भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) किया
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चर्चा में क्यों
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) किया, जिसके परिणामस्वरूप 2.89 करोड़ से अधिक नाम हटा दिए गए।
पृष्ठभूमि
निर्वाचन आयोग (ECI) ने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) के दौरान उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची से 2.89 करोड़ से अधिक नाम हटा दिए। लखनऊ, गाजियाबाद और कानपुर में सबसे अधिक नाम हटाए गए। दावों और आपत्तियों की समय सीमा को 6 फरवरी तक बढ़ा दिया गया है, जबकि अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च को प्रकाशित करने के लिए निर्धारित है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यविशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची से 2.89 करोड़ से अधिक नाम हटा दिए गए।
- स्थानलखनऊ, गाज़ियाबाद और कानपुर में राज्य में मतदाताओं की संख्या में सबसे अधिक विलोपन (deletion) दर्ज किया गया।
- तथ्यSIR के संबंध में दावों और आपत्तियों की समय सीमा को 6 फरवरी तक बढ़ा दिया गया है।
- तथ्यSIR के बाद की फाइनल मतदाता सूची 6 मार्च को प्रकाशित होने वाली है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में सटीक मतदाता सूची बनाए रखने में आने वाली चुनौतियों का परीक्षण कीजिए और समावेशी मतदाता पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए उचित उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- डिजिटल डिवाइड: कम जागरूकता या खराब इंटरनेट एक्सेस वाले नागरिकों के लिए रजिस्ट्रेशन में बाधाएं
- डेटा इंटीग्रिटी: फॉर्म 6 के गलत इस्तेमाल से होने वाले डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन और कानूनी जटिलताओं के जोखिम
- प्रशासनिक बाधा: बड़े पैमाने पर होने वाले गहन पुनरीक्षण के दौरान दावों और आपत्तियों की प्रोसेसिंग में देरी
मुख्य शब्द: मतदाता सूची · विशेष गहन पुनरीक्षण में तेलंगाना की मतदाता सूची से लगभग 70 लाख नाम हटे · मतदाता जागरूकता · डेटा इंटीग्रिटी · समावेशन
राजव्यवस्था एवं संविधान पर और नोट्स
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।