वंदे मातरम को कानूनी सुरक्षा देने के लिए संसद का मानसून सेशन
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चर्चा में क्यों
केंद्र सरकार 'वन्दे मातरम्' को वैधानिक संरक्षण प्रदान करनेउद्देश्य से 'प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर (अमेंडमेंट) बिल, 2026' को पेश करनेके लिए जुलाई 2026 में संसद का मानसून सत्र आहूत कर रही है।
पृष्ठभूमि
मानसून सत्र 20 जुलाई, 2026 को शुरू होने के लिए निर्धारित है। प्रमुख विधायी विषयों में आयकर (संशोधन) विधेयक और सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक शामिल हैं।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- अधिनियम / विधेयकराष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम: यह राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रगान के लिए कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है।
- संस्थासुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन: यह सर्वोच्च न्यायालय की न्यायिक संरचना और संख्या से संबंधित है।
- तथ्यमानसून सत्र: बजट सत्र के साथ मिलकर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले संसद के दो प्रमुख सत्रों में से एक।
मेन्स के लिए
Q. राष्ट्रीय प्रतीकों के संरक्षण में विधायी संशोधनों के महत्व और सार्वजनिक शिकायतों के निवारण में संसदीय सत्रों की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- Legislative intent: Balancing the protection of national symbols with the constitutional right to freedom of expression.
- Judicial oversight: The procedural complexities involved in amending the sanctioned strength of the Supreme Court.
कीवर्ड: Statutory protection · Legislative procedure · National symbols · Parliamentary oversight · Public order
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।