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भाग I · स्था. 11.2025 
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CBSE क्लास 12 ऑन-स्क्रीन मार्किंग में गड़बड़ी पर सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब

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चर्चा में क्यों

17 लाख छात्रों को प्रभावित करने वाली अनियमितताओं के संबंध में दायर एक याचिका के उपरांत, उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने केंद्र सरकार को कक्षा 12 की परीक्षाओं के लिए CBSE के 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (On-Screen Marking) सिस्टम में तकनीकी त्रुटियों को दूर करने का निर्देश दिया है।

पृष्ठभूमि

उच्चतम न्यायालय ने CBSE की 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' प्रणाली के संबंध में जांच समिति द्वारा की गई जांच पर सॉलिसिटर जनरल से स्थिति रिपोर्टमांगी है। याचिका में इस बात को रेखांकित किया गया है कि तकनीकी अनियमितताओं के कारण वर्तमान शैक्षणिक चक्र में उत्तीर्ण होने की दर घटकर 85.2% रह गई है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • संस्थाCBSE: Central Board of Secondary Education, भारत में शिक्षा का एक स्वायत्त राष्ट्रीय बोर्ड है।
  • तथ्यमार्किंग संबंधी समस्याओं से प्रभावित कक्षा 12 की परीक्षाओं की उत्तीर्ण दर 2026 में 85.2% दर्ज की गई।
  • पदSolicitor General: सर्वोच्च न्यायालय में केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले उच्चतम पद के सरकारी वकील।

मेन्स के लिए

प्रश्न: बड़े पैमाने पर आयोजित होने वाली राष्ट्रीय परीक्षाओं में डिजिटल मूल्यांकन प्रणालियों की ओर संक्रमण में आने वाली चुनौतियों का परीक्षण कीजिए और पारदर्शिता एवं तकनीकी विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS2 · पारदर्शिता, जवाबदेही एवं RTIयह भी: GS2 · न्यायपालिका एवं ऐतिहासिक फैसले

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।