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भाग I · स्था. 11.2025 
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लोकसभा सोमवार को पेश करेगी Public Examinations Amendment Bill, 2026

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चर्चा में क्यों

NEET पेपर लीक के पश्चात परीक्षा में अनुचित साधनों के प्रयोग पर अंकुश लगाने और शिकायतों के निवारण हेतु, लोकसभा सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करने वाली है।

पृष्ठभूमि

यह विधेयक परीक्षा संबंधी धोखाधड़ी से संबंधित परीक्षणों में तेजी लाने के लिए प्रत्येक राज्य में त्वरित न्यायालयों (fast-track courts) की स्थापना का प्रस्ताव करता है। यह अधिकतम कारावास की अवधि को पांच से बढ़ाकर दस वर्ष करने और अधिकतम जुर्माने की राशि को बढ़ाकर 50 लाख रुपये करने का लक्ष्य रखता है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • अधिनियम / विधेयकलोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026।
  • तथ्यप्रस्तावित अधिकतम जेल की अवधि: 10 वर्ष।
  • तथ्यप्रस्तावित अधिकतम जुर्माना: Rs 50 लाख।
  • संस्थापरीक्षा संबंधी अपराधों के लिए प्रत्येक राज्य में फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे।

मेन्स के लिए

Q. राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की अखंडता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक संस्थागत उपायों और परीक्षा संबंधी कदाचार को रोकने में विधायी सुधारों की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • Judicial bottleneck: Delays in conventional courts often allow perpetrators of paper leaks to evade immediate accountability
  • Regulatory oversight: Need for a centralized, tech-enabled auditing mechanism for private and public testing agencies
  • Deterrence mechanism: Balancing stringent punitive measures with the need for swift, transparent judicial processes

कीवर्ड: Institutional integrity · Legislative oversight · Examination malpractice · Fast-track justice · Accountability

पूरा कालक्रम (रिवीजन के लिए) →पूरी खबर पढ़ें →स्रोत: NDTV ↗यह भी: GS2 · Education policyयह भी: GS2 · Parliament & state legislatures

शासन पर और नोट्स

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।