यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के कृषि भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 456 नोट्स, रोज़ अपडेट।
चर्चा में क्यों: कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि सामान्य वर्षा का केवल 35% प्राप्त होने के कारण, राज्य द्वारा NDRF मानदंडों के आधार पर अगस्त के अंत तक सूखा प्रभावित क्षेत्रों की घोषणा कर दी जाएगी।
राजस्व विभाग, National Disaster Response Force (NDRF) के मानदंडों के आधार पर सूखा प्रभावित तालुकों की एक सूची संकलित करेगा। कावेरी जलग्रहण क्षेत्रों में वर्षा के बावजूद, मांड्या, मैसूरु और बेंगलुरु में वर्षा की भारी कमी दर्ज की गई है।
Prelims pointers (3)
Fact2 अगस्त, 2026 तक कर्नाटक को अपने सामान्य वर्षा का केवल 35% प्राप्त हुआ।
Bodyसूखे की स्थिति घोषित करने के लिए NDRF (National Disaster Response Force) के मानदंडों को बेंचमार्क के रूप में उपयोग किया जा रहा है।
Placeकर्नाटक में मण्ड्या, मैसूरु और बेंगलुरु को गंभीर रूप से वर्षा-अल्प (rain-deficient) क्षेत्रों के रूप में पहचाना गया है।
Mains angle
Q. सूखे से उत्पन्न संकटों के प्रबंधन में राज्यों के समक्ष आने वाली चुनौतियों और प्रभावी राहत सुनिश्चित करने के लिए मानकीकृत आपदा प्रबंधन मानदंडों के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने किसानों को प्रत्यक्ष आय सहायता प्रदान करने हेतु वर्ष 2030 तक PM-KISAN योजना के लिए ₹3.15 लाख करोड़ के परिव्यय को मंजूरी दी है।
PM-KISAN योजना के अंतर्गत किसानों को प्रतिवर्ष ₹6,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। फरवरी 2019 से अब तक, 23 किश्तों के माध्यम से ₹4.47 लाख करोड़ से अधिक की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है, जिससे 9.49 करोड़ किसान लाभान्वित हुए हैं।
Prelims pointers (3)
SchemePM-KISAN: पात्र किसान परिवारों को तीन समान किस्तों में प्रति वर्ष ₹6,000 प्रदान करता है।
Factवर्ष 2026–27 से 2030–31 की अवधि के लिए स्वीकृत कुल परिव्यय ₹3.15 लाख करोड़ है।
FactPM-KISAN योजना के लाभार्थियों में महिला किसान लगभग 25% हैं।
Mains angle
Q. भारत में पीएम-किसान जैसी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) योजनाओं ने ग्रामीण आजीविका सुरक्षा और कृषि निवेश में किस प्रकार योगदान दिया है, इसका विश्लेषण कीजिए।
Direct income support vs. infrastructure investment
Role of DBT in reducing leakages
Empowerment of women in agriculture
Keywords: Direct Benefit Transfer · Rural Livelihood · Agricultural Investment · Financial Inclusion
चर्चा में क्यों: एल नीनो के कारण सामान्य से कम मानसूनी वर्षा के भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान ने भारत के पहले से ही तनावपूर्ण भूजल जलभृतों (groundwater aquifers) के लिए एक गंभीर खतरा उत्पन्न कर दिया है।
भारत विश्व का सबसे बड़ा भूजल उपभोक्ता है, जो मुख्य रूप से सिंचाई के लिए प्रतिवर्ष लगभग 251 घन किलोमीटर भूजल का दोहन करता है। भूजल की उपलब्धता के संदर्भ में पंजाब को सर्वाधिक तनावपूर्ण राज्य के रूप में चिन्हित किया गया है, जिसके बाद राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली का स्थान आता है।
Prelims pointers (4)
Factभारत प्रतिवर्ष लगभग 251 cubic kilometers भूजल का निष्कर्षण करता है।
Placeपंजाब, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली को अत्यधिक तनावग्रस्त भूजल क्षेत्रों के रूप में पहचाना गया है।
S&Tसामान्य से कम मानसून वर्षा के पूर्वानुमान के लिए El Niño स्थितियों को प्राथमिक कारक बताया गया है।
Bodyभारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) मानसून पूर्वानुमान के लिए नोडल एजेंसी है।
Mains angle
Q. भारत के कृषि प्रधान क्षेत्रों में भूजल की कमी से उत्पन्न चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और सिंचाई के लिए सतत जल प्रबंधन सुनिश्चित करने हेतु उचित उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
impact on food security
aquifer depletion rates
technological interventions (micro-irrigation)
policy framework for groundwater regulation
Keywords: aquifer recharge · El Niño · water stress · sustainable irrigation · groundwater extraction
चर्चा में क्यों: केंद्र सरकार ने लकाडोंग हल्दी जैसे उच्च-मूल्य वाले मसालों की खेती और वैश्विक उपस्थिति को बढ़ावा देने के लिए 'मिशन गोल्डन स्पाइस' (Mission Golden Spice) शुरू किया है।
मिशन गोल्डन स्पाइस ₹175.45 करोड़ की एक पहल है, जो वर्ष 2025-2030 की अवधि में संचालित होगी। इसका मुख्य उद्देश्य मसालों की खेती के विस्तार और वैश्विक बाजार में उनकी उपस्थिति को सुदृढ़ करना है, जिसमें मेघालय की 'लाकाडोंग हल्दी' को विशेष रूप से सम्मिलित किया गया है।
Prelims pointers (3)
Schemeमिशन गोल्डन स्पाइस: मसाला उत्पादन और वैश्विक निर्यात को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई एक केंद्रीय पहल।
Factमिशन गोल्डन स्पाइस (Mission Golden Spice) बजट: अवधि 2025–2030 के लिए ₹175.45 करोड़।
Placeलाकाडोंग हल्दी: मुख्य रूप से मेघालय में उगाई जाने वाली एक उच्च-मूल्य वाली मसाला किस्म।
Mains angle
Q. 'मिशन गोल्डन स्पाइस' जैसी पहलें क्षेत्रीय कृषि विकास को बढ़ावा देते हुए वैश्विक मसाला व्यापार में भारत की स्थिति को किस प्रकार सुदृढ़ कर सकती हैं, चर्चा कीजिए।
Value addition and processing
Global market competitiveness
Livelihood improvement for farmers
Keywords: Value chain · Export promotion · Agricultural diversification · Regional development
चर्चा में क्यों: कवेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) ने कर्नाटक द्वारा तमिलनाडु को 3,500 क्यूसेक जल छोड़ने के निर्देश का समर्थन किया है, जो अंतरराज्यीय जल साझाकरण की निरंतर जारी प्रक्रिया को रेखांकित करता है।
CWMA ने 28 जुलाई के CWRC के उस आदेश का समर्थन किया, जिसमें कर्नाटक को 15 दिनों के लिए तमिलनाडु को 3,500 क्यूसेक जल विमोचित करने का निर्देश दिया गया था। यह मात्रा लगभग 4.5 हजार मिलियन क्यूबिक फीट जल के बराबर है।
Prelims pointers (3)
BodyCWMA: Cauvery Water Management Authority वह निकाय है जो Cauvery जल बंटवारे पर अंतिम निर्णय (final award) को लागू करने के लिए जिम्मेदार है।
FactCWRC के आदेश में 15 दिनों की अवधि के लिए 3,500 cusecs पानी छोड़ने का प्रावधान है।
Factछोड़े जाने वाले पानी का कुल आयतन लगभग 4.5 हजार मिलियन क्यूबिक फीट है।
Mains angle
Q. भारत में अंतरराज्यीय नदी जल बंटवारे के प्रबंधन में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और तटवर्ती राज्यों के बीच न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित करने हेतु उचित उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
interstate water disputes
federalism and water rights
impact on agriculture
way forward: technology-led monitoring
Keywords: riparian rights · interstate dispute · water management · equitable distribution · federalism
चर्चा में क्यों: बिहार के गन्ना उद्योग मंत्री ने राज्य के चीनी उत्पादन और किसानों की आय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दो चीनी मिलों के शिलान्यास की घोषणा की है।
बिहार सरकार का लक्ष्य वर्ष 2031 तक 25 चीनी मिलों की स्थापना करना है। एकीकृत चीनी परिसरों और अनुसंधान-आधारित गन्ना विकास हेतु नवीन नीति के समर्थन से सकरी और रायम में दो नई मिलों की योजना बनाई गई है।
Prelims pointers (3)
Factबिहार का लक्ष्य वर्ष 2031 तक 25 चीनी मिलें स्थापित करना है।
Placeबिहार में आगामी चीनी मिल परियोजनाओं के लिए सकरी और रायम स्थान निर्धारित हैं।
Factनई मिलों के लिए आधारशिला रखने का कार्यक्रम 20 नवंबर, 2026 के लिए निर्धारित है।
Mains angle
Q. बिहार में एकीकृत चीनी परिसरों की स्थापना और अनुसंधान-आधारित विकास किस प्रकार किसानों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को उन्नत बना सकते हैं, चर्चा कीजिए।
employment generation
value addition in agriculture
research-driven productivity
doubling farmers' income
Keywords: Value addition · Integrated complexes · Socio-economic upliftment · Infrastructure development
चर्चा में क्यों: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा को सूचित किया कि E20 पेट्रोल के अनुकूल होने के लिए पुराने BS-III वाहनों में रबर के पुर्जों को बदलने की आवश्यकता हो सकती है।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, IIP, SIAM और ARAI द्वारा किए गए अध्ययन यह संकेत देते हैं कि यद्यपि E20 ईंधन के उपयोग के लिए कारों या दोपहिया वाहनों में इंजन संशोधनों की आवश्यकता नहीं है, तथापि पुराने वाहनों के रबर घटकों में घिसावट की समस्या उत्पन्न हो सकती है। इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम को वर्ष 2021 से चरणबद्ध दृष्टिकोण के साथ कार्यान्वित किया गया है।
Prelims pointers (3)
FactE20 पेट्रोल में पेट्रोल के साथ 20% इथेनॉल मिश्रित होता है।
BodyARAI (Automotive Research Association of India) और SIAM (Society of Indian Automobile Manufacturers) परीक्षण में शामिल प्रमुख निकाय हैं।
Fact2016 से पहले निर्मित BS-III वाहनों को विशेष रूप से ऐसे वाहनों के रूप में पहचाना गया है जिन्हें रबर पार्ट्स बदलने की आवश्यकता हो सकती है।
Mains angle
Q. ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लक्ष्य में भारत के एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम से जुड़ी चुनौतियों और अवसरों का विश्लेषण कीजिए।
reduction in crude oil imports
impact on automotive infrastructure
environmental benefits vs. vehicle longevity
biofuel supply chain logistics
Keywords: Energy Security · Biofuels · Decarbonization · Ethanol Blending · Sustainable Transport
चर्चा में क्यों: भू-राजनीतिक तनाव के कारण वित्त वर्ष 2026 में भारत की उर्वरक आयात निर्भरता बढ़कर 34.5% हो गई है, जिसके कारण केंद्र सरकार ने लागत को स्थिर करनेके लिए दीर्घकालिक आपूर्ति समझौतों की दिशा में कदम उठाए हैं।
वित्त वर्ष 2025 में भारत की उर्वरक आयात हिस्सेदारी 24.4% से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 34.5% हो गई। इसके प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं में रूस, ओमान और सऊदी अरब शामिल हैं। सरकार एक खरीद संघ (purchasing consortium) की स्थापना कर रही है और जमाखोरी के विरुद्ध प्रवर्तन कार्रवाई कर रही है।
Prelims pointers (4)
Factभारत का उर्वरक आयात हिस्सा: FY26 में 34.5%।
Factवित्त वर्ष 25 (FY25) में भारत की उर्वरक आयात हिस्सेदारी: 24.4%।
Placeहॉर्मुज जलडमरूमध्य: वैश्विक शिपिंग के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट।
Factप्रमुख उर्वरक आपूर्तिकर्ता: Russia, Oman और Saudi Arabia।
Mains angle
Q. भू-राजनीतिक अस्थिरता का भारत की खाद्य सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए और आयातित उर्वरकों पर अत्यधिक निर्भरता को कम करने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।
Supply chain vulnerability: High exposure to maritime chokepoints like the Strait of Hormuz affecting input costs
Market distortion: Risks of hoarding and black marketing necessitating stringent enforcement under fertilizer subsidy frameworks
Strategic diversification: Transitioning from spot-market reliance to long-term supply agreements and multi-country purchasing consortiums
चर्चा में क्यों: असम में भीषण बाढ़ के कारण 37,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र की फसलें जलमग्न हो गई हैं, जो जलवायु परिवर्तन जनित वर्षा और मानवजनित भूमि क्षरण के अंतर्संबंधों को रेखांकित करता है।
बाढ़ के कारण असम के छह जिलों में 5.24 लाख लोग प्रभावित हुए, जिसके परिणामस्वरूप 68 व्यक्तियों की मृत्यु हुई और 37,139.52 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई। विशेषज्ञों ने अत्यधिक वर्षा, वनों की कटाई, पहाड़ी उत्खनन और तटबंधों के टूटने को इसके प्राथमिक कारकों के रूप में चिन्हित किया है।
Prelims pointers (3)
Factअसम के बाढ़ में 37,139.52 हेक्टेयर फसल जलमग्न हो गई।
Placeअसम: यह राज्य ब्रह्मपुत्र नदी की बाढ़ से बार-बार प्रभावित होता है।
S&Tतटबंधों का टूटना और पहाड़ी खुदाई को बाढ़ की गंभीरता के प्रमुख कारकों के रूप में उद्धृत किया गया है।
Mains angle
Q. पूर्वोत्तर क्षेत्र में वनों की कटाई और पहाड़ी खुदाई जैसे मानवजनित कारकों द्वारा कृषि उत्पादकता पर मौसमी बाढ़ के प्रभाव को किस प्रकार और अधिक गंभीर बनाया जाता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
Ecological degradation: Loss of natural drainage and soil stability due to unregulated hill excavation and deforestation.
Infrastructure vulnerability: Structural failure of river embankments leading to sudden inundation of fertile plains.
Agricultural loss: Significant threat to food security and rural livelihoods due to large-scale crop submergence.
चर्चा में क्यों: असम के पशुपालन और पशु चिकित्सा विभाग ने राज्य में पिछले 60 वर्षों की सबसे भीषण बाढ़ के पश्चात, बाढ़ से प्रभावित 10,000 पशुओं और पालतू जानवरों को चिकित्सा उपचार प्रदान करने हेतु NGOs के साथ साझेदारी की है।
असम में आई बाढ़ से 7.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए और इसमें 68 व्यक्तियों की मृत्यु हो गई। इस आपदा के कारण कुल 8.82 लाख पशु प्रभावित हुए, जिनमें से 26,512 पशु बह गए।
Prelims pointers (3)
Factअसम में आई बाढ़ से 8.82 लाख पशु प्रभावित हुए और इसमें 68 लोगों की मृत्यु हुई।
Bodyपशुपालन और पशु चिकित्सा विभाग: पशु स्वास्थ्य और पशु चिकित्सा सेवाओं के लिए उत्तरदायी राज्य सरकार की संस्था।
Placeअसम: राज्य पिछले 60 वर्षों में अपनी सबसे भीषण बाढ़ का अनुभव कर रहा है।
Mains angle
Q. भारत के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीण आजीविका और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में पशु स्वास्थ्य के महत्व पर चर्चा कीजिए।
Livelihood vulnerability: High dependency of rural households on livestock for both income and subsistence.
Veterinary infrastructure gap: Lack of rapid-response medical camps in remote areas during extreme climate events.
One Health approach: Integrating animal health with human disaster management to prevent zoonotic disease outbreaks.
Keywords: Livelihood security · Disaster resilience · One Health · Livestock management · Climate adaptation
चर्चा में क्यों: हिमाचल प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 के सीजन के दौरान प्रसंस्करण-ग्रेड (processing-grade) आम और खट्टे फलों के लिए सुनिश्चित कीमतें प्रदान करने हेतु मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (MIS) को मंजूरी दी है।
इस योजना के अंतर्गत 31 अगस्त, 2026 तक प्रसंस्करण-ग्रेड आम की खरीद ₹12/किग्रा की दर से की जाएगी। इसके अतिरिक्त, इसमें 21 नवंबर, 2026 से 15 फरवरी, 2027 के मध्य ₹10-₹12/किग्रा की दर से खट्टे फलों (किन्नू, मल्टा, संतरा, गलगल) की खरीद भी सम्मिलित है।
Prelims pointers (4)
Factआम के खरीद मूल्य का निर्धारण: 31 अगस्त, 2026 तक ₹12 प्रति किग्रा।
Factसाइट्रस फल खरीद की अवधि: 21 नवंबर, 2026 से 15 फरवरी, 2027।
BodyHPMC (Himachal Pradesh State Marketing Corporation) खरीद के लिए प्राथमिक एजेंसी है।
BodyHIMFED (Himachal Pradesh State Federation of Marketing and Development) सेब की खरीद में सहायता कर सकता है।
Mains angle
Q. भारत में बाजार हस्तक्षेप योजनाओं (Market Intervention Schemes) द्वारा बागवानी किसानों की आय को स्थिर करने और मौसमी मूल्य अस्थिरता के जोखिमों को कम करने की क्षमता का विश्लेषण कीजिए।
Price floor mechanism: Mitigating distress sales during harvest gluts for perishable horticultural crops
Institutional synergy: Coordinating HPMC and HIMFED to streamline multi-commodity procurement and logistics
Processing-grade focus: Reducing post-harvest wastage by creating a dedicated market for non-export grade produce
चर्चा में क्यों: हरियाणा के एक किसान का कॉर्पोरेट क्षेत्र से उच्च-मूल्य वाली बागवानी की ओर संक्रमण, ग्रामीण आय बढ़ाने में फसल विविधीकरण और सरकारी सब्सिडी की सफलता को रेखांकित करता है।
दरवेश पट्टर ने 12 एकड़ भूमि पर नींबू और अमरूद की खेती के माध्यम से अपनी वार्षिक आय को 8 लाख रुपये से बढ़ाकर 35 लाख रुपये तक पहुँचाया है। इस पहल को इंडो-इजराइल ट्रेनिंग सेंटर और हरियाणा सरकार की बागवानी योजनाओं द्वारा समर्थन प्राप्त है।
Prelims pointers (4)
Factहरियाणा का लक्ष्य वर्ष 2030 तक अपने उद्यानिकी क्षेत्र (horticultural area) को दोगुना करना है।
Schemeभंतार भरपई योजना: हरियाणा सरकार की एक योजना जो किसानों को मूल्य समर्थन (price support) प्रदान करती है।
Schemeमुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना: बागवानी किसानों के लिए एक राज्य-स्तरीय बीमा योजना।
Bodyइंडो-इजराइल ट्रेनिंग सेंटर: कृषि विविधीकरण के लिए तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करता है।
Mains angle
Q. भारत में फसल विविधीकरण और सरकार द्वारा संचालित बागवानी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण संकट को कम करने और लघु एवं सीमांत जोत की आर्थिक व्यवहार्यता को बढ़ाने की क्षमता का विश्लेषण कीजिए।
Income disparity: Transition from low-yield traditional crops to high-value horticulture as a poverty alleviation tool
Institutional support: Role of technical training centers in bridging the knowledge gap for rural farmers
Risk mitigation: Importance of state-backed insurance schemes in protecting farmers against climate-induced crop failures
Keywords: Crop Diversification · Horticultural Development · Rural Income Enhancement · Price Support · Agricultural Subsidies
चर्चा में क्यों: केन-बेतवा लिंक परियोजना को भारत की पहली नदी-तटीय परियोजना के रूप में रेखांकित किया गया है, जिसका उद्देश्य सूखा प्रभावित बुंदेलखंड क्षेत्र की सिंचाई करना है।
इस परियोजना के अंतर्गत केन नदी पर दाउधन बांध का निर्माण और केन बेसिन (मध्य प्रदेश) से बेतवा बेसिन (उत्तर प्रदेश) तक जल के हस्तांतरण हेतु 221 किलोमीटर लंबी लिंक नहर का निर्माण सम्मिलित है। इसका मुख्य उद्देश्य बुंदेलखंड क्षेत्र को सिंचाई, पेयजल और जल-विद्युत की आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
Prelims pointers (4)
Placeदौधन बांध मध्य प्रदेश में केन नदी पर स्थित है।
Factकेन-बेतवा लिंक परियोजना में 221 किमी लंबी लिंक नहर शामिल है।
Factयह परियोजना बुंदेलखंड क्षेत्र की सेवा करती है, सौराष्ट्र क्षेत्र की नहीं।
S&Tयह परियोजना भारत की पहली नदी जोड़ो परियोजना है।
Mains angle
Q. भारत में केन-बेतवा लिंक परियोजना जैसी व्यापक नदी-तटीय जोड़ परियोजनाओं से जुड़ी पारिस्थितिक और सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
Ecological impact: Risk of biodiversity loss and habitat fragmentation due to forest land diversion and river flow alteration
Social displacement: Challenges in rehabilitating thousands of families displaced by dam construction and reservoir flooding
Water governance: Balancing the competing demands of irrigation, drinking water, and hydropower generation in drought-prone regions
Keywords: River Linking · Bundelkhand · Water Scarcity · Rehabilitation · Hydropower · Inter-basin Transfer
चर्चा में क्यों: महाराष्ट्र सरकार ने 31 जुलाई तक 17 लाख किसानों को वित्तीय राहत प्रदान करने हेतु 'पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर कृषि ऋण माफी योजना' शुरू की है।
इस योजना के अंतर्गत 17 लाख किसानों के लिए कुल ₹13,000 करोड़ की ऋण सुविधा का प्रावधान है। इसे 2 जून को अनुमोदित किया गया था और यह राज्य भर के 56 लाख किसानों के व्यापक दायरे को कवर करती है।
Prelims pointers (4)
Factपुण्यशलोक अहिल्याबाई होलकर कृषि ऋण माफी योजना के लिए कुल ऋण राशि: ₹13,000 करोड़।
Factलक्ष्य लाभार्थी संख्या: 31 जुलाई तक 17 लाख किसानों को ऋण प्राप्त होगा।
Factकुल कवरेज: यह योजना महाराष्ट्र के 56 लाख किसानों को कवर करती है।
Placeमहाराष्ट्र: वह राज्य जहाँ इस योजना की शुरुआत पंढरपुर में की गई थी।
Mains angle
Q. भारत में राज्य-संचालित कृषि ऋण माफी योजनाओं के ग्रामीण ऋण चक्र और कृषि उत्पादकता पर पड़ने वाले दीर्घकालिक आर्थिक निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
Moral hazard: Risk of creating a cycle of repeated defaults by farmers relying on periodic debt waivers.
Fiscal pressure: Impact of large-scale state expenditure on the state's fiscal deficit and availability of funds for infrastructure.
चर्चा में क्यों: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भीषण बाढ़ और नगालैंड में बादल फटने से प्रभावित 7.27 लाख लोगों के लिए राहत उपायों के निर्देश दिए हैं।
असम के 25 जिलों में 7.27 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। नागालैंड में भारी वर्षा और बादल फटने के कारण उत्पन्न हुई बाढ़ के परिणामस्वरूप 31 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है और 100 से अधिक व्यक्ति लापता हैं।
Prelims pointers (3)
Factबाढ़ के कारण असम के 25 जिलों में 7.27 लाख लोग प्रभावित हुए।
Placeशिवसागर, चराइदेव और जोरहाट असम के प्रमुख बाढ़ प्रभावित जिले हैं।
Factवर्तमान बाढ़ संकट के अनुसार अब तक 31 मौतें और 100 से अधिक लापता होने की सूचना मिली है।
Mains angle
Q. ब्रह्मपुत्र बेसिन में बार-बार आने वाली बाढ़ में योगदान देने वाले भौगोलिक और जलवायु संबंधी कारकों का विश्लेषण कीजिए और प्रभावी आपदा शमन के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।
Infrastructure gap: Inadequate drainage systems and embankment breaches in flood-prone districts of Assam.
Logistical bottleneck: Difficulty in reaching remote villages cut off by floodwaters for timely relief distribution.
Climate vulnerability: Increasing frequency of extreme weather events like cloudbursts affecting downstream river basins.
चर्चा में क्यों: आंध्र प्रदेश सरकार ने अभिलेखों के डिजिटलीकरण और किसानों को मनमाने भूमि वर्गीकरण से बचाने के उद्देश्य से धारा 22A के सरलीकृत भूमि नियमों की घोषणा की है।
आंध्र प्रदेश के राजस्व मंत्री ने भूमि अभिलेखों के लिए एकमात्र डेटाबेस के रूप में Webland 2.0 पर संक्रमण की घोषणा की है। नए नियम प्रमाण का भार सरकार पर स्थानांतरित करते हैं और भूमि पर प्रतिबंध लगाने से पूर्व 30 दिनों की आपत्ति अवधि को अनिवार्य बनाते हैं।
Prelims pointers (3)
FactWebland 2.0: आंध्र प्रदेश में भूमि अभिलेखों के लिए प्राथमिक डिजिटल डेटाबेस।
Act / Billधारा 22A: प्रक्रियाओं को सरल बनाने और भूस्वामियों की सुरक्षा के लिए संशोधित किया जा रहा विशिष्ट भूमि नियम।
Fact30-दिवसीय आपत्ति अवधि: भूमि को प्रतिबंधित श्रेणी में स्थानांतरित करने से पहले जनता/मालिकों द्वारा आपत्ति दर्ज करने की अनिवार्य समयसीमा।
Mains angle
Q. भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण और प्रमाण के भार को राज्य पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया किस प्रकार पारदर्शिता को बढ़ाने और लघु एवं सीमांत किसानों के अधिकारों की सुरक्षा में सहायक हो सकती है, इसका विश्लेषण कीजिए।
Administrative transparency: Reducing manual entry errors and corruption risks by establishing Webland 2.0 as the single source of truth.
Legal protection: Shifting the burden of proof to the government to prevent arbitrary land acquisition or classification.
Procedural safeguards: Mandatory 30-day notice periods to ensure democratic participation and due process for rural landowners.
Keywords: Land Reforms · Digital Governance · Transparency · Farmer Rights · Due Process
चर्चा में क्यों: NABARD और CSIR-CFTRI ने 21 जुलाई, 2026 को कल्याण कर्नाटक के सात जिलों में किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को तकनीकी और क्षमता-निर्माण सहायता प्रदान करने के लिए एक MoA पर हस्ताक्षर किए।
समझौता ज्ञापन (MoA) मुख्य रूप से किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) के लिए प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, प्रक्रिया मानकीकरण और गुणवत्ता आश्वासन पर केंद्रित है। इस सहयोग में CSIR-CFTRI, मैसूर शामिल है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण उद्यमियों के लिए मूल्य संवर्धन को बढ़ाने हेतु खाद्य परीक्षण एवं प्रमाणन केंद्रों (FT-CFCs) को सहायता प्रदान करना है।
Prelims pointers (4)
BodyNABARD: National Bank for Agriculture and Rural Development, RRBs और Cooperative Banks को रिफाइनेंस प्रदान करता है।
BodyCSIR-CFTRI: Central Scientific Laboratories - Central Food Technological Research Institute, जो मैसूर में स्थित है।
Factयह पहल कल्याण कर्नाटक क्षेत्र के सात जिलों को लक्षित करती है।
S&TFT-CFCs: खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करने के लिए Food Testing and Certification Centers आवश्यक हैं।
Mains angle
Q. संस्थागत अनुसंधान और वित्तीय सहायता का एकीकरण किस प्रकार किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को ग्रामीण औद्योगिकीकरण और खाद्य प्रसंस्करण के व्यवहार्य केंद्रों में परिवर्तित कर सकता है, इस पर चर्चा कीजिए।
Value chain integration: Bridging the gap between primary production and standardized market-ready processing units.
Institutional synergy: Leveraging CSIR's technical expertise with NABARD's financial reach to mitigate post-harvest losses.
Keywords: Value Addition · Technology Transfer · Rural Entrepreneurship · Food Safety · Collective Action
चर्चा में क्यों: जम्मू और कश्मीर में भीषण फ्लैश फ्लड (अचानक आई बाढ़) और भूस्खलन के कारण 22 लोगों की मृत्यु हुई और बुनियादी ढांचे को क्षति पहुँची, जिसके परिणामस्वरूप अमरनाथ यात्रा को स्थगित कर दिया गया और विद्यालयों को बंद कर दिया गया।
21 जुलाई, 2025 को तीन दिनों तक हुई अत्यधिक वर्षा के कारण जम्मू और कश्मीर में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस आपदा के परिणामस्वरूप पूंछ और राजौरी जिलों में विद्युत आपूर्ति बाधित हुई और शैक्षणिक संस्थानों को 26 जुलाई, 2025 तक बंद रखने के निर्देश जारी किए गए।
Prelims pointers (4)
Placeपुंछ और राजौरी: केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के जिले।
Bodyभारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD): मौसम संबंधी प्रेक्षण और पूर्वानुमान के लिए जिम्मेदार राष्ट्रीय एजेंसी।
Factहताहत: 21 जुलाई, 2025 को अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण कम से कम 22 नागरिक मारे गए।
Factबंद होने की अवधि: IMD की चेतावनियों के कारण J&K में शैक्षणिक संस्थान 26 जुलाई, 2025 तक बंद रहे।
Mains angle
Q. हिमालयी क्षेत्र में आपदा-लचीले बुनियादी ढांचे के विकास में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और अचानक आने वाली बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के प्रभाव को कम करने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
Geological vulnerability: High seismic activity and fragile lithology increasing landslide frequency in the Pir Panjal range
Early warning gap: Need for localized Doppler weather radars to provide hyper-local flood alerts in hilly terrains
Infrastructure bottleneck: Difficulty in maintaining power and communication lines in landslide-prone districts like Poonch and Rajouri
Keywords: Flash floods · Disaster resilience · Himalayan ecology · Early warning systems · Climate vulnerability
चर्चा में क्यों: भारी वर्षा की कमी के कारण कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच जल विमोचन विवादों के समाधान हेतु दिल्ली में कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (Cauvery Water Management Authority) की बैठक आयोजित की गई।
कर्नाटक में वर्षा में 35% की कमी दर्ज की गई है, जिसमें कोडागु जिले में यह कमी 45% तक है। चार प्रमुख जलाशयों में संचित जल स्तर 52% पर है, जिसके परिणामस्वरूप 1 जून, 2024 से 19 जुलाई, 2024 के मध्य तमिलनाडु को निर्धारित 28.3 tmcft के विरुद्ध केवल 3.4 tmcft जल ही छोड़ा गया है।
Prelims pointers (4)
Factकर्नाटक में वर्षा की कमी: जुलाई 2024 तक 35%।
Factकावेरी जलाशय भंडारण: 52% संचयी क्षमता।
Factतमिलनाडु को वास्तविक जल विमोचन (1 जून - 19 जुलाई, 2024): 3.4 tmcft।
Factनिर्धारित जल विमोचन लक्ष्य: 28.3 tmcft।
Mains angle
Q. भारत में अंतर-राज्यीय नदी जल साझाकरण के प्रबंधन में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और कृषि संबंधी आवश्यकताओं एवं पेयजल की प्राथमिकताओं के बीच संतुलन स्थापित करने हेतु उचित उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
Inter-state friction: Conflict between riparian rights and equitable distribution of perennial river resources
Climate vulnerability: Impact of erratic monsoon patterns on the reliability of historical water-sharing agreements
Prioritization dilemma: Legal and ethical trade-offs between irrigation needs and basic human right to drinking water
Keywords: Inter-state water disputes · Riparian rights · Water scarcity · Federalism · Climate resilience
चर्चा में क्यों: उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने सार्वजनिक परिवहन के आधुनिकीकरण और CAQM के वायु गुणवत्ता मानकों को पूरा करने हेतु UPSRTC के लिए 250 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को मंजूरी दी है।
इस परियोजना के अंतर्गत अनुमानित लागत ₹425.50 करोड़ की 250 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं, जिनका वित्तपोषण राज्य सरकार (₹400 करोड़) और UPSRTC (₹25.50 करोड़) द्वारा किया जाएगा। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना के अंतर्गत वाराणसी में 500 बिस्तरों वाले कामकाजी महिलाओं के छात्रावास को भी स्वीकृति प्रदान की है।
Prelims pointers (4)
Factउत्तर प्रदेश में 250 इलेक्ट्रिक बसों की कुल अनुमानित लागत 425.50 करोड़ रुपये है।
BodyUPSRTC: Uttar Pradesh State Road Transport Corporation।
BodyCAQM: Commission for Air Quality Management (NCR और आस-पास के क्षेत्रों के लिए एक वैधानिक निकाय)।
Schemeमुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना: महिलाओं के छात्रावासों के लिए राज्य स्तरीय योजना।
Mains angle
Q. उत्तर भारतीय राज्यों में सतत शहरी गतिशीलता प्राप्त करने और वायु गुणवत्ता में सुधार करने में सार्वजनिक परिवहन के विद्युतीकरण की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
Regulatory compliance: Aligning state transport infrastructure with CAQM air quality mandates
Fiscal federalism: Balancing state-funded capital expenditure with public utility modernization
Gender-inclusive infrastructure: Addressing urban migration challenges through dedicated women's housing
Keywords: Sustainable Mobility · Public Transport Electrification · Air Quality Management · Urban Infrastructure · Gender Mainstreaming
चर्चा में क्यों: सिक्किम में NHPC तीस्ता चरण VI जलविद्युत परियोजना में भूस्खलन के कारण सुरंग ढहने से 8 व्यक्तियों की मृत्यु हो गई और 27 लोग मलबे में दब गए।
यह घटना सिक्किम के समरडुंग में स्थित NHPC तीस्ता चरण VI जलविद्युत परियोजना में घटित हुई। भूस्खलन के कारण यह ढहने की घटना हुई, और खतरनाक गैस रिसाव के कारण बचाव कार्य जटिल हो गया।
Prelims pointers (3)
Placeसमरडुंग: सिक्किम में तीस्ता स्टेज VI जलविद्युत परियोजना का स्थान।
BodyNHPC: National Hydroelectric Project Corporation Limited, एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम।
Fact21 जुलाई, 2026 तक 8 मौतें और 27 लोग फंसे हुए।
Mains angle
Q. हिमालयी क्षेत्र में जलविद्युत परियोजनाओं के निर्माण में आने वाली भूगर्भीय और इंजीनियरिंग चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए तथा भूस्खलन से उत्पन्न आपदाओं को कम करने के लिए उपयुक्त उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
Geological instability: High seismic activity and fragile lithology in the Himalayas increasing landslide frequency
Safety protocols: Need for real-time gas monitoring and automated structural integrity sensors in tunnel construction
Environmental trade-off: Balancing rapid hydroelectric expansion with the ecological sensitivity of Himalayan river basins
चर्चा में क्यों: असम के मुख्यमंत्री हिमंता विश्व शर्मा ने रोजगार सृजन और संसाधन दक्षता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 19 जुलाई, 2026 को 'मिशन सेनेजोरी' (Mission Senehjori) की शुरुआत की, जिसके अंतर्गत मुगा रेशम के अपशिष्ट को उच्च-मूल्य वाले सूते (spun yarn) में परिवर्तित किया जाएगा।
मुगा रेशम एक भौगोलिक संकेत (GI) टैग प्राप्त किस्म है और यह असम के चार व्यावसायिक रेशमों (एरी, पाट, तसर) में सर्वाधिक मूल्यवान है। राज्य का रेशम उद्योग 10,500 गाँवों में फैले 7 लाख से अधिक परिवारों को सहायता प्रदान करता है और 2.6 लाख परिवारों को रोजगार देता है, जिसमें महिलाएँ कार्यबल का 70% से अधिक हिस्सा हैं।
Prelims pointers (4)
Placeमुगा सिल्क असम की एक GI-टैग प्राप्त रेशम की किस्म है।
Factवर्तमान में लगभग 40% Muga रेशम के कोकून (cocoons) व्यर्थ हो जाते हैं।
Factअसम के रेशम उद्योग में कार्यबल का 70% से अधिक हिस्सा महिलाओं का है।
Factमिशन Senehjori को रेशम के अपशिष्ट को सूती धागे (spun yarn) में परिवर्तित करने के लिए 19 जुलाई, 2026 को लॉन्च किया गया था।
Mains angle
Q. भौगोलिक संकेत (GI) टैग प्राप्त उत्पादों के प्रचार और 'अपशिष्ट से मूल्य' (waste-to-value) की पहलों के माध्यम से पूर्वोत्तर भारत में ग्रामीण रोजगार और सतत औद्योगिक विकास को कैसे बढ़ावा दिया जा सकता है, इस पर चर्चा कीजिए।
Value-chain integration: Transitioning from raw silk production to high-value spun yarn to capture higher profit margins.
Gender-inclusive growth: Leveraging the 70% female workforce participation to drive socio-economic empowerment in rural Assam.
Circular economy model: Mitigating the 40% cocoon wastage through infrastructure investment to improve resource utilization efficiency.
Keywords: Geographical Indication · Circular Economy · Value Addition · Rural Employment · Sustainable Development
चर्चा में क्यों: यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज - बैंगलोर, मिट्टी में घटते कार्बनिक कार्बन की समस्या से निपटनेके लिए कर्नाटक के 10 जिलों में किसानों को फसल अवशेषों से बायोचार (biochar) उत्पादन का प्रशिक्षण प्रदान कर रही है।
इस परियोजना को केंद्र सरकार की राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) द्वारा वित्तपोषित किया गया है। यह फसल अवशेषों को बायोचार में परिवर्तित करने के लिए पाइरोलिसिस हेतु पोर्टेबल ड्रम तकनीक का उपयोग करती है, जो मृदा उर्वरता और जल धारण क्षमता को बढ़ाती है।
Prelims pointers (3)
Schemeराष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY): कृषि विकास और बुनियादी ढांचे के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने वाली एक केंद्रीय योजना।
S&TBiochar: कार्बनिक पदार्थों के ऑक्सीजन-सीमित वातावरण में ऊष्मीय-रासायनिक अपघटन (pyrolysis) द्वारा निर्मित चारकोल जैसा पदार्थ।
Factप्रारंभिक प्रशिक्षण चरण के लिए यह पहल कर्नाटक के 10 जिलों में 100 किसानों को लक्षित करती है।
Mains angle
Q. भारतीय कृषि में मृदा क्षरण और पराली जलाने की दोहरी चुनौती के समाधान में बायोचार (biochar) तकनीक को अपनाने की क्षमता का विश्लेषण कीजिए।
Soil health restoration: Reversing the decline of Soil Organic Carbon (SOC) caused by intensive monoculture and chemical-heavy farming.
Waste-to-wealth transition: Converting agricultural residue into a value-added soil amendment to reduce open-field burning.
Technological accessibility: Utilizing low-cost portable drum technology to ensure adoption by small and marginal farmers.
चर्चा में क्यों: असम में भारी वर्षा के कारण आई अचानक बाढ़ से 12 जिले प्रभावित हुए और 1.7 लाख लोग प्रभावित हुए, जिसके कारण बहु-एजेंसी बचाव अभियान की आवश्यकता उत्पन्न हुई।
आकस्मिक बाढ़ के कारण 580 गाँव जलमग्न हो गए और 10,362 हेक्टेयर भूमि पर स्थित फसलों को क्षति पहुँची। 'ऑपरेशन जल राहत' के अंतर्गत बचाव कार्यों हेतु भारतीय सेना, असम राइफल्स और NDRF को तैनात किया गया।
Prelims pointers (4)
Factअसम में आई अचानक बाढ़ (Flash floods) से 12 जिले प्रभावित हुए और 1.7 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए।
Fact10,362 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर फसल की क्षति हुई।
BodyNDRF (National Disaster Response Force) भारत में आपदा प्रतिक्रिया के लिए प्राथमिक एजेंसी है।
Postअसम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राहत कार्यों की निगरानी की।
Mains angle
Q. पूर्वोत्तर भारत में बार-बार आने वाली अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के कारण कृषि आधारित आजीविका पर पड़ने वाले प्रभावों को कम करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और जलवायु-अनुकूल बुनियादी ढांचे के निर्माण हेतु उचित उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
Infrastructure gap: Inadequate drainage systems and lack of flood-resilient storage for crops in flood-prone plains.
Logistical bottleneck: Disruption of rail and road connectivity hindering timely delivery of relief to remote villages.
Institutional coordination: Need for synchronized early warning systems between state disaster management and central agencies.
चर्चा में क्यों: 19 जुलाई, 2026 को जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिलों में आई आकस्मिक बाढ़ (Flash floods) में 18 लोगों की मृत्यु हो गई, जो चरम मौसमी घटनाओं के प्रति हिमालयी क्षेत्रों की संवेदनशीलता को रेखांकित करती है।
19 जुलाई, 2026 को पूंछ और राजौरी जिलों में भारी वर्षा और अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की घटनाएँ घटित हुईं। पूंछ जिले में सोलह व्यक्तियों की मृत्यु दर्ज की गई, जबकि राजौरी के बेला कॉलोनी बस स्टैंड पर अचानक आई बाढ़ के कारण लगभग 50 वाहन बह गए।
Prelims pointers (3)
Placeपुंछ और राजौरी केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के जिले हैं।
Fact19 जुलाई, 2026 को जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में आई अचानक आई बाढ़ (Flash floods) के कारण 18 लोगों की मृत्यु हुई।
Factराजौरी के बेला कॉलोनी बस स्टैंड पर लगभग 50 वाहन बह गए।
Mains angle
Q. हिमालयी क्षेत्र में अचानक आने वाली बाढ़ (फ्लैश फ्लड्स) की बढ़ती आवृत्ति में योगदान देने वाले भौगोलिक और जलवायु कारकों का विश्लेषण कीजिए और आपदा-लचीले बुनियादी ढांचे के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
Geological vulnerability: High seismic activity and fragile lithology in the Western Himalayas increasing landslide risks.
Infrastructure gap: Lack of early warning systems and flood-resilient transport hubs in remote border districts.
Climate-induced risk: Intensification of extreme precipitation events due to changing regional atmospheric patterns.
Keywords: Flash floods · Disaster resilience · Himalayan ecology · Early warning systems · Climate adaptation
चर्चा में क्यों: बिहार के मुख्यमंत्री ने बाढ़ की समस्या के समाधान और सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करनेके उद्देश्य से, बगमती-बुढ़ी गंडक नदी अंतर-परियोजना के हिस्से के रूप में 68 किमी लंबे बेलवा-मिनापुर लिंक चैनल का उद्घाटन किया।
बेलवा-मिनापुर लिंक चैनल बिहार के शिवहर जिले में स्थित 68 किलोमीटर लंबा एक जलमार्ग है, जिसका निर्माण ₹130.88 करोड़ की लागत से किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य बाढ़ के जल का प्रबंधन करने और कृषि उत्पादकता को बढ़ावा देनेके लिए बागमती नदी से अतिरिक्त जल को बूढ़ी गंडक नदी की ओर मोड़ना है।
Prelims pointers (4)
Factबेलवा-मिनापुर लिंक चैनल की लंबाई 68 km है।
Factलिंक चैनल की परियोजना लागत ₹130.88 करोड़ है।
Placeलिंक चैनल बिहार के शिवहर जिले में स्थित है।
Factइस परियोजना का उद्देश्य बागमती नदी से पानी को बुढ़ी गंडक नदी की ओर मोड़ना है।
Mains angle
Q. भारत-गंगा के मैदानी क्षेत्रों में बाढ़ प्रबंधन और सिंचाई की दोहरी चुनौतियों के समाधान में नदी जोड़ो परियोजनाओं की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
Hydrological impact: Balancing the ecological flow of the Bagmati and Budhi Gandak rivers while managing surplus floodwaters.
Keywords: River Interlinking · Flood Management · Irrigation Infrastructure · Water Resource Management · Sustainable Development
चर्चा में क्यों: हिमाचल प्रदेश में भारी वर्षा और ऑरेंज अलर्ट के कारण, राज्य सरकार ने मानसून से संबंधित आपदा जोखिमों को कम करनेके उद्देश्य से स्थानीय अधिकारियों को विद्यालय बंद करने हेतु अधिकृत किया है।
शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने 19 जुलाई से 23 जुलाई तक भारी से अत्यधिक भारी वर्षा के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। शुक्रवार शाम से अब तक जोट में 109 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जिसके परिणामस्वरूप कांगड़ा और चंबा जिलों में भूस्खलन और अचानक आने वाली बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की चेतावनी जारी की गई है।
Prelims pointers (3)
Placeकांगड़ा और चंबा: हिमाचल प्रदेश के वे जिले जो मानसून के दौरान भूस्खलन और अचानक आने वाली बाढ़ (flash floods) के प्रति संवेदनशील हैं।
Factशुक्रवार शाम से शनिवार के बीच Jot में 109 mm वर्षा दर्ज की गई।
Factऑरेंज अलर्ट: शिमला मौसम केंद्र द्वारा 19 जुलाई से 23 जुलाई की अवधि के लिए जारी किया गया।
Mains angle
Q. बढ़ती चरम मौसमी घटनाओं की आवृत्ति के बीच हिमालयी क्षेत्र में आपदा-लचीले बुनियादी ढांचे और स्कूली सुरक्षा प्रोटोकॉल के समक्ष आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
Geological vulnerability: High seismic activity and fragile lithology in Himachal Pradesh increasing landslide frequency.
Administrative decentralization: Empowering Deputy Commissioners to make real-time decisions on school closures during emergencies.
Infrastructure bottleneck: Inadequate drainage systems and road-cutting in hilly terrains exacerbating flash flood impacts.
चर्चा में क्यों: क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करनेउद्देश्य से केंद्र सरकार ने दिल्ली-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) को हरिद्वार और ऋषिकेश तक 150 किमी तक विस्तारित करने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की है।
प्रस्तावित विस्तार मोदीपुरम (मेरठ) से हरिद्वार और ऋषिकेश तक 150 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर को कवर करता है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य दिल्ली से ऋषिकेश तक की यात्रा के समय को 5-6 घंटों से घटाकर लगभग 3 घंटे करना है।
Prelims pointers (4)
BodyNCRTC (National Capital Region Transport Corporation) वह संस्था है जो RRTS परियोजना के लिए उत्तरदायी है।
Factप्रस्तावित RRTS विस्तार गलियारे की लंबाई 150 km है।
Placeमेरठ में मोदिपुरम प्रस्तावित विस्तार का प्रारंभिक बिंदु है।
Factइस परियोजना का उद्देश्य दिल्ली-ऋषिकेश यात्रा के समय को कम करके 3 घंटे करना है।
Mains angle
Q. हिमालय की तलहटी वाले क्षेत्रों में क्षेत्रीय तीव्र पारगमन प्रणाली (RRTS) का विस्तार किस प्रकार क्षेत्रीय आर्थिक विकास और पर्यटन के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य कर सकता है, चर्चा कीजिए।
Economic decentralization: Creating new real estate hubs and industrial clusters outside the Delhi-NCR core.
Infrastructure-led tourism: Reducing highway congestion while increasing the carrying capacity of pilgrimage sites.
Inter-state coordination: Requirement for synchronized land acquisition and engineering standards between Uttar Pradesh and Uttarakhand.
Keywords: Regional Connectivity · Namo Bharat · Infrastructure Development · Economic Corridor · Pilgrimage Tourism
चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करनेउद्देश्य से जालंधर में 5,470 करोड़ रुपये की रेल और सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
इस उद्घाटन समारोह के अंतर्गत 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत पुनर्विकसित किए गए 75 रेलवे स्टेशनों को शामिल किया गया। जालंधर में अमृतसर-वाराणसी संत रविदास एक्सप्रेस जैसी नई रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
Prelims pointers (3)
Schemeअमृत भारत स्टेशन योजना: रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए केंद्र सरकार की एक पहल।
Factपरियोजना मूल्य: जालंधर में रेल और सड़क परियोजनाओं के लिए Rs 5,470 करोड़।
Placeजालंधर: यह पंजाब राज्य में स्थित है।
Mains angle
Q. भारत में रेलवे और सड़क बुनियादी ढांचे का विस्तार किस प्रकार क्षेत्रीय आर्थिक विकास और ग्रामीण-शहरी एकीकरण के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करता है, चर्चा कीजिए।
Logistics efficiency: Reduction in transit times and costs for agricultural produce movement
Last-mile connectivity: Bridging the infrastructure gap between rural hinterlands and urban markets
Employment generation: Direct and indirect job creation through large-scale infrastructure construction
Keywords: Infrastructure development · Regional connectivity · Amrit Bharat Station Scheme · Economic integration · Logistics
चर्चा में क्यों: असम सरकार ने किसानों और जैव विविधता की सुरक्षा हेतु मानव-हाथी संघर्ष और बंदरों के आतंक को कम करने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने की घोषणा की है।
असम सरकार मुआवजे, किसान सहायता और आवास बहाली से युक्त एक बहुआयामी रणनीति को लागू करने की योजना बना रही है। प्रमुख तकनीकी हस्तक्षेपों में वन्यजीवों के प्रवेश को रोकने के लिए सोलर फेंसिंग और बायो-फेंसिंग की स्थापना शामिल है।
Prelims pointers (4)
Placeअसम: उत्तर-पूर्वी भारत का एक राज्य जहाँ मानव-वन्यजीव संघर्ष (human-wildlife conflict) की घटनाएँ अक्सर देखी जाती हैं।
Factमानव-हाथी संघर्ष और बंदरों के आतंक के लिए SOP तैयार करने का लक्ष्य जुलाई 2024 निर्धारित किया गया है।
S&Tसोलर फेंसिंग: कृषि भूमि से वन्यजीवों को दूर रखने के लिए सौर ऊर्जा से संचालित बिजली का उपयोग करने वाली एक विधि।
S&Tबायो-फेंसिंग (Bio-fencing): वन्यजीव सीमाओं के निर्माण के लिए घनी वनस्पति या कटीली झाड़ियों जैसे प्राकृतिक अवरोधों का उपयोग।
Mains angle
Q. पूर्वोत्तर भारत में मानव-वन्यजीव संघर्ष से उत्पन्न पारिस्थितिक और सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए तथा भौतिक और जैविक अवरोधों की प्रभावकारिता का मूल्यांकन कीजिए।
Ecological fragmentation: Habitat loss forcing wildlife into agricultural zones and increasing conflict frequency.
Economic vulnerability: Crop damage and livestock loss disproportionately affecting small-scale farmers in the Northeast.
Technological trade-offs: Balancing the efficacy of solar fencing with the need for non-lethal, wildlife-friendly deterrents.
चर्चा में क्यों: लद्दाख के उपराज्यपाल ने UAE को जैविक खुबानी (organic apricots) के प्रथम निर्यात का शुभारंभ किया, जो उच्च-मूल्य वाले जैविक निर्यात की ओर एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है।
लद्दाख में 2,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में खुबानी की 80 किस्में उत्पादित की जाती हैं। कारगिल जिला 10,656 मीट्रिक टन के उत्पादन के साथ इस क्षेत्र में अग्रणी है। Lulu Group के साथ हुए एक समझौता ज्ञापन (MoU) का उद्देश्य इस आगामी सीजन में निर्यात को 1,000 मीट्रिक टन से अधिक तक विस्तारित करना है।
Prelims pointers (4)
Factलद्दाख 2,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में खुबानी की 80 किस्में पैदा करता है।
Factकारगिल जिला 10,656 मीट्रिक टन के साथ खुबानी (apricot) उत्पादन में अग्रणी है।
Placeकारगिल, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में खुबानी (apricot) उत्पादन का एक प्रमुख क्षेत्र है।
FactLulu Group के साथ MoU के माध्यम से वर्तमान सीजन के लिए निर्यात लक्ष्य 1,000 metric tonnes से अधिक है।
Mains angle
Q. लद्दाख जैसे हिमालयी क्षेत्रों की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में उच्च-मूल्य वाले जैविक बागवानी और भौगोलिक संकेत (GI) टैगों को बढ़ावा देने की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
Market access: Leveraging international MoUs to bypass traditional middleman-heavy supply chains
Brand protection: GI tags as a tool to prevent generic branding and ensure premium pricing
Logistical constraints: High-altitude cold chain requirements for maintaining organic integrity during export
चर्चा में क्यों: ऑल इंडिया डीप सी फिशर्स एसोसिएशन ने बड़े गहरे समुद्र के जहाजों के लिए प्रस्तावित ₹25,000 के प्रवेश शुल्क के विरुद्ध राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है, जिसमें लघु स्तर के मछुआरों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया गया है।
यह विरोध मर्चेंट शिपिंग एक्ट (Merchant Shipping Act) में किए गए उस संशोधन से उत्पन्न हुआ है, जिसका उद्देश्य गहरे समुद्रों में बड़े जहाजों के संचालन की अनुमति देना है। यह संघ मीनाकुमारी समिति की रिपोर्ट के आधार पर इन परिवर्तनों का विरोध कर रहा है और स्थानीय मत्स्य समुदायों के साथ पूर्व परामर्श किए बिना इस कदम को रोकने की मांग कर रहा है।
Prelims pointers (4)
Bodyऑल इंडिया डीप सी फिशर्स एसोसिएशन (All India Deep Sea Fishers’ Association): भारत में गहरे समुद्र में मछली पकड़ने के हितों के लिए एक प्रतिनिधि निकाय।
Act / BillMerchant Shipping Act: भारत में शिपिंग और समुद्री गतिविधियों को नियंत्रित करने वाला प्राथमिक कानून।
Factएक्सेस शुल्क: गहरे समुद्री क्षेत्रों (deep-sea zones) में प्रवेश के लिए बड़े जहाजों हेतु ₹25,000 का प्रस्ताव।
Report / Indexमीणाकुमारी समिति: गहरे समुद्र में मछली पकड़ने के नियमों के संबंध में मछुआरों द्वारा उद्धृत एक समिति रिपोर्ट।
Mains angle
Q. भारत में गहरे समुद्र में मछली पकड़ने के औद्योगिकीकरण के लघु-स्तरीय पारंपरिक मछुआरों की आजीविका पर पड़ने वाले सामाजिक-आर्थिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
Livelihood displacement: Risk of marginalizing small-scale fishers due to high entry costs and industrial competition
Regulatory friction: Conflict between modernization of maritime infrastructure and traditional fishing rights
Consultative deficit: Lack of stakeholder engagement in amending the Merchant Shipping Act affecting coastal communities
चर्चा में क्यों: VB-G RAM जी. प्रणाली में परिवर्तन के पश्चात पंजीकृत MGNREGS श्रमिकों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिसने डेटा की सत्यता और ग्रामीण रोजगार ट्रैकिंग पर बहस छेड़ दी है।
MGNREGS के पंजीकृत श्रमिकों की संख्या पखवाड़े के भीतर 27 करोड़ से घटकर 26.33 करोड़ (67.6 लाख की गिरावट) रह गई है। LibTech India के विश्लेषण के अनुसार, इस गिरावट में सर्वाधिक कमी बिहार, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना में दर्ज की गई।
Prelims pointers (3)
SchemeMGNREGS: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों के गारंटीकृत मजदूरी रोजगार का प्रावधान प्रदान करती है।
FactVB-G RAM जी. संक्रमण के बाद जुलाई 2026 तक पंजीकृत श्रमिकों की संख्या में 67.6 लाख की गिरावट आई।
Bodyग्रामीण विकास मंत्रालय: MGNREGS के कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार नोडल मंत्रालय।
Mains angle
Q. तकनीकी संक्रमण के दौर में मनरेगा (MGNREGS) ढांचे के अंतर्गत डेटा की अखंडता बनाए रखने और समावेशी रोजगार वितरण सुनिश्चित करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
Data synchronization: Discrepancies between state-level reporting and central database updates during system migrations
Inclusion gap: Risk of 'ghost' worker removal or genuine worker exclusion during automated transition phases
Administrative friction: Conflict between Ministry of Rural Development SOPs and third-party data analysis findings
Keywords: Data Integrity · Rural Employment · Digital Governance · MGNREGS · Systemic Transition
चर्चा में क्यों: हजारों मौतों और गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों की रिपोर्टों के बाद, केंद्र सरकार ने अत्यधिक विषैले शाकनाशी (herbicide) पैराक्वाट डाइक्लोराइड पर प्रतिबंध लगा दिया है।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने विशेषज्ञ समिति और पंजीकरण समिति की रिपोर्टों के आधार पर यह प्रतिबंध लागू किया। यह निर्णय आत्म-क्षति, हत्यकांड और दुर्घटनाओं के कारण होने वाली मृत्यु की उच्च दर तथा प्रभावी प्रतिविष (antidote) के अभाव को देखते हुए लिया गया।
Prelims pointers (3)
Act / Billकीटनाशक अधिनियम (Insecticides Act) 1968: भारत में कीटनाशकों के पंजीकरण और विनियमन को नियंत्रित करने वाला प्राथमिक विधान।
FactParaquat dichloride: एक गैर-चयनात्मक (non-selective) शाकनाशी, जो अपनी उच्च विषाक्तता और विशिष्ट प्रतिविष (antidote) के अभाव के लिए जाना जाता है।
Bodyपंजीकरण समिति (Registration Committee): यह वह निकाय है जो Insecticides Act के तहत कीटनाशकों की सुरक्षा और प्रभावकारिता का मूल्यांकन करने के लिए उत्तरदायी है।
Mains angle
Q. भारत में खतरनाक कीटनाशकों के प्रबंधन में कृषि उत्पादकता और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित करने में आने वाली विनियामक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
Regulatory lag: Delay between identifying chemical toxicity and enforcing national-level bans under the Insecticides Act.
Information asymmetry: Lack of awareness among farmers regarding the lethal risks and lack of antidotes for paraquat.
State-Centre friction: Discrepancies in pesticide regulation between states like Kerala/Odisha and the Union government.
Keywords: Public Health Safety · Regulatory Framework · Toxicology · Agricultural Policy · Precautionary Principle