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भाग I · स्था. 11.2025 
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कर्नाटक में 9.37 लाख वोटर नहीं मिले, चुनाव आयोग ने लिस्ट में पहचान की

GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· चुनाव, चुनाव आयोग एवं चुनाव सुधार· प्रीलिम्स·

चर्चा में क्यों

कर्नाटक निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के दौरान 9.37 लाख से अधिक अप्राप्य मतदाताओं की पहचान की है, जिससे सत्यापन का उत्तरदायित्व राजनीतिक दलों पर स्थानांतरित हो गया है।

पृष्ठभूमि

निर्वाचन आयोग ने कर्नाटक के कुल 5.54 करोड़ निर्वाचकों में से 9.37 लाख निर्वाचकों को अप्राप्य (untraceable) पाया है। विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया के अंतर्गत राजनीतिक दलों के लिए यह अनिवार्य है कि वे अंतिम मतदाता सूची के अद्यतनीकरण से पूर्व इन मामलों का सत्यापन करें।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • संस्थानिर्वाचन आयोग (ECI) चुनावी नामावली तैयार करने और उनके रखरखाव के लिए उत्तरदायी एक संवैधानिक निकाय है।
  • तथ्यजुलाई 2026 तक, कर्नाटक के 5.54 करोड़ निर्वाचकों में से 9.37 लाख अप्राप्य (untraceable) मतदाताओं की पहचान की गई।
  • तथ्यSpecial Intensive Revision (SIR) मतदाता सूची की सटीकता और अखंडता सुनिश्चित करने की एक आवधिक प्रक्रिया है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: एक विशाल लोकतंत्र में सटीक मतदाता सूची बनाए रखने में आने वाली चुनौतियों और सत्यापन प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की भागीदारी के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।