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भाग I · स्था. 11.2025 
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उम्र की पाबंदी खत्म, लखनऊ दंपति को सरोगेसी के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट से राहत

GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· Vulnerable sections (SC/ST, minorities, disabled, elderly, children)· Prelims + Mains·

चर्चा में क्यों

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक 50 वर्षीय महिला को संरक्षित भ्रूणों (preserved embryos) का उपयोग करके सरोगेसी (surrogacy) की प्रक्रिया अपनाने की अनुमति प्रदान की है। न्यायालय ने निर्णय दिया कि सरोगेसी (विनियमन) अधिनियम में निर्धारित कठोर आयु सीमा प्रजनन स्वायत्तता (reproductive autonomy) का उल्लंघन कर सकती है।

पृष्ठभूमि

इस दंपति ने वर्ष 2015 में तीन भ्रूण संरक्षित किए थे, किंतु 2022 में सरोगेसी (रेगुलेशन) एक्ट के कार्यान्वयन के कारण उन्हें बाधाओं का सामना करना पड़ा। लखनऊ में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की पीठ ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को तीन सप्ताह के भीतर आवेदन पर सुनवाई करने का निर्देश दिया।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • अधिनियम / विधेयकSurrogacy (Regulation) Act, 2021: भारत में व्यावसायिक और परोपकारी सरोगेसी (surrogacy) को विनियमित करता है।
  • तथ्यइस जोड़े ने 2015 में तीन भ्रूणों (embryos) को संरक्षित किया था।
  • स्थानलखनऊ: वह स्थान जहाँ इलाहाबाद उच्च न्यायालय की वह पीठ स्थित है जिसने यह निर्णय दिया।

मेन्स के लिए

Q. सरोगेसी (विनियमन) अधिनियम के माध्यम पर प्रजनन अधिकारों का राज्य द्वारा किया गया विनियमन, प्रजनन स्वायत्तता के मौलिक अधिकार के साथ किस सीमा तक विरोधाभास उत्पन्न करता है? का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • Constitutional conflict: Balancing the right to reproductive choice under Article 21 against state-mandated age and eligibility criteria.
  • Regulatory gap: Lack of clear legal framework for the use of cryopreserved embryos in surrogacy arrangements.
  • Ethical dilemma: Balancing the protection of women from exploitation against the rights of individuals to pursue biological parenthood.

कीवर्ड: reproductive autonomy · surrogacy regulation · cryopreservation · constitutional morality · right to life

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँस्रोत: Indian Express ↗यह भी: GS2 · Bills, Acts & ordinances

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।