19 जुलाई, 2026 और 21 जुलाई, 2026 के बीच हुई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: रूस-यूक्रेन संघर्ष की भू-राजनीतिक जटिलताओं के बीच रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखने में भारत के समक्ष आने वाली चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
चर्चा में क्यों: यूक्रेन के निकट वाणिज्यिक पोत MV Golden Leo पर रूसी हमले में चार भारतीय चालक दल के सदस्यों की मृत्यु के विरोध में भारत ने रूसी कार्यवाहक (Charge d'Affaires) को तलब किया।
यह हमला 19 जुलाई, 2024 को ओडेसा बंदरगाह से प्रस्थान कर रहे गिनी-बिसाऊ ध्वज वाले पोत MV Golden Leo पर हुआ। इस घटना में 17 चालक दल के सदस्यों में से कुल 10 नाविकों की मृत्यु हो गई, जिनमें चार भारतीय और छह सीरियाई नागरिक शामिल थे।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यMV Golden Leo: रूस-यूक्रेन समुद्री गलियारे में लक्षित गिनी-बिसाऊ ध्वज वाला एक व्यापारिक जहाज।
स्थानओडेसा: यूक्रेन का एक प्रमुख बंदरगाह जहाँ से 19 जुलाई, 2024 के हमले के दौरान जहाज प्रस्थान कर रहा था।
पदव्लादिमीर लादानोव: भारत द्वारा नई दिल्ली तलब किए गए रूसी चार्ज डी'अफेयर्स।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बढ़ते भू-राजनीतिक संघर्षों के बीच भारत के लिए अपने नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतर्राष्ट्रीय समुद्री वाणिज्य की रक्षा करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल ने ऊर्जा सुरक्षा और हौथी-नेतृत्व वाले समुद्री प्रतिबंधों के बीच समुद्री गलियारे की सुरक्षा पर चर्चा करने के लिए सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान से मुलाकात की।
20 जुलाई, 2026 को, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने वर्ष में अपनी तीसरी यात्रा के रूप में रियाद का दौरा किया। इस बैठक का मुख्य केंद्र हौथी विद्रोहियों द्वारा लगाए गए समुद्री प्रतिबंधों और व्यापक अमेरिका-ईरान संघर्ष से प्रभावित समुद्री व्यापार मार्गों को सुरक्षित करना था।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
पदअजीत डोवाल: भारत के वर्तमान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA)।
स्थानरियाद: सऊदी अरब की राजधानी।
तथ्य20 जुलाई, 2026: रियाद में उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक की तिथि।
तथ्यहौथी विद्रोही: यमन का समूह जो सऊदी अरब के विरुद्ध समुद्री प्रतिबंध (maritime embargoes) घोषित कर रहा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के बीच समुद्री गलियारों और ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित करने में भारत की सक्रिय कूटनीति के महत्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
चर्चा में क्यों: गैर-पारंपरिक खतरों के विरुद्ध बहुराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा सहयोग को सुदृढ़ करनेउद्देश्य के साथ कोच्ची में 'ऑपरेशन सदर्न रेडिनेस 26-2' का शुभारंभ किया गया।
इस अभ्यास में 26 राष्ट्रों के 254 प्रतिभागी और 74 सुविधादाता/विशेषज्ञ सम्मिलित हैं। यह आयोजन 'कंबाइंड टास्क फोर्स 154' (CTF 154) और 'कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेज' (CMF) के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
स्थानकेरल का कोच्चि, दक्षिणी नौसेना कमान (Southern Naval Command) के आधार के रूप में कार्य करता है।
संस्थाCombined Maritime Forces (CMF) एक बहुराष्ट्रीय नौसेना साझेदारी है।
संस्थाCombined Task Force 154 (CTF 154) एक समुद्री सुरक्षा गठबंधन है।
तथ्यOperation Southern Readiness 26-2 की शुरुआत 20 जुलाई, 2026 को हुई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: हिंद महासागर क्षेत्र में गैर-पारंपरिक समुद्री खतरों से निपटने में 'कॉम्बैटेड मारिटाइम फोर्सेस' (CMF) जैसे बहुपक्षीय समुद्री सुरक्षा ढाँचों के महत्व पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कृषि, IT और व्यापार के क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उत्तरी मैसेडोनिया की राजकीय यात्रा की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 19 जुलाई, 2026 को तीन देशों के यूरोपीय दौरे के हिस्से के रूप में उत्तर मैसेडोनिया का दौरा किया। उन्होंने वहां की नेताओं गॉर्डाना सिल्जनोव्स्का-डावकोवा और ह्रिस्टियन मिकॉस्की से भेंट की और 'इंडिया-उत्तर मैसेडोनिया बिजनेस फोरम' को संबोधित किया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानउत्तर मैसेडोनिया: दक्षिण-पूर्वी यूरोप में स्थित एक भू-आबद्ध (landlocked) देश।
पदGordana Siljanovska-Davkova और Hristijan Mickoski: उत्तरी मैसेडोनिया में प्रमुख राजनीतिक नेतृत्व।
तथ्ययह यात्रा 19 जुलाई, 2026 को एक बहु-देशीय यूरोपीय दौरे के हिस्से के रूप में हुई थी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक व्यापार पदचिह्न में विविधता लाने के उद्देश्य से पूर्वी यूरोपीय देशों के साथ आर्थिक और तकनीकी सहयोग को बढ़ाने के लिए भारत की रणनीति का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: बांग्लादेश ने भारत से पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमल को प्रत्यर्पित करने का औपचारिक अनुरोध किया है, जिन्हें मानवता के विरुद्ध अपराधों के लिए उनकी अनुपस्थिति में मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है।
बांग्लादेश अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (BICT) ने असदुज्जमान खान कमल को अनुपस्थिति में मृत्युदंड की सजा सुनाई। शेख हसीना के इस्तीफे के पश्चात, बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम द्वारा इस अनुरोध की पुष्टि की गई।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाBangladesh International Crimes Tribunal (BICT): 1971 के मुक्ति युद्ध के दौरान मानवता के विरुद्ध अपराधों के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों पर मुकदमा चलाने के लिए स्थापित।
स्थानबांग्लादेश: भारत का पड़ोसी देश, जो वर्तमान में राजनीतिक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है।
तथ्यअसदउज्जमान खान कमल: बांग्लादेश के पूर्व गृह मंत्री और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के सलाहकार।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत और उसके पड़ोसी देशों के बीच प्रत्यर्पण संधियों में निहित कानूनी और कूटनीतिक जटिलताओं का, विशेष रूप से राजनीतिक भगोड़ों और मानवाधिकारों के आरोपों के संदर्भ में, समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
चर्चा में क्यों: नेपाल ने भारत के साथ क्षेत्रीय दावों पर उत्पन्न राजनयिक घर्षण को कम करनेके उद्देश्य से, विवादित मानचित्र के स्थान पर एक मठ के चित्र वाले पुन: डिज़ाइन किए गए एक रुपये के सिक्के को मंजूरी दी है।
नया एक रुपये का सिक्का स्टील से निर्मित है और इसका भार 3.2 ग्राम है। इसके पुन: डिज़ाइन के अंतर्गत लिंपियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी के मानचित्र के स्थान पर लो घ्याकर मठ का चित्र अंकित किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानलिंपियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी: भारत और नेपाल के बीच विवादित क्षेत्र।
तथ्यपुनर्निर्मित नेपाल एक-रुपये का सिक्का 3.2 ग्राम का है और यह स्टील से बना है।
स्थानलो घ्याकार मठ: नेपाल का एक धार्मिक स्थल जिसे अब नई मुद्रा पर प्रदर्शित किया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: दक्षिण एशियाई क्षेत्र में मानचित्र संबंधी विवाद और मुद्रा प्रतीकवाद किस प्रकार द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय अखंडता को प्रभावित कर सकते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: फरवरी 2024 से अमेरिका, इजरायल और ईरान के मध्य प्रत्यक्ष सैन्य संघर्ष के बढ़ने के परिणामस्वरूप भारी जनहानि हुई है और युद्धविराम वार्ता विफल हो गई है।
यह संघर्ष 28 फरवरी, 2024 को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के साथ शुरू हुआ। जुलाई 2024 तक, अमेरिकी सैन्य रिपोर्ट के अनुसार 17 व्यक्तियों की मृत्यु हुई और 420 घायल हुए, जबकि ईरानी हताहतों की संख्या 3,400 से अधिक हो गई। 17 जून, 2024 को हस्ताक्षरित एक समझौता ज्ञापन (MoU) का उद्देश्य युद्धविराम का विस्तार करना था, किंतु यह 7 जुलाई, 2024 को शत्रुता के पुनः प्रारंभ होने को रोकने में विफल रहा।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यजुलाई 2024 तक ईरान संघर्ष में अमेरिकी सैन्य मौतों की संख्या 17 तक पहुंच गई।
तथ्यईरान ने जॉर्डन के Aqaba हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से जवाबी कार्रवाई की।
संस्थाUS Central Command (CENTCOM) मध्य पूर्व के अभियानों के लिए जिम्मेदार सैन्य कमान है।
स्थानअकबा जॉर्डन का एक प्रमुख बंदरगाह शहर है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अमेरिका और ईरान के बीच प्रत्यक्ष सैन्य टकराव के क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: म्यांमार के एक शरणार्थी छात्र ने दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रवेश आवश्यकताओं को दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) में चुनौती दी है, जो शरणार्थी अधिकारों और दस्तावेजीकरण नीतियों के बीच कानूनी अंतर्विरोध को रेखांकित करता है।
म्यांमार के एक शरणार्थी, मोंग हेनरी थू औंग लिन, जो वर्ष 2022 में पलायन कर आए थे, को पासपोर्ट के अभाव के कारण प्रवेश से वंचित कर दिया गया था। यह मामला भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता) और अनुच्छेद 21 (जीवन और शिक्षा का अधिकार) के आधार पर एक कानूनी चुनौती से संबंधित है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संविधानअनुच्छेद 14 कानून के समक्ष समानता और कानूनों के समान संरक्षण की गारंटी देता है।
संविधानअनुच्छेद 21 जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार की गारंटी देता है, जिसे शिक्षा के अधिकार को शामिल करते हुए व्याख्यायित किया गया है।
तथ्ययाचार्थी 2022 में म्यांमार से पलायन कर दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवेश की मांग की।
स्थानमणिपुर एक सीमावर्ती राज्य है जिसे अक्सर अवैध आप्रवासन और दस्तावेजी धोखाधड़ी से संबंधित चर्चाओं में उद्धृत किया जाता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अवैध आप्रवासन और दस्तावेजी धोखाधड़ी के संदर्भ में राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं और शरणार्थियों के अधिकारों के संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने में भारत के समक्ष आने वाली कानूनी और नैतिक चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
चर्चा में क्यों: ईरान में भारतीय दूतावास ने 19 जुलाई, 2026 को एक यात्रा परामर्श जारी किया, जिसमें क्षेत्रीय अस्थिरता और सैन्य गतिविधियों के बढ़ने के कारण नागरिकों को ईरान की यात्रा स्थगित करने का आग्रह किया गया है।
ईरानी दूतावास ने 19 जुलाई, 2026 को यह परामर्श जारी किया। इसमें विशेष रूप से देश में पहले से उपस्थित व्यक्तियों को वाणिज्यिक उड़ानों के माध्यम से प्रस्थान करने की सलाह दी गई और अपंजीकृत भारतीयों से तत्काल दूतावास के साथ पंजीकरण कराने का आग्रह किया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदतेहरान में भारतीय दूतावास ईरान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार प्राथमिक राजनयिक मिशन है।
तथ्ययात्रा परामर्श (travel advisory) आधिकारिक रूप से 19 जुलाई, 2026 को जारी किया गया था।
स्थानईरान मध्य पूर्व में एक प्रमुख क्षेत्रीय अभिनेता है, जो वर्तमान में तीव्र सैन्य गतिविधियों का अनुभव कर रहा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अस्थिर क्षेत्रों में अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भारत के समक्ष आने वाली चुनौतियों और संकट प्रबंधन में राजनयिक मिशनों की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
चर्चा में क्यों: अमेरिका ने ईरान के सैन्य और परमाणु स्थलों पर लगातार आठवीं रात को हमले किए, जिससे 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष में और अधिक तीव्रता आई है।
जॉर्डन में अमेरिकी नागरिकों की मृत्यु के प्रत्युत्तर में, अमेरिका ने ईरान के सैन्य और परमाणु बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए। इसके जवाब में, ईरान ने ड्रोन के माध्यम से कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया, जबकि बहरीन ने ईरानी हवाई हमलों को सफलतापूर्वक विफल कर दिया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्य28 फरवरी से संघर्ष में महत्वपूर्ण रूप से वृद्धि हुई।
स्थानकुवैत: ईरानी ड्रोन्स द्वारा लक्षित अमेरिकी सैन्य ठिकानों का स्थल।
स्थानबहरीन: वह देश जिसने ईरान के हवाई हमलों को रोका।
तथ्यबढ़ते संघर्ष में कम से कम 50 ईरानियों के मारे जाने की सूचना मिली है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: जून 2024 में पाकिस्तान और कतर द्वारा मध्यस्थता से संपन्न हुए अमेरिका-ईरान युद्धविराम का सैन्य संघर्ष और जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों की हत्या के पश्चात विफल हो जाना।
जून 2024 में पाकिस्तान और कतर द्वारा एक 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) मध्यस्थता के माध्यम से एक युद्धविराम स्थापित करने हेतु तैयार किया गया था। जॉर्डन में दो अमेरिकी सैनिकों की हत्या और उसके पश्चात 19 जुलाई, 2024 को डार्कहोविन परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हुए हमलों के उपरांत यह समझौता विफल हो गया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
स्थानजॉर्डन: वह मेजबान देश जहाँ अमेरिकी सैनिकों की हत्या ने युद्धविराम के टूटने को प्रेरित किया।
स्थानDarkhovin: 19 जुलाई, 2024 को अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु ऊर्जा संयंत्र को निशाना बनाया गया।
तथ्ययुद्धविराम 14-सूत्रीय Memorandum of Understanding (MoU) द्वारा शासित था।
स्थानबहरीन और कुवैत: वे देश जहाँ 1-19 जुलाई, 2024 के दौरान बढ़ते तनाव के बीच नागरिक बुनियादी ढांचे (civilian infrastructure) को निशाना बनाया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मध्य पूर्व के संघर्षों को कम करने में पाकिस्तान और कतर जैसे क्षेत्रीय मध्यस्थों की भूमिका और क्षेत्रीय सुरक्षा गतिशीलता पर परमाणु बुनियादी ढांचे के प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: भारत ने परमाणु ईंधन स्रोतों में विविधता लाने और वर्ष 2047 तक अपने 100 GWe परमाणु ऊर्जा लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य से ऑस्ट्रेलिया के साथ एक दीर्घकालिक यूरेनियम आपूर्ति समझौता किया है।
भारत के घरेलू यूरेनियम भंडार वर्तमान में इसकी परमाणु ऊर्जा आवश्यकताओं का केवल 28% पूरा करते हैं। यह समझौता भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 2014 के नागरिक परमाणु सहयोग समझौते पर आधारित है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यभारत का लक्ष्य 2047 तक 100 GWe परमाणु ऊर्जा क्षमता प्राप्त करना है।
तथ्यवर्तमान में घरेलू यूरेनियम भंडार भारत की परमाणु ऊर्जा आवश्यकताओं का केवल 28% पूरा करते हैं।
संस्था2014 का सिविल न्यूक्लियर कोऑपरेशन एग्रीमेंट (Civil Nuclear Cooperation Agreement) भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच परमाणु व्यापार के ढांचे को नियंत्रित करता है।
स्थानभारत के प्रमुख यूरेनियम आपूर्तिकर्ताओ में Australia, Canada, Kazakhstan, Russia और Uzbekistan शामिल हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के 2047 के ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने के उद्देश्य से ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों के साथ बढ़ते परमाणु सहयोग के रणनीतिक और ऊर्जा सुरक्षा निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
चर्चा में क्यों: मध्य पूर्व में तनाव गहराता जा रहा है क्योंकि ईरान ने दावा किया है कि उसने एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया है, वहीं जॉर्डन में हुए हमले के बाद अमेरिका ने ईरानी लक्ष्यों पर जवाबी कार्रवाई की है।
ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था ने डार्कहोविन परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थल पर एक हमले की सूचना दी है। जॉर्डन में हुए एक हमले के परिणामस्वरूप दो अमेरिकी सेवा सदस्यों की मृत्यु के पश्चात, अमेरिका ने ईरानी लक्ष्यों के विरुद्ध प्रतिशोधात्मक हमले किए।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
स्थानDarkhovin: ईरान में स्थित एक परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थल।
स्थानअकबा: जॉर्डन में एक प्रमुख समुद्री बंदरगाह और हवाई अड्डा शहर।
तथ्यजॉर्डन में दो अमेरिकी सेवा सदस्यों की मृत्यु के बाद हुए हमले के प्रत्युत्तर में अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई की।
स्थानअहवाज़: दक्षिण-पश्चिमी ईरान का एक शहर जहाँ ईरान ने अमेरिका के एक ड्रोन को गिराने का दावा किया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मध्य पूर्व में बढ़ते सशस्त्र संघर्षों के वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और लाल सागर एवं फारस की खाड़ी में समुद्री व्यापार मार्गों पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: चीन के साथ रक्षा संबंधों को औपचारिक रूप देनेके उद्देश्य से भारत द्वारा 1953 में बीजिंग में अपने पहले सैन्य अटैचेकी नियुक्ति एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।
भारत ने 1 अप्रैल, 1950 को पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना को मान्यता प्रदान की थी। प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के हस्तक्षेप के पश्चात, 24 अगस्त, 1953 को ब्रिगेडियर आर. के. कोचर को बीजिंग में प्रथम भारतीय सैन्य अटैचे के रूप में नियुक्त किया गया था।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदब्रिगेडियर R K Kochhar: बीजिंग में भारत के पहले सैन्य अटैच (Military Attaché) (1953)।
तथ्यभारत ने 1 अप्रैल, 1950 को पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना को मान्यता दी।
स्थानबीजिंग: पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की राजधानी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: 1950 के दशक से वर्तमान तक भारत-चीन रक्षा कूटनीति के विकास का विश्लेषण कीजिए, जिसमें प्रारंभिक राजनयिक आशावाद से लेकर समकालीन सीमा प्रबंधन की चुनौतियों तक आए बदलावों को रेखांकित किया गया हो। विश्लेषण कीजिए।
डिप्लोमैटिक तनाव: 1950 के दशक की शुरुआत में मान्यता से लेकर 1950 के दशक के अंत तक बढ़ते सीमा तनाव तक का सफर
संस्थागत बाधा: मिलिट्री अटैचियों के रैंक निर्धारण में नौकरशाही की देरी से शुरुआती रक्षा सहयोग प्रभावित
रणनीतिक बदलाव: 'हिंदी-चीनी भाई-भाई' युग का आधुनिक बॉर्डर मैनेजमेंट और सिक्योरिटी प्रोटोकॉल में बदलाव
मुख्य शब्द: रक्षा कूटनीति · द्विपक्षीय संबंध · सीमा प्रबंधन · रणनीतिक स्वायत्तता · भू-राजनीतिक विकास